10.3 C
London
Thursday, October 29, 2026
HomeLatest News राज्यसभा चुनाव में तेलंगाना से कांग्रेस को लग सकता है झटका…….केसीआर एक...

 राज्यसभा चुनाव में तेलंगाना से कांग्रेस को लग सकता है झटका…….केसीआर एक सीट पर दावा करने की तैयारी में 

#LatestराजनीतिNews #राजनीतिNews #राजनीतिUpdate #राजनीतिNews #BollywoodHindiNews

नई दिल्ली। देश की 37 राज्यसभा सीटों पर चुनाव होने वाले हैं। बिहार में 5 सीटों पर चुनाव में एनडीए की जीत तय मानी जा रही है। वहीं तेलंगाना में भी 2 सीटों पर वोटिंग होनी है। इन दो सीटों पर कांग्रेस की जीत अब तक तय मानी जा रही थी, लेकिन अब खेल बदलता नाराज आ रहा है। इस राज्य में भाजपा इस स्थिति में नहीं है कि कांग्रेस को चुनौती दे, लेकिन भारत राष्ट्र समिति के नेता के. चंद्रशेखर राव ने एक उम्मीदवार खड़ा करने का फैसला लिया है। इन खबरों से कांग्रेस नेतृत्व को झटका लगाना लाजिमी है, जो पहले ही ज्यादातर राज्यों में सीटें जीतने की स्थिति में नहीं है। अप्रैल में दो सीटें खाली हो रही हैं। अब तक कांग्रेस तेलंगाना में मानकर चल रही थी कि इन दोनों सीटों पर आसानी से जीत मिल जाएगी।
लेकिन केसीआर ने जिस तरह से राज्य में राज्यसभा चुनाव को लेकर समीकरण बदलने की कोशिश की है, इससे कांग्रेस टेंशन में आ गई है। अब कांग्रेस के लिए स्पष्ट हो गया होगा कि मुकाबला गणित, गठबंधन और अन्य तमाम चीजों से तय होगा। मीडिया में खबरें हैं कि केसीआर किसी चर्चित व्यक्ति को उतारना चाहते हैं। विधानसभा रिकॉर्ड्स के अनुसार केसीआर के पास कुल 37 विधायक हैं। इसमें से 10 विधायक हैं, जो कांग्रेस के पास जा चुके हैं और उनकी अयोग्यता को लेकर मामला चल रहा है। इस मामले में 8 विधायकों पर  बीआरएस की आपत्ति को स्पीकर ने खारिज किया है। वहीं दो पर अभी ट्राइब्यूनल में मामला लंबित है।
यदि एक राज्यसभा सीट जीतनी है, तब किसी भी दल को 41 विधायकों की जरूरत है। कुल 37 विधायकों का दावा करने वाली बीआरएस के साथ यदि उसके अपने सभी विधायक बने रहते हैं, तब बीआरएस को अलग से सिर्फ 4 विधायकों की ही जरूरत होगी। फिलहाल खबर है कि बीआरएस की ओर से उन दलों से वार्ता हो रही है, जिनके समर्थन से इस आंकड़े को हासिल कर सकते है। राज्य में कांग्रेस के पास 66 विधायक हैं। इसके अलावा सीपीआई के भी एक विधायक का कांग्रेस को समर्थन है। अब तक वह मान रही थी कि बीआरएस मुकाबले से दूर रहेगी। लेकिन जब एक राज्यसभा सीट हासिल करने की स्थिति केसीआर को दिखी, तब उन्होंने मुकाबले में उतरना ही ठीक समझा है।
फिलहाल पूरा मामला इस बात पर अटक गया है कि आखिर वे 10 विधायक किसके साथ जाते हैं, जो बीआरएस से बागी हुए हैं। इसके अलावा भाजपा और ओवीसी के एआईएमआईएम पर भी नजरें टिक गई हैं। राज्य में ओवैसी के पास कुल 7 विधायक हैं, जबकि भाजपा के पास भी 8 का समर्थन है। इस तरह से मुकाबला काफी पेंचीदा हो सकता है। साफ है कि एक सीट भले कांग्रेस आसानी से पा जाए, लेकिन दूसरी सीट जीतना टेढ़ी खीर बन सकता है। दरअसल कांग्रेस की आंतरिक कलह भी उसके लिए हालात मुश्किल कर रही है। दो सीटों में से एक पर अभिषेक मनु सिंघवी को फिर से भेजा जा सकता है। अब रही बात दूसरी सीट की, तब उसके लिए सीएम के सलाहकार वी. नरेंद्र रेड्डी का नाम भी चर्चा में है। इसके अलावा रिटायर्ड जज जस्टिस सुदर्शन रेड्डी भी मुकाबले में हैं।
 

Previous articleT20 World Cup: क्या सैमसन की प्लेइंग-11 में होने वाली है वापसी? इन तीन बल्लेबाजों में से किसका कटेगा पत्ता
Next articleकाला पड़ता भोपाल का बड़ा तालाब, नैचुरल पानी बचाने की कवायद तेज
News Desk

Agarwal Packers and Movers India: Branch Addresses, Customer Enquiries and Moving Guide

Preparing for a relocation involves more than transporting belongings from one place to another. Customers also need to identify the appropriate office, understand available...

Interpretation Services in Gurgaon: Helping Businesses Connect with International Clients and Partners

Gurgaon’s position as a major corporate and commercial centre has created a working environment where communication frequently extends beyond language boundaries. From multinational company...