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Friday, September 18, 2026
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भोपाल के शारिक मछली मामले में पीएमओ का हस्तक्षेप, गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी को सौंपी गई शिकायत

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शिकायतकर्ता अभिषेक जैन साइकिल से तय कर चुके हैं हजार किलोमीटर का सफर, ड्रग्स तस्करी, अवैध हथियार और सरकारी जमीन कब्जे के लगाए गंभीर आरोप 

नई दिल्ली। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से जुड़े बहुचर्चित शारिक मछली मामले में अब प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने संज्ञान ले लिया है। शिकायतकर्ता अभिषेक जैन द्वारा की गई शिकायत को पीएमओ ने गृह मंत्रालय से जुड़े संयुक्त सचिव स्तर के वरिष्ठ अधिकारी को सौंप दिया है। इस घटनाक्रम के बाद मामले की गंभीरता और बढ़ गई है तथा केंद्रीय स्तर पर निष्पक्ष जांच की उम्मीद जगी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीएमओ ने यह शिकायत गृह मामलों से संबंधित संयुक्त सचिव डॉ. आर.के. मित्रा को अग्रेषित की है। माना जा रहा है कि प्राथमिक जांच और तथ्यों के परीक्षण के बाद गृह मंत्रालय द्वारा आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

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शिकायतकर्ता अभिषेक जैन ने इस मामले को उजागर करने के लिए कड़ाके की ठंड में भोपाल से नई दिल्ली तक साइकिल से लगभग एक हजार किलोमीटर की यात्रा की है। उनका कहना है कि दिल्ली पहुंचने के बाद भी उन्हें न्याय के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। कभी मंदिर, कभी गुरुद्वारे और कभी सड़कों पर रात गुजारने को वे मजबूर हैं।अभिषेक जैन ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि शारिक मछली और उसके परिजनों पर ड्रग्स तस्करी, अवैध हथियार रखने, सरकारी जमीन और तालाबों पर कब्जा करने सहित कई गंभीर आपराधिक गतिविधियों के आरोप पहले से ही लगते रहे हैं। इसके बावजूद स्थानीय स्तर पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।

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शिकायतकर्ता का यह भी कहना है कि सोशल मीडिया पर हथियारों के साथ तस्वीरें वायरल होने के बावजूद संबंधित एजेंसियों ने आंखें मूंदे रखीं। स्थानीय लोग जब खुलकर गंभीर आरोप और तथ्य सामने ला रहे हैं, तब भी जांच एजेंसियों की निष्क्रियता कई सवाल खड़े करती है। अब प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा संज्ञान लिए जाने के बाद यह उम्मीद जताई जा रही है कि मामले की निष्पक्ष और गहन जांच होगी तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। केंद्रीय स्तर से हस्तक्षेप के बाद यह प्रकरण एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है।

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