2030 तक 40% आबादी प्रभावित

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नई दिल्ली। जल संकट को लेकर हो रहे शोध और आने वाली रिपोर्ट काफी डराने वाली हैं। नीति आयोग की एक रिपोर्ट ने पहले ही आगाह किया था कि वर्ष 2030 तक भारत की लगभग 40 प्रतिशत आबादी के पास स्वच्छ पेयजल की पर्याप्त उपलब्धता नहीं होगी। दिल्ली, कोलकाता, चेन्नई, बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे शहर अब दुनिया के सबसे अधिक जल-संकटग्रस्त क्षेत्रों की सूची में शामिल हो गए हैं। कई इलाकों में स्थिति इतनी विकट है कि लोग पूरी तरह से पानी के टैंकरों पर निर्भर हैं और अपनी बुनियादी जरूरतों के लिए घंटों लंबी कतारों में खड़े रहने को मजबूर हैं। 
हाल के वर्षों में बेंगलुरु से आई खाली बर्तनों के साथ टैंकरों का इंतजार करते लोगों की तस्वीरों ने इस समस्या की भयावहता को जगजाहिर किया है। इससे पहले वर्ष 2019 में चेन्नई भी इसी तरह के भीषण संकट का सामना कर चुका है। विशेषज्ञों का स्पष्ट मानना है कि शहरों में पानी की यह किल्लत अब केवल गर्मियों तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि एक स्थायी संकट का रूप ले चुकी है। शहरी जल संकट के पीछे अनियंत्रित भूजल दोहन, जर्जर जल आपूर्ति ढांचा, झीलों-तालाबों का विलुप्त होना और तेजी से बढ़ता शहरीकरण मुख्य कारण हैं। बोरवेल के जरिए जमीन के भीतर का जल स्तर लगातार गिर रहा है, वहीं पुरानी पाइपलाइनों में रिसाव के कारण बड़ी मात्रा में पानी व्यर्थ बह जाता है।इस समस्या के समाधान के लिए स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने अर्थ्स फ्यूचर जर्नल में एक नवीन मॉडल का सुझाव दिया है। पुणे शहर के उदाहरण से यह बताया गया है कि यदि किसानों को सिंचाई के अतिरिक्त पानी को विनियमित टैंकर नेटवर्क के माध्यम से शहरी परिवारों को बेचने की कानूनी अनुमति दी जाए, तो पानी की लागत में भारी कमी आ सकती है। शोध के अनुसार, सही नीतियों के क्रियान्वयन से कुल जल आपूर्ति में मात्र एक प्रतिशत की वृद्धि करके भी हर व्यक्ति को प्रतिदिन कम से कम 40 लीटर पानी उपलब्ध कराया जा सकता है। स्पष्ट है कि जल संरक्षण और प्रभावी प्रबंधन ही इस संकट का एकमात्र स्थायी समाधान है।वैश्विक अनुमानों के अनुसार, वर्ष 2050 तक दुनिया की आधी शहरी आबादी जल संकट की चपेट में होगी, जिसमें भारतीय शहरों की संख्या सर्वाधिक हो सकती है। स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के एक अध्ययन के मुताबिक, यदि वर्तमान हालात नहीं सुधरे तो कम आय वाले शहरी परिवारों को अपनी कुल कमाई का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा केवल पानी खरीदने पर खर्च करना पड़ सकता है।

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सिलिंडर की किल्लत और कालाबाजारी के खिलाफ प्रदर्शन, सरकार विरोधी नारे लगाकर राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन

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जौनपुर: मिडिल ईस्ट में छिड़ी जंग का असर भारत में भी देखने को मिल रहा है। यहां सड़कों पर गैस को लेकर उपभोक्ता दौड़ते दिखाई दे रहे हैं। इस दौरान सरकार ने यह साफ किया है कि घरेलू गैस की किसी भी तरह की कमी नहीं है और सरकार के पास पर्याप्त स्टॉक है। अब इस मामले में राजनीति भी शुरू हो गई है। आम आदमी पार्टी ने सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए इसे दूर करने और कालाबाजारी रोकने के लिए प्रदर्शन किया है।

राष्ट्रपति के नाम सिटी मजिस्ट्रेट को दिया ज्ञापन

शनिवार को कलेक्ट्रेट परिसर में सैकड़ों की संख्या में आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता हाथों में बैनर पोस्टर लिए पहुंचे और जिला अध्यक्ष राम रतन विश्वकर्मा के नेतृत्व में राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि घरेलू गैस की कीमतों में सरकार ने ₹60 और कमर्शियल में ₹120 की बढ़ोतरी की है। इसके साथ ही गैस की किल्लत भी लोगों को झेलनी पड़ रही है, जिस पर सरकार का किसी भी तरह से नियंत्रण नहीं है।

आप का आरोप, झूठ बोल रही सरकार

जिला अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार लोगों से झूठे वादे कर रही है कि उसके पास पर्याप्त मात्रा में रसोई गैस उपलब्ध है। यदि सरकार के पास प्रॉपर स्टॉक है तो लोग लाइन में क्यों खड़े हैं, होटल में सप्लाई क्यों बंद कर दी गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि यूपी व दिल्ली ही नहीं बल्कि देश के हर राज्य और हर कोने में रसोई गैस की किल्लत होने लगी है। उन्होंने कहा कि इसका फायदा डीलर भी उठा रहे हैं। लोगों को औने-पौने दाम पर गैस सिलिंडर दिया जा रहा है।

