T20 वर्ल्ड कप में सैमसन की बातों से प्रभावित हुए इयान बिशप, बोले- सच्चे लीडर की तरह सोच

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भारतीय क्रिकेट टीम ने टी20 विश्व कप 2026 के फाइनल में जगह बना ली है। गुरुवार को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए सेमीफाइनल मुकाबले में टीम इंडिया ने इंग्लैंड को सात रन से हराकर फाइनल में जगह बनाई। संजू सैमसन ने लगातार दूसरा अर्धशतक लगाया और उन्हें उनकी विस्फोटक पारी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। संजू सैमसन की यह लगातार दूसरी मैच विजयी पारी थी। इसलिए जब वह प्लेयर ऑफ द मैच पुरस्कार लेने पहुंचे तो प्रेजेंटर के तौर पर मौजूद वेस्टइंडीज के पूर्व खिलाड़ी इयान बिशप ने उनकी जमकर तारीफ की। बिशप ने सैमसन को लगातार दूसरे प्लेयर ऑफ द मैच के लिए बधाई दी। इसके जवाब में सैमसन ने कहा, ‘जीत का सारा श्रेय जसप्रीत बुमराह को जाता है। वह एक विश्वस्तरीय गेंदबाज हैं। ऐसे गेंदबाज जेनरेशन में एक बार आते हैं। उनका इस मैच में प्रदर्शन ऐसा ही था। प्लेयर ऑफ द मैच अवार्ड असल में उन्हें जाना चाहिए। अगर हमने डेथ ओवर्स में वैसी बॉलिंग नहीं की होती, तो मुझे लगता है कि मैं यहां खड़ा नहीं होता।’  सैमसन की इस बात को सुनकर इयान बिशप काफी प्रभावित हुए और उन्हें एक सच्चा लीडर बताया। भारतीय टीम की जीत में संजू सैमसन ने बल्ले से तो जसप्रीत बुमराह ने गेंद से अहम भूमिका निभाई। संजू सैमसन ने 42 गेंदों पर 7 छक्कों और 8 चौकों की मदद से 89 रन बनाए, जबकि बुमराह ने चार ओवरों में मात्र 33 रन देकर दो विकेट लिए। इसमें 16वें और 18वें ओवर में क्रमश: आठ और छह रन दिए। इन दो ओवरों ने मैच का पलड़ा भारत की तरफ मोड़ दिया। अगर बुमराह के ओवर के किफायती नहीं रहे होते तो भारतीय टीम ये मैच गंवा सकती थी। इसीलिए संजू ने बुमराह की तारीफ की। मैच पर नजर डालें तो भारत ने टॉस गंवाकर पहले बल्लेबाजी करते हुए संजू सैमसन के 42 गेंदों पर बनाए गए 89 रन की मदद से 253 रन बनाए थे। जैकब बेथेल के 48 गेंदों पर सात छक्कों और आठ चौकों की मदद से खेली गई 105 रन की यादगार पारी के बावजूद इंग्लैंड सात विकेट पर 246 रन ही बना सकी और मैच सात रन से हार गई। 

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News Desk

हेल्दी लाइफस्टाइल को सपोर्ट करने वाले विकल्पों में चर्चा में आया Herbsa Care का Keto New

आज के समय में हेल्दी और फिट रहने को लेकर लोगों की जागरूकता तेजी से बढ़ रही है। पहले जहां लोग केवल बीमार होने के बाद स्वास्थ्य पर ध्यान देते थे, वहीं अब बड़ी संख्या में लोग अपनी दिनचर्या को बेहतर बनाने और फिटनेस को बनाए रखने के लिए अलग-अलग उपाय अपनाते नजर आ रहे हैं। बदलती लाइफस्टाइल, अनियमित खान-पान और शारीरिक गतिविधियों की कमी के कारण वजन बढ़ना कई लोगों के लिए एक आम समस्या बन चुका है।

इसी वजह से हेल्थ और वेलनेस से जुड़े प्रोडक्ट्स की मांग भी तेजी से बढ़ती दिखाई दे रही है। हाल के समय में Herbsa Care का Keto New भी इसी तरह के प्रोडक्ट्स में शामिल है, जो वेट मैनेजमेंट से जुड़ी चर्चाओं में सामने आ रहा है।

बढ़ती लाइफस्टाइल समस्याओं के बीच विकल्पों की तलाश

लंबे समय तक ऑफिस में बैठकर काम करना, फास्ट फूड का बढ़ता चलन और अनियमित दिनचर्या कई लोगों के लिए वजन बढ़ने का कारण बन रहे हैं। ऐसे में लोग अपने शरीर को संतुलित रखने के लिए अलग-अलग तरीके अपनाते हैं। कुछ लोग जिम का सहारा लेते हैं, तो कुछ डाइट प्लान फॉलो करते हैं।

हालांकि हर किसी के लिए सख्त डाइट या नियमित जिम रूटीन को अपनाना आसान नहीं होता। व्यस्त जीवनशैली के कारण कई लोग ऐसे विकल्पों की तलाश करते हैं जिन्हें अपनी रोजमर्रा की दिनचर्या में आसानी से शामिल किया जा सके।

