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Tuesday, September 8, 2026
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हरदीप पुरी ने लोकसभा में कहा—भारत में गैस-तेल की कोई कमी नहीं

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नई दिल्ली। लोकसभा में केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने पश्चिम एशिया में चल रहे संकट और उसके कारण तेल-गैस आपूर्ति पर पड़ रहे असर को लेकर सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि दुनिया के ऊर्जा इतिहास में शायद ही कभी ऐसी स्थिति देखने को मिली हो जैसी अभी पश्चिम एशिया में संघर्ष के कारण बन रही है। यह संकट वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति के लिए गंभीर माना जा रहा है। मंत्री ने संसद में कहा कि सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता यह है कि देश के लगभग 33 करोड़ परिवारों की रसोई में ईंधन की कोई कमी न हो। उन्होंने साफ किया कि भारत में फिलहाल पेट्रोल, डीजल, गैस या एलपीजी की कमी नहीं है और लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है।

 तनाव के कारण जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई: हरदीप पुरी 

हरदीप सिंह पुरी ने बताया कि पश्चिम एशिया में तनाव के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाली जहाजों की आवाजाही करीब 20 प्रतिशत तक प्रभावित हुई है। यह दुनिया का एक बहुत महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है, जहां से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल दूसरे देशों तक पहुंचता है। मंत्री के अनुसार भारत अपनी जरूरत का लगभग 40 प्रतिशत कच्चा तेल अन्य देशों से भी प्राप्त कर रहा है, इसलिए सप्लाई को लेकर स्थिति फिलहाल सुरक्षित है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत में सीएनजी की सप्लाई पूरी तरह सामान्य है और एलएनजी के जहाज लगातार देश में पहुंच रहे हैं। गैस सिलेंडर को लेकर जो कमी की अफवाहें फैल रही हैं, वे सही नहीं हैं। उन्होंने कहा कि अफवाहों के कारण लोगों में घबराहट बढ़ती है और जरूरत से ज्यादा खरीदारी होने लगती है, जिससे मांग अचानक बढ़ जाती है।

एलपीजी उत्पादन में 28 प्रतिशत की वृद्धि की: पेट्रोलियम मंत्री

मंत्री ने जानकारी दी कि देश में एलपीजी उत्पादन में लगभग 28 प्रतिशत की वृद्धि की गई है, ताकि किसी भी संभावित संकट से निपटा जा सके। उन्होंने यह भी बताया कि भारत अभी भी कनाडा, नॉर्वे और रूस जैसे देशों से तेल आयात कर रहा है। साथ ही सरकार ने गैस की कालाबाजारी रोकने के लिए भी सख्त निर्देश जारी किए हैं। पुरी ने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य लगभग बंद होने जैसी स्थिति बन गई है। दर्ज इतिहास में यह पहली बार है जब यह महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग व्यावसायिक जहाजों के लिए लगभग ठप जैसा हो गया है। इसी रास्ते से दुनिया के कई देशों तक कच्चे तेल की बड़ी आपूर्ति होती है।

सरकार लगातार हालात पर नजर रख रही, जरूरी कदम उठाएंगे

उन्होंने संसद में कहा कि भारत इस संघर्ष का हिस्सा नहीं है, लेकिन वैश्विक बाजार से जुड़े होने के कारण इसके प्रभाव से पूरी तरह बच पाना संभव नहीं है। इसलिए सरकार को बहुत सावधानी के साथ आगे बढ़ना होगा। सरकार लगातार हालात पर नजर रख रही है और देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए हर जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं, ताकि आम लोगों पर इसका असर कम से कम पड़े।

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