Supreme Court of India ने 51 निजी अस्पतालों को अवमानना नोटिस जारी किया

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नई दिल्ली।  सर्वोच्च न्यायालय ने दिल्ली के 51 प्राइवेट चिकित्सालयो को आर्थिक रूप से कमजोर मरीज का इलाज न करने के प्रकरण में  अवमानना का नोटिस जारी किया।Supreme Court of India ने दिल्ली के 51 निजी अस्पतालों को आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के मरीजों को मुफ्त इलाज न देने के मामले में अवमानना (Contempt of Court) का नोटिस जारी किया है। अदालत ने अस्पतालों से पूछा है कि क्यों न उनके खिलाफ अवमानना की कार्रवाई की जाए और उन्हें दी गई सरकारी रियायतें वापस ले ली जाएँ।

मामला क्या है?

  • दिल्ली में कई निजी अस्पतालों को सरकारी जमीन बहुत कम कीमत (concessional rate) पर दी गई थी।

  • इसके बदले अस्पतालों पर यह शर्त लगाई गई थी कि वे गरीब मरीजों को मुफ्त इलाज और बेड उपलब्ध कराएँगे।

  • अदालत के आदेश के अनुसार अस्पतालों को:

    • 25% OPD (आउटडोर मरीज)

    • 10% IPD (भर्ती मरीज)
      आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए मुफ्त रखना अनिवार्य है।

लेकिन जांच में पाया गया कि कई अस्पतालों ने इन नियमों का पालन नहीं किया।

कोर्ट ने क्या कहा?

सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस पी.के. मिश्रा और जस्टिस एन.वी. अंजारिया की बेंच ने कहा कि:

  • अदालत के आदेश के बावजूद अस्पताल EWS मरीजों को पर्याप्त मुफ्त इलाज नहीं दे रहे हैं

  • कई मामलों में 25% की जगह सिर्फ 1% से 10% तक ही OPD सेवाएँ दी जा रही थीं।

  • अधिकांश अस्पताल 10% मुफ्त भर्ती (IPD) का नियम भी पूरा नहीं कर पाए।

सरकार और एजेंसियों को भी फटकार

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कोर्ट ने कहा कि:

  • Delhi Development Authority (DDA),

  • Municipal Corporation of Delhi (MCD),

  • Land and Development Office (L&DO)

इन एजेंसियों ने भी नियम लागू कराने में लापरवाही बरती और पूरे मामले को “बहुत हल्के में लिया।”

अदालत के निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया कि:

  • दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य सचिव को नोडल अधिकारी बनाया जाए।

  • वे इन अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई करें और अदालत को रिपोर्ट दें।

  • संबंधित सरकारी एजेंसियाँ नोडल अधिकारी के साथ सहयोग करें।

किन बड़े अस्पतालों को नोटिस मिला

इन 51 अस्पतालों में कई प्रसिद्ध अस्पताल भी शामिल हैं, जैसे:

  • Sir Ganga Ram Hospital

  • BLK‑Max Super Speciality Hospital

  • Fortis Escorts Heart Institute

  • Moolchand Khairati Ram Hospital

  • Rajiv Gandhi Cancer Institute and Research Centre

  • Centre for Sight

अगली सुनवाई

इस मामले की अगली सुनवाई 24 मार्च 2026 को तय की गई है। अदालत यह देखेगी कि अस्पतालों ने अपने जवाब में क्या कहा और क्या उन्होंने नियमों का पालन शुरू किया या नहीं।

सरल शब्दों में:

सरकारी जमीन की रियायत लेने वाले निजी अस्पतालों को गरीब मरीजों का मुफ्त इलाज करना था, लेकिन कई अस्पताल ऐसा नहीं कर रहे थे। इसलिए सुप्रीम कोर्ट ने 51 अस्पतालों को अवमानना का नोटिस जारी किया है।

 

‘कसौटी जिंदगी की’ फेम करणवीर बोहरा के पिता का निधन, भावुक हुए अभिनेता; कहा- हमें वैसे ही छोड़कर गए जैसे…

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टीवी सीरियल ‘कसौटी जिंदगी की’ फेम करणवीर बोहरा के पिता, महेंद्र बोहरा का निधन हो गया है। वह जाने-माने निर्माता थे। अपने पिता के गुजरने पर दुख जताते हुए करणवीर ने बुधवार को इंस्टाग्राम पर एक भावुक पोस्ट लिखी। इसमें उन्होंने अपने पिता को याद किया है।
 
पोस्ट में क्या है?

