Arjun Tendulkar ने रचाई शादी, Mumbai में Sania Chandok संग लिए सात फेरे

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Arjun Tendulkar Wedding: भारत के पूर्व स्टार क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर के बेटे अर्जुन तेंदुलकर ने 5 मार्च 2026 को शादी के बंधन में बंध गए हैं. अर्जुन की शादी साउथ मुंबई में एक प्राइवेट समारोह में सानिया चंडोक से हुई. जहां परिवार के सदस्य, करीबी दोस्त और अलग-अलग क्षेत्रों के जाने-माने चेहरे नए जोड़े को बधाई दी. इस कपल ने पिछले साल 25 अगस्त को सगाई की थी.इस हाई प्रोफाइल विवाह समारोह में क्रिकेट से जूड़े कई बड़ी हस्तियां भी शरीक हुई. जिसमें सुनील गावस्कर, एमएस धोनी, युवराज सिंह, जहीर खान, अनिल कुंबले और इरफान पठान जैसे नाम शामिल हैं. भारत के पूर्व कप्तान एम धोनी अपनी पत्नी साक्षी धोनी के साथ समारोह में पहुंचे, और सेलिब्रेशन के लिए तेंदुलकर परिवार के साथ शामिल होकर खूब ध्यान खींचा.भारत के हेड कोच गौतम गंभीर भी अपनी पत्नी नताशा जैन के साथ मौजूद थे, और उसी शाम इंग्लैंड के खिलाफ भारत के टी20 वर्ल्ड कप सेमीफाइनल से पहले मुंबई में अपने समय का पूरा इस्तेमाल किया.इसके अलावा भारतीय क्रिकेट के महान ओपनर सुनील गावस्कर अपनी पत्नी मार्शनील गावस्कर के साथ शामिल हुए, जबकि भारत के पूर्व हेड कोच राहुल द्रविड़, पूर्व कप्तान अनिल कुंबले और भारत के पूर्व कोच रवि शास्त्री खास मेहमानों में शामिल थे. इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) के चेयरमैन जय शाह और भारतीय क्रिकेट टीम के चीफ सिलेक्टर अजीत अगरकर भी अपनी पत्नी के साथ शादी में शामिल हुए.क्रिकेटरों के अलावा बॉलीवुड से भी कई बड़ी हस्तियां विवाह समारोह में शामिल हुए. एक्टर अभिषेक बच्चन अपनी पत्नी ऐश्वर्या राय बच्चन और परिवार के सदस्यों के साथ पहुंचे. इसके अलावा किंग खान शाहरुख खान भी अपनी पत्नी संग समारोह में शरीक हुए.

सानिया चंडोक कौन हैं?

सानिया चंडोक (Saaniya Chandok) लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से ग्रेजुएट हैं. सानिया जाने-माने घई परिवार से हैं, जिसने दशकों से मुंबई की हॉस्पिटैलिटी और फूड इंडस्ट्री में अपनी मजबूत पहचान बनाई है. सानिया खुद भी बिजनेस से जुड़ी हैं. वो एक वेटेरिनरी टेक्नीशियन के तौर पर काम करती हैं और मुंबई में मिस्टर पॉज नाम का एक लग्जरी पेट स्पा भी चलाती हैं. सानिया रवि इकबाल घई की पोती है. उनके पिता का नाम इकबाल कृष्ण है.

 

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CID ने तेज की जांच, VSR कंपनी अधिकारियों से पूछताछ

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पुणे|महाराष्ट्र अपराध जांच विभाग (सीआईडी) ने गुरुवार को वीएसआर वेंचर्स के बड़े अधिकारियों से पूछताछ की। इसी कंपनी का विमान बारामती में हादसे का शिकार हुआ था, जिसमें उपमुख्यमंत्री अजित पवार की जान चली गई थी। सीआईडी के एक अधिकारी ने इस कार्रवाई की जानकारी दी है। हालांकि, जांच अभी चल रही है, इसलिए उन्होंने ज्यादा विवरण नहीं दिया।

क्या है मामला?

28 जनवरी को पुणे जिले के बारामती एयर स्ट्रिप के पास वीएसआर वेंचर्स का ‘लियरजेट 45’ विमान क्रैश हो गया था। इस दुखद घटना में अजित पवार और चार अन्य लोगों की मौत हो गई थी। हादसे के बाद बारामती तालुका पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज हुआ था। बाद में इस केस की जांच पुणे सीआईडी को सौंप दी गई। जांच एजेंसी यह पता लगा रही है कि क्या इस हादसे के पीछे कोई साजिश थी या यह आपराधिक लापरवाही का मामला है। सूत्रों के मुताबिक, सीआईडी ने इस संबंध में कंपनी को कुछ सवालों की सूची भी भेजी थी।अब इस मामले में राजनीतिक बयानबाजी भी तेज है। एनसीपी (एसपी) विधायक रोहित पवार ने बुधवार को आरोप लगाया कि कोई वीएसआर वेंचर्स को बचाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने दावा किया कि विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) की शुरुआती रिपोर्ट ने उनके शक को सही साबित किया है।

एएआईबी की रिपोर्ट में क्या?

एएआईबी की 22 पन्नों की रिपोर्ट में बताया गया है कि हादसे के समय दृश्यता (विजिबिलिटी) बहुत कम थी। रिपोर्ट में रनवे पर धुंधले निशान और वहां ढीली बजरी होने की बात भी कही गई है। वहीं, अजित पवार के बेटे जय पवार ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया है। इसमें आरोप लगाया गया है कि कंपनी के मालिक रोहित सिंह उड़ान के दौरान पायलट की सीट पर सो रहे थे। जय पवार ने रोहित सिंह की तुरंत गिरफ्तारी की मांग की है। उन्होंने यह भी कहा कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक वीएसआर वेंचर्स के सभी विमानों की उड़ानों पर रोक लगा देनी चाहिए।
 

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IVF-ART केंद्रों पर सख्ती, निगरानी के लिए बनेगा फ्लाइंग स्क्वॉड; राज्यभर में ट्रांसपोर्टर्स का चक्का जाम

