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Tuesday, September 8, 2026
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AAP सांसद ने राघव चड्ढा ने गिग वर्कर्स को दी बधाई, मोदी सरकार की भी तारीफ

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raghavनई दिल्ली। आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा (Raghav Chadha) ने नए लेबर कोड के तहत गिग वर्कर्स (Gig workers) और डिलीवरी पार्टनर्स के लिए सोशल सिक्योरिटी नियमों का ड्राफ्ट जारी करने के लिए केंद्र सरकार की तारीफ की है। उन्होंने कहा कि यह गिग वर्कर्स की कड़ी मेहनत को “मान्यता, सुरक्षा और सम्मान” देने की दिशा में पहला कदम है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, श्रम और रोजगार मंत्रालय ने इस हफ्ते की शुरुआत में ‘कोड ऑन सोशल सिक्योरिटी (सेंट्रल) रूल्स, 2025’ नाम से ड्राफ्ट नियम जारी किए हैं। इनमें गिग वर्कर्स को अलग-अलग सोशल सिक्योरिटी बेनेफिट्स और सुरक्षा पाने के लिए योग्य होने के नियम गए हैं।

राघव चड्ढा ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर दी बधाई

राघव चड्ढा ने आज अपने सोशल मीडिया हैंडल ‘एक्स’ पर लिखा, “सभी गिग वर्कर्स और डिलीवरी पार्टनर्स को बधाई। आपके लिए अच्छी खबर है। केंद्र सरकार के सोशल सिक्योरिटी नियमों का ड्राफ्ट आपके काम को मान्यता, सुरक्षा और सम्मान देने की दिशा में पहला कदम है। भले ही Zomato, Swiggy, Blinkit, आदि प्लैटफॉर्म्स ने आपकी बात नहीं सुनी, लेकिन इस देश के लोगों और सरकार ने सुनी। यह एक छोटी जीत है, लेकिन एक महत्वपूर्ण जीत है।”

 

राघव चड्ढा लंबे समय से गिग वर्कर्स के अधिकारों के लिए आवाज उठा रहे हैं, यहां तक ​​कि कई बार संसद में भी उन्होंने इस मुद्दे को उठाया है।

 

केंद्र सरकार के कदम का भी किया स्वागत

‘आप’ सांसद ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किए गए वीडियो में कहा, “ये ड्राफ्ट नियम सिर्फ इसलिए नहीं बनाए गए कि मैंने संसद में यह मुद्दा उठाया, बल्कि यह इसलिए हुआ क्योंकि आप सभी ने भी अपनी आवाज उठाई। कंपनियों और प्लैटफॉर्म्स ने आपकी बात नहीं सुनी, लेकिन सरकार ने सुनी, जिसका स्वागत किया जाना चाहिए।”

राघव चड्ढा ने कहा कि नए नियमों के तहत, गिग वर्कर्स को कानूनी मान्यता मिलेगी और उन्हें एक यूनिक पहचान दी जाएगी। हाल ही में संसद सत्र में ‘आप’ के राज्यसभा सांसद ने भारत के गिग वर्कर्स के ‘दुख-दर्द” के बारे में बात की थी, जो बहुत ज्यादा दबाव में और कभी-कभी खराब मौसम की स्थिति में काम करते हैं।

राघव चड्ढा ने क्विक कॉमर्स और दूसरे ऐप-बेस्ड डिलीवरी और सर्विस बिजनेस पर रेगुलेशन की मांग की थी, खासकर गिग वर्कर्स के फायदों की जरूरत पर जोर दिया था।

उन्होंने संसद में अपने भाषण में गिग वर्कर्स के लिए सम्मान, सुरक्षा और सही वेतन की मांग की थी। पहली बार, ‘गिग वर्कर्स’ और ‘प्लैटफॉर्म वर्कर्स’ की परिभाषा और उनसे जुड़े प्रावधान सोशल सिक्योरिटी कोड 2020 में दिए गए हैं, जो 21 नवंबर, 2025 को लागू हुआ है।
क्या होंगे फायदे

यह कोड गिग वर्कर्स और प्लैटफॉर्म वर्कर्स के लिए जीवन बीमा और विकलांगता कवर, दुर्घटना बीमा, स्वास्थ्य और मैटरनिटी बेनिफिट्स, बुढ़ापा सुरक्षा वगैरह से जुड़े मामलों पर सही सोशल सिक्योरिटी उपायों को बनाने का प्रावधान करता है। यह कोड कल्याणकारी योजनाओं को फाइनेंस करने के लिए एक सोशल सिक्योरिटी फंड बनाने का भी प्रावधान करता है। यह कोड गिग वर्कर्स और प्लैटफॉर्म वर्कर्स के कल्याण के लिए एक नेशनल सोशल सिक्योरिटी बोर्ड बनाने का भी प्रावधान करता है।

इसके अलावा, श्रम और रोजगार मंत्रालय ने 26.08.2021 को असंगठित श्रमिकों, जिसमें प्लैटफॉर्म वर्कर्स, प्रवासी श्रमिक आदि शामिल हैं, का एक व्यापक नेशल डेटाबेस बनाने के लिए ई-श्रम पोर्टल लॉन्च किया था। ई-श्रम पोर्टल का मकसद असंगठित श्रमिकों को सेल्फ-डिक्लेरेशन के आधार पर यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) देकर उन्हें रजिस्टर करना और सपोर्ट करना है। श्रम और रोजगार मंत्रालय ने 21.10.2024 को ई-श्रम- ‘वन-स्टॉप-सॉल्यूशन’ भी लॉन्च किया है, जिसमें अलग-अलग सामाजिक सुरक्षा/कल्याण योजनाओं को एक ही पोर्टल यानी ई-श्रम पर इंटीग्रेट किया गया है।

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