भाभी-भाभी कहता था, अकेला देख डोल गई नियत, पिस्टल निकाली और…

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पलवल: कहते हैं कि दोस्ती में इतना भी भरोसा भी नहीं करना चाहिए कि आगे जब आपको धोखा मिले तो आप उस दर्द से उभर ही ना पाएं. हरियाणा के पलवल जिले से एक ऐसी खबर आई है जिसने इस भरोसे की नींव हिला दी है. गदपुरी थाना क्षेत्र में एक युवक ने अपने ही दोस्त की पत्नी से ऐसी हरकत की, जिसे सुनकर आप भी कहेंगे- कैसा हैवान है ये इंसान. दरअसल, उसने पिस्टल दिखाकर दोस्त की बीवी से पहले रेप किया, जिसे वो भाभी-भाभी कहता था. बाद फिर उसे जान से मार डालने की धमकी भी दी.

पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार, घटना 6 फरवरी की है. पीड़ित महिला ने बताया- वो उस दिन घर पर अकेली थी और उसका पति किसी काम से बाहर गया हुआ था. इसी दौरान उसके पति का दोस्त सागर घर पहुंचा. घर में दोस्त को न पाकर और महिला को अकेला देख सागर की नीयत बिगड़ गई.

महिला का आरोप है कि सागर ने अचानक पिस्टल निकाल ली और उसे जान से मारने की धमकी देकर रेप किया. जाते-जाते महिला को चेतावनी दी कि यदि उसने इस बारे में किसी को भी बताया, तो वह उसे और उसके परिवार को खत्म कर देगा. घटना के बाद महिला गहरे सदमे में चली गई और गुमसुम रहने लगी. परिवार वालों ने जब उसके व्यवहार में आए बदलाव को भांप लिया और बार-बार पूछताछ की, तब महिला का बांध टूट गया. उसने रोते हुए अपने साथ हुई सारी हैवानियत की दास्तां बयां की. इसके बाद परिजन तुरंत महिला को लेकर थाने पहुंचे.

गदपुरी थाना पुलिस ने महिला की तहरीर पर मामला दर्ज कर लिया है. पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी सागर का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड रहा है और वह पहले भी कई संदिग्ध गतिविधियों में शामिल रहा है. पुलिस की टीमें अब सागर की तलाश में दबिश दे रही हैं.

ओम बिरला के खिलाफ प्रस्ताव पर कांग्रेस को TMC से झटका, विपक्ष में एकजुटता पर सवाल

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नई दिल्ली। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला (Om Birla) के खिलाफ प्रस्ताव लाने की तैयारी कर रही कांग्रेस को तृणमूल कांग्रेस (TMC) से बड़ा झटका लगा है। कांग्रेस सांसदों ने प्रस्ताव पर हस्ताक्षर कर दिए हैं, जबकि टीएमसी (TMC) ने इससे दूरी बना ली है। इससे विपक्षी दलों की एकजुटता पर सवाल खड़े हो गए हैं।

सूत्रों के अनुसार, सोमवार शाम तक प्रस्ताव संबंधी नोटिस पर करीब 102 सांसदों ने हस्ताक्षर किए थे। कांग्रेस, समाजवादी पार्टी (सपा), द्रमुक (डीएमके) और कुछ अन्य विपक्षी दलों ने इस पहल का समर्थन किया है। बताया जा रहा है कि कांग्रेस के कई सांसदों के साथ सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी नोटिस पर हस्ताक्षर किए हैं।

हालांकि विपक्ष की एक प्रमुख सहयोगी पार्टी टीएमसी के सदस्यों ने इस प्रस्ताव पर हस्ताक्षर नहीं किए। सूत्रों का कहना है कि यदि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को बोलने का अवसर दिया जाता है तो कांग्रेस प्रस्ताव वापस लेने पर विचार कर सकती है।