यूजर्स के अनुभवों से बढ़ी चर्चा

पिछले कुछ समय में Keto New को लेकर कई यूजर्स ने सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर अपने अनुभव साझा किए हैं। इन अनुभवों के कारण कई लोगों के बीच इस प्रोडक्ट के बारे में जानने की उत्सुकता बढ़ती दिखाई दे रही है।

कुछ लोगों का कहना है कि उन्होंने इसे अपनी फिटनेस रूटीन के साथ इस्तेमाल किया। हालांकि हेल्थ एक्सपर्ट्स का मानना है कि किसी भी हेल्थ प्रोडक्ट के साथ संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और पर्याप्त नींद बेहद जरूरी होती है।

Herbsa Care का उद्देश्य

Herbsa Care हेल्थ और न्यूट्रिशन से जुड़े उत्पादों पर काम करने वाली कंपनी है। कंपनी की स्थापना अनस चौहान और सूरज कर्णानी ने की थी। कंपनी के अनुसार उसका उद्देश्य ऐसे प्रोडक्ट्स तैयार करना है जो लोगों को हेल्दी और संतुलित जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित कर सकें।

कंपनी का कहना है कि Keto New को वेट मैनेजमेंट को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। इसके साथ ही इसे आयुर्वेदिक आधारित फॉर्मूले के साथ विकसित किया गया बताया जाता है।

अवॉर्ड मिलने के बाद बढ़ी पहचान

हाल ही में Herbsa Care को एक खास उपलब्धि तब मिली जब बॉलीवुड अभिनेता अरबाज़ खान के हाथों कंपनी को “Best Nutra Product of the Year” का अवॉर्ड दिया गया। इस सम्मान के बाद Keto New का नाम हेल्थ और फिटनेस से जुड़े लोगों के बीच अधिक चर्चा में आने लगा है।

ऐसे अवॉर्ड किसी भी कंपनी के लिए महत्वपूर्ण माने जाते हैं क्योंकि इससे प्रोडक्ट की पहचान और भरोसा दोनों बढ़ने की संभावना रहती है।

ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से बढ़ रही पहुंच

डिजिटल युग में किसी भी प्रोडक्ट की जानकारी लोगों तक बहुत तेजी से पहुंच जाती है। आज कई ग्राहक इंटरनेट के माध्यम से किसी भी प्रोडक्ट के बारे में जानकारी हासिल करते हैं और फिर अपनी जरूरत के अनुसार ऑर्डर करते हैं।

कंपनी का कहना है कि Keto New के लिए ऑल इंडिया डिलीवरी की सुविधा उपलब्ध है, जिससे देश के अलग-अलग राज्यों से ग्राहक इसे मंगवा रहे हैं।

हेल्दी लाइफस्टाइल की ओर बढ़ता रुझान

फिटनेस विशेषज्ञों का मानना है कि स्वस्थ जीवनशैली के लिए केवल वजन कम करना ही जरूरी नहीं होता, बल्कि संतुलित खान-पान, नियमित व्यायाम, पर्याप्त आराम और मानसिक संतुलन भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

बढ़ती हेल्थ अवेयरनेस के इस दौर में लोग अपने शरीर का बेहतर ख्याल रखने की कोशिश कर रहे हैं। इसी के साथ Herbsa Care का Keto New भी धीरे-धीरे वेट मैनेजमेंट से जुड़ी चर्चाओं में अपनी जगह बनाता नजर आ रहा है।

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अक्षर पटेल का बड़ा बयान, कहा- भरोसा था आखिरी ओवर में पांच छक्के नहीं लगेंगे

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टी20 विश्वकप 2026 के दूसरे सेमीफाइनल में एक वक्त ऐसा आया था कि सभी सोच में पड़ गए थे 20वां ओवर कौन करेगा। इंग्लैंड को जीत के लिए 20वें ओवर में 30 रन बनाने थे। भारत अपने चार गेंदबाजों का इस्तेमाल कर चुका था और सिर्फ अक्षर पटेल का आखिरी ओवर बचा था। हालांकि, कप्तान सूर्यकुमार यादव ने अहम फैसला लेते हुए गेंद शिवम दुबे को थमाई और दुबे ने निराश नहीं किया। टीम इंडिया को सात रन से जीत मिली और टीम फाइनल में पहुंच गई। मैच के बाद अब अक्षर ने खुलासा किया है कि वह आखिरी ओवर में गेंदबाजी के लिए तैयार थे और उन्हें विश्वास था कि वह पांच छक्के तो नहीं खाएंगे।