पीएम मोदी ट्रंप की कठपुतली: आप

जिला अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि सिलिंडर अब ब्लैक में बेची जा रहें हैं और उपभोक्ताओं से 3500 रुपए वसूले जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आगे नतमस्तक हो चुके हैं और वह ट्रंप के हाथ की कठपुतली बन गए हैं। जिला अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने 140 करोड़ देशवासियों की भावनाओं को अमेरिकी सरकार के हवाले कर दिया है।

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क्रिकेटर कुलदीप यादव और विंदी चहल सहित कई सितारे होंगे वंशिका की शादी में शामिल

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भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार स्पिनर कुलदीप यादव शनिवार की शाम शादी के बंधन में बंध जाएंगे। कुलदीप अपनी मंगेतर वंशिका चड्ढा के साथ शादी रचाने वाले हैं। शादी मसूरी में होगी। कुलदीप और वंशिका के परिवार विवाह स्थल पर पहुंच चुके हैं। इन दोनों के प्री वेडिंग कार्यक्रम भी शुरू हो चुके हैं। शुक्रवार को मेहंदी और संगीत सेरेमनी थी जिसमें कुलदीप जमकर थिरके थे। 

शादी के लिए तैयारियों जोर-शोर से जारी

शादी समारोह के लिए होटल को फूलों, रोशनी और पारंपरिक सजावट से विशेष रूप से सजाया गया है। होटल प्रबंधन ने मेहमानों के स्वागत और आतिथ्य के लिए बड़े स्तर पर व्यवस्थाएं की हैं। मेहमानों के लिए पारंपरिक व्यंजनों के साथ-साथ उत्तराखंडी खाने का भी खास इंतजाम किया गया है। शादी में भारतीय क्रिकेट टीम के कई बड़े खिलाड़ियों के पहुंचने की उम्मीद है, इसलिए आयोजन स्थल की सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। होटल परिसर में केवल आमंत्रित मेहमानों को ही प्रवेश दिया जा रहा है। स्थानीय प्रशासन और होटल प्रबंधन ने कार्यक्रम को सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए विशेष सुरक्षा व्यवस्था लागू की है।

संगीत सेरेमनी में रैना-चहल आए नजर 

इससे पहले शुक्रवार को कुलदीप और वंशिका की मेहंदी और संगीत सेरेमनी हुई। संगीत सेरेमनी में पूर्व क्रिकेटर सुरेश रैना, युजवेंद्र चहल थिरकते हुए नजर आए। रैना ने कुलदीप यादव के साथ भी डांस किया। भारतीय टीम के फील्डिंग कोच टी. दिलीप भी संगीत सेरेमनी में उपस्थित रहे। वहीं, टी20 विश्व कप टीम का हिस्सा रहे रिंकू सिंह भी अपनी मंगेतर प्रिया सरोज के साथ कुलदीप की शादी में शिरकत करने मसूरी पहुंच गए हैं। लखनऊ में 17 मार्च को कुलदीप यादव और वंशिका का रिसेप्शन रखा गया है। बता दें कि कुलदीप औप वंशिका दोनों बचपन से एक दूसरे को जानते हैं। वंशिका ने ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न से पढ़ाई की है। वह भारतीय जीवन बीमा निगम में काम करती हैं। 

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ईरान की रणनीति ने चौंकाया: इजराइल-अमेरिका टकराव में तैयारियाँ

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नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में चल रही जंग ने दुनिया के सुपर पावर्स को कई सबक सिखाया है। ईरान ने अमेरिका और इजारइल के बेहद महंगे और विनाशक हथियारों को बुरी तरह तबाह कर दिया है जिसकी कल्पना किसी ने भी नहीं की थी। दुनिया के तमाम रणनीतिकार यह मानते थे कि अमेरिकी-इजराइली हमले के बाद ईरान कुछ घंटों या दिनों में सरेंडर कर देगा और युद्ध विराम की गुहार लगाएगा, लेकिन ईरान की रणनीति और सैन्य तैयारियों ने दुनिया को चौंका दिया है। इस जंग से दुनिया की तमाम बड़ी ताकतों को बड़ी सीख मिल गई है। इसमें भारत भी शामिल है।
बता दें ईरान के साथ जंग में एक सबसे बड़ी सीख यह मिली है कि मौजूदा वक्त के युद्ध को केवल घातक और विनाशक हथियारों के दम पर नहीं जीता जा सकता। अमेरिका और इजराइल के पास पांचवीं पीढ़ी के सबसे आधुनिक फाइटर जेट एफ-35 और एफ-22, पैट्रियट मिसाइल सिस्टम, थाड डिफेंस सिस्टम, बी-2 बॉम्बर जैसे कई बार घातक हथियार हैं, लेकिन ईरान की रणनीति के आगे ये हथियार पूरी तरह बेकार साबित हुए इनको ऑपरेटर करने की लागत इतनी है कि यह किसी भी बड़ी अर्थव्यवस्था की कमर तोड़ सकते हैं।
अमेरिका ने ईरान के साथ जंग में यही गलती की है। ईरान ने इस जंग में पहले बेहद सस्ते ड्रोन्स और मिसाइलों से वार किए और अमेरिका ने इन ड्रोन्स को मारने के लिए बेहद महंगी मिसाइलों और डिफेंस सिस्टम का इस्तेमाल किया। इससे अमेरिका-इजराइल के लिए इन सस्ते ड्रोन्स को मारना बहुत महंगा साबित हुआ। इतना ही नहीं ईरान ने इजराइल और मीडिय ईस्ट के देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ड्रोन से हमलों की बारिश कर दी। इससे इनको व्यापक स्तर पर मिसाइलों और डिफेंस सिस्टम का इस्तेमाल करना पड़ा। 
अब एक रिपोर्ट में कहा जा रहा है कि अमेरिका-इजराइल के पास अब अपनी डिफेंस के लिए मिसाइलें कम बची हैं। पूरी दुनिया के सामरिक मामलों के एक्सपर्ट ईरान की इस रणनीति को जबर्दस्त बता रहे हैं। यूक्रेन के साथ रूस के जंग में भी ऐसी ही स्थिति देखने को मिली थी। यूक्रेन ने सस्ते ड्रोन्स के दम पर रूस को भारी सैन्य नुकसान पहुंचाया है। कुल मिलाकर एस-400 जैसे बेहद आधुनिक डिफेंस सिस्टम से हर हवाई खतरे पर वार करना समझदारी नहीं है। एस-400 दुनिया का एक सबसे आधुनिक डिफेंस सिस्टम है और यह 400 किमी दूर के खतरों पर वार कर सकता है। इस डिफेंस सिस्टम को मुख्य रूस से फाइटर जेट्स और खतरनाक मिसाइलों को रोकने के लिए बनाया गया है। 