इंस्टाग्राम पर पिता की तस्वीर शेयर करते हुए करणवीर बोहरा ने लिखा ‘लव यू डैड। मैं आपको बहुत याद करूंगा। जिसने भी अपने माता-पिता को खोया है, वह जानता है कि यह कैसा दर्द होता है। इस दर्द में भी, मुझे यह जानकर शांति मिलती है कि आपने एक पूरी खूबसूरत जिंदगी जी। आप हमें वैसे ही छोड़कर गए जैसे आप हमेशा चाहते थे। शांति से और बिना किसी तकलीफ के। आप कहते थे कि आप इस दुनिया से जूते पहनकर जाना चाहते हैं। आप बिल्कुल वैसे ही गए।’

पिता ने बहुत कुछ सिखाया

करणवीर ने आगे लिखा ‘आपने दीदी और मुझे वह सब कुछ सिखाया जो सच में मायने रखता है। जिंदगी कितनी भी मुश्किल क्यों न हो, उम्मीद बनाए रखना। गिरने पर वापस उठना। एनर्जी, पैशन और पॉजिटिविटी के साथ जीना। कभी हार न मानना। आपका जज्बा कभी न रुकने वाला था। आपने निश्चित किया कि वह जज्बा मुझमें भी रहे। आपने मुझे सपने देखना सिखाया।’ 

कांग्रेस ने 6 उम्मीदवारों के नाम घोषित किए, सिंघवी और नरेंद्र रेड्डी तेलंगाना से मैदान में

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हैदराबाद: कांग्रेस पार्टी ने तेलंगाना से दो राज्यसभा सीटों के लिए अभिषेक मनु सिंघवी और वेम नरेंद्र रेड्डी को नॉमिनेट करने का फैसला किया है. पार्टी ने गुरुवार को 10 राज्यों में 16 मार्च को होने वाले दो साल में होने वाले राज्यसभा चुनावों के लिए छह उम्मीदवारों की घोषणा की.

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अभिषेक मनु सिंघवी तेलंगाना से मौजूदा सदस्य हैं, जबकि रेड्डी अभी मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के सलाहकार हैं. तेलंगाना में अप्रैल में दो सीटें खाली होगी. इस बीच फूलो देवी नेताम, करमवीर बौद्ध और क्रिस्टोफर तिलक को क्रमशः छत्तीसगढ़, हरियाणा और तमिलनाडु से मैदान में उतारा गया है.

एआईसीसी के जनरल सेक्रेटरी के सी वेणुगोपाल ने एक ऑफिशियल कम्युनिकेशन में नामों की घोषणा की. एआईसीसी की घोषणा के बाद नरेंद्र ने सोनिया गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी और मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी सहित कांग्रेस नेताओं का शुक्रिया अदा करने के लिए सोशल मीडिया एक्स का सहारा लिया.

टी20 विश्वकप नॉकआउट में सबसे ज्यादा बार पहुंचने वाली टीम कौन सी? 2007 से 2026 तक, देखें पूरी लिस्ट

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टी20 विश्वकप 2026 अब अपने अंतिम पड़ाव की तरफ बढ़ चला है। 52 रोमांचक मुकाबलों के बाद सेमीफाइनल की चार टीमें तय हो चुकी हैं। भारत, दक्षिण अफ्रीका, इंग्लैंड, और न्यूजीलैंड ने अंतिम चार का टिकट हासिल किया है। सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में टीम इंडिया की भिड़ंत इंग्लैंड से होगी, जबकि पिछले सीजन फाइनल तक का सफर तय करने वाली दक्षिण अफ्रीका की टीम पहले सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड से हार गई। हम आपको नॉकआउट स्टेज यानी सेमीफाइनल में सबसे ज्यादा बार पहुंचने वाली टीमों के बारे में बता रहे हैं…टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास में सेमीफाइनल तक पहुंचना किसी भी टीम के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जाती है। अब तक सबसे ज्यादा बार सेमीफाइनल खेलने का रिकॉर्ड तीन टीमों के नाम संयुक्त रूप से दर्ज है। इनमें भारत, इंग्लैंड और पाकिस्तान शामिल हैं। इन तीनों टीमों ने छह-छह बार टी20 विश्व कप के सेमीफाइनल में जगह बनाई है।पाकिस्तान (6 बार): पाकिस्तान ने 2007, 2009, 2010, 2012, 2021 और 2022 में सेमीफाइनल खेला। टीम ने 2009 में खिताब भी जीता था।भारत (6 बार): भारत ने 2007, 2014, 2016, 2022, 2024 और 2026 में सेमीफाइनल में जगह बनाई। भारत ने 2007 में पहला टी20 विश्व कप जीता था। इसके बाद टीम 2024 में भी चैंपियन बनी। टीम इंडिया कई बार सेमीफाइनल तक पहुंची, जो उसकी निरंतरता और बड़े मंच पर प्रदर्शन की क्षमता को दर्शाता है।इंग्लैंड (6 बार): इंग्लैंड ने 2010, 2016, 2021, 2022, 2024 और 2026 में सेमीफाइनल खेला। इंग्लैंड ने 2010 और 2022 में खिताब जीता। पिछले कुछ वर्षों में इंग्लैंड की टीम सीमित ओवरों के क्रिकेट में बेहद आक्रामक और संतुलित नजर आई है।

भारत-पाकिस्तान और इंग्लैंड के बाद सेमीफाइनल में सबसे ज्यादा बार पहुंचने वाली टीमें

