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Sunday, October 18, 2026
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‘बहुत आई गई यादें, मगर इस बार तुम्ही आना…’, स्मिता से लेकर शहनाज तक; अधूरी हाेकर भी पूरी हुई इनकी दास्तां

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‘बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं,
लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं…..’

उमैर नज्मी का लिखा ये शेर उन प्रेमी जोड़ों की जिंदगी पर सटीक बैठता है जिनके पार्टनर को जिंदगी ने ही धोखा दे दिया। एक खुशहाल और मोहब्बत भरी कहानी में वक्त ने एक पर ऐसा सितम किया दूसरा उससे कभी उभर ही नहीं पाया।वैलेंटाइन स्पेशल वीक की पांचवी कड़ी में आज पढ़िए बॉलीवुड के ऐसे कपल्स की कहानी की जिनकी जिंदगी में अकेलापन है, यादें है, जुदाई है और अपने साथ के कभी न लौटने का गम है।

कमाल अमरोही और मीना कुमारी

‘चलो दिलदार चलो चांद के पार चलो…’

फिल्म ‘पाकीजा’ का यह गाना फिल्माते वक्त कमाल अमरोही ने कभी नहीं सोचा होगा कि एक दिन उन्हें उस चांद में ही मीना को ढूंढना होगा। 1938 में कमाल अपनी फिल्म ‘जेलर’ के लिए चाइड आर्टिस्ट ढूंढ रहे थे। उसी समय पहली बार कमाल और मीना की मुलाकात हुई। फिर कई साल बाद दोनों को अशोक कुमार ने मिलवाया। कमाल ने मीना कुमारी को अपनी फिल्म ‘अनारकली’ ऑफर की। फिल्म तो नहीं बन सकी मगर दोनों के बीच प्रेम कहानी शुरु हो गई।शूटिंग शुरू होने से पहले ही मीना कुमारी का एक्सीडेंट हो गया और वो पूना के एक अस्पताल में भर्ती हुईं। कमाल को पता लगा तो वो हर रोज मीना से मिलने जाते और उनका ख्याल रखने लगे। बचपन से ही प्यार के मामले में बदनसीब रहीं मीना के मन में कमाल के लिए मोहब्बत जाग उठी। कमाल पहले से ही शादीशुदा थे पर फिर भी एक साल बाद 14 फरवरी 1952 को 18 साल की मीना और 32 साल के कमाल ने गुपचुप निकाह कर लिया। शादी के बाद कुछ दिन तक तो ठीक रहा पर उसके बाद दोनों के बीच लड़ाईयां होने लगीं। कमाल ने मीना के साथ हाथापाई शुरू कर दी। कई इवेंट में कई सेलेब्स ने मीना के चेहरे पर चोट के निशान तक देखे। कमाल ने शादी के बाद मीना को काम तो करने दिया पर उन पर कई तरह की बंदिशें लगा दीं। नौबत यहां तक पहुंच गई कि एक दिन मीना कुमार ने तलाक मांग लिया और शर्त रखी कि वो कमाल की फिल्म ‘पाकीजा’ उनके तलाक देने के बाद ही पूरी करेंगी। कमाल ने मीना को आजाद कर दिया पर इसके बाद मीना और टूट गईं। अकेलेपन और अवसाद का शिकार हुईं तो उन्होंने शराब को अपना साथी चुन लिया। नींद न आने की बीमारी ने उन्हें शराब के और करीब ला दिया जिसके चलते मीना को लीवर सिरोसिस हो गया।‘पाकीजा’ की शूटिंग के दौरान मीना को पता चल गया कि उनके पास ज्यादा वक्त नहीं बचा है। मीना ने कमाल की फिल्म पूरी की। 4 फरवरी 1972 को फिल्म रिलीज हुई और बॉक्स ऑफिस पर सफलता के कई रिकॉर्ड तोड़ दिए। मीना के अंतिम समय में कमाल उनसे दोबारा शादी करना चाहते थे पर ऐसा हो न सका। फिल्म रिलीज के महीने भर बाद 31 मार्च को मीना ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया।

संजीव कुमार और सुलक्षणा पंडित

‘उनकी भी हमसे मोहब्बत हो ये जरूरी तो नहीं…’ 

कहानी एक तरफा इश्क की… कहानी सुलक्षणा पंडित की। एक एक्ट्रेस जिसने अपने आखिरी समय में भी साबित कर दिया कि एक तरफा इश्क भी इश्क होता है। गायिका और एक्ट्रेस सुलक्षणा की संजीव से पहली मुलाकात किसी फिल्म के सेट पर हुई। संजीव की सादगी और संजीदा स्वभाव सुलक्षणा को भा गया।मगर उस वक्त संजीव के दिल में थीं ‘ड्रीम गर्ल’ हेमा मालिनी, जो धर्मेंद्र को पसंद करती थीं। हसरत संजीव और सुलक्षणा दोनों की ही अधूरी रह गई। हेमा को हासिल न करने के दुख में संजीव अवसाद का शिकार हो गए। इसी गम में सुलक्षणा उनके करीब आईं मगर संजीव ने हेमा को अपनी आखिरी मोहब्बत मान लिया था।वो सुलक्षणा को नहीं अपना पाए। अपने इश्क के जुनून में एक्ट्रेस ने भी कभी शादी नहीं की। संजीव कुमार ने 6 नवंबर 1985 में दुनिया को अलविदा कहा और इसी तारीख पर 2025 में सुलक्षणा ने भी दुनिया को अलविदा कह दिया।