20वें ओवर में इंग्लैंड को 30 रन चाहिए थे

दरअसल, इंग्लैंड ने 15 ओवर में पांच विकेट गंवाकर 185 रन बना लिए थे। आखिरी पांच ओवर में उन्हें जीत के लिए 69 रन बनाने थे। तब भारत की ओर से बुमराह के दो ओवर बाकी थे, जबकि हार्दिक-अर्शदीप और अक्षर का एक-एक ओवर  बाकी था। भारत ने पांच गेंदबाजों से ही गेंदबाजी कराई थी। क्रीज पर जैकब बेथल और सैम करन मौजूद थे। 16वें ओवर में बुमराह ने आठ रन दिए। फिर 17वें ओवर में अर्शदीप ने 16 रन खर्च किए। 18वें ओवर में फिर बुमराह गेंदबाजी के लिए आए और छह रन दिए। 19वें ओवर में हार्दिक गेंदबाजी के लिए आए नौ रन दिए। इस तरह 20वें ओवर में 30 रन की दरकार थी। ऐसे में कप्तान के पास एक ही विकल्प थे- अक्षर पटेल। पर सूर्यकुमार ने जोखिम उठाते हुए दुबे को गेंदबाजी दी और दुबे ने अपनी जिंदगी के सबसे महत्वपूर्ण ओवर में 22 रन दिए। साथ ही इस ओवर में बेथल रन आउट भी हुए।

अक्षर पटेल ने 20वें ओवर को लेकर क्या कहा?

मैच के बाद स्टार स्पोर्ट्स से बात करते हुए अक्षर ने कहा कि वह गेंदबाजी की प्रैक्टिस शुरू कर चुके थे। उन्होंने हंसते हुए बताया, ‘मैं तैयार था। मैं लॉन्ग ऑफ पर खड़ा था और तैयार था। मैं बॉलिंग प्रैक्टिस भी कर रहा था। 30 रन तो बहुत, पांच छक्के तो नहीं खाऊंगा, ये पता था।’ अक्षर ने तीन ओवर गेंदबाजी की और 35 रन दिए। उन्होंने खतरनाक दिख रहे टॉम बैंटन को क्लीन बोल्ड भी किया। इतना ही नहीं, अक्षर ने दो कैच लिए और एक कैच में असिस्ट भी किया।

मैच पर नजर डालें

मैच पर नजर डालें तो भारत ने टॉस गंवाकर पहले बल्लेबाजी करते हुए संजू सैमसन के 42 गेंदों पर बनाए गए 89 रन की मदद से सात विकेट गंवाकर 253 रन बनाए थे। जैकब बेथल के 48 गेंदों पर सात छक्कों और आठ चौकों की मदद से खेली गई 105 रन की यादगार पारी के बावजूद इंग्लैंड सात विकेट पर 246 रन ही बना सकी और मैच सात रन से हार गई। मैच के बाद सूर्यकुमार ने भी फील्डिंग को अहम बताया। उन्होंने कहा कि हमें फील्डिंग कोच दिलीप को श्रेय देना होगा। लड़के फील्डिंग में कड़ी मेहनत कर रहे हैं। सूर्यकुमार ने कहा, ‘टाइटल के लिए जाते हुए दबाव तो होगा, पर सभी उत्साहित भी हैं।’ भारत का अब खिताबी मुकाबले में न्यूजीलैंड से सामना होगा। यह मैच आठ मार्च को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला जाएगा।

वैश्विक तनाव के बीच जयशंकर का बयान- कोई देश खुद को सर्वोच्च ताकत नहीं कह सकता

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नई दिल्ली|वैश्विक तनाव के बीच विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि आज कोई भी देश पूरी तरह से हावी नहीं है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा है कि 20वीं सदी के मध्य से एक निश्चित विश्व व्यवस्था बनाए रखने की वैश्विक अपेक्षा ‘अवास्तविक’ थी, और अब शक्ति विभिन्न आयामों में काफी हद तक फैल गई है।

वैश्विक शासन का बदलता स्वरूप

रायसीना डायलॉग 2026 में बोलते हुए विदेश मंत्री ने पिछले सात दशकों में वैश्विक शासन के विकसित होते स्वरूप पर विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा, ‘जब हम इन 70 वर्षों को पीछे मुड़कर देखते हैं, तो मुझे लगता है कि 1945 या 1989 को हमेशा के लिए स्थिर करने की उम्मीद एक बहुत ही अवास्तविक उम्मीद थी।  दिल्ली में आयोजित रायसीना डायलॉग 2026 में जयशंकर ने कहा कि 1945 या 1989 के बाद बने विश्व व्यवस्था को हमेशा के लिए बनाए रखने की उम्मीद करना अवास्तविक था। उन्होंने कहा कि पिछले 70 साल को अगर इतिहास के नजरिए से देखें तो यह भारत के हजारों साल के इतिहास का सिर्फ एक छोटा हिस्सा है, इसलिए दुनिया का बदलना स्वाभाविक है।