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AAP सरकार ने राज्य को किया पीछे, डबल इंजन लाएगा बदलाव

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Amit Shah Punjab Rally: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah Speech) ने पंजाब की AAP सरकार पर जमकर हमला बोला (Punjab AAP Criticism) है। उन्होंने कहा कि राज्य को नशे, भ्रष्टाचार और बढ़ते अपराध ने पूरी तरह तबाह कर दिया है। शाह ने मोगा में होने वाली ‘बदलाव रैली’ से पहले यह बयान दिया, जो 2027 के विधानसभा चुनावों की शुरुआत मानी जा रही है। पंजाब की पवित्र धरती, जो बहादुर सैनिकों, मेहनती किसानों और लगनशील लोगों के लिए जानी जाती है, आज इन समस्याओं से जूझ रही है। अमित शाह ने AAP सरकार को ‘आपदा सरकार’ करार देते (Punjab AAP Criticism)हुए कहा कि यहां कानून-व्यवस्था और विकास का नामोनिशान तक नहीं बचा है। उन्होंने दावा किया कि यह सरकार रिमोट कंट्रोल से चल रही है, जिसके कारण राज्य में हालात बिगड़ गए हैं।

पंजाब की जनता अब बदलाव चाहती है: शाह (Amit Shah Speech)
शाह ने जोर देकर कहा कि पंजाब की जनता अब बदलाव चाहती है। हर व्यक्ति सुधार की उम्मीद कर रहा है। उन्होंने बीजेपी की ओर इशारा करते हुए कहा कि डबल इंजन सरकार (केंद्र और राज्य में एक ही पार्टी की सरकार) ही पंजाब को फिर से पटरी पर ला सकती है। इससे विकास तेज होगा, नशे पर लगाम लगेगी और अपराध कम होगा।

यह रैली बीजेपी के लिए चुनावी अभियान की शुरुआत (BJP Elecrion Campaign)
यह बयान मालवा क्षेत्र में BJP की रणनीति का हिस्सा लगता है, जहां 117 विधानसभा सीटों में से 69 सीटें आती हैं। शाह की यह रैली बीजेपी के लिए चुनावी अभियान की शुरुआत है। पंजाब में नशे की समस्या लंबे समय से चिंता का विषय रही है, और राजनीतिक दल इसे मुद्दा बनाते रहे हैं।

आम आदमी पार्टी ने पहले ही केंद्र पर पलटवार किया (AAP)
अमित शाह के इस हमले से राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ है। आम आदमी पार्टी ने पहले ही केंद्र पर पलटवार किया है, लेकिन शाह का फोकस राज्य की जनता को बदलाव का संदेश देने पर है। पंजाब के लोग अब उम्मीद कर रहे हैं कि आने वाले समय में हालात बेहतर होंगे।

अमित शाह का यह बयान पंजाब की जनता के मन की बात (Double Engine Government)
अगर देखा जाए तो अमित शाह का यह बयान पंजाब की जनता के मन की बात को छूता है। नशा और अपराध जैसी गंभीर समस्याओं पर सीधा हमला राजनीतिक रूप से मजबूत कदम है, लेकिन AAP इसे राजनीतिक स्टंट बता सकती है। पंजाब में 2027 के चुनावों से पहले BJP ‘बदलाव’ का नारा लेकर आगे बढ़ रही है। क्या डबल इंजन मॉडल यहां काम करेगा? आने वाले दिनों में और रैलियां और बयान देखने को मिलेंगे।