न्यूजीलैंड: 5 बार (2007, 2016, 2021, 2022, 2026)
द. अफ्रीका: 4 बार (2009, 2014, 2024, 2026)
श्रीलंका: 4 बार (2009, 2010, 2012, 2014)
ऑस्ट्रेलिया: 4 बार (2007, 2010, 2012, 2021)
वेस्टइंडीज: 4 बार (2009, 2012, 2014, 2016)
अफगानिस्तान: 1 बार (2024)

आइए आपको अब संस्करण के हिसाब से बताते हैं 2007 से लेकर 2026 तक किन टीमों ने टी20 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में जगह बनाई है…साल 2007 में टी20 वर्ल्ड कप का पहला संस्करण खेला गया था। इस विश्व कप के सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया, पाकिस्तान, भारत और न्यूजीलैंड ने जगह बनाई थी। पाकिस्तान ने न्यूजीलैंड को हराया था, जबकि भारत ने ऑस्ट्रेलिया को मात देते हुए फाइनल में जगह बनाई थी। एमएस धोनी की कप्तानी में भारतीय टीम ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए खिताब को अपने नाम किया था।टी20 वर्ल्ड कप 2009 के सेमीफाइनल में दक्षिण अफ्रीका, पाकिस्तान, श्रीलंका और वेस्टइंडीज ने जगह बनाई थी। पाकिस्तान ने दक्षिण अफ्रीका को हराते हुए लगातार दूसरी बार फाइनल में जगह बनाई थी, जबकि श्रीलंका ने वेस्टइंडीज को हराया था। फाइनल में पाकिस्तान ने श्रीलंका को हराते हुए खिताब को अपने नाम किया था।टी20 वर्ल्ड कप 2010 के सेमीफाइनल का टिकट इंग्लैंड, न्यूजीलैंड, श्रीलंका और पाकिस्तान ने कटाया था। इंग्लैंड ने श्रीलंका को हराया था, तो ऑस्ट्रेलिया ने पाकिस्तान का तीसरी बार फाइनल खेलने का सपना तोड़ा था। खिताबी मुकाबले में इंग्लैंड ने कंगारुओं को चारों खाने चित करते हुए ट्रॉफी को अपने नाम किया था।टी20 वर्ल्ड कप 2012 के सेमीफाइनल में श्रीलंका, पाकिस्तान, वेस्टइंडीज और ऑस्ट्रेलिया की टीमें पहुंची थीं। श्रीलंका ने पाकिस्तान को हराया था, जबकि वेस्टइंडीज ने ऑस्ट्रेलिया को मात देते हुए फाइनल में अपनी जगह बनाई थी। खिताबी मैच में कैरेबियाई टीम ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए श्रीलंका को मात दी थी।टी20 विश्व कप 2014 के सेमीफाइनल में श्रीलंका, वेस्टइंडीज, भारत और दक्षिण अफ्रीका ने जगह बनाई थी। श्रीलंका ने वेस्टइंडीज का सपना तोड़ा था, तो भारत ने दक्षिण अफ्रीका को 6 विकेट से धूल चटाई थी। वहीं, फाइनल मुकाबले में श्रीलंका ने भारत को हराते हुए खिताब अपने नाम किया था।टी20 वर्ल्ड कप 2016 के सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड, इंग्लैंड, वेस्टइंडीज और भारत ने जगह बनाई थी। इंग्लैंड ने न्यूजीलैंड को हराया था, तो वेस्टइंडीज ने भारत को 7 विकेट से मात देते हुए फाइनल का टिकट कटाया था। वेस्टइंडीज खिताबी मुकाबले में इंग्लैंड को हराते हुए चैंपियन बनी थी।टी20 वर्ल्ड कप 2021 के सेमीफाइनल का टिकट इंग्लैंड, न्यूजीलैंड, पाकिस्तान और ऑस्ट्रेलिया ने कटाया था। न्यूजीलैंड ने इंग्लैंड को 5 विकेट से हराया था, तो ऑस्ट्रेलिया ने पाकिस्तान को मात देते हुए फाइनल में जगह बनाई थी। न्यूजीलैंड को खिताबी मुकाबले में हराकर ऑस्ट्रेलिया ने विश्व कप की ट्रॉफी जीती थी।टी20 वर्ल्ड कप 2022 के सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया, भारत, पाकिस्तान और इंग्लैंड ने जगह बनाई थी। पाकिस्तान ने न्यूजीलैंड को हराते हुए फाइनल का टिकट कटाया था, जबकि इंग्लैंड ने भारत को 10 विकेट से रौंद डाला था। इंग्लैंड ने अपना दमदार प्रदर्शन फाइनल में भी जारी रखा था और टीम ने पाकिस्तान को 5 विकेट से हराया था।भारत,दक्षिण अफ्रीका, अफगानिस्तान और इंग्लैंड ने टी20 वर्ल्ड कप 2024 के सेमीफाइनल में अपनी जगह बनाई थी। पहली बार सेमीफाइनल में पहुंची अफगानिस्तान टीम को दक्षिण अफ्रीका ने 9 विकेट से धूल चटाई थी, तो भारत ने इंग्लैंड को 68 रनों से हराया था। खिताबी मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका को हराते हुए भारतीय टीम ने दूसरी बार टी20 विश्व कप की ट्रॉफी को अपने नाम किया था।टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सेमीफाइनल में भारत, दक्षिण अफ्रीका, इंग्लैंड और न्यूजीलैंड पहुंची हैं। भारतीय टीम की लगातार तीसरी बार 5 मार्च को इंग्लैंड से सेमीफाइनल में भिड़ंत होनी है।

सबसे ज्यादा बार फाइनल में पहुंचने वाली टीम कौन सी?

