भीड़ ने बच्चा चोरी के शक में 5 साधुओं को जमकर पीटा, पुलिस ने बचाई जान

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नई दिल्ली। झारखंड (Jharkhand) के बोकारो (Bokaro) के चास के बंशीडीह में शुक्रवार को बच्चा चोर की अफवाह से अचानक माहौल गर्म हो गया। संदेह के आधार पर स्थानीय लोगों ने पांच साधुओं को घेर लिया और उनकी जमकर पिटाई कर दी। गुस्साई भीड़ ने साधुओं की बोलेरो गाड़ी के शीशे भी तोड़ दिए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, साधु वाहन से उतरकर बच्चों से बात कर रहे थे। नंबर प्लेट के नीचे दूसरी प्लेट दिखने पर शक हुआ और भीड़ भड़क गई। सूचना पर चास थाना प्रभारी पुलिस बल लेकर पहुंचीं, स्थिति संभाली और साधुओं को थाने ले गईं।

 

यूपी के संभल के रहने वाले हैं आरोपी
साधुओं ने पुलिस को बताया कि वे उत्तर प्रदेश के संभल जिले के रहने वाले हैं और रोजी-रोटी के लिए घूमते हैं। वे बच्चा चोर नहीं हैं। उन्होंने अपना आधार कार्ड भी सत्यापन के लिए दिया। एसडीपीओ चास और पुलिस अधीक्षक हरविंदर सिंह ने लोगों को अफवाहों से बचने और कानून हाथ में न लेने की अपील की।

 

घूम रहे साधुओं को भीड़ ने घेरा
दरअसल, आस-पास के लोगों ने घूम रहे पांच साधुओं को घेर लिया। इस बीच, कई लोगों ने उन पर हमला करना शुरू कर दिया। फिर भीड़ ने उनकी बोलेरो गाड़ी पर हमला कर दिया। इसके अलावा, भीड़ ने कई खिड़कियों के शीशे तोड़ दिए। चास पुलिस स्टेशन से पुलिस तुरंत पहुंची। पुलिस साधुओं को सुरक्षित जगह पर ले जाया गया। चश्मदीदों ने बताया कि वे लोग अपनी गाड़ी से बाहर निकले। हालांकि, जब साधुओं ने बच्चों से बात की तो उन्हें शक हुआ। कुछ आस-पास के लोगों ने नंबर प्लेट के नीचे एक और प्लेट देखी। इससे लोगों का शक और बढ़ गया।

 

बोकारो में बच्चा चोरी की अफवाह
बता दें कि बोकारो में बच्चा चोरी की अफवाह के चलते पिछले दो दिनों में भीड़ ने कई लोगों की पिटाई कर दी। एक युवक को चास थाना क्षेत्र के नीलम नरसिंह होम के पास रात को पिटाई कर दिया। यूपी से आए साधुओं की लोगो ने चास थाना क्षेत्र के वंशीडीह के पास पिटाई कर दी। तीसरी घटना तक सामने आई जब बच्चा चोरी की अफवाह के चलते एक महिला को ग्रामीणों ने रोका फिर उसकी भी पिटाई कर दी और जमकर हंगामा हुआ। तीनों ही मामले में पुलिस ने सभी को बचाया और लोगों को चुंगल से मुक्त कराया।

 

 

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तारिक रहमान के शपथ समारोह में शामिल नहीं होंगे PM मोदी? 17 फरवरी को मुंबई में इमैनुएल मैक्रों के साथ मीटिंग फिक्स

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Tarique Rahman Oath: बांग्लादेश में तारिक रहमान की पार्टी BNP ने एकतरफा जीत दर्ज की है. BNP की जीत के बाद तारिक रहमान बांग्लादेश के प्रधानमंत्री बनेंगे. तारिक रहमान के शपथ समारोह कार्यक्रम में शामिल होने के लिए 13 देशों को न्यौता दिया गया है, जिसमें भारत भी शामिल है. माना जा रहा है कि पीएम मोदी तारिक रहमान के शपथ समारोह में खुद नहीं शामिल होंगे, क्योंकि उसी दिन मुंबई में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ पीएम मोदी की द्विपक्षीय बैठक पहले से तय है. ऐसे में कोई वरिष्ठ सरकारी अधिकारी प्रतिनिधि समारोह में शामिल हो सकता है.

बता दें, बीएनपी ने इस चुनाव में दो तिहाई से ज्यादा सीटों पर जीत दर्ज की है. BNP ने 297 में से 209 सीटें जीतकर शानदार वापसी की है. जबकि बांग्लादेश में सरकार बनाने का दावा करने वाली पार्टी को सिर्फ 68 सीटें ही मिली हैं. BNP के मुखिया ने करीब 17 सालों बाद लंदन से बांग्लादेश में वापसी की है. उनकी वापसी के बाद यह पहला चुनाव है, जिसमें एकतरफा जीत दर्ज की है. तारिक रहमान की जीत पर पीएम मोदी ने भी बधाई दी है.