आप के नेता केंद्र सरकार पर पलटवार कर रहे (Punjab Election 2027)
बहरहाल, एक तरफ अमित शाह AAP पर निशाना साध रहे हैं, तो दूसरी तरफ आप के नेता केंद्र सरकार पर पलटवार कर रहे हैं। पंजाब की असली समस्या नशा और बेरोजगारी है, जिस पर सभी दल अलग-अलग दावे कर रहे हैं। जनता को अब असली समाधान चाहिए।
 

2028 के ओलंपिक से इंग्लैंड की संभावित गैरमौजूदगी पर चर्चा, सामने आई चुनौती

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अमेरिका के लॉस एंजिलिस में 2028 में होने वाले ओलंपिक खेल कई मायनों में खास होंगे। इन खेलों में क्रिकेट भी शामिल किया गया है, जो 128 साल बाद ओलंपिक में वापसी करेगा। इससे पहले क्रिकेट केवल 1900 पेरिस ओलंपिक में खेला गया था। लॉस एंजिलिस ओलंपिक में क्रिकेट को टी20 फॉर्मेट में शामिल किया जाएगा और पुरुष तथा महिला दोनों वर्गों में मुकाबले होंगे। महिला और पुरुष दोनों श्रेणी में छह-छह टीमें हिस्सा लेंगी। इसी वजह से क्वालिफिकेशन प्रक्रिया और टीमों की भागीदारी को लेकर काफी चर्चा हो रही है, खासकर इंग्लैंड की भागीदारी को लेकर।

ओलंपिक 2028 में क्रिकेट का फॉर्मेट

लॉस एंजिलिस ओलंपिक में क्रिकेट का आयोजन 14 जुलाई से 29 जुलाई 2028 के बीच होने की संभावना है।

ओलंपिक में क्रिकेट की मुख्य बातें:

टी20 फॉर्मेट में मुकाबले पुरुष और महिला दोनों वर्गहर वर्ग में सिर्फ 6 टीमें कुल पदकों के लिए सीमित मुकाबले कम टीमों की वजह से कई बड़ी क्रिकेट ताकतों के बाहर रहने की संभावना भी जताई जा रही है।

क्वालिफिकेशन सिस्टम क्या होगा?

शुरुआत में आईसीसी की योजना थी कि टी20 इंटरनेशनल रैंकिंग के आधार पर टॉप छह टीमें ओलंपिक के लिए क्वालिफाई करें, लेकिन बाद में इस प्रस्ताव में बदलाव किया गया। अब जिस मॉडल पर चर्चा चल रही है, उसके मुताबिक हर महाद्वीप से एक शीर्ष टीम को मौका देने की योजना बनाई जा रही है। यह ओलंपिक के ‘फाइव रिंग’ सिद्धांत के अनुरूप है, जिसमें अलग-अलग महाद्वीपों का प्रतिनिधित्व जरूरी माना जाता है।

संभावित क्वालिफिकेशन संरचना:

एशिया से 1 टीम यूरोप से 1 टीम अफ्रीका से 1 टीम ओशिनिया से 1 टीम अमेरिका क्षेत्र से 1 टीम एक अतिरिक्त स्थान (ग्लोबल क्वालिफायर या होस्ट) हालांकि अंतिम फैसला अभी आईसीसी और ओलंपिक अधिकारियों द्वारा लिया जाना बाकी है।

कौन-कौन सी टीमें खेल सकती हैं?

अगर मौजूदा टी20 रैंकिंग और महाद्वीपीय प्रतिनिधित्व के आधार पर देखें तो संभावित टीमों की सूची कुछ इस तरह हो सकती है:
भारत (एशिया)
ऑस्ट्रेलिया (ओशिनिया)
दक्षिण अफ्रीका (अफ्रीका)
ग्रेट ब्रिटेन / इंग्लैंड (यूरोप)
अमेरिका (मेजबान)
एक अन्य टीम- पाकिस्तान, न्यूजीलैंड या अफगानिस्तान में से कोई हालांकि इस व्यवस्था में यह भी संभव है कि कुछ बड़ी टीमें, जैसे पाकिस्तान या न्यूजीलैंड, क्वालिफाई ही न कर पाएं।

इंग्लैंड क्यों नहीं खेलेगा अपने नाम से?

ओलंपिक में क्रिकेट खेलने की सबसे दिलचस्प बात इंग्लैंड से जुड़ी है। दरअसल ओलंपिक में इंग्लैंड अलग देश के रूप में हिस्सा नहीं लेता। इसके बजाय ग्रेट ब्रिटेन (Team GB) के नाम से एक संयुक्त टीम खेलती है। इसलिए अगर यूरोप से टीम क्वालिफाई करती है (चाहे महिला हो या पुरुष टीम) तो उसका नाम इंग्लैंड नहीं बल्कि ग्रेट ब्रिटेन होगा। इसका मतलब यह हुआ कि ओलंपिक क्रिकेट में इंग्लैंड टीम नहीं दिखेगी, बल्कि उसी के खिलाड़ियों का हिस्सा ग्रेट ब्रिटेन टीम में होगा।

ग्रेट ब्रिटेन में कौन-कौन से देश शामिल हैं?

