12.5 C
London
Wednesday, September 16, 2026
HomeLatest Newsझारखंड हाउसिंग बोर्ड ने धोनी को क्यों थमाया नोटिस? आवासीय प्लॉट से...

झारखंड हाउसिंग बोर्ड ने धोनी को क्यों थमाया नोटिस? आवासीय प्लॉट से जुड़ा है मामला

#LatestsportNews #sportNews #sportUpdate #technlogyNews #sportHindiNews

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान एमएस धोनी को झारखंड हाउसिंग बोर्ड ने आवासीय भूखंड के कथित दुरुपयोग को लेकर नोटिस जारी किया है। जांच में आरोप सही पाए जाने पर भूखंड आवंटन रद्द किया जा सकता है। झारखंड राज्य आवास बोर्ड ने पूर्व भारतीय क्रिकेट कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को रांची स्थित उनके एक आवासीय भूखंड के कथित दुरुपयोग के मामले में नोटिस भेजा है। एक अधिकारी ने शुक्रवार को इसकी पुष्टि की।नोटिस में कहा गया है कि विश्व कप विजेता कप्तान को आवंटित यह भूखंड केवल आवासीय उपयोग के लिए दिया गया था। लेकिन अधिकारियों का दावा है कि इस संपत्ति का उपयोग व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किया जा रहा है, जो आवंटन की शर्तों का उल्लंघन है।झारखंड हाउसिंग बोर्ड के अध्यक्ष संजय लाल पासवान ने फोन पर आज तक को बताया कि बोर्ड ने यह जमीन कई लोगों को आवासीय उद्देश्य से आवंटित की थी। हालांकि, जब यह रिपोर्ट मिली कि जमीन का उपयोग व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किया जा रहा है, तो धोनी सहित कई अधिकारियों और दर्जनों अन्य लोगों को भी नोटिस जारी कर यह पूछा गया कि आवासीय भूखंड का उपयोग वाणिज्यिक रूप से क्यों किया जा रहा है।पासवान ने बताया कि नियमों और प्रावधानों के कथित उल्लंघन की जानकारी बोर्ड द्वारा की गई जांच के दौरान सामने आई। जांच के निष्कर्षों के आधार पर धोनी को अंतिम नोटिस जारी कर संपत्ति के कथित दुरुपयोग के संबंध में स्पष्टीकरण मांगा गया है।अधिकारी ने यह भी कहा कि यदि नोटिस का पालन नहीं किया गया या संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया, तो बोर्ड भूखंड का आवंटन रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर सकता है। यह कार्रवाई निर्धारित नियमों और आवासीय भूमि उपयोग से जुड़े प्रावधानों के अनुसार की जाएगी।धोनी पहले हरमू रोड स्थित इसी संपत्ति में निवास कर चुके हैं, जो अब जांच के दायरे में है। विवाद तब शुरू हुआ जब आरोप सामने आए कि हरमू रोड स्थित परिसर से एक डायग्नोस्टिक सेंटर संचालित किया जा रहा है। इसके बाद हाउसिंग बोर्ड ने औपचारिक जांच शुरू की। इसी बीच, हरमू रोड पर स्थित भाजपा के राज्य कार्यालय के संबंध में भी आवासीय भूखंड के गैर-आवासीय या व्यावसायिक उपयोग के आरोप सामने आए हैं। इस मामले में भी बोर्ड पहले नोटिस जारी कर चुका है।अधिकारियों ने बताया कि दोनों मामलों की जांच फिलहाल जारी है और जांच के नतीजों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि जांच में जो भी निष्कर्ष सामने आएंगे, उनके अनुसार उचित कदम उठाए जाएंगे।

Previous articleसाहिल का पचासा, इकबाल भी शतक लगाकर क्रीज पर; जम्मू-कश्मीर की बढ़त 500 के पार
Next articleबेटों का अदम्य साहस: आंखों में आंसू, दिल में देश; पिता को खोकर लौटे भारतीय खिलाड़ियों के त्याग-हौसले को सलाम
News Desk

Chhaya Shilpa-Sanskriti Utsav & Chhaya Yog Sammelan -2026 Celebrated Grandly in West Bengal

West Bengal | 12 September 2026: The Chhaya Shilpa-Sanskriti Utsav & Chhaya Yog Sammelan -2026, organised by Chandigarh Chhaya School Of Art, was celebrated with...

Farseen Mohammed P’s Approach to Modern Neurorehabilitation

Mangaluru, Karnataka: Neurorehabilitation is an evolving area of healthcare that combines clinical assessment, therapeutic intervention, functional training and evidence-based decision-making. For Farseen Mohammed P,...