19.1 C
London
Friday, July 31, 2026
HomeLatest Newsइंडिगो पर सरकार का बड़ा एक्शन, 700 से ज्यादा उड़ानों पर चलीइंडिगो...

इंडिगो पर सरकार का बड़ा एक्शन, 700 से ज्यादा उड़ानों पर चलीइंडिगो पर सरकार का बड़ा एक्शन, 700 से ज्यादा उड़ानों पर चली कैंची! कैंची!

#LatestNews #BreakingNews #NewsUpdate #IndiaNews #HindiNews

नई दिल्ली: देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो ने घरेलू हवाई अड्डों पर अपने 700 से ज्यादा ‘स्लॉट’ छोड़ दिए हैं. यह कदमDGCA की उस सख्त कार्रवाई के बाद उठाया गया है, जिसमें एयरलाइन की सर्दियों की उड़ानों में कटौती का आदेश दिया गया था. दरअसल, यह पूरा मामला पिछले साल दिसंबर की शुरुआत में हुई भारी अव्यवस्था से जुड़ा है. दिसंबर में कोहरे और अन्य कारणों से उड़ानों में भारी देरी हुई थी. उस दौरान यात्रियों को घंटों एयरपोर्ट पर इंतजार करना पड़ा था और हजारों उड़ानें रद्द हुई थीं. आंकड़ों पर नजर डालें तो 3 से 5 दिसंबर के बीच इंडिगो की करीब 2,507 उड़ानें रद्द हुईं और 1,852 उड़ानें देरी से चली थीं. इसका असर देश भर के तीन लाख से ज्यादा यात्रियों पर पड़ा था.

इसी अव्यवस्था को देखते हुए डीजीसीए ने कड़ा रुख अपनाया और इंडिगो के विंटर शेड्यूल (शीतकालीन कार्यक्रम) में 10 प्रतिशत की कटौती कर दी. इसका सीधा मतलब था कि एयरलाइन को अपनी कुछ सेवाएं बंद करनी पड़ेंगी. इसी आदेश का पालन करते हुए इंडिगो ने अब मंत्रालय को 717 स्लॉट की लिस्ट सौंप दी है, जिन्हें उसने खाली कर दिया है. ‘स्लॉट’ वह तय समय होता है जो किसी एयरपोर्ट पर विमान के उतरने और उड़ान भरने के लिए दिया जाता है.

 

मेट्रो शहरों पर सबसे ज्यादा असर
इंडिगो द्वारा खाली किए गए स्लॉट्स का सबसे बड़ा हिस्सा देश के प्रमुख महानगरों से जुड़ा है. सूत्रों के मुताबिक, कुल 717 में से 364 स्लॉट दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे छह बड़े मेट्रो एयरपोर्ट्स के हैं. इसमें भी सबसे ज्यादा स्लॉट हैदराबाद और बेंगलुरु के बताए जा रहे हैं. ये स्लॉट जनवरी से मार्च तक की अवधि के लिए खाली किए गए हैं.

इस स्थिति को संभालते हुए नागर विमानन मंत्रालय ने तुरंत हरकत में आते हुए अन्य एयरलाइनों से आवेदन मांगे हैं. सरकार चाहती है कि इंडिगो द्वारा छोड़े गए इन स्लॉट्स का इस्तेमाल दूसरी कंपनियां करें ताकि यात्रियों को परेशानी न हो. हालांकि, मंत्रालय ने स्पष्ट हिदायत दी है कि कोई भी एयरलाइन इन नए स्लॉट्स को पाने के लिए अपने मौजूदा रूट को बंद नहीं करेगी.

दूसरी एयरलाइंस की राह भी नहीं है आसान
भले ही सरकार ने दूसरी एयरलाइंस को न्योता दिया है, लेकिन विमानन क्षेत्र के विशेषज्ञों का मानना है कि कंपनियां शायद इसमें बहुत ज्यादा दिलचस्पी न दिखाएं. इसके पीछे दो बड़ी वजहें हैं. पहली यह कि नेटवर्क की प्लानिंग करना और नए रूट शुरू करना एक लंबी प्रक्रिया है, जिसे इतनी जल्दी अंजाम देना मुश्किल है. किसी नए रूट को शुरू करके उसे महज एक-दो महीने बाद बंद कर देना व्यावहारिक नहीं होता.

दूसरी बड़ी वजह यह है कि खाली हुए अधिकतर स्लॉट ‘रेड-आई’ फ्लाइट्स (Red-Eye Flights) के हैं. ये वो उड़ानें होती हैं जो देर रात या तड़के संचालित होती हैं. आमतौर पर यात्री इन समयों पर सफर करना कम पसंद करते हैं, इसलिए एयरलाइंस के लिए ये स्लॉट मुनाफे के लिहाज से बहुत आकर्षक नहीं माने जाते.

डीजीसीए हुआ सख्त
डीजीसीए इस बार एयरलाइंस की मनमानी को लेकर काफी सख्त मूड में नजर आ रहा है. स्लॉट कटौती के अलावा, नियामक ने 17 जनवरी को परिचालन में खामियों के चलते इंडिगो पर 22.20 करोड़ रुपये का भारी-भरकम जुर्माना भी लगाया था. साथ ही एयरलाइन के सीईओ पीटर एलबर्स को चेतावनी भी जारी की गई थी. मामला यहीं खत्म नहीं हुआ, बल्कि डीजीसीए ने इंडिगो को 50 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी जमा करने का भी निर्देश दिया है.

Friends Conso Strengthens Its Presence with a Commitment to Quality and Customer Satisfaction

Delhi, India: Delivering dependable services while building lasting customer relationships has become the foundation of Friends Conso, a growing organization founded by Shanmuganathan. With...

Jhalana Leopard Safari Ticket Price Helps Visitors Plan an Affordable Wildlife Experience

Jaipur is home to one of India's most exciting wildlife destinations, and understanding the Jhalana Leopard Safari Ticket Price helps travelers plan their adventure...