करण जौहर ने शेयर किए विजय-रश्मिका के रिसेप्शन के इनसाइड फोटोज, इस अंदाज में दिखीं कृति सेनन

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रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा अपनी शादी को लेकर सुर्खियों में हैं। दोनों ने 26 फरवरी को राजस्थान के उदयपुर में शादी की। चार मार्च को हैदराबाद में उनका रिसेप्शन था। रिसेप्शन में कई फिल्मी सितारे पहुंचे। करण जौहर ने इनसाइट फोटो शेयर किया है। इस मौके पर रश्मिका की अपकमिंग फिल्म ‘कॉकटेल 2’ की साथी कलाकार कृति सेनन, फिल्म के निर्देशक होमी अदजानिया भी नजर आए।

इस अंदाज में नजर आईं कृति सेनन

कृति सेनन ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर रश्मिका-विजय के रिसेप्शन की कई तस्वीरें शेयर की हैं। एक तस्वीर में वह कपल के साथ नजर आ रही हैं। एक दूसरी तस्वीर में कृति सेनन, रश्मिका को बाहों में पकड़े नजर आ रही हैं। एक और तस्वीर में वह रश्मिका और होमी अदजानिया के साथ नजर आ रही हैं। सभी तस्वीरों में कृति सेनन काफी खुश हैं।

करण जौहर ने कपल के साथ दिए पोज

इसके अलावा फिल्ममेकर करण जौहर ने भी रश्मिका-विजय के रिसेप्शन की तस्वीर सोशल मीडिया पर शेयर की है। इस तस्वीर में कृति सेनन, रश्मिका और विजय नजर आ रहे हैं। करण जौहर ने तस्वीर शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा है ‘सबसे अच्छे जोड़े रश्मिका और विजय को बधाई। पोज बताने के लिए कृति सेनन का शुक्रिया। आप खूबसूरत लग रही हैं।’

कब रिलीज होगी ‘कॉकटेल 2’?

आपको बता दें कि फिल्म ‘कॉकटेल 2’ 11 जून 2026 को रिलीज होने वाली है। इसमें शाहिद कपूर के साथ कृति सेनन और रश्मिका मंदाना हैं। इस फिल्म के निर्देशक होमी अदजानिया हैं। यह साल 2012 में रिलीज हुई फिल्म ‘कॉकटेल’ का सीक्वल है

रिसेप्शन में पहुंचे सेलेब्स

विजय-रश्मिका के रिसेप्शन में मृणाल ठाकुर, श्रीलीला, अल्लू अर्जुन, राम चरण, चिरंजीवी, नागा चैतन्य और शाहिद कपूर के अलावा कई फिल्मी सितारे पहुंचे।
 

नीतीश कुमार ने राज्यसभा के लिए किया नामांकन, नामांकन के दौरान केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह मौजूद रहे

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पटना।  10 बार बिहार के सीएम पद की शपथ लेने वाले नीतीश कुमार ने गुरुवार (5 मार्च) को राज्यसभा चुनाव 2026 के लिए नामांकन कर दिया. इस दौरान केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह सहित एनडीए के सीनियर नेता मौजूद रहे. पिछले साल विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद 27 फरवरी को नीतीश कुमार ने 10वीं बार सीएम पद की शपथ ली थी. उनके राज्यसभा जाने के फैसले ने सभी को चौंका दिया. नीतीश कुमार वर्ष 2005 से बिहार के मुख्यमंत्री हैं. इससे पहले नीतीश ने कहा कि राज्य में नए मुख्यमंत्री और राज्य की नयी सरकार को उनका पूरा सहयोग और मार्गदर्शन मिलेगा. उन्होंने कहा, ‘दो दशकों से अधिक समय तक आपने लगातार मुझ पर विश्वास और समर्थन जताया है. उसी विश्वास की ताकत से हमने बिहार और आप सभी की पूरी निष्ठा के साथ सेवा की है. आपके भरोसे और समर्थन की शक्ति से ही आज बिहार विकास और गरिमा की एक नयी पहचान प्रस्तुत कर रहा है.’ कुमार ने राज्य के लोगों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अपने संसदीय जीवन की शुरुआत से ही उनकी इच्छा रही है कि वह बिहार विधानमंडल के दोनों सदनों के साथ-साथ संसद के दोनों सदनों के भी सदस्य बनें।

नामांकन से पहले क्या बोले नीतीश कुमार?

उन्होंने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर कहा, ‘इसी आकांक्षा को ध्यान में रखते हुए मैं इस बार होने वाले चुनाव में राज्यसभा का सदस्य बनने की इच्छा रखता हूं.’ उन्होंने कहा, ‘मैं पूरी ईमानदारी के साथ आपको आश्वस्त करना चाहता हूं कि भविष्य में भी आपसे मेरा संबंध बना रहेगा और विकसित बिहार के निर्माण के लिए आपके साथ मिलकर काम करने का मेरा संकल्प अडिग रहेगा. राज्य में बनने वाली नई सरकार को मेरा पूरा सहयोग और मार्गदर्शन मिलेगा.’ वर्ष 2025 के विधानसभा चुनाव में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) को भारी जीत दिलाने के बाद कुमार के पद छोड़ने से अब भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के किसी नेता के मुख्यमंत्री बनने की संभावना है. यदि ऐसा होता है तो बिहार को पहली बार बीजेपी का मुख्यमंत्री मिलेगा. हिंदी भाषी राज्यों में बिहार ही अब तक ऐसा राज्य रहा है जहां बीजेपी का मुख्यमंत्री नहीं रहा है. बिहार से राज्यसभा की पांच सीट के लिए 16 मार्च को चुनाव होना है और बृहस्पतिवार को नामांकन दाखिल करने का अंतिम दिन है. राज्य विधानसभा में मौजूदा संख्या बल को देखते हुए कुमार का संसद के उच्च सदन के लिए निर्वाचित होना लगभग तय माना जा रहा है।

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भारत के सामने होगी इंग्लैंड की चुनौती, जानें दर्शक कब और कहां देख सकेंगे मैच?

