16.7 C
London
Tuesday, September 8, 2026
HomeLatest Newsबंगाल में मतदाता सूची पर सियासी घमासान, कूच बिहार में मंत्री की...

बंगाल में मतदाता सूची पर सियासी घमासान, कूच बिहार में मंत्री की भूख हड़ताल

#LatestNews #BreakingNews #NewsUpdate #IndiaNews #HindiNews

कोलकाता|पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची से मतदाताओं के नाम हटाए जाने को लेकर विवाद थमने का नाम नही ले रहा है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बाद अब उत्तर बंगाल विकास मंत्री उदयन गुहा ने भी मोर्चा खोल दिया है। सोमवार को उन्होंने कूच बिहार के दिनहाटा में भूख हड़ताल शुरू कर दी। मंत्री का आरोप है कि चुनाव आयोग ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) के नाम पर मनमाने ढंग से लोगों के नाम मतदाता सूची से हटा दिए हैं।

गुहा चुनाव आयोग पर साधा निशाना

उदयन गुहा ने सीधे तौर पर चुनाव आयोग पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि आयोग भारतीय जनता पार्टी के इशारे पर काम कर रहा है। उनके नेतृत्व में तृणमूल कांग्रेस के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने इस सामूहिक भूख हड़ताल में हिस्सा लिया। मंत्री ने बताया कि बड़ी संख्या में मतदाताओं के नामों को ‘अंडर एडजुडिकेशन’ यानी जांच की श्रेणी में डाल दिया गया है। उनके मुताबिक, अकेले कूच बिहार जिले में ही 2.37 लाख से ज्यादा मतदाताओं के नाम इस पेंडिंग लिस्ट में रखे गए हैं।

चुनाव आयोग पक्षपात का लगाया आरोप

मंत्री ने कहा, ‘ममता बनर्जी के नेतृत्व में हमारी पार्टी कोलकाता में पहले से ही विरोध कर रही है। चुनाव आयोग पक्षपात कर रहा है और भाजपा को फायदा पहुंचाने की कोशिश में है। आम मतदाताओं के नाम काटकर उन्हें मानसिक परेशानी दी जा रही है। आयोग यह भी नहीं बता रहा है कि इन नामों पर फैसला कब होगा।’ उन्होंने आगे कहा कि उन्होंने अपने जीवन में कई चुनाव आयोग देखे हैं, लेकिन इतना पक्षपाती आयोग कभी नहीं देखा। उन्होंने चेतावनी दी कि बंगाल के लोग बहुत जागरूक हैं और वे इस साजिश का कड़ा जवाब देंगे।

भाजपा के उन दावों पर भी मंत्री ने पलटवार किया, जिसमें कहा गया था कि इस प्रक्रिया से रोहिंग्या और अवैध घुसपैठियों की पहचान होगी। उदयन गुहा ने कहा, अगर कोई घुसपैठिया मिलता है, तो उसे बाहर निकालें और सजा दें। हमें उससे कोई दिक्कत नहीं है। लेकिन हम चाहते हैं कि यहां पैदा हुए हर व्यक्ति का वोट देने का अधिकार सुरक्षित रहे। असल में जहां भाजपा कमजोर है, वहां योजना बनाकर असली मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं।

हड़ताल के सवाल पर क्या बोले नेता?

जब उनसे पूछा गया कि वह यह भूख हड़ताल कब तक जारी रखेंगे, तो उन्होंने कहा कि जब तक उनके शरीर में सांस है, वह पीछे नहीं हटेंगे। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी पिछले शुक्रवार को कोलकाता में इसी मुद्दे पर धरना शुरू किया था। तृणमूल कांग्रेस का कहना है कि वे आम जनता के हक के लिए यह लड़ाई जारी रखेंगे।

Building an Ecosystem for Indian Classical Dance Beyond Individual Festivals

The preservation of Indian classical dance requires more than occasional performances or the efforts of individual artists. Behind every successful artistic tradition is a...

Dr. Reshma Arora Develops a Multidisciplinary Career Across Science, Education, Literature and Social Advocacy

Maharashtra: Dr. Reshma Arora has built a multidisciplinary professional profile spanning science, education, research, authorship, mentorship, literature, painting and voluntary advocacy. Her career reflects...