‘बाल विवाह मुक्ति रथ’ ने देश भर में बाल विवाह विरोधी अभियान को मजबूत किया

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नई दिल्ली: ‘बाल विवाह मुक्ति रथ’ केंद्र सरकार के 100 दिन के पूरे देश में बाल विवाह को रोकने के लिए चलाए जा रहे कैंपेन को बढ़ावा दे रहा है, जो अब अपने आखिरी दौर में है. बाल विवाह को खत्म करने के लिए केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय का 100-दिन का अभियान अभी अपने तीसरे और आखिरी चरण में है, जिसे अलग-अलग राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों (UTs) में लागू किया जा रहा है. अभियान का यह आखिरी चरण 8 मार्च को खत्म होगा.

भारत में बच्चों के अधिकारों की वकालत करने वाले सबसे बड़े नेटवर्क की एक पहल, ‘बाल विवाह मुक्ति रथ’, सबसे दूर-दराज के इलाकों में ‘बाल विवाह मुक्त भारत’ का संदेश फैला रही है, और यह पक्का कर रही है कि सबसे कमजोर बच्चों तक भी पहुंचा जाए और उनकी सुरक्षा की जाए.

बदलाव का यह जरिया अभी 25 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश के 439 जिलों में घूम रहा है. नेटवर्क के अनुसार, यह पहल बाल विवाह को खत्म करने के लिए केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के 100 दिवसीय गहन राष्ट्रव्यापी अभियान का समर्थन करने के लिए की जा रही है. भारत में, कानूनी तौर पर मना होने के बावजूद, बाल विवाह एक बड़ा सामाजिक मुद्दा बना हुआ है, जिससे पूरे देश में लाखों जवान लड़के-लड़कियां प्रभावित हो रहे हैं.

इस अभ्यास से जवान लड़कियों को स्वास्थ्य से जुड़े बड़े जोखिम होते हैं, खासकर कम उम्र में गर्भवती की वजह से, इससे उनके घरेलू हिंसा का खतरा बढ़ जाता है, और गरीबी और लैंगिक असमानता का सिलसिला बना रहता है.

भारत में, तरक्की के बावजूद, 20-24 साल की 23 प्रतिशत महिलाओं की शादी 18 साल की उम्र तक पहुंचने से पहले हो गई थी (राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-5, 2019-21), जैसा कि महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने बताया है.

मंत्रालय राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-5 डेटा (ऐसे जिले जहां बाल विवाह की दर राष्ट्रीय औसत के बराबर या उससे ज़्यादा है) के जरिए पहचाने गए 257 अधिक बोझ वाले जिलों पर ध्यान दे रहा है. इसका लक्ष्य 2030 तक बाल विवाह को खत्म करना है.

‘बाल विवाह मुक्ति रथ’ की खास बातें क्या हैं?
‘बाल विवाह मुक्ति रथ’ में असरदार नारे लगे हैं, जिन्हें पोस्टर के तौर पर दिखाया गया है, साथ ही एक शपथ-हस्ताक्षर बोर्ड भी है. इसके डिजाइन का मकसद अपने रास्ते में सबसे अलग-थलग और पिछड़े समुदायों तक पहुंचना है.

बच्चों के अधिकार, जो पूरे भारत में बच्चों की सुरक्षा के लिए काम करने वाले 250 से अधिक संगठनों का एक नेटवर्क है, ने बताया कि जहां मुख्य सड़कें और बेहतर पहुंच है, वहां चार पहियों वाली गाड़ियां आसानी से पहुंच जाती हैं, वहीं सबसे दूर-दराज के गांवों तक, जहां कनेक्टिविटी खराब है, पूरे राज्य में मोटरसाइकिल या साइकिल कारवां से पहुंचा जाता है.

इस पूरे सफर में, पंचायतें, जिला प्रशासन, बाल विवाह रोकने वाले अधिकारी (CMPOs), और दूसरे सरकारी अधिकारी जागरूकता और शपथ दिलाने की कोशिशों के लिए समुदायों से जुड़ने में सक्रिय रूप से लगे हुए हैं.

यह यात्रा, जो अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर खत्म होगी, स्कूलों, ग्राम सभाओं, धार्मिक संस्थानों और ऐतिहासिक जगहों से होकर गुजरेगी, और नुक्कड़ नाटकों, सांस्कृतित कार्यक्रम और सर्वाइवर्स की कहानियों के जरिए अपना मैसेज देगी.

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने हाल ही में अपने होमटाउन जशपुर से ‘बाल विवाह मुक्ति रथ’ का उद्घाटन किया. यह रथ, जिसमें शपथ वाली दीवार और बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता संदेश हैं, 8 मार्च तक राज्य भर के गांवों और कस्बों में घूमेगा. इसी तरह, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी अपने राज्य में ऐसा ही एक रथ लॉन्च किया.

इस संबंध में ईटीवी भारत से बात करते हुए, चाइल्ड मैरिज फ्री इंडिया के राष्ट्रीय संयोजक बिधान चंद्र सिंह, जो बाल विवाह को खत्म करने की वैश्विक पहल का हिस्सा हैं, ने बुधवार को कहा, “बाल विवाह को खत्म करने के मकसद से चलाया जा रहा यह 100 दिन का वैश्विक पहल की एक खास ‘पूरी सरकार और पूरे समाज’ की रणनीति का उदाहरण है.”

