2027 में भाजपा को छोड़ किसी से भी गठबंधन के लिए तैयार

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नई दिल्ली। आजाद समाज पार्टी(Azad Samaj Party) के प्रमुख और नगीना से(Member of Parliament from Nagina) सांसद चंद्रशेखर आजाद(Chandrashekhar Azad) ने उत्तर प्रदेश की राजनीति(Uttar Pradesh politics) में बड़ा दांव खेला है। रविवार को बाराबंकी के हैदरगढ़(Haidergarh, Barabanki,) में पार्टी के स्थापना दिवस और कांशीराम की जयंती(birth anniversary of Kanshi Ram) के मौके पर आयोजित जनसभा में उन्होंने मीडिया से बातचीत में ऐलान किया कि 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी(political party) भाजपा को छोड़कर किसी भी दल से गठबंधन करने के लिए तैयार है।

मेकानिज्म और अधिकार
चंद्रशेखर ने स्पष्ट किया कि गठबंधन पर अंतिम निर्णय प्रदेश नेतृत्व और कार्यकर्ताओं का होगा। उन्होंने कहा, “मेरा भाजपा से वैचारिक विरोध है, इसलिए किसी भी अन्य दल से गठबंधन का निर्णय प्रदेश इकाई जो भी लेगी, वह मुझे मंजूर होगा।”
उनके इस बयान को सपा और कांग्रेस के लिए सीधे संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।

 कानून-व्यवस्था पर हमला
जनसभा में चंद्रशेखर ने प्रदेश में बढ़ती हत्या और दुराचार की घटनाओं का ज़िक्र करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘हर चौराहे पर यमराज’ वाले बयान पर तीखा तंज कसा। उन्होंने कहा, “जब अपराधी भाजपा से जुड़े होते हैं तो यमराज छुट्टी पर चले जाते हैं।”

 धमकियों और पथराव पर कड़ा रुख
चंद्रशेखर ने सोशल मीडिया पर धमकियों और रास्ते में हुई गाड़ी पर पथराव की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा, “शायद उन्हें पता नहीं कि मेरा नाम चंद्रशेखर ‘रावण’ है, मैं डरने वाला नहीं हूं। बाबा साहब के संविधान की शक्ति ही है कि मैं आज आपके बीच पहुंच सका हूं।”

 पुरानी यादें और भविष्य का संकल्प
अपने संबोधन में चंद्रशेखर ने कांशीराम के संघर्षों को याद किया और कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे ‘सत्ता की मास्टर चाबी’ हासिल करने के लिए एकजुट हों। उन्होंने नगीना में बिना बड़े गठबंधन के जीत का उदाहरण देकर यह दिखाया कि दलित और पिछड़ा वर्ग अब जाग चुका है।

 जनसभा और सुरक्षा इंतजाम
जनसभा में भारी भीड़ और भीम आर्मी के अनुशासित कार्यकर्ता मौजूद थे। सुरक्षा के लिहाज से चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात रही, जबकि भीम आर्मी के पदाधिकारियों ने खुद सुरक्षा का मोर्चा संभाला।चंद्रशेखर आजाद भाजपा को छोड़ किसी भी दल से गठबंधन के लिए तैयार हैं।गठबंधन का अंतिम निर्णय प्रदेश इकाई और कार्यकर्ताओं के हाथ में होगा।प्रदेश में कानून-व्यवस्था और अपराधीकरण को लेकर उन्होंने कड़ा हमला बोला।भीम आर्मी और कार्यकर्ताओं के सहयोग से जनसभा सुरक्षित और प्रभावशाली रही।2027 के यूपी विधानसभा चुनाव में आजाद समाज पार्टी किंगमेकर की भूमिका निभाने का लक्ष्य रखती है।

राम मंदिर में सुरक्षा कड़ी, 19 मार्च को वीआईपी दर्शन पर रोक, मोबाइल और हथियार बैन

