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Wednesday, August 26, 2026
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अब अमेरिका तय करेगा हम किससे तेल खरीदेंगे, क्या हमारे फैसले वह लेगा

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लोकसभा में राहुल गांधी बोले- आपने हमारी भारत मां को बेच दिया, आपको कोई शर्म नहीं

नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर सरकार पर तीखे हमले किए। उन्होंने कहा है कि देश को बेचकर इन्हें शर्म नहीं आती है। उन्होंने कहा कि भारत के फैसले अमेरिका कैसे ले रहा है। राहुल ने कहा कि अब अमेरिका तय करेगा कि हम किससे तेल खरीदेंगे। अमेरिका हमारे पास आएगा और कहेगा, आप फलां-फलां से तेल खरीदिए। क्या हमारे फैसले अब अमेरिका लेगा। हमारा फैसला प्रधानमंत्री नहीं करेंगे। 
लोकसभा में बेहद गरमागरम बहस के बीच राहुल गांधी ने कहा कि सरकार ने अमेरिका को ये सब कैसे करने दिया। राहुल गांधी ने कहा कि आप खुद कहते हैं कि एनर्जी और फाइनेंस वेपनाइज़ेशन है और आपने अमेरिकियों को हमारे फाइनेंस और हमारी एनर्जी को हमारे खिलाफ हथियार बनाने की इजाजत दी है। इसका क्या मतलब है जब अमेरिका कहता है कि आप इसे नहीं खरीद सकते। किसी खास देश से तेल नहीं खरीद सकते तो इसका मतलब है कि हमारी एनर्जी वेपनाइज़्ड है। राहुल ने कहा कि जब वे कहते हैं, आपके टैरिफ कम हो जाएंगे। हमारे टैरिफ कम हो जाएंगे और आपके बढ़ जाएंगे। इसका मतलब है कि फाइनेंस, ट्रेड वेपनाइज़्ड है। तो आप हमें बता रहे हैं कि दुनिया एक ऐसी जगह है जहां जियोपॉलिटिकल कॉन्फ्लिक्ट बढ़ रहा है। आप हमसे कह रहे हैं कि एनर्जी और फाइनेंस को हथियार बनाया जाएगा और फिर आप अपने साथ ऐसा करवा रहे हैं। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि आपने इंडिया को बेच दिया है। क्या आपको इंडिया बेचने में शर्म नहीं आती? आपने हमारी भारत मां को बेच दिया है। आपको कोई शर्म नहीं है। 
कांग्रेस नेता ने कहा कि अगर इंडिया अलायंस ट्रंप से डील करता तो हम भारत के हितों का पक्का ख्याल रखते। राहुल ने कहा कि अगर हम ट्रंप से बात करते तो हम कहते कि राष्ट्रपति ट्रंप अगर आप अपना डॉलर बनाना चाहते हैं तो ये अच्छी बात है, हम आपके दोस्त हैं, हम आपको आपके डॉलर बचाने में मदद करना चाहते हैं, लेकिन याद रखिए, अगर आप अपना डॉलर बचाना चाहते हैं तो सबसे बड़ी दौलत जो डॉलर को बचा सकती है वो है भारतीय लोगों के साथ रहना। 
दूसरी बात हम ट्रंप को यह कहते कि देखिए मिस्टर प्रेसिडेंट यदि आप भारतीयों के डाटा तक पहुंच चाहते हैं तो पहली बात यह है कि आपको हमारे साथ बराबरी के स्तर पर बात करनी पड़ेगी। आप हमारे साथ ऐसे नहीं बात करेंगे जैसे कि हम आपके नौकर हैं। हम ट्रंप को कहते कि हमारी ऊर्जा सुरक्षा बेहद अहम है और चाहे जो कुछ भी हो जाए हम अपनी एनर्जी सिक्योरिटी की हर हाल में रक्षा करेंगे। राहुल ने कहा कि ट्रंप को दूसरी बात हम यह कहते कि ट्रंप महोदय आपका वोटर बेस है, एग्रीकल्चर वोटर बेस है, हम इसे समझते हैं कि आपको अपने किसानों को प्रोटेक्ट करने की जरूरत है, लेकिन हम भी अपने किसानों की रक्षा करेंगे। इंडिया अलायंस कहता कि हम आपके साथ बराबरी के स्तर पर बात करेंगे। 
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक राहुल गांधी ने कहा कि डाटा भारत की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि हम डिजिटल ट्रेड डील्स पर कंट्रोल छोड़ देते हैं, डेटा लोकलाइज़ेशन के लिए कोई डीड नहीं, हमारे लिए फ्री डेटा फ्लो, डिजिटल टैक्स पर लिमिट, सोर्स कोड पर डिस्कस करने की कोई ज़रूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि भारतीय इतिहास में पहली बार हमारे किसान तूफान का सामना कर रहे हैं। मक्का सोयाबीन जैसी फसलों में आपने दरवाजा खोल दिया है। मैकेनाइज्ड अमेरिकन फार्म्स के लिए। आपने हमारे गरीब किसानों को कुचलने का रास्ता खोल दिया है। यह शर्मनाक है। इससे पहले किसी प्रधानमंत्री ने ऐसा नहीं किया और मैं आपको बता दूं आपके बाद कोई भी कोई प्रधानमंत्री ऐसा कभी नहीं करने वाला है। 
राहुल गांधी ने लोकसभा में आरोप लगाया कि भारत-अमेरिकी ट्रेड डील “पूरी तरह से सरेंडर” है। उन्होंने दावा किया कि सरकार ने टैरिफ कम कर दिए हैं, भारतीय डेटा सौंप दिया है, विदेशी कंपनियों को 20 साल की टैक्स छूट दी है, किसानों को मशीनीकृत अमेरिकी खेती से मुकाबले के लिए मजबूर किया है, टेक्सटाइल सेक्टर को कमजोर किया है और एनर्जी सिक्योरिटी से समझौता किया है। उन्होंने कहा कि इस ट्रेड डील के बाद अमेरिका से हमारा इंपोर्ट 46 बिलियन से बढ़कर 146 बिलियन हो जाएगा और हमारा टैरिफ 3 फीसदी से बढ़कर 18 हो गया है और उनका 16 से घटकर ज़ीरो हो गया है। 
राहुल गांधी ने एपस्टीन का जिक्र किया। राहुल ने कहा कि एक निश्चित बिजनेसमैन हैं, जिनका नाम एपस्टीन फाइल में है, लेकिन उनको जेल नहीं हुई। उन पर क्रिमिनल चार्जेज हैं। राहुल के इस बयान पर केंद्रीय मंत्री रिजिजू ने उन्हें टोका और कहा कि राहुल गांधी बिना आधार के आरोप लगा रहे हैं। राहुल ने संसद में मार्शल आर्ट का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि शुरुआत ग्रिप से होती है और इसके बाद चोक में जाते हैं। चोक का फोकस गला होता है। जब आदमी के हाथ में ग्रिप आ जाता है, उसकी आंख में दिख जाता है। उन्होंने कहा कि पीएम कहते हैं कि यह युद्ध का दौर नहीं है, लेकिन हम युद्ध के दौर में प्रवेश कर चुके हैं। गाजा और इजराइल में इसकी झलक दिखी। दुनिया में पुराने सिस्टम को चैलेंज किया जा रहा है और हालात बदल रहे हैं। आज डेटा सबसे बड़ा वेल्थ है और यह एआई के लिए पेट्रोल है।

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News Desk

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