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2028 के ओलंपिक से इंग्लैंड की संभावित गैरमौजूदगी पर चर्चा, सामने आई चुनौती

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अमेरिका के लॉस एंजिलिस में 2028 में होने वाले ओलंपिक खेल कई मायनों में खास होंगे। इन खेलों में क्रिकेट भी शामिल किया गया है, जो 128 साल बाद ओलंपिक में वापसी करेगा। इससे पहले क्रिकेट केवल 1900 पेरिस ओलंपिक में खेला गया था। लॉस एंजिलिस ओलंपिक में क्रिकेट को टी20 फॉर्मेट में शामिल किया जाएगा और पुरुष तथा महिला दोनों वर्गों में मुकाबले होंगे। महिला और पुरुष दोनों श्रेणी में छह-छह टीमें हिस्सा लेंगी। इसी वजह से क्वालिफिकेशन प्रक्रिया और टीमों की भागीदारी को लेकर काफी चर्चा हो रही है, खासकर इंग्लैंड की भागीदारी को लेकर।

ओलंपिक 2028 में क्रिकेट का फॉर्मेट

लॉस एंजिलिस ओलंपिक में क्रिकेट का आयोजन 14 जुलाई से 29 जुलाई 2028 के बीच होने की संभावना है।

ओलंपिक में क्रिकेट की मुख्य बातें:

टी20 फॉर्मेट में मुकाबले पुरुष और महिला दोनों वर्गहर वर्ग में सिर्फ 6 टीमें कुल पदकों के लिए सीमित मुकाबले कम टीमों की वजह से कई बड़ी क्रिकेट ताकतों के बाहर रहने की संभावना भी जताई जा रही है।

क्वालिफिकेशन सिस्टम क्या होगा?

शुरुआत में आईसीसी की योजना थी कि टी20 इंटरनेशनल रैंकिंग के आधार पर टॉप छह टीमें ओलंपिक के लिए क्वालिफाई करें, लेकिन बाद में इस प्रस्ताव में बदलाव किया गया। अब जिस मॉडल पर चर्चा चल रही है, उसके मुताबिक हर महाद्वीप से एक शीर्ष टीम को मौका देने की योजना बनाई जा रही है। यह ओलंपिक के ‘फाइव रिंग’ सिद्धांत के अनुरूप है, जिसमें अलग-अलग महाद्वीपों का प्रतिनिधित्व जरूरी माना जाता है।

संभावित क्वालिफिकेशन संरचना:

एशिया से 1 टीम यूरोप से 1 टीम अफ्रीका से 1 टीम ओशिनिया से 1 टीम अमेरिका क्षेत्र से 1 टीम एक अतिरिक्त स्थान (ग्लोबल क्वालिफायर या होस्ट) हालांकि अंतिम फैसला अभी आईसीसी और ओलंपिक अधिकारियों द्वारा लिया जाना बाकी है।

कौन-कौन सी टीमें खेल सकती हैं?

अगर मौजूदा टी20 रैंकिंग और महाद्वीपीय प्रतिनिधित्व के आधार पर देखें तो संभावित टीमों की सूची कुछ इस तरह हो सकती है:
भारत (एशिया)
ऑस्ट्रेलिया (ओशिनिया)
दक्षिण अफ्रीका (अफ्रीका)
ग्रेट ब्रिटेन / इंग्लैंड (यूरोप)
अमेरिका (मेजबान)
एक अन्य टीम- पाकिस्तान, न्यूजीलैंड या अफगानिस्तान में से कोई हालांकि इस व्यवस्था में यह भी संभव है कि कुछ बड़ी टीमें, जैसे पाकिस्तान या न्यूजीलैंड, क्वालिफाई ही न कर पाएं।

इंग्लैंड क्यों नहीं खेलेगा अपने नाम से?

ओलंपिक में क्रिकेट खेलने की सबसे दिलचस्प बात इंग्लैंड से जुड़ी है। दरअसल ओलंपिक में इंग्लैंड अलग देश के रूप में हिस्सा नहीं लेता। इसके बजाय ग्रेट ब्रिटेन (Team GB) के नाम से एक संयुक्त टीम खेलती है। इसलिए अगर यूरोप से टीम क्वालिफाई करती है (चाहे महिला हो या पुरुष टीम) तो उसका नाम इंग्लैंड नहीं बल्कि ग्रेट ब्रिटेन होगा। इसका मतलब यह हुआ कि ओलंपिक क्रिकेट में इंग्लैंड टीम नहीं दिखेगी, बल्कि उसी के खिलाड़ियों का हिस्सा ग्रेट ब्रिटेन टीम में होगा।

ग्रेट ब्रिटेन में कौन-कौन से देश शामिल हैं?