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अयोध्या। श्रीराम मंदिर में 19 मार्च राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू राम मंदिर परिसर में श्री राम यंत्र की स्थापना और वैदिक अनुष्ठानों में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी। यह कार्यक्रम चैत्र नवरात्रि के पहले दिन (वासंतिक नवरात्र) और हिंदू नववर्ष (वर्ष प्रतिपदा) के अवसर पर आयोजित हो रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहेंगे, जिससे भारी भीड़ की उम्मीद है।
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा के लिए विशेष व्यवस्थाएं की हैं। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के मुताबिक 19 मार्च को वीआईपी पास या विशेष दर्शन की सुविधा उपलब्ध नहीं होगी। केवल आमंत्रित अतिथियों को ही निर्धारित रास्ते (रंगमहल बैरियर/क्रासिंग वन) से प्रवेश मिलेगा। वहीं, आम श्रद्धालुओं के लिए दर्शन सुबह छह बजे से देर शाम तक निर्बाध रूप से चलते रहेंगे। किसी भी तरह की बाधा नहीं आएगी। सुरक्षा के मद्देनजर मंदिर परिसर में मोबाइल फोन लेकर जाने पर प्रतिबंध लगाया गया है। इससे भक्त पूरी तरह भक्ति में लीन रह सकें और सुरक्षा मजबूत हो। यदि कोई व्यक्ति अपने साथ सिक्योरिटी गार्ड लाता है, तो उन्हें भी परिसर में एंट्री नहीं मिलेगी। परिसर में लाइसेंसी रिवॉल्वर, तलवार, बंदूक आदि ले जाना मना है। हालांकि, सिख समुदाय के सदस्यों को कानूनी रूप से अनुमत छोटा कृपाण (गले में पहना हुआ) रखने की छूट रहेगी। आमंत्रित अतिथियों के पास व्यक्तिगत होंगे; इन्हें किसी और को सौंपा नहीं जा सकेगा।
ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि कार्यक्रम में करीब 3500-5000 लोग शामिल होंगे, जिनमें यूपी-उत्तराखंड के निधि समर्पण अभियान के कार्यकर्ता, विश्व हिंदू परिषद के 45 पदाधिकारी, लगभग 350 संत और मंदिर निर्माण में योगदान देने वाले श्रमिक शामिल हैं। राम मंदिर आंदोलन के कई पुराने सहयोगियों को इस बार निमंत्रण नहीं दिया गया है। भक्तों की सुविधा के लिए नवरात्रि व्रत रखने वाले भक्तों के लिए परिसर में फल, मखाना, मूंगफली, आलू के चिप्स जैसे उपवास-अनुकूल भोजन उपलब्ध होगा। साथ ही पीने का पानी और शौचालयरू पर्याप्त व्यवस्था की गई है। ट्रस्ट का कहना है कि ये कदम भक्तों की सुरक्षा, व्यवस्था और भक्ति के निर्विघ्न अनुभव के लिए उठाए गए हैं। राष्ट्रपति के दौरे के दौरान मंदिर परिसर में वैदिक विद्वानों द्वारा अनुष्ठान होंगे, और श्रमिकों को सम्मानित किया जाएगा। यह दिन अयोध्या के लिए बेहद खास होगा, जहां लाखों श्रद्धालु रामलला के दर्शन के लिए पहुंच सकते हैं।

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अब नहीं लड़ूंगा चुनाव, नीतीश की राज्यसभा एंट्री के बाद

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पटना। बिहार में राज्यसभा चुनाव के दौरान सोमवार को बाहुबली नेता अनंत सिंह वोट डालने के लिए पहुंचे। मतदान करने के बाद अनंत सिंह फिर से जेल लौट गए। इस दौरान उन्होंने कई अहम बयान दिए। अनंत सिंह ने ऐलान किया कि अब वे आगे कोई चुनाव नहीं लड़ने वाले है। उन्होंने कहा कि अब उनके बच्चे ही राजनीति में आगे बढ़ने और चुनाव लड़ने वाले है। 
बताया जा रहा है कि नीतीश के राज्यसभा जाने की चर्चा के बाद ही बाहुबली नेता सिंह ने यह फैसला लिया है। फिलहाल उनके बयान से बिहार की राजनीति में नई चर्चा शुरू हुई है। अनंत सिंह ने दावा किया कि एनडीए के सभी पांचों उम्मीदवार चुनाव जीतने वाले है। उन्होंने कहा कि गठबंधन मजबूत है और सभी प्रत्याशियों की जीत तय है। नीतिश के राज्यसभा जाने के बाद अब बिहार में मुख्यमंत्री पद को लेकर भी बाहुबली सिंह ने बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि निशांत कुमार में मुख्यमंत्री बनने के सभी गुण मौजूद हैं। हालांकि बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा, यह फैसला बड़े नेता करने वाले है। 
बता दें कि पिछले साल बिहार विधानसभा चुनाव अनंत को धमाकेदार जीत मिली थी। उन्होंने मोकामा सीट से 28,206 वोटों के अंतर से जीत हासिल की थी। अनंत सिंह ने आरजेडी की उम्मीदवार वीणा देवी को हराया था। अनंत को 91,416 वोट मिले, जबकि वीणा देवी को 63,210 वोट मिले। जेल में रहने के बावजूद अनंत सिंह ने ये चुनाव जीता था। 3 फरवरी 2026 को उन्हें जेल से पुलिस की गाड़ी में बिहार विधानसभा लाया गया। जहां उन्होंने विधायक पद की शपथ ली। शपथ लेने के बाद उन्हें फिर से जेल वापस ले जाया गया।

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चित्तौड़गढ़ किले से योगी की हुंकार………….क्या खिलजी, बाबर, औरंगजेब के वंश का कोई अस्तिव दिखाता 

