ममता बनर्जी ने कहा- बंगाल चुनावों से पहले राजनीति कर रही राष्ट्रपति

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कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य में आदिवासियों के विकास की गति पर सवाल उठाने के लिए शनिवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पर निशाना साधा। उन पर भाजपा के इशारों पर विधानसभा चुनाव से पहले राजनीति करने का आरोप लगाया।
उत्तर बंगाल की यात्रा के दौरान मुर्मू द्वारा की गई टिप्पणियों पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए बनर्जी ने आरोप लगाया कि भाजपा राज्य सरकार को बदनाम करने के लिए राष्ट्रपति कार्यालय का दुरुपयोग कर रही है। मुख्यमंत्री ने कोलकाता में एक धरना स्थल पर कहा कि भाजपा इतना नीचे गिर गई है कि वह राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का इस्तेमाल राज्य को बदनाम करने के लिए कर रही है। राष्ट्रपति के कार्यक्रम में राज्य प्रतिनिधियों की अनुपस्थिति के बारे में उन्हें दी गई जानकारी गलत थी।

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अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़, 10 करोड़ रुपये का मादक पदार्थ बरामद

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नई दिल्ली। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने नेपाल, भारत और श्रीलंका से जुड़े एक बड़े अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने 77.60 किलोग्राम हैशिश ऑयल और 2 किलोग्राम चरस जब्त की है, जिनकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 10 करोड़ रुपये बताई जा रही है। एनसीबी के अधिकारियों ने बताया कि इस ऑपरेशन में तस्करों द्वारा इस्तेमाल की गई दो कारें, एक मोटरसाइकिल और एक मछली पकड़ने वाली नाव भी जब्त की गई हैं। प्रारंभिक जांच से पता चला है कि तस्कर समुद्री रास्तों और सीमावर्ती क्षेत्रों का इस्तेमाल करते हुए मादक पदार्थ भारत में लाते थे और फिर उन्हें विभिन्न राज्यों तथा अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाते थे। इस मामले में अब तक पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों में एक श्रीलंकाई शरणार्थी भी शामिल है, जिसे नेटवर्क की अहम कड़ी माना जा रहा है। एजेंसी उससे पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस गिरोह के अन्य सदस्य कौन-कौन हैं और यह नेटवर्क किन-किन देशों में फैला हुआ है। सूत्रों के अनुसार, गिरोह नेपाल और श्रीलंका के रास्ते मादक पदार्थ भारत में लाता था। एनसीबी को इस नेटवर्क की गतिविधियों के बारे में खुफिया जानकारी मिली थी, जिसके आधार पर विभिन्न स्थानों पर छापेमारी कर यह कार्रवाई की गई। एनसीबी अधिकारियों ने कहा कि पूरे नेटवर्क की गहन जांच जारी है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। साथ ही यह पता लगाया जा रहा है कि इस तस्करी के पीछे कौन-कौन से अंतरराष्ट्रीय गिरोह सक्रिय हैं। एजेंसी ने स्पष्ट किया कि देश में मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए इस तरह की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

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ममता सरकार पर निशाना, राष्ट्रपति मुर्मू का अपमान करने का आरोप

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नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को पश्चिम बंगाल सरकार पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के राज्य दौरे के दौरान उनका अपमान करने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह “शर्मनाक और अभूतपूर्व” है और टीएमसी सरकार ने “सच में सारी हदें पार कर दी हैं”.

प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति मुर्मू के राज्य में हुए नौवें अंतरराष्ट्रीय संथाल सम्मेलन की जगह बदलने और उनके दौरे में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनके मंत्रियों के न होने पर नाराजगी जताने के बाद यह बात कही. राष्ट्रपति मुर्मू ने इस सम्मेलन में हिस्सा लिया था.पीएम मोदी ने कहा कि राष्ट्रपति का पद राजनीति से ऊपर है और इसकी पवित्रता का हमेशा सम्मान किया जाना चाहिए. उन्होंने उम्मीद जताई कि पश्चिम बंगाल सरकार और सत्ताधारी टीएमस को सद्बुद्धि आएगी.

 

मोदी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “यह शर्मनाक और पहले कभी नहीं हुआ. हर कोई जो लोकतंत्र और आदिवासी समुदायों के अधिकारिता में विश्वास करता है, निराश है.” प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्रपति, जो खुद एक आदिवासी समुदाय से हैं, ने जो दर्द और पीड़ा ज़ाहिर की है, उससे भारत के लोगों के मन में बहुत दुख है.

उन्होंने कहा, “पश्चिम बंगाल की टीएमसी सरकार ने सच में सारी हदें पार कर दी हैं. राष्ट्रपति के इस अपमान के लिए उनका प्रशासन ज़िम्मेदार है.” मोदी ने कहा कि यह भी उतना ही दुर्भाग्यपूर्ण है कि संथाल संस्कृति जैसे महत्वपूर्ण विषय को पश्चिम बंगाल सरकार इतनी लापरवाही से ले रही है.

इससे पहले, राष्ट्रपति मुर्मू ने विधाननगर के बजाय बागडोगरा एयरपोर्ट के पास संथाल आदिवासी समुदाय का सम्मेलन करने पर नाराजगी जताई और हैरानी जताई कि क्या राज्य प्रशासन को उम्मीद थी कि कोई भी इसमें शामिल नहीं हो पाएगा.

उन्होंने कहा, “मुझे नहीं पता कि प्रशासन के दिमाग में क्या आया कि उन्होंने सम्मेलन के लिए ऐसी जगह चुनी जहां संथाल लोग नहीं जा सकते थे.” मुर्मू ने कहा, “शायद राज्य सरकार आदिवासियों की भलाई नहीं चाहती और इसीलिए उन्हें यहां आने से रोका गया.”

मुर्मू की टिप्पणियों पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री बनर्जी ने आरोप लगाया कि भाजपा राज्य सरकार को बदनाम करने के लिए राष्ट्रपति कार्यालय का इस्तेमाल कर रही है.

कोलकाता में एक विरोध प्रदर्शन स्थल पर सीएम ने कहा, “बीजेपी इतना नीचे गिर गई है कि वे राज्य को बदनाम करने के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का इस्तेमाल कर रहे हैं.”

