पीरियड्स लीव पर अनिवार्य छुट्टी की याचिका पर सुनवाई से इनकार, कहा—कानून बना तो महिलाओं को नौकरी देने से बचेंगे नियोक्ता

#LatestNews #BreakingNews #NewsUpdate #IndiaNews #HindiNews

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को महिलाओं कर्मचारियों और छात्राओं के लिए देशभर में मासिक धर्म अवकाश नीति की मांग करने वाली एक जनहित याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया। अदालत ने याचिका खारिज करते हुए कहा, ऐसी नीति अनजाने में लैंगिक रूढ़िवादिता को बढ़ावा दे सकती है और इससे महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर कम हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि और नियोक्ता महिलाओं को नौकरी देने से कतराने लगेंगे।
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने कहा कि ऐसी मांगें अनजाने में महिलाओं के बारे में रूढि़वादी सोच को भी मजबूत कर सकती हैं। अदालत ने टिप्पणी की कि मासिक धर्म को किसी कमजोरी या हीनता के रूप में पेश करना सही नहीं है। हालांकि, अदालत ने यह भी कहा कि संबंधित सक्षम प्राधिकारी इस विषय पर दी गई याचिकाकर्ता की प्रतिनिधित्व पर विचार कर सकते हैं और सभी हितधारकों से परामर्श करके नीति बनाने की संभावना की जांच कर सकते हैं। यह याचिका शैलेन्द्र मणि त्रिपाठी ने दायर की थी, जिसमें महिलाओं के लिए छात्रों और कामकाजी महिलाओं दोनों के लिए मासिक धर्म अवकाश की राष्ट्रीय नीति बनाने की मांग की गई थी।
मासिक धर्म अवकाश पर केरल का दिया उदाहरण
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता एमआर शमशाद ने बताया कि कुछ राज्य और संस्थान पहले ही इस दिशा में कदम उठा चुके हैं। उन्होंने केरल का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां स्कूलों में कुछ राहत दी गई है और कई निजी कंपनियां भी स्वेच्छा से कर्मचारियों को यह अवकाश दे रही हैं। इस पर मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि स्वैच्छिक रूप से दी गई ऐसी सुविधाएं अच्छी हैं, लेकिन अगर इसे कानून के जरिए अनिवार्य बना दिया गया तो इसके सामाजिक और पेशेवर प्रभाव पड़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि इससे यह धारणा बन सकती है कि महिलाओं को अतिरिक्त छुट्टियां मिलेंगी, जिससे उनके रोजगार के अवसर प्रभावित हो सकते हैं। अदालत ने यह भी कहा कि चूंकि याचिकाकर्ता पहले ही संबंधित अधिकारियों को इस विषय पर प्रतिनिधित्व दे चुके हैं, इसलिए बार-बार अदालत से आदेश  मांगने की आवश्यकता नहीं है। इसी के साथ सुप्रीम कोर्ट ने याचिका का निपटारा करते हुए संबंधित अधिकारियों को प्रतिनिधित्व पर उचित निर्णय लेने का निर्देश दिया।

Previous articleअंडरवर्ल्ड की धमकी से हिल गया था बॉलीवुड, इस खान की फिल्म पर मंडराया खतरा
Next articleआदित्य धर की फिल्मों की फैन बनीं भूमि पेडनेकर, बोलीं– उनके साथ काम करना सपना
News Desk

राम गोपाल वर्मा ने किया सरकार 4 का ऐलान, बोले– ‘फिल्म मेरे सारे पाप धो देगी’

#LatestBollywoodNews #BollywoodNews #BollywoodUpdate #BollywoodNews #BollywoodHindiNews

पॉपुलर पॉलिटिकल-क्राइम फिल्म सीरीज ‘सरकार’ के तीन पार्ट आ चुके हैं, जिसमें अमिताभ बच्चन, अभिषेक बच्चन, ऐश्वर्या राय बच्चन और मनोज बाजपेयी जैसे कलाकार नजर आ चुके हैं। अब फिल्ममेकर राम गोपाल वर्मा ने इस फिल्म को लेकर बड़ा ऐलान किया है। 