संविधान के अनुच्छेद 94(सी) के तहत यह प्रस्ताव मंगलवार को लोकसभा सचिवालय को सौंपे जाने की संभावना जताई जा रही है। विपक्ष का आरोप है कि नेता प्रतिपक्ष को बोलने की अनुमति नहीं दी जा रही, भाजपा सांसद निशिकांत दुबे की टिप्पणियों पर कार्रवाई नहीं हुई तथा कांग्रेस की महिला सांसदों पर बिना साक्ष्य आरोप लगाए गए।

 

सोमवार को हुई विपक्षी दलों की बैठक में टीएमसी, वाम दल, डीएमके, सपा, राष्ट्रीय जनता दल, शिवसेना (उद्धव गुट) और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) सहित कई दल शामिल हुए थे। इसके बावजूद प्रस्ताव पर सर्वसम्मति नहीं बन सकी।

विपक्ष का कहना है कि दो फरवरी से सदन में गतिरोध बना हुआ है। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा के दौरान राहुल गांधी को पूर्व सेना प्रमुख एम.एम. नरवणे के अप्रकाशित संस्मरण से जुड़ा मुद्दा उठाने की अनुमति नहीं दिए जाने के बाद विवाद बढ़ा। साथ ही, सदन की अवमानना के मामले में आठ विपक्षी सांसदों के निलंबन ने भी तनाव को और बढ़ा दिया।

मंगलवार को भी लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही हंगामा होने लगा, जिसके चलते सदन की कार्रवाई दोपहर 12 बजे तक स्थगित करनी पड़ी। प्रश्नकाल के दौरान सपा सांसद इकरा हुसैन का सवाल भी शोर-शराबे के कारण पूरा नहीं हो सका और संबंधित मंत्री जवाब नहीं दे पाईं।

विपक्ष लगातार आरोप लगा रहा है कि उसे सदन में अपनी बात रखने का पर्याप्त अवसर नहीं दिया जा रहा, जबकि सत्तापक्ष को पूरी छूट दी जा रही है। संसद में जारी इस टकराव के बीच आगे की रणनीति पर सभी दलों की नजर बनी हुई है।

 

JCB की गूंज… सीमेंट-बालू ढोते श्रमिक, 11 बीघा जमीन पर बन रही बाबारी मस्जिद

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मुर्शिदाबाद। पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद के बेलडांगा में बाबरी मस्जिद के कंस्ट्रक्शन का काम शुरू हो गया है। टीएमसी से निलंबित विधायक हुमायूं कबीर के नेतृत्व में इस मस्जिद की नींव रखी गई है। आज भी हजारों लोग सिर पर ईंट लेकर निर्माण स्थल पर पहुंचे। मस्जिद के निर्माण से पहले हुमायूं कबीर ने लोगों के साथ कुरान पढ़ी। 11 बीघे जमीन पर बनने वाली मस्जिद के 2 साल में बनकर तैयार होने की बात कही जा रहा है।

मस्जिद निर्माण स्थल से सामने आए वीडियो में बड़े पैमाने पर हो रही गतिविधियों की झलक दिखी। हजारों की भीड़ जुटी है और जेसीबी मशीनों के जरिए नींव के लिए मिट्टी हटाने का काम चल रहा है। एक तरफ तकनीकी टीम जमीन की नपाई और सटीक मार्किंग में जुटी है, वहीं दूसरी ओर बड़ी संख्या में श्रमिक सीमेंट और बालू पहुंचाने के काम में लगे हैं।

जन उन्नयन पार्टी के चीफ हुमायूं कबीर का दावा है कि दो साल में मस्जिद के निर्माण का काम पूरा हो जाएगा। उन्होंने कहा, “मैं बहुत खुश हूं। मैं ऊपर वाले का शुक्रिया अदा करता हूं। आज इतने सारे लोग मेरे साथ खड़े हैं, मैं उन सभी का भी शुक्रिया अदा करता हूं। दूसरों को मेरा विरोध करने दो। अगले दो सालों में, मुझे उम्मीद है कि बाबरी मस्जिद का ढांचा पूरा हो जाएगा। मंदिर बनाना ठीक है, लेकिन अगर कोई मुसलमान मस्जिद बनाना चाहता है, तो वे इसका विरोध कर रहे हैं। हम उन्हें सत्ता से बाहर कर देंगे।”

