Nitish Kumar ने फेसबुक पोस्ट कर दी जानकारी, राज्यसभा जाने का किया ऐलान

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पटना। बिहार के सीएम नीतीश कुमार राज्यसभा में जा रहे है। वहीं इस बात की जानकारी सीएम नीतीश ने फेसबुक पर कर दी। नीतीश ने लिखा कि पिछले दो दशक से भी ज्यादा समय से आपने अपना विश्वास एवं समर्थन मेरे साथ लगातार बनाए रखा है, और उसके बल पर हमने बिहार की और आप सब लोगों की पूरी निष्ठा से सेवा की है। आपके विश्वास और समर्थन की ही ताकत थी कि बिहार आज विकास और सम्मान का नया आयाम प्रस्तुत कर रहा है। इसके लिए पूर्व में भी मैंने आपके प्रति कई बार आभार व्यक्त किया है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक संसदीय जीवन शुरू करने के समय से ही मेरे मन में एक इच्छा थी कि मैं बिहार विधान मंडल के दोनों सदनों के साथ संसद के भी दोनों सदनों का सदस्य बनूं। इसी क्रम में इस बार हो रहे चुनाव में राज्यसभा का सदस्य बनना चाह रहा हूं। मैं आपको पूरी ईमानदारी से विश्वास दिलाना चाहता हूं कि आपके साथ मेरा यह संबंध भविष्य में भी बना रहेगा एवं आपके साथ मिलकर एक विकसित बिहार बनाने का संकल्प पूर्ववत कायम रहेगा। जो नई सरकार बनेगी उसको मेरा पूरा सहयोग एवं मार्गदर्शन रहेगा।
नीतीश कुमार राज्यसभा चुनाव के लिए गुरुवार को अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। इससे यह संकेत मिलता है कि राज्य में नया मुख्यमंत्री बनाया जा सकता है। हालांकि, मीडिया के एक वर्ग में आई खबरों में डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी और केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय को मजबूत दावेदार बताया गया है। सरकार और संगठन का लंबा अनुभव रखने वाले विजय सिन्हा और मंगल पांडे के नामों पर भी विचार किया जा सकता है।  

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हर साल 14,000 नई भर्तियों से दिल्ली मेट्रो की सुरक्षा और मजबूत

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नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने गत वर्ष केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) की अधिकृत अधिकतम संख्या को 02 लाख से बढ़ाकर 2.2 लाख कर्मियों तक करने की मंजूरी दी है। अगस्त 2025 में स्वीकृत यह 10 प्रतिशत की वृद्धि हवाई अड्डों, बंदरगाहों और औद्योगिक केंद्रों जैसे महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से की गई है। अगले पांच वर्षों तक प्रतिवर्ष लगभग 14000 कर्मियों की भर्ती की जाएगी। सीआईएसएफ द्वारा दिल्ली मेट्रो के 70 लाख यात्रियों सहित रोजाना एक करोड़ लोगों की सुरक्षा की जा रही है। इस संख्या में हवाई अड्डे पर 15 लाख यात्री और तैनाती की अन्य इकाइयों में 15 लाख लोग भी शामिल हैं। 

सीआईएसएफ का 57वें रेजिंग डे, जो बल के क्षेत्रीय प्रशिक्षण केंद्र, मुंडली कटक में छह मार्च को आयोजित किया जा रहा है, से पहले गुरुवार को डीजी सीआईएसएफ प्रवीर रंजन ने यह जानकारी दी है। सीआईएसएफ रेजिंग डे पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, परेड की सलामी लेंगे। अप्रैल 2025 से जनवरी 2026 की अवधि के दौरान, सीआईएसएफ को 10 इकाइयों में शामिल किया गया है। 

• कर्तव्य भवन (सीसीएस-1, 2 और 3), नई दिल्ली
• सेवा तीर्थ (कैबिनेट सचिवालय और एनएसए बिल्डिंग), नई दिल्ली
• क्षेत्रीय रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस), नई दिल्ली
• नोएडा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा, नोएडा (यूपी)
• नवी मुंबई हवाई अड्डा, (महाराष्ट्र)
• लेंगपुई हवाई अड्डा, (मिजोरम)
• जवाहरपुर थर्मल पावर प्रोजेक्ट, एटा (यूपी)
• भाखड़ा बांध परियोजना, नंगल (पंजाब)
• एनटीपीसी तलाईपल्ली कोयला खनन परियोजना, (छत्तीसगढ़)
• एचपीसीएल-राजस्थान रिफाइनरी लिमिटेड, पचपदरा (राजस्थान)

