21.3 C
London
Friday, September 11, 2026
HomeBollywoodRSS के 100 साल का सिनेमाई सफर

RSS के 100 साल का सिनेमाई सफर

#LatestBollywoodNews #BollywoodNews #BollywoodUpdate #BollywoodNews #BollywoodHindiNews

Shatak Movie Review की शुरुआत एक अहम सवाल से होती है—क्या हम इतिहास को सिर्फ सुनी-सुनाई बातों से समझते हैं या तथ्यों के आधार पर? 20 फरवरी को रिलीज हुई फिल्म ‘शतक’ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के 100 साल के सफर को पर्दे पर उतारने की कोशिश करती है। फिल्म 1925 में विजयादशमी के दिन नागपुर में हुई स्थापना से लेकर आज तक की यात्रा को सरल और सीधे अंदाज में दिखाती है।

कहानी की शुरुआत डॉक्टर केशव बालीराम हेडगेवार से होती है। उनके विचार, संघर्ष और संगठन की नींव को विस्तार से पेश किया गया है। इसके बाद गुरुजी एम. एस. गोलवलकर के दौर को दिखाया गया है, जहां संगठनात्मक विस्तार पर फोकस नजर आता है। फिल्म यह भी छूती है कि आजादी की लड़ाई, युद्धकाल और बाद के राजनीतिक दौर में संघ की भूमिका क्या रही। गांधी, नेहरू और इंदिरा गांधी जैसे नेताओं का जिक्र आता है, लेकिन कहानी का केंद्र संघ ही रहता है।

निर्देशक आशीष मॉल ने विषय को भावनात्मक अतिशयोक्ति से बचाते हुए संतुलित रखा है। 1 घंटे 52 मिनट की यह फिल्म हाइब्रिड तकनीक यानी AI और रियल एक्टर्स के मेल से बनी है। कुछ जगह यह डॉक्यूमेंट्री जैसी लगती है और VFX थोड़ा कृत्रिम महसूस होता है, लेकिन जानकारी भरपूर है।

Shatak Movie Review के निष्कर्ष में कहा जा सकता है कि यह फिल्म प्रचार से ज्यादा एक विचार की निरंतरता दिखाने की कोशिश करती है। अगर आप RSS के इतिहास को समझना चाहते हैं, तो यह फिल्म देखी जा सकती है। मेरी ओर से 5 में से 3 स्टार।

समाज सेवा के प्रति समर्पण के लिए असीम अरुण का जैन समाज ने किया सम्मान

मेरठ। समाज सेवा एवं जनकल्याण के प्रति समर्पण को देखते हुए मेरठ के जैन समाज ने उत्तर प्रदेश सरकार के समाज कल्याण, अनुसूचित जाति...

Satyabhama Majhi: Reading the Changing City Through Contemporary Art

Cities are never static. Roads expand, buildings appear, neighbourhoods change, public spaces acquire new functions, and familiar landscapes gradually take on new identities. For...