‘मैं ‘सरकार 4’ बना रहा हूं

फिल्ममेकर राम गोपाल वर्मा ने अपनी पॉपुलर पॉलिटिकल-क्राइम फिल्म सीरीज ‘सरकार’ की अगली फिल्म ‘सरकार 4’ का ऐलान कर दिया है। निर्देशक ने बताया कि इस फिल्म की शूटिंग अगले महीने से शुरू होने वाली है।उन्होंने कहा, ‘मैं ‘सरकार 4’ बना रहा हूं। इसकी शूटिंग मैं अगले महीने से शुरू करने वाला हूं।’ उन्होंने अपने एक और प्रोजेक्ट ‘द सिंडिकेट’ के बारे में भी बात की। इस पर मजाक करते हुए राम गोपाल वर्मा ने कहा कि यह फिल्म मेरे सारे पाप धो देगी। राम गोपाल वर्मा ने यह जानकारी रेड लॉरी फिल्म फेस्टिवल के उद्घाटन के दौरान दी।

‘सरकार’ फ्रेंचाइजी  के बारे में 

सरकार’ सीरीज की शुरुआत साल 2005 में हुई थी, जिसमें अमिताभ बच्चन ने सुभाष नागरे का दमदार किरदार निभाया था। फिल्म में उनके साथ अभिषेक बच्चन भी नजर आए थे, जिन्होंने इस फिल्म में अमिताभ के बेटे ‘शंकर’ के किरदार निभाया था। इसके बाद इस फ्रेंचाइजी की दूसरी फिल्म ‘सरकार राज’ 2008 में रिलीज हुई, जिसमें ऐश्वर्या राय बच्चन भी अहम भूमिका में थीं। फिर 2017 में ‘सरकार 3’ आई, जिसमें अमिताभ और अभिषेक के अलावा यामी गौतम, मनोज बाजपेयी और अमित साध जैसे कलाकार दिखाई दिए थे।अब ‘सरकार 4’ की घोषणा के बाद फैंस में एक्साइटमेंट बढ़ गई है। हालांकि फिल्म की कास्ट और कहानी को लेकर अभी ज्यादा जानकारी सामने नहीं आई है। 

मेहदी हसन से सुलह से इनकार, रन आउट घटना पर आगा का सख्त रुख

#LatestsportNews #sportNews #sportUpdate #technlogyNews #sportHindiNews

बांग्लादेश और पाकिस्तान के बीच मैच के दौरान शुक्रवार को उस वक्त विवाद हुआ जब मेहदी हसन मिराज ने विवादित तरीके से सलमान अली आगा को रन आउट कर दिया। इस पूरे विवाद पर अब सलमान आगा का बयान सामने आया है। आगा ने स्पष्ट कहा है कि उन्होंने इस मामले को लेकर अभी तक मेहदी के साथ सुलह नहीं की है। यानी आगा अभी तक नाराज हैं। बांग्लादेश और पाकिस्तान के बीच शुक्रवार को ढाका के शेर-ए-बांग्ला स्टेडियम में वनडे सीरीज का दूसरा मुकाबला खेला गया। यह मैच सलमान अली आगा के रन-आउट के तरीके को लेकर चर्चा में है। आगा को जिस तरह आउट किया गया उसे खेल की भावना के खिलाफ माना जा रहा है। आगा ने इस पूरे मामले पर क्या कहा उससे पहला जानते हैं कि किस कारण इतना विवाद हो रहा है… 

कैसे रन आउट हुए आगा?