पीएम मोदी ने फोन पर दी बधाई

पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “तारिक रहमान से बात करके मुझे अत्यंत प्रसन्नता हुई. मैंने उन्हें बांग्लादेश चुनावों में उनकी शानदार जीत पर बधाई दी. मैंने बांग्लादेश की जनता की आकांक्षाओं को पूरा करने के उनके प्रयासों में अपनी शुभकामनाएं और समर्थन व्यक्त किया. गहरे ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों वाले दो निकट पड़ोसी देशों के रूप में, मैंने दोनों देशों की जनता की शांति, प्रगति और समृद्धि के प्रति भारत की निरंतर प्रतिबद्धता को दोहराया.”

इन मुद्दों पर बातचीत की संभावना?

मुंबई में 17 फरवरी को पीएम मोदी और इमैनुएल मैक्रों के साथ मीटिंग पहले से ही तय थी. इस मीटिंग में भारत की यूरोप नीति और फ्रांस के साथ रणनीतिक साझेदारी पर बातचीत होने की संभावना है. बैठक में रक्षा, इंडो-पैसिफिक और टेक्नोलॉजी पर विशेष फोकस रखे जाने की संभावना है.

इंदौर के खजराना गणेश मंदिर में गैंगस्टर का VIP दर्शन, नियम सिर्फ जनता के लिए?

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इंदौर। इंदौर (Indore) में आस्था के सबसे बड़े केंद्रों में से एक खजराना गणेश मंदिर (Khajrana Ganesh Temple) एक बार फिर विवादों में है। जहां आम श्रद्धालुओं को गर्भगृह में प्रवेश (sanctum sanctorum) की सख्त मनाही है, वहीं कुख्यात गैंगस्टर सतीश भाऊ गर्भगृह के भीतर पहुंचकर आराम से दर्शन करता नजर आया। इतना ही नहीं, दर्शन का वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड भी कर दिया गया।

 

वायरल वीडियो ने दावों की पोल खोल दी
मंदिर प्रशासन यह दलील देता रहा है कि सुरक्षा और परंपरा के कारण गर्भगृह में किसी को प्रवेश नहीं दिया जाता। आम भक्तों को बैरिकेड्स के बाहर से ही दर्शन करना पड़ता है। त्योहारों और भीड़ के समय तो श्रद्धालुओं को घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ता है। लेकिन वायरल वीडियो ने इन दावों की पोल खोल दी है। वीडियो में साफ दिख रहा है कि गैंगस्टर गर्भगृह के भीतर मौजूद है और विधिवत पूजा-अर्चना कर रहा है।

 

आस्था के केंद्र पर श्रद्धालुओं से भेदभाव
सवाल यह है कि जब आम नागरिकों को अनुमति नहीं, तो फिर यह विशेष सुविधा किसके आदेश पर दी गई? क्या मंदिर के नियम सिर्फ आम जनता के लिए हैं? क्या रसूख और दबदबे के आगे प्रशासन बेबस है? इस पूरे मामले ने मंदिर प्रशासन को सीधे कटघरे में खड़ा कर दिया है। शहर में चर्चा तेज है कि आखिर सुरक्षा व्यवस्था कहां थी? किसने अनुमति दी? और क्या इस पर कोई कार्रवाई होगी या मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा? आस्था के केंद्र पर इस तरह का भेदभाव श्रद्धालुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचा रहा है।

 

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कांग्रेस और जहरीली हो गई, सावधान रहना होगा…गुवाहाटी में बोले PM मोदी

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गुवाहाटी: प्रधानमंत्री मोदी (Prime Minister Modi) ने असम के गुवाहाटी (Guwahati, Assam) में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि नॉर्थ ईस्ट हमारे लिए अष्टलक्ष्मी है. इस साल का बजट अष्टलक्ष्मी के लिए बीजेपी-एनडीए के विजन को और मजबूती देने वाला है. बजट के बाद असम का और नॉर्थ ईस्ट का मेरा ये पहला दौरा है. जिस नॉर्थ ईस्ट को कांग्रेस ने हमेशा नजरअंदाज किया, हम उस नॉर्थ ईस्ट की भक्तिभाव से सेवा कर रहे हैं. कांग्रेस सत्ता से बाहर होने के चलते और जहरीली हो गई है. असम को सावधान रहना होगा.

पीएम मोदी ने कहा, बजट में बहुत ज़्यादा फोकस नॉर्थ ईस्ट को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने पर है. इस बार असम को टैक्स की जगहों के रूप में लगभग 50 हजार करोड़ रुपये मिलने वाले हैं. कांग्रेस के समय असम को कैसे पाई-पाई के लिए तरसा कर रखा जाता था. वो आपको अच्छी तरह याद होगा. कांग्रेस के समय असम को टैक्स के हिस्से के रूप में सिर्फ 10 हज़ार करोड़ रुपये मिलते थे.

