पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान, मतदान 9, 23 और 29 अप्रैल को

#LatestNews #BreakingNews #NewsUpdate #IndiaNews #HindiNews

जानें पश्चिम बंगाल में कब हैं चुनाव 

असम, केरल और पुडुचेरी में 9 अप्रैल को वोटिंग तो तमिलनाडु में 23 अप्रैल  

नई दिल्ली। भारत निर्वाचन आयोग ने रविवार को पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा कर दी। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि असम, केरला, पुडुचेरी, तमिलनाडु और वेस्ट बंगाल में विधानसभा चुनाव अप्रैल में होंगे, जबकि मतगणना 4 मई 2026 को की जाएगी। 
चुनाव आयोग द्वारा घोषित चुनाव कार्यक्रम के अनुसार असम, केरल और पुडुचेरी में 9 अप्रैल को एक ही चरण में मतदान होगा, जबकि तमिलनाडु में 23 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे। वहीं पश्चिम बंगाल में चुनाव दो चरणों में संपन्न होंगे, पहला चरण 23 अप्रैल को जबकि दूसरा चरण 29 अप्रैल को आयोजित किया जाएगा। सभी राज्यों के चुनाव परिणाम 4 मई को घोषित किए जाएंगे। 
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बताया कि इन पांच राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश में कुल 17.4 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का उपयोग करेंगे। चुनाव के लिए लगभग 2.19 लाख मतदान केंद्र बनाए गए हैं और करीब 25 लाख ईवीएम मशीनों के जरिए कुल 824 विधानसभा सीटों पर मतदान कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि चुनाव की तैयारियों की समीक्षा के लिए निर्वाचन आयोग ने हाल ही में सभी चुनावी राज्यों का दौरा किया था। इस दौरान आयोग ने विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों, जिला निर्वाचन अधिकारियों, पुलिस अधिकारियों और प्रवर्तन एजेंसियों के नोडल अधिकारियों से मुलाकात कर सुझाव लिए। इसके अलावा संबंधित राज्यों के मुख्य सचिवों, पुलिस महानिदेशकों और मुख्य निर्वाचन अधिकारियों के साथ भी बैठकें आयोजित की गईं। 

फेक और गलत सूचना रोकने विशेष इंतेजाम  
चुनाव आयोग ने इस बार सोशल मीडिया पर फेक न्यूज और गलत सूचना को रोकने के लिए भी विशेष दिशानिर्देश जारी किए हैं। आयोग का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाए रखने के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे। 

आदर्श आचार संहिता लागू 
चुनाव की घोषणा के साथ ही इन राज्यों में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। इसके तहत सरकारें नई योजनाओं की घोषणा या बड़े विकास कार्यों की शुरुआत नहीं कर सकेंगी। राजनीतिक दृष्टि से यह चुनाव काफी अहम माने जा रहे हैं। वर्तमान में पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस की सरकार है, तमिलनाडु में दृविण मुनेत्रकणहम, केरल में लेफ्ट डेमो्क्रेटिक फ्रंट, असम में भारतीय जनता पार्टी और पुडुचेरी में आल इंडिया एनआर कॉंग्रेस-भाजपा गठबंधन सत्ता में है। 

हरीश राणा की इच्छामृत्यु प्रक्रिया शुरू, AIIMS में बनाई गई विशेष चिकित्सक टीम

#LatestNews #BreakingNews #NewsUpdate #IndiaNews #HindiNews

गाजियाबाद: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद का एक परिवार अपने कलेजे के टुकड़े को खुद से दूर जाता देख रहा है। ऐसी बीमारी जिसने बेटे को बेड पर ऐसा पटका, फिर उठ न पाया। 13 सालों से पेड़ की तरह यानी वेजिटेटिव अवस्था में पड़े बेटे को देखकर एक मां का दिल भी डूब गया। बूढ़ी होती हडि्डयों में बेटे को उठाने की क्षमता नहीं बची। देखभाल करने की ताकत कम पड़ने लगी, ऐसी स्थिति में कोर्ट जाना पड़ा। जिस बेटे को नौ महीने कोख में पाला। 19 सालों तक सामने बड़ा होते देखा। उसके बचपन से लेकर किशोरावस्था और फिर युवा होने तक की सारी बातें अब उस मां की आंखों के आगे तैर रही हैं। क्योंकि, अब वह बेटा जो घर के एक बेड पर पेड़ बना पड़ा था, नहीं है। एम्स में भर्ती कराया गया है। हम बात कर रहे हैं गाजियाबाद के राजनगर एक्सटेंशन निवासी हरीश राणा की। अशोक राणा और निर्मला राणा का जीवन 13 सालों से जिस बेटे के आगे-पीछे घूमता रहा, अब वह घर में नहीं है। हरीश की इच्छामृत्यु याचिका पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद प्रक्रिया को पूरी कराने के लिए। मां भावुक है। बचपन की यादें आंखों में तैरती है तो आंसुओं की धार फूट पड़ती है। सिसकियां एक जवान बेटे के बेड पर पड़े लाचार बनने की बात करते हुए फूट जाती है।