ग्रेट ब्रिटेन टीम वास्तव में कई देशों के खिलाड़ियों से मिलकर बनती है।

इसमें शामिल देश:

इंग्लैंड
स्कॉटलैंड
वेल्स
नॉर्दर्न आयरलैंड

ग्रेट ब्रिटेन क्रिकेट टीम बनने की तैयारी

इसके लिए महिला और पुरुष, दोनों वर्ग में ग्रेट ब्रिटेन (GB) की एक संयुक्त टीम बनाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इस टीम में इंग्लैंड, स्कॉटलैंड और संभवतः नॉर्दर्न आयरलैंड के पुरुष और महिला खिलाड़ी शामिल होंगे। इस प्रस्ताव को आगे बढ़ाने के लिए ईसीबी और क्रिकेट स्कॉटलैंड काम कर रहे हैं और इसे जल्द औपचारिक मंजूरी मिलने की उम्मीद है।

नई संस्था ‘ग्रेट ब्रिटेन क्रिकेट’ बनाई जा रही

ओलंपिक में भाग लेने के लिए ग्रेट ब्रिटेन के नाम से एक नई संस्था बनाई जा रही है। यही संस्था ग्रेट ब्रिटेन की क्रिकेट टीम का संचालन करेगी। यह टीम इतिहास के लिहाज से भी खास होगी क्योंकि 1900 पेरिस ओलंपिक में क्रिकेट का जो खिताब जीता गया था, वह ग्रेट ब्रिटेन के नाम ही था। अब 128 साल बाद उसी विरासत को आगे बढ़ाने का मौका मिलेगा।

कौन संभालेगा ग्रेट ब्रिटेन क्रिकेट?

ग्रेट ब्रिटेन के कामकाज की निगरानी एक बोर्ड करेगा, जिसमें ईसीबी के प्रतिनिधि, क्रिकेट स्कॉटलैंड के प्रतिनिधि शामिल होंगे। इसमें कार्यकारी (executive) और गैर-कार्यकारी (non-executive) सदस्य दोनों होंगे।

नॉर्दर्न आयरलैंड के खिलाड़ियों के लिए अलग व्यवस्था

नॉर्दर्न आयरलैंड के खिलाड़ियों को मौका देने के लिए क्रिकेट आयरलैंड के साथ एक समझौता (MOU) किया जाएगा। हालांकि यहां एक जटिल स्थिति है। क्रिकेट आयरलैंड एक ऐसी संस्था है जो रिपब्लिक ऑफ आयरलैंड और नॉर्दर्न आयरलैंड, दोनों का प्रतिनिधित्व करती है। इसलिए सामान्य तौर पर आयरलैंड टीम के खिलाड़ी ग्रेट ब्रिटेन टीम के लिए खेलने की कोशिश नहीं करेंगे।

नॉर्दर्न आयरलैंड और रिपब्लिक ऑफ आयरलैंड को लेकर फंसेगा पेंच?

ग्रेट ब्रिटेन टीम में सबसे बड़ी परेशानी नॉर्दर्न आयरलैंड को लेकर सामने आती है। क्रिकेट प्रशासन के लिहाज से नॉर्दर्न आयरलैंड और रिपब्लिक ऑफ आयरलैंड, एक क्रिकेट बोर्ड यानी आयरलैंड क्रिकेट बोर्ड के तहत आता है और एक संयुक्त टीम बनाता है। इसका मतलब यह है कि नॉर्दर्न आयरलैंड के खिलाड़ी आमतौर पर आयरलैंड टीम के लिए खेलते हैं, न कि इंग्लैंड के लिए। ओलंपिक में अगर ग्रेट ब्रिटेन टीम बनती है तो यह तय करना मुश्किल हो सकता है कि नॉर्दर्न आयरलैंड के खिलाड़ियों को किस टीम का हिस्सा माना जाए। स्टर्लिंग और अडेयर भी क्रिकेट आयरलैंड के लिए खेलते हैं, जिसमें नॉर्दर्न आयरलैंड और रिपब्लिक ऑफ आयरलैंड दोनों हैं। ऐसे में उनके खेलने पर भी संशय है और सवाल यह उठता है कि क्या इन खिलाड़ियों को खेलने के लिए ग्रेट ब्रिटेन क्रिकेट या ओलंपिक एसोसिएशन मान्यता देगा? 

कौन से आयरिश खिलाड़ी हो सकते हैं पात्र

नॉर्दर्न आयरलैंड से जुड़े कुछ खिलाड़ी ऐसे हैं जो ओलंपिक में ग्रेट ब्रिटेन के लिए खेलने के पात्र हो सकते हैं। इनमें पॉल स्टर्लिंग (आयरलैंड के व्हाइट-बॉल कप्तान), मार्क अडायर,  एंडी मैकब्राइन और एमी हंटर (आयरलैंड महिला टीम की विकेटकीपर) शामिल हैं। ये खिलाड़ी नॉर्दर्न आयरलैंड से जुड़े होने के कारण संभावित रूप से ग्रेट ब्रिटेन टीम के लिए पात्र हो सकते हैं। हालांकि, संभावनाएं बेहद कम हैं।