“बाल विवाह मुक्ति रथ’ बदलाव लाने में एक उत्प्रेरक का काम करता है, जो सबसे दूर-दराज के इलाकों में ‘बाल विवाह मुक्त भारत’ का संदेश फैलाता है, और यह पक्का करता है कि अलग-थलग गांवों में सबसे कमजोर बच्चों तक भी पहुंचा जाए और उन्हें सुरक्षित रखा जाए.”

उन्होंने कहा, “आज, बच्चों के लिए न्यायोचित अधिकार की कोशिशों, सरकार की मजबूत पहल और लगन के साथ-साथ कानून लागू करने वाली एजेंसियों की तेज कार्रवाई से, हम गर्व और भरोसे के साथ कह सकते हैं कि भारत में बाल विवाह बहुत तेजी से कम हो रहा है.”

अपने बयान पर स्पष्टीकरण दें वर्ना विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव का सामना करने को तैयार रहें  

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नई दिल्ली। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के हालिया बयान को लेकर सियासी विवाद गहरा गया है। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार को चेतावनी दी कि यदि राहुल गांधी शाम 5 बजे तक अपने बयान पर स्पष्टीकरण या माफी नहीं मांगते हैं तो सरकार उनके खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लाएगी।  
संसदीय मंत्री रिजिजू ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने सदन में “गलतबयानी” कर सदन को गुमराह किया है। उन्होंने कहा, हम सदन को गुमराह करने और बेबुनियाद बयान देने के लिए राहुल गांधी के खिलाफ प्रिविलेज नोटिस फाइल करने जा रहे हैं। लोकसभा और राज्यसभा में प्रक्रिया और आचरण के स्पष्ट नियम हैं। यदि कोई सदस्य किसी अन्य सदस्य पर गंभीर आरोप लगाना चाहता है, तो उसे पहले नोटिस देना होता है और आरोप को प्रमाणित भी करना होता है। केंद्रीय मंत्री रिजिजू ने कहा कि राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सरकार पर यह आरोप लगाया कि उन्होंने भारत और भारतीय हितों को बेच दिया है। रिजिजू ने सवाल उठाया, किस आधार पर? बिना नोटिस दिए उन्होंने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को सदन में बुलाकर अपने आरोपों को साबित करने का अवसर दिया जाना चाहिए। 
रिजिजू ने यह भी आरोप लगाया कि राहुल गांधी जानबूझकर ऐसा करते हैं। उन्होंने कहा, उनका भाषण आम तौर पर आरोपों से भरा होता है और उसके बाद वे सदन से चले जाते हैं। वे मंत्रियों का जवाब सुनने के लिए नहीं बैठते। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि विपक्ष के नेता के पद पर गंभीरता का अभाव दिखता है।  
भाजपा प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने भी पार्टी मुख्यालय में प्रेस वार्ता कर राहुल गांधी पर संसदीय परंपराओं को आहत करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि संसद लोकतंत्र में उच्चतम मानकों और मर्यादाओं का प्रतीक है, लेकिन हाल की घटनाओं ने इसकी गरिमा को ठेस पहुंचाई है। त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि गांधी ने अपनी भाषा और शैली से संसदीय विमर्श का स्तर गिराया है। 
दरअसल, लोकसभा में केंद्रीय बजट पर चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने अमेरिका के साथ व्यापार समझौते को लेकर सरकार पर निशाना साधा था। उन्होंने इसे “होलसेल सरेंडर” करार देते हुए कहा था कि यह समझौता बराबरी की शर्तों पर नहीं हुआ है और किसानों के हितों को नुकसान पहुंचाया गया है। राहुल गांधी ने यहां तक कहा कि सरकार ने “भारत माता को बेच दिया।”

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पूर्व सेना प्रमुख जनरल नरवणे की पुस्तक को लेकर पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया को नोटिस 

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नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की विशेष प्रकोष्ठ ने पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे की आत्मकथा फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी के प्रकाशन से पहले कथित रूप से लीक होने के मामले में पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया को नोटिस दे दिया है। नोटिस के माध्यम से दिल्ली पुलिस की विशेष प्रकोष्ठ ने कई सवालों के जवाब मांगे हैं और प्रकाशन गृह के प्रतिनिधियों को जांच में सहयोग देने का आदेश दिया है। इसके पहले, विशेष प्रकोष्ठ ने पूर्व सेना प्रमुख जनरल नरवणे की पुस्तक के छपने से पहले कथित रूप से लीक होने के संबंध में मामला दर्ज हुआ था।
2020 में गलवान घाटी संघर्ष की घटनाओं का वर्णन करती पूर्व सेना प्रमुख की पुस्तक के कथित रूप से लीक होने पर मचे बवाल के बीच पेंगुइन को नोटिस दिया गया है। इस मामले पर स्पष्टीकरण देकर पेंगुइन इंडिया ने कहा कि किसी पुस्तक की घोषणा या उसके प्री-ऑर्डर के लिए उपलब्ध होने को प्रकाशन नहीं मनाना चाहिए। यह स्पष्टीकरण लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा नरवणे के 2023 के सोशल मीडिया पोस्ट का हवाला देने के बाद आया, इसमें उन्होंने कहा था कि उनकी आत्मकथा फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी अभी उपलब्ध है।
पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया में पुस्तक प्रकाशन कैसे काम करता है, इस पर एक संक्षिप्त गाइड शीर्षक वाले बयान में प्रकाशक ने कहा, घोषित पुस्तक, प्री-ऑर्डर के लिए उपलब्ध पुस्तक और प्रकाशित पुस्तक एक ही चीज नहीं हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब किसी पुस्तक की घोषणा की जाती है, तब इसका मतलब केवल यह है कि प्रकाशक ने भविष्य में इस पुस्तक को प्रकाशित करने की योजना साझा की है और यह पुस्तक अभी बिक्री के लिए उपलब्ध नहीं है।
इसी प्रकार, पुस्तक के लिए प्री-ऑर्डर लिस्टिंग एक मानक उद्योग प्रथा है, जो पाठकों और खुदरा विक्रेताओं को प्रकाशन से पहले अग्रिम ऑर्डर देने की अनुमति देती है। बयान में कहा गया है कि ऐसी लिस्टिंग यह संकेत नहीं देती कि पुस्तक प्रकाशित या उपलब्ध है। प्रकाशक ने कहा कि निर्धारित प्रकाशन तिथि एक नियोजित रिलीज़ समयरेखा को दर्शाती है और इसका मतलब यह नहीं है कि पुस्तक पहले से ही बाजार में है।