पहले लोगों को खराब इंफ्रास्ट्रक्चर की याद आती थी
उन्होंने कहा, अब भाजपा सरकार में असम को कांग्रेस सरकार के मुकाबले 5 गुना ज़्यादा रुपये मिल रहे हैं. अगर पिछले 11 साल की बात करें तो असम को तमाम विकास परियोजनाओं के लिए केंद्र सरकार से 5.50 लाख करोड़ रुपये से ज़्यादा मिले हैं. पहले जब भी नॉर्थ ईस्ट का जिक्र होता था तब लोगों को खराब इंफ्रास्ट्रक्चर की याद आती थी. आज यहां ऐसे हाईवे बन रहे हैं जहां ना सिर्फ गाड़ियां चलती हैं, बल्कि हवाई जहाज भी उतर सकते हैं.

नीतियों में बढ़ोतरी होती है तो रोजगार के अवसर बढ़ते हैं
पीएम मोदी ने कहा, यह गर्व का पल है. यह असम की बदलती भावना है. इस साल के बजट में नॉर्थ ईस्ट की नीतियों को और ज़्यादा बढ़ाने देने का काम किया गया है. नीतियों में बढ़ोतरी होती है तो रोजगार के अवसर भी बढ़ते हैं. इसलिए हाईवे और दूसरी रोड प्रोजेक्ट्स के लिए असम को हजारों करोड़ रुपये देने का फैसला लिया गया है.

आज पुलवामा हमले की बरसी है
प्रधानमंत्री ने कहा, आज पुलवामा हमले की बरसी है. मैं इस हमले में जान गंवाने वाले मां भारती के वीर सपूतों को नमन करता हूं. इस आतंकी हमले के बाद भारत ने जिस तरह आतंकियों को सजा दी, वो पूरी दुनिया ने देखा है. आपने भारत की ये शक्ति ऑपरेशन सिंदूर में भी देखी है. मैं आपसे जानना चाहता हूं कि क्या कभी कांग्रेस में देशहित के लिए इतनी हिम्मत के साथ फैसले करने की ताकत थी क्या?कांग्रेस के नेता ज्यादा से ज्यादा बयान दे सकते हैं.

कांग्रेस कभी भारत का भला नहीं कर सकती
कांग्रेस पर और हमला करते हुए पीएम ने कहा,जो कांग्रेस भारत को राष्ट्र मानने से भी इनकार करती हो, जो सवाल करते हैं कि मां भारती क्या होती है, जो मां भारती के नाम तक से परहेज करती हो, जो मां भारती के प्रति जरा सा सम्मान तक नहीं दिखाते, वो कांग्रेस कभी भारत का भला नहीं कर सकती.

MMC बनकर फिर देश को बांटने में लग गई कांग्रेस
आज की कांग्रेस हर उस विचार, हर उस आतंकी को कंधे पर बिठाती है, जो देश का बुरा सोचता है. जो लोग देश के टुकड़े-टुकड़े करने का सपना देखते हैं, जो लोग नॉर्थ ईस्ट को भारत से अलग करने के नारे लगाते हैं वो कांग्रेस के लिए पूजनीय बन चुके हैं. आजादी के समय मुस्लिम लीग ने देश का बंटवारा कराया. अब आज की कांग्रेस, मुस्लिम लीगी माओवादी कांग्रेस यानी MMC बनकर फिर देश को बांटने में लग गई है.

पीएम ने कहा, आपको कांग्रेस से सावधान रहना है और असम की जनता को भी सावधान करना है. कांग्रेस के समय में 3G और 4G टेक्नोलॉजी आई, 2G के घोटाले भी आए लेकिन नार्थ-ईस्ट तक, असम तक उसे तेजी से पहुंचाने के लिए कांग्रेस ने मेहनत ही नहीं की. जब भाजपा सरकार में 5G टेक्नोलॉजी आई तो हमने इस टेक्नोलॉजी को असम सहित पूरे नार्थ-ईस्ट के गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए काम किया.

भारत ने AI इम्पैक्ट समिट के लिए पाकिस्तान को नहीं दिया न्योता, 100 से अधिक देश होंगे शामिल!

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नई दिल्ली: भारत (India) 16 से 20 फरवरी 2026 तक AI-Impact Summit की मेजबानी करने जा रहा है. इस ग्लोबल समिट में 100 से अधिक देश शामिल हो रहे हैं, जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की पॉलिसी, इनोवेशन, एथिक्स, सिक्योरिटी और ग्लोबल कोऑपरेशन जैसे अहम विषयों पर मंथन होगा. हालांकि, इस बहुप्रतीक्षित समिट के लिए पाकिस्तान को आमंत्रित नहीं किया गया है, जिसे लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा शुरू हो गई है. यह सम्मेलन तीन मूलभूत सूत्रों- People (लोग), Planet (पृथ्वी) और Progress (प्रगति पर आधारित है.

सूत्रों के अनुसार, समिट में भाग लेने वाले देशों का चयन रणनीतिक और नीतिगत मानकों के आधार पर किया गया है. भारत का जोर उन देशों के साथ सहयोग बढ़ाने पर है जो जिम्मेदार, सुरक्षित और मानव-केंद्रित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस विकसित करने के साझा दृष्टिकोण का समर्थन करते हैं. यह समिट तकनीक के माध्यम से वैश्विक चुनौतियों- जैसे स्वास्थ्य, शिक्षा, जलवायु परिवर्तन और आर्थिक विकास के समाधान खोजने पर केंद्रित रहेगा.

