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Thursday, October 29, 2026
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हार के झटके के बाद क्या लिया जाएगा बड़ा फैसला, टीम इंडिया से बाहर होंगे फेल बल्लेबाज? कोच ने दिए संकेत

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सुपर-8 में 76 रन की करारी हार के बाद भारतीय टीम में मंथन तेज हो गया है। टीम मैनेजमेंट अब कम से कम एक आउट-ऑफ-फॉर्म बल्लेबाज को बाहर करने पर गंभीरता से विचार कर रहा है। मुख्य कोच गौतम गंभीर के सहयोगी कोच रेयान टेन डेशकाटे और बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने संकेत दिए हैं कि अगले मैच में प्लेइंग-11 में बदलाव संभव है। भारत को अब सुपर-8 राउंड में 26 फरवरी को जिम्बाब्वे से चेन्नई में और एक मार्च को कोलकाता में वेस्टइंडीज से खेलना है।

फ्लॉप फॉर्म पर बढ़ी चिंता

सुपर-8 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ हार के बाद टीम के शीर्ष क्रम पर सवाल उठे हैं। अभिषेक शर्मा ने चार मैचों में सिर्फ 15 रन बनाए हैं। तिलक वर्मा के पांच मैचों में 107 रन जरूर हैं, लेकिन स्ट्राइक रेट 118 रहा है। फिनिशर रिंकू सिंह का 29 गेंदों में 24 रन (स्ट्राइक रेट 82.75) भी निराशाजनक है। ऐसे में टीम मैनेजमेंट के पास बदलाव पर विचार करने के अलावा विकल्प कम बचते दिख रहे हैं।

कोचिंग स्टाफ ने क्या कहा?

बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने साफ कहा, ‘अगर हेड कोच और टीम मैनेजमेंट को लगता है कि हमें कुछ अलग करना चाहिए, तो हम बदलाव करेंगे। अब हम उस मोड़ पर हैं जहां सोचना होगा कि क्या बदलें और कैसे बदलें।’ उन्होंने आगे कहा, ‘हमें यह तय करना होगा कि क्या उसी संयोजन के साथ जाएं या कुछ नया आजमाएं।’

डेशकाटे का बयान

वहीं, रेयान टेन डेशकाटे ने संकेत दिया कि दाएं-बाएं हाथ के बल्लेबाजों के संतुलन पर भी चर्चा हो रही है। उन्होंने कहा, ‘क्या हम उन्हीं खिलाड़ियों के साथ बने रहें जिन्होंने पिछले 18 महीनों में अच्छा प्रदर्शन किया है या फिर संजू को मौका दें, जो एक शानदार खिलाड़ी हैं और रणनीतिक तौर पर टॉप ऑर्डर में दाएं हाथ का विकल्प देते हैं?’ उन्होंने यह भी जोड़ा, ‘अगले दो अहम मुकाबलों से पहले यह निश्चित तौर पर चर्चा का विषय रहेगा।’ 

रिंकू को लेकर क्या बोले कोच?

डेशकाटे के इस बयान के बाद संभावना जताई जाने लगी है कि सुपर-8 के अगले दो मैचों में अभिषेक या तिलक की जगह संजू सैमसन एक बार फिर से प्लेइंग इलेवन का हिस्सा हो सकते हैं। टीम में विशेषज्ञ बैकअप बल्लेबाजों की कमी भी चिंता का विषय है। दाएं हाथ के बल्लेबाज को शामिल कर टॉप ऑर्डर की एकरूपता तोड़ी जा सकती है। रिंकू सिंह के संदर्भ में टेन डेशकाटे ने कहा, ‘नंबर सात-आठ पर बल्लेबाजी करना बेहद मुश्किल होता है। रिंकू को ज्यादा मौके नहीं मिले हैं, लेकिन अब समय प्रदर्शन का है। नेट्स में लय की बात करने का कोई फायदा नहीं।’

अभिषेक और तिलक पर खास नजर

टेन डेशकाटे ने अभिषेक की तैयारी पर भी बात की। उन्होंने कहा, ‘मैं अभिषेक के लिए बहाने नहीं बनाऊंगा, लेकिन फूड पॉइजनिंग ने उनकी तैयारी पर असर डाला। जब आप तीन बार शून्य पर आउट होते हैं, तो दबाव बढ़ना स्वाभाविक है।’ उन्होंने कहा कि तिलक वर्मा भी उम्मीद के मुताबिक रन नहीं बना पा रहे हैं। हालांकि, कोटक का मानना है कि ज्यादा सलाह देना उल्टा असर कर सकता है। कोटक ने कहा, ‘अभिषेक के लिए बहुत ज्यादा जानकारी अपने दिमाग में भरने के बजाय दिमाग साफ रखना बेहतर है। दो दिन में ज्यादा बदलाव संभव नहीं। अभी उसे गेंद देखनी है और अपनी पारी की बेहतर योजना बनानी है।’

बदलाव तय या भरोसा बरकरार?

अब टीम इंडिया के सामने जिम्बाब्वे और वेस्टइंडीज के खिलाफ ‘करो या मरो’ के मुकाबले हैं। ऐसे में सवाल यही है कि क्या टीम मैनेजमेंट संयोजन में बदलाव करेगा या खिलाड़ियों पर भरोसा बनाए रखेगा। सुपर-8 की हार ने टीम इंडिया को आत्ममंथन के दौर में ला खड़ा किया है। बल्लेबाजों की खराब फॉर्म और संतुलन की कमी को देखते हुए बदलाव की संभावना प्रबल है। हालांकि अंतिम फैसला मैच से ठीक पहले लिया जाएगा। आने वाले दो मुकाबले भारत के लिए परीक्षा की घड़ी साबित होंगे।
भारतीय टीम: ईशान किशन (विकेटकीपर), अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा, सूर्यकुमार यादव (कप्तान), हार्दिक पांड्या, शिवम दुबे, रिंकू सिंह, वॉशिंगटन सुंदर, अर्शदीप सिंह, वरुण चक्रवर्ती, जसप्रीत बुमराह, संजू सैमसन, मोहम्मद सिराज, कुलदीप यादव, अक्षर पटेल।

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