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MP सरकार ने बजट सत्र से पहले फिर लिया 5 हजार करोड़ का कर्ज, कमलनाथ ने कसा तंज

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भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा (Madhya Pradesh Legislative Assembly) के बजट सत्र से ठीक पहले मोहन सरकार (Mohan Government) ने बाजार से 5 हजार करोड़ रुपये का नया कर्ज उठा लिया है। यह पिछले एक सप्ताह में लिया गया दूसरा बड़ा कर्ज है। इससे पहले 4 फरवरी को सरकार 5300 करोड़ रुपये का कर्ज ले चुकी थी। प्रदेश में लगातार बढ़ते कर्ज को लेकर विपक्ष राज्य सरकार पर हमलावर हो गई है। पूर्व सीएम कमलनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर ट्वीट कर मोहन सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाते कहा कि भाजपा राज्य को कर्ज के बोझ में डुबो रही है।

कमलनाथ X पर ट्वीट करते हुए लिखा कि भारतीय रिज़र्व बैंक की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार मध्य प्रदेश के ऊपर 5, लाख करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज हो चुका है और मध्य प्रदेश के ऊपर देश के कुल कर्ज़ का 5% हिस्सा हो गया है। भाजपा की सरकार ने कितनी तेज़ी से मध्य प्रदेश को कर्ज़ के दलदल में डुबाया है, इस बात का अंदाज़ा इस तथ्य से लगाया जा सकता है कि 2007 में मध्यप्रदेश के ऊपर 52, हज़ार करोड़ रुपये का कर्ज़ था जो क़रीब दस गुना बढ़कर 5,00,000 करोड़ की सीमा को पार कर गया है।

भाजपा सरकार अपनी फ़िज़ूलख़र्ची और इवेंट बाज़ी पर सरकारी ख़ज़ाने को लुटा रही है। आम जनता कभी कफ सीरप में ज़हर, तो कभी विषाक्त जल पीने से बेमौत मारी जा रही है और सरकारी ख़ज़ाना बुनियादी ज़रूरतों की पूर्ति की जगह भ्रष्टाचार पर ख़र्च किया जा रहा है। मैंने पहले भी आगाह किया है और एक बार फिर दोहराता हूँ कि मध्य प्रदेश सरकार को अपनी राजकोषीय स्थिति के बारे में गंभीरता से विचार करना चाहिए और जनहित में इसमें सुधार करने की ज़रूरत है।

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भी साधा निशाना
उमंग सिंघार ने X पर ट्वीट करते हुए लिखा कि बजट सत्र से ठीक पहले मध्यप्रदेश सरकार द्वारा एक सप्ताह में दूसरी बार 5,000 करोड़ रुपये का कर्ज लिया जाना अत्यंत गंभीर विषय है। चालू वित्त वर्ष में अब तक 67,300 करोड़ रुपये की उधारी और 36 बार कर्ज लिया जाना राज्य की वित्तीय स्थिति पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है।

हाल ही में जारी RBI की रिपोर्ट ने भी प्रदेश की वास्तविक आर्थिक तस्वीर उजागर की है देश के कुल कर्ज का लगभग 5% हिस्सा अकेले मध्यप्रदेश पर है। यह स्थिति चिंताजनक है और सरकार की वित्तीय दिशा पर पुनर्विचार की मांग करती है। सरकार स्पष्ट करे कि इस भारी उधारी का ठोस वित्तीय रोडमैप क्या है? आगामी बजट सत्र में बढ़ते कर्ज, ब्याज के बढ़ते बोझ और वित्तीय प्रबंधन की पारदर्शिता पर सरकार से विस्तृत जवाब मांगा जाएगा। मध्यप्रदेश को कर्ज के पहाड़ नहीं, बल्कि मजबूत, जवाबदेह और दूरदर्शी आर्थिक नीति की आवश्यकता है।