वैश्विक व्यवस्था में बदलाव के पीछे दो बड़ी ताकतें

जयशंकर ने कहा कि वैश्विक व्यवस्था में बदलाव के पीछे दो बड़ी ताकतें काम कर रही हैं तकनीक (टेक्नोलॉजी) और जनसंख्या का स्वरूप (डेमोग्राफी)। आने वाले दशक में यही दोनों कारक दुनिया की दिशा तय करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि आज वैश्विक राजनीति का विश्लेषण अक्सर अमेरिका के इर्द-गिर्द किया जाता है, लेकिन वास्तविकता यह है कि दुनिया धीरे-धीरे कई ताकतों में बंट रही है। अब कोई भी देश ऐसा नहीं है, जो हर क्षेत्र-जैसे अर्थव्यवस्था, सैन्य शक्ति, तकनीक या कूटनीति में पूरी तरह से हावी हो।विदेश मंत्री के मुताबिक आज ताकत का मतलब सिर्फ जीडीपी या सैन्य शक्ति नहीं रह गया है। दुनिया के अलग-अलग हिस्से अलग-अलग क्षेत्रों में मजबूत हो रहे हैं, इसलिए वैश्विक शक्ति अब कई देशों और क्षेत्रों में फैली हुई है।

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प्रियंका चोपड़ा ने बताई ‘वाराणसी’ की शूटिंग की कहानी, केन्या में मिला अलग अनुभव

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प्रियंका चोपड़ा जल्द ही इंडियन सिनेमा में फिल्म ‘वाराणसी’ से वापसी कर रही हैं। यह बड़े पैमाने पर बन रही है। अभी इस फिल्म पर काम चल रहा है। ऐसे में प्रियंका चोपड़ा ने बताया है कि केन्या में फिल्म की शूटिंग का अनुभव कैसा रहा है।

केन्या में कैसी रही शूटिंग?

प्रियंका चोपड़ा ने जो रोजन एक्सपीरियंस पॉडकास्ट में बताया कि केन्या में शूटिंग बहुत अच्छी रही। उन्होंने कहा ‘मैं वाराणसी के लिए अफ्रीका के केन्या में शूटिंग कर रही थी। हम जंगली जानवरों के साथ शूटिंग कर रहे थे। उसी दौरान मैं और मेरे को-एक्टर महेश बाबू इन जंगली जानवरों के बीच में थे जो माइग्रेट करते समय हमारे चारों ओर थे। मुझे यह दृश्य बहुत अच्छा लग रहा था। जब आप जंगल में इन जानवरों को देखते हैं तो आपको अच्छा लगता है।’

घबराए थे महेश बाबू

इससे पहले, महेश बाबू ने भी डिस्कसिंग फिल्म के साथ बातचीत में इसी शूटिंग के बारे में बात की थी। एक्टर ने माना कि पहले तो चीजें डरावनी लगीं। जंगली जानवरों से घिरे होने की वजह से शूटिंग का पहला दिन काफी टेंशन भरा था।

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कब रिलीज होगी फिल्म?

‘वाराणसी’ का निर्देशन एसएस राजामौली कर रहे हैं। इसमें प्रियंका चोपड़ा के साथ महेश बाबू हैं। इसमें पृथ्वीराज सुकुमारन भी हैं। यह फिल्म 7 अप्रैल 2027 को रिलीज होगी। प्रियंका चोपड़ा आखिरी बार भारतीय फिल्म ‘द स्काई इज पिंक’ में नजर आई थीं।

नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने का परिवार ने किया विरोध, बोले- बिना साजिश नहीं हो सकता

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पटना|नीतीश कुमार ने राज्यसभा जाने के निर्णय लिया है. उनके इस फैसले की वजह से एक बार फिर से बिहार की राजनीति गर्माई हुई है. उनके मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने से न केवल पार्टी कार्यकर्ता बल्कि परिवार की सदस्य भी गम में हैं. जेडीयू के साथ-साथ परिवार भी नहीं चाहता है कि नीतीश कुमार राज्यसभा जाएं. हालांकि नीतीश कुमार ने खुद ही एक्स पर पोस्ट कर बताया है कि वह अब राज्यसभा जाना चाहते हैं. लेकिन परिवार इस फैसले को साजिश बता रहे हैं|

केंद्रीय मंत्री लल्लन सिंह और संजय झा पर लगे आरोप

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साले अनिल कुमार ने केंद्रीय मंत्री ललन सिंह और सांसद संजय झा पर गंभीर आरोप लगाया है. मीडिया से बातचीत में अनिल कुमार ने कहा, “कार्यकर्ताओं का तो साफ कहना है कि ललन सिंह और संजय झा सब कर रहे हैं. टिकट बंटवारे के समय से ही यह सब हुआ है. चिराग पासवान को इतनी सीट देने की क्या जरूरत थी. वहीं तो खेला हुआ है. बिना साजिश के तो ये नहीं हो सकता है|”

अनिल कुमार ने उठाया सवाल

अनिल कुमार ने सवाल उठाया है कि नीतीश कुमार मुख्यमंत्री बनने के 110 दिन बाद ही राज्यसभा का कैंडिडेट बन गए. उन्होंने कहा कि यहां पूरी पार्टी में रावण बैठा है. जब तक निशांत (नीतीश कुमार के बेटे) नहीं आएगा पार्टी नहीं बचेगी. उधर पटना में जेडीयू कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पोस्टर पर कालिख पोता और नीतीश कुमार के फैसले का विरोध किया|