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बदलापुर|महाराष्ट्र के गृह राज्य मंत्री योगेश कदम ने बुधवार को कहा कि राज्य में IVF और ART केंद्रों की निगरानी के लिए फ्लाइंग स्क्वॉड बनाए जाएंगे ताकि गलत कामों को रोका जा सके। यह कदम थाने जिले के बदलापुर में महिला अंडाणु तस्करी के मामले के बाद उठाया गया है। इस रैकेट में गरीब महिलाओं को पैसे के लालच में फंसाया गया था।पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने छापेमारी कर करीब 10 लाख रुपये के दवाएं, गर्भधारण के लिए इंजेक्शन, सोनोग्राफी रिपोर्ट, और नकली नामों से तैयार एफिडेविट जब्त किए। जांच में चार महिलाओं और दो पुरुषों को आरोपी माना गया है, और छह पीड़ितों के बयान दर्ज किए गए हैं। भविष्य में महिलाओं के IVF केंद्र पर पंजीकरण को उनके आधार से जोड़ा जाएगा, और जिला स्तर पर महिला प्रतिनिधियों सहित समिति बनाई जाएगी।

महाराष्ट्र में ट्रांसपोर्टर्स का ‘चक्का जाम’, रिक्सा और टैक्सी भी शामिल होंगे

महाराष्ट्र ट्रांसपोर्ट एक्शन कमिटी (एम-टीएसी) ने कहा कि राज्य सरकार की ओर से ई-चालान मुद्दे पर कोई ठोस फैसला न होने के कारण, 5 मार्च से राज्यव्यापी चक्का जाम किया जाएगा। प्रदर्शन मुंबई में आजाद मैदान पर सुबह 11 बजे होगा और हर जिले के RTO कार्यालयों के बाहर भी विरोध किया जाएगा। यह मुद्दा लगभग 15 लाख ट्रांसपोर्ट ऑपरेटरों और लाखों निजी वाहन मालिकों से जुड़ा है, जिसमें 4500 करोड़ रुपये के जुर्माने शामिल हैं। चक्का जाम में ऑटो रिक्शा, टैक्सी, बस और ट्रक ऑपरेटर हिस्सा लेंगे।

ठाणे में ऑटो गैराज परिसर में लगी आग, छह वाहन जलकर खाक

महाराष्ट्र के ठाणे शहर में गुरुवार तड़के एक ऑटो गैराज परिसर में आग लगने से दो कबाड़ हो चुके वाहनों सहित छह चार पहिया वाहन जलकर खाक हो गए। ठाणे नगर निगम के आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ के यासीन ताडवी ने बताया कि वागले एस्टेट क्षेत्र में अच्युतानंद ऑटो गैराज के खुले स्थान पर रात करीब 1 बजे लगी आग में कोई घायल नहीं हुआ। ताडवी ने बताया कि परिसर में खड़ी छह चार पहिया वाहनों में आग लग गई, जिनमें एक कबाड़ हो चुकी मिनी ट्रक और एक एम्बेसडर कार के साथ-साथ कुछ फेंका हुआ सामान भी शामिल था। उन्होंने बताया कि दमकल कर्मियों ने आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ के कर्मचारियों की मदद से रात करीब 1.50 बजे तक आग पर काबू पा लिया। अधिकारी ने आगे बताया कि आग लगने के कारणों की आगे की जांच जारी है।

बीड जिले में बस ने खड़े ट्रक को टक्कर मारी, ड्राइवर और कंडक्टर समेत 13 घायल

महाराष्ट्र के बीड जिले में गुरुवार सुबह एक सड़क हादसा हुआ। कैज शहर के पास महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (एमएसआरटीसी) की एक बस ने सड़क किनारे खड़े ट्रक को टक्कर मार दी। इस हादसे में ड्राइवर और कंडक्टर समेत कुल 13 लोग घायल हो गए। घायलों में छह महिलाएं भी शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि यह हादसा कैज-कल्लम रोड पर सुबह करीब 6 बजे हुआ। बस कोल्हापुर से माजलगांव की ओर जा रही थी। रास्ते में यह सड़क किनारे खड़े एक ट्रक से टकरा गई। हादसे में बस के ड्राइवर आनंद गायके (40) और कंडक्टर विष्णु तांबडे (42) को भी चोटें आई हैं।कैज पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर स्वप्निल उनावने और उनकी टीम ने मौके पर पहुंचकर बचाव कार्य शुरू की। पुलिस ने एम्बुलेंस की मदद से सभी पीड़ितों को तुरंत कैज के सरकारी अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक इलाज के बाद सभी घायलों को बेहतर इलाज के लिए अंबाजोगाई शहर के स्वामी रामानंद तीर्थ मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। अस्पताल के सूत्रों ने जानकारी दी है कि फिलहाल सभी घायलों की हालत स्थिर है। पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर लिया है। अधिकारी अब हादसे के कारणों की जांच कर रहे हैं। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह एक्सीडेंट कम रोशनी की वजह से हुआ या किसी की लापरवाही के कारण।

बड़बोलेपन का नया उदाहरण पेश किया, गलत साबित होने के बाद भी नहीं सुधर रही हरकत

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टी20 विश्व कप 2026 में पाकिस्तानी अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं। पहले पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने टूर्नामेंट के शुरू होने से पहले जमकर बवाल किया, फिर उनकी टीम को भारत से हार का सामना करना पड़ा और फिर पाकिस्तान टीम सुपर-8 से बाहर हो गई। इसके बावजूद पाकिस्तान के कुछ पूर्व क्रिकेटर अपनी टीम के भविष्य का नहीं सोच रहे हैं, लेकिन उन्हें टीम इंडिया को लेकर भविष्यवाणी जरूर करनी है। इसी कड़ी में आज इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल से पहले पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज मोहम्मद आमिर ने एक बार फिर भारत की हार की भविष्यवाणी कर दी है।दिलचस्प बात यह है कि इससे पहले भी भारत को लेकर उनकी भविष्यवाणी गलत साबित हो चुकी है, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने इस बार इंग्लैंड को भारत पर भारी बताया है और बड़बोलेपन का नया उदाहरण पेश किया है। भारत और इंग्लैंड के बीच सेमीफाइनल मुकाबला मुंबई के ऐतिहासिक वानखेड़े स्टेडियम में खेला जाना है। आमिर का मानना है कि यह मैच हाई-स्कोरिंग हो सकता है और अगर इंग्लैंड दूसरी पारी में बल्लेबाजी करता है तो उसके जीतने की संभावना ज्यादा होगी। भविष्यवाणी के लिए आमिर को ‘बाबा’ का टैग भी दिया गया था।

