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Monday, November 2, 2026
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कांग्रेस में टिकट के लिए खींचतान, एक-एक सीट पर कई दावेदार

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नई दिल्ली: आगामी राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस में खींचतान शुरू हो गई है, जिसमें कई वरिष्ठ नेताओं के साथ-साथ युवा चेहरे भी नामांकन की उम्मीद कर रहे हैं. राज्यसभा की 37 सीटों के लिए चुनाव 16 मार्च को होंगे. नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख 5 मार्च है.

पार्टी सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस, जिसके 27 सदस्य हैं, अपने दम पर आसानी से पांच सीटें जीत सकती है, छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा से एक-एक और तेलंगाना से दो सीटें, क्योंकि वहां उसके पास जरूरी संख्या में विधायक हैं जो राज्यसभा चुनाव में वोट करेंगे.

कांग्रेस को तमिलनाडु से भी एक सीट मिल सकती है, क्योंकि उसे राज्य की सत्ताधारी पार्टी DMK का समर्थन मिल सकता है. महाराष्ट्र में, विपक्षी गठबंधन महा विकास अघाड़ी (MVA), जिसमें शिवसेना (UBT), कांग्रेस और एनसीपी (एसपी) शामिल हैं, को भी एक राज्यसभा सीट मिल सकती है.

कांग्रेस के जिन चार राज्यसभा सदस्यों का कार्यकाल अप्रैल में खत्म हो रहा है, उनमें अभिषेक मनु सिंघवी, केटीएस तुलसी, फूलो देवी नेताम और रजनी पाटिल शामिल हैं. इनमें से, सुप्रीम कोर्ट के वकील और कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्य सिंघवी को फिर से मौका मिलने की सबसे अधिक संभावना है, क्योंकि वे कई जरूरी मामलों में पार्टी का प्रतिनिधित्व करते हैं और वरिष्ठ प्रवक्ता भी हैं.

सिंघवी का वर्तमान कार्यकाल 28 अगस्त 2024 को शुरू हुआ और 9 अप्रैल 2026 को समाप्त होने वाला है. के. केशव राव के इस्तीफे के बाद उन्हें तेलंगाना से निर्विरोध चुना गया था. इससे पहले कांग्रेस ने सिंघवी को हिमाचल प्रदेश से उच्च सदन भेजने की कोशिश की थी, लेकिन पार्टी के कुछ विधायकों के क्रॉस वोटिंग करने के कारण वह चुनाव हार गए थे.

हिमाचल में संभावित नाम
यही वजह है कि कांग्रेस के रणनीतिकार हिमाचल प्रदेश से मिलने वाली एक सीट के लिए किसी स्थानीय चेहरे को मैदान में उतारने पर विचार कर रहे हैं. पार्टी सूत्रों ने बताया कि पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा और राज्य इकाई की पूर्व अध्यक्ष प्रतिभा सिंह को कांग्रेस शासित पहाड़ी राज्य से मौका मिल सकता है.

छत्तीसगढ़ में कांग्रेस रणनीतिकारों के सामने मुश्किल चुनाव है कि वे आदिवासी नेता फूलो देवी नेताम को फिर से चुनें या पूर्व मुख्यमंत्री और OBC नेता भूपेश बघेल, पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष दीपल बैज या पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंह देव में से किसी एक को चुनें.

हरियाणा से कांग्रेस को जो एक सीट मिल सकती है, उसके लिए कई नेताओं के नाम चर्चा में हैं, जिनमें कांग्रेस महासचिव जितेंद्र सिंह, मीडिया हेड पवन खेड़ा, सोशल मीडिया हेड सुप्रिया श्रीनेत और कांग्रेस विधायक दल के नेता भूपिंदर सिंह हुड्डा के करीबी माने जाने वाले वरिष्ठ नेता राज बब्बर शामिल हैं. खेड़ा और श्रीनेत नियमित रूप से पार्टी का बचाव करते हैं और अलग-अलग मुद्दों पर मोदी सरकार पर हमला करते हैं, जबकि सिंह असम कांग्रेस के प्रभारी हैं.

जस्टिस बी सुदर्शन रेड्डी के नाम पर विचार
तेलंगाना में दूसरी सीट के लिए, कांग्रेस सुप्रीम कोर्ट पूर्व न्यायाधीश जस्टिस बी सुदर्शन रेड्डी को मैदान में उतार सकती है, जो 2025 के उपराष्ट्रपति चुनाव में इंडिया गठबंधन के उम्मीदवार थे, लेकिन सीपी राधाकृष्णन से हार गए.

सूत्रों ने बताया कि अगर यह बात नहीं बनी, तो जस्टिस रेड्डी को तमिलनाडु से राज्यसभा भेजा जा सकता है और तेलंगाना से अल्पसंख्यक समुदाय के नेता या वरिष्ठ नेता हनुमंत राव को चुना जा सकता है. कांग्रेस (AICC) के पदाधिकारी प्रवीण चक्रवर्ती की संभावित उम्मीदवारी पर भी कुछ चर्चा हुई है, लेकिन DMK शायद उनका समर्थन न करे क्योंकि उन्होंने गठबंधन के मुद्दों पर राज्य सरकार पर निशाना साधा था.

तेलंगाना के लिए प्रभारी कांग्रेस सचिव रोहित चौधरी ने ईटीवी भारत को बताया, “ये बहुत जरूरी चुनाव हैं. बातचीत हो रही है. पार्टी शीर्ष नेतृत्व जल्द ही नामों को अंतिम मंजूरी देगा.”

महाराष्ट्र में एमवीए के बीच होगी बैठक
महाराष्ट्र में, ऐसी अटकलें हैं कि एनसीपी (एसपी) के वरिष्ठ नेता शरद पवार राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन करने को उत्सुक हैं, लेकिन कांग्रेस यह साफ करना चाहती है कि क्या वह अपनी पार्टी को एनसीपी में विलय करने की योजना बना रहे हैं, जिसका नेतृत्व हाल तक उनके बागी भतीजे और दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजित पवार कर रहे थे. शिवसेना (UBT) भी अपने नेता को उच्च सदन भेजना चाहती है. कांग्रेस सूत्रों ने बताया कि नाम पर मुहर लगाने के लिए जल्द ही एमवीए गठबंधन की बैठक होगी. अगर उम्मीदवार पर कोई सहमति नहीं बनती है, तो कांग्रेस वरिष्ठ नेता रजनी पाटिल को फिर से मैदान में उतार सकती है.

महाराष्ट्र के प्रभारी कांग्रेस सचिव यूबी वेंकटेश ने बताया, “सभी तरफ से दावे हैं. MVA के भीरत बातचीत होगी और फिर हमारा शीर्ष नेतृत्व इस मामले में आखिरी फैसला लेगा.”

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