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लोकसभा में राहुल गांधी बोले- आपने हमारी भारत मां को बेच दिया, आपको कोई शर्म नहीं

नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर सरकार पर तीखे हमले किए। उन्होंने कहा है कि देश को बेचकर इन्हें शर्म नहीं आती है। उन्होंने कहा कि भारत के फैसले अमेरिका कैसे ले रहा है। राहुल ने कहा कि अब अमेरिका तय करेगा कि हम किससे तेल खरीदेंगे। अमेरिका हमारे पास आएगा और कहेगा, आप फलां-फलां से तेल खरीदिए। क्या हमारे फैसले अब अमेरिका लेगा। हमारा फैसला प्रधानमंत्री नहीं करेंगे। 
लोकसभा में बेहद गरमागरम बहस के बीच राहुल गांधी ने कहा कि सरकार ने अमेरिका को ये सब कैसे करने दिया। राहुल गांधी ने कहा कि आप खुद कहते हैं कि एनर्जी और फाइनेंस वेपनाइज़ेशन है और आपने अमेरिकियों को हमारे फाइनेंस और हमारी एनर्जी को हमारे खिलाफ हथियार बनाने की इजाजत दी है। इसका क्या मतलब है जब अमेरिका कहता है कि आप इसे नहीं खरीद सकते। किसी खास देश से तेल नहीं खरीद सकते तो इसका मतलब है कि हमारी एनर्जी वेपनाइज़्ड है। राहुल ने कहा कि जब वे कहते हैं, आपके टैरिफ कम हो जाएंगे। हमारे टैरिफ कम हो जाएंगे और आपके बढ़ जाएंगे। इसका मतलब है कि फाइनेंस, ट्रेड वेपनाइज़्ड है। तो आप हमें बता रहे हैं कि दुनिया एक ऐसी जगह है जहां जियोपॉलिटिकल कॉन्फ्लिक्ट बढ़ रहा है। आप हमसे कह रहे हैं कि एनर्जी और फाइनेंस को हथियार बनाया जाएगा और फिर आप अपने साथ ऐसा करवा रहे हैं। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि आपने इंडिया को बेच दिया है। क्या आपको इंडिया बेचने में शर्म नहीं आती? आपने हमारी भारत मां को बेच दिया है। आपको कोई शर्म नहीं है। 
कांग्रेस नेता ने कहा कि अगर इंडिया अलायंस ट्रंप से डील करता तो हम भारत के हितों का पक्का ख्याल रखते। राहुल ने कहा कि अगर हम ट्रंप से बात करते तो हम कहते कि राष्ट्रपति ट्रंप अगर आप अपना डॉलर बनाना चाहते हैं तो ये अच्छी बात है, हम आपके दोस्त हैं, हम आपको आपके डॉलर बचाने में मदद करना चाहते हैं, लेकिन याद रखिए, अगर आप अपना डॉलर बचाना चाहते हैं तो सबसे बड़ी दौलत जो डॉलर को बचा सकती है वो है भारतीय लोगों के साथ रहना। 
दूसरी बात हम ट्रंप को यह कहते कि देखिए मिस्टर प्रेसिडेंट यदि आप भारतीयों के डाटा तक पहुंच चाहते हैं तो पहली बात यह है कि आपको हमारे साथ बराबरी के स्तर पर बात करनी पड़ेगी। आप हमारे साथ ऐसे नहीं बात करेंगे जैसे कि हम आपके नौकर हैं। हम ट्रंप को कहते कि हमारी ऊर्जा सुरक्षा बेहद अहम है और चाहे जो कुछ भी हो जाए हम अपनी एनर्जी सिक्योरिटी की हर हाल में रक्षा करेंगे। राहुल ने कहा कि ट्रंप को दूसरी बात हम यह कहते कि ट्रंप महोदय आपका वोटर बेस है, एग्रीकल्चर वोटर बेस है, हम इसे समझते हैं कि आपको अपने किसानों को प्रोटेक्ट करने की जरूरत है, लेकिन हम भी अपने किसानों की रक्षा करेंगे। इंडिया अलायंस कहता कि हम आपके साथ बराबरी के स्तर पर बात करेंगे। 
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक राहुल गांधी ने कहा कि डाटा भारत की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि हम डिजिटल ट्रेड डील्स पर कंट्रोल छोड़ देते हैं, डेटा लोकलाइज़ेशन के लिए कोई डीड नहीं, हमारे लिए फ्री डेटा फ्लो, डिजिटल टैक्स पर लिमिट, सोर्स कोड पर डिस्कस करने की कोई ज़रूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि भारतीय इतिहास में पहली बार हमारे किसान तूफान का सामना कर रहे हैं। मक्का सोयाबीन जैसी फसलों में आपने दरवाजा खोल दिया है। मैकेनाइज्ड अमेरिकन फार्म्स के लिए। आपने हमारे गरीब किसानों को कुचलने का रास्ता खोल दिया है। यह शर्मनाक है। इससे पहले किसी प्रधानमंत्री ने ऐसा नहीं किया और मैं आपको बता दूं आपके बाद कोई भी कोई प्रधानमंत्री ऐसा कभी नहीं करने वाला है। 
राहुल गांधी ने लोकसभा में आरोप लगाया कि भारत-अमेरिकी ट्रेड डील “पूरी तरह से सरेंडर” है। उन्होंने दावा किया कि सरकार ने टैरिफ कम कर दिए हैं, भारतीय डेटा सौंप दिया है, विदेशी कंपनियों को 20 साल की टैक्स छूट दी है, किसानों को मशीनीकृत अमेरिकी खेती से मुकाबले के लिए मजबूर किया है, टेक्सटाइल सेक्टर को कमजोर किया है और एनर्जी सिक्योरिटी से समझौता किया है। उन्होंने कहा कि इस ट्रेड डील के बाद अमेरिका से हमारा इंपोर्ट 46 बिलियन से बढ़कर 146 बिलियन हो जाएगा और हमारा टैरिफ 3 फीसदी से बढ़कर 18 हो गया है और उनका 16 से घटकर ज़ीरो हो गया है। 
राहुल गांधी ने एपस्टीन का जिक्र किया। राहुल ने कहा कि एक निश्चित बिजनेसमैन हैं, जिनका नाम एपस्टीन फाइल में है, लेकिन उनको जेल नहीं हुई। उन पर क्रिमिनल चार्जेज हैं। राहुल के इस बयान पर केंद्रीय मंत्री रिजिजू ने उन्हें टोका और कहा कि राहुल गांधी बिना आधार के आरोप लगा रहे हैं। राहुल ने संसद में मार्शल आर्ट का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि शुरुआत ग्रिप से होती है और इसके बाद चोक में जाते हैं। चोक का फोकस गला होता है। जब आदमी के हाथ में ग्रिप आ जाता है, उसकी आंख में दिख जाता है। उन्होंने कहा कि पीएम कहते हैं कि यह युद्ध का दौर नहीं है, लेकिन हम युद्ध के दौर में प्रवेश कर चुके हैं। गाजा और इजराइल में इसकी झलक दिखी। दुनिया में पुराने सिस्टम को चैलेंज किया जा रहा है और हालात बदल रहे हैं। आज डेटा सबसे बड़ा वेल्थ है और यह एआई के लिए पेट्रोल है।