घर में प्यारा था हरीश

हरीश राणा में घर में प्यारा था। बड़ा था तो शैतानी भी करता था। मम्मी डांटने लगती तो घर के कोने में छिप जाता था। फिर चुपचाप आता। मां के गले लग जाता। उसके चेहरे को सहलाने लगता। मां उन क्षणों को याद करते हुए भावुक होती हैं। कहती हैं कि हमारा पहला बच्चा था। सबसे अधिक लाड़-प्यार उसे ही मिला। मां कहती हैं कि वर्षों से बिस्तर पर लेटा है। शरीर पर जगह-जगह घाव हो गया है। हम रोज उसकी सफाई करते थे। छोटे बच्चे की तरह। बचपन में जैसे करते थे। अब उसकी तकलीफ नहीं देखी जाती। इसलिए, हमने कड़े दिल से उसे जाने की इजाजत दे दी। भगवान से प्रार्थना है कि मेरे बेटे को इस पीड़ा से मुक्ति दे दें।

1993 में हुआ था जन्म

हरीश का जन्म 12 सितंबर 1993 को दिल्ली में हुआ था। निर्मला देवी बताती हैं कि बेटे के पैदा होने पर घर खुशियों से गूंज उठा था। घर में गीत गाए थे। वह कभी जिद्दी नहीं रहा। समझाने पर समझ जाता था। वह हंसमुख स्वाभाव का था। खुद हंसता और दूसरों को भी हंसाता रहता था। दिल्ली से 12वीं करने के बाद अपने सिविल इंजीनियरिंग के सपने को पूरा करने चंडीगढ़ गया था।मां कहती हैं कि 21 अगस्त 2013 का दिन मेरी दुनिया को उजाड़ने वाला दिन था। बेटे के पीजी की चौथी मंजिल से गिरने की खबर मिली। डॉक्टरों ने कहा कि ठीक नहीं हो सकता है। हमारा दिल नहीं माना। हमने हर जगह इलाज कराया। व्रत, पूजा-पाठ से लेकर तमाम जतन किए, लेकिन बेटा ठीक नहीं हो सका।

मौत मांगना आसान नहीं

13 साल से जिंदगी-मौत से जूझ बेटे की देखभाल में जुटे परिवार ने काफी संघर्ष किया। इलाज में पैसे बहाए, लेकिन उम्मीद टूटती रही। आखिरकार, मां-बाप ने इच्छा मृत्यु के लिए अर्जी दायर की। हरीश के इलाज पर हर महीने करीब 70 हजार रुपये तक का खर्च आता था। इलाज में पुरखों का घर और जमीन सब बिक गई। दिल्ली स्थित तीन मंजिला मकान तक बिक गया। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद पिता अशोक राणा ने कहा था कि अपनी औलाद को ऐसे पल-पल तड़पते देखना बहुत मुश्किल होता है।

एम्स में शुरू हुई प्रक्रिया

एम्स में भर्ती कराए जाने के बाद हरीश राणा की इच्छामृत्यु की प्रक्रिया को शुरू कराया गया है। एम्स प्रबंधन ने आंकोएनेस्थीसिया और पैलिएटिव केयर के विशेषज्ञ डॉक्टर के नेतृत्व में एक कमिटी बनाई है। इसमें अलग-अलग कई विभागों के डॉक्टर भी शामिल हैं। इस कमिटी की देखरेख में हरीश के स्वास्थ्य की देखभाल और सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर अमल होगा। सीनियर डॉक्टर के अनुसार, पैलिएटिव केयर वार्ड में छह बेड की सुविधा है। हरीश के स्वास्थ्य का मूल्यांकन शुरू कर दिया गया है। डॉक्टर आगे की प्रक्रिया निर्धारित करेंगे।

डॉक्टर के मुताबिक, हरीश के गले में एक ट्यूब डली है। इसके माध्यम से वह सांस लेते हैं। 13 वर्ष पहले वेंटिलेटर सपोर्ट दिए जाने के दौरान यह ट्यूब डाली गई थी। इसके बाद से ही यह ट्यूब लगी हुई है। सांस लेने के लिए किसी तरह का कृत्रिम सपोर्ट नहीं दिया गया है। वह खुद से सांस ले पा रहे हैं। पेट में लगी ट्यूब के माध्यम से उन्हें पोषण दिया जाता है। साथ ही, उन्हें कैथेटर लगाया गया है। सुप्रीम कोर्ट के 11 मार्च के पैसिव यूथेनेशिया की अनुमति के तहत हरीश के जीवन रक्षक उपकरणों को चरणबद्ध तरीके से हटाया जाएगा।