मुर्मू को सालाना कार्यक्रम में बुलाया गया था, जो असल में सिलीगुड़ी के बिधाननगर में होना था. लेकिन, सुरक्षा और दूसरे कारणों का हवाला देते हुए, अधिकारियों ने जगह बदलकर बागडोगरा एयरपोर्ट के पास गोपालपुर कर दी.

शनिवार दोपहर जब राष्ट्रपति कार्यक्रम स्थल पर पहुंचीं, तो वहां कुछ ही लोग मौजूद थे. सिलीगुड़ी के मेयर गौतम देब एयरपोर्ट पर उन्हें रिसीव करने के लिए मौजूद राज्य सरकार के एकमात्र प्रतिनिधि थे.

मुर्मू ने कहा कि उन्हें “बहुत दुख” है कि लोग सम्मेलन में नहीं पहुंच पाए क्योंकि यह बहुत दूर हुई थी. “शायद प्रशासन को उम्मीद थी कि कोई भी इसमें शामिल नहीं हो पाएगा, और राष्ट्रपति बस वापस लौटकर चली जाएंगी.”

मुर्मू ने कहा, “अगर राष्ट्रपति किसी जगह जाते हैं, तो मुख्यमंत्री और मंत्रियों को भी आना चाहिए. लेकिन वह नहीं आईं… मैं भी बंगाल की बेटी हूं. ममता दीदी भी मेरी बहन हैं, मेरी छोटी बहन. मुझे नहीं पता कि वह मुझसे नाराज़ थीं, इसलिए ऐसा हुआ.”

नरेंद्र मोदी का टीएमसी पर हमला, बोले— राष्ट्रपति का पद राजनीति से ऊपर

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नई दिल्ली।  राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू शनिवार (7 मार्च) को पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में 9वें अंतर्राष्ट्रीय संथाल कॉन्फ्रेंस में शामिल हुईं. उन्होंने यहां कार्यक्रम के लिए तय स्थल को लेकर ममता सरकार से सवाल कर दिए. अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रतिक्रिया सामने आई है. उन्होंने इसे शर्मनाक बताया है. कहा कि टीएमसी ने सारी हदें पार कर दी हैं. राष्ट्रपति मुर्मू के बयान पर सीएम ममता बनर्जी ने कहा था कि वे बीजेपी की नीतियों के जाल में फंस गईं हैं।

‘ऐसा पहले कभी नहीं हुआ’

पीएम नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया एक्स पर इस पूरे मामले में अपनी प्रतिक्रिया जाहिर की. सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने लिखा कि ये शर्मनाक है, इससे पहले कभी ऐसा नहीं हुआ. हर कोई जो लोकतंत्र और आदिवासी समुदायों के सशक्तिकरण में विश्वास करता है, वह निराश है. सोशल मीडिया पोस्ट में पीएम ने लिखा राष्ट्रपति खुद एक आदिवासी समुदाय आती हैं. उन्होंने जो दर्द और पीड़ा जाहिर की है, उससे भारत के लोगों के मन बहुत दुखी है।

टीएमसी ने सारी हदें पार की- PM

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि पश्चिम बंगाल की TMC सरकार ने सच में सारी हदें पार कर दी हैं. राष्ट्रपति के इस अपमान के लिए उनका प्रशासन जवाबदेह है. ये दुर्भाग्यपूर्ण है कि पश्चिम बंगाल सरकार संथाल संस्कृति जैसे जरूरी विषयों पर लापरवाही बरत रही है. उन्होंने पोस्ट में आगे लिखा कि राष्ट्रपति का पद राजनीति से ऊपर है और इस पद की पवित्रता का हमेशा सम्मान किया जाना चाहिए. उम्मीद है कि पश्चिम बंगाल सरकार और TMC में समझदारी आएगी।

राष्ट्रपति ने जाहिर की थी नाराजगी

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू शनिवार को सिलीगुड़ी के बिधाननगर में आयोजित 9वें अंतर्राष्ट्रीय संथाल कॉन्फ्रेंस में शामिल हुईं. उन्होंने पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी की गैर- मौजूदगी को लेकर सवाल उठा दिए. इसके साथ ही तय कार्यक्रम स्थल को लेकर उन्होंने कहा था कि वह छोटा है, जिससे बड़ी संख्या में संथाल समुदाय के लोग शामिल नहीं हो सके।

ममता बनर्जी का पलटवार

सीएम ममता बनर्जी ने पलटवार करते हुए कहा कि वे राष्ट्रपति का सम्मान करती हैं लेकिन कोई 50 बार आए तो कार्यक्रम में शामिल नहीं हुआ जा सकता है. उन्होंने आगे कहा कि उन्हें उस कार्यक्रम की जानकारी नहीं है. वे धरने पर बैठी हैं. बीजेपी को आड़े हाथों लेते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि बीजेपी ने राष्ट्रपति को अपना एजेंडा आगे बढ़ाने के लिए भेजा है. वे बीजेपी की नीतियों के जाल में फंस गई हैं।

गोपालगंज में प्रेमी की गिरफ्तारी से नाराज़ युवती मोबाइल टावर पर चढ़ी, बोली– रिहाई तक नहीं उतरूंगी

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Bihar News: बिहार के गोपालगंज में एक लड़की ने अपने प्रेमी की गिरफ्तारी के विरोध में मोबाइल टावर पर चढ़कर उसकी रिहाई की मांग की, जिससे इलाके में हंगामा मच गया.स्थानीय लोगों के अनुसार, लड़की के प्रेमी को पुलिस ने एक पुराने मामले में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया था. गिरफ्तारी की खबर मिलते ही लड़की मानसिक रूप से टूट गई और उसने गांव के पास स्थित मोबाइल टावर पर चढ़कर उसने जनता के सामने घोषणा कर दी कि जब तक उसके प्रेमी को रिहा नहीं किया जाएगा, वह नीचे नहीं उतरेगी. यह नजारा किसी फिल्मी दृश्य से काम नहीं था, मानो क्लासिक फिल्म ‘शोले’ का वीरू हो. लड़की के इस कारनामे को देखने और रिकॉर्ड लरने के लिए आसपास के लोग जुटने लगे. 

पुलिस और ग्रामीणों ने की उतारने की कोशिश
घटनास्थल पर मौजूद लोग लड़की को नीचे उतरने के लिए समझाने की कोशिश करने लगे. कई लोगों ने उसे शांत करने की कोशिश की, जबकि कुछ ने इस पूरी घटना को अपने मोबाइल में कैद करना शुरू कर दिया. देखते ही देखते यह खबर आग की तरह फैल गई. इसके बाद भोरे थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और लड़की को सुरक्षित उतारने की कई कोशिशें की, लेकिन वह अपनी मांग पर अड़ी रही. 

