मेट्रो का 1000 मीटर केबल चोरी, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

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नई दिल्ली। दिल्ली मेट्रो में एक बार फिर केबल चोरों ने सिस्टम को प्रभावित कर दिया है। दीपाली चौक और मजलिस पार्क के बीच का 9.9 किलोमीटर लंबा नया कॉरिडोर, जिसका उद्घाटन महज कुछ दिन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया गया था, वहां सिग्नलिंग केबल की चोरी हो गई। इससे मेट्रो की रफ्तार पर ब्रेक लग गया। पुलिस ने इस मामले में एक संदिग्ध को गिरफ्तार किया है। डीएमआरसी के कॉर्पोरेट कम्युनिकेशन डिपार्टमेंट के प्रिंसिपल एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अनुज दयाल ने कहा कि केबल चोरी के कारण सिग्नलिंग सिस्टम बाधित हो गया। भलस्वा और मजलिस पार्क मेट्रो स्टेशनों के बीच प्रभावित खंड में ट्रेनें 25 किमी प्रति घंटे की सीमित स्पीड से चलीं। दयाल ने कहा कि व्यस्त समय में ट्रेनों की सेवा चलती रहती है, इसलिए उस दौरान सिग्नलिंग केबल लगाना संभव नहीं है। यात्रियों को होने वाली असुविधा को कम करने के लिए गुरुवार रात को मेट्रो की सेवाएं खत्म होने के बाद मरम्मत का काम शुरू किया गया।

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साल के बेस्ट प्लेयर चुने गए शुभमन गिल और स्मृति मंधाना, क्रिकेट अवॉर्ड्स में होगा सम्मान

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भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने नमन अवॉर्ड 2026 की घोषणा कर दी है। यह समारोह 15 मार्च को नई दिल्ली में आयोजित होगा। इस दौरान भारत के टेस्ट और वनडे कप्तान शुभमन गिल को बीसीसीआई के प्रतिष्ठित ‘क्रिकेटर ऑफ द ईयर’ पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। ‘क्रिकेटर ऑफ द ईयर’ पुरस्कार को ‘पॉली उमरीगर क्रिकेट ऑफ द ईयर’ अवॉर्ड भी कहा जाता है। वहीं, महिलाओं में स्मृति मंधाना को उनके करियर में पांचवीं बार सर्वश्रेष्ठ महिला क्रिकेटर ऑफ द ईयर से सम्मानित किया जाएगा। 

 सचिन-अश्विन की बराबरी करेंगे गिल

शुभमन ने दूसरी बार यह पुरस्कार जीता है। इससे पहले साल 2023 में भी उन्हें इस पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। दूसरी बार यह अवॉर्ड जीतने के साथ ही शुभमन सचिन तेंदुलकर और रविचंद्रन अश्विन की बराबरी कर लेंगे। इन दोनों ने भी यह अवॉर्ड दो-दो बार जीता था। इन तीनों से ज्यादा बार इस अवॉर्ड से विराट कोहली और जसप्रीत बुमराह ही सम्मानित हुए हैं। कोहली पांच बार बीसीसीआई के साल के सर्वश्रेष्ठ क्रिकेटर रहे हैं, वहीं बुमराह ने तीन बार यह अवॉर्ड जीता है।टेस्ट क्रिकेट में किया शानदार प्रदर्शन26 वर्षीय शुभमन ने पिछले साल यानी 2025 टेस्ट और वनडे क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन किया। हालांकि, उन्हें हाल ही में टी20 विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम में जगह नहीं मिली थी, लेकिन बाकी दो फॉर्मेट में उनका प्रदर्शन बेहद दमदार रहा। शुभमन ने 2025 में टेस्ट क्रिकेट में शानदार बल्लेबाजी करते हुए 983 रन बनाए। इसमें इंग्लैंड के खिलाफ उसकी सरजमीं पर खेली गई सीरीज में 754 रन शामिल रहे, जो उनकी बेहतरीन फॉर्म को दर्शाता है। इंग्लैंड से टेस्ट सीरीज में उनका औसत 70 से अधिक रहा और उन्होंने कई महत्वपूर्ण पारियां खेलीं।
 
वनडे और आईपीएल में भी दमदार फॉर्म

वनडे क्रिकेट में भी गिल ने अच्छा प्रदर्शन किया। उन्होंने कुल 490 रन बनाए, जिसमें भारत की चैंपियंस ट्रॉफी जीतने वाली मुहिम में बनाए गए 188 रन भी शामिल हैं। अगर सभी फॉर्मेट को मिलाकर देखा जाए तो गिल ने पिछले साल कुल 1,764 रन बनाए, जिनमें सात शतक और तीन अर्धशतक शामिल रहे। उनका औसत करीब 49 का रहा। इसके अलावा आईपीएल में भी गिल का बल्ला खूब चला। गुजरात टाइटंस के लिए खेलते हुए और टीम की कप्तानी करते हुए उन्होंने 650 रन बनाए और लगभग 50 के औसत से बल्लेबाजी की।