 

प्रधानमंत्री मोदी के व्यक्तिगत निमंत्रण पर कई देशों के राष्ट्राध्यक्ष और सरकार प्रमुख समिट में हिस्सा लेंगे. यूरोप, अमेरिका, एशिया-पैसिफिक, अफ्रीका और खाड़ी देशों से आने वाले शीर्ष नेता इस मंच पर एआई के भविष्य, वैश्विक मानकों और सहयोग के रास्तों पर विचार-विमर्श करेंगे. इसके अलावा 45 से अधिक देशों से मंत्री-स्तरीय प्रतिनिधिमंडलों की भागीदारी तय है, जिससे यह सम्मेलन वास्तव में एक वैश्विक मंच का स्वरूप लेगा. यूनाइटेड नेशन के महासचिव और कई अंतरराष्ट्रीय संगठनों के वरिष्ठ अधिकारियों के भी इस समिट में शामिल होने की संभावना है.

भारत की ओर से कहा गया है कि AI-Impact Summit का उद्देश्य केवल तकनीकी प्रदर्शन नहीं, बल्कि नीति-निर्माण, निवेश, स्टार्टअप इकोसिस्टम और अंतरराष्ट्रीय मानकों पर ठोस सहयोग स्थापित करना है. समिट के दौरान मंत्रिस्तरीय सत्र, विशेषज्ञ पैनल, स्टार्टअप शोकेस और द्विपक्षीय बैठकों का आयोजन भी किया जाएगा. इस समिट के लिए पाकिस्तान को आमंत्रण न दिए जाने को लेकर आधिकारिक रूप से कोई विस्तृत कारण सार्वजनिक नहीं किया गया है.

‘चोले’ से नहीं, वाणी से पहचान – अखिलेश यादव का तंज

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लखनऊ । सपा प्रमुख अखिलेश यादव (SP chief Akhilesh Yadav) ने कहा कि पहन ले कोई जैसे भी ‘चोले’, (Someone may wear any kind of ‘Chola’) पर उसकी वाणी पोल खोले (But his words should Expose Him) । उन्होंने कहा कि शंकराचार्य के बारे में घोर अपमानजनक अपशब्द बोलना शाब्दिक हिंसा है। ऐसा कहने वाले के साथ-साथ उनको भी पाप पड़ेगा, जिन्होंने चापलूसी में मेजें थपथपाईं।

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘हर व्यक्ति शंकराचार्य नहीं हो सकता’ वाले बयान पर अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “पहन ले कोई जैसे भी ‘चोले’, पर उसकी वाणी पोल खोले।” उन्होंने कहा, “शंकराचार्य के बारे में घोर अपमानजनक अपशब्द बोलना शाब्दिक हिंसा है और पाप भी। ऐसा कहनेवाले के साथ-साथ उनको भी पाप पड़ेगा जिन्होंने चापलूसी में मेजें थपथपाई हैं। जब भाजपा के विधायक सदन के बाहर जाएंगे और जनता का सामना करेंगे तो जनता सड़क पर उनका सदन लगा देगी।”

महाकुंभ की घटना का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव ने लिखा, “जो महाकुंभ की मौतों पर सच्चे आंकड़े नहीं बताते हैं, कैश में मुआवजा देकर उसमें भी भ्रष्टाचार का रास्ता निकाल लेते हैं। जिन तक मुआवजा नहीं पहुंचा, उनका पैसा कहां गया, ये नहीं बताते हैं। अपने ऊपर लगे मुकदमे हटवाते हैं। वो किसी और के ‘धर्म-पद’ पर सवाल उठाने का नैतिक अधिकार नहीं रखते हैं।”

सीएम योगी पर बिना नाम लिए हमला बोलते हुए सपा प्रमुख ने कहा, “अपने बयान में उन्होंने (सीएम योगी) ‘कानून का शासन’ बोल दिया, जैसे ही इस बात पर उनका ध्यान जाएगा वो ‘विधि का शासन’ बोलने के लिए क्या दुबारा सदन बुलाएंगे या इसके लिए एक टांग पर खड़े होकर ‘लड़खड़ाता प्रायश्चित’ करेंगे।” उन्होंने कहा कि जब इंसान नहीं, अहंकार बोलता है तो यही होता है। अहंकार संस्कार को विकार में बदल देता है। वो व्यक्ति समाज में मान-सम्मान खो देता है, जिसके बारे में ये कहावत प्रचलित हो जाती है कि ‘जब मुंह खोला, तब बुरा बोला।