एम्स में डॉक्टर और नर्सिंग कर्मचारी हरीश राणा की देखभाल कर रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि अस्पताल में उनका पैलिएटिव केयर होगा। जीवन बचाने के लिए कोई एक्टिव इलाज या वेंटिलेटर सपोर्ट उन्हें नहीं दिया जाएगा। पैलिएटिव केयर में मरीज को दर्द या किसी तरह की पीड़ा होने पर उससे राहत देना होता है। ऐसे में हरीश के कई दिनों तक एम्स में एडमिट रहने की उम्मीद की जा रही है।

ईरान से बातचीत के फैसले पर थरूर ने जताया समर्थन, बोले- राष्ट्रीय सुरक्षा प्राथमिकता

#LatestराजनीतिNews #राजनीतिNews #राजनीतिUpdate #राजनीतिNews #BollywoodHindiNews

नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद शशि थरूर (Shashi Tharoor) ने पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच ईरान के साथ बातचीत करने के भारत सरकार के फैसले का समर्थन (Government Support) किया है। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात में भारत चुपचाप नहीं बैठ सकता और नई दिल्ली को शांति के लिए सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। यह बयान ऐसे समय में आया है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार देर रात ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian से फोन पर बातचीत की। पश्चिम एशिया में संघर्ष शुरू होने के बाद दोनों नेताओं के बीच यह पहली सीधी बातचीत थी।

‘भारत को शांति की नई आवाज बनना चाहिए’

संसद परिसर में मीडिया से बात करते हुए थरूर ने कहा कि भारत की यह पहल सकारात्मक कदम है। उन्होंने कहा, “मुझे खुशी है कि भारत शांति की दिशा में पहल कर रहा है। ऐसे तनावपूर्ण समय में हमें सक्रिय रहना चाहिए। हम इस युद्ध को चुपचाप बैठकर नहीं देख सकते।”

दोनों पक्षों की गलती बताई

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में युद्ध को लेकर प्रस्ताव और वैश्विक प्रतिक्रिया पर बोलते हुए थरूर ने कहा कि इस संघर्ष में दोनों पक्षों की गलतियां हैं। उनके अनुसार अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किया गया शुरुआती हमला सही नहीं था।उन्होंने कहा कि जब बातचीत की प्रक्रिया चल रही थी, उस समय आत्मरक्षा के नाम पर हमला करना उचित नहीं ठहराया जा सकता। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि ईरान द्वारा उन देशों पर हमला करना, जो सीधे युद्ध में शामिल नहीं हैं, वह भी गलत है।

भारत के हित जुड़े हैं पश्चिम एशिया से

थरूर ने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष का असर भारत के कई महत्वपूर्ण हितों पर पड़ सकता है। ऊर्जा आपूर्ति से लेकर खाड़ी देशों में काम कर रहे भारतीयों तक, कई मामलों में भारत इस क्षेत्र से जुड़ा हुआ है।
उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump के बयानों से संकेत मिलता है कि यह संघर्ष जल्द खत्म होने वाला नहीं है, इसलिए भारत को शांति स्थापित करने के प्रयासों में भूमिका निभानी चाहिए।

ऊर्जा संकट की आशंका

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच वैश्विक ऊर्जा संकट की आशंका भी गहराती जा रही है। ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों को रोकने के संकेत दिए जाने के बाद कई देशों को तेल और गैस के वैकल्पिक स्रोत तलाशने पड़ रहे हैं।

हालांकि भारत सरकार का कहना है कि देश में ऊर्जा संसाधनों की पर्याप्त उपलब्धता है। इसके साथ ही सरकार वैकल्पिक आपूर्ति के विकल्पों पर भी लगातार काम कर रही है।

तेल, गैस के बाद अब भारत की इंटरनेट व्यवस्था को चोट पहुंच सकता हैं मिडिल ईस्ट में जारी तनाव 