बिन्नी, द्रविड़ और मिताली को लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड

बीसीसीआई ने पूर्व भारतीय खिलाड़ी रोजर बिन्नी और राहुल द्रविड़ को कर्नल सी.के. नायुडू लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित करने का फैसला किया है। वहीं, महिलाओं में यह पुरस्कार मिताली राज को दिया जाएगा। बिन्नी बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष भी रह चुके हैं, जबकि द्रविड़ के कोचिंग कार्यकाल में भारत ने 2024 टी20 विश्व कप का खिताब अपने नाम किया था। मिताली को भी भारत में महिला क्रिकेट में उनके योगदान के लिए सम्मानित किया जा रहा है।

म्हात्रे-हर्ष दुबे को मिलेगा सम्मान

अपनी कप्तानी में अंडर-19 विश्व कप का खिताब दिलाने वाले मुंबई के आयुष म्हात्रे को घरेलू सीमित ओवर के टूर्नामेंट में सर्वश्रेष्ठ ऑलराउंडर का अवॉर्ड मिलेगा। इस पुरस्कार को लाला अमरनाथ अवॉर्ड के नाम से जाना जाता है। वहीं, विदर्भ के हर्ष दुबे को 2024-25 रणजी ट्रॉफी सीजन में बेहतरीन प्रदर्शन के लिए सर्वश्रेष्ठ ऑलराउंडर चुना गया है।

विश्व कप विजेता टीम को सम्मानित करेगा बीसीसीआई

बीसीसीआई नमन अवॉर्ड्स के दौरान सूर्यकुमार यादव की अगुआई वाली भारतीय टीम को सम्मानित करेगा जिन्होंने हाल ही में टी20 विश्व कप का खिताब जीता था। इतना ही नहीं नमन अवॉर्ड्स के दौरान सभी पांच भारतीय टीमों का सम्मान होगा जिन्होंने हाल ही में आईसीसी ट्रॉफी अपने नाम की है। इस दौरान पुरुष टी20 टीम के अलावा, महिला विश्व कप 2025 की विजेता, चैंपियंस ट्रॉफी 2025 की विजेता, अंडर-19 विश्व कप 2026 और महिला अंडर-19 टी20 विश्व कप 2025 की विजेता भारतीय टीम को सम्मानित किया जाएगा।

कर्नाटक BJP कोर कमेटी की अहम बैठक, उपचुनाव के लिए नामों पर चर्चा

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कर्नाटक। भाजपा कर्नाटक के अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने शुक्रवार को कहा कि पार्टी की कोर कमेटी ने अपनी राज्य कोर कमेटी की बैठक में बागलकोट और दावनगेरे दक्षिण विधानसभा क्षेत्रों में आगामी उपचुनावों के लिए संभावित उम्मीदवारों पर चर्चा की। विजयेंद्र के अनुसार, बैठक में पार्टी के कर्नाटक प्रभारी राधा मोहन दास अग्रवाल, केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी, राज्य विधानसभा और विधान परिषद में विपक्ष के नेता और अन्य वरिष्ठ नेता उपस्थित थे।

अंतिम निर्णय पार्टी के वरिष्ठ नेतृत्व का

पत्रकारों को संबोधित करते हुए विजयेंद्र ने कहा, “कोर कमेटी की बैठक में बागलकोट और दावणगेरे दक्षिण विधानसभा क्षेत्रों में आगामी उपचुनावों के लिए उम्मीदवारों के संबंध में चर्चा हुई।” उन्होंने कहा कि दोनों निर्वाचन क्षेत्रों में पार्टी टिकट चाहने वाले विभिन्न नेताओं की आकांक्षाओं पर विस्तार से चर्चा की गई और बैठक में जिन नामों पर विचार किया गया। उन्हें अंतिम निर्णय के लिए पार्टी के वरिष्ठ नेतृत्व को भेजा जाएगा।