अखिलेश यादव ने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “हाता नहीं भाता का ये विस्तारित रूप है, यही सच्ची सच्चाई है। जिस समाज के खिलाफ रहकर उन्होंने हमेशा अपनी नफरत की राजनीति की है, उसे धर्म के मामले में भी अपमानित-पराजित करने का ये उनका अंहकार है। इनका बस चले तो जो विवादित फिल्म आई है, उसका नाम बदले बिना ही रिलीज भी कर दें और टैक्स फ्री भी कर दें। अगले चुनाव में वो समाज एक-एक वोट उनके खिलाफ डालकर अपने अपमान और उनके प्रदेश अध्यक्ष के नोटिस का सही जवाब देगा। उनकी सरकार हटाकर नई सरकार बनाएगा। फिर इत्मीनान-आराम से मिलजुलकर बेधड़क दाल-बाटी खाएगा।” सपा प्रमुख ने कहा कि शंकराचार्य जी पर दिया गया अभद्र बयान सदन में हमेशा के लिए दर्ज हो गया है। उनके इस बयान को हम निंदनीय कहें तो निंदनीय शब्द को भी निंदनीय महसूस होगा।

देशभर में महाशिवरात्रि की धूम…. जानिए पूजा-जलाभिषेक का शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

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नई दिल्ली। देश भर में आज रविवार को फाल्गुन मास में कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर महाशिवरात्रि का पर्व (Mahashivratri festival) धूमधाम से मनाया जा रहा है। महाशिवरात्रि में त्रयोदशी-चतुर्दशी का मेल होता है, त्रयोदशी समाप्त होकर चतुर्दशी शुरू होती है, वही समय महाशिवरात्रि का विशेष पुण्यकाल (Special Auspicious time.) माना जाता है। ज्योतिषचार्यों के अनुसार 15 फरवरी को दिन में त्रयोदशी तिथि रहेगी, लेकिन शाम 5:04 बजे चतुर्दशी तिथि आरंभ हो जाएगी। ऐसे में पूरी रात्रि में चतुर्दशी ही व्याप्त रहेगी। इसलिए महाशिवरात्रि पर्व 15 फरवरी को मनाया जा रहा है।

इस वर्ष महाशिवरात्रि पर व्यतिपात, वरियान व अमृत नामक महा औदायिक योग व निशीथ काल भी बन रहा है। पं. शरद चंद मिश्र के अनुसार, इस दिन सूर्योदय प्रातः 6 बजकर 25 मिनट पर होगा। फाल्गुन कृष्ण त्रयोदशी सायं 4 बजकर 23 मिनट तक रहेगी, इसके बाद चतुर्दशी तिथि प्रारंभ होकर रात्रि भर रहेगी। उत्तराषाढ़ नक्षत्र सायं 7 बजकर 26 मिनट तक रहेगा, इसके बाद श्रवण नक्षत्र प्रारंभ होगा। व्यतिपात योग दोपहर 2 बजकर 45 मिनट तक रहेगा, इसके पश्चात वरियान योग लगेगा। साथ ही अमृत सिद्धि योग पूरे दिन-रात्रि विद्यमान रहेगा। निशीथ काल रात्रि 11 बजकर 52 मिनट से 12 बजकर 42 मिनट तक रहेगा, जो भगवान शिव की विशेष पूजा के लिए सर्वोत्तम समय माना गया है। प. नरेंद्र उपाध्याय ने बताया कि इस वर्ष सर्वार्थ सिद्धि योग प्रातः 6:25 से सायं 7:26 तक रहेगा। व्यतिपात योग साधना और जप-तप के लिए विशेष फलदायी माना गया है। अभिजीत मुहूर्त दोपहर में रहेगा, जिसमें पूजा-अर्चना का विशेष महत्व है।

महाशिवरात्रि का महत्त्व : पौराणिक कथाओं के अनुसार सृष्टि के प्रारंभ में इसी दिन मध्यरात्रि में भगवान शंकर का ब्रह्मा से रुद्र के रूप में अवतरण हुआ था। प्रलय की वेला में इसी दिन प्रदोष के समय भगवान शिव तांडव करते हुए ब्रह्मांड को तीसरे नेत्र की ज्वाला से समाप्त कर देते हैं। इसलिए इसे महाशिवरात्रि या कालरात्रि भी कहा गया है। पौराणिक व्याख्यानों के अनुसार इसे शिव विवाह महोत्सव के रूप में भी मनाया जाता है। महाशिवरात्रि को वर्षभर में पड़ने वाली सिद्ध रात्रियों में से एक माना गया है।

मुहूर्त
● चतुर्दशी तिथि उपस्थित : 15 फरवरी शाम 5:04 से 16 फरवरी शाम 5:34 बजे
● शिवरात्रि का विशष पुण्यकाल : 15 की शाम 5:04 से आरम्भ
● जलाभिषेक का समय : 15 को प्रातःकाल से आरम्भ
● विशेष पुण्यकाल : शाम 5:04 के बाद विशेष पुण्यकाल का अभिषेक होगा

शिव पूजा का सबसे शुभ मुहूर्त-
निशिता काल पूजा समय – 12:37 ए एम से 01:32 ए एम, फरवरी 16
अवधि – 55 मिनट
शिवरात्रि पारण समय – 16 फरवरी को 07:57 ए एम से 01:04 पी एम तक।
रात्रि प्रथम प्रहर पूजा समय – 06:11 पी एम से 09:38 पी एम
रात्रि द्वितीय प्रहर पूजा समय – 09:38 पी एम से 01:04 ए एम, फरवरी 16
रात्रि तृतीय प्रहर पूजा समय – 01:04 ए एम से 04:31 ए एम, फरवरी 16
रात्रि चतुर्थ प्रहर पूजा समय – 04:31 ए एम से 07:57 ए एम, फरवरी 16

