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Thursday, September 17, 2026
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क्या सिर्फ हेल्दी फूड खाने से साफ हो जाती हैं खून की नसें? 99 पर्सेंट लोग कर बैठते हैं ये गलतियां

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 हार्ट से जुड़ी बीमारियां आज पूरी दुनिया के लिए बड़ी चिंता बन चुकी हैं और भारत भी इससे अछूता नहीं है. नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफॉर्मेशन (NCBI) के मुताबिक, भारत में हार्ट रोगों का बोझ लगातार बढ़ रहा है और साल 2020 में इससे होने वाली मौतों का आंकड़ा 22.6 लाख से 47.7 लाख के बीच आंका गया था. दिल की सेहत काफी हद तक हमारे खानपान पर निर्भर करती है. हालांकि ऐसा कोई जादुई भोजन नहीं है जो नसों को पूरी तरह साफ कर दे, लेकिन सही डाइट अपनाकर दिल की बीमारियों का खतरा काफी हद तक कम किया जा सकता है और हृदय को लंबे समय तक स्वस्थ रखा जा सकता है. चलिए आपको बताते हैं कि क्या सही खाना खाने से आपके खून की नसें साफ हो जाती हैं.

कैसे बंद होती हैं खून की नसें

सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि खून की नसें बंद कैसे होती हैं. इस स्थिति को मेडिकल भाषा में एथेरोस्क्लेरोसिस या कोरोनरी आर्टरी डिजीज कहा जाता है. इसमें नसों की अंदरूनी दीवारों पर फैट और कोलेस्ट्रॉल जमा होने लगता है, जिसे प्लाक कहा जाता है. धीरे-धीरे ये जमा परतें नसों को संकरा कर देती हैं, जिससे दिल तक खून का प्रवाह कम हो जाता है. इसका नतीजा हार्ट अटैक, स्ट्रोक और दूसरी गंभीर समस्याओं के रूप में सामने आ सकता है. हाई कोलेस्ट्रॉल, हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, स्मोकिंग और खराब खानपान इसके मुख्य कारण माने जाते हैं. अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार, दिल को स्वस्थ रखने के लिए डाइट में फल, सब्जियां, साबुत अनाज, दालें और बीन्स शामिल करना चाहिए. इसके साथ ही कम फैट वाले या फैट-फ्री डेयरी प्रोडक्ट्स, मछली, चिकन, नट्स और नॉन-ट्रॉपिकल ऑयल का सेवन फायदेमंद होता है. वहीं, ज्यादा चीनी, मीठे पेय पदार्थ, अत्यधिक प्रोसेस्ड फूड, रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट, सैचुरेटेड फैट और प्रोसेस्ड मीट से दूरी बनाना जरूरी है.

क्या  हेल्दी फूड खाने से साफ हो जाती हैं खून की नसें?

इसका जवाब है नहीं. हेल्दी फूड आपके सेहत के लिए जरूरी हैं, लेकिन एक बाद का ध्यान रखना चाहिए कि किसी एक चीज पर नहीं, बल्कि पूरी डाइट की गुणवत्ता पर ध्यान देना ज्यादा जरूरी है. आपको ब्रेड, पास्ता,चीनी, मैदे के साथ-साथ फ्रूट जूस को भी छोड़ना होगा, क्योंकि ये शरीर में इन्सुलिन की मात्रा को बढ़ाते हैं. रोज-रोज इन्सुलीन हाई होने से आर्टरीज की दीवार पर क्रेक आ जाते हैं. इसको रोकने का सबसे आसान उपाय है फास्टिंग, इससे शरीर को एक ब्रेक मिलता है कि वह शरीर के भीतर चल रहे पुराने डैमेज को सही कर सके और इससे आर्टरीज की सफाई होती है. इसे ऑटोफैगी के नाम से जाना जाता है. इससे इन्सुलिन बेहतर काम करता है और भूख और क्रेविंग आपके अंदर कम हो जाती हैं और हार्ट अटैक का रिस्क कम हो जाता है.  अगर आप 12 से 14 घंटे का गैप अपने डिनर और ब्रेकफास्ट के बीच में रखते हैं, तो यह आपके लिए बेहतर होता है. आप कम समय से शुरू करके आगे समय बढ़ा सकते हैं. हालांकि एक बात का ध्यान रखना है कि अगर आपको किसी तरह की कोई दिक्कत है, तो डॉक्टर की सलाह के बाद ही फास्टिंग करना चाहिए.

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