ग्रेट ब्रिटेन टीम वास्तव में कई देशों के खिलाड़ियों से मिलकर बनती है।

इसमें शामिल देश:

इंग्लैंड
स्कॉटलैंड
वेल्स
नॉर्दर्न आयरलैंड

ग्रेट ब्रिटेन क्रिकेट टीम बनने की तैयारी

इसके लिए महिला और पुरुष, दोनों वर्ग में ग्रेट ब्रिटेन (GB) की एक संयुक्त टीम बनाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इस टीम में इंग्लैंड, स्कॉटलैंड और संभवतः नॉर्दर्न आयरलैंड के पुरुष और महिला खिलाड़ी शामिल होंगे। इस प्रस्ताव को आगे बढ़ाने के लिए ईसीबी और क्रिकेट स्कॉटलैंड काम कर रहे हैं और इसे जल्द औपचारिक मंजूरी मिलने की उम्मीद है।

नई संस्था ‘ग्रेट ब्रिटेन क्रिकेट’ बनाई जा रही

ओलंपिक में भाग लेने के लिए ग्रेट ब्रिटेन के नाम से एक नई संस्था बनाई जा रही है। यही संस्था ग्रेट ब्रिटेन की क्रिकेट टीम का संचालन करेगी। यह टीम इतिहास के लिहाज से भी खास होगी क्योंकि 1900 पेरिस ओलंपिक में क्रिकेट का जो खिताब जीता गया था, वह ग्रेट ब्रिटेन के नाम ही था। अब 128 साल बाद उसी विरासत को आगे बढ़ाने का मौका मिलेगा।

कौन संभालेगा ग्रेट ब्रिटेन क्रिकेट?

ग्रेट ब्रिटेन के कामकाज की निगरानी एक बोर्ड करेगा, जिसमें ईसीबी के प्रतिनिधि, क्रिकेट स्कॉटलैंड के प्रतिनिधि शामिल होंगे। इसमें कार्यकारी (executive) और गैर-कार्यकारी (non-executive) सदस्य दोनों होंगे।

नॉर्दर्न आयरलैंड के खिलाड़ियों के लिए अलग व्यवस्था

नॉर्दर्न आयरलैंड के खिलाड़ियों को मौका देने के लिए क्रिकेट आयरलैंड के साथ एक समझौता (MOU) किया जाएगा। हालांकि यहां एक जटिल स्थिति है। क्रिकेट आयरलैंड एक ऐसी संस्था है जो रिपब्लिक ऑफ आयरलैंड और नॉर्दर्न आयरलैंड, दोनों का प्रतिनिधित्व करती है। इसलिए सामान्य तौर पर आयरलैंड टीम के खिलाड़ी ग्रेट ब्रिटेन टीम के लिए खेलने की कोशिश नहीं करेंगे।

नॉर्दर्न आयरलैंड और रिपब्लिक ऑफ आयरलैंड को लेकर फंसेगा पेंच?

ग्रेट ब्रिटेन टीम में सबसे बड़ी परेशानी नॉर्दर्न आयरलैंड को लेकर सामने आती है। क्रिकेट प्रशासन के लिहाज से नॉर्दर्न आयरलैंड और रिपब्लिक ऑफ आयरलैंड, एक क्रिकेट बोर्ड यानी आयरलैंड क्रिकेट बोर्ड के तहत आता है और एक संयुक्त टीम बनाता है। इसका मतलब यह है कि नॉर्दर्न आयरलैंड के खिलाड़ी आमतौर पर आयरलैंड टीम के लिए खेलते हैं, न कि इंग्लैंड के लिए। ओलंपिक में अगर ग्रेट ब्रिटेन टीम बनती है तो यह तय करना मुश्किल हो सकता है कि नॉर्दर्न आयरलैंड के खिलाड़ियों को किस टीम का हिस्सा माना जाए। स्टर्लिंग और अडेयर भी क्रिकेट आयरलैंड के लिए खेलते हैं, जिसमें नॉर्दर्न आयरलैंड और रिपब्लिक ऑफ आयरलैंड दोनों हैं। ऐसे में उनके खेलने पर भी संशय है और सवाल यह उठता है कि क्या इन खिलाड़ियों को खेलने के लिए ग्रेट ब्रिटेन क्रिकेट या ओलंपिक एसोसिएशन मान्यता देगा? 