महाशिवरात्रि की पूजा विधि (घर और मंदिर में कैसे करें पूजा)-
महाशिवरात्रि की पूजा विधि: घर में कैसे करें पूजा- महाशिवरात्रि के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ कपड़े पहनें। घर में पूजा करने से पहले पूजा की जगह अच्छे से साफ कर लें। शिवलिंग को भी पानी से धोकर साफ जगह पर रखें। सबसे पहले शिवलिंग पर साफ जल से अभिषेक करें। इसके बाद दूध, दही, घी और शहद से एक-एक करके अभिषेक किया जा सकता है। अभिषेक करते समय मन में “ॐ नमः शिवाय” का जप करते रहें। अगर सब चीजें उपलब्ध न हों तो सिर्फ जल और दूध से भी पूजा पूरी मानी जाती है। अभिषेक के बाद शिवलिंग पर बेलपत्र जरूर चढ़ाएं। साथ में धतूरा, आक के फूल और सफेद फूल चढ़ा सकते हैं। फूल चढ़ाते समय मन में अपनी इच्छा रखें और शिवजी को याद करें। इसके बाद धूप-दीप जलाएं और थोड़ी देर शांत बैठकर शिव मंत्रों का जप करें। मन की बात भगवान शिव से कहें। शिव चालीसा या महामृत्युंजय मंत्र का पाठ भी कर सकते हैं। जो लोग रात में जागकर पूजा कर पाते हैं, वे घर पर ही सरल तरीके से रुद्राभिषेक कर सकते हैं।

घर में शिवलिंग रखने की सही बात-
घर में बहुत बड़ा शिवलिंग रखने की परंपरा नहीं है। आमतौर पर मिट्टी, पत्थर, पीतल या चांदी का छोटा शिवलिंग घर के लिए ठीक माना जाता है। शिवलिंग के साथ गणेश जी, माता पार्वती और नंदी की छोटी मूर्ति रखकर पूजा करना अच्छा माना जाता है।

महाशिवरात्रि की पूजा विधि: मंदिर में कैसे करें पूजा-
अगर मंदिर जाकर पूजा कर रहे हैं तो सुबह स्नान करके साफ कपड़ों में मंदिर जाएं। मंदिर में शिवलिंग पर जल चढ़ाएं। कई जगहों पर दूध, दही, घी और शहद से अभिषेक की व्यवस्था होती है, वहां श्रद्धा से अभिषेक करें। “ॐ नमः शिवाय” का मन ही मन जप करते रहें।शिवलिंग पर बेलपत्र, धतूरा, आक के फूल और सफेद फूल चढ़ाएं। पुजारी जी के बताए नियमों का पालन करें। धूप-दीप दिखाकर भगवान शिव का ध्यान करें। अगर संभव हो तो रात में मंदिर जाकर रुद्राभिषेक या विशेष पूजा में शामिल हों। मान्यता है कि महाशिवरात्रि की रात की पूजा का खास फल मिलता है।

महाशिवरात्रि पर करें इन मंत्रों का जप-
महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव की कृपा पाने के लिए कुछ आसान और असरदार मंत्रों का जप किया जा सकता है। सबसे पहले “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जप करें। यह शिव जी का सबसे सरल और शक्तिशाली मंत्र माना जाता है। इस पावन दिन महामृत्युंजय मंत्र का जप भी किया जाता है–
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।
उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥

शिवलिंग पर क्या चढ़ाएं और क्या नहीं- महाशिवरात्रि या रोज की पूजा में शिवलिंग पर चढ़ाने के लिए जल, दूध, दही, घी और शहद से अभिषेक किया जाता है और इसके बाद बेलपत्र जरूर अर्पित करें, क्योंकि यह शिवजी को सबसे प्रिय माना जाता है। साथ में सफेद फूल, आक और धतूरा भी चढ़ाए जाते हैं। धूप-दीप जलाकर सादे मन से पूजा करें। वहीं शिवलिंग पर केतकी का फूल नहीं चढ़ाना चाहिए, क्योंकि मान्यता के अनुसार यह शिव पूजा में वर्जित माना गया है। तुलसी के पत्ते भी शिवलिंग पर नहीं चढ़ाए जाते, इन्हें विष्णु पूजा के लिए रखा जाता है। लाल रंग के तेज खुशबू वाले फूल, टूटे या मुरझाए फूल, बासी फूल और चढ़ाया हुआ प्रसाद दोबारा शिवलिंग पर अर्पित नहीं करना चाहिए।

हर मामले की निष्पक्ष जांच के बाद ही हो निस्तारण – योगी आदित्यनाथ

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गोरखपुर । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Chief Minister Yogi Adityanath) ने कहा कि निष्पक्ष जांच करके ही (Only after an Impartial Investigation) हर मामले का निस्तारण होना चाहिए (Every Case should be Resolved) । उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि किसी मामले में जांच के दौरान यदि गलत रिपोर्ट लगाई जाती है तो संबंधित के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाए। किसी भी प्रकरण में लापरवाही या शिथिलता अक्षम्य होगी।