प्रेमी को घटनास्थल पर लेकर आई पुलिस
कई घंटों की प्रयासों के बाद, पुलिस (Police) ने अब एक महत्वपूर्ण चाल चली. स्थिति को शांत करने और लड़की को मोबाइल टावर से उतारने के लिए पुलिस ने गिरफ्तार युवक को घटनास्थल पर लाकर लड़की के सामने पेश किया. इसके बावजूद युवती ने टावर से उतरने से इंकार कर दिया. पुलिस, परिवार और ग्रामीणों का मुख्य लक्ष्य इस समय केवल लड़की की सुरक्षा सुनिश्चित करना था.

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क्या टूटेगा 19 साल पुराना तिलिस्म? फाइनल में भारत के सामने न्यूजीलैंड

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टी20 विश्वकप 2026 का फाइनल अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला जाएगा। खिताबी मुकाबले में भारत और न्यूजीलैंड की टीमें आमने-सामने होंगी। यह मुकाबला शाम सात बजे शुरू होगा और टॉस इससे आधे घंटे पहले यानी शाम साढ़े छह बजे होगा। टीम इंडिया के सामने बड़ी चुनौती होगी, क्योंकि टी20 विश्वकप के 19 साल के इतिहास में कभी मेजबान टीम चैंपियन नहीं बनी है।

इसे आप श्राप कहें या दुर्भाग्य कहें या फिर तिलिस्म, जो अब तक नहीं टूट सका है। हालांकि, अगर टीम इंडिया चैंपियन बनती है तो यह तिलिस्म भी टूट जाएगा। अगर ऐसा हुआ तो टी20 विश्वकप के 19 साल के इतिहास में पहली बार कोई मेजबान देश चैंपियन बनेगा। आइए अब तक रिकॉर्ड के बारे में जानते हैं-

2007: टी20 विश्वकप के पहले संस्करण यानी 2007 में दक्षिण अफ्रीका मेजबान था, लेकिन टीम सुपर-8 राउंड से ही बाहर हो गई थी। भारत ने पाकिस्तान को हराकर फाइनल और खिताब अपने नाम किया था। 
2009: इंग्लैंड 2009 में टी20 विश्वकप का मेजबान था। हालांकि, टीम सुपर-8 राउंड में खराब प्रदर्शन के बाद बाहर हो गई थी। पाकिस्तान ने श्रीलंका को हराकर खिताब अपने नाम किया था।
2010: वेस्टइंडीज ने 2010 में टी20 विश्वकप की मेजबानी की थी। हालांकि, स्टार्स से सजी टीम सुपर-8 में ही हारकर बाहर हो गई थी। इंग्लैंड ने ऑस्ट्रेलिया को हराकर खिताब अपने नाम किया था।
2012: श्रीलंका को 2012 में टी20 विश्वकप की मेजबानी दी गई थी। संगकारा और जयवर्धने जैसे स्टार्स से सजी टीम फाइनल में तो पहुंची, लेकिन वेस्टइंडीज के हाथों हार मिली। 2026 में भारत से पहले सिर्फ श्रीलंका ही ऐसी टीम है, जो मेजबान होते हुए फाइनल में पहुंच पाई है।
2014: बांग्लादेश को 2014 में टी20 विश्वकप की मेजबानी मिली थी। हालांकि, टीम सुपर-10 में ही हारकर बाहर हो गई थी। श्रीलंका और भारत फाइनल में पहुंचे और श्रीलंका की टीम ने भारत को हराकर खिताब पर कब्जा जमाया था। 
2016: भारत को 2016 टी20 विश्वकप की मेजबानी मिली थी। टीम सेमीफाइनल में वेस्टइंडीज से हारकर बाहर हो गई थी। बाद में वेस्टइंडीज टीम ही चैंपियन बनी थी। उसने फाइनल में इंग्लैंड को शिकस्त दी थी।
2021: 2021 में पहले तो भारत मेजबान था, लेकिन कोविड की वजह से यूएई और ओमान में मैचों को शिफ्ट किया गया। यूएई और ओमान की टीमें ग्रुप स्टेज में ही हारकर बाहर हो गई थीं। फाइनल में ऑस्ट्रेलिया ने न्यूजीलैंड को हराकर खिताब पर कब्जा जमाया था।
2022: ऑस्ट्रेलिया को 2022 टी20 विश्वकप की मेजबानी मिली, लेकिन टीम सुपर-12 राउंड से ही बाहर हो गई। फाइनल में इंग्लैंड ने पाकिस्तान को हराकर खिताब पर कब्जा जमाया था। 
2024: वेस्टइंडीज और अमेरिका को 2024 टी20 विश्वकप की मेजबानी मिली थी। हालांकि, दोनों टीमें सुपर-8 राउंड में ही हारकर बाहर हो गई थी। फाइनल में भारत ने दक्षिण अफ्रीका को हराकर खिताब पर कब्जा जमाया था।

2026: इस बार भारत और श्रीलंका मेजबान हैं। हालांकि, श्रीलंका की टीम सुपर-8 राउंड में बाहर हो गई। वहीं, भारत श्रीलंका के बाद बतौर मेजबान फाइनल में पहुंचने वाली दूसरी टीम बनी है। भारत के पास इस तिलिस्म को तोड़ने का मौका है। अगर टीम चैंपियन बनी तो इतिहास रच देगी।

हिसाब बराबर करने का मौका! आईसीसी नॉकआउट में न्यूजीलैंड के खिलाफ कैसा है भारत का रिकॉर्ड?