361 महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा …  

पिछले 57 वर्षों में, सीआईएसएफ की क्षमता और सामर्थ्य में कई गुना वृद्धि हुई है। मौजूदा समय में दो लाख कर्मियों की संख्या के साथ, सीआईएसएफ 25 राज्यों और 5 केंद्र शासित प्रदेशों में फैले 361 महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों को सुरक्षा प्रदान करती है। इनमें 71 हवाई अड्डे, दिल्ली मेट्रो रेल, 10 रसायन एवं उर्वरक संयंत्र, 105 विद्युत संयंत्र, 18 परमाणु प्रतिष्ठान, अंतरिक्ष विभाग के 16 प्रतिष्ठान, भारत सरकार के प्रमुख मंत्रालयों वाले 47 सरकारी भवन, 15 बंदरगाह, 6 रक्षा इकाइयाँ, 36 तेल एवं प्राकृतिक गैस इकाइयाँ, 17 इस्पात संयंत्र और 10 कोयला खदानें, 9 निजी क्षेत्र आदि शामिल हैं। सीआईएसएफ का विशेष सुरक्षा समूह (एसएसजी) 156 से अधिक संरक्षित व्यक्तियों को सुरक्षा प्रदान करता है। सीआईएसएफ का विशेष अग्निशमन दल, जिसमें लगभग 9700 कर्मी हैं, देश के 23 राज्यों में फैली 114 इकाइयों को अग्निशमन सेवाएं प्रदान करता है।

सभी रैंकों की भर्ती में महिलाओं का प्रतिशत 12.75 … 
 
2025 में सभी रैंकों में भर्ती किए गए कर्मियों में से 12.75 प्रतिशत महिलाएं थीं। 2026 में महिलाओं की संख्या कुल भर्ती का लगभग 8-9 फीसदी रहने का प्रस्ताव है। मुख्य रूप से बल की तैनाती की प्रकृति के कारण पदोन्नति में ठहराव से संबंधित शिकायतों को दूर करने के लिए, सीआईएसएफ ने कांस्टेबल और सहायक सब-इंस्पेक्टर के पदों के लिए क्रमशः वरिष्ठ कांस्टेबल और स्थानीय रैंक की प्रणाली शुरू की है। इसके चलते 32545 कांस्टेबलों को वरिष्ठ कांस्टेबल के रूप में नामित किया गया है। 1050 सहायक सब-इंस्पेक्टरों को सब-इंस्पेक्टर का स्थानीय रैंक प्रदान किया गया है। इस पहल से बल के मनोबल में उल्लेखनीय वृद्धि और कर्मियों के बीच प्रेरणा में वृद्धि होने की उम्मीद है। सभी केंद्रीय बलों में सीआईएसएफ में महिलाओं की संख्या सबसे अधिक है। वर्तमान में बल में महिलाओं की संख्या इसकी कुल संख्या का 8 प्रतिशत से अधिक है।

रिमोट पायलट प्रशिक्षण संगठन की स्थापना को मंजूरी … 

हवाई सुरक्षा, जिसे उच्च प्राथमिकता की श्रेणी में रखा गया है, के मद्देनजर सीआईएसएफ ने एमपीआरटीसी बहरोर में ड्रोन प्रशिक्षण और ड्रोन-रोधी क्षमता प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने ड्रोन संचालन और ड्रोन-रोधी प्रणालियों के प्रशिक्षण के लिए रिमोट पायलट प्रशिक्षण संगठन (आरपीटीओ) की स्थापना को मंजूरी दे दी है। सीआईएसएफ को महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों पर हवाई खतरे के लिए नोडल एजेंसी नामित किया गया है। विमानन सुरक्षा के तहत उन्नत फुल बॉडी स्कैनर, वीडियो विश्लेषण, साइबर सुरक्षा के लिए साइबर कमांडो, आदि मुहैया कराए जा रहे हैं। सीसीटीवी वीडियो विश्लेषण और एआई/एमएल का उपयोग करके डेटा विश्लेषण के साथ एकीकृत उन्नत कमांड सेंटर विकसित किया गया है। एआई/एमएल का उपयोग करके उन्नत बायोमेट्रिक्स एक्सेस कंट्रोल सिस्टम तैयार किया जा रहा है।