उत्तर प्रदेश के सीएम योगी ने शनिवार को गोरखनाथ मंदिर में जनता दर्शन के दौरान लोगों की समस्याएं सुनते हुए ये निर्देश प्रशासन व पुलिस के अफसरों को दिए। मंदिर परिसर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के बाहर आयोजित जनता दर्शन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने करीब 150 लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने सभी को आश्वस्त किया कि किसी को भी घबराने की आवश्यकता नहीं है। हर समस्या का वह प्रभावी निस्तारण कराएंगे। उन्होंने प्रशासन व पुलिस के अधिकारियों को मौके पर ही निर्देश दिए कि जनता की समस्याओं का समयबद्ध, निष्पक्ष और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करें। जनता दर्शन में कुछ मामले ऐसे भी आए थे, जिनमें यह शिकायत की गई कि प्रकरण में गलत रिपोर्ट लगा दी गई है।

इस पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि पता लगाकर गलत रिपोर्ट लगाने वाले के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाए। उन्होंने कहा कि पीड़ितों की मदद में शिथिलता या लापरवाही कतई नहीं होनी चाहिए। जनता की समस्याओं के समाधान में किसी तरह की हीलाहवाली हुई तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई भी तय है। किसी पीड़ित की समस्या के समाधान में अगर कहीं भी कोई दिक्कत आ रही है तो उसका पता लगाकर निराकरण कराया जाए और किसी स्तर पर जानबूझ कर प्रकरण को लंबित रखा गया है तो संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।

उन्होंने जमीन कब्जाने की शिकायतों पर विधिसम्मत कठोर कदम उठाने का निर्देश दिया। इस बार भी जनता दर्शन में कुछ लोग इलाज के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लेकर पहुंचे थे। इस पर सीएम योगी ने अधिकारियों से कहा कि जल्द से जल्द अस्पताल के इस्टीमेट की प्रक्रिया पूर्ण कराकर शासन को उपलब्ध करा दें। इलाज के लिए मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से पर्याप्त मदद की जाएगी। जनता दर्शन में परिजनों के साथ आए बच्चों पर सीएम योगी ने अपना स्नेह बरसाया। मुख्यमंत्री ने बच्चों को दुलारा, उन्हें चॉकलेट दी और खूब पढ़ने के लिए प्रेरित किया।

गोरखनाथ मंदिर प्रवास के दौरान शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दिनचर्या परंपरागत रही। गुरु गोरखनाथ का दर्शन पूजन करने तथा अपने गुरुदेव ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की प्रतिमा समक्ष शीश झुकाने के बाद वह मंदिर परिसर के भ्रमण पर निकले। मंदिर की गौशाला में पहुंचकर उन्होंने गोसेवा की। गायों और गोवंश को स्नेहिल भाव से अपने हाथों से गुड़ खिलाया।

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News Desk

वेलेंटाइन-डे पर कार में मिले युवक और युवती के शव, दोनों के सिर में लगी थी गोली

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नई दिल्ली: वेलेंटाइन-डे (Valentine’s Day) पर दिल्ली से सटे नोएडा (Noida) से सनसनीखेज खबर सामने आई है. यहां एक कार में एक लड़के और लड़की की लाश मिली है. दोनों को गोली लगी हुई है. सूचना लगते ही पुलिस भी मौके पर पहुंच गई. लड़के के हाथ में पिस्टल थी. ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि लड़के ने पहले लड़की को गोली मारी. फिर खुद को भी गोली से उड़ा लिया.

पूरा मामला नोएडा सेक्टर 39 इलाके का है. दरअसल शनिवार दोपहर एक कार में एक लड़की और लड़के की डेडबॉडी मिली. स्थानीय लोगों ने जब कार में डेडबॉडी देखी तो दहशत में आ गए. जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई और मौके पर पहुंची पुलिस भी सन्न रह गई. क्योंकि लड़के के हाथ में पिस्टल थी और उसके बगल में लड़की भी मृत पड़ी थी. दोनों को गोली लगी थी.

पुलिस सूत्रों के मुताबिक शुरुआती जांच में लगता है लड़के ने पहले लड़की को गोली मारी फिर खुद को भी गोली से उड़ा लिया. पूरे मामले की जांच की जा रही है. दोनों के पास मिली आईडी से पता चला है कि लड़का दिल्ली के त्रिलोकपुरी का रहने वाला था और उसका नाम सुमित था. जबकि लड़की का नाम रेखा था और वह नोएडा सेक्टर- 101 थाना क्षेत्र की रहने वाली थी. दोनों के परिजनों को भी सूचना दे दी गई है. दोनों कल यानि कि शुक्रवार शाम से ही गायब थे.

दोनों की डेडबॉडी खून से सनी थी. घटना दोपहर की है. क्योंकि कार से तेज आवाज भी आई थी. जिसके बाद डिलीवरी बॉय ने इसकी जानकारी पुलिस को दी थी. साथ ही कार का दरवाजा भी अंदर से लॉक था. ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि लड़के ने पहले लड़की को गोली मारी, फिर खुद को भी उड़ा लिया.

