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Tuesday, September 8, 2026
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AI इम्पैक्ट समिट में गलगोटिया यूनिवर्सिटी को स्टॉल खाली करने का आदेश

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AI Impact Summit: रोबो डॉग विवाद में गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने पूरे देश की दुनिया भर में किरकिरी कराकर रख दी है. इस इंटरनेशनल बेइज़्ज़ती पर विस्तार न्यूज़ ने यूनिवर्सिटी प्रबंधन से तीखे सवाल पूछे, जिसके जवाब में यूनिवर्सिटी ने कहा कि उनका पक्ष मिस-कम्युनिकेशन का शिकार हो गया. हालांकि, ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ के दौरान गलगोटिया यूनिवर्सिटी को समिट के एक्सपो स्थल खाली करने का निर्देश दिया गया है. क्योंकि, विश्वविद्यालय ने अपने स्टॉल में प्रदर्शित चीनी निर्मित रोबोट डॉग को अपनी ‘इन-हाउस’ तकनीक के रूप में पेश किया, जिससे विवाद उत्पन्न हुआ|

फैक्‍ट-चेक के बाद लगा आरोप

समिट में यूनिवर्सिटी के प्रतिनिधि ने ‘ओरियन’ नामक रोबोट को अपने ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ द्वारा विकसित बताया, लेकिन यह जीरोबोट असल में चीन की कंपनी Unitree Robotics का Go2 मॉडल है. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और फैक्ट-चेक के बाद आरोप लगे कि यह एक कमर्शियल चीनी उत्पाद है, जिसे गलत तरीके से भारतीय नवाचार दिखाने की कोशिश की गई|

विस्‍तार न्‍यूज़ से बातचीत में दी सफाई

गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने इस पूरे मामले पर विस्तार न्यूज के साथ ख़ास बातचीत में अपनी सफ़ाई दी. यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार एनके गौड़ ने कहा कि पवैलियन में उनके प्रतिनिधि ने भूलवश ग़लत जानकारी बोल दी. सिर्फ़ शब्दों का हेर-फेर था| जिसमें हमने यह दावा किया कि रोबोट को हमने चीन से ख़रीदा है, जिसका उद्देश्य छात्रों को इसके बारे में शिक्षित करना और इस पर रिसर्च करके और भी बेहतर रोबोट तैयार करना था|

भारत मंडपम से खाली होगा गलगोटिया यूनिवर्सिटी का स्‍टॉल

हालांकि, तमाम सफ़ाई के बावजूद योजन स्थल भारत मंडपम से गलगोटिया यूनिवर्सिटी के स्टॉल को ख़ाली करने को कह दिया गया और बिजली भी काट दी गई है. आयोजकों ने कहा कि भ्रामक दावे और हंगामे को देखते हुए वे ‘इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी’ नियमों और समिट की गरिमा की रक्षा करना चाहते हैं, इसलिए यूनिवर्सिटी से अपना प्रदर्शन रोकने और स्थल खाली करने को कहा गया| आयोजकों के अनुसार इसके पीछे नियमों का उल्लंघन और ‘मेक इन इंडिया’ के विजन का सम्मान करना मुख्य कारण रहा|

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