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टी20 विश्वकप 2026 का फाइनल मुकाबला भारत और न्यूजीलैंड के बीच अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला जाएगा। यह मुकाबला शाम सात बजे शुरू होगा और टॉस इससे आधे घंटे पहले यानी शाम साढ़े छह बजे होगा। दोनों टीमें दो साल में लगातार दूसरे आईसीसी टूर्नामेंट के फाइनल में भिड़ रही हैं। इससे पहले 2025 के चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल में भारत ने न्यूजीलैंड को हराया था। हालांकि, आईसीसी टूर्नामेंट्स के नॉकआउट्स में टीम इंडिया का न्यूजीलैंड के खिलाफ रिकॉर्ड अच्छा नहीं रहा है। कीवियों ने हमसे एक ज्यादा मैच जीता है। भारत के पास इस बार फाइनल जीतकर हिसाब बराबर करने का मौका है।टीम इंडिया और न्यूजीलैंड अब तक आईसीसी टूर्नामेंट्स के नॉकआउट मुकाबले में पांच बार आमने-सामने आ चुकी हैं। इनमें से कीवियों ने तीन मैच और भारत ने दो मैच जीते हैं। हालांकि, दोनों टीमें टी20 विश्वकप के नॉकआउट में पहली बार आमने-सामने होंगी। इससे पहले दोनों वनडे या फिर टेस्ट चैंपियनशिप के नॉकआउट में ही भिड़ी हैं। आइए पहले आंकड़े जानते हैं और फिर हर मैच की कहानी…
 
1. भारत vs न्यूजीलैंड, चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल, 2000

भारत और न्यूजीलैंड किसी आईसीसी टूर्नामेंट के नॉकआउट में पहली बार साल 2000 के चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल में आमने-सामने आए थे। तब स्टीफन फ्लेमिंग की अगुआई वाली न्यूजीलैंड टीम ने सौरव गांगुली की अगुआई वाली भारतीय टीम चार विकेट से हराया था। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में छह विकेट पर 264 रन बनाए थे। गांगुली ने 117 रन और सचिन ने 69 रन की पारी खेली थी। जवाब में न्यूजीलैंड ने 49.4 ओवर में छह विकेट गंवाकर लक्ष्य हासिल कर लिया था। क्रिस केयर्न्स उस मैच में प्लेयर ऑफ द मैच रहे थे। उन्होंने दो विकेट लेने के अलावा 102 रन की नाबाद पारी खेली थी। इसके अलावा क्रिस हैरिस ने 46 और नाथन एस्टल ने 37 रन बनाए थ

2. भारत vs न्यूजीलैंड, वनडे विश्वकप सेमीफाइनल, 2019

2000 चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल के बाद दोनों टीमें आईसीसी नॉकआउट में 19 साल बाद यानी 2019 में वनडे विश्वकप के सेमीफाइनल में आमने-सामने आईं। कोई भी भारतीय यह मैच नहीं भूल सकता, क्योंकि टीम इंडिया जीत के करीब पहुंचकर हार गई थी। दो दिन तक चले इस सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में आठ विकेट पर 239 रन बनाए थे। कप्तान केन विलियम्सन ने 67, रॉस टेलर ने 74 रन की पारी खेली थी। भारत की ओर से भुवनेश्वर कुमार ने तीन विकेट लिए। जवाब में टीम इंडिया की पारी 49.3 ओवर में 221 रन पर सिमट गई थी और भारत 18 रन से हार गया था। धोनी ने 50 रन और रवींद्र जडेजा ने 77 रन की पारी खेली। वहीं, ऋषभ पंत और हार्दिक ने 32-32 रन बनाए थे। कप्तान कोहली, रोहित और केएल एक-एक रन बना सके थे। न्यूजीलैंड की ओर से मैट हेनरी ने तीन विकेट लिए थे।

3. भारत vs न्यूजीलैंड, विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल, 2021

2019 के बाद भारत और न्यूजीलैंड 2021 में विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में आमने-सामने आए। यह टेस्ट चैंपियनशिप का पहला फाइनल था। कोहली की अगुआई में भारतीय टीम मजबूत दिख रही थी। वहीं, न्यूजीलैंड की कमान केन विलियम्सन संभाल रहे थे। बारिश ने भी खलल डाला और रिजर्व डे में नतीजा आया। हालांकि, इस मैच में भारत की बल्लेबाजी खराब रही। भारत ने पहली पारी में 217 रन बनाए। कोहली 44 रन और रहाणे 49 रन बनाकर टॉप स्कोरर रहे। जेमीसन ने पांच विकेट झटके। जवाब में न्यूजीलैंड ने अपनी पहली पारी में 249 रन बनाए और भारत पर 32 रन की बढ़त हासिल की। डेवोन कॉनवे ने 54 रन और कप्तान विलियम्सन ने 49 रन की पारी खेली। टॉम लाथम और टिम साउदी ने 30-30 रन बनाए। भारत की ओर से शमी को चार विकेट मिले। भारत की दूसरी पारी 170 रन पर सिमट गई और न्यूजीलैंड की 32 रन की बढ़त को घटा दें तो टीम इंडिया की कुल बढ़त 138 रन की हुई और न्यूजीलैंड के सामने 139 रन का लक्ष्य था। दूसरी पारी में पंत 41 रन बनाकर टॉप स्कोरर रहे। कीवियों की तरफ से टीम साउदी ने चार विकेट लिए। इसके बाद न्यूजीलैंड ने दो विकेट गंवाकर लक्ष्य हासिल कर लिया। विलियम्सन 52 रन और रॉस टेलर 47 रन बनाकर नाबाद रहे।
 
4. भारत vs न्यूजीलैंड, वनडे विश्वकप सेमीफाइनल, 2023

2021 के बाद भारत और न्यूजीलैंड की टीमें 2023 वनडे विश्वकप के सेमीफाइनल में आमने-सामने आईं। रोहित की अगुआई में टीम इंडिया ने विलियम्सन की अगुआई वाली न्यूजीलैंड टीम को 70 रन से हराया था। वानखेड़े में खेले गए इस मुकाबले में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में चार विकेट पर 397 रन बनाए। रोहित ने 40 रन, शुभमन ने 80 रन, कोहली ने 117 रन और श्रेयस ने 105 रन की पारी खेली। न्यूजीलैंड की ओर से साउदी ने तीन विकेट लिए। जवाब में न्यूजीलैंड की टीम 48.5 ओवर में 327 रन पर ऑलआउट हो गई। डेरिल मिचेल ने 134 रन और ग्लेन फिलिप्स ने 41 रन की पारी खेली। विलियम्सन ने 69 रन बनाए। भारत की ओर से शमी ने सात विकेट झटके।
 
5. भारत vs न्यूजीलैंड, चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल, 2025

भारत ने चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के फाइनल में न्यूजीलैंड को चार विकेट से हराकर खिताब अपने नाम किया था। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए न्यूजीलैंड ने सात विकेट गंवाकर 50 ओवर में 251 रन बनाए थे। डेरिल मिचेल ने 63 रन और माइकल ब्रेसवेल ने 53 रन की पारी खेली थी। जवाब में भारत ने 49 ओवर में छह विकेट गंवाकर लक्ष्य हासिल कर लिया। रोहित ने कप्तानी पारी खेली। उन्होंने 76 रन बनाकर भारत को मुश्किल से निकाला। वहीं, श्रेयस ने 48 रन बनाए थे। आखिर में केएल और जडेजा ने नाबाद रहकर जीत दिलाई थी। 

क्या डीआईजी और कमांडेंट स्तर के अफसरों को मिल रहा संरक्षण?