कार्यकर्ताओं ने बताई साजिश

गौरतलब है कि गुरूवार को सीएम नीतीश कुमार ने राज्यसभा के लिए नामांकन किया था. इसके बाद से ही जेडीयू कार्यकर्ताओं में नाराजगी देखी जा रही है. कार्यकर्ता इसे साजिश बता रहे हैं. नीतीश कुमार को इस फैसले को वापस लेने के लिए कह रहे हैं. दूसरी तरफ आरजेडी के प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने कहा, “सच सामने आ गया है! नीतीश कुमार जी ने स्वेच्छा से नहीं, बल्कि भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के भारी दबाव में इस्तीफा देकर राज्यसभा का नामांकन किया है|

वेस्टइंडीज की बजाय इंग्लैंड टीम में जगह, क्या है बारबाडोस के इस खिलाड़ी की कहानी?

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क्रिकेट की दुनिया में कई कहानियां ऐसी होती हैं जो किसी फिल्म की कहानी जैसी लगती हैं। जैकब बेथल की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। 23 अक्तूबर 2003 को कैरिबियाई देश बारबाडोस के शहर ब्रिजटाउन में जन्मे बेथल का बचपन क्रिकेट के माहौल में बीता। यह वही धरती है जिसने दुनिया को महान ऑलराउंडर सर गारफील्ड सोबर्स जैसा खिलाड़ी दिया। गली क्रिकेट, क्लब मैच और परिवार के साथ अभ्यास, यही उनकी शुरुआती जिंदगी का हिस्सा था।उस समय शायद किसी ने नहीं सोचा होगा कि यही लड़का एक दिन वेस्टइंडीज नहीं, बल्कि इंग्लैंड की जर्सी पहनकर विश्व कप के सेमीफाइनल में भारत जैसी टीम को चुनौती देगा। अगर किस्मत थोड़ा अलग होती तो बेथल शायद इंग्लैंड नहीं बल्कि वेस्टइंडीज के लिए खेल रहे होते, क्योंकि उनका जन्म और पालन-पोषण, सब कैरेबियाई देश बारबाडोस में हुआ था, लेकिन 13 साल की उम्र में उन्हें इंग्लैंड के नामी रग्बी स्कूल में क्रिकेट स्कॉलरशिप मिली और यहीं से उनकी जिंदगी की दिशा बदल गई। आइए जैकब बेथल की कहानी जानते हैं…

परिवार से मिला क्रिकेट का जुनून

बेथल का क्रिकेट से रिश्ता सिर्फ शौक नहीं बल्कि पारिवारिक विरासत है। उनके परिवार में क्रिकेट हमेशा से मौजूद रहा। पिता ग्राहम बेथल, बारबाडोस में क्लब क्रिकेट खेल चुके हैं और बेटे के शुरुआती कोच भी रहे।वहीं, दादा आर्थर बेथल, बारबाडोस के लिए फर्स्ट क्लास क्रिकेट खेल चुके थे और पिकविक क्लब के कप्तान भी रहे। मां गिसेल बेथल ने बेटे के अभ्यास में अहम भूमिका निभाई और अक्सर घर के आंगन में गेंदबाजी कर जैकब को अभ्यास करवाती थीं। ऐसे माहौल में क्रिकेट उनके लिए सिर्फ खेल नहीं बल्कि जीवन का हिस्सा बन गया।

13 साल की उम्र में जिंदगी का बड़ा मोड़

जैकब बेथल की जिंदगी में सबसे बड़ा बदलाव तब आया जब उन्हें इंग्लैंड के प्रतिष्ठित रग्बी स्कूल में क्रिकेट स्कॉलरशिप मिल गई। महज 13 साल की उम्र में वह बारबाडोस छोड़कर इंग्लैंड चले गए। यह फैसला आसान नहीं था। नई जगह, नई संस्कृति और नई चुनौतियां, लेकिन इसी फैसले ने उनके करियर की दिशा बदल दी। इंग्लैंड पहुंचने के बाद उन्होंने काउंटी क्रिकेट खेलना शुरू किया और जल्द ही वार्विकशायर अकादमी से जुड़ गए। यहीं से उनका क्रिकेट करियर तेजी से आगे बढ़ने लगा। महज 17 साल की उम्र में उन्होंने प्रोफेशनल कॉन्ट्रैक्ट साइन किया और 2021 में टी20 ब्लास्ट टूर्नामेंट से अपना डेब्यू किया।

अंडर-19 वर्ल्ड कप से मिली पहचान

2022 में खेले गए अंडर-19 विश्व कप ने जैकब बेथल को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई। वह इंग्लैंड की उस अंडर-19 टीम का हिस्सा बने, जिसने विश्व कप के फाइनल तक का सफर तय किया। क्वार्टरफाइनल में उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 42 गेंदों में 88 रन की शानदार पारी खेलकर अपनी पहचान बना ली। इस प्रदर्शन ने दुनिया को बता दिया कि यह खिलाड़ी बड़े मंच के लिए बना है।