#LatestNews #BreakingNews #NewsUpdate #IndiaNews #HindiNews

नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में लगातार बढ़ते तनाव के बीच में एक नया खतरा सामने दिख रहा है, जिसका बहुत बड़ा असर भारत पर पड़ सकता है। दरअसल, तनाव का असर दुनिया की इंटरनेट व्यवस्था को भी पड़ सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ इलाके में संघर्ष बढ़ता है, तब उस इलाके के समुद्र के नीचे बिछी फाइबर-ऑप्टिक्स केबल्स को नुकसान पहुंच सकता है। ये वहीं केबल्स हैं, जिससे दुनिया का ज्यादातर इंटरनेट डेटा गुजरता है।
बात दें कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में से एक है। इस रास्ते से बड़ी मात्रा में तेल गुजरता है, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि समुद्र की सतह के नीचे यहां से कई महत्वपूर्ण इंटरनेट केबल्स भी गुजरती हैं। ये केबल्स एशिया, पश्चिम एशिया और यूरोप को डिजिटल रूप से जोड़ती हैं। एक के अनुसार भारत से यूरोप को जोड़ने वाली कई बड़ी केबल्स इसी क्षेत्र से होकर गुजरती हैं। इसलिए यह इलाका भारत के लिए भी डिजिटल कनेक्टिविटी का बेहद अहम कॉरिडोर माना जाता है। 
इंटरनेट कनेक्टिविटी को मजबूत बनाने के लिए दुनिया की बड़ी टेक कंपनियां और टेलीकॉम ऑपरेटर लगातार नए अंडरसी केबल नेटवर्क में निवेश कर रहे हैं। हाल ही में गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने नई दिल्ली की यात्रा के दौरान इंडिया-अमेरिका कनेक्ट प्रोजेक्ट की घोषणा की। इसका मकसद भारत को वैश्विक डिजिटल नेटवर्क से और मजबूत तरीके से जोड़ना है। 
रिपोर्ट के मुताबिक भारत का लगभग एक-तिहाई पश्चिम दिशा की इंटरनेट ट्रैफिक इन्हीं केबल्स के जरिए गुजरती है।  इसका मतलब अगर इस क्षेत्र में कोई बड़ी रुकावट आती है, तब भारत और यूरोप के बीच डेटा ट्रांसमिशन प्रभावित हो सकता है। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक इंटरनेट नेटवर्क में बैकअप सिस्टम भी मौजूद हैं। 
इस पूरे मामले से जुड़े एक जानकार ने कहा, समुद्री केबल्स में रेडंडेंसी होती है। अगर एक केबल कट भी जाए, तब डेटा दूसरे रास्तों से भेजा जा सकता है, लेकिन अगर कई केबल्स एक साथ प्रभावित हो जाएं, तब बाकी रूट्स पर ज्यादा लोड पड़ जाएगा। इसके बाद इंटरनेट की स्पीड स्लो हो सकती है और सर्विस में दिक्कतें आ सकती हैं। 
उन्होंने कहा कि इसका असर तुरंत दिखाई नहीं देगा। दुनिया भर में इंटरनेट सर्वर रिजर्व में रखे जाते हैं। भारत के पास भी इसतरह के सिस्टम हैं। इस कारण कम से कम एक हफ्ते तक बड़ा असर देखने को नहीं मिलेगा। इसके अलावा अटलांटिक महासागर से आने वाले केबल्स भी विकल्प के रूप में मौजूद हैं। 
एक अन्य जानकार ने कहा कि, अभी तक इंटरनेट कनेक्टिविटी पर कोई असर नहीं पड़ा है, लेकिन अगर केबल्स काट दी गईं या टेलीकॉम और पावर इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमला हुआ, तब स्थिति गंभीर हो सकती है। विशेषज्ञों के मुताबिक भारत का अंतरराष्ट्रीय इंटरनेट ट्रैफिक मुख्य रूप से दो बड़े गेटवे से बाहर जाता है। एक मुंबई में और दूसरा चेन्नई में। मुंबई के रास्ते जाने वाला डेटा अरब सागर और खाड़ी क्षेत्र से होकर यूरोप तक पहुंचता है, इसलिए इस इलाके में किसी भी तरह की गड़बड़ी भारत के डिजिटल नेटवर्क को प्रभावित कर सकती है।
साइबर सिक्योरिटी विशेषज्ञ ने बताया कि दुनिया का इंटरनेट सैटेलाइट्स से नहीं बल्कि समुद्र के नीचे बिछी केबल्स से चलता है। उन्होंने कहा, दुनिया के 99 प्रतिशत से ज्यादा डेटा अंडरसी फाइबर-ऑप्टिक केबल्स से गुजरता है। यही डिजिटल अर्थव्यवस्था की असली रीढ़ हैं। साइबर सिक्योरिटी विशेषज्ञ के मुताबिक रेड सी और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ के आसपास का इलाका आज दुनिया का अहम डिजिटल हाईवे बन चुका है। अगर यहां कोई रुकावट आती है, तब इंटरनेट सर्विसेज़ स्लो हो सकती हैं और ग्लोबल कनेक्टिविटी प्रभावित हो सकती है। उन्होंने चेतावनी दी कि युद्ध की स्थिति में ये केबल्स बेहद असुरक्षित हो जाती हैं। उनके मुताबिक, अब दुनिया एक नए सीबेड इंफ्रास्ट्रक्चर वॉर की तरफ बढ़ रही है। जैसे तेल पाइपलाइन और समुद्री रास्ते रणनीतिक संपत्ति माने जाते हैं, वैसे ही अब इंटरनेट केबल्स भी वैश्विक शक्ति संतुलन का अहम हिस्सा बन गए हैं।

Previous articleसीएम मोहन यादव ने कटनी को 243 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात दी
Next articleसीमा पर पाक आतंकवादियों की फजीहत, सुरक्षा बलों ने की कामयाब कार्रवाई
News Desk