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सेमीफाइनल के सफर तक बीच में लडखड़ाने वाली भारतीय टीम के सामने अब इंग्लैंड की चुनौती होगी। भारत को अब गुरुवार को वानखेड़े स्टेडियम में होने वाले टी20 विश्व कप के अंतिम चार के मुकाबले में इंग्लैंड के स्पिन गेंदबाजों की चुनौती का सामना करना होगा जिसमें दोनों टीम एक दूसरे पर अपनी श्रेष्ठ साबित करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेंगी। 

स्पिनरों के खिलाफ करना होगा सुधार

टूर्नामेंट की शुरुआत में प्रबल दावेदार मानी जा रही भारतीय टीम प्रतियोगिता में मजबूत टीमों के खिलाफ एक भी मैच में शानदार प्रदर्शन नहीं कर पाई। भले ही उसने ग्रुप चरण के अपने सभी मैच जीते लेकिन सुपर आठ में दक्षिण अफ्रीका से मिली करारी हार से उसकी कमजोरियां भी सामने आ गई। इसके बाद हालांकि भारतीय टीम ने लचीला दृष्टिकोण अपनाया जिससे वह सेमीफाइनल में पहुंचने में सफल रही।

दोनों टीमें एक दूसरे के खेल से परिचित

भारत और इंग्लैंड लगातार तीसरी बार टी20 विश्व कप के सेमीफाइनल में एक-दूसरे का सामना करेंगे। इंग्लैंड ने 2022 में भारत को करारी शिकस्त दी थी। भारत ने 2024 में गुयाना में इसका बदला चुकता कर दिया था। इंग्लैंड को वर्तमान टूर्नामेंट में हैरी ब्रूक और विल जैक्स ने मुश्किल परिस्थितियों से बाहर निकाला है, जबकि ऑलराउंडर सैम करन ने भी अच्छा प्रदर्शन किया है। दोनों टीम एक दूसरे के खेल से अच्छी तरह परिचित हैं और ऐसा नहीं कहा जा सकता कि किसी टीम को कुछ विशेष फायदा मिलेगा।सेमीफाइनल जिस पिच पर खेला जाएगा, उस पर अभी तक दो मैच खेले गए हैं। इनमें वेस्टइंडीज ने इंग्लैंड के खिलाफ 196 रन का बचाव किया और इटली ने नेपाल को 123 रन पर आउट करने के बाद 10 विकेट से आसान जीत हासिल की थी।हम यहां आपको भारत और इंग्लैंड के बीच टी20 विश्व कप के सेमीफाइनल मैच की लाइव स्ट्रीमिंग से जुड़ी जानकारी दे रहे हैं…

भारत और इंग्लैंड के बीच टी20 विश्व कप का सेमीफाइनल मैच कब खेला जाएगा?
भारत और इंग्लैंड के बीच टी20 विश्व कप का सेमीफाइनल मैच 05 फरवरी यानी गुरुवार को खेला जाएगा।
भारत और इंग्लैंड के बीच टी20 विश्व कप का सेमीफाइनल मैच कहां खेला जाएगा?
भारत और इंग्लैंड के बीच टी20 विश्व कप का सेमीफाइनल मैच मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेला जाएगा।
भारत और इंग्लैंड के बीच टी20 विश्व कप का सेमीफाइनल मैच कितने बजे से खेला जाएगा?
भारत और इंग्लैंड के बीच टी20 विश्व कप का सेमीफाइनल मैच भारतीय समयानुसार शाम 7:00 बजे से शुरू होगा। टॉस इससे आधे घंटे पहले यानी शाम 6:30 बजे होगा। 
भारत और इंग्लैंड के बीच टी20 विश्व कप का सेमीफाइनल मैच कहां देख पाएंगे?
टी20 विश्व कप के प्रसारण अधिकार स्टार स्पोर्ट्स के पास है और दर्शक इसके मुकाबले स्टार स्पोर्ट्स के चैनलों पर देख सकेंगे। इसके अलावा मैच की लाइव स्ट्रीमिंग जियोहॉटस्टार एप पर होगी।

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37 साल बाद फिर उसी राह पर Nitish Kumar, क्या Narendra Modi सरकार में मिल सकती है बड़ी भूमिका?

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दिल्ली। जब राष्ट्रपति चुनाव के पहले नाम आया तो चुप्पी साधे रहे। जब उप राष्ट्रपति बनाने की बात आई तो तैयार नहीं हुए। अब राज्यसभा सांसद बनने को तैयार हो गए 20 साल बिहार के मुख्यमंत्री रहे नीतीश कुमार! यह चौंकाने वाला फैसला है, जिसकी जानकारी खुद उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए दी। भारतीय जनता पार्टी के भारी दबाव के बाद वह 37 साल पुराने रास्ते पर लौटने को तैयार हुए हैं। तो क्या देश की नरेंद्र मोदी सरकार में उन्हें कोई बड़ा ओहदा मिलने जा रहा है या सिर्फ सांसद बनकर वह राजनीति की अंतिम पारी खेलने के लिए उतरे हैं?