इसके बाद अगले दो वर्षों में उनका करियर लगातार आगे बढ़ता गया। 2024 का साल उनके लिए खास रहा, जब वार्विकशायर के लिए ‘टी20 ब्लास्ट’ में और बर्मिंघम फीनिक्स के लिए ‘द हंड्रेड’ टूर्नामेंट में उनके प्रदर्शन ने चयनकर्ताओं को प्रभावित किया और उन्हें इंग्लैंड टीम में जगह मिल गई। उनकी प्रतिभा को देखकर दुनिया भर की टी20 फ्रेंचाइजी टीमों की भी नजर उन पर पड़ी। जल्द ही उन्होंने मेलबर्न रेनेगेड्स, पार्ल रॉयल्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु जैसी टीमों के साथ करार कर लिया।

आईपीएल में विराट कोहली के साथ साझेदारी

जैकब बेथल ने 2025 में आईपीएल में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की ओर से खेलना शुरू किया। यहां उन्हें भारतीय दिग्गज विराट कोहली के साथ खेलने का मौका मिला। एक मैच में दोनों ने ओपनिंग करते हुए 97 रन की साझेदारी की थी। उस अनुभव को याद करते हुए बेथल ने कहा था, ‘विराट कोहली के साथ मैदान पर उतरना मेरे लिए बेहद रोमांचक अनुभव था। बड़े मैचों में उनका रवैया और तैयारी देखकर मैंने बहुत कुछ सीखा।’ आईपीएल के अगले सीजन में भी वह आरसीबी के लिए खेलते दिखेंगे।

खेलने का स्टाइल: निडर बल्लेबाज, उपयोगी गेंदबाज

जैकब बेथल को एक बैटिंग ऑलराउंडर माना जाता है। वह बाएं हाथ के स्टाइलिश बल्लेबाज हैं जो परिस्थिति के मुताबिक किसी भी क्रम पर बल्लेबाजी कर सकते हैं। इसके साथ ही उनकी लेफ्ट-आर्म स्पिन गेंदबाजी भी टीम के लिए उपयोगी साबित होती है। फील्डिंग के मामले में भी वह बेहद चुस्त हैं। चाहे इनर सर्कल हो या बाउंड्री लाइन, उनकी फुर्ती अक्सर दर्शकों को हैरान कर देती है। मैदान पर उनकी ऊर्जा और आत्मविश्वास उन्हें अलग बनाता है।

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में बेथल की एंट्री

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में जैकब बेथल का असली परिचय तब हुआ, जब वेल्स के कार्डिफ में उन्होंने दुनिया को अपनी प्रतिभा का एहसास कराया। उस समय उनकी उम्र सिर्फ 20 साल थी और वह इंग्लैंड के लिए अपना दूसरा ही मैच खेल रहे थे, लेकिन मैदान पर उनका आत्मविश्वास किसी अनुभवी खिलाड़ी से कम नहीं था। उस मुकाबले में उन्होंने दुनिया के बेहतरीन व्हाइट-बॉल स्पिनरों में से एक एडम जैम्पा के एक ही ओवर में 20 रन बटोर लिए। इसके बाद उन्होंने लियम लिविंगस्टोन के साथ मिलकर 47 गेंदों में 90 रन की साझेदारी की और 194 रन के मुश्किल लक्ष्य का सफल पीछा करने में अहम भूमिका निभाई। यही वह पारी थी जिसने दुनिया को यह बता दिया कि इंग्लैंड को एक नया आक्रामक बल्लेबाज मिल गया है।

बेथल ने इस तरह जीता टीम का भरोसा

इसके बाद कैरेबियाई दौरे पर भी बेथल का बल्ला लगातार बोला। उन्होंने तीन अर्धशतक लगाए और तीनों ही बार नाबाद रहे। उनके इस शानदार प्रदर्शन ने चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा और जल्द ही उन्हें न्यूजीलैंड दौरे के लिए इंग्लैंड की टेस्ट टीम में शामिल कर लिया गया। उस टेस्ट सीरीज में भी उन्होंने अपनी क्षमता साबित की। उन्हें तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए उतारा गया, जबकि नियमित बल्लेबाज ओली पोप को टीम की जरूरत के कारण विकेटकीपर की भूमिका निभाने के लिए नीचे क्रम में भेजा गया। बेथल ने तीनों टेस्ट मैचों में अर्धशतक लगाकर टीम के भरोसे को सही साबित किया।