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चित्तौड़गढ़। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जौहर मेला के मौके पर राजस्थान के चित्तौड़गढ़ किला में आयोजित कार्यक्रम में राजस्थान की वीर भूमि और उसके ऐतिहासिक गौरव की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि जब भी वे इस पवित्र भूमि को देखते हैं, तब उन्हें एक प्रसिद्ध पंक्ति याद आती है—“यह एकलिंग का आसन है, इस पर न किसी का शासन है। इस कथन के माध्यम से उन्होंने मेवाड़ की स्वतंत्रता, स्वाभिमान और शौर्य की परंपरा को रेखांकित किया।
अपने संबोधन में योगी ने कहा कि आज अलाउद्दीन खिलजी और उसके वंश के बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। इसतरह बाबर, औरंगजेब और अकबर के वंश का कोई स्पष्ट अस्तित्व दिखाई नहीं देता, जबकि महाराणा प्रताप की वंशावली आज भी जीवित है और हमारे समाज में सम्मानित है। उन्होंने कहा कि इसी प्रकार रानी पद्मिनी (पद्मावती) की परंपरा भी आज हमारे सामने प्रेरणा का स्रोत बनी हुई है।
सीएम योगी ने कहा कि राजस्थान की वीर भूमि से पूरे देश को प्रेरणा मिलती है। उन्होंने महाराणा सांगा, महाराणा कुंभा और बप्पा रावल जैसे महान योद्धाओं का उल्लेख कर कहा कि इनकी वीरता और बलिदान की परंपरा को हर भारतीय नमन करता है। उनके अनुसार, देश के किसी भी कोने—उत्तर, दक्षिण, पूर्व या पश्चिम—में भारत के लोग इन महान वीरों की गाथाओं से प्रेरणा लेते हैं।
अपने भाषण में मुख्यमंत्री ने यूपी में कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा के मुद्दे पर भी बात की। उन्होंने कहा कि जब उत्तर प्रदेश में उनकी सरकार बनी, तब उन्होंने प्रदेशवासियों से वादा किया था कि अपराध और अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति रहेगी। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि कोई व्यक्ति किसी बहन या बेटी की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने की कोशिश करेगा, तब उस अपराधी को कड़ी सजा दी जाएगी।
योगी ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश में 25 करोड़ की आबादी होने के बावजूद कानून-व्यवस्था में बड़ा सुधार हुआ है। पहले कई लड़कियों को पढ़ाई के लिए दूर रिश्तेदारों के यहां रहना पड़ता था, लेकिन अब वे अपने घर से ही 5-10 किलोमीटर दूर स्कूल या कॉलेज जा रही हैं। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में महिलाएं अब रात की शिफ्ट में भी कार्यालयों और कारखानों में काम कर सुरक्षित अपने घर लौट रही हैं, जो महिला सुरक्षा में सुधार का बड़ा उदाहरण है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में जो सकारात्मक परिवर्तन दिखाई दे रहा है, वह नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में संभव हुआ है। योगी के अनुसार, इस परिवर्तन के पीछे राजस्थान की वीर भूमि की प्रेरणा भी महत्वपूर्ण है। योगी ने कहा कि चित्तौड़गढ़ किला केवल पत्थरों से बना एक किला नहीं है, बल्कि यह भारत की अस्मिता और गौरव का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि जब भी भारत संकट में होता है या युवाओं को प्रेरित करने की बात आती है, तब लोगों के मन में अक्सर तीन महान नाम आते हैं, महाराणा प्रताप, छत्रपति शिवाजी महाराज और गुरु गोविंद सिंह। ये सभी महानायक भारत के शौर्य, साहस और राष्ट्रभक्ति के प्रतीक हैं, जिनकी गाथाएं आज भी देशवासियों को नई ऊर्जा और प्रेरणा प्रदान करती हैं।

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मुख्य सचिव नंदिनी को हटाया गया

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नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले चुनाव आयोग ने राज्य की मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती को पद से हटा दिया है। उनकी जगह 1993 बैच के आईएएस दुष्यंत नरियाला को नया मुख्य सचिव नियुक्त किया है। साथ ही राज्य के गृह सचिव जगदीश प्रसाद मीणा की जगह 1997 बैच की आईएएस संघमित्रा घोष को गृह सचिव के पद पर नियुक्त किया है।
चुनाव आयोग के आदेश के मुताबिक यह निर्देश तत्काल प्रभाव से लागू होगा। नए अधिकारियों के कार्यभार ग्रहण करने की रिपोर्ट सोमवार तक आयोग को भेजनी होगी। आदेश में कहा गया है कि जिन अधिकारियों का ट्रांसफर किया गया है, उन्हें चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक किसी भी चुनाव से जुड़े पद पर तैनात नहीं किया जाएगा। चुनाव आयोग ने रविवार को बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान किया। बंगाल की 294 सीटों पर 2 फेज में 23 और 29 अप्रैल को वोटिंग होगी। 4 मई को रिजल्ट आएगा।
चुनाव आयोग ने आदेश में कहा कि पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की घोषणा के बाद वह लगातार प्रशासनिक तैयारियों की समीक्षा कर रहा है। इसी क्रम में यह फैसला लिया गया है। आयोग का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए आवश्यक प्रशासनिक बदलाव किए जा रहे हैं।

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सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली, हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने भी याचिका की डिस्पोज

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एक ही दिन सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट में दायर की गई थी याचिका, सिंगल बेंच में सुनवाई के निर्देश; कंट्री लिकर टेंडर पर विवाद जारी

मध्यप्रदेश में कंट्री लिकर सप्लाई टेंडर को लेकर चल रहे विवाद के बीच याचिका दायर करने वाले डिस्टलरीज समूह को अदालतों से राहत नहीं मिल सकी। सूत्रों के अनुसार मामले में पहले सर्वोच्च न्यायालय में याचिका लगाई गई, जहां से इसे यह कहते हुए वापस भेज दिया गया कि मामले की सुनवाई हाईकोर्ट की सिंगल बेंच द्वारा ही की जाएगी। इसके बाद मामला हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच (DB) के समक्ष भी पहुंचा, लेकिन वहां भी याचिका का निराकरण कर दिया गया और स्पष्ट किया गया कि प्रकरण की सुनवाई सिंगल बेंच में ही होगी। बताया जा रहा है कि याचिका लगाने वाले डिस्टलरीज और उनके मालिकों को अंततः पीछे हटना पड़ा। सूत्रों का यह भी दावा है कि इस मामले से जुड़े कई तथ्यों की जानकारी भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) और मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश तक भी पहुंचाई गई थी। बताया जा रहा है कि याचिका 09 मार्च को एक ही दिन सर्वोच्च न्यायालय और हाईकोर्ट दोनों जगह दायर की गई थी। इस बीच आबकारी आयुक्त द्वारा मध्यप्रदेश के 55 जिलों में अरबों रुपये के कंट्री लिकर सप्लाई टेंडर की तारीख बढ़ा दी गई है, जिससे शराब कारोबार में हलचल और तेज हो गई है।