‘कांग्रेस गरीबों की पार्टी, नेता अमीर’, BJP पर भी निशाना

#LatestराजनीतिNews #राजनीतिNews #राजनीतिUpdate #राजनीतिNews #BollywoodHindiNews

लखनऊ। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष (Leader of Opposition in Lok Sabha) और कांग्रेस सांसद (Rahul Gandhi) ने लखनऊ में आयोजित संविधान सम्मेलन (constitutional convention) में अपनी ही पार्टी को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस एक गरीबों की पार्टी है, लेकिन उसके कई बड़े नेता अमीर हैं।राहुल गांधी ने कहा, “कांग्रेस गरीब पार्टी है, लेकिन उसके जो बड़े-बड़े नेता हैं वे बहुत अमीर हैं। हम अमीर पार्टी बनना भी नहीं चाहते, क्योंकि जिस दिन कांग्रेस अमीर पार्टी बन जाएगी, वह भाजपा बन जाएगी।”उन्होंने कहा कि कांग्रेस का यह ढांचा Mahatma Gandhi के समय से ही तय किया गया था और पार्टी का उद्देश्य हमेशा गरीबों और वंचितों की आवाज बनना रहा है।

कांशीराम की जयंती पर सम्मेलन

लखनऊ में Kanshi Ram की जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में राहुल गांधी ने कांग्रेस की कमियों पर भी खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि पार्टी की कुछ कमजोरियों के कारण ही बहुजन आंदोलन को ताकत मिली और कांशीराम राजनीति में बड़ी सफलता हासिल कर पाए।

उनका कहना था कि अगर कांग्रेस ने सामाजिक बदलाव की दिशा में तेज़ी से काम किया होता, तो शायद कांशीराम को इतनी बड़ी राजनीतिक सफलता नहीं मिलती।

केवल इच्छा से नहीं होता बदलाव

कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि राजनीति में केवल चाहने से कुछ नहीं होता। बदलाव के लिए विचारों के लिए संघर्ष करना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि जब तक लोग यह तय नहीं करेंगे कि अन्याय को स्वीकार नहीं करना है और उसके खिलाफ खड़ा होना है, तब तक समाज में बदलाव संभव नहीं है।

संविधान और मौजूदा सरकार पर टिप्पणी

संविधान पर बोलते हुए राहुल गांधी ने कहा कि भारत के संविधान में हजारों साल पुरानी सभ्यता की आवाज़ है और इसकी मूल भावना सामाजिक न्याय और बराबरी की है।
उन्होंने मौजूदा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि आज की सत्ता इस मूल भावना को स्वीकार नहीं करती।

अंबेडकर और कांशीराम के संघर्ष का जिक्र

अपने संबोधन में राहुल गांधी ने B. R. Ambedkar और कांशीराम के संघर्ष का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अंबेडकर ने शिक्षा और संगठन के जरिए समाज को नई दिशा दी, जबकि कांशीराम ने बिना समझौता किए अपने सिद्धांतों पर संघर्ष किया।

ऊर्जा नीति और सरकार पर आरोप

राहुल गांधी ने देश की ऊर्जा नीति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री Hardeep Singh Puri का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि अंतरराष्ट्रीय दबाव के कारण भारत की ऊर्जा नीतियों पर असर पड़ रहा है।

समाज में असमानता का मुद्दा

राहुल गांधी ने कहा कि देश का समाज आज 15 प्रतिशत और 85 प्रतिशत में बंट गया है, जहां संसाधनों और अवसरों का लाभ सीमित वर्ग तक ही पहुंच रहा है।

2027 चुनाव की तैयारी

कार्यक्रम के अंत में उन्होंने कहा कि राजनीति को बदलने का समय आ गया है और सबकी हिस्सेदारी वाली राजनीति ही देश को आगे ले जा सकती है।
गौरतलब है कि हालिया लोकसभा चुनाव में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के गठबंधन ने उत्तर प्रदेश में बेहतर प्रदर्शन किया था। अब यही गठबंधन 2027 के विधानसभा चुनाव में भी उसी सफलता को दोहराने की रणनीति पर काम कर रहा है।

 

सीमा पर पाक आतंकवादियों की फजीहत, सुरक्षा बलों ने की कामयाब कार्रवाई

#LatestNews #BreakingNews #NewsUpdate #IndiaNews #HindiNews

श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर के उरी सेक्टर में सेना को बड़ी सफलता मिली है. सेना ने घुसपैठ की कोशिश नाकाम कर दिया. इस दौरान हुई गोलीबारी में एक पाकिस्तानी आतंकवादी मारा गया. फिलहाल इलाके में सुरक्षा बलों का तलाशी अभियान जारी है. घटनास्थल से बड़ी मात्रा में हथियार और गोलाबारूद बरामद किए गए.