नेताओं से मतभेदों को दूर रखने का आग्रह किया

शिकारिपुरा के विधायक ने कहा कि पार्टी ने आगामी चुनावों में जीत सुनिश्चित करने के लिए सामूहिक रूप से काम करने का संकल्प भी लिया है। उन्होंने कहा, “विधान परिषद के हमारे उम्मीदवारों और बागलकोट और दावणगेरे दक्षिण विधानसभा उपचुनावों में पार्टी के नामांकित व्यक्तियों की जीत सुनिश्चित करने के उद्देश्य से, यह निर्णय लिया गया है कि हम सभी को एकजुट होकर काम करना चाहिए और अपना पूरा प्रयास करना चाहिए।” विजयेंद्र ने कहा कि दावणगेरे दक्षिण निर्वाचन क्षेत्र के उम्मीदवारों के साथ जोशी और सांसद गोविंद कारजोल सहित वरिष्ठ नेताओं के साथ एक और बैठक आयोजित की गई, जहां नेताओं से मतभेदों को दूर रखने का आग्रह किया गया। उन्होंने कहा, “हमने सभी से अतीत के मतभेदों को भुलाने, सभी मुद्दों को एक तरफ रखने और चुनाव जीतने के लिए एकजुट होकर काम करने का आग्रह किया।” टिकट आवंटन को लेकर कुछ नेताओं में असंतोष की खबरों पर विजयेंद्र ने कहा कि पार्टी ने चिंताओं को दूर करने के लिए पहले ही आंतरिक चर्चाएं की हैं। उन्होंने कहा, “हमने चार दीवारों के भीतर इस बारे में बात की है। हमने सभी को एक साथ बुलाया और इस पर चर्चा की। हमने यह संदेश दिया है कि सभी को अतीत को भूलकर पार्टी के हित में मिलकर काम करना चाहिए।”दावनगेरे में पिछले लोकसभा चुनावों के दौरान सामने आई समस्याओं का जिक्र करते हुए उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ऐसी स्थिति दोबारा नहीं होगी। उन्होंने आगे कहा, “यह सुनिश्चित करने के लिए कि ऐसी स्थिति दोबारा न उत्पन्न हो, हमने आज दोनों पक्षों के नेताओं को एक साथ बुलाया और चर्चा की। हमें पूरा विश्वास है कि सब कुछ सुलझ जाएगा।”

अंडरवर्ल्ड की धमकी से हिल गया था बॉलीवुड, इस खान की फिल्म पर मंडराया खतरा

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फराह खान ने एक पॉडकास्ट में बताया कि जब वह बॉलीवुड में अपना करियर शुरू कर रही थी, तो अंडरवर्ल्ड का काला साया इंडस्ट्री पर पड़ चुका था। एक डायरेक्टर को सरेआम गोली मारी गई। वहीं नामी खान एक्टर की फिल्म के प्रीमियर से पहले भी धमकी मिली थी। इस वजह से प्रीमियर को कैंसिल करने के बारे में सोचा जाने लगा था। आखिर कौन था वो एक्टर? बाद में क्या फिल्म रिलीज हुई? जानिए। 
 
कौन से खान एक्टर की फिल्म रिलीज से पहले मिली धमकी?

रणवीर अल्लाहबादिया के पॉडकास्ट में फराह खान नजर आईं। अपने करियर और बॉलीवुड से जुड़ी कई बातें साझा की हैं। इस दौरान उन्होंने अंडरवर्ल्ड और 90 के दशक के दौर की बात भी की। वह कहती हैं, ‘मैंने अपना करियर शुरू किया था। कुछ वक्त बाद डायरेक्टर मुकेश दुग्गल को अंडरवर्ल्ड के लोगों ने गोली मारी। इसी तरह करण जौहर की पहली फिल्म ‘कुछ कुछ होता है’ के प्रीमियर से पहले भी धमकी मिली थी। करण जौहर काफी डर गया था, उसकी पहली फिल्म थी। प्रीमियर को कैंसिल करने के बारे में सोचा गया। लेकिन बाद में प्रीमियर हुआ। इसी तरह शाहरुख खान स्टारर फिल्म ‘डुप्लीकेट’ के वक्त भी धमकी मिली थी।’ लेकिन फराह खान ने यह भी बताया कि सेट पर अंडरवर्ल्ड को कोई असर नजर नहीं आता था। 

80 के दशक की फिल्मों काे नापसंद करती थीं फराह 

आगे पॉडकास्ट में फराह खान ने बताया कि वह 80 के दशक में हॉलीवुड फिल्में देखती थीं क्योंकि इस दौर में बॉलीवुड में बहुत ही खराब फिल्में बन रही थीं। उस दौर की बॉलीवुड फिल्मों को खराब नजर से देखा जाता था। फराह खान कहती हैं, ‘80 के दशक में धर्मेंद्र, जितेंद्र और शत्रुघ्न सिन्हा जैसे बड़े स्टार को लेकर बनने वाली मल्टीस्टारर फिल्में तक लोगों को याद नहीं है।’  

करियर फ्रंट पर क्या कर रही हैं फराह खान?