पीएम मोदी बहुत अलग हैं, 25 साल में एक बार भी छुट्टी नहीं ली: Justin Trudeau

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नई दिल्ली। कभी कनाडा और भारत के बीच तनातनी चल रही थी। अब दोनों देश एक दूसरे की तारीफ करते नहीं थक रहे हैं। हाल ही में भारत की यात्रा पर आए कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने पीएम नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए कहा कि ये प्रधानमंत्रीजी बहुत अलग हैं उन्होंने बीते 25 सालों में कभी एक भी दिन की छुट्टी नहीं ली है। वे सिर्फ और सिर्फ राष्ट्रसेवा को महत्व देते हैं। 
कार्नी ने एक कार्यक्रम में अपने हालिया भारत दौरे और पीएम मोदी से मुलाकात को याद करते हुए कहा कि मोदी की कार्यशैली और काम के प्रति उनका समर्पण बेहद अलग है। उन्होंने कहा- ‘यह व्यक्ति अलग तरह का है। 
गुजरात के मुख्यमंत्री और भारत के प्रधानमंत्री के रूप में पिछले 25 वर्षों में उन्होंने एक भी दिन छुट्टी नहीं ली है।कनाडाई प्रधानमंत्री ने कहा कि मोदी हर हफ्ते के अंत में चुनाव प्रचार में निकल जाते हैं और उनकी रैलियों में लाखों लोग पहुंचते हैं। कार्नी ने कहा कि कई बार एक रैली में करीब ढाई लाख लोग तक मौजूद रहते हैं, जो उनकी लोकप्रियता को दिखाता है। कार्नी ने पीएम मोदी की कार्यशैली की तारीफ करते हुए कहा कि वह खास तौर पर ग्रामीण आबादी के लिए काम करने पर ध्यान देते हैं। दरअसल कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी हाल ही में भारत दौरे पर आए थे। यह दौरा ऐसे समय हुआ जब पिछले कुछ वर्षों में दोनों देशों के रिश्ते तनावपूर्ण रहे थे। कार्नी की यह यात्रा भारत-कनाडा संबंधों को फिर से पटरी पर लाने की कोशिश के रूप में देखी जा रही है। दोनों नेताओं के बीच बातचीत के बाद कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी। दोनों देशों ने तकनीक, ऊर्जा, रक्षा और सांस्कृतिक सहयोग से जुड़े कई समझौतों पर दस्तखत किए। अपने संबोधन में कार्नी ने कहा कि भारत और कनाडा के रिश्ते अब नई साझेदारी के दौर में प्रवेश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कनाडा भारत की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में अहम भूमिका निभा सकता है। इसी दिशा में कनाडा की कंपनी कैमेको ने भारत को लंबे समय तक यूरेनियम सप्लाई करने का समझौता भी किया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कार्नी के दौरे को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि यह भारत और कनाडा के रिश्तों के लिए एक नया मील का पत्थर है। उन्होंने याद दिलाया कि पिछले साल जी 7 बैठक के दौरान कार्नी ने कनाडा में उनका गर्मजोशी से स्वागत किया था और अब भारत में उन्हें उसी गर्मजोशी से स्वागत करने का मौका मिला है। कार्नी ने यह भी कहा कि कनाडा में करीब 20 लाख लोग भारतीय मूल के हैं, जिससे दोनों देशों के रिश्ते और मजबूत होते हैं। 

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नहीं चली Aaditya Thackeray की, राज्यसभा जाएंगे Sharad Pawar

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संजय राउत ने पोस्ट में लिखा- महाविकास अघाड़ी एक है और हम सभी साथ रहेंगे 