भारत, इंग्लैंड, पाकिस्तान और श्रीलंका टी20 विश्वकप के फाइनल में सबसे ज्यादा बार पहुंचने वाली टीमें हैं। इन चारों टीमों ने अब तक तीन-तीन बार फाइनल में जगह बनाई है। भारत इस सूची में इसलिए भी खास है क्योंकि उसने 2024 में अपना दूसरा टी20 विश्व कप खिताब जीता और वह मौजूदा चैंपियन भी है। भारत के अलावा वेस्टइंडीज और इंग्लैंड ऐसी टीमें हैं जिन्होंने टी20 विश्व कप एक से अधिक बार जीता है। भारत और इंग्लैंड में से कोई एक आज इस सूची में आगे निकल जाएगा। दोनों के बीच आज होने वाले सेमीफाइनल में इसका फैसला होगा और उस टीम के आगे 2026 का टैग भी लग जाएगा। न्यूजीलैंड की टीम दूसरी बार फाइनल में पहुंची है।

टी20 विश्वकप फाइनल में सबसे ज्यादा बार पहुंचने वाली टीमें

भारत – 3 बार (2007, 2014, 2024)
इंग्लैंड – 3 बार (2010, 2016, 2022)
पाकिस्तान – 3 बार (2007, 2009, 2022)
श्रीलंका – 3 बार (2009, 2012, 2014)
न्यूजीलैंड – 2 बार (2021, 2026*)
वेस्टइंडीज – 2 बार (2012, 2016)
ऑस्ट्रेलिया – 2 बार (2010, 2021)

सबसे सफल कप्तान

टी20 विश्व कप इतिहास के सबसे सफल कप्तानों के बारे में बात करें तो इसमें वेस्टइंडीज के मौजूदा कोच और पूर्व ऑलराउंडर डैरेन सैमी शीर्ष पर हैं। उनकी कप्तानी में वेस्टइंडीज ने दो खिताब जीते हैं। इसके अलावा सात ऐसे कप्तान हैं, जिन्होंने एक-एक बार खिताब जीता है।

सबसे ज्यादा बार टी20 विश्वकप खिताब जीतने वाले कप्तान

कप्तान    टीम    खिताब (वर्ष)

डैरेन सैमी    वेस्टइंडीज    2 (2012, 2016)
महेंद्र सिंह धोनी    भारत    1 (2007)
रोहित शर्मा    भारत    1 (2024)
जोस बटलर    इंग्लैंड    1 (2022)
आरोन फिंच    ऑस्ट्रेलिया    1 (2021)
लसिथ मलिंगा    श्रीलंका    1 (2014)
पॉल कॉलिंगवुड    इंग्लैंड    1 (2010)
यूनिस खान    पाकिस्तान    1 (2009)

जारी हुआ ‘माइकल’ का ट्रेलर, दर्शकों को याद आए माइकल जैक्सन; भतीजा करेगा डांसर का रोल

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दुनिया के सबसे बेहतरीन डांसर्स में से एक माइकल जैक्सन की जिंदगी पर एक फिल्म बनी है। इसका नाम है ‘माइकल’। जल्द ही यह फिल्म सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। इस फिल्म का ट्रेलर रिलीज हो गया है। ट्रेलर काफी दमदार है। मेकर्स ने इसमें डांसर की जिंदगी के अहम पहलुओं को दिखाने की कोशिश की है।

ट्रेलर में क्या है?

2 मिनट 27 सेकंड के ट्रेलर में माइकल जैक्सन के बचपन से लेकर आखिर तक की कहानी दिखती है। शुरुआत में उनके करीबी उन्हें कुछ बड़ा करने के लिए प्रेरित करते हैं। जब वह मशहूर हो जाते हैं तो हर कोई उनका दीवाना बन जाता है। ट्रेलर में कुछ भावुक पल भी हैं। वह अपने परिवार से जुड़े हैं, जो उनका सपोर्ट करते हैं। ट्रेलर में माइकल जैक्सन के शानदार मूव्स देखने को मिलते हैं। इसमें उनके बीमार होने की झलक भी दिखाई गई है। इसमें उनका एक डायलॉग काफी दमदार है, जो इस तरह है ‘संगीत दुनिया बदल सकता है।’ 

कब रिलीज होगी फिल्म?

