19.6 C
London
Sunday, September 20, 2026
HomeLatest Newsश्रावस्ती में रसोई गैस को लेकर हाहाकार, लाइन में लगी महिला बेहोश

श्रावस्ती में रसोई गैस को लेकर हाहाकार, लाइन में लगी महिला बेहोश

#LatestNews #BreakingNews #NewsUpdate #IndiaNews #HindiNews

श्रावस्ती। उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती जिले में रसोई गैस सिलेंडर को लेकर हाहाकार मचा हुआ है। गैस एजेंसियों के बाहर लग रही लंबी कतारों और आपूर्ति में आ रही दिक्कतों के कारण स्थिति तनावपूर्ण हो गई है। आलम यह है कि घंटों लाइन में खड़े रहने के कारण लोग शारीरिक रूप से निढाल हो रहे हैं और भीड़ बेकाबू होती जा रही है। बुधवार को गैस वितरण केंद्र पर उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब लाइन में खड़ी एक रोजेदार महिला अचानक बेहोश होकर गिर पड़ी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तेज धूप और घंटों के इंतजार के कारण महिला की तबीयत बिगड़ गई। उसे तुरंत स्थानीय लोगों ने सहारा दिया और प्राथमिक उपचार कर होश में लाने की कोशिश की। इस घटना के बाद भीड़ का धैर्य जवाब दे गया। गैस लेने की होड़ में उपभोक्ताओं के बीच तीखी बहस शुरू हो गई, जो देखते ही देखते धक्का-मुक्की और झड़प में तब्दील हो गई। इस हंगामे के दौरान दो अन्य महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गईं, जिन्हें इलाज के लिए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया है। स्थानीय उपभोक्ताओं का आरोप है कि पिछले कई दिनों से सिलेंडर की भारी किल्लत है। लोग सुबह अंधेरे से ही लाइन में लग जाते हैं, लेकिन शाम तक खाली हाथ लौटने को मजबूर हैं। दूसरी ओर, जिला प्रशासन ने किल्लत की खबरों को सिरे से खारिज कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि आपूर्ति पूरी तरह नियमित है। जिन उपभोक्ताओं के मोबाइल पर ओटीपी (ओटीपी) आता है, उन्हें प्राथमिकता पर सिलेंडर दिया जा रहा है। जिले में कुल 2 लाख 35 हजार कनेक्शन हैं, जिनमें 1.50 लाख उज्ज्वला योजना के अंतर्गत हैं।

डीएम की अपील और नई व्यवस्था
जिलाधिकारी अश्वनी कुमार पांडेय ने स्थिति को स्पष्ट करते हुए बताया कि उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को 25 दिन और सामान्य उपभोक्ताओं को 30 दिन के अंतराल पर सिलेंडर उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने जनता से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और वितरण केंद्रों पर अनावश्यक भीड़ न लगाएं। प्रशासन के दावों के बावजूद, जमीनी हकीकत और गैस एजेंसियों पर उमड़ती बेकाबू भीड़ कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस वितरण व्यवस्था को कब तक सुचारू कर पाता है।

Previous articleकृतिका कामरा और गौरव कपूर की शादी की अनदेखी तस्वीरें आईं सामने, सोशल मीडिया पर मची हलचल
Next articleजीत के जश्न में विवाद: हार्दिक पांड्या पर राष्ट्रीय ध्वज के अनादर का आरोप
News Desk

How to Compare Packers and Movers Without Looking Only at Price

When planning a move, getting multiple quotations from packers and movers is a natural first step. But choosing a moving partner only because their...

Yuva Career Club: Choosing the Right Career Path Through Online Career Guidance

Career planning is an important process for students because educational choices can influence their future academic and professional pathways. Students may consider medicine, engineering,...