 दो न्यायाधीश का मामले से अलग होना ऐतिहासिक 

हाईकोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान दो न्यायाधीशों ने इस मामले की सुनवाई से स्वयं को अलग कर लिया था, जबकि तीसरे न्यायाधीश ने याचिकाकर्ता को कोई अंतरिम राहत देने से इंकार कर दिया। अदालत ने राज्य शासन को दो सप्ताह के भीतर जवाब पेश करने के निर्देश दिए हैं, जिसमें से लगभग एक सप्ताह का समय बीत चुका है।

 (MPSIDC) के अरबों रुपये तथा विभाग के करोड़ों रुपये बकाया बताए जा रहे है

सूत्रों के अनुसार याचिका से जुड़े डिस्टलर पर एमपीएसआईडीसी (MPSIDC) के अरबों रुपये तथा विभाग के करोड़ों रुपये बकाया बताए जा रहे हैं। साथ ही उन पर ब्लैकलिस्टेड और सजा प्राप्त होने के आरोप भी चर्चा में हैं। वहीं यह भी आरोप लगाए जा रहे हैं कि कुछ अधिकारियों द्वारा कथित रूप से एक निजी कंपनी के पक्ष में खड़े होने की शिकायत लोकायुक्त तक पहुंचाई गई है।

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 जी एस टी चोरी में गए थे जेल 

सूत्रों का कहना है कि संबंधित कंपनी के मालिकों पर पहले भी फर्जीवाड़ा कर टैक्स चोरी करने के मामले दर्ज हो चुके हैं और उन्हें जेल भी जाना पड़ा था। इतना ही नहीं, आरोप है कि वे अक्सर आबकारी आयुक्त के कैंप कार्यालय भोपाल में देखे जाते रहे हैं। सूत्रों के अनुसार एक बार कैंप कार्यालय से हड़बड़ी में निकलने का उनका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसके बाद यह मामला और ज्यादा चर्चा में आ गया।

 20 मार्च को होगी सुनवाई 

फिलहाल इस पूरे मामले में हाईकोर्ट की सिंगल बेंच में आगे की सुनवाई और शासन के जवाब का इंतजार किया जा रहा है, जिससे मध्यप्रदेश के शराब कारोबार से जुड़े इस बड़े विवाद पर अगला फैसला तय होगा।

Assam में BJP की जीत की हैट्रिक या कांग्रेस का सूखा जारी?

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नई दिल्ली। पूर्वोत्तर (Northeast) के सबसे अहम राज्य असम (Assam Elections 2026) में भाजपा (BJP) के सामने जीत की हैट्रिक लगाने, कांग्रेस के सामने जीत का सूखा खत्म करने और एआईयूडीएफ के सामने किंगमेकर बनने की चुनौती है। इस बार भी अहम मुद्दा अवैध घुसपैठ (Illegal Intrusion) के कारण जनसांख्यिकी में हुए बदलाव, लाखों की संख्या में अवैध अप्रवासी और चाय बगान की दुर्दशा है। जीत की रात तलाश रहे कांग्रेस ने पहले ही उम्मीदवारों की दो सूची जारी की है।

राज्य के सीएम रहे दिवंगत तरुण गोगोई के पुत्र गौरव गोगोई (Gaurav Gogoi) को जोरहाट से उतारा गया है। साथ ही, नई रणनीति के तहत गठबंधन सहयोगी एआईयूडीएफ से दूरी बना ली है। इसकी जगह पार्टी ने असम जातीय परिषद, ऑल इंडिया हिल लीडर्स कांफ्रेंस और माकपा समेत 10 दलों से गठबंधन किया है। दूसरी ओर भाजपा ने पुराने साथी असम गण परिषद के अलावा बोडोलैंड में मजबूती के लिए नए साथी के रूप में बीपीएफ से गठबंधन किया है।

टूटा मुस्लिम वर्चस्व का मिथक
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा के इर्द-गिर्द घूम रही असम की राजनीति दशकों तक मुस्लिम मतों (35%) के ध्रुवीकरण पर टिकी रही। हालांकि 2016 और 2021 में भाजपा ने बहुसंख्यकों का समानांतर ध्रुवीकरण कर इस वर्चस्व को तोड़ने में सफलता हासिल की। पार्टी ने असम गण परिषद, यूपीपीएल जैसे दलों को साधा और एनडीए को धमाकेदार जीत दिलवाई। भाजपा ने उग्र हिंदुत्व और महिला को हथियार बनाया है। हिमंता सरकार ने 37 लाख महिलाओं को 8000 रुपये की सहायता दी है। इसके अलावा घुसपैठ पर सीएम के बयान पूरे पांच साल तक राज्य ही नहीं, देशभर में चर्चा का विषय बने हैं।

अपर असम भाजपा की ताकत
बीते दोनों ही चुनावों में अपर असम के नौ जिले की 43 सीटें भाजपा के लिए सत्ता की सीढ़ी साबित हुई। बीते चुनाव में पार्टी को 38 तो उससे पहले 37 सीटें हासिल हुई। इस क्षेत्र में पूर्व सीएम सर्बानंद सोनोवाल की गहरी पैठ है, जिनके वर्तमान सीएम हिमंता बिस्वा सरमा के साथ मतभेद की चर्चा है। खतरा भांप शीर्ष नेतृत्व ने सोनोवाल को मतदान तक अपर असम में डटे रहने और हिमंता को आक्रामक बयान से परहेज बरतने का निर्देश दिया है।