स्कूल छोड़ प्रेमी संग फरार हुई BPSC टीचर, बोली- ‘मैंने अपनी मर्जी से शादी की’

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सीतामढ़ी। बिहार के सीतामढ़ी जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। जिले में एक BPSC शिक्षिका अपना स्कूल छोड़कर प्रेमी के साथ फरार हो गई है। प्रेमी संग जाने के कुछ समय बाद शिक्षिका ने एक वीडियो बनाकर शेयर किया है और कहा है कि वह अपनी मर्जी से अपने प्रेमी के साथ गई है और उससे शादी की है। मामले के सामने आने के बाद ये घटना पूरे जिले में चर्चित हो गयी है।

सीतामढ़ी जिले में एक शिक्षिका का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में शिक्षिका ने अपना नाम वंदना कुमारी बताया है। शिक्षिका ने खुद को बीएससी शिक्षिका बताते हुए कहा कि उन्होंने अपनी मर्जी से अपने प्रेमी संजीत कुमार के साथ शादी की है।

वायरल वीडियो में वंदना कुमारी ने यह भी बताया कि उनके पिता का नाम संतोष कुमार है और वह रीगा की रहने वाली हैं। वहीं युवक ने अपना नाम संजीत कुमार बताया है। दोनों ने एक संयुक्त वीडियो जारी कर यह स्पष्ट किया है कि उनकी शादी आपसी सहमति से हुई है और किसी प्रकार का दबाव या जोर-जबरदस्ती नहीं की गई है।

वायरल वीडियो सामने आने के बाद यह मामला जिलेभर में चर्चा का विषय बन गया है। हालांकि, स्कूल छोड़ने और फरार होने को लेकर अलग-अलग तरह की चर्चाएं सोशल मीडिया पर चल रही हैं, लेकिन वीडियो में शिक्षिका ने साफ तौर पर कहा है कि उन्होंने स्वेच्छा से निर्णय लिया है। फिलहाल, इस मामले को लेकर प्रशासन या शिक्षा विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। मामले की सच्चाई और आगे की कार्रवाई को लेकर लोग आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार कर रहे हैं।

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 पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार की मौत हादसा नहीं, साजिश……….भतीजे रोहित पवार ने उठा दिए सवाल 

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मुंबई । एनसीपी के नेता और महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार की प्लेन क्रैश में मौत होने का मामला अब तक प्रशासन दुर्घटना ही मान रहा है। अजित के चाचा और दिग्गज नेता शरद पवार ने भी इस दुर्घटना ही करार दिया था, लेकिन अब परिवार के सदस्य रोहित पवार ने मामले में सनसनीखेज दावा किया हैं। रोहित का कहना है कि यह घटना एक साजिश थी, इस साजिश को 100 फीसदी एक हादसे का रूप दिया गया है। यह पहला मौका है, जब पवार फैमिली के किसी सदस्य ने घटना पर सवाल उठाकर एक साजिश बता दिया है। रोहित पवार के आरोपों के बाद महाराष्ट्र में राजनीति तेज होने की आशंका है। पहले शरद पवार ने ही हादसा बताया था इस लेकर रोहित पवार से सवाल हुआ।