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सलमान आगा ने इस बयान से PAK की फिर कराई किरकिरी, हुए ट्रोल

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टी20 विश्वकप 2026 में पाकिस्तान को अच्छी शुरुआत मिली है। टीम ने अपने शुरुआती दोनों मैच जीत लिए हैं। पहले मैच में उसने नीदरलैंड्स को कड़े मुकाबले में हराया। फिर दूसरे मैच में अमेरिका को 32 रन से शिकस्त दी। हालांकि, अमेरिका के खिलाफ जीत के बाद पाकिस्तान के कप्तान सलमान आगा ने कुछ ऐसा कह दिया, जिससे वह ट्रोल हो गए। आगा ने एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि हम पाकिस्तानी हैं और दुनिया से अलग चीजें करते हैं। इस बयान के बाद फैंस ने इस बयान को बहिष्कार वाले फैसले से जोड़कर ट्रोल कर दिया। दरअसल, टी20 विश्वकप के शुरू होने से पहले पाकिस्तान ने जमकर ड्रामा किया था। उनकी सरकार ने भारत के खिलाफ 15 फरवरी को कोलंबो में होने वाले मैच का बहिष्कार करने का फैसला किया था। हालांकि, नौ दिन में ही पाकिस्तान सरकार पलट गई और यू-टर्न लेते हुए भारत के खिलाफ मैच खेलने का एलान कर दिया। इस यू-टर्न की वजह से पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी), पीसीबी अध्यक्ष मोहसिन नकवी और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ खूब ट्रोल हुए। अब सलमान आगा ने भी ऐसा बयान देकर पाकिस्तान की किरकिरी करवाई है।

क्या है पूरा मामला?