मामले में नोएडा पुलिस ने क्या कहा?
नोएडा पुलिस ने कहा कि थाना सेक्टर-39 क्षेत्रांतर्गत सेक्टर-107 नोएडा, दादरी रोड पिलर नं-84 के पास एक कार मिली थी. जिसका नंबर DL14CL6473 था. प्राप्त सूचना पर थाना सेक्टर-39 पुलिस मौके पर पहुंची और कार का निरीक्षण किया गया. कार के अंदर लड़का-लड़की के सिर में गोली लगी हुई थी.

लड़के के हाथ में पिस्टल मिली थी व कार अंदर से लॉक थी. प्रथम दृष्टया आत्महत्या प्रतीत होती है. मृतकों के पहचान सुमित पुत्र राजवीर निवासी त्रिलोकपुरी, दिल्ली, उम्र-32 वर्ष और रेखा पुत्री देवचंद निवासी सलारपुर, सेक्टर-101 नोएडा, उम्र-26 वर्ष के रूप में हुई है. परिजनों को सूचित किया गया है. पुलिस उच्चाधिकारीगण व फोरेंसिक टीम द्वारा घटनास्थल का निरीक्षण किया गया. शवों का पंचायतनामा भरकर पोस्टमार्टम हेतु भेजा गया है. शांति व्यवस्था स्थापित है. अन्य आवश्यक विधिक कार्रवाई जारी है.

वर्षा गायकवाड़ का बयान – मुंबईकरों की जान जोखिम में डालने वाला विकास मंजूर नहीं

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मुंबई । कांग्रेस सांसद वर्षा गायकवाड़ (Congress MP Varsha Gaikwad) ने कहा कि हमें ऐसा विकास नहीं चाहिए (We don’t want such Development), जिससे मुंबईकरों की जान को खतरा हो (Which endangers the lives of Mumbaikars) । उन्होंने मुंबई के मुलुंड वेस्ट इलाके में हुई मेट्रो पिलर गिरने की घटना पर सरकार को घेरा ।

वर्षा गायकवाड़ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर घटना का एक वीडियो शेयर करते हुए लिखा, “मुलुंड वेस्ट, एलबीएस रोड पर जॉनसन एंड जॉनसन कंपनी के पास बन रहे मेट्रो पिलर का एक हिस्सा गिरने से एक बड़ा हादसा हो गया। एक बेगुनाह नागरिक की मौत हो गई और कई दूसरे गंभीर रूप से घायल हो गए। क्या सरकार और मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए) का इससे कोई लेना-देना है?”

कांग्रेस सांसद ने पूछा, “सिर्फ इंफ्रा मैन बनकर पीआर और मार्केटिंग कर रहे हैं, लेकिन मुंबईकरों की जान अधर में लटकी हुई है, इसका क्या मतलब है? जब मेट्रो का काम चल रहा था, तो सेफ्टी नियम सिर्फ कागजों पर क्यों थे? जब व्यस्त रोड पर काम चल रहा था, तो नीचे से गुजरने वाले ट्रैफिक के लिए सुरक्षा इंतेजाम क्यों नहीं थे?” उन्होंने आगे कहा, “यह दिखाने के नाम पर कि मेट्रो का काम तेजी से हो रहा है, क्या इसकी क्वालिटी और टेक्निकल सेफ्टी को नजरअंदाज किया जा रहा है? कौन जिम्मेदार है?” वर्षा गायकवाड़ ने कहा कि हर बार जब ऐसी घटनाएं होती हैं, तो सिर्फ ‘जांच’ का ड्रामा होता है। इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?

शनिवार दोपहर को मुलुंड पुलिस स्टेशन के इलाके में एलबीएस रोड पर मेट्रो पुल का एक हिस्सा चलते ऑटो रिक्शा पर गिर गया। इस दौरान एक कार भी चपेट में आई। इस घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई है, जबकि तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। मृतक की पहचान रामधन यादव के रूप में हुई है, जबकि घायलों में राजकुमार इंद्रजीत यादव, महेंद्र प्रताप यादव और दीपा रूहिया शामिल हैं। राजकुमार इंद्रजीत यादव की स्थिति गंभीर बताई गई है। मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए) ने शुरुआती बयान में कहा कि दोपहर करीब 12:15 बजे मुलुंड फायर स्टेशन के पास एक घटना हुई, जहां पैरापेट सेगमेंट का एक हिस्सा ऊंचाई से गिरकर एक गुजरते हुए ऑटो रिक्शा से टकरा गया।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मुंबई के मुलुंड इलाके में हुए हादसे पर दुख जताते हुए घटना की जांच के आदेश दिए हैं और मृतक के परिवार वालों को 5 लाख रुपए की आर्थिक मदद देने और घायलों के इलाज का खर्च राज्य सरकार द्वारा उठाने की घोषणा की । मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने घायलों के जल्दी ठीक होने की प्रार्थना की है।”