‘अगर इंग्लैंड ने दूसरी पारी में बल्लेबाजी की तो जीत के ज्यादा चांस’

पाकिस्तानी शो ‘हारना मना है’ के दौरान अपनी राय रखते हुए आमिर ने कहा कि मुंबई की पिच बल्लेबाजों के लिए काफी मददगार होती है। उन्होंने कहा, ‘यह मैच अच्छी विकेट पर होगा। अगर इंग्लैंड दूसरी पारी में बल्लेबाजी करता है तो उसके जीतने के ज्यादा चांस होंगे, क्योंकि मुंबई में आम तौर पर हाई-स्कोरिंग मैच होते हैं।’ उनका मानना है कि इस परिस्थिति में इंग्लैंड के बल्लेबाज लक्ष्य का पीछा करते हुए ज्यादा खतरनाक साबित हो सकते हैं। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि इंग्लैंड के लिए इस पूरे टूर्नामेंट में अब तक फिल सॉल्ट और जोस बटलर ने कुछ खास प्रदर्शन नहीं किया है। अगर उनका बल्ला चला तो यह इंग्लैंड के लिए बोनस होगा। आमिर का मानना है कि इंग्लैंड के गेंदबाज भी अच्छे फॉर्म में हैं और इंग्लैंड के गेंदबाज भी अच्छी बल्लेबाजी कर लेते हैं।

भारतीय बल्लेबाजी पर उठाए सवाल

आमिर ने भारतीय टीम की बल्लेबाजी को लेकर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार भारत की टीम में सिर्फ एक-दो बल्लेबाज ही अच्छा प्रदर्शन कर पा रहे हैं, जबकि बाकी खिलाड़ी अपेक्षा के मुताबिक योगदान नहीं दे रहे। उन्होंने कहा, ‘अगर भारत की बात करें तो सिर्फ एक या दो बल्लेबाज ही प्रदर्शन कर रहे हैं। वही खिलाड़ी टीम को अंत तक ले जाते हैं, लेकिन बाकी बल्लेबाज फॉर्म में नहीं दिख रहे।’ आमिर ने आगे कहा, ‘ईशान किशन ने हमारे खिलाफ अच्छा खेला था। अभिषेक शर्मा फॉर्म में नहीं हैं। तिलक वर्मा प्रभाव नहीं डाल पाए। सूर्यकुमार यादव ने सुपर-8 के बाद कुछ खास नहीं किया। संजू सैमसन ने जरूर प्रदर्शन किया है और जसप्रीत बुमराह अच्छा कर रहे हैं।’

इंग्लैंड को बताया सेमीफाइनल का फेवरेट

भारतीय टीम के प्रदर्शन का आकलन करते हुए आमिर ने साफ तौर पर इंग्लैंड को इस मुकाबले में फेवरेट बताया। उनका मानना है कि मौजूदा हालात में इंग्लैंड की टीम ज्यादा संतुलित और खतरनाक नजर आ रही है। आमिर ने कहा, ‘आप यह नहीं कह सकते कि यह टीम पूरी तरह से मैच पर हावी हो जाएगी। मेरे हिसाब से इस मैच में इंग्लैंड फेवरेट है।’ आमिर के साथ मौजूद पाकिस्तान के पूर्व ओपनर अहमद शहजाद और राशिद लतीफ ने भी उनके बयान पर सहमति जताई। हालांकि, क्रिकेट में भविष्यवाणियां अक्सर गलत भी साबित होती रही हैं। इससे पहले भी आमिर ने सुपर-8 मुकाबले में वेस्टइंडीज को भारत पर भारी बताया था, लेकिन भारतीय टीम ने उस मैच में शानदार जीत हासिल की थी।

न्यूजीलैंड को लेकर भविष्यवाणी सही साबित हुई

हालांकि, दक्षिण अफ्रीका बनाम न्यूजीलैंड सेमीफाइनल में आमिर और लतीफ ने न्यूजीलैंड की जीत की भविष्यवाणी की थी। वहीं, शहजाद ने द. अफ्रीका को पसंदीदा बताया था। आमिर ने साथ ही यह भी कहा था कि कोलकाता के ईडन गार्डेन्स में साइफर्ट और एलेन का बल्ला चलेगा और वैसा ही हुआ भी। द. अफ्रीका द्वारा दिए गए 170 रन के लक्ष्य को न्यूजीलैंड ने एक विकेट गंवाकर हासिल कर लिया। एलेन ने 33 गेंद में 100 रन की नाबाद पारी खेली, जबकि साइफर्ट ने 33 गेंद में 58 रन बनाए। न्यूजीलैंड की टीम आठ मार्च को होने वाले फाइनल के लिए क्वालिफाई कर चुकी है।

क्या फिर गलत साबित होंगे आमिर?

यह भविष्यवाणी सच होने पर आमिर काफी खुश दिखे। अब सवाल यही उठ रहा है कि क्या इस बार भी भारत को लेकर आमिर की भविष्यवाणी गलत साबित होगी। भारतीय टीम बड़े मैचों में शानदार वापसी के लिए जानी जाती है और सेमीफाइनल जैसे मुकाबलों में उसका रिकॉर्ड भी मजबूत रहा है। ऐसे में क्रिकेट फैंस के बीच यह बहस तेज हो गई है कि क्या आमिर की यह भविष्यवाणी सच साबित होगी या एक बार फिर भारतीय टीम मैदान पर जवाब देगी। 

ईरान मुद्दे पर कांग्रेस-भाजपा में घमासान, राहुल गांधी के बयान पर सत्तारूढ़ दल का पलटवार

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नई दिल्ली।भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने गुरुवार को कांग्रेस पर निशाना साधा। पार्टी ने आरोप लगाया कि कांग्रस चाहती है कि भारत सोच-समझे बिना ईरान के पक्ष में खड़ा हो जाए, जबकि चीन तेहरान से दूरी बना रहा है। सत्तारूढ़ पार्टी ने कहा कि भारत की नीति राष्ट्रीय हित और देश के नागरिकों की सुरक्षा के आधार पर तय होनी चाहिए, न कि विपक्ष की पुरानी विरारधारा पर। 

अमित मालवीय ने क्या कहा?