अमेरिका को पाकिस्तान ने 32 रन से हराया और टी20 विश्वकप 2024 में मिली हार का बदला लिया। इसके बाद आगा काफी खुश नजर आए। हालांकि, उन्होंने कहा कि टीम का प्रदर्शन अच्छा था, लेकिन कुछ सुधार की जरूरत है।  उन्होंने अपनी जीत के बाद चेहरे के भाव के बारे में सवाल पर मजाकिया अंदाज में कहा, ‘मैं हमेशा मुस्कुराता हूं। आपने मुझे कब मुस्कुराते नहीं देखा? (हंसते हुए)। यह क्लिनिकल जीत थी। पिछले मैच में हमने मिडिल ओवरों में अच्छी बल्लेबाजी नहीं की थी, लेकिन इस मैच में हमने वह कमी पूरी कर ली। जैसे ही हमने 190 रन बना लिए, हमें पता था कि हम इसे डिफेंड कर सकते हैं।’

‘हम पाकिस्तान हैं…’

आगा ने कहा कि अगर वह टॉस जीतते तो पहले बल्लेबाजी का फैसला करते। उन्होंने कहा कि उन्हें अपनी गेंदबाजी पर पूरा भरोसा है और वह अच्छे टारगेट को डिफेंड करने का दमखम रखते हैं। आगा ने कहा, ‘मैं टॉस जीतकर भी पहले बल्लेबाजी का फैसला करता। जिस तरह की गेंदबाजी हमारे पास है, हमें पता है कि हम 160-170 रन बनाकर भी जीत सकते हैं। हम पाकिस्तानी हैं, हम दुनिया से अलग चीजें करते हैं।’
 
‘चेज करने में भी सहज’

अपनी पसंद के बावजूद कप्तान ने साफ किया कि पाकिस्तान लक्ष्य का पीछा करने में भी उतना ही सहज है। बल्लेबाजी क्रम की लचीलापन पर जोर देते हुए उन्होंने कहा, ‘हम चेज करने में भी कंफर्टेबल हैं। हमारा बैटिंग ऑर्डर काफी लचीला है। पहले तीन बल्लेबाज शायद उसी क्रम में उतरेंगे, लेकिन उसके बाद हम स्थिति के हिसाब से बदलाव कर सकते हैं।’

भारत से अगली टक्कर

लाइनअप की गहराई और बहुमुखी प्रतिभा को समझाते हुए आगा ने कहा कि टीम के पास ऐसे विकल्प हैं, जिनसे वे मैच की अलग-अलग परिस्थितियों के मुताबिक खेल सकते हैं, बिना अपने इरादे से समझौता किए। उन्होंने प्रदर्शन पर संतोष जताया, लेकिन यह भी दोहराया कि टीम अभी आत्मसंतुष्ट नहीं है और टूर्नामेंट आगे बढ़ने के साथ सुधार की गुंजाइश बनी हुई है। पाकिस्तान को अब 15 फरवरी को कोलंबो में भारत से मैच खेलना है।

‘हमारे पास अच्छे फिनिशर्स’

उन्होंने कहा, ‘अगर शुरुआत में ज्यादा विकेट नहीं गिरते तो हमारे पास ऐसे फिनिशर हैं जो जल्दी आकर रन बना सकते हैं। लेकिन अगर शुरुआती विकेट गिर भी जाते हैं, तब भी हमारे पास ऐसा बल्लेबाज है जो पारी को गहराई तक ले जा सकता है और फिर फिनिशर्स को मैच खत्म करने का मौका देता है। सुधार की हमेशा गुंजाइश रहती है। हम पावर-प्ले में अच्छी गेंदबाजी करना पसंद करते हैं। कुछ हिस्सों में हम अच्छे थे, लेकिन हम और ज्यादा क्लिनिकल हो सकते हैं।’

कौन हैं उस्मान तारिक? जिन्हें PAK कप्तान ने बताया ‘ट्रंप कार्ड’, स्पिनर के अजीबोगरीब एक्शन पर भी उठे हैं सवाल

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भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले मुकाबले से पहले पाकिस्तान क्रिकेट का एक नया नाम चर्चा में आ गया है- उस्मान तारिक. पाकिस्तान के कप्तान सलमान अली आगा ने उन्हें टीम का ‘ट्रंप कार्ड’ बताया है. ऐसे में अब सवाल उठ रहे है कि आखिर कौन हैं उस्मान तारिक? आइए जानते हैं..

कौन हैं उस्मान तारिक?

उस्मान तारिक पाकिस्तान के उभरते हुए गेंदबाजों में से एक हैं, जिन्होंने हाल ही में घरेलू टूर्नामेंट और टी20 क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन किया है. टी20 वर्ल्ड कप 2026 में उन्होंने यूएसए के खिलाफ शानदार प्रदर्शन कर सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा है. साथ ही साथ अब तक खेले गए 23 टी20 मुकाबलों में उन्होंने हर मैच में विकेट चटकाए हैं. उनकी सबसे बड़ी ताकत वेरिएशन और दबाव के पलों में विकेट निकालने की क्षमता मानी जाती है. लेकिन सबसे खास बात है कि तारिक का अजीबोगरीब एक्शन बल्लेबाजों के लिए मुसीबत बनता रहा है.

सलमान अली आग़ा ने बताया ट्रंप कार्ड

पाक कप्तान सलमान अली आग़ा ने हाल ही में यूएसए के खिलाफ मैच के दौरान उस्मान तारिक को लेकर कहा कि वह टीम के लिए एक्स- फैक्टर साबित हो सकते हैं. उनका मानना है कि भारतीय बल्लेबाजों के खिलाफ उस्मान पाक के लिए तुरुप का इक्का साबित हो सकते हैं.

एक्शन पर उठे सवाल

उस्मान तारिक ने अक्टूबर 2025 में इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू किया था, इंटरनेशनल क्रिकेट में कदम रखते ही उन्होंने सुर्खियां बटोरनी शुरू कर दी थीं. उनकी गेंदबाजी एक्शन लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है. हाल ही में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज के दौरान कैमरन ग्रीन ने उनके एक्शन पर सवाल उठाए थे और मैदान पर नाराजगी भी जताई थी. हालांकि तमाम अटकलों के बीच आईसीसी ने अब तक उन्हें गेंदबाजी करने से रोका नहीं है.

