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Wednesday, October 14, 2026
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भारत-EU डील पर पीएम मोदी बोले- यह साझा समृद्धि का ब्लू प्रिंट है

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नई दिल्ली: भारत और यूरोपियन यूनियन के बीच आज ऐतिहासिक समझौते पर मुहर लग गई. जानकारी के मुताबिक लंबी बातचीत के बाद इस बहुत बड़ी डील को अंजाम दिया गया. इसे ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ भी कहा जा रहा है. बता दें, भारत और यूरोपियन यूनियन मिलकर विश्व व्यापार का लगभग पांचवां हिस्सा और दुनिया की आबादी का लगभग 25 प्रतिशत हिस्सा हैं, जो इस पार्टनरशिप के बढ़ते आर्थिक और रणनीतिक महत्व को दर्शाता है.

 

पीएम मोदी और दोनों यूरोपियन नेताओं की प्रेस कॉन्फ्रेंस
भारत और यूरोपियन संघ के दोनों नेता इस समय प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए समझौते का आधिकारिक ऐलान कर रहे हैं. पीएम मोदी ने बताया कि यूरोपीय संघ के नेता एंटोनिया कोस्टा को लिस्बन का गांधी कहा जाता है. इससे पहले पीएम मोदी ने कहा हम लोगों ने दो अरब लोगों का एक फ्री ट्रेड जोन बनाया है, जिससे दोनों पक्षों को फायदा होगा. उन्होंने कहा कि हम अपनी रणनीति को और मजबूत बनाएंगे. पीएम मोदी ने आगे कहा कि यह साझा समृद्धि की ब्लू प्रिंट है. स्थिरता को और अधिक मजबूती मिलेगी. उन्होंने आगे कहा कि यह सिर्फ ट्रेड एग्रीमेंट नहीं है. हैदराबाद हाउस में पीएम मोदी और यूरोपियन यूनियन के दोनों नेताओं की काफी देर बातचीत हुई.

 

पीएम मोदी ने कहा कि इस डील से सभी लोगों को फायदा होगा रक्षा कंपनियों के नए अवसर मिलेंगे. कृषि, क्लीन एनर्जी को मजबूती मिलेगी. इसके साथ-साथ कई वैश्विक मुद्दों पर भी बातचीत हुई. इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर कहा, ‘कल यूरोपियन यूनियन और भारत के बीच एक बड़ा एग्रीमेंट साइन हुआ. लोग इसे ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ कह रहे हैं. यह एग्रीमेंट भारत और यूरोप में लोगों के लिए बड़े मौके लाएगा. यह दुनिया की दो बड़ी इकॉनमी के बीच पार्टनरशिप का एक परफेक्ट उदाहरण है. यह एग्रीमेंट ग्लोबल जीडीपी का 25 फीसदी और ग्लोबल ट्रेड का 1/3 हिस्सा है.’

 

एंटोनियो कोस्टा ने जाहिर की खुशी
वहीं, यूरोपियन यूनियन के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा ने दोनों के बीच हुए समझौते पर खुशी जाहिर की. उन्होंने कहा कि समझौता एतिहासिक पल है. इससे नए-नए अवसर मिलेंगे. एंटोनियो लुइस सैंटोस दा कोस्टा ने आगे कहा कि मैं यूरोपियन काउंसिल का प्रेसिडेंट हूं, लेकिन मैं एक ओवरसीज इंडियन सिटिजन भी हूं. तो, जैसा कि आप सोच सकते हैं, मेरे लिए इसका एक खास मतलब है. मुझे गोवा में अपनी जड़ों पर बहुत गर्व है, जहां से मेरे पिता का परिवार आया था और यूरोप और इंडिया के बीच का कनेक्शन मेरे लिए पर्सनल है. यूरोपियन काउंसिल के प्रेसिडेंट एंटोनियो कोस्टा ने कहा कि इस खास मौके पर हमारा स्वागत करने के लिए धन्यवाद, प्रिय प्रधानमंत्री मोदी. सोमवार को हमें गणतंत्र दिवस समारोह के लिए आपके चीफ गेस्ट बनने का मौका मिला. भारत की काबिलियत और अलग-अलग तरह की चीज़ों का यह एक शानदार प्रदर्शन था. आज एक ऐतिहासिक पल है. हम ट्रेड, सिक्योरिटी और लोगों के बीच आपसी रिश्तों में एक नया चैप्टर शुरू कर रहे हैं.

प्रधानमंत्री ने आगे कहा, ‘यह समझौता लोकतंत्र और कानून के शासन के प्रति हमारी साझा प्रतिबद्धता को मजबूत करता है. यूरोपियन यूनियन के साथ यह फ्री ट्रेड एग्रीमेंट ब्रिटेन और एफ्टा (EFTA) के समझौतों का भी पूरक होगा. मैं इसके लिए देश के लोगों को बधाई देता हूं.’

पीएम मोदी ने कहा, यूरोपियन यूनियन के साथ इस ट्रेड डील से मैन्युफैक्चरिंग को बहुत बढ़ावा मिलेगा, और सर्विसेज सेक्टर भी बढ़ेगा. फ्री ट्रेड एग्रीमेंट से हर इन्वेस्टर और बिजनेसमैन का भारत में इन्वेस्ट करने का भरोसा बढ़ेगा.’

