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Thursday, November 5, 2026
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दुबई एयरपोर्ट के पास ड्रोन हमला, इजराइल ने ईरान के 200 ठिकानों पर हमला किया

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हैदराबाद: ईरान पर अमेरिका और इजराइल का संयुक्त हमला अपने 17वें दिन में प्रवेश कर गया है. इस बीच युद्ध थमने का नाम नहीं ले रहा है. ईरान होर्मुज से जहाजों के गुजरने में बाधा डालना जारी रखा है. यह मसला गरमाता जा रहा है. इसे लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अगर नाटो (NATO) होर्मुज खोलने में अमेरिका की मदद नहीं करेगा तो इसका भविष्य बहुत बुरा होगा. इजराइली वायु सेना (IAF) ने रविवार को बताया कि उसने पिछले एक दिन में पश्चिमी और मध्य ईरान में 200 से ज्यादा ठिकानों पर हमले किए. इन हमलों में मिसाइल सिस्टम, रक्षा प्रतिष्ठान और ऑपरेशनल हेडक्वार्टर जैसे सैन्य बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया गया. ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि अमेरिका ने यूएई में दो जगहों—रास अल-खैमाह और दुबई के बहुत करीब स्थित एक जगह—से खार्ग द्वीप और अबू मूसा द्वीप पर हमला किया. उन्होंने इस कार्रवाई को खतरनाक बताया और कहा कि ईरान सावधानी बरतने की कोशिश करेगा ताकि वहाँ किसी भी आबादी वाले इलाके पर हमला न हो. अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा कि ईरान के इस दावे पर उसके पास कोई प्रतिक्रिया नहीं है. इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि देश ने खार्ग द्वीप पर स्थित सैन्य ठिकानों को पूरी तरह से नष्ट कर दिया. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि तेहरान होर्मुज से जहाजों के गुजरने में बाधा डालना जारी रखता है, तो तेल से जुड़े बुनियादी ढाँचे भी अगला निशाना बन सकते हैं. वहीं तेल की कीमतों और सप्लाई को लेकर दुनिया भर में बढ़ती चिंता के बीच, ट्रंप ने शनिवार को कहा कि उन्हें उम्मीद है कि चीन, फ्रांस, जापान, दक्षिण कोरिया, ब्रिटेन और अन्य देश होर्मुज को खुला और सुरक्षित रखने के लिए युद्धपोत भेजेंगे. अराघची ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में पड़ोसी देशों से विदेशी हमलावरों को बाहर निकालने का आग्रह किया और ट्रंप की इस अपील को भीख मांगना बताया.

होर्मुज में युद्धपोत भेजने की ट्रंप की गुजारिश पर ‘अभी कुछ तय नहीं’: जापान

जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची ने कहा कि उनकी सरकार को वॉशिंगटन से इस बारे में अभी तक कोई जानकारी नहीं मिली है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जापान समेत दूसरे देशों से होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा में मदद के लिए जहाज भेजने की जो अपील की है, उस पर क्या करना है. ताकाइची ने संसद के एक सत्र में बताया कि अधिकारी इस बात पर चर्चा कर रहे हैं कि जापान इस क्षेत्र में अपने जहाजों की सुरक्षा के लिए अपनी कानूनी सीमाओं के दायरे में रहकर क्या-क्या कर सकता है. भले ही अमेरिका की तरफ से कोई गुजारिश आई हो या न आई हो.’ रक्षा मंत्री शिंजिरो कोइज़ुमी ने कहा कि मौजूदा सुरक्षा हालात को देखते हुए होर्मुज जलडमरूमध्य में युद्धपोत भेजने की उनकी कोई योजना नहीं है. 

ट्रंप के अनुरोध के बाद भी होर्मुज में नौसेना का जहाज नहीं भेजेंगे: ऑस्ट्रेलिया

ऑस्ट्रेलिया के परिवहन मंत्री ने सोमवार को कहा कि देश होर्मुज जलडमरूमध्य में नौसेना का कोई जहाज नहीं भेजेगा. यह फैसला तब आया जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दूसरे देशों से इस रणनीतिक जलमार्ग की सुरक्षा में मदद के लिए युद्धपोत भेजने का आह्वान किया था. परिवहन मंत्री कैथरीन किंग ने राष्ट्रीय प्रसारक एबीसी से कहा, ‘हम होर्मुज जलडमरूमध्य में कोई जहाज नहीं भेजेंगे.’ 

दक्षिणी लेबनान में इजरायली हमलों में 5 लोगों की मौत: स्वास्थ्य मंत्रालय

लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि रविवार को टायर जिले में हुए एक हमले में तीन लोगों की मौत हो गई और तीन अन्य घायल हो गए. मरजेयौन जिले में हुए एक अन्य हमले में दो लोगों की मौत हुई और चार अन्य घायल हो गए. मंत्रालय ने बताया कि 2 मार्च को हिजबुल्लाह द्वारा उत्तरी इजरायल की ओर रॉकेटों की बौछार करने के बाद, जब हिजबुल्लाह और इजराइल के बीच संघर्ष फिर से भड़का तब से इजराइली हमलों में लेबनान में 850 लोगों की मौत हो चुकी है. इनमें 107 बच्चे और 66 महिलाएं शामिल हैं. मंत्रालय ने आगे बताया कि इन हमलों में 2026 लोग घायल भी हुए हैं. 

अराघची ने ट्रंप के उन दावों को खारिज किया कि ईरान युद्धविराम चाहता है

ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उन दावों को खारिज कर दिया कि ईरान युद्धविराम चाहता है. उन्होंने कहा कि ईरान जब तक जरूरी होगा, अपनी रक्षा के लिए तैयार है. सीबीएस न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने खाड़ी देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर किए गए हमलों का भी बचाव किया. अराघची ने कहा कि तेहरान तब तक सैन्य कार्रवाई जारी रखेगा जब तक अमेरिका इस ‘अवैध युद्ध’ को खत्म नहीं कर देता. इस न्यूज चैनल को दिए एक इंटरव्यू में ईरानी नेता ने उन दावों को भी खारिज कर दिया कि ईरान ने बातचीत या युद्धविराम की मांग की थी. अराघची ने कहा, ‘नहीं, हमने कभी युद्धविराम की मांग नहीं की और हमने बातचीत की भी कभी मांग नहीं की. हम जब तक जरूरी होगा, अपनी रक्षा के लिए तैयार हैं.’ उन्होंने आगे कहा कि ईरान तब तक सैन्य अभियान जारी रखेगा जब तक अमेरिका अपना रुख नहीं बदल लेता.

इजराइल को उसके युद्ध अपराधों के लिए दंडित किया जाना चाहिए:ईरानी विदेश मंत्री

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने इजराइल पर बड़ा आरोप लगाया है. उन्होंने एक्स पर कहा,’ईरान में ईंधन डिपो पर इजराइल की बमबारी अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है और पर्यावरण विनाश के समान है. निवासियों के स्वास्थ्य और कल्याण को दीर्घकालिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है. मिट्टी और भूजल का प्रदूषण पीढ़ियों तक असर डाल सकता है. इजराइल को उसके युद्ध अपराधों के लिए दंडित किया जाना चाहिए.’

 

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