इस पर रोहित ने कहा कि तब पूरी जानकारी नहीं मिली थी। अब इस संबंध में तथ्य पता चल रहे हैं और उसी के आधार पर सवाल उठ रहे हैं। रोहित पवार ने वीएसआर पर भी सवाल उठाए। यह वहीं कंपनी है, जो विमान का परिचालन कर रही थी। उन्होंने कहा कि आखिरी वक्त पर आखिर प्लान ही क्यों बदला, जब अजित सड़क मार्ग से ही बारामती आने वाले थे। इसके अलावा उन्होंने एरो कंपनी पर भी सवाल खड़े किए, जिसने वीएसआर को हायर किया था। उन्होंने कहा कि मेरा पक्का यकीन है कि यह घटना कोई हादसा नहीं है बल्कि साजिश थी। क्रैश से ठीक पहले कैसे ट्रांसपोंडर बंद किया गया। क्यों और किसने बंद किया?
रोहित अब इन सवालों को लेकर दिल्ली आ रहे हैं और मीडिया से बात करने वाले है। उन्होंने कहा कि आखिर जिस रनवे पर प्लेन उतरा वहां स्थिति ठीक नहीं थी। इसके बाद भी प्लेन क्यों लैंड कराने की कोशिश हुई। इस लेकर उन्होंने कहा कि जब रनवे 11 पर लैंडिंग करना रनवे 29 के मुकाबले ज्यादा कठिन था, तब फिर रनवे 11 पर ही क्यों विमान उतारा गया। क्या पायलट को झपकी लग गई थी या फिर कुछ और हुआ। जब विमान हिल रहा था और एक दिशा में झुकने लगा, तब पायलटों ने क्यों कुछ नहीं किया। इसतरह के कई सवाल रोहित पवार ने उठाए हैं और वह इसी मसले पर अब दिल्ली में भी मीडिया को बुला रहे हैं।
पवार फैमिली के नेता ने कहा कि मुंबई से प्लेन को क्यों उड़ने दिया गया, जबकि तब विजिबिलिटी कम थी। उन्होंने कहा कि नियम के अनुसार इसतरह के हालात में फ्लाइट को परमिशन नहीं मिलती। संदेह को और गहरा करते हुए उन्होंने कहा कि अजित काका ने बीते कुछ समय से अपनी आदतों में बदलाव किए थे। वह प्लास्टिक की बोतलों में पानी पीना बंद कर चुके थे। वह शीशे के गिलासों में ही पानी पीते थे। उन्हें डर था कि प्लास्टिक के गिलासों में कुछ भी इंजेक्ट किया जा सकता है। 

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भारत से रिश्ते सुधारने को तड़प रहा है चीन, मंत्री बोले