इन दिनों डायरेक्टर फराह खान अपना एक यूट्यूब चैनल चलाती हैं, जिसमें वह कुकिंग, फूड वीडियो शेयर करती हैं। साथ ही अपने इंडस्ट्री के दोस्तों को खाने पर भी बुलाती हैं। फराह अपने मेहमानों के लिए खास तरह की डिशेज बनवाती हैं, उन्हें खिलाती हैं और दोस्तों से खूब सारी बातचीत करती हैं। फराह का अंदाज भी कॉमेडी से भरा होता है, जो दर्शकों को खूब भाता है। एक इंटरव्यू में फराह खान ने बताया था कि उन्होंने पिछले एक साल में यूट्यूब से, ब्रॉन्ड से जमकर पैसा कमाया है। इतना पैसा तो उन्होंने अपने पूरे बॉलीवुड करियर में भी नहीं कमाया। इस तरह फराह खान तो कंटेंट क्रिएटर बनकर मालामाल हो गईं। फराह खान के यूट्यूब पर 2.7 मिलियन सब्सक्राइबर हैं।
 

जहां कांग्रेस का दिमाग बंद, वहीं से हमारा काम शुरू: पीएम मोदी

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सिलचर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पार्टी पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने शिलांग-सिचलर कॉरिडोर के भूमि पूजन के बाद कहा कि कांग्रेस वालों के दिमाग का ताला जहां बंद होता है, वहां से हमारा काम शुरू होता है। असम के सिलचर में कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आजादी के अनेक दशकों तक कांग्रेस की सरकारों ने नॉर्थ-ईस्ट को दिल्ली से और दिल से, दोनों से ही दूर रखा। कांग्रेस ने नॉर्थ-ईस्ट को एक तरह से भुला दिया था। लेकिन भाजपा की डबल इंजन की सरकार ने नॉर्थ-ईस्ट को ऐसे कनेक्ट किया है कि आज हर तरफ इसकी चर्चा है। आज नॉर्थ-ईस्ट भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी का केंद्र है। दक्षिण पूर्व एशिया के साथ भारत को जोड़ने वाला सेतु बन रहा है। कांग्रेस पर निशाना साधते हुए पीएम मोदी ने कहा, “जैसे कांग्रेस ने नॉर्थ ईस्ट को अपने हाल पर छोड़ दिया था, ठीक वैसे ही बराक वैली को बेहाल करने में कांग्रेस की बहुत बड़ी भूमिका रही है। जब देश आजाद हुआ तो कांग्रेस ने ऐसी बाउंड्री खींचने दी, जिसने बराक घाटी का समुद्र से संपर्क कट गया। जो बराक वैली कभी ट्रेड रूट और एक औद्योगिक केंद्र के रूप में जानी जाती थी, उस बराक वैली से उसकी ताकत ही छीन ली गई। आजादी के बाद भी दशकों तक कांग्रेस की सरकारें रहीं, लेकिन बराक घाटी के विकास के लिए कुछ खास नहीं हुआ।”

उन्होंने कहा, “इस क्षेत्र में विकास को गति देने के लिए 24,000 करोड़ रुपए की लागत वाले शिलांग-सिलचर कॉरिडोर का भूमि पूजन किया गया है। कांग्रेस तो यह गिन भी नहीं सकती कि ऐसे प्रोजेक्ट्स में कितने शून्य होते हैं। जहां कांग्रेस की सोच खत्म होती है, वहां से हमारा काम शुरू होता है। यह कॉरिडोर पूर्वोत्तर के लोगों के दशकों लंबे इंतज़ार को खत्म कर रहा है। इस कॉरिडोर के जरिए सिलचर, मिजोरम, मणिपुर और त्रिपुरा से जुड़ जाएगा।” पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा, “जो विकास की दौड़ में पीछे रह गया, उसको प्राथमिकता देना भाजपा का मंत्र है। कांग्रेस की सरकारें बॉर्डर एरिया के देश के अंतिम गांव मानती थीं। हम बॉर्डर के गांवों को देश के पहले गांव मानते हैं। इसलिए बॉर्डर एरिया के विकास के लिए कछार जिले से ही ‘बाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम’ का अगला चरण शुरू किया था। इसे बराक वैली के भी अनेकों गांवों में सुधार होना तय हुआ।” किसानों के मुद्दे पर भी पीएम मोदी ने कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “डबल इंजन सरकार किसानों के कल्याण के लिए निरंतर कदम उठा रही है। शुक्रवार को ही गुवाहाटी से मैंने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की अगली किस्त जारी की है। कांग्रेस वालों ने इतने साल राज किया, प्रधानमंत्री तो असम से चुनकर गए थे लेकिन उसके बावजूद भी एक रुपया भी नहीं दिया।” प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि कांग्रेस ने असम के युवाओं को सिर्फ हिंसा और आतंकवाद के कुचक्र में ही उलझाए रखा था। कांग्रेस ने असम को ‘फूट डालो और राज करो’ नीति की प्रयोगशाला बनाया। आज असम के युवाओं के सामने अवसरों का खुला आसमान है।