इंग्लैंड की टी20 टीम के सबसे युवा कप्तान बने

उनके लगातार अच्छे प्रदर्शन के बाद इंग्लैंड क्रिकेट में एक बहस शुरू हो गई कि नंबर तीन की पोजिशन पर आखिर किसे मौका मिलना चाहिए। धीरे-धीरे ओली पोप की भूमिका पर सवाल उठने लगे और 2025-26 एशेज से पहले उनसे उपकप्तानी भी वापस ले ली गई। हालांकि, भारत के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज में बेथल को ज्यादा सफलता नहीं मिली और वह अपने इकलौते मैच में प्रभावित नहीं कर पाए। इसके बावजूद टीम मैनेजमेंट का भरोसा उन पर बना रहा। सितंबर में आयरलैंड दौरे के लिए जब इंग्लैंड की टी20 टीम का एलान हुआ, तो सबको चौंकाते हुए जैकब बेथल को कप्तान बना दिया गया। उस समय उनकी उम्र 21 साल 329 दिन थी, और इसी के साथ वह इंग्लैंड के इतिहास के सबसे युवा टी20 कप्तान बन गए।

भारत के खिलाफ सेमीफाइनल की ऐतिहासिक पारी

टी20 वर्ल्ड कप 2026 का सेमीफाइनल मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेला गया। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए सात विकेट पर 253 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। इतने बड़े लक्ष्य का पीछा करना लगभग असंभव लग रहा था, लेकिन जैकब बेथल ने हार मानने से इनकार कर दिया। उन्होंने सिर्फ 48 गेंदों में 105 रन की विस्फोटक पारी खेली। उन्होंने अपनी पारी में आठ चौके और सात छक्के जड़े। लगभग हर भारतीय गेंदबाज के ओवर में एक न एक बाउंड्री जरूर लगाई। मैदान पर आते ही फाइन लेग पर बुमराह को छक्का जड़ा। इस पारी में बेथल का स्ट्राइक रेट 218 के आसपास रहा।बेथल ने अपना शतक सिर्फ 45 गेंदों में पूरा किया, जो उस समय टी20 विश्व कप इतिहास का दूसरा सबसे तेज शतक था। जब बाकी बल्लेबाज आउट हो रहे थे, तब भी बेथल डटे रहे और इंग्लैंड को मैच में बनाए रखा। मैच आखिरी ओवर तक पहुंच गया। इंग्लैंड को तेज रन चाहिए थे और बेथल स्ट्राइक पर बने रहना चाहते थे। इसी कोशिश में उन्होंने दूसरा रन लेने की कोशिश की, लेकिन दुर्भाग्य से रन आउट हो गए। उनके आउट होते ही इंग्लैंड की उम्मीदें लगभग खत्म हो गईं। आखिरकार इंग्लैंड सात विकेट पर 246 रन तक पहुंच पाया और मैच सात रन से हार गया, लेकिन हार के बावजूद बेथल की पारी को टूर्नामेंट की सबसे महान पारियों में से एक माना जा रहा है।

निजी जिंदगी

बेथल अपनी निजी जिंदगी को काफी निजी रखते हैं। उनकी अभी तक शादी नहीं हुई है और वह पूरी तरह अपने क्रिकेट करियर पर ध्यान दे रहे हैं। बेथल मैदान से बाहर बेहद शांत और सरल स्वभाव के हैं। आज जैकब बेथल को इंग्लैंड क्रिकेट का अगला बड़ा सितारा माना जा रहा है। उनकी उम्र अभी सिर्फ 22 साल है, लेकिन उन्होंने जो प्रतिभा दिखाई है, वह बताती है कि आने वाले वर्षों में वह विश्व क्रिकेट के सबसे खतरनाक खिलाड़ियों में शामिल हो सकते हैं। बारबाडोस की गलियों से निकलकर इंग्लैंड के लिए खेलने तक का उनका सफर यह साबित करता है कि सपने कहीं से भी शुरू हो सकते हैं, बस उन्हें पूरा करने की जिद होनी चाहिए।

पवन सिंह को पत्नी ज्योति सिंह ने दी शादी की सालगिरह की शुभकामनाएं, सुलह के संकेत

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भोजपुरी एक्टर पवन सिंह और उनकी पत्नी ज्योति सिंह अलग-अलग रहते हैं। दोनों का घरेलू विवाद जगजाहिर है। ज्योति सिंह, पावर स्टार पर कई गंभीर आरोप लगा चुकी हैं। इनकी शादीशुदा जिंदगी में दरार आ चुकी है और मामला कोर्ट तक पहुंच गया है। इस बीच ज्योति सिंह ने आज शुक्रवार को एक पोस्ट शेयर कर पवन सिंह को वेडिंग एनिवर्सरी की शुभकामनाएं दी हैं।

ज्योति सिंह ने दी पवन सिंह को शुभकामनाएं

ज्योति सिंह ने आज शुक्रवार 06 मार्च को अपने इंस्टाग्राम अकाउंट से एक पोस्ट शेयर किया है। उन्होंने अपनी और पवन सिंह की एक फोटो शेयर की है। इसके साथ लिखा है, ‘हैप्पी एनिवर्सरी’। 

नेटिजन बोले- ‘जल्दी छोटा पावर स्टार आए’