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नई दिल्ली|प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भ्रष्टाचार के खिलाफ जहां सख्ती से पेश आ रहे हैं और सरकारी खर्च घटाने की नीति पर जोर दे रहे हैं, वहीं सीआरपीएफ में एक कमांडेंट और डीआईजी, सरकार के इन प्रयासों को धता बता रहे हैं। भ्रष्टाचार के दो मामलों की शिकायत सीआरपीएफ डीजी को दी गई है। 149 वीं बटालियन के कमांडेंट के खिलाफ शिकायत देने वाले अधिकारी वहीं पर बतौर ‘सेकेंड-इन-कमांड’ तैनात हैं। दूसरे मामले में डीआईजी, ग्रुप केंद्र ‘खटखटी’ पर भ्रष्टाचार का आरोप लगा है। जबरन वसूली की यह शिकायत भी बल के महानिदेशक को भेजी गई है। आरोप है कि फोर्स मुख्यालय में लंबे समय से कार्यरत एक आला आईपीएस अधिकारी, इन मामलों में सख्त कार्रवाई की प्रक्रिया को रोक रहे हैं। दूसरी तरफ सूत्रों का कहना है कि डीजी जीपी सिंह, भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हैं। संभव है कि वे जल्द ही इन केसों में कार्रवाई करें। इस बाबत सीआरपीएफ हेडक्वार्टर के डीआईजी एम दिनाकरण, जिसके पास ‘पर्स/पीआर’ का चार्ज है, उनसे दोनों मामलों में पक्ष जानने का प्रयास किया गया। फोन कॉल और मैसेज किए जाने के बावजूद जवाब नहीं मिल सका। 

कमांडेंट आशीष यादव पर लगाए गंभीर आरोप … 

149 वीं बटालियन के कमांडेंट आशीष यादव पर भ्रष्टाचार के कथित आरोप लगाए हैं। यह शिकायत भूप किशोर शर्मा, सेकेंड-इन-कमांड द्वारा भेजी गई है। शिकायतकर्ता के पास लेखा अधिकारी के कर्तव्यों का निर्वहन करने के अलावा सेकेंड-इन-कमांड (ऑपरेशन) का अतिरिक्त प्रभार भी है। शिकायत में सरकारी निधि, जीआईए और एसएस फंड के दुरुपयोग की बात कही गई है। उन्होंने एसआई/जीडी एन. माचक्कलाई का हवाला दिया है, जो पिछले पांच वर्ष से लगातार इस यूनिट में क्यूएमसी के कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे हैं। उन पर सरकारी निधियों के दुरुपयोग और आपूर्ति आदेश के अनुसार माल प्राप्त न होने का आरोप है। उन्हें कमांडेंट का करीबी बताया जाता है। वे स्थानीय आपूर्तिकर्ताओं/विक्रेताओं से माल की खरीद के दौरान कथित तौर पर कमीशन प्राप्त करते हैं और चुप रहते हैं। यादव पर आरोप है कि वे दूसरे अधिकारियों को कार्यभार नहीं सौंपते। वे 29/11/2023 को कमांडेंट बनकर आए थे। पिछले 2 वर्षों से उन्होंने केवल 30 दिनों की छुट्टी ली है। वे अपने नियंत्रण वाले अधिकारियों को अक्सर चेतावनी पत्र जारी करते रहते हैं।

 राजस्थान, हरियाणा व दिल्ली एनसीआर का स्टाफ …  

कमांडेंट आशीष यादव ने बटालियन मुख्यालय में राजस्थान, हरियाणा और दिल्ली एनसीआर से ताल्लुक रखने वाले स्टाफ को अहम जिम्मेदारी दी। इन्हें स्टॉक रजिस्टर में प्रविष्टि करने के लिए प्रमुख धारक बनाया गया था। भंडार, वस्त्र, शिविर सुरक्षा सामग्री, पुलिस बल और सरकारी रेजिमेंटल फंड आदि में दुरुपयोग किया जाता। शिकायत में एएसआई धर्मपाल ‘बीक्यूएमएच’, हवलदार एचसी/जीडी अनिल लता ‘एमटी हवलदार’, एचसी/जीडी मुकेश ‘पुलिस बल हवलदार’, एचसी/जीडी प्रदीप ‘कैंटीन हवलदार’, सीटी/जीडी अमित ‘कमांडेंट कार्यालय का सहायक’, इंस्पेक्टर/जीडी घासी राम यादव ‘एसएम’ और एएसआई/जीडी मूल चंद यादव ‘बीएचएम’ का नाम लिखा है। आरोप है कि ये कार्मिक, सीओ के लिए जासूस की भूमिका निभाते हैं। इन कर्मियों की तैनाती 2023 से प्रभावी है। वे यूनिट, मेस, कैंटीन, स्टोर्स, पुलिस डिपो पर नजर रखते हैं। 