मुंबई। महाराष्ट्र में राज्यसभा चुनाव में विपक्ष को सिर्फ एक सीट मिल सकती है। इसके लिए वरिष्ठ नेता शरद पवार का नाम तय हुआ है। 85 साल के शरद पवार के नाम के ऐलान के लिए जो प्रेस कॉन्फ्रेंस हुई थी, उसमें उद्धव सेना का कोई नेता शामिल नहीं हुआ। इसे लेकर कयास लगने लगे तो शरद पवार की बेटी सुप्रिया सुले खुद सामने आईं और कहा कि उद्धव सेना की नाराजगी के सारे दावे गलत हैं। उन्होंने कहा कि इस संबंध में संजय राउत पहले ही आए थे और शरद पवार से मिलकर भरोसा दिया था कि यदि आप उम्मीदवार होते हैं तो हम आपके साथ होंगे।
इसके बाद संजय राउत ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में लिखा- कांग्रेस ने आखिर राज्यसभा में उम्मीदवार फाइनल कर लिया। महाविकास अघाड़ी एक है और हम सभी साथ रहेंगे। यह बात सही है कि संजय राउत लगातार कहते रहे हैं कि शरद पवार को राज्यसभा जाना चाहिए। हालांकि उनके सुर आदित्य ठाकरे से अलग रहे हैं, जो चाहते थे कि प्रियंका चतुर्वेदी को एक मौका और मिलना चाहिए। प्रियंका चतुर्वेदी का कार्यकाल समाप्त हो गया है और उन्हें फिर से मौका नहीं मिला है। वह राज्यसभा में अपने कार्यकाल के आखिरी दिन भावुक भी नजर आई थीं। इस तरह पूरे प्रकरण को आदित्य ठाकरे और संजय राउत के बीच खींचतान के तौर पर देखा जा रहा है और इसके आधार पर लोग कह रहे हैं कि प्रियंका के नाम पर संजय राउत ने वीटो लगा दिया और इस तरह शरद पवार का रास्ता साफ हो गया। मामले की जानकारी रखने वालों का कहना है कि संजय राउत एक तरह से विजेता बनकर उभरे और उन्होंने उद्धव सेना का एजेंडा तय कर दिया। अब कहा जा रहा है कि उद्धव सेना के खाते में विधान परिषद की सीट आ सकती है। लेकिन पार्टी के एक वर्ग का मानना है कि सबसे बड़ा दल विपक्ष में उद्धव सेना ही है। फिर भी राज्यसभा की सीट एनसीपी-एसपी के खाते में जाना दुखद है। राज्यसभा सीट के लिए तो कांग्रेस ने भी दावा किया था। इस संबंध में राहुल गांधी से भी बात की गई थी, लेकिन अंत में पार्टी शरद पवार के नाम पर ही सहमत हुई। अब देखना होगा कि एमएलसी सीट पर क्या होता है। अगले महीने ही उद्धव ठाकरे का एमएलसी का कार्यकाल खत्म होगा। ऐसे में नजरें इस बात पर टिकी हैं कि वह रिपीट होंगे या फिर किसी और नेता को उनके स्थान पर मौका दिया जा सकता है।

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जियोपॉलिटिक्स के महाकुंभ का उद्घाटन करेंगे Narendra Modi, चीफ गेस्ट होंगे Alexander Stubb

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वैश्विक स्तर पर होगा सीधा प्रसारण, लाखों लोग इसे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर देख सकेंगे 