उप प्रधानमंत्री जितनी ताकत तो रख रहे नीतीश

केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार चंद्र बाबू नायडू और नीतीश कुमार के लोकसभा सांसदों की बदौलत टिकी है। इसमें नीतीश कुमार को जिस तरह से मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़ राज्यसभा जाना पड़ रहा है, उससे उनके लिए कुछ बड़ा प्लान रखना नरेंद्र मोदी सरकार के लिए शायद जरूरी हो। उप राष्ट्रपति पद की पेशकश नीतीश कुमार तक पहुंची थी, तब वह तैयार नहीं हुए थे। अब राज्यसभा सांसद बनकर रिटायर होना तो उनकी इच्छा में नहीं ही हो शायद। नीतीश ने अप्रत्याशित फैसला लिया है तो क्या आगे कुछ उन्हें आश्चर्यजनक तौर पर मिल सकता है? इस सवाल के जवाब में चाणक्य स्कूल ऑफ पॉलिटिकल राइट्स एंड रिसर्च के अध्यक्ष सुनील कुमार सिन्हा कहते हैं- “वह सीएम की कुर्सी छोड़ने के लिए मान गए, यह बहुत चौंकाने वाला है। लेकिन, अगर अब उन्हें उप प्रधानमंत्री जैसा कुछ बनाया जाए तो बहुत आश्चर्यजनक नहीं होगा। वह अटल बिहार वाजपेयी की सरकार में कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं और केंद्र की मौजूदा सरकार के लगभग सभी मंत्रियों से सीनियर हैं। इसलिए, कुछ अच्छा तो होना ही चाहिए।” 

पहली बार कब सांसद बने थे नीतीश, कब चुनाव हारे?

नीतीश कुमार पहली बार 28 नवंबर 1989 को पटना जिले के बाढ़ संसदीय क्षेत्र से निर्वाचित हुए थे। तब, सांसद के रूप में उनका कार्यकाल 2 दिसंबर 1989 से 13 मार्च 1991 तक रहा था। इस बीच, अप्रैल 1990 में वीपी सिंह सरकार में उन्हें केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री बनाया गया था। वह लोकसभा में उलटपुलट का दौर था। वीपी सिंह सरकार सदन में बहुमत साबित नहीं कर सकी और केंद्रीय राज्यमंत्री के रूप में नीतीश कुमार का कार्यकाल भी 10 नवंबर 1990 को खत्म हो गया। इसके बाद कांग्रेस की मदद से चंद्रशेखर पीएम बने, लेकिन 1991 में कांग्रेस ने समर्थन वापस ले लिया तो फिर चंद्रशेखर पदमुक्त हो गए और 13 मार्च 1991 को लोकसभा भंग हो गया।

फिर 1991 में नीतीश कुमार बाढ़ से ही सांसद बने। तत्कालीन जनता दल महासचिव और लोकसभा में पार्टी के डिप्टी लीडर रहे नीतीश कुमार को तब पीवी नरसिम्हा राव के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने 8 अप्रैल 1993 को कृषि समिति का चेयरमैन बनाया था। लोकसभा का यह कार्यकाल पूरा हुआ तो 1996 में फिर बाढ़ से ही नीतीश कुमार सांसद बने। इस बार 16 मई 1996 को अटल बिहारी वाजपेयी प्रधानमंत्री बने, हालांकि यह सरकार सात दिन ही चली। दूसरी बार, जब 15 मार्च 1998 को अटल बिहारी वाजपेयी प्रधानमंत्री बने तो सबसे बड़े गठबंधन के 41 दलों में समता पार्टी भी थी।

नीतीश कुमार को केंद्रीय रेल एवं भूतल परिवहन मंत्री बनाया गया। अगस्त 1999 में गैसाल में हुई रेल दुर्घटना के बाद उन्होंने मंत्रीपद से अपना इस्तीफा दे दिया। फिर करगिल युद्ध के बाद 1999 के लोकसभा चुनाव कराना पड़ा तो भाजपा बड़े दल के उभरी। पहली बार पांच साल भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार रही। इसमें भी नीतीश केंद्रीय मंत्री रहे। उसके बाद 2004 के लोकसभा चुनाव में नीतीश कुमार बाढ़ से हार गए और इसके बाद 2005 से बिहार की राजनीति बतौर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आसपास ही रही। आज तक वही स्थिति है। दस बार मुख्यमंत्री बन चुके नीतीश कुमार अब 37 साल पुराने रास्ते पर दिल्ली कूच के लिए राज्यसभा जा रहे हैं।

फैशन स्टेटमेंट था या कोई धार्मिक वजह, क्यों विजय-रश्मिका के वेडिंग रिसेप्शन में नंगे पैर पहुंचे राम चरण?

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हैदराबाद में बुधवार को विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना की वेडिंग रिसेप्शन पार्टी सितारों से सजी रही, जहां साउथ फिल्म इंडस्ट्री के कई बड़े नाम नए जोड़े को आशीर्वाद देने पहुंचे। इस ग्लैमरस शाम में अभिनेता राम चरण की एंट्री ने खास तौर पर लोगों का ध्यान खींचा। 

क्यों नंगे पैर पहुंचे थे राम चरण?