सहायक कमांडेंट का काम इंस्पेक्टर को दे दिया … 

इस यूनिट में पांच सहायक कमांडेंट तैनात हैं, लेकिन इन कंपनी कमांडरों का बार-बार तबादला हो रहा है। कमांडिंग ऑफिसर का प्रभार इंस्पेक्टर/जीडी को सौंप दिया जाता है। आरोप है कि हर महीने कमांडेंट इन इंस्पेक्टर/जीडी को मेसर्स अरविंद ट्रेडर्स द्वारा आपूर्ति किए जा रहे राशन को प्राप्त करने के लिए कहते हैं। चेक के माध्यम से राशन का भुगतान किया जाता है। कमीशन आदि बातें, इंस्पेक्टर/जीडी घासी राम यादव देखते हैं। वहां से तय राशि सीओ तक पहुंचती है। कंपनी कमांडर के रूप में ए/149 इंस्पेक्टर/जीडी सरवनन, बी/149 इंस्पेक्टर/जीडी घासी राम यादव, सी/149 इंस्पेक्टर/जीडी अंकुर मोहन साहू, डी/149 इंस्पेक्टर/जीडी मदन लाल, ई/149 – इंस्पेक्टर/जीडी कमलेश कुमार सिंह और एफ/149 इंस्पेक्टर/जीडी गुरुसदय पांडा को तैनात किया गया। अफसरों के शौचालयों के नवीनीकरण के लिए 5,50,000 रुपये प्राप्त हुए थे। आरोप है कि कमांडेंट यादव ने इस पर पैसा खर्च नहीं किया। धन को हड़प लिया गया। शौचालयों के नवीनीकरण का काम एएसआई/जीडी मूल चंद, बीएचएम द्वारा किया गया था, जिसमें पीटी, प्रशिक्षण और रोटेशनल प्रशिक्षण में कार्यरत जवानों का इस्तेमाल किया गया था। पुरानी इमारतों और मुख्यालय भंडार में उपलब्ध अनुपयोगी सामान से नवीनीकरण कर दिया गया। डीजी जनरेटर सेटों की मरम्मत और स्पेयर पार्ट्स बदलने के लिए मंजूरी दी गई, लेकिन कोई स्पेयर पार्ट्स नहीं बदले। निजी लाभ के लिए पैसे हड़प लिए गए। बिल संख्या 913170381 एसआई/जीडी एन. माचक्कलाई द्वारा बीक्यूएमएच एएसआई/जीडी धर्मपाल को दिए गए थे, और उन्होंने इसे स्टॉक रजिस्टर में दर्ज किया। 

बैडमिंटन कोर्ट में आवास तैयार किए गए …  

यूनिट में ओएसएल के कई मामले हैं, जो कि प्रभावी तिथि से लागू हैं। 29/11/03 को, सभी मामलों को कमांडेंट द्वारा जवानों से इंस्पेक्टर/जीडी के माध्यम से ले देकर नियमित किया गया। यहां पर घासी राम यादव ने सीओ के खास आदमी की भूमिका निभाई। वह ओसी मुख्यालय/149 और ओसी बी/149 का प्रभार संभाल रहा है। यादव, सीओ की मेहरबानी के चलते दूसरे अधिकारियों को कुछ नहीं समझता। जॉयसागर में बी/149 स्थान पर दो कंपनियों को जबरन तैनात किया गया। बी/149 और जी/149। वहां जवानों के रहने के लिए आवास की कमी है। युद्धग्रस्त टिन शीट से बना अस्थायी आवास बैडमिंटन कोर्ट में तैयार किया गया। दोनों कंपनियों के कर्मियों को एक ही स्थान पर जबरन ठहराया गया है। इस स्थान पर केवल 5 शौचालय उपलब्ध हैं। डीजी को इसके फोटो भी भेजे गए हैं। जवानों को स्थानीय विक्रेताओं से आरओ का पानी खरीदना पड़ता है। वे पिकअप वाहन के माध्यम से पानी की आपूर्ति करते हैं। इसके अतिरिक्त, ओएनजीसी द्वारा डी/149 बटालियन, सीआरपीएफ को खाना पकाने के लिए गैस की आपूर्ति की जाती है। इसका बिल भी स्थानीय खरीद रजिस्टर में दर्ज किया जाता है। हर महीने 20,000 रुपये का गैस बिल इंस्पेक्टर/जीडी से प्राप्त होता है। आरोप है कि कमांडेंट यादव को उनके निजी लाभ के लिए इस राशि का भुगतान किया जाता है। 

उत्पीड़न की घटनाओं पर कार्रवाई नहीं … 

आरोप है कि बी/149 के कांस्टेबल आशीष कुमार जेना, इंस्पेक्टर/जीडी घासी राम यादव द्वारा उत्पीड़न किए जाने के कारण मानसिक पीड़ा झेल रहे हैं। कांस्टेबल ने कमांडेंट कार्यालय जाकर इंस्पेक्टर यादव द्वारा किए गए यौन उत्पीड़न की सूचना दी थी, लेकिन कमांडेंट द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई। अंततः कांस्टेबल ने सीओ दफ्तर को पत्र लिखकर आत्महत्या करने का निर्णय लिया। अंत में डीआईजी ऑप्स डिब्रूगढ़ ने उन्हें अटैचमेंट ड्यूटी पर भेजकर उनकी जान बचाई। कई दूसरे मामलों में भी कार्रवाई इसलिए नहीं हो सकी, क्योंकि सीओ अपने लोगों को बचा रहे हैं। इंस्पेक्टर यादव पर भ्रष्टाचार का आरोप है कि उन्होंने एसएम ओसी-मुख्यालय/149 और ओसी बी/149 रहते हुए 2023 बैच I/149 के नए भर्ती हुए सीटी/जीडी से हर महीने कथित तौर पर हजार रुपये लेते थे। जॉयसागर में एक ही कंपनी के लिए परिसर है, लेकिन यहां बी/149 और जी/149 को रखा गया है। 80 सदस्यों की जगह पर 160 कर्मियों को ठहराया गया। सीओ के कार्यकाल में कई जवान शहीद हुए हैं। इस मामले की उचित जांच हो तो बड़ा खुलासा हो सकता है। 

एसडीजी, आईजी के दौरे से कुछ नहीं बदला … 

डीआईजी सीएनटी जीसी एसएलजी द्वारा सिग्नल संख्या सी.आई.वी-01/2026-पीए-जीसीएसएलआर दिनांक 05/01/2026 के माध्यम से इंस्पेक्टर/जीडी घासी राम यादव के खिलाफ जांच का आदेश दिया गया था। डीआईजी डीटी बनर्जी जांच अधिकारी थे। जांच के लिए जब वे बटालियन मुख्यालय गए, तब लेकिन इंस्पेक्टर घासी राम यादव नशे में थे। उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। जांच के दौरान वे ऑफिसर कमांडिंग जी/149 के प्रभार में रहे। 27/12/2025 को इंस्पेक्टर/जीडी घासी राम यादव (ओसी जी/149 के अस्थायी प्रभार में) ने एफएसएस फंड से 10000 रुपये निकाले। 13/01/2026 को घासी राम यादव (ओसी जी/149 के अस्थायी प्रभार में) ने चेक संख्या 856266 के माध्यम से 23000 रुपये निकाले। इन मामलो में जो पैसा निकाला, वह सीओ को दिया गया। डीआईजी डीटी बनर्जी, डीआईजी प्रभाकर त्रिपाठी, डीआईजी हरपाल सिंह और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने इन शिकायतों की जांच की है। उन्हें सही पाया है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई है। शिकायत में लिखा है कि एसडीजी एनईजेड, आईजी जोरहाट और आईजी एनईएस सभी ने यूनिट का दौरा किया। जवानों की रहने की स्थिति देखी है और उनकी शिकायतें सुनी हैं, फिर भी कुछ नहीं बदला। 