यूरोपियन यूनियन और भारत करीबी पार्टनर हैं जो आर्थिक खुशहाली, नियमों पर आधारित इंटरनेशनल ऑर्डर और सतत विकास को बढ़ावा देने के लिए काम कर रहे हैं. ट्रेड और इन्वेस्टमेंट इस रिश्ते के मुख्य आधार बने हुए हैं. मंगलवार को होने वाले यूरोपियन यूनियन -भारत समिट में दोनों तरफ के नेताओं से एक संयुक्त व्यापक रणनीतिक एजेंडा अपनाने और चल रही मुक्त व्यापार समझौता वार्ता के संदर्भ में व्यापार पर चर्चा करने की उम्मीद है. इसे पहली बार 2007 में लॉन्च किया गया था और 2022 में फिर से लॉन्च किया गया और सोमवार को खत्म हुआ.

आने वाली डील पर बात करते हुए यूरोपियन कमीशन की प्रेसिडेंट उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा, ‘भारत और यूरोप ने एक स्पष्ट चुनाव कर लिया है.’ रणनीतिक साझेदारी, बातचीत और खुलेपन का चुनाव. अपनी एक-दूसरे को पूरा करने वाली ताकतों का फायदा उठाना और आपसी मजबूती बनाना. हम खंडित दुनिया को दिखा रहे हैं कि एक और रास्ता भी मुमकिन है.’

यूरोपियन काउंसिल के प्रेसिडेंट एंटोनियो कोस्टा ने भी यही बात दोहराते हुए कहा, ‘भारत-यूरोपियन यूनियन के लिए एक जरूरी पार्टनर है. हम सब मिलकर नियमों पर आधारित इंटरनेशनल ऑर्डर को बचाने की क्षमता और जिम्मेदारी शेयर करते हैं. सामान के व्यापार में यूरोपियन यूनियन भारत का दूसरा सबसे बड़ा ट्रेडिंग पार्टनर है, जो चीन के ठीक बाद और अमेरिका से आगे है, और भारत के कुल सामान व्यापार का 11.5 प्रतिशत हिस्सा है.

आधिकारिक डेटा के मुताबिक 2024 में यूरोपियन यूनियन-भारत के बीच सामान का ट्रेड 120 बिलियन यूरो से ज्यादा का था. इसमें भारत से यूरोपियन यूनियन का 71.4 बिलियन यूरो का इंपोर्ट और भारत को यूरोपियन यूनियन का 48.8 बिलियन यूरो का एक्सपोर्ट शामिल था.

पिछले दस सालों में सामान का दोनों देशों के बीच ट्रेड दोगुना हो गया है. इस दौरान, भारत से यूरोपियन यूनियन का इंपोर्ट 140 फीसदी बढ़ा, जबकि भारत को यूरोपियन यूनियन का एक्सपोर्ट 58 फीसदी बढ़ा, जिससे कमर्शियल रिश्तों में लगातार बढ़ोतरी दिख रही है.

यूरोपियन यूनियन से भारत को एक्सपोर्ट होने वाले मुख्य सामान में मशीनरी और अप्लायंसेज, ट्रांसपोर्ट इक्विपमेंट और केमिकल्स शामिल हैं. दूसरी ओर यूरोपियन यूनियन मुख्य रूप से भारत से मशीनरी और अप्लायंसेज, केमिकल्स और फ्यूल इम्पोर्ट करता है.

सर्विसेज के ट्रेड में भी अच्छी ग्रोथ देखी गई है. 2024 में यूरोपियन यूनियन-भारत के बीच सर्विसेज का ट्रेड 66 बिलियन यूरो से ज्यादा का था, जिसमें यूरोपियन यूनियन इम्पोर्ट 37 बिलियन यूरो से ज्यादा और यूरोपियन यूनियन एक्सपोर्ट लगभग 29 बिलियन यूरो था.

पिछले दस सालों में दोनों देशों के बीच सर्विसेज का ट्रेड दोगुने से ज्यादा हो गया है, जिसमें 243 फीसजी की वृद्ध हुई है. भारत और यूरोपियन यूनियन के बीच ट्रेड होने वाली मुख्य सर्विसेज में टेलीकम्युनिकेशन, कंप्यूटर और इन्फॉर्मेशन सर्विसेज, प्रोफेशनल और मैनेजमेंट कंसल्टिंग जैसी दूसरी बिजनेस सर्विसेज, और ट्रांसपोर्ट सर्विसेज शामिल हैं.

प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) इस रिश्ते की गहराई को और दिखाता है. 2024 में भारत में यूरोपियन यूनियन के प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की वैल्यू 132 बिलियन यूरो से ज्यादा थी, जिससे यूरोपियन यूनियन देश में सबसे बड़ा निवेशक बन गया.

पॉलिसी के मामले में यूरोपियन यूनियन और भारत ने जून 2022 में एक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) के लिए बातचीत फिर से शुरू की. उसी समय, इन्वेस्टमेंट प्रोटेक्शन और जियोग्राफिकल इंडिकेशन पर अलग से बातचीत शुरू की गई. ट्रेड बातचीत का मकसद रुकावटों को दूर करना है और इससे एक्सपोर्ट को और बढ़ाने, सर्विसेज को खोलने में मदद मिलेगी.

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