16.7 C
London
Tuesday, September 8, 2026
HomeLatest Newsभारत का सबसे मजबूत मित्र बनकर उभर रहा इजरायल, नेतन्याहू ने PM...

भारत का सबसे मजबूत मित्र बनकर उभर रहा इजरायल, नेतन्याहू ने PM मोदी को बुलाया अपने देश

#LatestNews #BreakingNews #NewsUpdate #IndiaNews #HindiNews

नई दिल्ली। इजरायल और भारत (Israel and India) की दोस्ती लगातार गहरी होती जा रही है। रूस के बाद इजरायल (Israel) अब भारत का सबसे मजबूत साथी बनकर उभरा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) और इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू (Israeli Prime Minister Benjamin Netanyahu) की दमदार दोस्ती दोनों देशों के संबंधों को लगातार नई ऊंचाइयों पर पहुंचा रही है। इस बीच नेतन्याहू ने पीएम मोदी को इजरायल आने का न्यौता भेजा है। भारत में इजरायल के राजदूत रेउवेन अज़ार ने बुधवार को इस बात की पुष्टि की है।

नेतन्याहू ने भेजा पीएम मोदी को न्यौता
इजरायली राजदूत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इजरायल की यात्रा के लिए बेंजामिन नेतन्याहू ने निमंत्रण दिया है। उन्होंने कहा कि तैयारियां चल रही हैं और आधिकारिक तौर पर तारीखों की घोषणा उचित समय पर की जाएगी। इजरायली राजदूत अज़ार ने नई दिल्ली में अंतरराष्ट्रीय होलोकॉस्ट स्मृति दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम के मौके पर एएनआई को दिए साक्षात्कार में कहा कि “निमंत्रण दिया गया है। हम तैयारियों में हैं, और उचित समय पर विशिष्ट तारीखों के संबंध में घोषणाएं की जाएंगी।

 

भारत-इजरायल संबंध नये मुकाम पर
भारत-इजरायल संबंधों के भविष्य को अज़ार बहुत मजबूत बताया। उन्होंने दोनों देशों के बीच की रणनीतिक साझेदारी की सराहना की। अजार ने कहा कि 2025 विशेष रूप से एक उत्पादक वर्ष रहा है, जिसमें भारत-इजरायल के बीच मंत्रिस्तरीय स्तर की बैठकें हुईं और महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। इनमें द्विपक्षीय निवेश संधि, सुरक्षा समझौते शामिल हैं, साथ ही मुक्त व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने और वित्तीय प्रोटोकॉल पर प्रगति हुई है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद-रोधी सहयोग संबंध का एक प्रमुख स्तंभ बना हुआ है। उन्होंने कहा कि हम 2026 में इसे और मजबूत करने की उम्मीद कर रहे हैं।

भारत यहूदियों के लिए सबसे सुरक्षित देश
इजरायली राजदूत ने भारत की सभ्यतागत परंपरा की प्रशंसा की। अज़ार ने देश की बहुलवाद और सहिष्णुता की लंबी परंपरा पर प्रकाश डालते कहा कि भारत में यहूदी समुदायों ने ऐतिहासिक रूप से अन्य जगहों पर देखे गए उत्पीड़न के बिना जीवन व्यतीत किया है। “भारत में सहिष्णुता की सभ्यतागत परंपरा है। यहां यहूदियों ने अपनी उपस्थिति का आनंद लिया है, और हम इसकी गहराई से सराहना करते हैं। यह हमारी दो सभ्यताओं के बीच महान मित्रता का हिस्सा है। होलोकॉस्ट स्मृति दिवस 27 जनवरी को मनाया जाता है, ताकि द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान नाजी शासन के तहत मारे गए लगभग 60 लाख यहूदियों को याद किया जा सके, जिसे यहूदी-विरोधी कार्य माना जाता है। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, यह तारीख इसलिए चुनी गई, क्योंकि 27 जनवरी 1945 को ऑशविट्ज़-बिर्केनाउ जर्मन नाजी एकाग्रता और मृत्यु शिविर की मुक्ति हुई थी।

पहलगाम अटैक इजरायल पर आतंकी हमले जैसा
अंतरराष्ट्रीय होलोकॉस्ट स्मृति दिवस में विदेश सचिव विक्रम मिश्री ने पहलगाम हमले की तुलना अक्टूबर 2023 में इजरायल पर हमास के आतंकी हमले से करते हुए कहा कि भारत ऐसी “बेवकूफी भरी क्रूरता” से बहुत परिचित है और सीमा-पार आतंकवाद का शिकार रहे हैं। मिश्री ने कहा कि भारत उन राष्ट्रों के साथ तुरंत सहानुभूति रखता है जो आतंकवाद का सामना करते हैं, और हमास हमले में लगभग 1,200 इजरायली नागरिकों की हत्या और सैकड़ों की अपहरण की याद दिलाई। साथ ही कहा कि दुर्भाग्य से भारत भी ऐसी बेवकूफाना क्रूरता से बहुत परिचित है, क्योंकि हम खुद सीमा-पार आतंकवाद का शिकार रहे हैं। हम उन लोगों के साथ तुरंत सहानुभूति रखते हैं जो इसी तरह की त्रासदी से गुजरते हैं।

Building an Ecosystem for Indian Classical Dance Beyond Individual Festivals

The preservation of Indian classical dance requires more than occasional performances or the efforts of individual artists. Behind every successful artistic tradition is a...

Dr. Reshma Arora Develops a Multidisciplinary Career Across Science, Education, Literature and Social Advocacy

Maharashtra: Dr. Reshma Arora has built a multidisciplinary professional profile spanning science, education, research, authorship, mentorship, literature, painting and voluntary advocacy. Her career reflects...