नई दिल्ली। पीएम नरेंद्र मोदी गुरुवार को नई दिल्ली में रायसीना संवाद 2026 के 11वें संस्करण का उद्घाटन करेंगे, जो भू-राजनीति और भू-अर्थशास्त्र पर भारत के प्रमुख सम्मेलन की शुरुआत का प्रतीक है। तीन दिवसीय इस कार्यक्रम में वैश्विक नेताओं, नीति निर्माताओं और विशेषज्ञों को प्रमुख अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों पर विचार-विमर्श करने के लिए एक साथ लाएगा। फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि होंगे और भाषण देंगे। विश्व भर की सरकारों, विचारकों और रणनीतिक समुदायों की भागीदारी से आयोजित इस संवाद में 110 देशों के प्रतिनिधि शामिल होंगे, जिनमें मंत्री, पूर्व राष्ट्राध्यक्ष और सरकार प्रमुख, संसद सदस्य, सैन्य कमांडर, व्यापारिक नेता, प्रौद्योगिकी विशेषज्ञ, शिक्षाविद, पत्रकार और विद्वान शामिल हैं। इस साल के आयोजन का विषय है संस्कार-अभिकथन, सामंजस्य, उन्नति।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक तीन दिनों तक चलने वाले इस सम्मेलन में छह मुख्य विषयों पर चर्चा होगी। विवादित सीमाएँ: शक्ति, ध्रुवीकरण और परिधि; साझा संसाधनों का पुनर्निर्माण: नए समूह, नए संरक्षक, नए रास्ते; श्वेत व्हेल: एजेंडा 2030 की प्राप्ति; अंतिम क्षण: जलवायु, संघर्ष और विलंब की कीमत; भविष्य की दुनिया: एक तकनीकी-लोक की ओर; और टैरिफ के दौर में व्यापार: पुनर्प्राप्ति, लचीलापन और पुनर्निर्माण। करीब 2,700 प्रतिभागियों संवाद में शामिल होने हो सकते हैं, जबकि कार्यवाही का वैश्विक स्तर पर सीधा प्रसारण किया जाएगा और लाखों लोग इसे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर देखेंगे। 
ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन (ओआरएफ) द्वारा भारत के विदेश मंत्रालय के सहयोग से आयोजित यह सम्मेलन 5 से 7 मार्च तक चलेगा और इसमें इस बात का विश्लेषण किया जाएगा कि तकनीकी व्यवधान, रणनीतिक प्रतिस्पर्धा और आर्थिक सुरक्षा किस प्रकार वैश्विक राजनीति को नया आकार दे रहे हैं। इस संवाद में शामिल होने वाले कई गणमान्य व्यक्तियों में माल्टा के डिप्टी पीएम और विदेश मामलों एवं पर्यटन मंत्री इयान बोर्ग, भूटान के विदेश मामलों एवं बाहरी व्यापार मंत्री ल्योंपो डी एन धुंग्येल, मॉरीशस के विदेश मामलों, क्षेत्रीय एकीकरण एवं अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मंत्री धनंजय रामफुल और सेशेल्स के विदेश मामलों एवं प्रवासी मामलों के मंत्री बैरी फॉरे शामिल हैं।
विदेश मंत्रालय के मुताबिक इस सम्मेलन में शामिल होने वाले एक अन्य गणमान्य व्यक्ति श्रीलंका के विदेश मामलों, विदेशी रोजगार और पर्यटन मंत्री विजिथा हेरथ हैं। इस साल की चर्चा पारंपरिक गठबंधनों और विश्लेषकों द्वारा वर्णित तकनीकी-ध्रुवीय दुनिया के बीच तनाव पर केंद्रित है, जहां प्रभाव तेजी से कृत्रिम बुद्धिमत्ता, सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखलाओं और डिजिटल अवसंरचना पर नियंत्रण द्वारा तय किया जा रहा है। संवाद का समापन भारत के दीर्घकालिक विकास रोडमैप पर चर्चा के साथ होगा, जिसमें विकसित भारत 2047 की परिकल्पना भी शामिल है, जिसका उद्देश्य स्वतंत्रता शताब्दी तक देश को एक विकसित अर्थव्यवस्था में बदलना है।

Mallikarjun Kharge का बड़ा आरोप

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नई दिल्ली। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने ईरान युद्ध से जुड़े घटनाक्रमों का हवाला देते हुए गुरुवार को आरोप लगाया कि पीएम मोदी ने राजनीतिक और नैतिक रूप से आत्मसर्मण कर दिया है। खड़गे ने एक्स पर पोस्ट में लिखा- मोदी सरकार का भारत के सामरिक और राष्ट्रीय हितों के प्रति लापरवाही भरा परित्याग सबके सामने है। एक ईरानी जहाज भारत का मेहमान था, हमारे द्वारा आयोजित इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू 2026 से निहत्थे लौट रहा था, लेकिन हिंद महासागर क्षेत्र में उस पर हमला कर उसे डुबो दिया गया। चिंता या शोक का कोई बयान नहीं आया। पीएम मोदी मौन साधे हुए हैं।
उन्होंने कहा कि होर्मुज की खाड़ी में 1100 नाविकों के साथ 38 भारतीय ध्वज वाले वाणिज्यिक जहाज फंस गए हैं। कैप्टन समेत दो भारतीय नाविकों की मौत हो गई है। कोई समुद्री बचाव या राहत अभियान क्यों नहीं चलाया जा रहा है? खड़गे ने कहा कि खाड़ी क्षेत्र के देशों में एक करोड़ भारतीय रहते हैं। मेडिकल छात्र मदद मांगने के लिए हताशा भरा वीडियो संदेश जारी कर रहे हैं। उन्होंने सवाल किया कि भारत सरकार उनकी भलाई कैसे सुरक्षित कर रही है? क्या प्रभावित क्षेत्रों से निकासी की कोई योजना है? खड़गे ने दावा किया कि पीएम मोदी का आत्मसमर्पण राजनीतिक और नैतिक दोनों है। उन्होंने कहा कि यह भारत के मूल राष्ट्रीय हितों को कमतर दिखाता है और सालों से लगातार पूर्ववर्ती सरकारों द्वारा सावधानीपूर्वक और कड़ी मेहनत से बनाई और अपनाई गई हमारी विदेश नीति को नष्ट करने वाला है।