भाजपा के अमित मालवीय और प्रदीप भंडारी समेत कई नेताओं ने कांग्रेस पर वोट बैंक की राजनीतिक करने का आरोप लगाया। मालवीय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, चीन ने वर्षों तक ईरान का कूटनीतिक समर्थन किया और उसका तेल खरीदा, लेकिन अब उससे दूरी बना रहा है। इसके बावजूद कांग्रेस ईरान के लिए भारत का आंख बंद करके समर्थन चाहती है, जबकि खाड़ी क्षेत्र में तनाव बढ़ रहा है और वहां लाखों भारतीय रहते हैं और काम करते हैं। 

राहुल गांधी ने क्या कहा था?

दरअसल, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था कि पश्चिम एशिया का संघर्ष भारत के करीब पहुंच गया है। लेकिन सरकार की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत को मजबूत नेतृत्व की जरूरत, लेकिन देश के पास समझौता कर चुके प्रधानमंत्री हैं, जिन्होंने भारत की रणनीतिक स्वायत्तता से समझौता किया है। 
 
पलटवार करते हुए प्रदीप भंडारी क्या बोले?

इस पर जवाब देते हुए भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कहा, कांग्रेस ऐसे संघर्ष पर भारत से टिप्पणी करवाना चाहती है, जिसमें देश सीधे तौर पर शामिल नहीं है। उन्होंने आरोप लगाा कि कांग्रेस का इतिहास राष्ट्रीय के हित के मामलों में चुप्पी का रहा है।वहीं, भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने भी कांग्रेस पर हमला किया। उन्होंने कहा कि जब मनमोहन सिंह सरकार सत्ता में थी, तब मंत्रियों को माओवाद के मुद्दे पर सार्वजनिक बयान देने से रोका गया था। उन्होंने दावा किया, कांग्रेस पहले भी कमजोर थी और आज भी राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर वैसी ही नजर आती है। 

होली पर ‘द केरल स्टोरी 2’ की बेहतर हुई कमाई, जानें ‘अस्सी’ और ‘ओ रोमियो’ का कलेक्शन

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होली के दिन फिल्म ‘द केरल स्टोरी 2’ को बॉक्स ऑफिस पर फायदा मिला है। ‘अस्सी’ के कलेक्शन में पिछले दिन के मुकाबले गिरावट दर्ज की गई है। ‘ओ रोमियो’ का कलेक्शन मिलाजुला रहा है। आइए जानते हैं बुधवार को सभी फिल्मों ने कितना कलेक्शन किया है?

‘द केरल स्टोरी 2’ ने किया ठीक-ठाक प्रदर्शन

होली के दिन फिल्म ‘द केरल स्टोरी 2’ ने बॉक्स ऑफिस पर ठीक-ठाक प्रदर्शन किया है।  बुधवार को इसने बॉक्स ऑफिस पर 3.50 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया है। मंगलवार को इसने 4 करोड़ रुपये कमाए थे। पहले दिन फिल्म ने 75 लाख रुपये से खाता खोला था। छह दिनों में फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर 20.15 करोड़ रुपये कमा लिए हैं।

‘अस्सी’ के कलेक्शन में आई गिरावट

शुरुआत से ही फिल्म ‘अस्सी’ धीमी रफ्तार से कमाई कर रही है। बुधवार को इसने 25 लाख रुपये का कलेक्शन किया है। इससे पहले इस फिल्म ने 35 लाख रुपये का कलेक्शन किया था। ओपनिंग डे पर फिल्म ने 1 करोड़ रुपये से खाता खोला था। बॉक्स ऑफिस पर फिल्म ने 13 दिनों में 9.33 करोड़ रुपये का कलेक्शन कर लिया है।

धीमी रफ्तार से जारी है ‘ओ रोमियो’ की कमाई

शाहिद कपूर और तृप्ति डिमरी की अदाकारी वाली फिल्म ‘ओ रोमियो’ बॉक्स ऑफिस पर अब भी धीमी रफ्तार से कमाई कर रही है। बुधवार को इसने 90 लाख रुपये का कलेक्शन किया। मंगलवार को फिल्म का कलेक्शन 90 लाख रुपये ही था। 20 दिनों में इस फिल्म ने कुल 67.60 करोड़ रुपये का कलेक्शन कर लिया है।
 

Nitish Kumar किसके कहने पर भाजपा के करीब आए, Narendra Modi के नाम पर पहले हुए थे दूर

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पटना। नीतीश कुमार की अपनी इच्छा कभी नहीं थी कि वह बिहार छोड़कर जाएं। जैसे लालू प्रसाद यादव नहीं चाहते थे कि वह बिहार से दूर हों, उसी तरह नीतीश कुमार भी हमेशा बिहार में ही सक्रिय रहना चाहते थे। राज्य की ही सेवा करना चाहते थे। अब भी उन्होंने जब राज्यसभा जाने की इच्छा जाहिर की तो वह सेवा भाव दोहराया। बताया जा रहा है कि भाजपा ने एक ‘प्रकरण’ का हवाला देकर दबाव बनाया और यह फैसला उन्होंने आखिरकार ले ही लिया। अब उन्हें भाजपा के साथ रिश्ता कैसा रखना है, यह वक्त बताएगा। फिलहाल भविष्य को समझने के लिए भाजपा के उनके रिश्तों की पूरी कहानी जानिए।

अटल-आडवाणी को अस्पताल में देख हो गए थे साथ

‘अंतरंग दोस्तों की नजर से नीतीश कुमार’- यह किताब नीतीश कुमार के अभिन्न मित्र उदयकांत ने लिखी है। इस किताब की हर लाइन नीतीश कुमार पढ़ चुके हैं, इसलिए इससे ज्यादा किसी पर भरोसा नहीं किया जा सकता। इसमें जिक्र है कि कैसे लालू प्रसाद के साथ नीतीश कुमार बन-संवर कर दिल्ली में प्रधानमंत्री कार्यालय के कभी चक्कर लगाते थे। यह भी बताया गया है कि लालू प्रसाद यादव को मुख्यमंत्री बनाने के लिए कितनी जद्दोजहद हुई थी और कैसे चारा घोटाले में नाम आने समेत कई कारणों से उन्होंने दूरी बनाई थी। इसी किताब में एक वाकये का जिक्र है, जब पहली बार नीतीश कुमार भाजपा के करीब आए थे। वह वाकया बताता है कि भाजपा से दूर-दूर रहने वाले नीतीश कुमार किस तरह अटल बिहारी वाजपेयी और लाल कृष्ण आडवाणी से प्रभावित होकर भाजपा के मंच पर पहुंच गए थे।