सेना ने रविवार को बताया कि उसने जम्मू-कश्मीर के उरी सेक्टर में नियंत्रण रेखा (LoC) के पास घुसपैठ की एक कोशिश को नाकाम कर दिया है, जिसमें एक पाकिस्तानी आतंकवादी मारा गया. सेना की श्रीनगर स्थित चिनार कोर ने अपने एक्स हैंडल पर पोस्ट किया, ‘घुसपैठ की कोशिश के बारे में जम्मू-कश्मीर पुलिस से मिली एक खास खुफिया जानकारी के आधार पर, 14-15 मार्च की दरमियानी रात को उरी सेक्टर के बुछार इलाके में एक संयुक्त अभियान शुरू किया गया.’

सेना ने बताया कि सैनिकों ने झाड़ियों में एक आतंकवादी की संदिग्ध हलचल देखी. सेना ने कहा, ‘घेराबंदी को फिर से व्यवस्थित किया गया और आतंकवादी को ललकारा गया, जिसके जवाब में आतंकवादी ने अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी. इस मुठभेड़ में एक पाकिस्तानी आतंकवादी मारा गया. मौके से एके राइफल, पिस्तौल और भारी मात्रा में गोला-बारूद सहित युद्धक सामग्री बरामद की गई है.’ आखिरी रिपोर्ट मिलने तक यह अभियान जारी था.

कांग्रेस पूर्ण रूप से रसातल में जाएगी

#LatestराजनीतिNews #राजनीतिNews #राजनीतिUpdate #राजनीतिNews #BollywoodHindiNews

भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (Chief Minister Dr. Mohan Yadav) ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) की कड़ी निंदा की है। मोहन यादव ने कहा कि ईरान-अमेरिका और ईरान युद्ध से वैश्विक हालात जिस प्रकार से है और पीएम मोदी द्वारा वैश्विक हालात हालात से निपटने के लिए कुशलता से प्रबंध किए जा रहे हैं।

पूरा देश इस वैश्विक हालात से जूझ रहा है। इस दौरान रसोई गैस को लेकर पीएम मोदी और केंद्र सरकार बहुत अच्छी तरह से प्रबंधन किया जा रहा है। इतनी चुनौती के बीच जहाज वहां से लाना और सुव्यवस्था स्थापित करना बहुत बड़ी बात है। लेकिन कांग्रेस के नेता जिस प्रकार षडयंत्र रच रहे हैं, जनता सब जानती है। इसी कारण से लगातार कांग्रेस सत्ता से दूर है। राहुल गांधी द्वारा गैर जवाबदारी पूर्ण व्यवहार किया जा रहा है। इसकी मैं कड़ी निंदा करता हूं।

राहुल गांधी के बयान की निंदा
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि इस वैश्विक हालात में कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री मोदी के प्रति की गई निम्न स्तरीय बयानबाजी घोर निंदनीय है। राष्ट्रीय स्तर पर और राज्य स्तर पर कांग्रेस पार्टी और उसके नेता हालात के मद्देनजर जनहित में अपनी जिम्मेदारी को समझें अन्यथा कांग्रेस पूर्ण रूप से रसातल में चली जाएगी।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने दिया था ये बयान
बता दें कि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला और आरोप लगाया कि पीएम मोदी ने अमेरिका के सामने ‘आत्मसमर्पण’ कर दिया है। राहुल गांधी ने कहा कि “नरेंद्र मोदी मानसिक रूप से खत्म हो चुके हैं। वह अब भारत के PM के तौर पर काम नहीं कर रहे हैं। वह अमेरिका के लिए काम कर रहे हैं।”

कांग्रेस नेता ने कहा, “नरेंद्र मोदी ने देश की ऊर्जा सुरक्षा से समझौता कर लिया है। अमेरिका यह तय कर रहा है कि हमें किससे तेल खरीदना चाहिए। ऊर्जा क्षेत्र में स्थिति और खराब होगी। उन्होंने कहा कि वह संसद में इस मुद्दे को उठाना चाहते थे, लेकिन उन्हें बोलने की इजाज़त नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि अमेरिका के साथ व्यापार समझौता देश के हित में नहीं था।

 

Previous articleमोनालिसा की शादी में PFI कनेक्शन, डायरेक्टर ने CM और PM से इंसाफ की अपील की
Next articleकोरबा-पश्चिम की मेजबानी में अंतरक्षेत्रीय कबड्डी प्रतियोगिता का आगाज
News Desk

मोनालिसा की शादी में PFI कनेक्शन, डायरेक्टर ने CM और PM से इंसाफ की अपील की

#LatestNews #BreakingNews #NewsUpdate #IndiaNews #HindiNews

नई दिल्ली: महाकुंभ (Mahakumbh) से लाइमलाइट में आईं मोनालिसा (Monalisa) की शादी को लेकर बड़ा बवाल मचा हुआ है. बीते दिन उन्होंने केरल में फरमान खान संग कोर्ट मैरिज की थी. मोनालिसा के इस फैसले से उनकी डेब्यू फिल्म के डायरेक्टर सनोज मिश्रा काफी गुस्से में है. डायरेक्टर ने इससे जुड़ा एक वीडियो अपने सोशल मीडिया हैंडल पर शेयर किया है.डायरेक्टर सनोज मिश्रा ने अपने सोशल मीडिया हैंडल इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया है. जिसमें उन्होंने मोनालिसा की शादी को लव जिहाद बताया है. डायरेक्टर ने वीडियो शेयर कर कैप्शन में लिखा, ‘मोनालिसा को बहकाकर जिस तरह भोले भाले बंजारों को धोखा देकर पीएफआई और कट्टरपंथी संगठनों ने केरल जाकर लव जिहाद किया है.’