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Ahmedabad में नमकीन सेव बनाने वाली फैक्ट्री में आग, गनीमत रही कि कोई जनहानि नहीं

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अहमदाबाद। अहमदाबाद के कालूपुर ब्रिज के पास बुधवार-गुरुवार रात नमकीन बनाने के कारखाने में भीषण आग लगी। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड के जवानों ने भारी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। इस आग में कारखाना जलकर राख हो गया, गनीमत रही की कोई जानहानि नहीं हुई। शहर के शहरकोटड़ा पुलिस थाने के सामने स्थित नककीन सेव बनाने के कारखाने में अचानक भीषण आग लगी। आसपास के इलाके में धुएं के गुब्बार से अफरातफरी मच गई। रात 2:30 बजे के आसपास फायर ब्रिगेड को इसकी जानकारी मिली, जिसके बाद आग पर काबू पाने के लिए दमकल की गाड़ियां पहुंची। कुछ घंटों की मशक्क्त के बाद फायर के जवानों ने आग पर काबू पाया, लेकिन आग लगने का कारणों का पता नहीं चल सका है। 
मीडिया रिपोर्ट में फायर अधिकारी के हवाले से बताया गया है कि रात के समय लगी आग को ध्यान में रखकर एतियातन आसपास के इलाके से फायर ब्रिगेड गाड़ियां और अधिकारी मौके पर पहुंचे थे1 कारखाने में लगी आग में कोई जानहानि नहीं हुई है, लेकिन फैक्ट्री में किस वजह से आग लगी, इसकी जांच जारी है। आग से सबकुछ जलकर खाक हो चुका है। फैक्ट्री में फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट से लेकर जरूरी परमिशन को लेकर भी जांच कर रहे हैं।

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महायुद्ध की आहट हिंद महासागर तक, Rahul Gandhi ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना

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नई दिल्ली। ईरान पर इजराइल और अमेरिका के हमले जारी हैं। वहीं ईरान भी इजराइल और अमेरिका के सैन्य ठिकानों पर लगातार हमले कर रहा है। यह महायुद्ध अब हिंद महासागर तक पहुंच गया है। हिंद महासागर में अमेरिका ने ईरान के युद्धपोत को निशाना बनाया है, जिसमें 80 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है। मिडिल ईस्ट इस वक्त युद्ध की पीड़ा झेल रहा है, जिसकी आहट भारत में भी महसूस होने लगी है। भारत का सियासी पारा चढ़ गया है। कांग्रेस ने इस मामले में पीएम मोदी को घेरा।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक राहुल गांधी ने कहा है कि भारत की तेल सप्लाई खतरे में है, हमारा 40फीसदी से ज्यादा इम्पोर्ट स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से होकर गुजरता है। एलपीजी और एलएनजी के लिए हालत और भी खराब हैं। ऐसे समय में हमें एक मजबूत हाथ की जरूरत है, लेकिन भारत के पास एक समझौता करने वाला पीएम है जिसने हमारी स्ट्रेटेजिक आजादी को छोड़ दिया है। राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट किया कि विश्व एक अस्थिर दौर में प्रवेश कर चुका है। समुद्री क्षेत्र में बड़ी चुनौतियां सामने खड़ी हैं। भारत की तेल आपूर्ति खतरे में है। 
उन्होंने कहा कि हिंद महासागर में एक ईरानी युद्धपोत के डूबने से संघर्ष भारत की दहलीज तक पहुंच गया, लेकिन पीएम मोदी ने कोई टिप्पणी नहीं की। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ऐसे चुनौतीपूर्ण समय में कमान एक स्थिर हाथ में रहने की जरुरत होती है। राहुल ने आरोप लगाया कि इसके बजाय, भारत के पास एक समझौतावादी पीएम हैं जिन्होंने हमारी सामरिक स्वायत्तता का समर्पण कर दिया है।

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नरेंद्र मोदी ने इमैनुएल मैक्रों से की बातचीत, पश्चिम एशिया के तनाव पर चर्चा