यह घटना पाकिस्तान पारी के 39वें ओवर में घटी।मेहदी हसन मिराज की गेंद चौथी गेंद पर मोहम्मद रिजवान ने शॉट खेला।गेंद को रोकने के लिए मिराज आगे बढ़े और अपने पैर से उन्होंने इसे रोका।इस दौरान नॉन स्ट्राइकर एंड पर खड़े सलमान आगा क्रीज से बाहर निकले हुए थे।चूंकि गेंद सलमान आगा के पास रुक गई थी तो उन्हें लगा कि गेंद पूरी हो गई है।लेकिन मिराज ने तत्परता दिखाते हुए गेंद को स्टंप्स की ओर मारा और रन आउट की अपील कर दी।सलमान इससे चौंक गए, लेकिन वह क्रीज से बाहर थे और इस कारण तीसरे अंपायर ने उन्हें आउट दिया।इससे सलमान बौखला गए और उन्होंने गुस्से में हेलमेट मैदान पर फेंक दिया और गुस्से से ड्रेसिंग रूम की ओर लौटे। पवेलियन लौटने से पहले सलमान ने मिराज के साथ बहस की, लेकिन बांग्लादेशी कप्तान उन्हें समझाते नजर आए।  

आगा बोले- हम ऐसा नहीं करते 

इस मामले पर सलमान आगा ने कहा, मुझे लगता है कि खेल भावना होनी चाहिए। मैं मेहदी को गेंद वापस देने की कोशिश कर रहा था। ऐसी स्थिति में इसे डेड करार दिया जा सकता था। गेंद मेरे पैड पर और फिर मेरे बल्ले पर लगी, इसलिए मुझे लगा कि वह अब मुझे रन-आउट नहीं कर सकते, क्योंकि गेंद पहले ही मेरे पैड और मेरे बैट पर लग चुकी थी। मैं बस उन्हें गेंद वापस देने की कोशिश कर रहा था। मैं रन नहीं ले रहा था, लेकिन उसने पहले ही रन आउट करने का फैसला कर लिया।आगा ने कहा, बांग्लादेश ने जो किया है वह नियम के अनुसार है। मुझे लगता है कि अगर उन्हें लगता है कि यह सही है, तो यह सही है। लेकिन मेरे नजरिए से मैं इसे अलग तरह से करता। मैं खेल भावना का पालना करता। हमने पहले ऐसा कुछ नहीं किया है और भविष्य में भी ऐसा कभी नहीं करेंगे।आगा रन आउट होने के बाद काफी गुस्से में नजर आए थे और उन्होंने बांग्लादेशी खिलाड़ियों के लिए कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया था। इस पर उन्होंने कहा, उस पल मैंने गुस्से में रिएक्शन दिया था। कुछ चीजों को अलग तरह से हैंडल करना चाहिए। मुझे याद नहीं कि मैं क्या कह रहा था और लिटन दास क्या कह रहे थे। मुझे यकीन है कि मैं अच्छी बातें नहीं कह रहा था और वह भी अच्छी बातें नहीं कह रहे थे। मैंने मेहदी से अभी तक सुलह नहीं की है।

आगा को मिला कैफ का साथ

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व खिलाड़ी मोहम्मद कैफ ने इस पूरे मामले पर आगा का समर्थन किया है। कैफ ने इस मामले में बांग्लादेशी कप्तान मिराज की हरकत को गलत बताया है। कैफ ने एक्स पर लिखा, यह बिल्कुल सही नहीं था। विकेट लेने का यह तरीका किसी भी तरह से सही नहीं है। वो भी कप्तान ने ऐसा किया। युवाओं को ध्यान में रखो, अगर विश्व कप फाइनल भी दांव पर लगा हो तब भी वो नहीं करना जो बांग्लादेशी कप्तान ने किया। बिना खेल भावना के खेल नहीं है।

जज बनने के लिए 3 साल की वकालत अनिवार्य, Supreme Court of India का बड़ा आदेश

#LatestNews #BreakingNews #NewsUpdate #IndiaNews #HindiNews

सुप्रीम कोर्ट ने न्यायिक सेवा (सिविल जज जूनियर डिवीज़न) में नियुक्ति के लिए अनिवार्य 3 वर्ष के प्रैक्टिस नियम की समीक्षा याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए कहा कि यह नियम लागू रहेंगे। अब सिर्फ यह तय करना है कि नियम लागू करने के तरीके क्या होने चाहिए। चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की खंडपीठ ने आदेश दिया कि जिन हाईकोर्टों ने पहले ही सिविल जज (जूनियर डिवीज़न) पदों के लिए विज्ञापन जारी कर दिया है, वो आवेदन की अंतिम तिथि 30 अप्रेल 2026 तक बढ़ाएं।