‘मैं तमाशबीन नहीं बन सकता पिता जय सिंह के अनुसार लड़की नाबालिग है और झूठे कागज बनकर एक घंटे में विवाह का प्रमाणपत्र दे देना कट्टरपंथियों के मजबूत नेटवर्क को साबित करता है. मैं इन जिहादियों के षड्यंत्र को उजागर करने और बंजारा समुदाय को इंसाफ दिलाने की लड़ाई पर उनके गांव खरगोन जिले के महेश्वर के लिए आज 14 मार्च को निकल चुका हूं.’

अपने पोस्ट के अंत में डायरेक्टर ने मध्यप्रदेश के सीएम मोहन यादव, यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ, पीएम मोदी और गृहमंत्री अमित शाह से अपील भी की है. उन्होंने लिखा, ‘मुख्यमंत्री मोहन यादव जी से अपील है कि इस गरीब दलित समुदाय के साथ हुए अत्याचार को संज्ञान में लेकर तुरंत कानूनी कार्रवाई करने का आदेश जारी करें. साथ ही सभी सनातन धर्म गुरुओं संगठनों से अपील है कि सभी महेश्वर आकर बंजारा समुदाय को न्याय दिलाने में सहयोग करें.’

आखिर क्या है पूरा मामला?
गौरतलब है कि महाकुंभ 2025 के दौरान माला बेचने के दौरान मोनालिसा काफी वायरल हुई. इसके बाद सोशल मीडिया पर उसकी तुलना बड़ी-बड़ी एक्ट्रेसेस से की जाने लगी. इसके बाद डायरेक्टर सनोज मिश्रा ने उन्हें फिल्म ऑफर की. जिसका नाम ‘द डायरी ऑफ मणिपुर’ है. वहीं फिल्म रिलीज नहीं हुई है, एक गाने की शूटिंग अभी भी बची हुई लेकिन इस बीच मोनालिसा ने शादी कर ली और अब देखना होगा कि आगे क्या होता है. बता दें कि मोनालिसा ने अपने बॉयफ्रेंड फरमान खान संग केरल के तिरुवनंतपुरम के पास पूवर इलाके में अरुमानूर श्री नैनार देवा मंदिर में पारंपरिक हिंदू रीति-रिवाज से शादी की है.

 

Previous articleछतरपुर में दलित परिवार पर दबंगों का क्रूर हमला, मां-बेटी भी हुईं घायल
Next articleमोहन यादव का राहुल पर हमला: कांग्रेस पूर्ण रूप से रसातल में जाएगी
News Desk

रहस्यों और अद्वितीय शैली का संगम

#LatestNews #BreakingNews #NewsUpdate #IndiaNews #HindiNews

जयपुर। राजस्थान के बाड़मेर जिले के रेगिस्तान में स्थित किराडू मंदिर अपनी रहस्यमयता और अनोखी शैली के लिए अलग पहचाना जाता है। यह कोई साधारण मंदिर नहीं है, बल्कि पांच मंदिरों का एक समूह है, जिसमें से एक मुख्य मंदिर भगवान विष्णु को और बाकी चार महादेव को समर्पित हैं। खास बात यह है कि यह उत्तर भारत में होने के बावजूद दक्षिण भारतीय शैली में निर्मित है। किराडू मंदिर की खूबसूरती देखकर इसे राजस्थान का खजुराहो भी कहा जाता है। प्रत्येक दीवार, खंभा और छत नक्काशी से भरी हुई है, जो हजारों साल पुराने इन मंदिरों की कला और परिश्रम को दर्शाती है। इस समूह का प्रमुख मंदिर सोमेश्वर मंदिर है, जो भगवान शिव को समर्पित है, जबकि अन्य चार मंदिर भगवान विष्णु के लिए बनाए गए हैं। समय के साथ कई मूर्तियां टूट चुकी हैं, लेकिन मंदिर की भव्यता और रहस्य आज भी बरकरार है। स्थानीय लोगों का मानना है कि इस मंदिर के पीछे एक साधु का श्राप जुड़ा हुआ है। 
कहा जाता है कि कई साल पहले एक साधु अपने शिष्यों के साथ किराडू आए और कुछ समय रुकने के बाद देश भ्रमण के लिए निकल पड़े। उनके शिष्य अचानक बीमार पड़ गए, लेकिन गांव के लोग मदद करने से इनकार कर गए। केवल एक कुम्हारिन ने उनकी सेवा की। जब साधु वापस आए और शिष्यों की इस हालत को देखा, तो उनका गुस्सा सातवें आसमान पर था। उन्होंने पूरे क्षेत्र पर श्राप दे दिया कि जहां मानवता का अभाव हो, वहां के लोग भी पत्थर बन जाएं। साधु ने उस कुम्हारिन को भी चेतावनी दी कि वह शाम से पहले गांव छोड़ दे और कभी पीछे मुड़कर न देखे। लेकिन कुम्हारिन ने पीछे मुड़कर देखा और वह भी पत्थर में बदल गई। तभी से कहा जाता है कि जो कोई भी किराडू मंदिर में शाम के बाद ठहरता है, वह पत्थर बन जाता है।
 आज भी किराडू मंदिर एक धार्मिक स्थल के साथ-साथ ऐतिहासिक और रहस्यमय अनुभव प्रदान करता है। सुबह यहां पूरा परिसर जीवंत और चहल-पहल से भरा होता है, लेकिन जैसे ही शाम होती है, लोग जल्दी बाहर निकलने लगते हैं। कोई भी शाम के बाद मंदिर में ठहरना पसंद नहीं करता, और यह रहस्य और कहानी अभी भी स्थानीय लोगों और यात्रियों के बीच जीवित है।