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नई दिल्ली|पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के बीच अहम बातचीत हुई। दोनों नेताओं ने क्षेत्र में बिगड़ते हालात पर चिंता जताई और कहा कि हालात को संभालने के लिए बातचीत और कूटनीति का रास्ता अपनाना जरूरी है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि क्षेत्र में शांति और स्थिरता जल्द बहाल होना बेहद जरूरी है। इस बातचीत को ऐसे समय में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए कहा कि उन्होंने अपने मित्र फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से बात की। इस दौरान दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया में तेजी से बदलते हालात पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि मौजूदा संकट का समाधान केवल संवाद और कूटनीति से ही संभव है। दोनों नेताओं ने यह भी कहा कि वे क्षेत्र में शांति बहाल करने के लिए एक-दूसरे के साथ संपर्क बनाए रखेंगे और जरूरी समन्वय करेंगे ताकि हालात को जल्द सामान्य किया जा सके।

फ्रांस ने बदली सैन्य रणनीति

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच फ्रांस ने अपनी सैन्य रणनीति में बदलाव किया है। राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने फ्रांस के परमाणु ऊर्जा से चलने वाले विमानवाहक पोत चार्ल्स डी गॉल को बाल्टिक सागर से भूमध्यसागर की ओर भेजने का आदेश दिया है। इस युद्धपोत के साथ कई फ्रिगेट जहाज भी तैनात किए जा रहे हैं। इसके अलावा इस जहाज के एयर विंग के साथ लड़ाकू विमान भी तैनात किए गए हैं ताकि सहयोगी देशों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

राफेल और एयर डिफेंस सिस्टम तैनात

फ्रांस ने क्षेत्र में अपनी सैन्य मौजूदगी और मजबूत कर दी है। राष्ट्रपति मैक्रों ने बताया कि राफेल लड़ाकू विमान, एयर डिफेंस सिस्टम और हवाई निगरानी के लिए विशेष रडार प्लेटफॉर्म पहले ही तैनात किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर फ्रांस अपने सहयोगी देशों की रक्षा के लिए और कदम भी उठा सकता है। हालांकि फ्रांस ने यह भी स्पष्ट किया है कि वह अमेरिका और इस्राइल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों में सीधे शामिल नहीं है।

ड्रोन हमलों को मार गिराने का दावा

मैक्रों ने कहा कि संघर्ष की शुरुआत के समय फ्रांसीसी सेना ने आत्मरक्षा में कई ड्रोन को मार गिराया था। उन्होंने बताया कि यह कार्रवाई सहयोगी देशों के हवाई क्षेत्र की रक्षा के लिए की गई थी। हालांकि उन्होंने इस सैन्य कार्रवाई के बारे में ज्यादा तकनीकी जानकारी साझा नहीं की। फ्रांस ने यह भी कहा कि उसके सहयोगी देश जानते हैं कि जरूरत पड़ने पर फ्रांस उनके साथ खड़ा रहेगा।

अमेरिका के विमानों को सीमित अनुमति

फ्रांस ने अपने कुछ सैन्य ठिकानों पर अमेरिकी विमानों को अस्थायी रूप से तैनात रहने की अनुमति दी है। फ्रांसीसी रक्षा अधिकारियों ने कहा कि यह अनुमति केवल क्षेत्र में सहयोगी देशों की सुरक्षा के समर्थन के लिए दी गई है। उन्होंने साफ किया कि फ्रांस ने यह शर्त रखी है कि इन ठिकानों का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ किसी हमले के लिए नहीं किया जाएगा। फ्रांस का कहना है कि उसका उद्देश्य केवल क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखना और अपने सहयोगियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

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परिवार, शिक्षा और सियासी सफर की कहानी

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बख्तियारपुर|बिहार में गुरुवार को बड़ा सियासी घटनाक्रम सामने आया। दरअसल, खबरें आईं कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अब बिहार की राजनीति छोड़कर केंद्र की राजनीति का रुख करने वाले हैं और अब राज्यसभा में बिहार की आवाज बनेंगे। इसे लेकर अटकलें लग ही रही थीं कि नीतीश कुमार ने खुद एक पोस्ट कर के इसकी पुष्टि कर दी। बिहार की राजनीति में नीतीश कुमार एक स्थापित चेहरा हैं, जिन्होंने बीते 21 साल राज्य का नेतृत्व संभाला है। ऐसे में उनके राज्यसभा जाने की जानकारी देशभर में सियासी जानकारों के लिए चौंकाने वाली रही।ऐसे में यह जानना अहम है कि नीतीश कुमार का इतिहास क्या है? वे राजनीति में कैसे आए? कैसे एक इंजीनियर जो अपने शुरुआती सियासी करियर में चुनाव तक नहीं जीत पाया, बाद में बिना चुनाव लड़े ही लगातार बिहार का मुख्यमंत्री रहा? कैसे बीते 25 साल में नीतीश कुमार बिहार में सत्ता का पर्याय बन गए? आइये जानते हैं…

कौन हैं नीतीश कुमार, क्या है पारिवारिक-शैक्षिक इतिहास?