राम चरण अपनी पत्नी उपासना कामिनेनी कोनिडेला के साथ रिसेप्शन में पहुंचे और पूरी तरह काले कपड़ों में नजर आए। सबसे खास बात यह रही कि वे नंगे पैर समारोह में शामिल हुए। हालांकि यह कोई फैशन स्टेटमेंट नहीं था, बल्कि इसके पीछे एक धार्मिक कारण है।दरअसल, राम चरण इन दिनों अयप्पा दीक्षा का पालन कर रहे हैं। यह भगवान अयप्पा के भक्तों द्वारा किया जाने वाला एक पवित्र व्रत है, जिसे सबरीमाला मंदिर की यात्रा से पहले किया जाता है। इस दौरान भक्त सादगी और अनुशासन से भरा जीवन जीते हैं। अयप्पा दीक्षा आमतौर पर 41 से 48 दिनों तक चलती है और इसे आध्यात्मिक तैयारी का समय माना जाता है।इस अवधि में भक्त साधारण काले, नीले या भगवा रंग के कपड़े पहनते हैं, अक्सर नंगे पैर चलते हैं और सख्त शाकाहारी भोजन करते हैं। साथ ही उन्हें शराब और अन्य भोग-विलास से दूर रहना होता है और रोजाना पूजा-पाठ और ध्यान करना होता है।

सोशल मीडिया पर बना चर्चा का विषय

इस व्रत के दौरान ब्रह्मचर्य का पालन करना भी जरूरी माना जाता है। भक्त इस अवधि में दाढ़ी या बाल भी नहीं कटवाते और पूरी तरह सादगी व आत्म-संयम का जीवन अपनाते हैं। इस साधना का उद्देश्य मन को शांत करना,अनुशासन बढ़ाना और भगवान अयप्पा की भक्ति में पूरी तरह समर्पित होना है।यही वजह है कि इतने बड़े और हाई-प्रोफाइल रिसेप्शन में शामिल होने के बावजूद राम चरण ने अपने व्रत के नियमों का पूरी तरह पालन किया और नंगे पैर ही समारोह में पहुंचे। उनका यह अंदाज अब सोशल मीडिया पर भी काफी चर्चा में है।

रिसेप्शन में पहुंचे सेलेब्स 

विजय-रश्मिका के रिसेप्शन में मृणाल ठाकुर, श्रीलीला, अल्लू अर्जुन, राम चरण, चिरंजीवी, नागा चैतन्य और शाहिद कपूर के अलावा कई फिल्मी सितारे पहुंचे।

नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की अटकलें, CM पद के लिए 5 दावेदार

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पटना। बिहार की सियासत ने एक बार फिर सभी को चौंका दिया है. विधानसभा चुनाव में प्रचंड जीत के बाद सीएम पद की शपथ लेने वाले नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद को छोड़कर अब राज्यसभा जाने की तैयारी में हैं. गुरुवार 5 मार्च को वे राज्यसभा के लिए नामांकन भर सकते हैं. नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की खबर सामने आने के बाद से ही राजनीतिक गलियारों में नए सीएम फेस को लेकर चर्चा तेज हो गई है. नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने पर बिहार को जल्द ही नया सीएम चेहरा मिल सकता है।

राज्यसभा के लिए भर सकते हैं नामांकन

राजनीतिक सूत्रों और भाजपा-जदयू के नेताओं के अनुसार, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्यसभा के लिए अपना नामांकन आज दाखिल कर सकते हैं. केंद्रीय गृह मंत्री आज यानी गुरुवार को पटना में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के नामांकन में शामिल होने के लिए आ सकते हैं. इसी दौरान नीतीश कुमार के नए भविष्य को लेकर भी आधिकारिक घोषणा हो सकती है. फिलहाल इस बात की किसी भी तरह से आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं हो पाई है, लेकिन सूत्रों की मानें तो नीतीश कुमार ने नामांकन पत्र पर अपने हस्ताक्षर कर दिए हैं।

बिहार का अगला सीएम कौन?

नीतीश कुमार के सीएम पद से इस्तीफे के बाद सबसे बड़ी चर्चा का विषय है कि बिहार की कमान किसके हाथ में होगी. सूत्रों के अनुसार, इस बार बिहार में मुख्यमंत्री पद के प्रबल दावेदार भाजपा से ही हो सकते हैं. सीएम चेहरे के लिए कई नाम प्रमुखता से सामने आ रहे हैं. इस रेस में दोनों उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा का नाम जोर-शोर से उभरकर सामने आ रहा है. वहीं इसके अलावा दिलीप जायसवाल, दीघा से भाजपा विधायक संजीव चौरसिया जैसे नाम भी चर्चा में हैं। सीएम फेस की इस रेस में ‘डार्क हॉर्स’ के रूप में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय भी बड़े दावेदार माने जा रहे हैं. इसके साथ ही उपमुख्यमंत्री की रेस में विजय चौधरी और नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार का नाम प्रमुखता से सामने आ रहा है।

बिहार का राजनीतिक समीकरण

नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद बिहार में भाजपा और जेडीयू की भूमिका पूरी तरह बदल सकती है. फिलहाल मौजूदा एनडीए सरकार में सत्ता की कमान जेडीयू के पास है. इसमें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री भाजपा के सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा हैं.राजनीतिक विशेषज्ञों की मानें तो नीतीश कुमार के राज्यसभा जाते ही सत्ता की कमान जेडीयू के बजाय भाजपा के हाथों में होगी. वहीं भाजपा नेता के सीएम बनने पर नई सरकार में जेडीयू कोटे से दो उपमुख्यमंत्री बनाए जा सकते हैं।

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एलेन ने 33 गेंदों में जड़ा शतक, न्यूजीलैंड के फाइनल में पहुंचने पर कही यह बात

