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30 की उम्र में छोटी-छोटी बातें भूल रहे हैं? कहीं ‘ब्रेन फॉग’ का संकेत तो नहीं

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Why Do I Feel Mentally Slow In My 30s: तीस की उम्र में याददाश्त कम होना आम बात नहीं है.  लेकिन कई लोग एक अलग तरह की परेशानी महसूस कर रहे हैं जैसे कि दिमाग में धुंध-सा छाया रहना, सोचने की रफ्तार धीमी पड़ जाना, मीटिंग में ध्यान न टिक पाना, या बात करते-करते साधारण शब्द भूल जाना. जो काम पहले आसानी से हो जाते थे, अब बोझ जैसे लगते हैं. चलिए आपको बताते हैं कि यह किन कारणों के चलते हो रहा है और इससे बचाव कैसे किया जा सकता है. 

क्यों होती है इस तरह की दिक्कत?

न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. विवेक कुमार ने TOI को बताया कि यह डिमेंशिया नहीं, बल्कि ‘ब्रेन फॉग’ है. इसमें मेंटल थकान, उलझन और एकाग्रता में कमी की दिक्कत का सामना करना पड़ता है.  एक्सपर्ट के अनुसार,  लगातार तनाव, नींद की कमी, पोषण की कमी, अत्यधिक स्क्रीन टाइम और कुछ मामलों में कोविड के बाद की रिकवरी इसकी बड़ी वजहें हैं. यानी दिमाग जवाब नहीं दे रहा, वह संकेत दे रहा है कि उसे संभालने की जरूरत है|

क्या यह कोई बीमारी है?

ब्रेन फॉग कोई आधिकारिक बीमारी नहीं, बल्कि लक्षणों का मेल है जिसमें मानसिक सुस्ती, छोटी-छोटी बातें भूलना, मल्टीटास्किंग में दिक्कत और दोपहर तक थकावट शामिल होती है. दिमाग शरीर की लगभग 20 प्रतिशत ऊर्जा इस्तेमाल करता है. जब नींद अधूरी हो, तनाव ज्यादा हो या पोषण कम मिले, तो सबसे पहले सोचने-समझने की क्षमता प्रभावित होती है. ब्रेन बंद नहीं होता, बस लो पावर मोड में चला जाता है|

क्यों होती है इस तरह की दिक्कत?

तीस की उम्र बॉयोलॉजिकल रूप से मेंटल क्षमता का अच्छा दौर माना जाता है, लेकिन लाइफस्टाइल बदल चुकी है. काम का दबाव, आर्थिक जिम्मेदारियां, बच्चों की परवरिश, सोशल मीडिया की तुलना और लगातार डिजिटल एक्सपोजर तनाव बढ़ाते हैं. वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन बताते हैं कि लंबी कार्य अवधि और कम नींद ध्यान और वर्किंग मेमोरी को कमजोर करती है. सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के अनुसार, एक तिहाई एडल्ट पर्याप्त नींद नहीं ले पाते, जबकि नींद के दौरान ही दिमाग खुद को रिपेयर करता है|

आपको किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?

पोषक तत्वों की कमी भी अहम कारण हो सकती है. विटामिन B12, विटामिन D3 और आयरन की कमी से एकाग्रता और एनर्जी घटती है. इसके साथ में थकान, झुनझुनी, बाल झड़ना या पीली त्वचा जैसे संकेत मिलें तो ब्लड टेस्ट कराना जरूरी है. नींद, नियमित व्यायाम और पानी की पर्याप्त मात्रा, ये तीन चीजें अक्सर नजरअंदाज होती हैं. रोज 30 मिनट हल्का-फुल्का एक्सराइज ब्लड फ्लो बढ़ाता है और ध्यान सुधारता है. हल्का डिहाइड्रेशन भी फोकस बिगाड़ सकता है. संतुलित आहार और स्क्रीन से दूरी भी मददगार है. अगर भूलने की समस्या रोजमर्रा के काम या नौकरी को प्रभावित करे, या अचानक भ्रम, तेज सिरदर्द, बोलने में दिक्कत जैसे लक्षण दिखें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें|
 

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