समता पार्टी 1994 में कैसे बनी, फिर कब जॉर्ज हुए बीमार

किताब में बताया गया है कि बिहार में लालू राज के दौरान माहौल ऐसा खराब हुआ कि जॉर्ज फर्नांडीस के नेतृत्व में 15 सांसदों ने तत्कालीन जनता दल से किनारा कर लिया। इसमें से 14 अंतिम तौर पर बाहर हो गए- मो. यूनुस सलीम, जॉर्ज फर्नांडीस, नीतीश कुमार, सैयद शहाबुद्दीन, अब्दुल गफूर, मंजय लाल, वृषिण पटेल, हरिकिशोर सिंह, रामनरेश सिंह, महेंद्र बैठा, चरणजीत यादव, मोहन सिंह, हरिकेवल सिंह और रवि राय। इनमें से अंतिम चार को छोड़ सभी बिहार से थे। जनता दल से अलग हुए इस गुट का नाम जनता दल (जॉर्ज) हुआ और फिर समता पार्टी। किताब में लिखा है- “1995 के बिहार विधानसभा चुनाव में अपार जनसमर्थन दिखने के बावजूद समता पार्टी के 310 प्रत्याशियों में से सात ही जीत सके। 271 की जमानत जब्त हो गई। पार्टी की आर्थिक-मानसिक हालत बुरी थी। तभी जॉर्ज फर्नांडीस बीमार पड़ गए। नीतीश जब उन्हें देखने मुंबई के अस्पताल पहुंचे तो आश्चर्यजनक रूप से उन्हें वहां लाल कृष्ण आडवाणी और अटल बिहारी वाजपेयी दिखे, जो जॉर्ज फर्नांडीस की मिजाजपुर्सी के लिए पहले से थे। जब यह दोनों नेता अस्पताल से निकलने लगे तो जॉर्ज ने नीतीश से कहा कि वह आडवाणी को नीचे तक छोड़ आएं। उतरते समय आडवाणी ने नीतीश को अपनी सभा में शामिल होने का अधिकारपूर्वक न्यौता दिया। ऊपर लौटकर जॉर्ज फर्नांडीस को यह बात बताई तो उन्होंने भी कहा कि अवश्य जाना चाहिए। सभा में अटल-आडवाणी ने बहुत सम्मान से बैठाया। उस मंच से अच्छा संबोधन हुआ और इसके बाद इस मुलाकात के बाद से ही गठबंधन का आधार बन गया। प्रमोद महाजन उसके बाद भाजपा में उनके करीबी हो गए। 1996 में यह गठबंधन जमीन पर उतरा और भाजपा-समता पार्टी ने साथ लोकसभा चुनाव लड़ा। नीतीश भी दूसरी बार सांसद बने और फिर मंत्री भी।” अटल, आडवाणी और प्रमोद महाजन के साथ ही अरुण जेटली से नीतीश कुमार के प्रगाढ़ संबंध रहे हैं। नीतीश ने अटलजी के साथ जेटली की प्रतिमा भी पटना में लगवाई है।

नरेंद्र मोदी से 36 का आंकड़ा क्यों रहा? फिर सुधरा-बिगड़ा भी

नीतीश कुमार लगातार अटल बिहारी वाजपेयी के संरक्षण में चल रही भारतीय जनता पार्टी से जुड़े रहे। वह टूटे तब, जब गुजरात दंगों के लिए कथित तौर पर दोषी मानने की सोच के बावजूद वहां के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को भाजपा ने प्रधानमंत्री का उम्मीदवार घोषित कर दिया। 2014 के लोकसभा निर्वाचन से पहले चुनावी तैयारी शुरू होते ही 2013 में नीतीश कुमार ने इसी विरोध में भाजपा का साथ छोड़ा। 2014 के लोकसभा चुनाव में जदयू के 40 प्रत्याशी उतारे, लेकिन जब महज दो सीटें हासिल हुईं तो हार की जिम्मेदारी लेते हुए जीतन राम मांझी को मुख्यमंत्री बना दिया। इसके बाद 2015 का बिहार विधानसभा चुनाव महागठबंधन बनाकर लड़े और कुर्सी पर वापस बैठे। इसी सरकार में शराबबंदी हुई, जिसके बाद से राजद-जदयू में टकराव हुआ। सुशील कुमार मोदी ने लालू परिवार और तेजस्वी से जुड़े घोटालों की नई फाइलें खोलीं तो 2017 में नीतीश महागठबंधन से निकल फिर एनडीए के मुख्यमंत्री बन गए।

यह नरेंद्र मोदी की भाजपा थी। बहुत सहज नहीं रहे, खासकर केंद्र में उलटफेर होने से। 2019 के लोकसभा चुनाव के बाद केंद्रीय मंत्रिमंडल में भागीदारी को लेकर झंझट चला, हालांकि विधानसभा चुनाव में अपनी बात चलने पर नीतीश कायम रह गए। इस चुनाव में कथित रूप से भाजपा के इशारे पर चिराग पासवान ने नीतीश कुमार को भारी नुकसान पहुंचाया। इसका असर 2022 में सामने आया, जब नीतीश जनादेश 2020 को दरकिनार कर महागठबंधन वापस चले गए और सीएम पद की शपथ ली। 2024 के जनवरी में कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न देकर भाजपा ने नीतीश की एक पुरानी मांग को जैसे ही माना, रिश्तों में गरमाहट आई और नीतीश फिर एनडीए में आ गए। अब तक वह कायम हैं। राज्यसभा के लिए भेजे जाने के बाद अब आगे क्या रहता है, यह भी देखने वाली बात होगी।

अभिषेक होंगे बाहर? क्या कुलदीप को मिलेगा मौका; प्लेइंग-11 में बदलाव की कितनी संभावना