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न्यूजीलैंड के विस्फोटक ओपनर फिन एलेन ने टी20 विश्व कप सेमीफाइनल में ऐसा तूफान खड़ा किया कि दक्षिण अफ्रीका की पूरी टीम देखते ही रह गई। कोलकाता के ईडन गार्डेन्स में खेले गए मुकाबले में एलेन ने सिर्फ 33 गेंदों में नाबाद शतक जड़कर अपनी टीम को नौ विकेट से शानदार जीत दिला दी। न्यूजीलैंड ने 170 रन के लक्ष्य को सिर्फ 12.5 ओवर में हासिल कर लिया और 43 गेंद पहले ही मैच खत्म कर दिया। एलेन ने अपने धमाकेदार शॉट्स से पूरे स्टेडियम में रोमांच भर दिया और दक्षिण अफ्रीकी गेंदबाजों की जमकर धुनाई की।

भारत सीरीज बनी एलेन की ताकत

मैच के बाद एलेन ने अपनी इस शानदार पारी के पीछे भारत के खिलाफ खेली गई सीरीज को बड़ा कारण बताया। उनका मानना है कि विश्व कप से पहले भारत में खेली गई पांच मैचों की सीरीज ने टीम को यहां की परिस्थितियों को समझने में काफी मदद की। एलेन ने कहा, ‘यह दिखाता है कि विश्व कप से पहले भारत में खेली गई सीरीज कितनी अहम थी। काली मिट्टी की पिचों पर पांच मैच खेलने से हमें काफी अनुभव मिला, ऐसी तैयारी को दोहराना आसान नहीं होता।’ उन्होंने यह भी माना कि भले ही उस सीरीज में न्यूजीलैंड को हार मिली थी, लेकिन टीम को वहां से आत्मविश्वास और अनुभव जरूर मिला।

गेंदबाजों ने रखी जीत की नींव

एलेन ने अपनी पारी का श्रेय न्यूजीलैंड के गेंदबाजों को भी दिया, जिन्होंने शुरुआत में विकेट लेकर मैच का रुख बदल दिया। उन्होंने कहा, ‘हमारे गेंदबाजों ने शानदार शुरुआत की और मैच हमारे लिए सेट कर दिया। ऐसी पिच पर अगर शुरुआत में विकेट मिल जाएं और दबाव बनाया जाए तो बल्लेबाजों के लिए काम आसान हो जाता है।’ गेंदबाजों की इसी मेहनत का फायदा उठाते हुए एलेन ने बाद में दक्षिण अफ्रीकी गेंदबाजों पर हमला बोल दिया।

टिम साइफर्ट की भी जमकर तारीफ

एलेन ने अपने ओपनिंग पार्टनर टिम साइफर्ट की भी जमकर तारीफ की। सिफर्ट ने 33 गेंदों में 58 रन बनाकर टीम की जीत को आसान बना दिया। एलेन ने कहा, ‘वह लगातार चौके-छक्के लगा रहे थे और पूरे टूर्नामेंट में शानदार फॉर्म में हैं। वह कमाल के खिलाड़ी हैं और दुनिया को दिखा रहे हैं कि वह क्या कर सकते हैं।’ उन्होंने मजाकिया अंदाज में यह भी कहा कि कभी-कभी उन्हें ऐसा लगता है कि वह मैदान पर बैठकर साइफर्ट की बल्लेबाजी का सबसे अच्छा नजारा देख रहे हैं।

दक्षिण अफ्रीका को मिली करारी शिकस्त

इस हार के बाद दक्षिण अफ्रीका के कोच शुक्री ने साफ कहा कि यह चोक करना नहीं बल्कि एकतरफा हार थी। उन्होंने कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि यह चोक था। यह पूरी तरह से करारी हार थी। चोक तब कहते हैं जब मैच में थोड़ा मौका हो, लेकिन हमें कोई मौका ही नहीं मिला।’ उन्होंने आगे कहा, ‘हमें सही मायने में तमाचा मिला, यानी ऐसी मार जो अचानक और पूरी तरह से हिला दे।’

अब फाइनल पर नजर

न्यूजीलैंड की टीम अब फाइनल में पहुंच चुकी है और एलेन को उम्मीद है कि पूरा देश टीम का समर्थन करेगा। उन्होंने कहा, ‘फाइनल खास होते हैं और हर खिलाड़ी को ज्यादा मौके नहीं मिलते। उम्मीद है कि पूरा देश रविवार को हमारे साथ खड़ा होगा।’

सोनू सूद फिर बने ‘रियल लाइफ हीरो’ की मिसाल, दुबई में फंसे लोगों की करेंगे मदद; कहा- हमसे संपर्क करें

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सोनू सूद अक्सर लोगों की मदद के लिए आगे आते हैं। हाल ही में उन्होंने राजपाल यादव की भी मदद की थी। ये पहले एक्टर थे, जिन्होंने राजपाल की मदद के लिए पहल शुरू की थी और इंडस्ट्री के लोगों को मदद के लिए आगे आने को कहा था। अब पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के बीच एक बार फिर सोनू सूद ने इंसानियत की मिसाल दी है। 

वीडियो शेयर कर दी जानकारी 

गुरुवार को सोनू सूद ने ऐलान किया कि दुबई में फंसे लोगों के लिए वे फ्री में रहने की व्यवस्था कर रहे हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर करते हुए कहा कि जो लोग इस संकट की वजह से दुबई में फंस गए हैं और उनके पास रहने की जगह नहीं है, वे उनसे संपर्क कर सकते हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि ऐसे लोगों को बिल्कुल मुफ्त ठहरने की सुविधा दी जाएगी।