‘बहुत आई गई यादें, मगर इस बार तुम्ही आना…’, स्मिता से लेकर शहनाज तक; अधूरी हाेकर भी पूरी हुई इनकी दास्तां

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‘बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं,
लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं…..’

उमैर नज्मी का लिखा ये शेर उन प्रेमी जोड़ों की जिंदगी पर सटीक बैठता है जिनके पार्टनर को जिंदगी ने ही धोखा दे दिया। एक खुशहाल और मोहब्बत भरी कहानी में वक्त ने एक पर ऐसा सितम किया दूसरा उससे कभी उभर ही नहीं पाया।वैलेंटाइन स्पेशल वीक की पांचवी कड़ी में आज पढ़िए बॉलीवुड के ऐसे कपल्स की कहानी की जिनकी जिंदगी में अकेलापन है, यादें है, जुदाई है और अपने साथ के कभी न लौटने का गम है।

कमाल अमरोही और मीना कुमारी

‘चलो दिलदार चलो चांद के पार चलो…’

फिल्म ‘पाकीजा’ का यह गाना फिल्माते वक्त कमाल अमरोही ने कभी नहीं सोचा होगा कि एक दिन उन्हें उस चांद में ही मीना को ढूंढना होगा। 1938 में कमाल अपनी फिल्म ‘जेलर’ के लिए चाइड आर्टिस्ट ढूंढ रहे थे। उसी समय पहली बार कमाल और मीना की मुलाकात हुई। फिर कई साल बाद दोनों को अशोक कुमार ने मिलवाया। कमाल ने मीना कुमारी को अपनी फिल्म ‘अनारकली’ ऑफर की। फिल्म तो नहीं बन सकी मगर दोनों के बीच प्रेम कहानी शुरु हो गई।शूटिंग शुरू होने से पहले ही मीना कुमारी का एक्सीडेंट हो गया और वो पूना के एक अस्पताल में भर्ती हुईं। कमाल को पता लगा तो वो हर रोज मीना से मिलने जाते और उनका ख्याल रखने लगे। बचपन से ही प्यार के मामले में बदनसीब रहीं मीना के मन में कमाल के लिए मोहब्बत जाग उठी। कमाल पहले से ही शादीशुदा थे पर फिर भी एक साल बाद 14 फरवरी 1952 को 18 साल की मीना और 32 साल के कमाल ने गुपचुप निकाह कर लिया। शादी के बाद कुछ दिन तक तो ठीक रहा पर उसके बाद दोनों के बीच लड़ाईयां होने लगीं। कमाल ने मीना के साथ हाथापाई शुरू कर दी। कई इवेंट में कई सेलेब्स ने मीना के चेहरे पर चोट के निशान तक देखे। कमाल ने शादी के बाद मीना को काम तो करने दिया पर उन पर कई तरह की बंदिशें लगा दीं। नौबत यहां तक पहुंच गई कि एक दिन मीना कुमार ने तलाक मांग लिया और शर्त रखी कि वो कमाल की फिल्म ‘पाकीजा’ उनके तलाक देने के बाद ही पूरी करेंगी। कमाल ने मीना को आजाद कर दिया पर इसके बाद मीना और टूट गईं। अकेलेपन और अवसाद का शिकार हुईं तो उन्होंने शराब को अपना साथी चुन लिया। नींद न आने की बीमारी ने उन्हें शराब के और करीब ला दिया जिसके चलते मीना को लीवर सिरोसिस हो गया।‘पाकीजा’ की शूटिंग के दौरान मीना को पता चल गया कि उनके पास ज्यादा वक्त नहीं बचा है। मीना ने कमाल की फिल्म पूरी की। 4 फरवरी 1972 को फिल्म रिलीज हुई और बॉक्स ऑफिस पर सफलता के कई रिकॉर्ड तोड़ दिए। मीना के अंतिम समय में कमाल उनसे दोबारा शादी करना चाहते थे पर ऐसा हो न सका। फिल्म रिलीज के महीने भर बाद 31 मार्च को मीना ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया।

संजीव कुमार और सुलक्षणा पंडित

‘उनकी भी हमसे मोहब्बत हो ये जरूरी तो नहीं…’ 

कहानी एक तरफा इश्क की… कहानी सुलक्षणा पंडित की। एक एक्ट्रेस जिसने अपने आखिरी समय में भी साबित कर दिया कि एक तरफा इश्क भी इश्क होता है। गायिका और एक्ट्रेस सुलक्षणा की संजीव से पहली मुलाकात किसी फिल्म के सेट पर हुई। संजीव की सादगी और संजीदा स्वभाव सुलक्षणा को भा गया।मगर उस वक्त संजीव के दिल में थीं ‘ड्रीम गर्ल’ हेमा मालिनी, जो धर्मेंद्र को पसंद करती थीं। हसरत संजीव और सुलक्षणा दोनों की ही अधूरी रह गई। हेमा को हासिल न करने के दुख में संजीव अवसाद का शिकार हो गए। इसी गम में सुलक्षणा उनके करीब आईं मगर संजीव ने हेमा को अपनी आखिरी मोहब्बत मान लिया था।वो सुलक्षणा को नहीं अपना पाए। अपने इश्क के जुनून में एक्ट्रेस ने भी कभी शादी नहीं की। संजीव कुमार ने 6 नवंबर 1985 में दुनिया को अलविदा कहा और इसी तारीख पर 2025 में सुलक्षणा ने भी दुनिया को अलविदा कह दिया।