परिसीमन के बाद पहला चुनाव, बदला सियासी गणित
असम में परिसीमन के बाद पहला विधानसभा चुनाव है। नई सीमाओं और बदले सामाजिक समीकरणों के बीच 126 सीटों का सियासी गणित पहले से अलग नजर आ रहा है। ऐसे में सत्तारूढ़ भाजपा व कांग्रेस के बीच मुकाबला पहले से अधिक रोचक माना जा रहा है। कई क्षेत्रों में मतदाताओं का स्वरूप बदल गया है, इससे पुराने समीकरण भी बदलते दिख रहे हैं। परिसीमन के बाद राज्य 9 सीटें अनुसूचित जाति और 19 सीटें अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हैं। नई सीमाओं के कारण कुछ सामान्य सीटें आरक्षित श्रेणी में चली गई हैं, जबकि कुछ आरक्षित सीटें सामान्य हो गई हैं।

क्षेत्रीय संतुलन भी बदल गया
नई सीमाओं के बाद अपर असम, लोअर असम और बराक घाटी के बीच सीटों का संतुलन भी राजनीतिक चर्चा का विषय बना हुआ है। अपर असम के जिलों में सीटों की सीमाएं बदलने से यहां भाजपा की स्थिति मजबूत मानी जा रही है, जबकि लोअर असम और बराक घाटी में विपक्षी दलों की पकड़ को लेकर भी चर्चा हो रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कई निर्वाचन क्षेत्रों में पहली बार अलग तरह का सामाजिक समीकरण दिखाई देगा। इससे कई सीटों पर मुकाबला त्रिकोणीय भी हो सकता है।

सूर्यकुमार यादव बोले- सैमसन, किशन और युवा जोश से भारत बना चैंपियन

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भारतीय टी20 टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव ने लगातार दो आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप जीतने के अनुभव को बेहद खास बताया है। उन्होंने कहा कि जब यह तय हुआ कि 2026 का टूर्नामेंट भारत में खेला जाएगा, तभी से टीम ने इसकी तैयारी शुरू कर दी थी। सूर्यकुमार ने बताया कि टीम ने करीब 17-18 महीने पहले से ही अपनी रणनीति बनानी शुरू कर दी थी और खिलाड़ी भी इस चुनौती को लेकर काफी उत्साहित थे।

‘अहमियत बाद में महसूस होगी’

भारतीय टी20 कप्तान ने कहा, ‘लगातार दो वर्ल्ड कप जीतना अपने आप में शानदार अनुभव है। जब हमें पता चला कि यह वर्ल्ड कप भारत में खेला जाएगा, तब से ही हमने इसकी तैयारी शुरू कर दी थी। खिलाड़ी काफी उत्साहित थे और हम सब जानते थे कि यह हमारे लिए कितना बड़ा मौका है।’ उन्होंने आगे कहा कि युवा खिलाड़ियों को वर्ल्ड कप जीतने की अहमियत समझाना भी जरूरी था। कप्तान ने कहा, ‘मैंने खिलाड़ियों से कहा कि अभी जब वे 24-27 साल के हैं, तब शायद उन्हें इसकी पूरी अहमियत महसूस नहीं होगी। लेकिन जब वे अपने करियर के अंत में पीछे मुड़कर देखेंगे, तब समझ आएगा कि उन्होंने कितने वर्ल्ड कप जीते हैं।’
 
सैमसन का चयन बना टर्निंग पॉइंट

सूर्यकुमार यादव ने खुलासा किया कि टूर्नामेंट के दौरान टीम में संजू सैमसन को शामिल करना एक अहम रणनीतिक फैसला था, जिसने टीम की दिशा बदल दी। उन्होंने बताया कि उस समय टीम मैनेजमेंट को बल्लेबाजी क्रम में संतुलन की जरूरत महसूस हो रही थी और सैमसन का शामिल होना बिल्कुल सही समय पर लिया गया फैसला था। सूर्यकुमार ने कहा, ‘सैमसन के टीम में आने के बाद मैच का रुख बदल गया। यह थोड़ा टैक्टिकल फैसला भी था क्योंकि टॉप ऑर्डर में दो-तीन लेफ्ट हैंडर बल्लेबाज थे। सैमसन का शामिल होना सही समय पर लिया गया फैसला था।’उन्होंने सैमसन की मेहनत की भी तारीफ की। सूर्यकुमार ने कहा, ‘वह पर्दे के पीछे बहुत मेहनत कर रहे थे। किसी को पता नहीं था कि वह किस दौर से गुजर रहे थे। लेकिन पूरे टूर्नामेंट में जिस तरह उन्होंने खेला, वह शानदार था और आखिरकार वह प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट बने।’
 
फाइनल में अभिषेक और सैमसन की आक्रामक शुरुआत

टी20 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में भारत की आक्रामक शुरुआत ने टीम का आत्मविश्वास बढ़ा दिया था। खासकर अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन की बल्लेबाजी ने डगआउट में सकारात्मक माहौल बना दिया। सूर्यकुमार ने बताया कि अभिषेक शर्मा पहले से ही इस बड़े मौके के लिए आत्मविश्वास से भरे हुए थे। उन्होंने कहा, ‘अभिषेक हमेशा मुझसे कहता था, ‘पाजी चिंता मत करो, मैं आपके लिए वर्ल्ड कप जिताऊंगा और ऐसी पारी खेलूंगा जिसे आप हमेशा याद रखेंगे।’ उसके अंदर काफी सकारात्मकता थी और पूरी टीम उसका समर्थन कर रही थी।’ उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को भरोसा था कि अभिषेक का बड़ा प्रदर्शन जल्द आने वाला है। सूर्यकुमार ने कहा, ‘हमें पता था कि उसका समय आने वाला है और फाइनल से बेहतर मंच कोई नहीं हो सकता था।’
 
