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Wednesday, September 23, 2026
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हरिद्वार में अमित शाह का दौरा, सियासी हलचल तेज़

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देहरादून: उत्तराखंड की राजनीति में मार्च का महीना हलचल भरा रहने वाला है. केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह आगामी 7 मार्च को हरिद्वार दौरे पर आ रहे हैं. जिसकी तैयारी युद्ध स्तर पर चल रही है. यह मुख्य रूप से सहकारिता सम्मेलन है. इसके अलावा उनका यह दौरा आधिकारिक रूप से साल 2027 में प्रस्तावित अर्धकुंभ की तैयारियों की समीक्षा से जुड़ा है.

वहीं, धामी सरकार के चार साल के उपलक्ष्य में भले ही यह आयोजन हो रहा हो, लेकिन राजनीतिक हलकों में इसे आगामी विधानसभा चुनावों की दृष्टि से भी बेहद अहम माना जा रहा है. खास कर हरिद्वार जैसे स्थान का चयन भी बेहद अहम है.

होली मिलन से अर्धकुंभ तक राजनीतिक संकेत: बीती 2 मार्च को देहरादून स्थित बीजेपी प्रदेश मुख्यालय में आयोजित होली मिलन समारोह के दौरान सीएम धामी ने इस दौरे की जानकारी दी थी. उन्होंने बताया कि साल 2027 में हरिद्वार में प्रस्तावित अर्धकुंभ के आयोजन के लिए केंद्र सरकार ने 500 करोड़ रुपए की धनराशि स्वीकृत की है

उन्होंने इसके लिए केंद्र का आभार जताते हुए कहा कि यह राशि आयोजन की आधारभूत संरचना को मजबूत करने में सहायक होगी. उन्होंने कहा कि आगामी 2027 का अर्धकुंभ दिव्य और भव्य होगा, इसके लिए मेला प्रशासन अधिकारी और कर्मचारी अभी से जुटे हुए हैं.

समयबद्ध तरीके से सभी काम पूरे किए जाएंगे और आयोजन को ऐतिहासिक बनाया जाएगा. सीएम धामी की मानें तो 7 मार्च को गृह मंत्री अमित शाह हरिद्वार के बैरागी कैंप पहुंचेंगे. जहां अर्धकुंभ की तैयारियों का स्थलीय निरीक्षण करेंगे और संबंधित अधिकारियों से फीडबैक लेंगे, साथ ही जनता से संवाद भी करेंगे.

उच्चस्तरीय बैठक में तैयारियों की समीक्षा: गृह मंत्री अमित शाह के दौरे से पहले आज भी मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने उच्चस्तरीय बैठक कर तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्यक्रम की सभी व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित और गरिमापूर्ण हों.

सीएम धामी ने विशेष रूप से सुरक्षा यातायात प्रबंधन पार्किंग व्यवस्था, स्वच्छता, पेयजल, विद्युत आपूर्ति और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर सतर्कता बरतने को कहा. उन्होंने ये भी निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो.

सीएम धामी ने कहा कि हरिद्वार के बैरागी कैंप में प्रस्तावित कार्यक्रम में ऐतिहासिक भीड़ उमड़ने की संभावना है. केंद्र की ओर से 500 करोड़ की राशि जारी किया जाना, इस बात का संकेत है कि कुंभ जैसा धार्मिक आयोजन राज्य के लिए कितना महत्वपूर्ण है. उन्होंने ये भी संकेत दिए कि अमित शाह राज्य के लिए कुछ नई योजनाओं की घोषणाएं भी कर सकते हैं.

चुनावी शंखनाद की आहट: राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह दौरा केवल धार्मिक आयोजन की समीक्षा तक सीमित नहीं रहेगा. धामी सरकार के चार साल पूरे होने के अवसर पर यह एक बड़ा राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन भी हो सकता है.

बीजेपी कार्यालय की मानें तो गृह मंत्री अमित शाह प्रदेश बीजेपी की टोली की बैठक में भी शामिल होंगे. जिसमें कोर कमेटी के सदस्य पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा, तीरथ सिंह रावत, प्रदेश महामंत्री और वरिष्ठ नेता मौजूद रहेंगे. बैठक में विधानसभा चुनाव 2027 की रणनीति पर मंथन होने की संभावना है.

गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में आगामी चुनाव की तैयारियों की समीक्षा होगी. जिसमें भविष्य की रणनीति को और पुख्ता किया जाएगा.“- महेंद्र भट्ट, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष

हरिद्वार की सीटें क्यों अहम? हरिद्वार जिला, राजनीतिक दृष्टि से संवेदनशील माना जाता है. पिछले विधानसभा चुनाव में बीजेपी को हरिद्वार ग्रामीण, खानपुर, मंगलौर और पिरान कलियर जैसी सीटों पर सफलता नहीं मिल सकी थी. ऐसे में बीजेपी इस बार धार्मिक आयोजन और विकास कार्यों के जरिए यहां अपनी पकड़ मजबूत करने की रणनीति बना रही है.

कार्यक्रम का उद्देश्य केवल राजनीतिक लाभ नहीं है. बल्कि, आगामी कुंभ की वैश्विक तैयारी का संदेश देना भी है. हमारी सरकार ने चार साल में जो विकास कार्य किए हैं, उन्हें प्रदर्शनी के माध्यम से जनता के सामने रखा जाएगा. जब केंद्र का बड़ा नेता आता है तो उसका सकारात्मक प्रभाव पड़ता है, इस बार हम और बड़ी बढ़त के साथ सरकार बनाएंगे.“- मदन कौशिक, हरिद्वार विधायक/पूर्व बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष

कांग्रेस का पलटवार: दूसरी ओर कांग्रेस ने बीजेपी के इस कार्यक्रम को राजनीतिक स्टंट बताया है. वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने अपनी बात रखी है. उन्होंने सूबे के वर्तमान हालातों पर चिंता जताते हुए घेरा है.

राज्य में जिस प्रकार का माहौल बनाया जा रहा है, वो चिंता का विषय है. अगर हरिद्वार जैसी पवित्र नगरी में आकर गृह मंत्री विकास की बात करते हैं तो स्वागत है, लेकिन भटकाने वाली राजनीति ठीक नहीं है. बीजेपी चाहे केंद्र की पूरी सरकार को उत्तराखंड भेज दे, जनता बदलाव का मन बना चुकी है.“- हरीश रावत, पूर्व मुख्यमंत्री

राजनीतिक विश्लेषक की राय: राजनीति के वरिष्ठ जानकार सुनील दत्त पांडे का मानना है कि बीजेपी कुंभ और विधानसभा चुनाव दोनों को समानांतर साधने की कोशिश कर रही है. उनके अनुसार, पहले अमित शाह फिर बाद में प्रधानमंत्री मोदी का प्रस्तावित दौरा यह दर्शाता है कि धार्मिक आयोजनों को राजनीतिक रणनीति के साथ जोड़ा जा रहा है. हरिद्वार में मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्रों और ग्रामीण इलाकों में बीजेपी को चुनौती मिलती रही है. ऐसे में यह कार्यक्रम कितना असर डालेगा, यह देखना दिलचस्प होगा.

पीएम मोदी का भी दौरा प्रस्तावित: बता दें कि 23 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का प्रस्तावित दौरा है. यानी गृह मंत्री अमित शाह के कार्यक्रम के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी उत्तराखंड दौरा प्रस्तावित है. यदि ऐसा होता है तो धामी सरकार के चार साल पूरे होने का यह आयोजन राज्य में चुनावी बिगुल साबित हो सकता है.

 

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