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नई दिल्ली। वैश्विक राजनीति में तेजी से बदलते समीकरणों और पश्चिमी प्रभुत्व को मिल रही चुनौतियों के बीच एशिया की दो महाशक्तियों, भारत और चीन ने अपने रिश्तों को एक नई और सकारात्मक दिशा देने का ठोस संकेत दिया है। मंगलवार को नई दिल्ली में आयोजित उच्च स्तरीय रणनीतिक वार्ता के दौरान दोनों देशों ने इस बात पर जोर दिया कि वे एक-दूसरे के लिए खतरा नहीं, बल्कि विकास के साझेदार हैं। इस महत्वपूर्ण बैठक में भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री और चीन के कार्यकारी उप-विदेश मंत्री मा झाओशू ने द्विपक्षीय संबंधों की जटिलताओं को सुलझाने और भविष्य का रोडमैप तैयार करने पर विस्तृत चर्चा की।
चीन के कार्यकारी उप-मंत्री मा झाओशू इन दिनों ब्रिक्स बैठकों के सिलसिले में भारत के दौरे पर हैं। इस दौरान हुई वार्ता में अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय हालातों के साथ-साथ दोनों देशों की घरेलू और विदेश नीतियों पर स्पष्ट और गहन विमर्श हुआ। चीनी विदेश मंत्रालय के अनुसार, वर्तमान वैश्विक उथल-पुथल के दौर में भारत और चीन का साथ आना अनिवार्य है। चीन ने इस बात पर विशेष बल दिया कि दोनों राष्ट्रों को अपने संबंधों को दीर्घकालिक और रणनीतिक दृष्टिकोण से देखना चाहिए, जिससे न केवल इन दो देशों बल्कि पूरे ग्लोबल साउथ को मजबूती मिले। वार्ता के दौरान आपसी विश्वास को बहाल करने और मतभेदों को कूटनीतिक तरीके से सुलझाने पर सहमति बनी। दोनों देशों ने तय किया है कि वे वर्ष 2026 और 2027 में एक-दूसरे की ब्रिक्स अध्यक्षता का पूर्ण समर्थन करेंगे। साथ ही, संयुक्त राष्ट्र की केंद्रीय भूमिका और बहुपक्षवाद को बढ़ावा देने के लिए मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता दोहराई गई। चीन ने यह भी संकेत दिया कि वह अंतरराष्ट्रीय मंचों और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की भूमिका और आकांक्षाओं का सम्मान करता है।
भारतीय विदेश मंत्रालय ने इस वार्ता को रचनात्मक बताते हुए स्पष्ट किया कि द्विपक्षीय संबंधों की प्रगति के लिए सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति और स्थिरता पहली शर्त है। भारत ने जोर देकर कहा कि वास्तविक नियंत्रण रेखा पर शांति बनाए रखना ही मजबूत रिश्तों की बुनियाद है। वार्ता में व्यापारिक मुद्दों और आर्थिक सहयोग को रणनीतिक नजरिये से देखने पर सहमति बनी। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कैलाश मानसरोवर यात्रा के दोबारा शुरू होने पर संतोष व्यक्त किया और इसके विस्तार की उम्मीद जताई। रिश्तों को पटरी पर लाने के लिए व्यावहारिक कदमों पर भी चर्चा हुई, जिसमें हवाई सेवाओं के लिए नए समझौते को अंतिम रूप देना और वीजा प्रक्रियाओं को सरल बनाना शामिल है। दोनों पक्षों ने माना कि 2020 के गलवान संघर्ष के बाद संबंधों में जो गतिरोध आया था, वह अब धीरे-धीरे कम हो रहा है। अक्टूबर 2024 में कजान और अगस्त 2025 में तियानजिन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच हुई मुलाकातों ने इस सुधार प्रक्रिया को नई ऊर्जा दी है। अब दोनों देश एलिफेंट और ड्रैगन के इस साझा तालमेल के जरिए एशिया में एक स्थिर और संतुलित भविष्य की ओर कदम बढ़ा रहे हैं।

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देश की सबसे अमीर नगर निगम पर बीजेपी का कब्जा, रितु तावड़े बनीं महापौर

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मुंबई। बीजेपी पार्षद रितु तावड़े बृहन्मुंबई नगर निगम की निर्विरोध महापौर चुनी गई हैं। पिछले चार दशकों में यह पहली बार है जब बीजेपी इस पद पर पहुंची है। शिवसेना (यूबीटी) द्वारा उम्मीदवार न उतारने के फैसले के बाद चुनाव निर्विरोध हो गया, जिससे मुंबई के सबसे धनी नगर निकाय पर ठाकरे परिवार का 25 साल का वर्चस्व खत्म हो गया। शिवसेना नेता संजय घड़ी उप महापौर चुने गए हैं। घाटकोपर पश्चिम से तीन बार की पार्षद, रितु तावड़े को जमीनी राजनीति, नगर प्रशासन और जन कल्याण में एक दशक से ज्यादा का अनुभव है। 
बीजेपी के वरिष्ठ नेता उन्हें सक्रिय नेता और समुदाय से मजबूत जुड़ाव रखने वाली नेता बताते हैं, जिन्होंने प्रशासनिक क्षमता और स्थानीय लोगों से घनिष्ठ संबंध के संयोजन के लिए ख्याति अर्जित की है। तावड़े मुंबई की नगर निगम राजनीति में एक प्रमुख स्थान रखती हैं। उन्होंने 2012 में वार्ड 127 से पार्षद चुने जाने के बाद पहली बार बृहन्मुंबई नगर निगम में प्रवेश किया। 2017 में वे घाटकोपर के वार्ड 121 से निर्वाचित हुईं। 15 जनवरी को हुए नगर निगम चुनावों में तावडे ने वार्ड 132 से जीत हासिल की, जिससे देश के सबसे धनी नगर निगम में उनकी स्थिति और मजबूत हो गई। पार्षद के रूप में अपनी भूमिका के अलावा, तावडे मुंबई नगर निगम की शिक्षा समिति की अध्यक्ष भी रह चुकी हैं। शिवसेना यूबीटी, जिसने 1997 से 25 सालों तक नगर निकाय पर शासन किया था, उसने 65 सीटें जीतीं। उसके सहयोगी, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना और शरद पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने क्रमशः 6 और 1 सीट हासिल की है।