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टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले पोंटिंग की भविष्यवाणी, इस विदेशी खिलाड़ी को बताया सबसे खतरनाक

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रिकी पोंटिंग ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 के बाद खिलाड़ियों की अपनी खास रेटिंग जारी की है. हैरानी की बात यह रही कि उन्होंने भारत के स्टार खिलाड़ियों संजू सैमसन और जसप्रीत बुमराह को पीछे छोड़ते हुए इंग्लैंड के ऑलराउंडर विल जैक्स को टूर्नामेंट का सबसे प्रभावशाली खिलाड़ी बताया है. पोंटिंग ने जैक्स को 10 में से पूरे 10 अंक दिए हैं|

पोंटिंग की रेटिंग में जैक्स नंबर-1

पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कप्तान पोंटिंग ने अपनी टॉप-5 सूची में खिलाड़ियों को उनके प्रदर्शन के आधार पर अंक दिए. इस लिस्ट में पहले स्थान पर विल जैक्स रहे, जिन्हें 10/10 की रेटिंग मिली. दूसरे स्थान पर संजू सैमसन और तीसरे स्थान पर जसप्रीत बुमराह को 9.5-9.5 अंक दिए गए. पोंटिंग की रैंकिंग के अनुसार चौथे नंबर पर न्यूजीलैंड के विकेटकीपर बल्लेबाज टिम सीफर्ट रहे, जिन्हें 9 अंक मिले. वहीं पाकिस्तान के बल्लेबाज साहिबजादा फरहान को 8.5 अंक के साथ पांचवें स्थान पर रखा है|

विल जैक्स ने दिखाया ऑलराउंड कमाल

विल जैक्स ने पूरे टूर्नामेंट में बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में शानदार प्रदर्शन किया. वह कई मैचों में इंग्लैंड के लिए फिनिशर की भूमिका में नजर आए और जरूरत पड़ने पर गेंदबाजी से भी टीम को विकेट दिलाए. जैक्स ने इस टी20 वर्ल्ड कप में 226 रन बनाए और उनका औसत 56.50 रहा. खास बात यह रही कि उन्होंने बल्लेबाजी के साथ-साथ 9 विकेट भी लिए. इसी के साथ वह टूर्नामेंट के इतिहास में उन चुनिंदा खिलाड़ियों में शामिल हो गए जिन्होंने एक ही संस्करण में 200 से ज्यादा रन और 9 से ज्यादा विकेट लेने का रिकॉर्ड बनाया है|

कई रिकॉर्ड भी बनाए

विल जैक्स ने इस टूर्नामेंट में कई खास उपलब्धियां हासिल कीं. उन्होंने नंबर-6 या उससे नीचे बल्लेबाजी करते हुए टी20 वर्ल्ड कप के एक संस्करण में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड भी बनाया है. इसके अलावा उन्होंने एक ही टूर्नामेंट में चार बार ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ जीतकर भी बड़ी उपलब्धि हासिल की. इटली के खिलाफ मुकाबले में उन्होंने सिर्फ 21 गेंदों में अर्धशतक जड़कर इंग्लैंड के लिए टी20 वर्ल्ड कप इतिहास का सबसे तेज पचासा भी लगाया था|

आधिकारिक अवॉर्ड सैमसन के नाम

हालांकि पोंटिंग की निजी रेटिंग में जैक्स नंबर-1 रहे, लेकिन आधिकारिक तौर पर टूर्नामेंट का ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ पुरस्कार संजू सैमसन को मिला है. सैमसन ने पूरे टूर्नामेंट में 321 रन बनाए और सेमीफाइनल व फाइनल दोनों में 89-89 रन की अहम पारियां खेलीं. वहीं जसप्रीत बुमराह भी गेंदबाजी में शानदार रहे और टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाजों में शामिल रहे. भारत की जीत में इन दोनों खिलाड़ियों का योगदान बेहद अहम रहा है|

1 अप्रैल से महंगा होगा FASTag एनुअल पास, जेब पर पड़ेगा असर

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नई दिल्ली।  देशभर में नेशनल हाईवे पर यात्रा करने वाले वाहन चालकों के लिए जल्द ही FASTag एनुअल पास महंगा होने वाला है। सरकार ने इसकी सालाना फीस में 2.5 प्रतिशत यानी 75 रुपये की बढ़ोतरी करने का फैसला किया है। इसके बाद इस पास की कीमत 3000 रुपये से बढ़कर 3075 रुपये हो जाएगी। नई दरें 1 अप्रैल से लागू होंगी। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने FASTag एनुअल पास की शुरुआत पिछले साल 15 अगस्त को की थी। यह पास जारी होने की तारीख से एक साल या 200 ट्रिप तक वैध रहता है, जो भी पहले पूरा हो जाए। यह सुविधा पूरे देश के नेशनल हाईवे पर लागू होती है, जबकि राज्य सरकारों के अधीन आने वाले हाईवे पर टोल सामान्य FASTag अकाउंट के जरिए ही कटता है।