फिल्म ‘जैक्सन’ की शुरुआत नवंबर 2019 में हुई। फरवरी 2022 में इसकी घोषणा हुई। इसकी शूटिंग 2024 में शुरू हुई। नवंबर 2025 में इसका टीजर रिलीज हुआ। यह फिल्म 24 अप्रैल 2026 को यूनाइटेड स्टेट्स में रिलीज होने वाली है।

फिल्म की स्टारकास्ट

डांसर माइकल जैक्सन की जिंदगी पर आधारित फिल्म ‘माइकल’ में माइकल जैक्सन का रोल उनके भतीजे जाफर जैक्सन ने किया है। वह इस फिल्म से एक्टिंग में डेब्यू कर रहे हैं। फिल्म में निया लॉन्ग, लौरा हैरियर, जूलियानो क्रू वाल्दी, माइल्स टेलर और कोलमैन डोमिंगो भी हैं। फिल्म के निर्देशक एंटोनी फुक्वा हैं। 

विजय बोले– ‘तमिलनाडु विधानसभा चुनाव मेरे लिए जज्बातों का समंदर’

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तंजावुर। तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। सभी राजनीतिक दल अपनी तैयारियों और समीकरणों को अंतिम रूप देने में लगे हैं। इसी बीच, अभिनेता से नेता बने विजय थलापति ने अपनी पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम की तरफ से मोर्चा संभाल लिया है। उन्होंने बुधवार को एक सभा में चुनाव को लेकर अपनी भावनाएं जाहिर कीं और सत्ताधारी दल पर निशाना साधा।

विजय ने तंजावुर में अपनी पार्टी के पदाधिकारियों को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा, ‘आने वाला विधानसभा चुनाव दूसरों के लिए एक आम चुनाव हो सकता है, लेकिन मेरे और मुझे चाहने वाले लोगों के लिए यह जज्बातों का समंदर है’। उन्होंने तमिलनाडु की जनता से अपील की कि वे आगामी चुनावों में उन्हें एक मौका दें।

अपने संबोधन में विजय ने कहा कि उनकी पार्टी का चुनाव चिन्ह ‘सीटी’ है। यह ‘सीटी’ तमिलनाडु के हर घर और हर मतदान केंद्र में गूंजनी चाहिए, ताकि पार्टी को शानदार जीत मिल सके। उन्होंने क्रिकेट का उदाहरण देते हुए कहा, ‘दिल्ली की टीम क्रिकेट में भी तमिलनाडु की टीम को नहीं हरा सकती’। इसके जरिए उन्होंने आईपीएल टीम सीएसके के नारे ‘व्हिसिल पोडू’ का भी जिक्र किया।

विजय थलापति ने सत्ताधारी डीएमके पर भी जमकर हमला बोला। उन्होंने एक बार फिर डीएमके को ‘तीया शक्ति’ यानी ‘बुरी ताकत’ कहा। विजय ने यह भी दावा किया कि अब तो राज्य के बच्चे भी डीएमके को इसी नाम से बुलाने लगे हैं।

अलेक्जेंडर स्टब भारत पहुंचे, नरेंद्र मोदी बोले– नई ऊंचाइयों पर पहुंचेंगे रिश्ते

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नई दिल्ली। फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब बुधवार सुबह भारत पहुंचे। इस दौरान राष्ट्रपति स्टब का औपचारिक स्वागत हुआ और उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। एयरपोर्ट पर विदेश राज्य मंत्री के.वी. सिंह ने उनका स्वागत किया।

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, ‘भारत में आपका स्वागत है, राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब। मैं आपकी बात से पूरी तरह सहमत हूं। आपकी यह यात्रा भारत और फिनलैंड के रिश्तों को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी। मैं कल हमारी मुलाकात और रायसीना डायलॉग 2026 में आपके मुख्य भाषण का बेसब्री से इंतजार कर रहा हूं।”

प्रधानमंत्री ने यह बात राष्ट्रपति स्टब के उस पोस्ट के जवाब में कही, जिसमें उन्होंने अपनी भारत यात्रा की जानकारी दी थी। फिनलैंड के राष्ट्रपति ने ‘एक्स’ पर लिखा था, “मैं भारत की राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के साथ-साथ दूसरे नेताओं से भी मिलूंगा। इस यात्रा से फिनलैंड और भारत के बीच रिश्ते और मजबूत होंगे। इसमें व्यापार का क्षेत्र भी शामिल है।”

राष्ट्रपति स्टब रायसीना डायलॉग 2026 में मुख्य अतिथि और मुख्य वक्ता होंगे। इसके अलावा, वे प्रधानमंत्री मोदी के साथ विशेष बातचीत करेंगे। इस दौरान दोनों देशों के रिश्तों को मजबूत करने पर चर्चा होगी। साथ ही, वे आपसी हित के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी बात करेंगे। इस यात्रा का मकसद दोनों देशों के बीच सहयोग को और बढ़ाना है।

 

सड़क पर कचरा फेंकने पर अब भारी जुर्माना – ₹1 लाख तक का फ़टका

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बलूरघाट: अक्सर लोग कुछ भी खाने पीने की चीजों लेकर खाते हैं और उनके रैपर या बॉक्स को सड़क पर ही फेंक देते हैं. लेकिन अब ऐसा करने पर एक लाख रुपए तक जुर्माना देना पड़ सकता है. दरअसल पश्चिम बंगाल के बलूरघाट में नगर निगम ने स्वच्छता बनाए रखने के लिए सख्त नियम बनाए है. नगर निगम ने सड़क पर कचरा फेंकने वालों के खिलाफ एक हजार से एक लाख रुपए तक का जुर्माना वसूले जान की बात कही है.