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अमेरिका ने लिया यू-टर्न, ट्रेड डील की प्रमुख शर्तों में गुपचुप किए बदलाव

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नई दिल्ली। भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर सहमति बनने के बाद अमेरिका ने मंगलवार को एक फैक्ट शीट जारी कर समझौते की प्रमुख शर्तें बताईं थीं। अब एक दिन बाद ही वाइट हाउस ने यू-टर्न लिया है। वाइट हाउस ने समझौते की प्रमुख शर्तों में गुपचुप तरीक से बदलाव किया है। खास बात यह है कि नई शर्तों में लिखीं बातें भारत के हक में है। शब्दों में भी हेरफेर की गई है। एग्रीमेंट का सबसे अहम हिस्सा कि भारत अमेरिका से 500 बिलियन से ज्यादा के उत्पाद खरीदने के लिए ‘प्रतिबद्ध’ है, को बदलकर भारत इस मूल्य के अमेरिकी उत्पाद खरीदने का ‘इरादा रखता है’ कर दिया है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका की तरफ से जारी संशोधित दस्तावेज में कहा गया है कि भारत सभी अमेरिकी औद्योगिक वस्तुओं व अमेरिकी खाद्य और कृषि उत्पादों की एक विस्तृत श्रृंखला पर शुल्क समाप्त या कम करेगा, जिनमें ड्राइड डिस्टिलर्स ग्रेन्स, रेड सोरघम, ट्री नट्स, ताजे व प्रसंस्कृत फल, सोयाबीन तेल, वाइन और स्पिरिट और अन्य उत्पाद शामिल हैं। इसमें आगे कहा गया है कि भारत अधिक अमेरिकी उत्पाद खरीदने और 500 अरब डॉलर से अधिक की अमेरिकी ऊर्जा, सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी, कोयला और अन्य उत्पादों की खरीद का इरादा रखता है। पहले ‘इरादा’ शब्द की जगह ‘प्रतिबद्ध है’ लिखा गया था।
इसके अलावा वाइट हाउस ने एक अहम बदलाव भी किया है। समझौते पर जारी संशोधित दस्तावेज में उन अमेरिकी उत्पादों की सूची से दालों का जिक्र हटा दिया है जिन पर भारत के शुल्क समाप्त करने या कम किए जाने की बात कही थी। फैक्टशीट में प्रोडक्ट कैटेगरी की सूची से एग्रीकल्चरल शब्द भी हटा दिया है। बता दें मंगलवार को जारी फैक्टशीट में कहा गया था कि भारत सभी अमेरिकी इंडस्ट्रियल उत्पादों और अमेरिका के कई तरह के फूड आइटम्स और कृषि उत्पादों पर टैरिफ खत्म कर देगा या कम कर देगा, जिसमें सूखे डिस्टिलर्स ग्रेन, लाल ज्वार, ट्री नट्स, ताज़े और प्रोसेस्ड फल, कुछ दालें, सोयाबीन तेल, वाइन और स्पिरिट्स, और दूसरे प्रोडक्ट्स शामिल हैं। हालांकि आज हुए बदलावों में इस सूची से कुछ दालों का जिक्र हटा दिया गया है।
एक अन्य बदलाव में ओरिजिनल फैक्टशीट में लिखा था कि भारत अपने डिजिटल सर्विस टैक्स हटा देगा और डिजिटल ट्रेड में भेदभाव वाली प्रक्रिया और दूसरी रुकावटों को दूर करने वाले मजबूत बाइलेटरल डिजिटल ट्रेड नियमों पर बातचीत करने के लिए कमिटेड है। हालांकि, नई फैक्टशीट में यह नहीं बताया गया है कि भारत अपने डिजिटल सर्विस टैक्स हटा देगा। इसके बजाय इसमें कहा गया है कि भारत ने मजबूत बाइलेटरल डिजिटल ट्रेड नियमों पर बातचीत करने का वादा किया है।