Previous articleमहानगरों में जल संकट की भयावहता: 2030 तक 40% आबादी प्रभावित
News Desk

2030 तक 40% आबादी प्रभावित

#LatestNews #BreakingNews #NewsUpdate #IndiaNews #HindiNews

नई दिल्ली। जल संकट को लेकर हो रहे शोध और आने वाली रिपोर्ट काफी डराने वाली हैं। नीति आयोग की एक रिपोर्ट ने पहले ही आगाह किया था कि वर्ष 2030 तक भारत की लगभग 40 प्रतिशत आबादी के पास स्वच्छ पेयजल की पर्याप्त उपलब्धता नहीं होगी। दिल्ली, कोलकाता, चेन्नई, बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे शहर अब दुनिया के सबसे अधिक जल-संकटग्रस्त क्षेत्रों की सूची में शामिल हो गए हैं। कई इलाकों में स्थिति इतनी विकट है कि लोग पूरी तरह से पानी के टैंकरों पर निर्भर हैं और अपनी बुनियादी जरूरतों के लिए घंटों लंबी कतारों में खड़े रहने को मजबूर हैं। 
हाल के वर्षों में बेंगलुरु से आई खाली बर्तनों के साथ टैंकरों का इंतजार करते लोगों की तस्वीरों ने इस समस्या की भयावहता को जगजाहिर किया है। इससे पहले वर्ष 2019 में चेन्नई भी इसी तरह के भीषण संकट का सामना कर चुका है। विशेषज्ञों का स्पष्ट मानना है कि शहरों में पानी की यह किल्लत अब केवल गर्मियों तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि एक स्थायी संकट का रूप ले चुकी है। शहरी जल संकट के पीछे अनियंत्रित भूजल दोहन, जर्जर जल आपूर्ति ढांचा, झीलों-तालाबों का विलुप्त होना और तेजी से बढ़ता शहरीकरण मुख्य कारण हैं। बोरवेल के जरिए जमीन के भीतर का जल स्तर लगातार गिर रहा है, वहीं पुरानी पाइपलाइनों में रिसाव के कारण बड़ी मात्रा में पानी व्यर्थ बह जाता है।इस समस्या के समाधान के लिए स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने अर्थ्स फ्यूचर जर्नल में एक नवीन मॉडल का सुझाव दिया है। पुणे शहर के उदाहरण से यह बताया गया है कि यदि किसानों को सिंचाई के अतिरिक्त पानी को विनियमित टैंकर नेटवर्क के माध्यम से शहरी परिवारों को बेचने की कानूनी अनुमति दी जाए, तो पानी की लागत में भारी कमी आ सकती है। शोध के अनुसार, सही नीतियों के क्रियान्वयन से कुल जल आपूर्ति में मात्र एक प्रतिशत की वृद्धि करके भी हर व्यक्ति को प्रतिदिन कम से कम 40 लीटर पानी उपलब्ध कराया जा सकता है। स्पष्ट है कि जल संरक्षण और प्रभावी प्रबंधन ही इस संकट का एकमात्र स्थायी समाधान है।वैश्विक अनुमानों के अनुसार, वर्ष 2050 तक दुनिया की आधी शहरी आबादी जल संकट की चपेट में होगी, जिसमें भारतीय शहरों की संख्या सर्वाधिक हो सकती है। स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के एक अध्ययन के मुताबिक, यदि वर्तमान हालात नहीं सुधरे तो कम आय वाले शहरी परिवारों को अपनी कुल कमाई का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा केवल पानी खरीदने पर खर्च करना पड़ सकता है।

Previous articleभोपाल इफ्तार के बाद गंगाजल से शुद्धिकरण, कॉलेज में तनाव
News Desk