आधिकारिक मान्यता अभी बाकी

आने वाले महीनों में ग्रेट ब्रिटेन क्रिकेट को औपचारिक रूप से बनाया जाएगा। इसके बाद इसे तीन संस्थाओं से मान्यता लेनी होगी। इनमें आईसीसी, ब्रिटिश ओलंपिक एसोसिएशन और नेशनल ओलंपिक कमेटी शामिल हैं। ईसीबी के मुताबिक, आईसीसी के साथ सैद्धांतिक रूप में सहमति पहले ही बन चुकी है। इंग्लैंड के नए व्हाइट-बॉल कप्तान हैरी ब्रूक ने कहा कि ओलंपिक में खेलना और गोल्ड मेडल जीतना शानदार होगा, लेकिन 2028 अभी काफी दूर है, इसलिए फिलहाल वह इस बारे में ज्यादा नहीं सोच रहे हैं। सीधे शब्दों में कहा जाए तो ओलंपिक में इंग्लैंड अलग टीम के रूप में नहीं खेलेगा। अगर क्वालिफाई करता है तो ग्रेट ब्रिटेन टीम बनेगी, जिसमें इंग्लैंड, स्कॉटलैंड और संभवतः नॉर्दर्न आयरलैंड के खिलाड़ी शामिल होंगे।

वेस्टइंडीज और अमेरिका से जुड़ी चुनौतियां

ओलंपिक क्रिकेट में कुछ और जटिलताएं भी सामने आ सकती हैं। वेस्टइंडीज टीम कई अलग-अलग कैरेबियाई देशों से मिलकर बनी है, जबकि ओलंपिक में संयुक्त टीमों की अनुमति नहीं होती। इसलिए कैरेबियन देशों को अलग-अलग क्वालिफिकेशन प्रक्रिया से गुजरना पड़ सकता है, जो कि संभव नहीं होगा, क्योंकि फिर उन्हें आईसीसी से भी मान्यता लेनी होगी और यह एक बहुत लंबी प्रक्रिया है। वेस्टइंडीज संयुक्त टीम है और अलग-अलग देश के क्रिकेट में आने पर वेस्टइंडीज क्रिकेट पर असर पड़ सकता है। वहीं अमेरिका मेजबान होने के कारण सीधे क्वालिफाई कर सकता है, लेकिन टीम के कई खिलाड़ी अभी अमेरिकी नागरिक नहीं हैं। ऐसे में पात्रता नियम भी एक मुद्दा बन सकते हैं।

पाकिस्तान के लिए मुश्किल चुनौती

पाकिस्तान, जो कभी टी20 की सबसे मजबूत टीमों में गिनी जाती थी, फिलहाल न तो आईसीसी टी20 रैंकिंग में शीर्ष पांच में है और न ही भारत के टी20 विश्वकप जीतने के बाद महाद्वीपीय प्रतिनिधित्व के लिए पसंदीदा मानी जा रही है। ऐसे में ओलंपिक में उसकी एंट्री केवल किसी ग्लोबल क्वालिफायर में शानदार प्रदर्शन पर निर्भर करेगी।

भविष्य में बढ़ सकती हैं टीमों की संख्या

आईसीसी को उम्मीद है कि आने वाले ओलंपिक में क्रिकेट टीमों की संख्या बढ़ाई जा सकती है। 2032 ब्रिस्बेन ओलंपिक और 2036 ओलंपिक तक यह संख्या आठ या 10 या उससे अधिक भी हो सकती है। अगर ऐसा होता है तो क्रिकेट की वैश्विक लोकप्रियता को बड़ा फायदा मिलेगा। लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 में क्रिकेट की वापसी ऐतिहासिक होगी, लेकिन सीमित टीमों और जटिल क्वालिफिकेशन प्रणाली के कारण कई दिलचस्प स्थितियां पैदा हो सकती हैं। सबसे खास बात यह है कि इंग्लैंड अपने नाम से नहीं बल्कि ग्रेट ब्रिटेन के रूप में खेलेगा। वहीं आयरलैंड, वेस्टइंडीज और अमेरिका से जुड़े नियम भी इस टूर्नामेंट को और दिलचस्प बना सकते हैं।

लिफ्ट के दरवाजे में फंसा मासूम का हाथ, लोगों ने सूझबूझ से किया रेस्क्यू

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महाराष्ट्र। लिफ्ट में छोटे बच्चों के साथ जरा-सी लापरवाही कितनी खतरनाक हो सकती है, इसका एक मामला पुणे के दिघी इलाके में सामने आया है। यहां एक मासूम बच्ची का हाथ लिफ्ट के दरवाजे में फंस गया। हालांकि समय रहते उसका हाथ सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जानकारी के मुताबिक, एक महिला अपनी कुछ महीने की बच्ची को लेकर लिफ्ट में जा रही थी। लिफ्ट में उनके साथ कुछ अन्य लोग भी मौजूद थे। इसी दौरान लिफ्ट का दरवाजा बंद होने लगा और बच्ची ने दरवाजे पर अपना हाथ रख दिया। जब लिफ्ट तय मंजिल पर पहुंची और दरवाजा खुलने के बाद दोबारा बंद होने लगा, तभी बच्ची का हाथ दरवाजे में फंस गया। यह देखते ही लिफ्ट में मौजूद लोग घबरा गए। सभी ने मिलकर बच्ची का हाथ निकालने की कोशिश की, लेकिन शुरुआत में हाथ आसानी से बाहर नहीं निकल पाया।