स्मिता पाटिल और राज बब्बर

‘हमे आप से भी जुदा कर चले…’  

स्मिता पाटिल, हिंदी सिनेमा की वो अदाकारा जिसने कमर्शियल नहीं बल्कि क्लासिक फिल्मों से अपनी पहचान बनाई। आमतौर पर गंभीर दिखने वालीं स्मिता की जिंदगी में प्यार का मोड़ तब आया जब ‘भीगी पलकें’ के सेट पर वो राज बब्बर से मिलीं। मगर सब कुछ इतना आसान नहीं था।राज पहले से ही नादिरा बब्बर से शादीशुदा थे। इसके बावजूद दोनों ने साथ रहने का फैसला किया और लिव इन रिलेशनशिप में आ गए। इस रिश्ते की समाज और इंडस्ट्री में काफी आलोचना हुई। मगर दोनो अपने निर्णय ले चुके थे।स्मिता मां बनने वाली थीं। जल्द ही राज बब्बर के जीवन में फिर से खुशियां आने वाली थीं। मगर वो यह नहीं जानते थे कि ये खुशी अपने साथ गम भी लेकर आएगी। बेटे प्रतीक को जन्म देने के बाद ही 31 साल की स्मिता ने दुनिया को अलविदा कह दिया। 

पराग त्यागी और शेफाली जरीवाला

‘तेरी याद साथ है…’ 

शेफाली जरीवाला और पराग त्यागी एक पावर कपल के रुप में जाने जाते थे। दोनों की मुलाकात तब हुई जब ‘कांटा लगा..’ गाने से सबका क्रश बनने वाली शेफाली अपने बुरे दौर में थीं। पहली शादी नकाम होने और तलाक के दुख से जूझतीं शेफाली काफी मुश्किल में थीं।इसी बीच एक पार्टी में उन्हें पराग मिले और प्यार का सिलसिला शुरू हुआ। वैसे तो शेफाली का मोहब्बत से भरोसा उठ चुका था। मगर पराग की देखभाल और प्यार ने शेफाली को एक दिन यकीन दिला ही दिया। दोनों ने 2014 में शादी कर ली और हमेशा के लिए एक हो गए। ‘बिग बॉस’ जैसा शो भी दोनों को अलग नहीं कर पाया। फैंस से कपल को काफी प्यार मिला।और फिर एक दिन पराग की जिंदगी में भूचाल आ गया और शेफाली से उनका साथ छूट गया। शेफाली बिना कुछ बोले दिल का दौरा पड़ने से गुजर गई और पराग को तन्हा कर गईं। पराग, शेफाली को आज भी याद करते हैं और उनकी याद में उन्होंने एक टैटू भी बनवाया है। जब भी पराग दुनिया के सामने आते हैं शेफाली को खोने की दर्द उनके चेहरे पर साफ झलकता है।

सिद्धार्थ शुक्ला और शहनाज गिल

‘दिल को फिर कभी न करार आया…’ 

टीवी रियलिटी शो ‘बिग बॉस’ एक ऐसा प्लेटफॉर्म है जहां कई दिल मिले। बाहरी दुनिया से कटे हुए सेलेब्स को घर के अंदर जितने दुश्मन मिलते हैं, उतने दोस्त भी। इसी राह पर चलते-चलते सिद्धार्थ शुक्ला और शहनाज गिल की दोस्ती कब प्यार में बदल गई कोई जान ही नहीं पाया। साल 2019-20 में हुए बिग बॉस के 13वें सीजन में दोनों ने भाग लिया। उस वक्त शहनाज जहां पंजाबी इंडस्ट्री में बड़ा नाम थीं। वहीं सिद्धार्थ शुक्ल की भी अच्छी खास फैन बेस थी। शो के दौरान जहां सिद्धार्थ को शहनाज की मासूमियत पसंद आई, वहीं शहनाज को एक्टर का केयरिंग बिहेवियर भा गया। दोनों ने पूरे शो में एक दूसरे का जमकर सपोर्ट किया। अंत में सिद्धार्थ इस शो के विनर बनकर बाहर आए। फरवरी 2020 में बिग बॉस खत्म होने के बाद भी सिद्धार्थ और शहनाज साथ रहे। हालांकि, इस खूबसूरत सफर की उम्र ज्यादा लंबी नहीं थी। किसी ने सोचा भी नहीं था कि सिद्धार्थ इतनी जल्दी शहनाज को छोड़कर अंजान सफर पर निकल जाएगें।2 सितंबर 2021 को महज 40 साल की उम्र में एक्टर को दिल का दौरा पड़ा और शहनाज की बाहों में ही दम तोड़ गए। शहनाज को इस गम से उबरने में कई साल लगे पर आज भी अपने सिड को खोने का गम शहनाज की आखों में साफ दिखाई देता है।

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वैलेंटाइन वीक स्पेशल की इस कड़ी में कल पढ़िए  
ऐसे सेलिब्रिटी कपल्स की कहानी जिनकी मोहब्बत अलग होने के बाद भी कायम रही।

