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Thursday, October 29, 2026
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इन सात वजहों से हारा भारत, टीम मैनेजमेंट सवालों में

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भारत को टी20 विश्व कप 2026 के सुपर-8 चरण के अपने पहले मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 76 रन की करारी हार का सामना करना पड़ा। 22 फरवरी 2026 को अहमदाबाद में खेले गए इस मैच में भारतीय टीम 188 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए बिखर गई। बल्लेबाजी में खराब शॉट चयन, साझेदारियों की कमी और गेंदबाजी में मध्य ओवरों की कमजोरी हार के बड़े कारण बने। भारतीय टीम 18.5 ओवर में 111 रन पर सिमट गई। आइए जानते हैं इस हार के पांच मुख्य कारण…

1. टॉप ऑर्डर का पूरी तरह फ्लॉप होना

भारत की हार की शुरुआत शीर्ष क्रम की नाकामी से हुई। सलामी बल्लेबाज ईशान बिना खाता खोले आउट हो गए, जिससे टीम पर शुरुआती दबाव आ गया। इसके बाद तिलक वर्मा और अभिषेक शर्मा ने अच्छी शुरुआत तो की, लेकिन उसे बड़ी पारी में नहीं बदल सके। पावरप्ले में विकेट गिरने से रन गति भी प्रभावित हुई और मध्यक्रम पर अतिरिक्त दबाव बन गया। शीर्ष क्रम दक्षिण अफ्रीका का भी फेल हुआ था और टीम ने 20 रन पर तीन विकेट गंवा दिए थे, लेकिन मध्यक्रम फॉर्म में होने की वजह से दक्षिण अफ्रीका ने अच्छा स्कोर खड़ा किया। वहीं, भारतीय टीम लगातार विकेट गंवाती चली गई। 51 रन पर पांच विकेट गंवा दिए थे। शिवम दुबे को छोड़कर कोई भी नहीं चला।

2. साझेदारियों का अभाव और जल्दबाजी

188 रनों के लक्ष्य का पीछा करते समय धैर्य की आवश्यकता थी, लेकिन भारतीय बल्लेबाज आक्रामकता दिखाने के प्रयास में लगातार गलत शॉट खेलते रहे। कोई भी जोड़ी लंबी साझेदारी नहीं बना सकी। मध्यक्रम के बल्लेबाजों ने परिस्थिति के अनुसार खेल दिखाने के बजाय जोखिम भरे शॉट खेले, जिससे रन चेज कभी पटरी पर नहीं आ पाया। बड़े लक्ष्य का पीछा करते समय साझेदारी सबसे महत्वपूर्ण होती है, जिसकी कमी साफ नजर आई। भारत के 10 विकेट कैच आउट से गिरे। कोई भी बोल्ड या रन आउट नहीं हुआ। यह दिखाता है कि खिलाड़ियों ने विकेट तोहफे के रूप में दिए।

3. स्पिन गेंदबाजी की नाकामी

दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह और जसप्रीत बुमराह ने अपना काम कर दिया था। 20 रन पर द. अफ्रीका के तीन विकेट गिर चुके थे। इसके बाद भारतीय स्पिन आक्रमण से काफी उम्मीदें थीं, लेकिन वे उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे। वरुण चक्रवर्ती ने अपने चार ओवरों में 47 रन (सिर्फ एक विकेट लिए) खर्च कर दिए, जिससे दक्षिण अफ्रीका के मध्यक्रम को खुलकर खेलने का मौका मिला। खासकर डेविड मिलर और डेवाल्ड ब्रेविस ने संयम और आक्रामकता का संतुलन दिखाते हुए पारी को संभाला और टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाया। मध्य ओवरों में विकेट नहीं मिलना भारत के लिए महंगा साबित हुआ। चौथे ओवर में तीसरा विकेट गिरने के बाद दक्षिण अफ्रीका का चौथा झटका 13वें ओवर में जाकर लगा। वॉशिंगटन सुंदर ने सिर्फ दो ओवर गेंदबाजी की।