भारतीय हों या किसी भी दूसरे देश के नागरिक

वीडियो में सोनू ने कहा, ‘अगर कोई भी व्यक्ति इस समय के संकट में दुबई में फंसा हुआ है, तो हम बस इतना कहना चाहते हैं कि आपके पास रहने की जगह है। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि आपको फ्री ऑफ कॉस्ट रहने की सुविधा मिले।’उन्होंने आगे कहा कि चाहे भारतीय हों या किसी भी दूसरे देश के नागरिक, अगर वे दुबई में फंसे हैं तो उन्हें उनके सोशल मीडिया अकाउंट पर डायरेक्ट मैसेज करना चाहिए और अपनी जानकारी शेयर करनी चाहिए।बता दें कि 52 साल के सोनू सूद को अक्सर ‘रियल लाइफ हीरो’ कहा जाता है। कोविड-19 महामारी के दौरान उन्होंने हजारों प्रवासी मजदूरों को घर पहुंचाने, खाना और रहने की व्यवस्था करने में बड़ी मदद की थी।

क्या शुरू होने जा रहा है ‘निशांत युग’? जदयू में एंट्री से पहले जानें निशांत कुमार से जुड़ी खास बातें

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Nishant Political Entry जदयू में आज से निशांत युग शुरू होने जा रहा है। होली की शाम में इसके संकेत मिले और देर रात इसपर मुहर लग गई। होली के दिन हुए बड़े राजनैतिक उलट फेर में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सीएम पद छोड़ने को राजी हो गए हैं। वे राज्यसभा जायेंगे। वहीं उनके बेटे निशांत की पॉलिटिकल एंट्री भी कंफर्म हो गई है। बिहार के डिप्टी सीएम के रास्ते निशांत पॉलिटिकल एंट्री करेंगे। जदयू सूत्रों का कहना है कि निशांत कुमार आज विधिवत जनता दल यूनाइटे की सदस्यता लेंगे। सरल और सीधे स्वभाव वाले निशांत सार्वजनिक तौर पर बहुत कम दिखते हैं। अगर कहीं गए भी तो बिना किसी ताम झाम के वे कहीं भी आया जाया करते हैं। मुख्यमंत्री या सरकार की गतिविधियों से वे हमेशा अपने आप को दूर रखा।

लो प्रोफाइल लाइफ जीते हैं निशांत

निशांत भी अपने पिता नीतीश कुमार की तरह इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है। बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी(बीआईटी मेसरा),रांची से उन्होंने अपनी इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की है। सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग में उन्होंने ग्रेजुएशन किया है। लाइम लाइट से दूर रहने वाले निशांत लो प्रोफाइल लाइफ जीते हैं लेकिन, अपने पिता की उपलब्धियों की चर्चा करने से पीछे नहीं रहते। वे खुद के बारे में कुछ नहीं बताते।

सीएम के बेटे हैं दो साल किसी को पता नहीं चला

BIT में निशांत की पढ़ाई केपहले दो साल तक उनके दोस्तों को भी नहीं पता था कि वे बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे हैं। निशांत ने कभी खूद से भी इस बात की चर्चा किसी से नहीं किया कि मैं बिहार के मुख्यमंत्री का बेटा हूं। उनके लो प्रोफाइल की वजह से उनके साथ पढ़ने वाले दोस्त भी नहीं समझ पाए। पढ़ाई के दौरान वे राजनीति से दूर ही रहें। परिवार के करीबी लोग कहते हैं कि वे आध्यात्मिक हैं। धर्म के प्रति उनकी बहुत ही आस्था है। ओशो, समाजवाद, समकालीन बिहार, RSS से जुड़ी किताबें और श्रीमद्भगवद्गीता जैसे धार्मिक ग्रंथ में अक्सर पढ़ते हैं। नीतीश कुमार भी अपनी इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद ओशो पढ़ा था, निशांत भी भारतीय और विदेशी रहस्यमयी साहित्य पढ़ते हैं।

निशांत आज ले सकते हैं जदयू की सदस्यता

बिहार सरकार के मंत्री जमा खान ने बुधवार को कहा कि निशांत कुमार गुरुवार को जदयू सदस्यता ग्रहण करेंगे। जबकि नीतीश कुमार गुरूवार को ही राज्यसभा के लिए अपना नामांकन करेंगे। इससे जुड़े सवाल पर जदयू नेता और मंत्री विजय चौधरी ने बुधवार को पत्रकारों से जुड़े सवाल पर कहा कि उनके राज्यसभा जाने की चर्चा चल रही है। लेकिन, अंतिम फैसला नीतीश कुमार को ही लेना है। नीतीश कुमार के आलावे गुरूवार को एनडीए फोल्डर से बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, रालोमो के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा, बीजेपी के शिवेश राम भी नॉमिनेशन करेंगे। चर्चा है कि जेडीयू से रामनाथ ठाकुर भी नामांकन दाखिल कर सकते हैं। नॉमिनेशन का अंतिम दिन है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह नामांकन के अवसर पर आज पटना आ रहे हैं।
 