बलूरघाट निगग निगम की टीम के अनुसार, सड़क पर कचरा फेंकने की वजह से लोगों को परेशानी होती है. फेंका गया कचरा धीरे-धीरे बड़े ढेर में तब्दील हो जाता है. बहुत लोगों को सड़क पर चलते-चलते खाने-पीने की आदत होती है और कचरा सड़क पर फेंकने की आदत होती है. ये जमा होते-होते कचरे का पहाड़ बन जाता है. बदबू आने लगती है. इस दौरान वहां से गुजरने वाले लोगों को सांस लेने में परेशानी होती है.

कचड़े के ढेर और बदबू से परेशान लोग लगातार नगर निगम के अधिकारियों से शिकायत कर रहे थे. वहीं अब नगर निगम के फैसले पर खुशी जाहिर की है. बलूरघाट नगरपालिका इस कचरे को साफ करने के लिए एक बड़ा कदम उठा रही है. नगरपालिका निगरानी के लिए बलूरघाट शहर की विभिन्न सड़कों पर कैमरे लगाने की योजना बना रही है. इस कदम का उद्देश्य गैर-जिम्मेदार नागरिकों को पकड़ना है. निगरानी के साथ-साथ जुर्माना भी लगाया जाएगा. कचरा फेंकने पर आप कैमरों में कैद हो जाएंगे. जिसके बाद पहचान कर नगर निगम की टीम आपके घर पर पहुंचेगी और भारी भरकम जुर्माना वसूलेगा.

नगरपालिका ने जानकारी दी है कि 1000 से 1 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा. लंबे समय से फैली बदबू के कारण सड़क पर चलते समय नाक ढकनी पड़ती थी. स्थानीय निवासी भी इस पहल से खुश हैं. उनका मानना ​​है कि अब से कोई भी कचरा फेंकने से पहले दो बार सोचेगा.

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News Desk

हरिद्वार में अमित शाह का दौरा, सियासी हलचल तेज़

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देहरादून: उत्तराखंड की राजनीति में मार्च का महीना हलचल भरा रहने वाला है. केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह आगामी 7 मार्च को हरिद्वार दौरे पर आ रहे हैं. जिसकी तैयारी युद्ध स्तर पर चल रही है. यह मुख्य रूप से सहकारिता सम्मेलन है. इसके अलावा उनका यह दौरा आधिकारिक रूप से साल 2027 में प्रस्तावित अर्धकुंभ की तैयारियों की समीक्षा से जुड़ा है.

वहीं, धामी सरकार के चार साल के उपलक्ष्य में भले ही यह आयोजन हो रहा हो, लेकिन राजनीतिक हलकों में इसे आगामी विधानसभा चुनावों की दृष्टि से भी बेहद अहम माना जा रहा है. खास कर हरिद्वार जैसे स्थान का चयन भी बेहद अहम है.

होली मिलन से अर्धकुंभ तक राजनीतिक संकेत: बीती 2 मार्च को देहरादून स्थित बीजेपी प्रदेश मुख्यालय में आयोजित होली मिलन समारोह के दौरान सीएम धामी ने इस दौरे की जानकारी दी थी. उन्होंने बताया कि साल 2027 में हरिद्वार में प्रस्तावित अर्धकुंभ के आयोजन के लिए केंद्र सरकार ने 500 करोड़ रुपए की धनराशि स्वीकृत की है

उन्होंने इसके लिए केंद्र का आभार जताते हुए कहा कि यह राशि आयोजन की आधारभूत संरचना को मजबूत करने में सहायक होगी. उन्होंने कहा कि आगामी 2027 का अर्धकुंभ दिव्य और भव्य होगा, इसके लिए मेला प्रशासन अधिकारी और कर्मचारी अभी से जुटे हुए हैं.

समयबद्ध तरीके से सभी काम पूरे किए जाएंगे और आयोजन को ऐतिहासिक बनाया जाएगा. सीएम धामी की मानें तो 7 मार्च को गृह मंत्री अमित शाह हरिद्वार के बैरागी कैंप पहुंचेंगे. जहां अर्धकुंभ की तैयारियों का स्थलीय निरीक्षण करेंगे और संबंधित अधिकारियों से फीडबैक लेंगे, साथ ही जनता से संवाद भी करेंगे.

उच्चस्तरीय बैठक में तैयारियों की समीक्षा: गृह मंत्री अमित शाह के दौरे से पहले आज भी मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने उच्चस्तरीय बैठक कर तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्यक्रम की सभी व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित और गरिमापूर्ण हों.

सीएम धामी ने विशेष रूप से सुरक्षा यातायात प्रबंधन पार्किंग व्यवस्था, स्वच्छता, पेयजल, विद्युत आपूर्ति और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर सतर्कता बरतने को कहा. उन्होंने ये भी निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो.