अगले सप्ताह होगी सुनवाई
इसके साथ ही भविष्य में जारी होने वाले नए विज्ञापनों में भी यही अंतिम तिथि निर्धारित करने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने कहा है। सुप्रीम कोर्ट के जजों की बेंच को बताया गया कि कुछ राज्यों में भर्ती प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इस पर कोर्ट ने कहा कि समीक्षा याचिकाओं पर अगले सप्ताह सुनवाई की जाएगी और आवेदन की तारीख बढ़ाने से फिलहाल उम्मीदवारों की तात्कालिक समस्या दूर हो जाएगी।

फैसले का सम्मान करने की अपील
वरिष्ठ अधिवक्ता पिंकी आनंद ने प्रैक्टिस की अनिवार्यता को फिलहाल स्थगित करने की मांग की थी। इसे अदालत ने स्वीकार नहीं किया। सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि तीन साल की प्रैक्टिस की शर्त सुप्रीम कोर्ट के फैसले से तय हुई है। उसका सम्मान किया जाना चाहिए। प्रैक्टिस की शर्त का उद्देश्य अभ्यर्थियों को अदालतों के कामकाज का व्यावहारिक अनुभव करना है।

Previous articleराम गोपाल वर्मा ने किया सरकार 4 का ऐलान, बोले– ‘फिल्म मेरे सारे पाप धो देगी’
Next articleशुक्रवार को गिरा ‘द केरल स्टोरी 2’ का कारोबार, कमाई में आई बड़ी कमी
News Desk

शुक्रवार को गिरा ‘द केरल स्टोरी 2’ का कारोबार, कमाई में आई बड़ी कमी

#LatestBollywoodNews #BollywoodNews #BollywoodUpdate #BollywoodNews #BollywoodHindiNews

अगले हफ्ते फिल्म ‘धुरंधर 2’ रिलीज होगी। इसके आने की आहट से ही थिएटर में पहले से मौजूद फिल्मों का क्या हाल है? क्या इनके कलेक्शन पर असर दिखने लगाा है। जानिए, शुक्रवार को फिल्म ‘द केरल स्टोरी 2’, ‘अस्सी’ और ‘ओ रोमियो’ का कलेक्शन कितना रहा है। 

‘द केरल स्टोरी 2’ का शुक्रवार का कलेक्शन  

सैकनिल्क के अनुसार फिल्म ‘द केरल स्टोरी 2’ ने शुक्रवार को 1.44 करोड़ रुपये कमाए हैं। जबकि गुरुवार को 1.52 करोड़ रुपये कमाए थे। फिल्म का कुल कलेक्शन भी अब तक 41.69 करोड़ रुपये हो चुका है। यह फिल्म विवादों में घिरने के बावजूद दर्शकों के बीच अपना क्रेज नहीं बना सकती है। इसका कलेक्शन अब तक 50 करोड़ रुपये से नीचे ही बना हुआ है। 

‘अस्सी’ का क्या है हाल? 

सैकनिल्क के अनुसार फिल्म ‘अस्सी’ का कलेक्शन रिलीज के 22वें दिन सिर्फ 8 लाख रुपये हुआ। अब इसका कलेक्शन दिखना बंद हो गया है। भारतीय बॉक्स ऑफिस पर फिल्म का कुल कलेक्शन भी अब तक 10.83 करोड़ रुपये रहा है। तापसी पन्नू स्टारर फिल्म को दर्शक नहीं मिल रहे हैं। इसकी कमाई शुरुआत से कमजोर रही है। 