डीआईजी पर जबरन वसूली का आरोप … 

ग्रुप केंद्र खटखटी के डीआईजी अनिल बिष्ट पर भी एक शिकायत में भ्रष्टाचार का आरोप लगा है। शिकायत में जबरन वसूली का भी आरोप लगाया गया है। यह शिकायत एक रंगरुट द्वारा डीजी सीआरपीएफ को भेजी गई है। रंगरुट ने 42.54 लाख रुपये की वसूली को लेकर बल मुख्यालय को सबूत भी दिए हैं। इस बाबत सीआरपीएफ में एक वीडियो भी वायरल हुआ है। 24 फरवरी को  डीआईजी ने ग्रुप केंद्र खटखटी में 709 नए रंगरूटों को विभिन्न प्रशिक्षण केंद्रों में भेजने के लिए रिसीव किया। शिकायत में लिखा है कि उन्होंने सरकार द्वारा निःशुल्क आपूर्ति की गई वर्दी के दो ट्रक मंगवाए। रंगरूटों को उनकी इच्छा के विरुद्ध 6000 रुपये प्रति रंगरूट, किट लेने के लिए मजबूर किया गया। शिकायतकर्ता ने जबरन वसूली के ऑडियो और वीडियो सबूत उपलब्ध कराए हैं। इस किट की बिक्री से 4254000 रुपये एकत्रित हुए। आरोप है कि आपूर्तिकर्ता ने 2000000 रुपये कथित तौर पर सीधे डीआईजी को भुगतान कर दिए। बताया गया कि उक्त डीआईजी बिष्ट दो मार्च से को एनडीआरएफ में प्रतिनियुक्ति पर जा रहे थे। रंगरूटों ने इस मामले की गहन जांच कराने की मांग की है। यह केस भी सीआरपीएफ हेडक्वार्टर तक पहुंचा है, लेकिन अभी तक किसी तरह की कोई कार्रवाई हुई है या नहीं, इसका पता नहीं लग सका है। 

क्या कुलदीप यादव बनेंगे टीम इंडिया के ट्रंप कार्ड?

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भारतीय क्रिकेट टीम ने टी20 विश्व कप 2026 के फाइनल में जगह बना ली है। रविवार को होने वाले फाइनल मुकाबले में टीम इंडिया का मुकाबला न्यूजीलैंड से होना है। मैच नरेंद्र मोदी स्टेडियम, अहमदाबाद में खेला जाएगा। खिताबी मुकाबले से पहले भारत के लिए वरुण चक्रवर्ती की फॉर्म बड़ी समस्या बनकर उभरी है। 

वरुण की मिस्ट्री हुई खत्म?

वरुण चक्रवर्ती को एक ‘मिस्ट्री गेंदबाज’ के रूप में लोकप्रियता मिली है। उनकी लेग स्पिन को समझ पाना बल्लेबाजों के लिए कड़ी परीक्षा से कम नहीं रहा है। अपनी रहस्यमयी गेंदबाजी के दम पर आईपीएल और फिर पिछले दोसाल में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भी उन्होंने बड़ी सफलता हासिल की है। टी20 फॉर्मेट में आईसीसी रैंकिंग में वह पहले स्थान पर हैं। वरुण की वजह से कुलदीप यादव जैसे गेंदबाज को प्लेइंग इलेवन से बाहर रखा जा रहा है, लेकिन टी20 विश्व कप में वरुण की रहस्यमयी गेंदबाजी का तोड़ संभवतः विपक्षी गेंदबाजों ने ढूंढ लिया है। वरुण ने टी20 विश्वकप 2026 टूर्नामेंट में अब तक आठ मैचों में 13 विकेट लिए हैं, लेकिन हाल के मैचों में उनकी गेंदबाजी का असर कम होता दिखा है। 

छोटी टीमों के खिलाफ असरदार थे वरुण

ग्रुप स्टेज में छोटी टीमों के खिलाफ वरुण चक्रवर्ती असरदार रहे थे और चार मैचों में नौ विकेट निकाले थे, लेकिन सुपर-8 में पहुंचते ही उनका करिश्मा जैसे समाप्त हो गया है। विपक्षी टीम के बल्लेबाज उनकी गेंदों को आसानी से पढ़ पा रहे हैं और बिना किसी परेशानी के उनपर बड़ी हिट लगा रहे हैं। सुपर-8 के तीन मैचों में मंहगे रहते हुए महज तीन विकेट लेने वाले वरुण के लिए इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल तो बेहद निराशाजनक और भूलने वाला रहा। सेमीफाइनल में दाएं हाथ के इस स्पिनर ने चार ओवर में 64 रन देकर एक विकेट लिया। उनकी असरहीन गेंदबाजी की वजह से भारत का मैच फंस गया था। उसी मैच में जसप्रीत बुमराह ने चार ओवर में 33 रन देकर टीम को संभाला। इससे पहले वेस्टइंडीज के खिलाफ अहम मुकाबले में वरुण ने चार ओवर में 40 रन खर्च किए थे, जबकि जिम्बाब्वे के खिलाफ भी उन्होंने चार ओवर में 35 रन दिए थे।खैर, भारतीय टीम ने फाइनल में जगह बना ली है। अब देखना होगा कि पिछले चार मैचों में बिल्कुल निष्प्रभावी रहे वरुण को हेड कोच गौतम गंभीर और कप्तान सूर्यकुमार यादव फाइनल की प्लेइंग इलेवन में बनाए रखते हैं या उनकी जगह कुलदीप यादव को मौका देते हैं। भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव लगातार वरुण के मिस्ट्री स्पिन पर भरोसा जताते रहे हैं। टीम मैनेजमेंट का मानना है कि उनकी अनोखी गेंदबाजी विपक्षी बल्लेबाजों की लय बिगाड़ सकती है, खासकर न्यूजीलैंड के मिडिल ऑर्डर के खिलाफ। वरुण मिडिल ओवरों में आक्रामक गेंदबाजी करने की भूमिका निभाते हैं और जरूरत पड़ने पर पावरप्ले में भी गेंदबाजी कर सकते हैं। इसके अलावा टीम मैनेजमेंट आमतौर पर जीतती हुई टीम में ज्यादा बदलाव करने से बचता है।कुलदीप यादव को मौका बेशक न मिला हो, लेकिन इसमें कोई शक नहीं कि वह मौजूदा समय में कलाई के सर्वश्रेष्ठ स्पिनर हैं। कुलदीप को बड़े मैचों में खेलने का अनुभव है और उन्होंने अपने दम पर भारतीय टीम को जीत भी दिलाई है। इसलिए अगर उन्हें फाइनल में वरुण की जगह मौका मिलता है तो इसमें किसी को कोई हैरानी नहीं होनी चाहिए। 54 टी20 मैचों में 95 विकेट ले चुके कुलदीप ने टी20 विश्व कप 2026 में एकमात्र मैच पाकिस्तान के खिलाफ खेला है। इस मैच में उन्होंने अच्छी गेंदबाजी की थी और तीन ओवर में 14 रन देकर एक विकेट लिया था। कुलदीप का अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में अच्छा रिकॉर्ड रहा है। 2023 वनडे विश्वकप के दौरान भी कुलदीप ने इसी मैदान पर मिडिल ओवरों में शानदार गेंदबाजी की थी। उनकी फ्लाइट और टर्न बड़े मैदान पर बल्लेबाजों को परेशान कर सकती है।