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गत चैंपियन भारतीय टीम लगातार दूसरी बार टी20 विश्व कप के फाइनल में पहुंचने से एक कदम दूर है। भारत के सामने एक बार फिर सेमीफाइनल में इंग्लैंड की चुनौती होगी। इससे पहले दोनों टीमों के बीच 2022 और 2024 में सेमीफाइनल की टक्कर हो चुकी है। भारत के लिए सबसे बड़ी चिंता फिलहाल अभिषेक शर्मा का रन नहीं बना पाना है। फॉर्म में नहीं होने के बावजूद अभिषेक को लगातार मौके मिले हैं, लेकिन क्या उन्हें इंग्लैंड के खिलाफ मौका मिलेगा ये देखना दिलचस्प होगा। 

एक खिलाड़ी पर निर्भरता पड़ेगी भारी

टूर्नामेंट की शुरुआत में प्रबल दावेदार मानी जा रही भारतीय टीम प्रतियोगिता में मजबूत टीमों के खिलाफ एक भी मैच में शानदार प्रदर्शन नहीं कर पाई। भले ही उसने ग्रुप चरण के अपने सभी मैच जीते, लेकिन सुपर आठ में दक्षिण अफ्रीका से मिली करारी हार से उसकी कमजोरियां भी सामने आ गई। इसके बाद हालांकि भारतीय टीम ने लचीला दृष्टिकोण अपनाया जिससे वह सेमीफाइनल में पहुंचने में सफल रही। भारत के लिए अब तक एक या दो खिलाड़ी ही मैच जिता रहे हैं, लेकिन सेमीफाइनल की बाधा पार करनी है तो टीम के एक यूनिट के रूप में प्रदर्शन करना होगा। भारत के लिए पिछले दो मैचों से रिंकू सिंह को प्लेइंग-11 में मौका नहीं मिला है। पिता के निधन के बाद भी रिंकू टीम से जुड़ गए थे, ऐसे में यह देखना होगा कि किस तरह रिंकू के लिए प्लेइंग-11 में जगह बना सकती है।

कैसा हो सकता है बल्लेबाजी क्रम

अभिषेक भले ही फॉर्म में नहीं है, लेकिन भारत इस अहम मुकाबले के लिए संयोजन में बदलाव करेगा इसकी संभावना कम ही नजर आती है।
भारत के लिए एक बार फिर अभिषेक और संजू सैमसन पारी की शुरुआत करने उतर सकते हैं और तीसरे स्थान पर ईशान किशन आएंगे। 
चौथे नंबर पर कप्तान सूर्यकुमार यादव का उतरना तय है। सूर्यकुमार भी रन बनाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं और उन्हें सेमीफाइनल में बड़ी पारी खेलने की जरूरत है।
तिलक वर्मा और हार्दिक पांड्या आईपीएल के अपने घरेलू मैदान पर अच्छा प्रदर्शन करने की कोशिश करेंगे।
भारत को इंग्लैंड के स्पिन गेंदबाजों की चुनौती का सामना करना होगा जिसमें दोनों टीम एक दूसरे पर अपनी श्रेष्ठ साबित करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेंगी।

सैमसन को लेने का फैसला रहा कारगार

संजू सैमसन को पावरप्ले में बाएं हाथ के शीर्ष तीन बल्लेबाजों की मौजूदगी को खत्म करने के लिए फिर से प्लेइंग-11 में जगह दी गई और उसका यह फैसला कारगर साबित हुआ। भारत के लिए डेब्यू करने के 10 साल से अधिक समय बाद सैमसन ने आखिरकार भारत की तरफ से अपनी सर्वश्रेष्ठ पारी खेली। उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ 97 रन की नाबाद पारी खेलकर बड़े मंच पर अपनी छाप छोड़ी। खेल में कब किसकी किस्मत चमकने लग जाए कहा नहीं जा सकता। विश्व कप से पहले अभिषेक अपने करियर के सर्वश्रेष्ठ फॉर्म में थे, जबकि सैमसन को न्यूजीलैंड के खिलाफ द्विपक्षीय मैचों में निराशाजनक प्रदर्शन के कारण अंतिम एकादश में अपनी जगह गंवानी पड़ी थी। अब हालात बदल गए हैं और अभिषेक को आत्मविश्वास बढ़ाने वाली शानदार पारी की सख्त जरूरत है। बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने सुपर आठ में जिम्बाब्वे के खिलाफ अर्धशतक तो बनाया, लेकिन अभी भी वह अपने सर्वश्रेष्ठ फॉर्म से काफी दूर हैं।

विजयी संयोजन में बदलाव का जोखिम उठाएगा भारत?

आमतौर पर भारत विजयी संयोजन में बदलाव नहीं करता है, लेकिन इस टूर्नामेंट में टीम इंडिया ने कुछ बदलाव किए हैं। पिछले मैच में टीम ने कोई बदलाव नहीं किया था और उसे सफलता मिली थी। इस बार भी बदलाव की संभावना नजर नहीं आती है। अगर खिलाड़ी फिट रहे तो भारत उसी एकादश के साथ उतर सकता है जो वेस्टइंडीज के खिलाफ खेलने उतरी थी। ऐसे में रिंकू सिंह और कुलदीप यादव को फिर बाहर बैठना पड़ सकता है। 
 

डिजिटल जनगणना की तैयारी तेज, गृहमंत्री ने लॉन्च किए चार नए टूल; उपग्रह चित्रों से बनेगा मकान सूचीकरण ब्लॉक

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नई दिल्ली|केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को नई दिल्ली में जनगणना-2027 के लिए चार डिजिटल टूल्स का सॉफ्ट लॉन्च और शुभंकर- ‘प्रगति’ (महिला) और ‘विकास’ (पुरुष) का औपचारिक अनावरण किया है। देशभर में गणना कार्यों को सुगम बनाने के लिए सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस्ड कंप्यूटिंग (सी-डैक) ने एडवांस डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित किए हैं। इन टूल्स में डिजिटल जनगणना के दौरान, उपग्रह चित्रों की सहायता से मकान सूचीकरण ब्लॉक बनेगा। देशभर में 30 लाख से अधिक प्रगणक, पर्यवेक्षक और अन्य अधिकारी जनगणना-2027 में शामिल होंगे।दो चरणों में होने वाली जनगणना-2027 दुनिया का सबसे बड़ा जनगणना कार्य है। पहली बार जनगणना डिजिटल माध्यम से की जाएगी। पहली बार स्व-गणना का विकल्प भी दिया जा रहा है। जनगणना-2027 के शुभंकर ‘प्रगति’ (महिला प्रगणक) और ‘विकास’ (पुरुष प्रगणक) को मैत्रीपूर्ण एवं सहज प्रतीक के रूप में प्रस्तुत किया गया है। साथ ही ‘प्रगति’ और ‘विकास’ 2047 में भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प को पूरा करने में महिलाओं और पुरुषों की बराबर की भागीदारी के भी प्रतीक हैं। इन शुभंकरों के माध्यम से जनगणना 2027 से संबंधित जानकारी, उद्देश्य एवं प्रमुख संदेश समाज के विभिन्न वर्गों तक प्रभावी और जन-सुलभ रूप में पहुंचाए जाएंगे।