1 अप्रैल से पहले खरीदने पर मिलेगा पुरानी कीमत पर

अधिकारियों के मुताबिक, FASTag एनुअल पास की कीमत में हर साल बदलाव का प्रावधान पहले ही तय किया गया था। यह बढ़ोतरी देशभर में टोल दरों में होने वाले वार्षिक संशोधन के फॉर्मूले के आधार पर की जाती है। ऐसे में जो लोग 1 अप्रैल से पहले इस पास को खरीद लेते हैं या रिचार्ज करवा लेते हैं, उन्हें इसे अभी भी 3000 रुपये की पुरानी कीमत पर ही मिल जाएगा। वहीं, 1 अप्रैल के बाद इसे खरीदने वाले लोगों को 3075 रुपये चुकाने होंगे। अनुमान है कि इस बदलाव का असर करीब 52 लाख यूजर्स पर पड़ेगा।

कहां से खरीदा जा सकता है FASTag एनुअल पास

FASTag एनुअल पास को केवल राजमार्ग यात्रा ऐप (Rajmarg Yatra App) या भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से खरीदा जा सकता है। भुगतान करने के लगभग दो घंटे के भीतर यह पास एक्टिवेट हो जाता है और इसकी पुष्टि के लिए रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एसएमएस भेजा जाता है।

रिफंड नहीं मिलेगा

इस पास से जुड़ी एक महत्वपूर्ण शर्त यह भी है कि इसका भुगतान एकमुश्त किया जाता है और यह पूरी तरह नॉन-रिफंडेबल होता है। यानी यदि किसी कारण से पास का इस्तेमाल नहीं किया जाता है, तब भी पैसे वापस नहीं मिलेंगे। हालांकि, जो लोग नियमित रूप से नेशनल हाईवे पर यात्रा करते हैं, उनके लिए FASTag एनुअल पास काफी फायदेमंद साबित हो सकता है क्योंकि इससे बार-बार टोल भुगतान की झंझट कम हो जाती है।

आदित्य धर की फिल्मों की फैन बनीं भूमि पेडनेकर, बोलीं– उनके साथ काम करना सपना

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धुरंधर के पहले पार्ट को दर्शकों ने खूब पसंद किया था और फिल्म देखने के बाद लोग इसके अगले पार्ट का इंतजार कर रहे हैं। सिर्फ फैंस ही नहीं, कई सेलेब्स ने भी इस स्पाई-एक्शन थ्रिलर की तारीफ की। अब इस लिस्ट में एक्ट्रेस भूमि पेडनेकर का नाम भी जुड़ गया है।

मुझे ‘धुरंधर’ का पहला पार्ट बहुत पसंद आया

हाल ही में द राइट एंगल विद सोनल कालरा के नए एपिसोड में भूमि ने माना कि ‘धुरंधर’ देखने के बाद वह आदित्य धर और रणवीर सिंह के साथ काम करना चाहती हैं। इंटरव्यू के दौरान सोनल कालरा ने उनसे पूछा, ‘भूमि, आपने कई शानदार लोगों के साथ काम किया है, लेकिन ऐसा कौन-सा एक डायरेक्टर और एक एक्टर है जो अभी भी आपकी बकेट लिस्ट में है?’इस पर भूमि पेडनेकर ने जवाब दिया, ‘एक डायरेक्टर चुनना मेरे लिए मुश्किल है, क्योंकि कई लोग हैं जिनके साथ मैं काम करना चाहती हूं। मैं जरूर संजय लीला भंसाली के साथ काम करना चाहती हूं। किसी भी तरह से उनके साथ काम करना मेरा सपना है।मुझे उम्मीद है कि मुझे उनके साथ काम करने का मौका मिलेगा, क्योंकि वह एक जीनियस हैं। इसके अलावा राजकुमार हिरानी के साथ भी काम करना चाहती हूं। और अब मैं आदित्य धर के साथ भी काम करना चाहती हूं, क्योंकि मुझे ‘धुरंधर’ का पहला पार्ट बहुत पसंद आया।’भूमि ने आगे कहा, ‘मैं आमतौर पर बहुत ज्यादा मस्कुलिन फिल्मों की ऑडियंस नहीं हूं। ऐसी फिल्मों में मुझे नींद आने लगती है और मैं उनसे कनेक्ट नहीं कर पाती। लेकिन ‘धुरंधर’ मुझे बहुत पसंद आई। अगर एक्टर्स की बात करूं तो मैं रणवीर सिंह की बहुत बड़ी फैन हूं उनके साथ काम करने का मौका जरूर चाहूंगी। मुझे नहीं लगता कि उनकी कोई भी परफॉर्मेंस ऐसा रहा हो जिससे मैं, एक फैन के तौर पर, निराश हुई हूं। ‘रॉकी और रानी की प्रेम कहानी’ में तो मैं उन्हें देखकर पूरी तरह ऑब्सेस्ड हो गई थी।’वर्कफ्रंट की बात करें तो भूमि पेडनेकर जल्द ही इमरान खान की कमबैक फिल्म में उनके साथ नजर आने वाली हैं।