भारत-इंग्लैंड सेमीफाइनल से पहले पिच का पूरा गणित; दोनों दो बार यहां भिड़ चुके

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टी20 विश्वकप 2026 का दूसरा सेमीफाइनल आज यानी पांच मार्च को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेला जाएगा। भारत और इंग्लैंड की टीमें आमने-सामने होंगी। यह मुकाबला शाम सात बजे शुरू होगा और टॉस इससे आधे घंटे पहले यानी शाम साढ़े छह बजे होगा। यह मुकाबला सिर्फ सेमीफाइनल नहीं बल्कि इतिहास बनाने का मौका भी है, क्योंकि इस मैच का विजेता टीम टी20 विश्व कप के इतिहास में चौथी बार यानी सबसे ज्यादा बार फाइनल में पहुंचेगी। पहले सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड ने दक्षिण अफ्रीको को नौ विकेट से हराकर फाइनल में जगह बना ली है। अब दुनिया की नजर भारत-इंग्लैंड की टक्कर पर है।

टी20 विश्वकप फाइनल में सबसे ज्यादा बार पहुंचने वाली टीमें

भारत – 3 बार (2007, 2014, 2024)
इंग्लैंड – 3 बार (2010, 2016, 2022)
पाकिस्तान – 3 बार (2007, 2009, 2022)
श्रीलंका – 3 बार (2009, 2012, 2014)
न्यूजीलैंड – 2 बार (2021, 2026*)
वेस्टइंडीज – 2 बार (2012, 2016)
ऑस्ट्रेलिया – 2 बार (2010, 2021)

वानखेड़े स्टेडियम: बल्लेबाजों का स्वर्ग

मुंबई का वानखेड़े स्टेडियम दुनिया के सबसे हाई-स्कोरिंग मैदानों में गिना जाता है। इसकी स्थापना 1974 में हुई थी। इस स्टेडियम में दर्शकों के बैठने की क्षमता करीब 32 हजार की है। यहां पहला टेस्ट साल 1975 में खेला गया था। जबकि पहला वनडे 1987 में खेला गया। इस मैदान पर पहला टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच 2012 में खेला गया। यह मैदान पारंपरिक रूप से फ्लैट पिच और छोटी बाउंड्री के लिए जाना जाता है। यहां गेंद सीधे बल्ले पर आती है, जिससे बल्लेबाजों को बड़े शॉट खेलने में आसानी होती है। आईपीएल और टी20 अंतरराष्ट्रीय में छक्के-चौकों और रनों की बारिश होते हमने देखा है। यहां दोनों पारियों में बल्लेबाजों को बराबर की मदद मिलती है। यहां कोई भी बड़ा स्कोर बनाकर खुद को सुरक्षित महसूस नहीं किया जा सकता।

पिच रिपोर्ट: रन बरसने की पूरी उम्मीद

वानखेड़े की पिच आमतौर पर बल्लेबाजों के लिए अनुकूल रहती है। नई गेंद से तेज गेंदबाजों को हल्की स्विंग मिल सकती है, लेकिन जैसे-जैसे मैच आगे बढ़ता है बल्लेबाजी आसान होती जाती है। लाल मिट्टी की पिच होने के कारण अच्छा उछाल मिलता है। छोटी बाउंड्री पावर-हिटर्स के लिए मददगार हैं। यही कारण है कि यहां अक्सर 200 से ज्यादा का स्कोर देखने को मिलता है। भारत के कप्तान सूर्यकुमार यादव और इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक जैसे आक्रामक बल्लेबाज इस पिच पर बड़ा अंतर पैदा कर सकते हैं।सूर्यकुमार के लिए तो यह होमग्राउंड है। वह और हार्दिक इस मैदान को बखूबी जानते हैं। वानखेड़े स्टेडियम को अक्सर पावर-हिटर्स के लिए आदर्श मैदान माना जाता है, जहां बल्लेबाज खुलकर खेलते हैं और मैच के शुरुआती चरण में ही अपनी टीम का दबदबा बना सकते हैं। ऐसे में अभिषेक और सॉल्ट पर भी नजरें होंगी। इसके अलावा, रात के मैचों में ओस (ड्यू) भी थोड़ा असर डाल सकती है। यही कारण है कि यहां टॉस जीतने वाली टीम अक्सर पहले गेंदबाजी करना पसंद करती है।

टॉस की भूमिका कितनी अहम?

टी20 क्रिकेट में टॉस कई बार मैच का रुख तय करता है। वानखेड़े में खेले गए 16 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में,  पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम आठ बार जीती, जबकि लक्ष्य का पीछा करने वाली टीम भी आठ बार जीती है। इससे साफ है कि यहां टॉस निर्णायक नहीं रहा है। हालांकि, कई कप्तान पहले बल्लेबाजी करके स्कोरबोर्ड प्रेशर बनाने की कोशिश कर सकते हैं।

वानखेड़े के बड़े रिकॉर्ड

यह मैदान बड़े स्कोर के लिए मशहूर है। यहां के कुछ अहम आंकड़े जानते हैं-

सबसे बड़ा स्कोर: 254/6 (वेस्टइंडीज vs जिम्बाब्वे, 2026)
भारत का सबसे बड़ा स्कोर: 247/9 vs इंग्लैंड और 240/3 vs वेस्टइंडीज
इंग्लैंड का सबसे बड़ा स्कोर: 230/8 vs दक्षिण अफ्रीका (2016)
सबसे सफलतम चेज: 230/8 vs दक्षिण अफ्रीका (2016)
सबसे कम स्कोर का सफलतापूर्वक बचाव: 161/8 (भारत vs अमेरिका, 2026)
सबसे छोटा स्कोर: 97/10 (इंग्लैंड vs भारत, 2025)