नीतीश कुमार का जन्म एक मार्च 1951 को बिहार के बख्तियारपुर में हुआ था। इस वक्त उनकी उम्र 75 साल है। उनकी मां का नाम परमेश्वरी देवी था। पिता राम लखन सिंह आयुर्वेदिक डॉक्टर थे। कुर्मी (पिछड़ी) जाति से आने वाले नीतीश की शुरुआती पढ़ाई गांव में ही हुई। बिहार कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से मैकैनिकल इंजीनियरिंग करने के बाद नीतीश इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड में काम करने लगे। इसी बीच जय प्रकाश नारायण के आंदोलन से जुड़े और राजनीति में आ गए। 
 
नीतीश की पत्नी का क्या नाम है?  

नीतीश कुमार की शादी 22 फरवरी 1973 को मंजू कुमारी सिन्हा से हुई थी। मंजू बिहार में सरकारी स्कूल टीचर थीं। खुद मंजू ने भी इंजीनियरिंग की थी। वहीं, नीतीश कुमार की पत्नी मंजू का 2007 में निधन हो चुका है। नीतीश और मंजू का एक बेटा है निशांत कुमार। निशांत ने बीआईटी मेसरा से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है। निशांत राजनीति से हमेशा दूर ही रहे। वह राजनीतिक सभाओं या राजनीतिक कार्यक्रमों में कभी भी पिता के साथ नजर नहीं आते। निशांत खुद भी इस बात का एलान कर चुके हैं कि वह कभी भी अपने पिता की तरह राजनीति में नहीं आएंगे। हालांकि, अब नीतीश के राज्यसभा जाने की खबरों के बीच निशांत के राजनीति में उतरने की चर्चाएं तेज हैं।

नीतीश के परिवार में और कौन-कौन?

नीतीश कुमार के परिवार में पांच भाई-बहन हैं। नीतीश के बड़े भाई सतीश कुमार किसान हैं। इसके अलावा नीतीश की तीन छोटी बहनें उषा देवी, इंदु देवी और प्रभा देवी हैं। सतीश की तरह बहनें भी राजनीति से दूर हैं। नीतीश के परिवार के बारे में ज्यादा जानकारी उपलब्ध नहीं है, क्योंकि नीतीश ने राजनीतिक संसाधनों से परिवार को हमेशा दूर रखा है। हालांकि, अब उनके बेटे निशांत कुमार के सियासत में उतरने की अटकलें लग रही हैं। 

पहला चुनाव हारे, अब 10 बार के मुख्यमंत्री

नीतीश ने पहली बार 1977 का बिहार विधानसभा चुनाव लड़ा, लेकिन हार गए। 1985 में फिर से विधानसभा चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। 1987 में लोक दल के प्रदेश अध्यक्ष बने।
1989 में बिहार की बाढ़ लोकसभा क्षेत्र से सांसद चुने गए। अप्रैल 1990 से नवंबर 1990 तक केंद्रीय कृषि और सहकारिता मंत्री रहे। 1991 में दूसरी बार सांसद चुने गए।  
1995 में बिहार विधानसभा चुनाव में लालू प्रसाद यादव के खिलाफ लड़ाई लड़ी। जॉर्ज फर्नांडीस के साथ समता पार्टी की शुरुआत की। तब चुनाव में उनकी पार्टी केवल छह सीटें ही जीत सकी थी।  

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1996 में लोकसभा चुनाव लड़ा और सांसद चुने गए। अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में केंद्रीय रेल मंत्री, भूतल परिवहन मंत्री और कृषि मंत्री रहे। 
दो अगस्त 1999 में गैसल ट्रेन दुर्घटना की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए नीतीश कुमार ने केंद्रीय रेल मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया। नीतीश के रेल मंत्री रहते हुए ही टिकटों की तत्काल बुकिंग की सुविधा शुरू की गई थी। 
मार्च 2000 में वह पहली बार बिहार के मुख्यमंत्री बने। हालांकि, केवल सात दिनों तक ही उनका कार्यकाल रहा। इसके बाद 2005, 2010, 2013, 2015, 2017, 2020, 2022, 2024 और 2025 में 10वीं बार मुख्यमंत्री बने।