ईरान-अमेरिका टकराव से बढ़ सकता है तनाव और चिंता, एक्सपर्ट्स ने दी चेतावनी

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पश्चिम एशिया में जारी जंग दुनियाभर के लिए कई तरह की मुश्किलें बढ़ाता जा रहा है। वैश्विक स्तर पर ईंधन की डिमांड और सप्लाई बिगड़ने लग गई है। ईरान-अमेरिका के बीच जारी तनाव की आंच भारत में भी अब स्पष्ट तौर पर महसूस की जाने लगी है। सरकारें भले ही दावा करती रहें कि देश में एलपीजी गैस की कोई कमी नहीं है, पर गैस एजेंसियों के बाहर लगी लंबी-लंबी कतारें कुछ अलग ही कहानी बयां कर रही हैं। मसलन देश ‘एलपीजी क्राइसेस’ का सामना कर रहा है, जिसे देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञ सेहत को लेकर भी लोगों को अलर्ट कर रहे हैं।ईरान-अमेरिका जंग से उपजी परिस्थितियों ने लोगों के सामने स्वास्थ्य को लेकर भी गंभीर संकट खड़ा कर दिया है। विशेषतौर पर भारत में लोगों को फेफड़ों की समस्याओं को लेकर अलर्ट किया जा रहा है।अब आपके मन में भी सवाल आ रहा होगा कि ईरान-अमेरिका के बीच जारी विवाद, सुदूर भारत में बैठे लोगों की सेहत के लिए कैसे संकट पैदा करने वाला हो सकता है? आइए इस बारे में विस्तार से समझते हैं

एलपीजी की कमी, बायोमास ईंधनों की तरफ बढ़ते लोग

देश के अलग-अलग हिस्सों से प्राप्त हो रही खबरों से साफ होता है कि लोग गैस सिलेंडर के लिए परेशान हैं। घंटों लाइन मे लगे रहने के बावजूद सिलेंडर नहीं मिल रहा है, मांग और सप्लाई में फिलहाल भारी कमी देखी जा रही है। लिहाजा बड़ी संख्या में लोग फिर से खाना पकाने के पारंपरिक तरीके लकड़ी-कोयले और उपलों की ओर बढ़ रहे हैं। एलपीजी की कमी के कारण लाखों परिवार बायोमास ईंधनों का इस्तेमाल करने पर मजबूर हो रहे हैं, इसी स्थिति को लेकर स्वास्थ्य विशेषज्ञ चिंतित हैं। दो दशकों पहले का फिर से लौटता दौर इनडोर प्रदूषण और इसके कारण सांस-फेफड़ों की समस्याओं के खतरे को लेकर चिंता बढ़ाने वाला हो सकता है।विशेषज्ञों ने चिंता जताई है कि अगर एलपीजी में कमी जारी रहती है और बायोमास ईंधनों का उपयोग फिर से बढ़ता है तो इसके परिणामस्वरूप लोगों में फेफड़ों से संबंधित बीमारियों का संकट फिर से बढ़ सकता है।

बायोमास ईंधन सेहत के लिए हो सकते हैं खतरनाक

बायोमास ईंधन के इस्तेमाल को कम करने और इसके विकल्प के तौर पर एलपीजी गैस के उपयोग के बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार ने 1 मई 2016 प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की शुरुआत की थी। इसका मुख्य उद्देश्य महिलाओं को धुआं-मुक्त रसोई देना था ताकि उनमें सांस से जुड़ी समस्याओं के जोखिमों को कम किया जा सके।हालांकि अब फिर से मजबूरी में ही सही बायोमास ईंधनों के उपयोग की तरफ लोगों का फिर से बढ़ना सेहत के लिए खतरा बढ़ाने वाला हो सकता है।घर के अंदर खाना पकाने के लिए बायोमास ईंधन (लकड़ी, गोबर, फसलों के अवशेष) जलाने से होने इनडोर वायु प्रदूषण का खतरा होता है।इससे  गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं, जिसका  महिलाओं और बच्चों पर सीधा असर पड़ता है।बायोमास ईंधन और इससे होने वाले प्रदूषण के कारण श्वसन संक्रमण, क्रोनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (सीओपीडी), हृदय रोग, मोतियाबिंद जैसी बीमारियां हो सकती हैं।