कुछ मिनटों की मशक्कत के बाद आखिरकार बच्ची का हाथ सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इसके बाद वहां मौजूद सभी लोगों ने राहत की सांस ली। पूरी घटना वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। गनीमत रही कि इस हादसे में बच्ची को कोई गंभीर चोट नहीं आई। हालांकि कुछ मिनटों के लिए यह घटना वहां मौजूद सभी लोगों के लिए बेहद डरावनी बन गई थी। इस घटना के बाद लोगों ने अपील की है कि लिफ्ट का इस्तेमाल करते समय खासकर छोटे बच्चों के साथ विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। बच्चों को लिफ्ट के दरवाजों, बटन और किनारों से दूर रखना जरूरी है, क्योंकि थोड़ी-सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। अगर चाहें तो मैं इसे और ज्यादा टीवी न्यूज़ स्टाइल, एंकर कॉपी या 30-40 सेकंड की VO स्क्रिप्ट में भी बना सकता हूँ।

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PAK vs BAN मुकाबले के दौरान पाकिस्तान को बड़ा झटका, हुसैन तलत गंभीर रूप से घायल

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पाकिस्तान और बांग्लादेश के बीच दूसरा वनडे मुकाबला शेर-ए-बांग्ला क्रिकेट स्टेडियम में खेला गया। पाकिस्तान के ऑलराउंडर हुसैन तलत फील्डिंग करते हुए बुरी तरह चोटिल हो गए। हुसैन तलत को कंधे में चोट लगी, जिसके कारण उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया। हुसैन तलत को यह चोट मैच की दूसरी पारी के छठे ओवर में लगी, जब लिटन दास ने मोहम्मद वसीम की गेंद पर ऑफ साइड की तरफ शॉट मारा और तलत गेंद को रोकने के लिए कवर बाउंड्री की तरफ दौड़े 

स्ट्रेचर के द्वारा मैदान से ले जाया गया बाहर

गेंद बाउंड्री के पास पहुंचने पर तलत ने गेंद को पीछे की तरफ फेंकने का प्रयास किया, लेकिन गेंद को छूते ही उनका पैर बाउंड्री पर लगे फोम पर पड़ गया। इसके बाद वह लड़खड़ाते हुए विज्ञापन वाले होर्डिंग्स से जा टकराए और अपने बाएं कंधे के बल जमीन पर गिर पड़े। वहां मौजूद मैदानकर्मी तुरंत तलत की तरफ दौड़े, जिसके बाद उन्हें पास खड़ी एम्बुलेंस तक ले जाने के लिए एक स्ट्रेचर लाया गया।

पीसीबी ने चोट पर दिया अपडेट

पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने हुसैन तलत की चोट को लेकर एक बयान जारी किया है। उन्होंने बताया, हुसैन तलत को मैदान पर ही टीम के मेडिकल स्टाफ से तुरंत सहायता मिली। शुरुआती आकलन के बाद, उन्हें विस्तृत जांच के लिए अस्पताल ले जाया गया है। चोट की प्रकृति और गंभीरता का पता डॉक्टरों द्वारा आगे की मेडिकल जांच पूरी करने के बाद चलेगा।

पाकिस्तान ने जीता दूसरा वनडे

तलत बल्ले से कुछ खास कमाल नहीं दिखा सके और वह 13 गेंदों का सामना करने के बाद सिर्फ नौ रन बनाकर आउट हुए। टॉस गंवाने के बाद पहले बल्लेबाजी करते हुए पाकिस्तान की पूरी टीम 274 रन बनाकर ऑलआउट हुई। बारिश की वजह से बांग्लादेश को डीएलएस नियम के तहत 32 ओवर में 243 रन का संशोधित लक्ष्य दिया गया था। बांग्लादेश 114 रन पर सिमट गई और 128 रन के बड़े अंतर से मैच हार गई। पाकिस्तान की ओर से माज सदाकत ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 46 गेंदों में 75 रनों की दमदार पारी खेली। वहीं, सलमान आगा ने 62 गेंदों में 64 रनों का योगदान दिया। मोहम्मद रिजवान 59 गेंदों का सामना करने के बाद 44 रन बनाकर आउट हुए। हालांकि, अब्दुल समद, फहीम अशरफ और शमिल हुसैन बल्ले से कुछ खास कमाल नहीं दिखा सके। गेंदबाजी में बांग्लादेश की तरफ से रिशाद हुसैन ने 56 रन देकर तीन विकेट चटकाए, जबकि मेहदी हसन मिराज ने दो विकेट अपने नाम किए।

भारत ने ईरानी युद्धपोत के 100 से अधिक नाविकों को वापस भेजा, अमेरिका से मिली पनाह के बाद

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अमेरिका। से तनाव के बीच इस महीने की शुरुआत में कोच्चि पहुंचे एक ईरानी युद्धपोत के चालक दल के 100 अधिक गैर-जरूरी नाविकों को उनके देश वापस भेद दिया गया है। हालांकि, यह युद्धपोत अभी भी दक्षिणी बंदरगाह कोच्चि पर ठहरा हुआ है। इस घटनाक्रम से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि इन नाविकों को मानवीय आधार पर भारत की मदद से शुक्रवार देर रात तुर्किये की एयरलाइंस की उड़ान से वापस भेजा गया। 

ईरानी युद्धपोत को अमेरिकी पनडुब्बी ने बनाया था निशाना

बताया जा रहा है कि यह युद्धपोत (आईआरआईएस लावन) कोलंबो में ठहरा था। इसी क्षेत्र में चार मार्च को श्रीलंका के तट के पास एक अमेरिकी पनडुब्बी ने दूसरे ईरानी युद्धपोत आईआरआईएस देना को डुबो दिया था। वापस भेजे गए नाविक ईरान की नौसेना के जहाज आईआरआईएस लावन के चालक दल के सदस्य थे। यह जहाज उसी दिन कोच्चि बंदरगाह पहुंचा था, जिस दिन हिंद महासागर में नौसैनिक टकराव की घटना सामने आई थी। 

आईआरआईएस में कितने नाविक हैं?