भारत बनाम इंग्लैंड: हेड-टू-हेड रिकॉर्ड

दोनों टीमों के बीच टी20 मुकाबले हमेशा रोमांचक रहे हैं। दोनों के बीच अब तक कुल 29 टी20 मैच खेले गए हैं। इसमें से भारत ने 17 और इंग्लैंड ने 12 मैच जीते हैं। टी20 विश्वकप में दोनों टीमें पांच बार आमने-सामने आ चुकी हैं। इनमें से टीम इंडिया ने तीन और इंग्लैंड ने दो मैच जीते हैं। वानखेड़े के मैदान पर दोनों टीमें दो बार आमने-सामने आई हैं। इनमें भारत और इंग्लैंड ने एक-एक मैच जीते हैं। वानखेड़े में भारत-इंग्लैंड के दोनों मैच बेहद यादगार रहे हैं।
 
2012 मुकाबला: इंग्लैंड ने अंतिम गेंद पर 178 रन का लक्ष्य हासिल किया था। कप्तान इयोन मॉर्गन ने विजयी छक्का लगाया था।
2025 मुकाबला: भारत ने 150 रन से बड़ी जीत दर्ज की थी। उस मैच में अभिषेक शर्मा ने शानदार शतक लगाया था।

वानखेड़े स्टेडियम में भारत और इंग्लैंड का रिकॉर्ड क्या है?

अगर दोनों टीमों के वानखेड़े स्टेडियम पर अलग-अलग टी20 स्टैट देखें तो इंग्लैंड की टीम ने यहां पर खेले गए अब तक छह टी20 मैचों में तीन मैच जीते हैं और तीन में हार का सामना करना पड़ा है। वहीं टीम इंडिया ने इस मैदान पर अब तक सात टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले हैं, जिनमें से पांच मैच जीते हैं और दो मैच हारे हैं। दोनों टीमें टी20 विश्वकप के नॉकआउट स्टेज में दो बार आमने-सामने आई हैं। ऐसा 2022 और 2024 के टी20 विश्वकप सेमीफाइनल में हुआ। एक मैच इंग्लैंड ने और एक मैच भारत ने जीता। दोनों टीमें किसी भी आईसीसी टूर्नामेंट के नॉकआउट में पांच बार आमने-सामने आई हैं। इनमें भारत ने तीन मैच और इंग्लैंड ने दो मैच जीते हैं। 

आईसीसी नॉकआउट्स में भारत बनाम इंग्लैंड

टूर्नामेंट    जीती टीम    अंतर    साल    जगह
वनडे विश्वकप    भारत    6 विकेट    1983    मैनचेस्टर
वनडे विश्वकप    इंग्लैंड    35 रन    1987    मुंबई
चैंपियंस ट्रॉफी    भारत    5 रन    2013    बर्मिंघम
टी20 विश्वकप    इंग्लैंड    10 विकेट    2022    एडिलेड
टी20 विश्वकप    भारत    68 रन    2024    प्रोविडेंस

क्या किसी और आईसीसी टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में भिड़े दोनों?

भारत और इंग्लैंड के बीच वनडे विश्व कप में भी कड़ी प्रतिद्वंद्विता रही है। दोनों टीमें अब तक दो बार सेमीफाइनल में आमने-सामने आ चुकी हैं। 1983 वनडे विश्वकप के सेमीफाइनल में भारत ने इंग्लैंड को छह विकेट से हराया था। यह मुकाबला ओल्ड ट्रैफर्ड में खेला गया था। इसके बाद 1987 वनडे विश्वकप के सेमीफाइनल में इंग्लैंड ने भारत को 35 रन से हराया था। यह मैच वानखेड़े में खेला गया था। 
 
भारत बनाम इंग्लैंड: वनडे विश्व कप सेमीफाइनल रिकॉर्ड

टूर्नामेंट    जीतने वाली टीम    जीत का अंतर    साल    जगह
वनडे विश्व कप    भारत    6 विकेट    1983    ओल्ड ट्रैफर्ड, मैनचेस्टर
वनडे विश्व कप    इंग्लैंड    35 रन    1987    वानखेड़े स्टेडियम, मुंबई

दोनों टीमों की संभावित प्लेइंग-11

भारत: अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन, ईशान किशन, सूर्यकुमार यादव, तिलक वर्मा, हार्दिक पांड्या, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह, वरुण चक्रवर्ती
इंग्लैंड: फिल सॉल्ट, जोस बटलर, हैरी ब्रूक, जैकब बेथेल, टॉम बैंटन, सैम करन, विल जैक्स, जेमी ओवरटन, लियाम डॉसन, जोफ्रा आर्चर, आदिल राशिद

मौसम रिपोर्ट

मुंबई में मैच के दिन मौसम साफ रहने की उम्मीद है। तापमान 27°C – 37°C तक रहने की संभावना है। मैदान में 60 प्रतिशत नमी रहने की संभावना है। बारिश की संभावना न के बराबर है। यानी क्रिकेट के लिए लगभग आदर्श परिस्थितियां रहेंगी।

किसे मिलेगा पिच का फायदा?

कागज पर देखें तो भारत को हल्का फायदा मिल सकता है क्योंकि टीम के बल्लेबाज इस मैदान और परिस्थितियों से बेहतर परिचित हैं। तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह और अर्शदीप सिंह नई गेंद से मैच का रुख बदल सकते हैं, लेकिन इंग्लैंड की आक्रामक बल्लेबाजी लाइन-अप भी किसी भी बड़े स्कोर का पीछा करने में सक्षम है। इसलिए मुकाबला बेहद रोमांचक होने की उम्मीद है। भारतीय टीम की बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों ही विभागों में मजबूत खिलाड़ी मौजूद हैं, जो मैच में बड़ा फर्क पैदा कर सकते हैं।