ज्योति सिंह के इस पोस्ट पर उनके और पवन सिंह के चाहने वालों ने कमेंट्स की झड़ी लगा दी है। यूजर्स शुभकामनाएं दे रहे हैं और साथ ही दुआ कर रहे हैं कि जल्द ही दोनों के बीच की दूरियां खत्म हों। साथ ही परिवार में विस्तार की कामना कर रहे हैं। एक यूजर ने लिखा है, ‘आप लोग जल्दी से एक हो जाएं और छोटा पावर स्टार हमारे बीच हो, यही दुआ है’। 

शादी की सालगिरह पर अल्लू अर्जुन का रोमांटिक पोस्ट, पत्नी स्नेहा संग फोटो शेयर

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अल्लू अर्जुन और पत्नी स्नेहा की प्रेम कहानी कम फिल्मी नहीं है। दोनों की मुलाकात, प्यार से लेकर शादी तक का सफर किसी फिल्म स्क्रिप्ट जैसा था। दोनों 6 मार्च 2011 को शादी के बंधे थे। आज वह अपनी शादी की 15वीं सालगिरह मना रहे हैं। इस मौके पर अल्लू अर्जुन ने पत्नी स्नेहा के नाम एक प्यारी सी पोस्ट इंस्टाग्राम पर साझा की है। 

15 साल के सफर के लिए पत्नी को कहा शुक्रिया

अल्लू अर्जुन ने अपने इंस्टाग्राम पर शुक्रवार को एक पोस्ट साझा की है। इस पोस्ट में पत्नी स्नेहा संग एक खूबसूरत तस्वीर भी पोस्ट की। साथ ही कैप्शन में लिखा, ‘हैप्पी एनिवर्सरी, क्यूटी। 15 साल साथ में गुजर गए। तुम्हारे बिना यह सफर इतना आसान नहीं होता।’ आगे उन्होंने हार्ट इमोजी पत्नी के लिए शेयर किया। 

कैसे हुआ था अल्लू अर्जुन और स्नेहा को प्यार

अल्लू अर्जुन अपने एक दोस्त या रिश्तेदार की शादी में अमेरिका गए थे। इसी शादी में उन्होंने अपनी श्रीवल्ली यानी स्नेहा की पहली झलक देखी थी। अल्लू अर्जुन को पहली ही नजर में स्नेहा से प्यार हो गया। वो स्नेहा की खूबसूरती, व्यवहार के दीवाने बन गए। उस समय वो स्नेहा से उनका नंबर नहीं मांग पाए लेकिन बाद में किसी तरह से उनका नंबर अरेंज कर ही लिया। इसके बाद दोनों की बातचीत शुरू हुई।  

स्नेहा के पिता ने नहीं दी थी शादी की परमिशन

जब अल्लू अर्जुन और स्नेहा के रिश्ते की खबर स्नेहा के परिवार को लगी तो उनके पिता बिजनेसमैन कंचरला चंद्रशेखर रेड्डी ने इस रिश्ते से इंकार कर दिया। अल्लू अर्जुन के साथ वह अपनी बेटी की शादी करने को राजी नहीं हुए। परिवार के विरोध के बाद भी दोनों एक-दूसरे को डेट करते रहे। अंत में जब स्नेहा के पिता नहीं माने तो अल्लू ने अपने पिता अल्लू अरविंद को स्नेहा के घर उनके परिवार को मनाने के लिए भेज दिया। अल्लू को यह आइडिया काम कर गया और स्नेहा के पिता इस रिश्ते के लिए राजी हो गए। इस कपल के दो बच्चे हैं, एक बेटा और एक बेटी। 

अल्लू अर्जुन की आने वाली फिल्म कौन सी है?

हाल ही में अल्लू अर्जुन की नई फिल्म की घोषणा की गई। अपनी 23वीं फिल्म के लिए अल्लू अर्जुन निर्देशक लोकेश कनगराज के साथ आ रहे हैं। हालांकि अभी फिल्म का नाम सामने नहीं आया है। अभी फिल्म को ‘एए 23’ के नाम से पहचाना जाएगा।

कांग्रेस के विधायक ने थामा बीजेपी का दामन, सियासत में मची हलचल

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गुवाहाटी। असम में विधानसभा चुनावों से पहले कांग्रेस के तीन वर्तमान विधायक कमलाख्या डे पुरकायस्थ, शशिकांत दास और बसंत दास भाजपा में शामिल हुए। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की मौजूदगी में गुरुवार को कांग्रेस के पूर्व संयुक्त सचिव परशा बॉब कलिता और तृणमूल कांग्रेस के पूर्व महासचिव कंकन नाथ ने भी भाजपा से जुड़े। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि ये विधायक पिछले दो वर्षों से सरकार का समर्थन कर रहे थे। अब बिना किसी शर्त के औपचारिक रूप से पार्टी में आए हैं। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि आज तीन कांग्रेस विधायक हमारी पार्टी में शामिल हुए हैं। यह भाजपा के लिए एक बड़ा दिन है। मुझे यकीन है कि ये भाजपा की बढ़ती लोकप्रियता और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति लोगों के सम्मान को दिखाता है।

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News Desk