गौतम गंभीर के साथ खास रिश्ता

टीम इंडिया के मुख्य कोच गौतम गंभीर के साथ अपने रिश्ते को लेकर भी सूर्यकुमार यादव ने दिलचस्प बातें साझा कीं। उन्होंने बताया कि दोनों एक-दूसरे को लंबे समय से जानते हैं और उनके बीच बहस नहीं बल्कि चर्चा होती है। सूर्यकुमार ने कहा, ‘यह बहस नहीं बल्कि चर्चा होती है। हम एक-दूसरे को करीब 12 साल से जानते हैं। 2014 में जब मैं केकेआर गया था, तब हमारा सफर शुरू हुआ।’ उन्होंने यह भी बताया कि SKY (स्काई) नाम उन्हें गंभीर ने ही दिया था। सूर्यकुमार ने कहा, ‘उन्होंने ही मुझे ‘SKY’ नाम दिया और 2015-16 के आसपास मुझे टीम का उप-कप्तान भी बनाया, क्योंकि उन्हें विश्वास था कि भविष्य में मैं टीम का नेतृत्व कर सकता हूं। आज भी मैं उन्हें ‘गौति भाई’ ही कहकर बुलाता हूं।’सूर्यकुमार ने एक दिलचस्प किस्सा भी बताया कि पूरे टूर्नामेंट के दौरान टीम ने कई बार गंभीर को हंसाने की कोशिश की। उन्होंने बताया, ‘हमने कई बार उन्हें हंसाने की कोशिश की, लेकिन मैच इतने तीव्र थे कि वह ज्यादा मुस्कुराते नहीं थे। हालांकि फाइनल जीतने के बाद जब हमने उनके चेहरे पर मुस्कान देखी, तो सभी खिलाड़ी बेहद खुश हो गए।’
 
ईशान किशन के चयन की दिलचस्प कहानी

टी20 वर्ल्ड कप टीम में ईशान किशन को शामिल करने का फैसला भी काफी दिलचस्प रहा। सूर्यकुमार यादव ने बताया कि यह फैसला पूरी तरह डेटा पर नहीं बल्कि काफी हद तक उनके अनुभव और सहज निर्णय पर आधारित था। उन्होंने कहा कि इस फैसले से पहले टीम मैनेजमेंट के सामने मुश्किल स्थिति थी क्योंकि जितेश शर्मा भी लंबे समय से अच्छा प्रदर्शन कर रहे थे। सूर्यकुमार ने कहा, ‘यह फैसला काफी हद तक मेरे इंस्टिंक्ट पर आधारित था, हालांकि डेटा भी देखा गया था। जिटेश शर्मा को बाहर रखना काफी कठिन फैसला था क्योंकि वह पिछले डेढ़ साल से अच्छा खेल रहे थे।’ उन्होंने बताया कि टीम को टॉप ऑर्डर में अतिरिक्त आक्रामकता और लेफ्ट–राइट कॉम्बिनेशन की जरूरत थी। सूर्यकुमार ने बताया, ‘मैंने ईशान को फोन किया और पूछा- छोटू, वर्ल्ड कप जिताएगा? उसने जवाब दिया- भैया बस भरोसा करके देखिए। तब मैंने कहा- चल, किया भरोसा। और जिस तरह उसने खेल दिखाया, वह शानदार था।’
 
भारतीय टीम की फियरलेस सोच का राज

सूर्यकुमार यादव ने कहा कि आज भारतीय टीम जिस निडर क्रिकेट के लिए जानी जाती है, उसकी नींव कई पूर्व कप्तानों ने रखी है। उन्होंने बताया कि हर कप्तान ने टीम में अपनी अलग पहचान और शैली जोड़ी। उन्होंने कहा कि सौरव गांगुली ने भारतीय टीम को नई दिशा दी और खिलाड़ियों में आत्मविश्वास भरा। इसके बाद एमएस धोनी ने शांत और संयमित नेतृत्व से टीम को कई बड़ी सफलताएं दिलाईं। फिर विराट कोहली ने टीम में आक्रामकता और फिटनेस का नया स्तर स्थापित किया। सूर्यकुमार ने कहा कि इसके बाद रोहित शर्मा ने खिलाड़ियों के साथ संवाद और समर्थन की संस्कृति को मजबूत किया। उन्होंने कहा, ‘इन सभी कप्तानों की अलग-अलग शैली रही है और भारतीय क्रिकेट को उससे काफी फायदा हुआ है। आज हम जो हासिल कर रहे हैं, वह पहले रखी गई उसी नींव का परिणाम है।’
 
सीनियर खिलाड़ियों ने निभाई अहम भूमिका

सूर्यकुमार यादव ने यह भी माना कि युवा टीम होने के बावजूद सीनियर खिलाड़ियों ने पूरे टूर्नामेंट में टीम का मजबूत सहारा बने रहे। उन्होंने विशेष रूप से जसप्रीत बुमराह, अक्षर पटेल और हार्दिक पांड्या की तारीफ की। सूर्यकुमार ने कहा, ‘मैं युवाओं का श्रेय कम नहीं करना चाहता, लेकिन बुमराह, अक्षर और हार्दिक जिस तरह पूरे टूर्नामेंट में मेरे साथ खड़े रहे, वह काबिल-ए-तारीफ है।’
 