कौन से आयरिश खिलाड़ी हो सकते हैं पात्र

नॉर्दर्न आयरलैंड से जुड़े कुछ खिलाड़ी ऐसे हैं जो ओलंपिक में ग्रेट ब्रिटेन के लिए खेलने के पात्र हो सकते हैं। इनमें पॉल स्टर्लिंग (आयरलैंड के व्हाइट-बॉल कप्तान), मार्क अडायर,  एंडी मैकब्राइन और एमी हंटर (आयरलैंड महिला टीम की विकेटकीपर) शामिल हैं। ये खिलाड़ी नॉर्दर्न आयरलैंड से जुड़े होने के कारण संभावित रूप से ग्रेट ब्रिटेन टीम के लिए पात्र हो सकते हैं। हालांकि, संभावनाएं बेहद कम हैं।

आधिकारिक मान्यता अभी बाकी

आने वाले महीनों में ग्रेट ब्रिटेन क्रिकेट को औपचारिक रूप से बनाया जाएगा। इसके बाद इसे तीन संस्थाओं से मान्यता लेनी होगी। इनमें आईसीसी, ब्रिटिश ओलंपिक एसोसिएशन और नेशनल ओलंपिक कमेटी शामिल हैं। ईसीबी के मुताबिक, आईसीसी के साथ सैद्धांतिक रूप में सहमति पहले ही बन चुकी है। इंग्लैंड के नए व्हाइट-बॉल कप्तान हैरी ब्रूक ने कहा कि ओलंपिक में खेलना और गोल्ड मेडल जीतना शानदार होगा, लेकिन 2028 अभी काफी दूर है, इसलिए फिलहाल वह इस बारे में ज्यादा नहीं सोच रहे हैं। सीधे शब्दों में कहा जाए तो ओलंपिक में इंग्लैंड अलग टीम के रूप में नहीं खेलेगा। अगर क्वालिफाई करता है तो ग्रेट ब्रिटेन टीम बनेगी, जिसमें इंग्लैंड, स्कॉटलैंड और संभवतः नॉर्दर्न आयरलैंड के खिलाड़ी शामिल होंगे।

वेस्टइंडीज और अमेरिका से जुड़ी चुनौतियां

ओलंपिक क्रिकेट में कुछ और जटिलताएं भी सामने आ सकती हैं। वेस्टइंडीज टीम कई अलग-अलग कैरेबियाई देशों से मिलकर बनी है, जबकि ओलंपिक में संयुक्त टीमों की अनुमति नहीं होती। इसलिए कैरेबियन देशों को अलग-अलग क्वालिफिकेशन प्रक्रिया से गुजरना पड़ सकता है, जो कि संभव नहीं होगा, क्योंकि फिर उन्हें आईसीसी से भी मान्यता लेनी होगी और यह एक बहुत लंबी प्रक्रिया है। वेस्टइंडीज संयुक्त टीम है और अलग-अलग देश के क्रिकेट में आने पर वेस्टइंडीज क्रिकेट पर असर पड़ सकता है। वहीं अमेरिका मेजबान होने के कारण सीधे क्वालिफाई कर सकता है, लेकिन टीम के कई खिलाड़ी अभी अमेरिकी नागरिक नहीं हैं। ऐसे में पात्रता नियम भी एक मुद्दा बन सकते हैं।

पाकिस्तान के लिए मुश्किल चुनौती

पाकिस्तान, जो कभी टी20 की सबसे मजबूत टीमों में गिनी जाती थी, फिलहाल न तो आईसीसी टी20 रैंकिंग में शीर्ष पांच में है और न ही भारत के टी20 विश्वकप जीतने के बाद महाद्वीपीय प्रतिनिधित्व के लिए पसंदीदा मानी जा रही है। ऐसे में ओलंपिक में उसकी एंट्री केवल किसी ग्लोबल क्वालिफायर में शानदार प्रदर्शन पर निर्भर करेगी।

भविष्य में बढ़ सकती हैं टीमों की संख्या

आईसीसी को उम्मीद है कि आने वाले ओलंपिक में क्रिकेट टीमों की संख्या बढ़ाई जा सकती है। 2032 ब्रिस्बेन ओलंपिक और 2036 ओलंपिक तक यह संख्या आठ या 10 या उससे अधिक भी हो सकती है। अगर ऐसा होता है तो क्रिकेट की वैश्विक लोकप्रियता को बड़ा फायदा मिलेगा। लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 में क्रिकेट की वापसी ऐतिहासिक होगी, लेकिन सीमित टीमों और जटिल क्वालिफिकेशन प्रणाली के कारण कई दिलचस्प स्थितियां पैदा हो सकती हैं। सबसे खास बात यह है कि इंग्लैंड अपने नाम से नहीं बल्कि ग्रेट ब्रिटेन के रूप में खेलेगा। वहीं आयरलैंड, वेस्टइंडीज और अमेरिका से जुड़े नियम भी इस टूर्नामेंट को और दिलचस्प बना सकते हैं।

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