सीएम धामी ने कहा कि हरिद्वार के बैरागी कैंप में प्रस्तावित कार्यक्रम में ऐतिहासिक भीड़ उमड़ने की संभावना है. केंद्र की ओर से 500 करोड़ की राशि जारी किया जाना, इस बात का संकेत है कि कुंभ जैसा धार्मिक आयोजन राज्य के लिए कितना महत्वपूर्ण है. उन्होंने ये भी संकेत दिए कि अमित शाह राज्य के लिए कुछ नई योजनाओं की घोषणाएं भी कर सकते हैं.

चुनावी शंखनाद की आहट: राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह दौरा केवल धार्मिक आयोजन की समीक्षा तक सीमित नहीं रहेगा. धामी सरकार के चार साल पूरे होने के अवसर पर यह एक बड़ा राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन भी हो सकता है.

बीजेपी कार्यालय की मानें तो गृह मंत्री अमित शाह प्रदेश बीजेपी की टोली की बैठक में भी शामिल होंगे. जिसमें कोर कमेटी के सदस्य पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा, तीरथ सिंह रावत, प्रदेश महामंत्री और वरिष्ठ नेता मौजूद रहेंगे. बैठक में विधानसभा चुनाव 2027 की रणनीति पर मंथन होने की संभावना है.

गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में आगामी चुनाव की तैयारियों की समीक्षा होगी. जिसमें भविष्य की रणनीति को और पुख्ता किया जाएगा.“- महेंद्र भट्ट, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष

हरिद्वार की सीटें क्यों अहम? हरिद्वार जिला, राजनीतिक दृष्टि से संवेदनशील माना जाता है. पिछले विधानसभा चुनाव में बीजेपी को हरिद्वार ग्रामीण, खानपुर, मंगलौर और पिरान कलियर जैसी सीटों पर सफलता नहीं मिल सकी थी. ऐसे में बीजेपी इस बार धार्मिक आयोजन और विकास कार्यों के जरिए यहां अपनी पकड़ मजबूत करने की रणनीति बना रही है.

कार्यक्रम का उद्देश्य केवल राजनीतिक लाभ नहीं है. बल्कि, आगामी कुंभ की वैश्विक तैयारी का संदेश देना भी है. हमारी सरकार ने चार साल में जो विकास कार्य किए हैं, उन्हें प्रदर्शनी के माध्यम से जनता के सामने रखा जाएगा. जब केंद्र का बड़ा नेता आता है तो उसका सकारात्मक प्रभाव पड़ता है, इस बार हम और बड़ी बढ़त के साथ सरकार बनाएंगे.“- मदन कौशिक, हरिद्वार विधायक/पूर्व बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष

कांग्रेस का पलटवार: दूसरी ओर कांग्रेस ने बीजेपी के इस कार्यक्रम को राजनीतिक स्टंट बताया है. वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने अपनी बात रखी है. उन्होंने सूबे के वर्तमान हालातों पर चिंता जताते हुए घेरा है.

राज्य में जिस प्रकार का माहौल बनाया जा रहा है, वो चिंता का विषय है. अगर हरिद्वार जैसी पवित्र नगरी में आकर गृह मंत्री विकास की बात करते हैं तो स्वागत है, लेकिन भटकाने वाली राजनीति ठीक नहीं है. बीजेपी चाहे केंद्र की पूरी सरकार को उत्तराखंड भेज दे, जनता बदलाव का मन बना चुकी है.“- हरीश रावत, पूर्व मुख्यमंत्री

राजनीतिक विश्लेषक की राय: राजनीति के वरिष्ठ जानकार सुनील दत्त पांडे का मानना है कि बीजेपी कुंभ और विधानसभा चुनाव दोनों को समानांतर साधने की कोशिश कर रही है. उनके अनुसार, पहले अमित शाह फिर बाद में प्रधानमंत्री मोदी का प्रस्तावित दौरा यह दर्शाता है कि धार्मिक आयोजनों को राजनीतिक रणनीति के साथ जोड़ा जा रहा है. हरिद्वार में मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्रों और ग्रामीण इलाकों में बीजेपी को चुनौती मिलती रही है. ऐसे में यह कार्यक्रम कितना असर डालेगा, यह देखना दिलचस्प होगा.

पीएम मोदी का भी दौरा प्रस्तावित: बता दें कि 23 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का प्रस्तावित दौरा है. यानी गृह मंत्री अमित शाह के कार्यक्रम के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी उत्तराखंड दौरा प्रस्तावित है. यदि ऐसा होता है तो धामी सरकार के चार साल पूरे होने का यह आयोजन राज्य में चुनावी बिगुल साबित हो सकता है.

 

नितिन नबीन बिहार से चुनावी मैदान में उतरेंगे

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नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी ने मंगलवार को आगामी राज्यसभा चुनावों के लिए अपने 9 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है. इस सूची में सबसे पहला और चर्चित नाम पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन का है, जिन्हें बिहार से मैदान में उतारा गया है.