रिकॉर्ड जीत प्रतिशत पर भी बोले कप्तान

सूर्यकुमार यादव के कप्तान बनने के बाद भारतीय टीम ने 52 में से 42 मैच जीते हैं, जो एक शानदार रिकॉर्ड है। इस पर उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा, ‘स्कूल और कॉलेज में पढ़ाई में जो प्रतिशत पाने की कोशिश करता था, वह अब क्रिकेट में मिल रहा है। वहां 50-60 प्रतिशत भी पार नहीं कर पाता था, लेकिन यहां अच्छा लग रहा है।’ उन्होंने कहा कि इस सफलता का सबसे बड़ा कारण टीम का एकजुट होकर काम करना है। कप्तान ने कहा, ‘अगर ड्रेसिंग रूम में सभी खिलाड़ी एक ही दिशा में सोचें और उसी लक्ष्य के लिए काम करें, तभी इस तरह की सफलता मिलती है।’
 
कप्तान के तौर पर शांत स्वभाव का राज

मैदान पर हमेशा मुस्कुराते रहने और कभी गुस्सा न करने की अपनी आदत पर भी सूर्यकुमार ने खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि उन्होंने यह शैली रोहित शर्मा से सीखी है। सूर्यकुमार ने कहा, ‘मैंने रोहित भाई के साथ खेलते हुए देखा कि वह कभी ज्यादा गुस्सा नहीं होते थे। वह हमेशा खिलाड़ियों को समझते थे। अगर टीम में डर का माहौल होगा तो आप खिलाड़ियों से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं निकलवा सकते।’

जयशंकर ने बताया कैसे ईरान ने भारतीय टैंकरों को गुजरने की इजाजत दे दी 

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नई दिल्ली। ईरान पर अमेरिकी-इजरायली हमले के बाद मिडिल ईस्ट में जंग छिड़ी हुई है। ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को अपने कब्जे में लेकर समुद्री रास्ते को रोक दिया है। इस बीच तेहरान ने भारतीय टैंकरों को इस रास्ते से गुजारने की इजाजत दी है। इस लेकर विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने खुलासा किया है।
विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि बातचीत से ही कुछ नतीजे निकलते हैं और यह लगातार चलने वाली एक प्रक्रिया है। उन्होंने कहा, अभी मैं उनसे बातचीत करने में लगा हुआ हूं और इस बातचीत के कुछ नतीजे भी निकले हैं। यह प्रक्रिया अभी भी जारी है। अगर मुझे इससे नतीजे निकलते हुए दिख रहे हैं, तब जाहिर है मैं यह बातचीत आगे भी जारी रखूंगा।
उन्होंने कहा, निश्चित रूप से भारत के ऊर्जा समस्याओं के नजरिए से यह बेहतर काम हुआ है कि हम आपस में तर्क-वितर्क करें, बातचीत के दौरान आपस में तालमेल बिठाएं और कोई समाधान निकालें। विदेश मंत्री ने स्पष्ट किया कि भारतीय ध्वज वाले जहाजों के लिए ईरान के साथ कोई व्यापक व्यवस्था नहीं है और जहाजों की हर आवाजाही एक अलग घटना है।
उन्होंने इस बात से भी इंकार किया कि ईरान को बदले में कुछ मिला है। जयशंकर ने कहा कि दिल्ली और तेहरान का एक-दूसरे के साथ लेन-देन का एक इतिहास रहा है और इसी आधार पर उन्होंने बातचीत की। उन्होंने कहा, यह एक्सचेंज का मुद्दा नहीं है। भारत और ईरान के बीच संबंध हैं। हम इस संघर्ष को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण मानते हैं। डॉ. जयशंकर ने कहा, अभी शुरुआत ही हुई है। हमारे पास वहां और भी कई जहाज हैं। इसलिए, हालांकि यह एक स्वागत योग्य कदम है, फिर भी बातचीत जारी है, क्योंकि इस पर काम लगातार चल रहा है।
दो भारतीय झंडे वाले टैंकर, जिनमें लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस भरी थी होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित रूप से गुजर गए। मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष के कारण यह स्ट्रेट अब एक चोकपॉइंट (अवरोधक बिंदु) बन गया है। यह जलडमरूमध्य फारस की खाड़ी का अरब सागर तक पहुंचने का एकमात्र मार्ग है।

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News Desk

Success Medical Coding Academy Founder Inspiring the Next Generation of Healthcare Professionals

Kalukuri Raja Ram Ambedkar’s journey from pharmacy graduate to founder of a leading training institute has inspired many aspiring healthcare professionals. Through Success Medical Coding Academy, he provides students with access to specialized education in medical coding and billing. The academy emphasizes practical training, certification preparation, and real-world healthcare knowledge. With flexible learning options and expert guidance, students can build strong foundations for successful careers. Ambedkar’s work highlights the importance of innovation and leadership in education, helping thousands of learners develop the skills required to thrive in the rapidly evolving healthcare industry.