4. टीम चयन पर सवाल

इस मुकाबले में टीम मैनेजमेंट ने बहुत बड़ी गलती करते हुए उपकप्तान अक्षर पटेल को ही बेंच पर बैठा दिया। उनकी जगह वॉशिंगटन सुंदर को मौका देने का फैसला उल्टा पड़ गया। सुंदर अपने दो ओवरों में प्रभाव नहीं छोड़ सके और रन रोकने में नाकाम रहे। अक्षर की अनुपस्थिति से टीम को न तो अतिरिक्त बल्लेबाजी गहराई मिली और न ही कसी हुई गेंदबाजी। बल्ले से सुंदर सिर्फ 11 रन का योगदान दे सके। सुंदर का चयन आलोचकों के निशाने पर है। भारतीय टीम जहां इस मैच में चार तेज गेंदबाज और दो स्पिनर के साथ उतरी और दो स्पिनरों से ही गेंदबाजी कराई और स्पिनर्स सिर्फ एक विकेट ले सके, वहीं दक्षिण अफ्रीका ने भी दो ही स्पिनरों से गेंदबाजी कराई। एडेन मार्करम ने एक ओवर में पांच रन देकर एक विकेट लिया और केशव महाराज ने तीन ओवर में 24 रन देकर तीन विकेट झटके। यहीं मैच पलट गया। महाराज के अलावा यानसेन ने चार विकेट झटके।

5. डेथ ओवरों में महंगे साबित हुए गेंदबाज

मैच के अंतिम ओवरों में भारतीय गेंदबाजों ने लय खो दी। विशेषकर हार्दिक पांड्या के एक ओवर में 20 रन जाने से दक्षिण अफ्रीका का स्कोर तेजी से बढ़ा। शुरुआती ओवरों में दबाव बनाने के बाद भी भारतीय गेंदबाज उस दबाव को अंत तक बरकरार नहीं रख सके। डेथ ओवरों में सटीक यॉर्कर और विविधता की कमी साफ दिखाई दी। मध्यक्रम में जहां ब्रेविस और मिलर ने मैच पलटा, तो आखिर में स्टब्स ने तूफानी पारी खेली। ब्रेविस ने 29 गेंद में तीन चौके और तीन छक्के की मदद से 45 रन, मिलर ने 35 गेंद में सात चौके और तीन छक्के की मदद से 63 रन बनाए। स्टब्स 24 गेंद में एक चौका और तीन छक्कों की मदद से 44 रन बनाकर नाबाद रहे। भारत की ओर से अर्शदीप ने दो और बुमराह ने तीन विकेट लिए। वरुण के अलावा दुबे को एक विकेट मिला।

6. ओपनर्स नहीं चले तो पूरी टीम फेल

टीम इंडिया के लिए ओपनिंग जोड़ी टी20 वर्ल्ड कप 2026 में सबसे बड़ा सिरदर्द बन गई है। रविवार को नरेंद्र मोदी क्रिकेट स्टेडियम में द. अफ्रीका के खिलाफ खेले जा रहे मुकाबले में भी भारत की सलामी जोड़ी ने फैंस को निराश किया। भारत को टी20 वर्ल्ड कप 2026 के पांच मुकाबलों में सलामी जोड़ी ने महज 34 रन दिलाए हैं। अभिषेक का बल्ला पूरी तरह खामोश है, जबकि ईशान जिस मैच में नहीं चले तो मध्यक्रम विफल हो जाता है।

7. इतने बाएं हाथ के बल्लेबाजों का होना

कुछ क्रिकेट एक्सपर्ट्स का मानना है कि भारतीय बल्लेबाजी में काफी बाएं हाथ के बल्लेबाज हैं और इसी वजह से विपक्षी टीम इसका फायदा उठा सकती है। मुकाबले भारतीय सरजमीं पर हो रहे हैं, जहां स्पिन कुछ हद तक असरदार होती है। बाएं हाथ के बल्लेबाजों के सामने ऑफ स्पिनर्स कारगर साबित होते हैं और ऐसा ही हुआ भी। अगर पिच स्पिन को थोड़ी भी मदद दे रही है तो भारतीय बल्लेबाजों के लिए मुश्किल हो सकता है। मार्करम ने ईशान को पहले ही ओवर में आउट कर दबाव बना दिया। वहीं, दूसरी तरफ भारतीय ऑफस्पिनर सुंदर कोई इम्पैक्ट डालने में विफल रहे।भारत की यह हार केवल एक खराब दिन का परिणाम नहीं थी, बल्कि सामूहिक विफलताओं का नतीजा थी। टॉप ऑर्डर की कमजोरी, साझेदारी का अभाव, स्पिन गेंदबाजी की असफलता और रणनीतिक गलतियां मिलकर भारी पड़ीं। सुपर-8 जैसे अहम चरण में ऐसी गलतियों की गुंजाइश कम होती है। आगे बढ़ने के लिए टीम को संतुलित संयम और बेहतर रणनीति की जरूरत होगी। भारत को अब 26 फरवरी को जिम्बाब्वे से और एक मार्च को वेस्टइंडीज से खेलना है। इसमें से एक भी हार भारत के सफर को सुपर-8 राउंड में ही समाप्त कर देगी।

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