अभिषेक शर्मा पर भी नजर

टीम चयन को लेकर एक और दिलचस्प पहलू अभिषेक शर्मा से जुड़ा है। उन्हें इस टूर्नामेंट में ज्यादा मौके मिले हैं, जबकि उनका प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा है और उन्होंने सिर्फ एक अर्धशतक लगाया है।ऐसे में फाइनल से पहले टीम संयोजन को लेकर चर्चा तेज है। उनकी ऑफ स्पिन के खिलाफ कमजोरी को सबने उजागर किया है। पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबले के बाद से अभिषेक एक ही पैटर्न में आउट हुए हैं। ऐसे में टीम मैनेजमेंट की इस पर भी नजर होगी। हालांकि, फाइनल में एक बार फिर अभिषेक पर भरोसा जताया जा सकता है।
 

ट्रंप की रूसी तेल छूट पर भारत का दो टूक जवाब- हमें किसी की परमिशन की जरूरत नहीं

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नई दिल्ली|भारत को रूस से तेल खरीदने के लिए अमेरिका की ओर से जो 30 दिनों की छूट के ऐलान के बाद विपक्ष केंद्र की मोदी सरकार पर हमलावर है. इसे लेकर केंद्र सरकार ने साफ किया कि भारत राष्ट्रीय हित में जहां से मन होगा वहां से तेल खरीदेगा. सरकार ने कहा कि ईरान अमेरिका इजरायल युद्ध के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर तनाव बना हुआ है, ऐसे में भारत सबसे बेहतर कीमतों की पेशकश करने वाले किसी भी देश से कच्चा तेल खरीदना जारी रखेगा|

भारत की ऊर्जा आपूर्ति सुरक्षित: केंद्र

केंद्र सरकार ने कहा, ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर बढ़ते तनाव के बावजूद भारत की ऊर्जा आपूर्ति सुरक्षित और स्थिर है. भारत ने अपने कच्चे तेल के स्रोत 27 से बढ़ाकर 40 देशों तक विविधीकृत किए हैं, जिससे आपूर्ति के कई वैकल्पिक मार्ग सुनिश्चित हुए हैं. राष्ट्रीय हित में भारत वहीं से तेल खरीदता है जहां सबसे प्रतिस्पर्धी और किफायती दरें उपलब्ध हों. उन्नत रिफाइनरी क्षमता के कारण विभिन्न ग्रेड के कच्चे तेल को प्रोसेस करना संभव है, जिससे आपूर्ति निर्बाध बनी रहती है|

भारत ने शनिवार (7 मार्च 2026) को यह भी पुष्टि की है कि वह अमेरिका की ओर से दी गई अस्थायी छूट के बाद भी रूस से तेल आयात करना जारी रखेगा. यह छूट मध्य पूर्व में चल रहे युद्ध के कारण दी गई थी. केंद्र ने कहा है कि नई दिल्ली को इस तरह की खरीदारी के लिए किसी भी देश से अनुमति लेने की जरूरत नहीं है|

भारत को परमिशन की जरूरत नहीं: केंद्र

सरकार ने कहा, ‘भारत रूसी तेल खरीदने के लिए कभी किसी देश की अनुमति पर निर्भर नहीं रहा है. भारत फरवरी 2026 में भी रूसी तेल का आयात जारी रखेगा और रूस भारत का सबसे बड़ा कच्चा तेल आपूर्तिकर्ता बना रहेगा. रूस-यूक्रेन युद्ध के तीन सालों के दौरान, भारत ने अमेरिका और यूरोपीय यूनियन की आपत्तियों के बावजूद रूसी तेल खरीदना जारी रखा. रियायती कीमतों और रिफाइनरी की मांग के कारण 2022 के बाद आयात में बढ़ोतरी हुई|’

रूस से व्यापार लगातार जारी रहा है: केंद्र सरकार

मिडिल ईस्ट में जारी जंग के कारण ग्लोबल एनर्जी फ्लो और शिपिंग रूट बाधित हुआ है, जिससे तेल की कीमतों में उछाल आ गया. अमेरिका ने गुरुवार (5 फरवरी 2026) को रूस पर लगे प्रतिबंधों में अस्थायी रूप से ढील दी ताकि समुद्र में जहाजों पर लदे हुए रूस के तेल को भारत को बेचा जा सके. इसे लेकर केंद्र सरकार ने कहा, ‘रूस से व्यापार लगातार जारी रहा है. इस छूट के जरिए रूस के साथ हमारे ट्रेड को नजरअंदाज करने की कोशिश की जा रही है. भारत दुनिया के रिफाइन्ड प्रोडक्ट का निर्यातक है और ये स्थिति उनकी ऊर्जा सुरक्षा को कमजोर नहीं, बल्कि मजबूत करती है|