सूत्रों के मुताबिक, इस जहाज पर शुरुआत में कुल 183 लोग मौजूद थे। गैर-जरूरी नाविकों के चले जाने के बाद अब लगभग 50 नाविक ही जहाज पर बचे हैं, जो संचालन और रखरखाव से जुड़े काम संभाल रहे हैं। भारतीय अधिकारी तेहरान और वॉशिंगटन के बीच तेजी से बिगड़ती स्थिति को देखते हुए जहाज के कोच्चि पहुंचने के बाद से स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। अधिकारियों ने संकेत दिया कि कोच्चि में ईरानी युद्धपोत की मौजूदगी को सावधानी के साथ संभाला जा रहा है। साथ ही समुद्री नियमों और कूटनीतिक संवेदनशीलता का भी पूरा ध्यान रखा जा रहा है। जहाज पर मौजूद बाकी सदस्य अभी भी वहीं रह रहे हैं। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हुआ कि यह युद्धपोत भारतीय समुद्री क्षेत्र से कब रवाना होगा। समुद्री और सुरक्षा एजेंसियां इस पूरे मामले और क्षेत्र की स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए हैं।

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News Desk

IPL 2026 से पहले दिनेश कार्तिक का बड़ा बयान, विराट नहीं इस खिलाड़ी को बनाया RCB का कप्तान

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इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2026 के पहले आरसीबी के बल्लेबाजी कोच दिनेश कार्तिक ने अपनी पसंदीदा ‘आरसीबी की ऑल-टाइम इलेवन’ चुना है. कार्तिक की इस टीम में साल 2025 की ऐतिहासिक खिताबी जीत का असर साफ नजर आया, जहां उन्होंने पुराने दिग्गजों की तुलना में मौजूदा चैंपियन खिलाड़ियों को अपनी टीम में जगह दी है. इस टीम का सबसे चौंकाने वाला फैसला कप्तानी को लेकर लिया है. कार्तिक ने अपनी टीम का कप्तान विराट कोहली को नहीं, बल्कि रजत पाटीदार को बनाया है. उन्होंने क्रिकबज पर कहा, ‘विराट कोहली ने कई सीजन तक टीम का नेतृत्व किया और सफल भी रहे, लेकिन रजत पाटीदार मेरे कप्तान होंगे. वे आरसीबी के सबसे सफल कप्तान हैं (खिताब जीतने के नाते) और बतौर बल्लेबाज उन्होंने बहुत कम समय में जो प्रभाव छोड़ा है, वो असाधारण है|’

गेल-डु प्लेसिस को ओपनर, तो नंबर-3 पर विराट

दिनेश कार्तिक ने बल्लेबाजी में क्रिस गेल और फाफ डु प्लेसिस को बतौर ओपनर चुना है. इसका मतलब है कि आईपीएल में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले विराट कोहली को ओपनिंग स्लॉट से हटाकर नंबर 3 पर रखा है. नंबर 4 पर कप्तान रजत  पाटीदार और नंबर 5 पर आरसीबी के लेजेंड एबी डिविलियर्स को जगह दी गई है|

नंबर-6 पर जितेश शर्मा और नंबर-7 पर क्रुणाल पंड्या को रखा

कार्तिक ने नंबर-6 पर जितेश शर्मा को बतौर विकेटकीपर चुना है, जिन्होंने आरसीबी के लिए महज एक सीजन खेला है, जबकि नंबर-7 पर ऑलराउंडर क्रुणाल पांड्या को रखा है. क्रुणाल के बारे में कार्तिक ने कहा, ‘अगर आज आरसीबी के पास ट्रॉफी है, तो उसका बड़ा श्रेय फाइनल में क्रुणाल की गेंदबाजी और सीएसके के खिलाफ उनके मैच जिताऊ प्रदर्शन को जाता है|’

गेंदबाजी आक्रमण का कमान सिराज और चहल की के हाथ

दिनेश ने गेंदबाजी में हर्षल पटेल और युजवेंद्र चहल को उनके पुराने रिकॉर्ड्स के आधार पर चुना है. तेज गेंदबाजी में मोहम्मद सिराज को जगह दी गई है, तो नंबर-11 के रूप में जोश हेजलवुड ने टीम में जगह बनाई है, जिन्होंने आईपीएल 2025 की जीत में अहम भूमिका निभाई थी.दिनेश कार्तिक की ऑल-टाइम आरसीबी 11: क्रिस गेल, फाफ डु प्लेसिस, विराट कोहली, रजत पाटीदार (कप्तान), एबी डिविलियर्स, जितेश शर्मा (विकेटकीपर), क्रुणाल पांड्या, हर्षल पटेल, मोहम्मद सिराज, युजवेंद्र चहल, जोश हेजलवुड |