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कांग्रेस से गठबंधन रहेगा, सत्ता-साझाकरण व्यवस्था तमिलनाडु के लिए उपयुक्त नहीं: स्टालिन

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नई दिल्ली। तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन ने बुधवार को कांग्रेस और अन्य पार्टियों के साथ गठबंधन के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं, क्योंकि राज्य में इस साल के अंत में चुनाव होने वाले हैं। स्टालिन ने कांग्रेस जैसे डीएमके के सहयोगियों के साथ किसी भी प्रकार के साझा शासन को स्पष्ट रूप से खारिज कर दिया है। हाल ही में कांग्रेस के अंदर कुछ नेताओं ने डीएमके के नेतृत्व वाली सरकार में मंत्री पद की मांग उठाई थी। स्टालिन ने कहा कि सत्ता-साझाकरण व्यवस्था तमिलनाडु के लिए उपयुक्त नहीं है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक स्टालिन ने कहा कि शासन में हिस्सेदारी की मांग तमिलनाडु पर लागू नहीं होती। वे इसे हमसे बेहतर जानते हैं। यह नारा उन लोगों की सोची-समझी साजिश है जो हमें एकजुट नहीं देख सकते। तमिलनाडु के सीएम ने संकेत दिया कि राज्य में चुनाव होने पर कांग्रेस सहयोगी बनी रहेगी। उन्होंने कहा कि हमारा गठबंधन सौहार्दपूर्ण है। मीडिया जानबूझकर कुछ अनावश्यक धारणाएं बना रहा है।
सीएम स्टालिन ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के साथ अपने संबंधों को दोनों पार्टियों के बीच निरंतर गठबंधन का एक अहम तत्व बताया। राहुल गांधी ने डीएमके नेता कनिमोझी से बातचीत करके गठबंधन में तनाव कम करने में अग्रणी भूमिका निभाई है ताकि कांग्रेस डीएमके के साथ बनी रहे। स्टालिन ने कहा कि राहुल गांधी मेरे भाई जैसे हैं, वे मेरे परिवार के सदस्य हैं। उन्होंने खुद भी कई बार कहा है कि हमारा रिश्ता राजनीति से परे है। इससे पहले, तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सेल्वा पेरुंथगई ने भी संकेत दिया था कि डीएमके-कांग्रेस गठबंधन अंतिम रूप से तय है और औपचारिक सीट बंटवारे की बातचीत 22 फरवरी से शुरू होगी। 
उन्होंने कहा कि डीएमके के नेतृत्व वाला गठबंधन बेहद मजबूत गठबंधन है। जनता पहले ही यह प्रमाणित कर चुकी है कि यह सरकार बनी रहेगी। हमें लगातार जीत हासिल करने में कोई संदेह नहीं है। सब कुछ अच्छा ही हो रहा है। 22 तारीख को होने वाली गठबंधन बातचीत सफलतापूर्वक संपन्न होगी।

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