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राजनाथ का दावा- स्रोत ‘इनसाइड स्टोरी ऑफ सरदार पटेल, डायरी ऑफ मणिबेन पटेल’ है: बीजेपी

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नई दिल्ली। बीजेपी ने सरदार वल्लभभाई पटेल की बेटी की एक किताब का हवाला देते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के जवाहरलाल नेहरू एवं बाबरी मस्जिद के बारे में किए गए दावों को दोहराया। पार्टी ने कहा कि देश के पहले प्रधानमंत्री ने यह भी कहा था कि दक्षिण भारत के कुछ मंदिरों की सुंदरता के बावजूद उन्हें वे अरुचिकर लगते थे। कांग्रेस ने राजनाथ सिंह के इस दावे को झूठ और व्हाट्सऐप यूनिवर्सिटी की कहानी करार दिया है कि जवाहरलाल नेहरू सार्वजनिक धन का इस्तेमाल करके बाबरी मस्जिद का निर्माण करना चाहते थे। उन्होंने कहा कि रक्षा मंत्री को पीएम मोदी के रास्ते पर नहीं चलना चाहिए। 
राज्यसभा सदस्य और बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने पार्टी मुख्यालय में इस मुद्दे पर मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि राजनाथ सिंह ने जो कहा उसका स्रोत ‘इनसाइड स्टोरी ऑफ सरदार पटेल, डायरी ऑफ मणिबेन पटेल’ है। उन्होंने कहा कि पुस्तक के पृष्ठ 24 पर लिखा है कि नेहरू ने भी बाबरी मस्जिद का प्रश्न उठाया था लेकिन सरदार पटेल ने साफ कर दिया था कि सरकार मस्जिद निर्माण पर कोई धन खर्च नहीं कर सकती। 
त्रिवेदी ने पुस्तक से अंश पढ़ते हुए कहा कि उन्होंने नेहरू से कहा था कि सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण का प्रश्न बिल्कुल अलग है, क्योंकि इस उद्देश्य के लिए न्यास बनाया गया है और करीब 30 लाख रुपए एकत्र किए गए हैं। पटेल ने नेहरू से कहा था कि यह एक न्यास है जिसके अध्यक्ष जाम साहब हैं और मुंशी केवल एक सदस्य है और इस उद्देश्य के लिए कोई सरकारी धन इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। इससे नेहरू चुप हो गए थे।
बीजेपी नेता ने नेहरू के बारे में राजनाथ सिंह की टिप्पणी पर कांग्रेस नेताओं की प्रतिक्रिया की आलोचना करते हुए कहा कि विपक्षी पार्टी के लोगों को अपने नेताओं को विभिन्न विषयों पर जानकारी देने से पहले अच्छे से सोच विचार कर लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि उन्हें उनको यह भी बताना चाहिए कि तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद को सोमनाथ मंदिर के उद्घाटन समारोह में शामिल होने से रोकने की कोशिश की गई थी, लेकिन वे उसमें शामिल हुए थे। 
उन्होंने नेहरू के शब्दों को उद्धृत करते हुए कहा कि दक्षिण भारत के कुछ मंदिर अपनी सुंदरता के बावजूद अरुचिकर लगते हैं। मैं इसे बर्दाश्त नहीं कर सकता। मुझे नहीं पता कि ऐसा क्यों है। मैं इसकी व्याख्या भी नहीं कर सकता लेकिन वे दमनकारी हैं। वे मेरी आत्मा को दबाते हैं। वे मुझे ऊपर उठने नहीं देते और मुझे अंधेरे गलियारों में दबाए रखते हैं। मुझे धूप और हवा पसंद है। 
बीजेपी नेता ने दावा किया कि इसके विपरीत नेहरू को ताजमहल अद्भुत रूप से सुंदर लगता था। उन्होंने कहा कि हम इतिहास में गड़े मुर्दे उखाड़ने की कोई कोशिश नहीं कर रहे लेकिन कांग्रेस को अपने मुर्दों के डीएनए की जांच करानी चाहिए। मैं यहां किसी का अपमान नहीं करना चाहता। यहां डीएनए शब्द का मतलब राजनीतिक डीएनए है।

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