In today’s rapidly evolving healthcare industry, the demand for skilled professionals in medical coding and billing is growing significantly. Behind many successful educational initiatives are visionary leaders who understand industry needs and create opportunities for aspiring professionals. One such inspiring personality is Kalukuri Raja Ram Ambedkar, the Founder and CEO of Success Medical Coding Academy and Success Multi Skill Development Center. Through his dedication and innovative vision, he has helped thousands of students build rewarding careers in the healthcare sector.

Early Life and Education

Kalukuri Raja Ram Ambedkar was born on 7 March 1991 in Ongole. From an early age, he showed a keen interest in education and professional growth. His academic journey led him to pursue M.Pharmacy, a qualification that provided him with deep knowledge of healthcare systems, pharmaceutical sciences, and medical documentation.

His educational background played a crucial role in shaping his understanding of the healthcare industry. While studying pharmacy and healthcare-related subjects, he realized the increasing demand for trained professionals in medical coding and billing. This realization later inspired him to build an institution that would help bridge the gap between healthcare education and industry requirements.

The Vision Behind Success Medical Coding Academy

Driven by the desire to create opportunities for students and healthcare professionals, Raja Ram Ambedkar established Success Medical Coding Academy. His goal was simple yet powerful: to provide high-quality training that prepares individuals for global healthcare careers.

Today, the academy is recognized as one of India’s prominent institutions for medical coding and billing education. It focuses on providing industry-oriented training programs designed to help students gain certifications and practical knowledge required in the healthcare sector.

The academy welcomes both fresh graduates and working healthcare professionals who wish to upgrade their skills and enhance their career prospects. With modern learning methods and flexible access to training resources, students can learn anything, anytime, anywhere, making education accessible and convenient.

Training Programs and Courses

Success Medical Coding Academy offers a wide range of specialized training programs designed to meet international healthcare standards. The institute provides expert training in:

  • Advanced Medical Coding
  • Medical Billing
  • CPC Certification Training (with 100% pass guarantee)
  • CCS Certification Training
  • BCHH-C (Home Health) Certification Training
  • Six Sigma Certification Training
  • CPMA Certification Training

In addition to certification courses, the academy also provides specialty training in several important healthcare domains, including:

  • IPDRG
  • Surgery Coding
  • Evaluation & Management (E&M)
  • Denials Training
  • Emergency Department Coding
  • HCC (Hierarchical Condition Category)
  • Radiology Coding
  • Home Health Specialty Training

These courses are designed to provide students with both theoretical knowledge and practical exposure to real-world medical coding scenarios.

Student-Centered Learning Approach

One of the key reasons behind the success of Success Medical Coding Academy is its student-focused approach to learning. The academy emphasizes practical training and skill development to ensure students are job-ready upon completion of their courses.

Some of the key features of the academy include:

  • Certified and experienced instructors
  • Easy and quick registration process
  • Simple and flexible payment options
  • 24/7 access to learning resources
  • Industry-relevant curriculum

This approach helps students gain confidence and build strong foundations in medical coding and billing, which are essential skills in the healthcare industry.

Mission and Vision

The institution operates with a clear mission and vision that guide its growth and impact.

Mission

The mission of Success Medical Coding Academy is to empower aspiring and practicing healthcare professionals by providing high-quality education in medical coding and billing. The academy aims to equip students with practical skills, global certifications, and the confidence required to succeed in their careers.

Vision

The academy’s vision is to become one of India’s most respected and globally recognized institutions in medical coding education. By maintaining high standards of excellence, innovation, and integrity, it seeks to set new benchmarks in healthcare training.

Achievements and Impact

Under the leadership of Kalukuri Raja Ram Ambedkar, the academy has achieved remarkable milestones in a relatively short time. Its consistent commitment to quality education has helped thousands of students find successful careers in the healthcare sector.

Some of the academy’s notable achievements include:

  • 14,652+ students trained
  • 13,948+ students successfully placed
  • 100% CPC certification pass rate
  • 100% CCS certification pass rate
  • 35+ certified trainers

These numbers reflect the academy’s dedication to delivering high-quality training and career opportunities for its students.

Leadership and Entrepreneurial Vision

As a young and dynamic entrepreneur, Kalukuri Raja Ram Ambedkar has demonstrated strong leadership and a clear understanding of the healthcare industry. His vision is not limited to education alone; he aims to transform healthcare training in India by introducing modern teaching methods and globally recognized certifications.

He also leads initiatives such as the Drithi Foundation, reflecting his commitment to social development and community support.

Raja Ram Ambedkar believes that skilled professionals are the backbone of a strong healthcare system. By focusing on quality education, industry collaboration, and practical training, he continues to create pathways for students to succeed in healthcare careers both in India and internationally.

Shaping the Future of Healthcare Education

The healthcare sector is constantly evolving, and the demand for trained medical coders and billing specialists continues to grow worldwide. Institutions like Success Medical Coding Academy play an essential role in preparing professionals to meet these demands.

Through his dedication and forward-thinking approach, Kalukuri Raja Ram Ambedkar is helping shape the future of healthcare education in India. His work not only supports career growth for students but also contributes to strengthening the healthcare ecosystem.

Conclusion

Kalukuri Raja Ram Ambedkar’s journey from a pharmacy graduate to the founder of a leading medical coding academy is a story of vision, determination, and impact. By establishing Success Medical Coding Academy, he has created a platform that empowers thousands of students to build meaningful careers in the healthcare industry.

With continued innovation, strong leadership, and a commitment to excellence, Raja Ram Ambedkar and his academy are poised to play an even greater role in advancing healthcare education in the years to come.

👉Medical Coding Training Academy 📚
👉CPC & CCS Training Classes 🎓
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Website: https://www.successmcacademy.com/

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