स्मिता पाटिल और राज बब्बर

‘हमे आप से भी जुदा कर चले…’  

स्मिता पाटिल, हिंदी सिनेमा की वो अदाकारा जिसने कमर्शियल नहीं बल्कि क्लासिक फिल्मों से अपनी पहचान बनाई। आमतौर पर गंभीर दिखने वालीं स्मिता की जिंदगी में प्यार का मोड़ तब आया जब ‘भीगी पलकें’ के सेट पर वो राज बब्बर से मिलीं। मगर सब कुछ इतना आसान नहीं था।राज पहले से ही नादिरा बब्बर से शादीशुदा थे। इसके बावजूद दोनों ने साथ रहने का फैसला किया और लिव इन रिलेशनशिप में आ गए। इस रिश्ते की समाज और इंडस्ट्री में काफी आलोचना हुई। मगर दोनो अपने निर्णय ले चुके थे।स्मिता मां बनने वाली थीं। जल्द ही राज बब्बर के जीवन में फिर से खुशियां आने वाली थीं। मगर वो यह नहीं जानते थे कि ये खुशी अपने साथ गम भी लेकर आएगी। बेटे प्रतीक को जन्म देने के बाद ही 31 साल की स्मिता ने दुनिया को अलविदा कह दिया। 

पराग त्यागी और शेफाली जरीवाला

‘तेरी याद साथ है…’ 

शेफाली जरीवाला और पराग त्यागी एक पावर कपल के रुप में जाने जाते थे। दोनों की मुलाकात तब हुई जब ‘कांटा लगा..’ गाने से सबका क्रश बनने वाली शेफाली अपने बुरे दौर में थीं। पहली शादी नकाम होने और तलाक के दुख से जूझतीं शेफाली काफी मुश्किल में थीं।इसी बीच एक पार्टी में उन्हें पराग मिले और प्यार का सिलसिला शुरू हुआ। वैसे तो शेफाली का मोहब्बत से भरोसा उठ चुका था। मगर पराग की देखभाल और प्यार ने शेफाली को एक दिन यकीन दिला ही दिया। दोनों ने 2014 में शादी कर ली और हमेशा के लिए एक हो गए। ‘बिग बॉस’ जैसा शो भी दोनों को अलग नहीं कर पाया। फैंस से कपल को काफी प्यार मिला।और फिर एक दिन पराग की जिंदगी में भूचाल आ गया और शेफाली से उनका साथ छूट गया। शेफाली बिना कुछ बोले दिल का दौरा पड़ने से गुजर गई और पराग को तन्हा कर गईं। पराग, शेफाली को आज भी याद करते हैं और उनकी याद में उन्होंने एक टैटू भी बनवाया है। जब भी पराग दुनिया के सामने आते हैं शेफाली को खोने की दर्द उनके चेहरे पर साफ झलकता है।

सिद्धार्थ शुक्ला और शहनाज गिल

‘दिल को फिर कभी न करार आया…’ 

टीवी रियलिटी शो ‘बिग बॉस’ एक ऐसा प्लेटफॉर्म है जहां कई दिल मिले। बाहरी दुनिया से कटे हुए सेलेब्स को घर के अंदर जितने दुश्मन मिलते हैं, उतने दोस्त भी। इसी राह पर चलते-चलते सिद्धार्थ शुक्ला और शहनाज गिल की दोस्ती कब प्यार में बदल गई कोई जान ही नहीं पाया। साल 2019-20 में हुए बिग बॉस के 13वें सीजन में दोनों ने भाग लिया। उस वक्त शहनाज जहां पंजाबी इंडस्ट्री में बड़ा नाम थीं। वहीं सिद्धार्थ शुक्ल की भी अच्छी खास फैन बेस थी। शो के दौरान जहां सिद्धार्थ को शहनाज की मासूमियत पसंद आई, वहीं शहनाज को एक्टर का केयरिंग बिहेवियर भा गया। दोनों ने पूरे शो में एक दूसरे का जमकर सपोर्ट किया। अंत में सिद्धार्थ इस शो के विनर बनकर बाहर आए। फरवरी 2020 में बिग बॉस खत्म होने के बाद भी सिद्धार्थ और शहनाज साथ रहे। हालांकि, इस खूबसूरत सफर की उम्र ज्यादा लंबी नहीं थी। किसी ने सोचा भी नहीं था कि सिद्धार्थ इतनी जल्दी शहनाज को छोड़कर अंजान सफर पर निकल जाएगें।2 सितंबर 2021 को महज 40 साल की उम्र में एक्टर को दिल का दौरा पड़ा और शहनाज की बाहों में ही दम तोड़ गए। शहनाज को इस गम से उबरने में कई साल लगे पर आज भी अपने सिड को खोने का गम शहनाज की आखों में साफ दिखाई देता है।

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वैलेंटाइन वीक स्पेशल की इस कड़ी में कल पढ़िए  
ऐसे सेलिब्रिटी कपल्स की कहानी जिनकी मोहब्बत अलग होने के बाद भी कायम रही।

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