जनगणना-2027 के डिजिटल टूल्स … 

जनगणना-2027 भारत की पहली तकनीकी उपकरणों द्वारा संचालित जनगणना होगी। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह द्वारा चार प्लेटफॉर्म, सॉफ्ट लॉन्च किए गए हैं। हाउस लिस्टिंग ब्लॉक क्रिएटर वेब एप्लिकेशन: यह वेब-मैप एप्लिकेशन चार्ज अधिकारियों को उपग्रह चित्रों की सहायता से तकनीकी  रूप से मकान सूचीकरण ब्लॉक बनाने में सक्षम बनाता है, जिससे देशभर में भौगोलिक कवरेज का मानकीकरण सुनिश्चित होता है। एचएलओ मोबाइल एप्लिकेशन: यह एक सुरक्षित ऑफलाइन मोबाइल एप्लिकेशन है, जिसके माध्यम से प्रगणक मकान-सूचीकरण डेटा एकत्र एवं अपलोड कर सकते हैं। केवल सीएमएमएस पोर्टल पर पंजीकृत प्रगणक ही इसका उपयोग कर सकते हैं। यह एप्लिकेशन सीधे क्षेत्र से सर्वर तक डेटा प्रेषण की सुविधा प्रदान करता है, जिससे पारंपरिक कागजी कार्य समाप्त हो जाता है। यह एंड्रॉयड एवं आईओएस प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है। इसे 16 भाषाओं में संचालित किया जा सकता है।स्व: गणना पोर्टल:  पहली बार स्व-गणना का विकल्प प्रदान किया जा रहा है। यह एक सुरक्षित वेब-आधारित सुविधा है, जिसके माध्यम से पात्र उत्तरदाता घर-घर सर्वेक्षण से पूर्व अपनी जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकते हैं। सफल पंजीकरण के बाद एक विशिष्ट स्व-गणना आईडी जारी होगी। इस स्व-गणना आईडी को प्रगणक के साथ साझा किया जाएगा। इसके आधार पर दर्ज की गई सूचना की प्रगणक द्वारा पुष्टि की जा सकेगी।जनगणना प्रबंधन एवं निगरानी प्रणाली पोर्टल: यह एक केंद्रीकृत वेब-आधारित डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जिसके माध्यम से जनगणना से संबंधित गतिविधियों की योजना, प्रबंधन, क्रियान्वयन और निगरानी की जाएगी। राज्य, जिला एवं तहसील स्तर के अधिकारी एकीकृत डैशबोर्ड के माध्यम से वास्तविक समय में प्रगति और कार्य-स्थिति का अवलोकन कर सकेंगे।

सुरक्षित मोबाइल एप्लिकेशन का इस्तेमाल … 

जनगणना-2027 में घर घर जाकर सुरक्षित मोबाइल एप्लिकेशन का इस्तेमाल कर डेटा एकत्रित किया जाएगा। इसके जरिए पूरी कवरेज सुनिश्चित होगी। तकनीक को ध्यान में रखकर अपनाते हुए इनोवेशन और सबको साथ लेकर चलने से यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि जनगणना-2027 सही, सुरक्षित और कम्प्रेहेन्सिव हो। जनगणना-2027 दो चरणों में संपन्न होगी। प्रथम चरण में गृह-सूचीकरण एवं आवास जनगणना होगी। इस दौरान आवास की स्थिति एवं घरेलू सुविधाओं से संबंधित जानकारी एकत्र की जाएगी। द्वितीय चरण में देश के प्रत्येक व्यक्ति से संबंधित जनसांख्यिकीय, सामाजिक एवं आर्थिक विवरण दर्ज किए जाएंगे। प्रथम चरण के लिए अधिसूचना सात जनवरी 2026 को जारी की गई है। मकान-सूचीकरण एवं मकान गणना एक अप्रैल 2026 से 30 सितंबर 2026 के बीच, प्रत्येक राज्य/संघ राज्यक्षेत्र द्वारा अधिसूचित 30 दिनों की सतत अवधि में संचालित की जाएगी। घर-घर सर्वेक्षण से पूर्व 15 दिनों की वैकल्पिक स्व-गणना अवधि भी होगी।

द्वितीय चरण: जनसंख्या गणना … 

जनसंख्या गणना फरवरी 2027 में पूरे भारत में की जाएगी। लद्दाख संघ राज्यक्षेत्र तथा जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के हिमाच्छादित गैर-समकालिक क्षेत्रों में गणना सितंबर 2026 में संपन्न होगी। जनगणना के द्वितीय चरण में जाति संबंधित प्रश्न भी शामिल किया जाएगा। जनगणना 2027 की संदर्भ तिथि सभी राज्यों एवं संघ राज्यक्षेत्रों के लिए एक मार्च 2027 की मध्यरात्रि (00:00 बजे) होगी। लद्दाख तथा हिमाच्छादित गैर-समकालिक क्षेत्रों (जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड) के लिए संदर्भ तिथि एक अक्टूबर 2026 की मध्यरात्रि (00:00 बजे) होगी।

डिजिटल जनगणना की तैयारी तेज, गृहमंत्री ने लॉन्च किए चार नए टूल; उपग्रह चित्रों से बनेगा मकान सूचीकरण ब्लॉक