श्वसन रोगों का बढ़ता खतरा

मेडिकल रिपोर्ट्स से पता चलता है कि बायोमास ईंधन से भारी मात्रा में कार्बन डाइऑक्साइड, नाइट्रोजन ऑक्साइड और सूक्ष्म कण निकलते हैं, जिससे हवा की गुणवत्ता खराब होती है। खाना पकाने के लिए इसके इस्तेमाल से इनडोर प्रदूषण का खतरा बढ़ता है।ईंधन से निकलने वाले धुंआ में हानिकारक गैसों के साथ सूक्ष्म कण होते हैं जो सांस के माध्यम से फेफड़ों में जा सकते हैं। इससे श्वसन संबंधी गंभीर रोग, फेफड़ों को गंभीर क्षति होने और कैंसर तक का जोखिम बढ़ जाता है।बायोमास ईंधन के नियमित इस्तेमाल को सीओपीडी के जोखिम से जोड़कर देखा जाता रहा है। एक अध्ययन में पाया गया कि इस तरह के ईंधन का उपयोग करने वाले 91% प्रतिभागियों में श्वसन रोगों का उच्च जोखिम था।हालांकि जब इनमें से बड़ी संख्या में लोगों ने स्वच्छ ईंधन (एलपीजी) का उपयोग करना शुरू कर दिया तो श्वसन समस्याओं का खतरा भी धीरे-धीरे कम होने लगा।एलपीजी उपयोगकर्ताओं की तुलना में बायोमास उपयोगकर्ताओं में सांस फूलने, घरघराहट और क्रॉनिक खांसी का खतरा अधिक देखा जाता रहा है।

बिना रन, बिना विकेट और बिना कैच के भी बना प्लेयर ऑफ द मैच, जानिए वजह

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किसी भी क्रिकेटर के लिए एक मैच का सबसे बड़ा अवार्ड प्लेयर ऑफ द मैच का होता है. इसी वजह से ये अवार्ड किसी भी खिलाड़ी के लिए खास हो जाता है. आमतौर ये अवार्ड उन खिलाड़ियों को दिया जाता है, जो मैदान पर बहुत अच्छा प्रदर्शन करते हैं, चाहे वो बल्ले से हो या गेंद से. हालांकि, कभी-कभी फील्डिंग में भी जादुई परफॉर्मेंस के लिए भी ये अवार्ड मिल जाता है, लेकिन क्रिकेट के इतिहास में एक ऐसा भी खिलाड़ी है, जिसके बल्ले से न तो एक रन बनाया, न ही उसने गेंदबाजी करते हुए एक विकेट चटकाया और तो और फील्डिंग में भी कुछ खास नहीं किया था. इसके बावजूद प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया था. यहां हम इस क्रिकेटर के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसके प्लेयर ऑफ द मैच बनने के पीछे की बड़ी दिलचस्प कहानी है|

कैमरन कफी को चुना गया था प्लेयर ऑफ द मैच

वेस्टइंडीज के पूर्व तेज गेंदबाज कैमरन कफी ने साल 2001 में प्लेयर ऑफ द मैच का अवॉर्ड जीता था. कफी जिम्बाब्वे के खिलाफ एक वनडे मैच में प्लेयर ऑफ द मैच बने थे. दरअसल, कफी को ये अवॉर्ड उनकी गेंदबाजी में किए खास प्रदर्शन के लिए मिला था. हुआ यूं कि कैमरन कफी ने मुकाबले में सबसे किफायती गेंदबाजी की, जिस वजह से उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच का अवार्ड दिया गया था. इस मुकाबले में भले ही कफी ने विकेट नहीं लिया था, लेकिन उनकी धारदार गेंदबाजी के सामने बल्लेबाजों के लिए रन बनाना बेहद मुश्किल साबित हुआ था. उन्होंने 10 ओवर में सिर्फ 20 रन दिए, जिसमें दो मेडन ओवर भी शामिल थे. उनकी इस गेंदबाजी ने वेस्टइंडीज के पक्ष में नतीजा तय करने में अहम भूमिका निभाई थी|

ऐसा रहा था इस मैच का हाल

हरारे में खेले गए इस मैच में पहले बल्लेबाजी करते हुए वेस्टइंडीज ने 50 ओवर में 5 विकेट के नुकसान पर 266 रन बनाए. जवाब में, वेस्टइंडीज ने जिम्बाब्वे को नौ विकेट पर 239 रन पर ही रोक दिया और 27 रन से मैच अपने नाम कर लिया था. जिम्बाब्वे ने जीत के लिए बहुत मेहनत की, लेकिन वे कफी ही थे, जिन्होंने विकेट न मिलने के बावजूद रन देने में कंजूसी दिखाई और वेस्टइंडीज को जीत दिलाई|