साउथ अफ्रीका और अफगानिस्तान का स्कोर टाई, सुपर ओवर में होगा अब विजेता का फैसला

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आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 का 13वां मुकाबला आज अफगानिस्तान और दक्षिण अफ्रीका के बीच अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला गया. इस रोमांचक मुकाबले में साउथ अफ्रीका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवर में 6 विकेट खोकर 187 रन बनाए, जवाब में अफगानिस्तान की टीम ने 19.4 ओवर में 187 रन बना डाले और मैच ड्रॉ हो गया. अब इस मैच का नतीजा सुपर ओवर में निकलेगा…

अफगानिस्तान ने जीता टॉस

अफगानिस्तान और साउथ अफ्रीका के बीच खेले गए इस हाई-वोल्टेज मुकाबले में अफगानिस्तान ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया और उनका यह फैसला सही साबित हुआ. पहले बल्लेबाजी करते हुए दक्षिण अफ्रीका ने 20 ओवर में 6 विकेट खोकर 187 रन बनाए. अफगानिस्तान के लिए अजमतुल्लाह ने सबसे ज्यादा 3 विकेट लिए, जबकि कप्तान राशिद खान ने 2 विकेट चटके.साउथ अफ्रीका द्वारा दिए गए लक्ष्य का पीछा करने उतरी अफगानिस्तान की शुरुआत शानदार रही. गुरबाज ने 84 रन की पारी खेल टीम को मजबूत शुरुआत दिलाई.

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श्रीगंगानगर में पीछे से टक्कर के बाद पलटी जीप, थाना प्रभारी ज्योति नायक की मौत

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श्रीगंगानगर| में  हुए दर्दनाक सड़क हादसे में महिला थाना प्रभारी सीआई ज्योति नायक की मौत हो गई। पायल थियेटर रोड पर दुर्गा मंदिर चौराहे के पास रात्रि   गश्त के दौरान उनकी पुलिस जीप को  तेज रफ्तार कार ने पीछे से टक्कर मार दी।राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में एक दिल दहला देने वाले सड़क हादसे में महिला थाना प्रभारी पुलिस निरीक्षक (सीआई) ज्योति नायक की मौत हो गई।  रात्रि  गश्त पर निकली उनकी पुलिस जीप को कार ने पीछे से जोरदार टक्कर मार दी।जानकारी के अनुसार सीआई ज्योति नायक रात भर गश्त पर ड्यूटी कर रही थीं इसी दौरान इस सड़क दुर्घटना में मे उनकी मौत हो गई । कार चालक को भी गंभीर चोटें आई हैं।  हादसे में एक अन्य पुलिसकर्मी भी घायल हुआ है।

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आसमान छू रहीं दिलजीत दोसांझ के ‘ऑरा वर्ल्ड टूर’ के टिकट की कीमतें, 11 हजार से हो रही शुरुआत

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दिलजीत दोसांझ अपनी हालिया रिलीज फिल्म ‘बॉर्डर 2’ की कामयाबी को लेकर खुश हैं। इस बीच पंजाबी सुपरस्टार ने नॉर्थ अमेरिका में अपना 2026 ‘ऑरा वर्ल्ड टूर’ लॉन्च कर दिया है। दिलजीत के 2025 एल्बम ‘ऑरा’ के लिए टूर का एलान फरवरी की शुरुआत में किया गया था। इसमें बताया गया था कि टिकट की प्री-सेल 10 फरवरी से जबकि जनरल सेल 13 फरवरी से शुरू होंगी।

इन जगहों पर होंगे कॉन्सर्ट

‘ऑरा वर्ल्ड टूर’ 23 अप्रैल, 2026 को वैंकूवर के बीसी प्लेस स्टेडियम से शुरू होगा। फिर कैलगरी, एडमोंटन, विनिपेग और टोरंटो समेत कई कनाडाई शहरों से होते हुए यूनाइटेड स्टेट्स जाएगा। अमेरिका में इसके स्टॉप में रोजमोंट, डलास, नैशविले, अटलांटा और न्यूयॉर्क शामिल हैं। 20 जून को सैन फ्रांसिस्को में इसका समापन होगा।

कितनी है टिकटों की कीमत?

टूर के लिए टिकट की कीमतें शहर और जगह के हिसाब से बहुत अलग-अलग हैं। अभी की लिस्टिंग के मुताबिक, किआ सेंटर में ऑरलैंडो जैसे शो के लिए बेस प्राइस लगभग 11,500 रुपये से शुरू होती है। मैडिसन स्क्वायर गार्डन जैसी जगहों पर टिकट लगभग 26,000 रुपये के आस-पास मिल रहे हैं। सैन फ्रांसिस्को में चेस सेंटर जैसे प्रीमियम शो के टिकट लगभग 23,241 के आस-पास मिल रहे हैं। टिकटों की ज्यादा कीमत दिलजीत की जबरदस्त ग्लोबल पॉपुलैरिटी को दिखाती है।मुश्किल में श्रेयस तलपड़े! यूपी के मैनपुरी में दर्ज हुआ केस; इस मामले में पुलिस ने शुरू की जांच दिलजीत दोसांझ का वर्कफ्रंट दिलजीत दोसांझ सिंगर, एक्टर और अभिनेता हैं। उन्होंने हिंदी सिनेमा के अलावा पंजाबी सिनेमा में भी काम किया है। दिलजीत ने साल 2003 में एल्बम ‘इश्क दा उड़ा दा’ से सिंगिंग में डेब्यू किया। साल 2011 में उन्होंने फिल्म ‘द लायन ऑफ पंजाब’ से अभिनय करियर की शुरुआत की। जल्द ही वह पंजाबी फिल्म ‘पंजाब 95’ में नजर आएंगे।