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नई दिल्ली|केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को नई दिल्ली में जनगणना-2027 के लिए चार डिजिटल टूल्स का सॉफ्ट लॉन्च और शुभंकर- ‘प्रगति’ (महिला) और ‘विकास’ (पुरुष) का औपचारिक अनावरण किया है। देशभर में गणना कार्यों को सुगम बनाने के लिए सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस्ड कंप्यूटिंग (सी-डैक) ने एडवांस डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित किए हैं। इन टूल्स में डिजिटल जनगणना के दौरान, उपग्रह चित्रों की सहायता से मकान सूचीकरण ब्लॉक बनेगा। देशभर में 30 लाख से अधिक प्रगणक, पर्यवेक्षक और अन्य अधिकारी जनगणना-2027 में शामिल होंगे।दो चरणों में होने वाली जनगणना-2027 दुनिया का सबसे बड़ा जनगणना कार्य है। पहली बार जनगणना डिजिटल माध्यम से की जाएगी। पहली बार स्व-गणना का विकल्प भी दिया जा रहा है। जनगणना-2027 के शुभंकर ‘प्रगति’ (महिला प्रगणक) और ‘विकास’ (पुरुष प्रगणक) को मैत्रीपूर्ण एवं सहज प्रतीक के रूप में प्रस्तुत किया गया है। साथ ही ‘प्रगति’ और ‘विकास’ 2047 में भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प को पूरा करने में महिलाओं और पुरुषों की बराबर की भागीदारी के भी प्रतीक हैं। इन शुभंकरों के माध्यम से जनगणना 2027 से संबंधित जानकारी, उद्देश्य एवं प्रमुख संदेश समाज के विभिन्न वर्गों तक प्रभावी और जन-सुलभ रूप में पहुंचाए जाएंगे।

जनगणना-2027 के डिजिटल टूल्स … 

जनगणना-2027 भारत की पहली तकनीकी उपकरणों द्वारा संचालित जनगणना होगी। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह द्वारा चार प्लेटफॉर्म, सॉफ्ट लॉन्च किए गए हैं। हाउस लिस्टिंग ब्लॉक क्रिएटर वेब एप्लिकेशन: यह वेब-मैप एप्लिकेशन चार्ज अधिकारियों को उपग्रह चित्रों की सहायता से तकनीकी  रूप से मकान सूचीकरण ब्लॉक बनाने में सक्षम बनाता है, जिससे देशभर में भौगोलिक कवरेज का मानकीकरण सुनिश्चित होता है। एचएलओ मोबाइल एप्लिकेशन: यह एक सुरक्षित ऑफलाइन मोबाइल एप्लिकेशन है, जिसके माध्यम से प्रगणक मकान-सूचीकरण डेटा एकत्र एवं अपलोड कर सकते हैं। केवल सीएमएमएस पोर्टल पर पंजीकृत प्रगणक ही इसका उपयोग कर सकते हैं। यह एप्लिकेशन सीधे क्षेत्र से सर्वर तक डेटा प्रेषण की सुविधा प्रदान करता है, जिससे पारंपरिक कागजी कार्य समाप्त हो जाता है। यह एंड्रॉयड एवं आईओएस प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है। इसे 16 भाषाओं में संचालित किया जा सकता है।स्व: गणना पोर्टल:  पहली बार स्व-गणना का विकल्प प्रदान किया जा रहा है। यह एक सुरक्षित वेब-आधारित सुविधा है, जिसके माध्यम से पात्र उत्तरदाता घर-घर सर्वेक्षण से पूर्व अपनी जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकते हैं। सफल पंजीकरण के बाद एक विशिष्ट स्व-गणना आईडी जारी होगी। इस स्व-गणना आईडी को प्रगणक के साथ साझा किया जाएगा। इसके आधार पर दर्ज की गई सूचना की प्रगणक द्वारा पुष्टि की जा सकेगी।जनगणना प्रबंधन एवं निगरानी प्रणाली पोर्टल: यह एक केंद्रीकृत वेब-आधारित डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जिसके माध्यम से जनगणना से संबंधित गतिविधियों की योजना, प्रबंधन, क्रियान्वयन और निगरानी की जाएगी। राज्य, जिला एवं तहसील स्तर के अधिकारी एकीकृत डैशबोर्ड के माध्यम से वास्तविक समय में प्रगति और कार्य-स्थिति का अवलोकन कर सकेंगे।

सुरक्षित मोबाइल एप्लिकेशन का इस्तेमाल … 

जनगणना-2027 में घर घर जाकर सुरक्षित मोबाइल एप्लिकेशन का इस्तेमाल कर डेटा एकत्रित किया जाएगा। इसके जरिए पूरी कवरेज सुनिश्चित होगी। तकनीक को ध्यान में रखकर अपनाते हुए इनोवेशन और सबको साथ लेकर चलने से यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि जनगणना-2027 सही, सुरक्षित और कम्प्रेहेन्सिव हो। जनगणना-2027 दो चरणों में संपन्न होगी। प्रथम चरण में गृह-सूचीकरण एवं आवास जनगणना होगी। इस दौरान आवास की स्थिति एवं घरेलू सुविधाओं से संबंधित जानकारी एकत्र की जाएगी। द्वितीय चरण में देश के प्रत्येक व्यक्ति से संबंधित जनसांख्यिकीय, सामाजिक एवं आर्थिक विवरण दर्ज किए जाएंगे। प्रथम चरण के लिए अधिसूचना सात जनवरी 2026 को जारी की गई है। मकान-सूचीकरण एवं मकान गणना एक अप्रैल 2026 से 30 सितंबर 2026 के बीच, प्रत्येक राज्य/संघ राज्यक्षेत्र द्वारा अधिसूचित 30 दिनों की सतत अवधि में संचालित की जाएगी। घर-घर सर्वेक्षण से पूर्व 15 दिनों की वैकल्पिक स्व-गणना अवधि भी होगी।

द्वितीय चरण: जनसंख्या गणना … 

जनसंख्या गणना फरवरी 2027 में पूरे भारत में की जाएगी। लद्दाख संघ राज्यक्षेत्र तथा जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के हिमाच्छादित गैर-समकालिक क्षेत्रों में गणना सितंबर 2026 में संपन्न होगी। जनगणना के द्वितीय चरण में जाति संबंधित प्रश्न भी शामिल किया जाएगा। जनगणना 2027 की संदर्भ तिथि सभी राज्यों एवं संघ राज्यक्षेत्रों के लिए एक मार्च 2027 की मध्यरात्रि (00:00 बजे) होगी। लद्दाख तथा हिमाच्छादित गैर-समकालिक क्षेत्रों (जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड) के लिए संदर्भ तिथि एक अक्टूबर 2026 की मध्यरात्रि (00:00 बजे) होगी।