इस फैसले के पीछे पार्टी की सबसे प्रमुख रणनीतिक कदम नितिन नवीन को बिहार से राज्यसभा भेजना है. क्योंकि पार्टी अध्यक्ष के रूप में नवीन को संसद के उच्च सदन में जगह देकर भाजपा सुनिश्चित करना चाहती है कि उसका शीर्ष नेता संसदीय बहस, नीति-निर्माण और राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय रूप से भाग ले सके.

चुनाव आयोग ने 16 मार्च को ही 10 राज्यों की 37 राज्यसभा सीटों पर चुनाव कराने की अधिसूचना जारी की है, जिसमें भाजपा को अपने गठबंधन और सत्ताधारी राज्यों की वजह से मजबूत स्थिति हासिल होने की उम्मीद है. उम्मीदवारों की पूरी सूची इस प्रकार है

  • नितिन नबीन (बिहार)
  • शिवेश कुमार (बिहार)
  • तेराश गोवाल्ला (असम)
  • जोगेन मोहन (असम)
  • लक्ष्मी वर्मा (छत्तीसगढ़)
  • संजय भाटिया (हरियाणा)
  • मनमोहन सामल (ओडिशा)
  • सुजीत कुमार (ओडिशा)
  • राहुल सिन्हा (पश्चिम बंगाल)

भाजपा ने इन नामों को उन राज्यों से चुना है जहां पार्टी या एनडीए गठबंधन विधानसभा में मजबूत स्थिति में है. बिहार से दो उम्मीदवार उतारकर पार्टी ने स्पष्ट संकेत दिया है कि वह इस महत्वपूर्ण राज्य में अपनी उपस्थिति और प्रभाव बढ़ाना चाहती है. पार्टी की इस फैसले के पीछे आखिर रणनीति क्या है ,यदि देखें तो इस फैसले के पीछे कई बातें पार्टी सूत्रों के माध्यम से बताई जा रहीं हैं.

पार्टी सूत्रों के मुताबिक इसके पीछे मुख्य वजह और सबसे बड़ा कदम नितिन नविन को बिहार से राज्यसभा भेजना बताया जा रहा है. पार्टी अध्यक्ष के रूप में नवींन को संसद के उच्च सदन में जगह देकर भाजपा सुनिश्चित करना चाहती है कि उसका शीर्ष नेता संसदीय कार्यों, और राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय रूप से भाग ले सके.

यदि देखा जाए तो बिहार में आरजेडी के प्रेम चंद गुप्ता की सीट खाली हो रही है और एनडीए के पास पर्याप्त संख्या बल है, इसलिए मजबूत उम्मीदवार के जरिए यह सीट आसानी से जीती जा सकती है।दूसरी रणनीति क्षेत्रीय संतुलन बनाने की है. असम और छत्तीसगढ़ जैसे भाजपा शासित राज्यों से स्थानीय चेहरों को जगह देकर पार्टी संगठन को मजबूत करने का संदेश देना चाहती है.

इसी तरह ओडिशा और पश्चिम बंगाल में भी उम्मीदवार उतारकर भाजपा विपक्षी राज्यों में अपनी पैठ बढ़ाने की कोशिश कर रही है. हरियाणा से संजय भाटिया जैसे अनुभवी नेता को शामिल कर अनुभव का लाभ उठाने की योजना है. विशेष रूप से महिलाओं में लक्ष्मी वर्मा और बाकी स्थिति स्थानीय, जनजातीय और क्षेत्रीय नेताओं को जगह देकर भाजपा सामाजिक समीकरण साधने की कोशिश कर रही है.

कुल मिलाकर देखा जाए तो यह सूची भाजपा की उस व्यापक रणनीति का भी हिस्सा है जिसमें 2026 के राज्यसभा चुनावों के जरिए ऊपरी सदन में अपनी ताकत बढ़ाई जाए, ताकि केंद्र में मोदी सरकार की नीतियों को और मजबूती मिल सके.

भाजपा सूत्रों के मुताबिक, यह पहली सूची है और शेष नामों की घोषणा जल्द की जाएगी। राज्यसभा चुनाव अप्रत्यक्ष होते हैं, इसलिए विधायकों के समर्थन पर सब कुछ निर्भर करेगा. लेकिन एनडीए की मजबूत स्थिति को देखते हुए भाजपा इन 9 में से अधिकांश सीटें जीतने का भरोसा जता रही है.

इस मुद्दे पर नाम ना लेने की शर्त पर भाजपा के एक राष्ट्रीय प्रवक्ता का कहना है कि यह फैसला पार्टी का संगठनात्मक सोच का फैसला ,उन्होंने कहा कि पार्टी हमेशा से शीर्ष नेतृत्व को सभी फैसलों में सम्मिलित करती है और अभी पार्टी अध्यक्ष संसद के सदस्य नहीं है इसलिए संसदीय प्रणाली में उन्हें शामिल करना आवश्यक था इसलिए पार्टी ने ये फैसला लिया. साथ ही उन्होंने 9 की 9 सभी सीटें जीतने का भी दावा किया और फैसले को आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों की तैयारी का भी संकेत बताया.