‘ओ रोमियो’ को नहीं मिल रहे दर्शक 

फिल्म ‘ओ रोमियो’ को रिलीज हुए 29 दिन हो चुके हैं। इस फिल्म ने शुक्रवार को 15 लाख रुपये ही कमाए हैं। वहीं गुरुवार को 20 लाख रुपये कमाए थे। फिल्म का कलेक्शन अब तक 71.30 करोड़ रुपये है। निर्देशक विशाल भारद्वाज और एक्टर शाहिद कपूर की जोड़ी इस बार दर्शकों पर अपना जादू नहीं चला सकी है। फिल्म अब भी 100 करोड़ रुपये के कलेक्शन से काफी दूर है।   मौजूदा फिल्मों का घटता कलेक्शन बता रहा है कि इनका क्रेज खत्म हो चुका है। दर्शकों को अगले हफ्ते रिलीज होने वाली फिल्म ‘धुरंधर 2’ का इंतजार है। यह फिल्म अभी से सोशल मीडिया पर ट्रेंड करने लगी है।  

गांव में महिलाओं ने निशांत से कहा—परिवार बढ़ाइए, अब शादी कर लीजिए

#LatestराजनीतिNews #राजनीतिNews #राजनीतिUpdate #राजनीतिNews #BollywoodHindiNews

Bihar Politics जदयू में औपचारिक रूप से शामिल होने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार सक्रिय हो गए हैं। वह पटना में पार्टी विधायकों से मुलाकात करने के साथ-साथ गांवों में कार्यकर्ताओं से भी मिल रहे हैं। इसी कड़ी में जदयू की सदस्यता लेने के बाद निशांत पहली बार अपने पैतृक गांव कल्याण बीघा पहुंचे। गांव पहुंचने पर पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।

परिवार बढ़ाने की दी सलाह
कल्याण बीघा में लोगों से मुलाकात के दौरान एक दिलचस्प नजारा भी देखने को मिला। गांव की महिलाओं ने पहले निशांत को आशीर्वाद दिया और फिर उन्हें परिवार बढ़ाने की सलाह देते हुए कहा कि अब शादी कर लेनी चाहिए। हालांकि, शादी के सवाल पर निशांत ने मुस्कुराते हुए बात को टाल दिया। उन्होंने महिलाओं से बस इतना कहा, “सब बढ़िया है ना?” और आगे बढ़ गए। कल्याण बीघा पहुंचने पर निशांत ने कहा कि उनका बचपन इसी गांव में गुजरा है और इस गांव से उनकी कई यादें जुड़ी हुई हैं। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि वे अपने पिता नीतीश कुमार द्वारा किए गए विकास कार्यों को आगे बढ़ाने का प्रयास करेंगे।

दादा दादी का लिया आशीर्वाद
गांव पहुंचने के बाद निशांत सबसे पहले रामलखन सिंह वाटिका पहुंचे। वहां उन्होंने अपने दादा स्वर्गीय रामलखन सिंह, दादी परमेश्वरी देवी और अपनी मां स्वर्गीय मंजू सिंह की प्रतिमाओं पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और आशीर्वाद लिया। इस दौरान वे काफी भावुक भी नजर आए। इससे पहले निशांत के गांव पहुंचने पर कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। इस दौरान “निशांत कुमार जिंदाबाद” और “बिहार का सीएम कैसा हो, निशांत भैया जैसा हो” जैसे नारों से पूरा परिसर गूंज उठा।
 

Previous articleआईपीएल 2026 से पहले केकेआर को झटका? गेंदबाज हर्षित राणा का टूर्नामेंट में खेलना अनिश्चित
Next article5 करोड़ की शर्त ने Thalapathy Vijay की पार्टी TVK में मचा दिया हड़कंप
News Desk

सलमान आगा के रन आउट पर मेहदी हसन बोले– इसमें कुछ भी गलत नहीं

#LatestsportNews #sportNews #sportUpdate #technlogyNews #sportHindiNews

बांग्लादेश और पाकिस्तान के बीच शुक्रवार को ढाका के शेर-ए-बांग्ला स्टेडियम में वनडे सीरीज का दूसरा मुकाबला खेला गया। इस मैच में पाकिस्तान ने जीत हासिल कर सीरीज 1-1 से बराबर कर दी। यह मैच परिणाम से ज्यादा सलमान अली आगा के रन आउट के तरीके को लेकर चर्चा में है। आगा को जिस तरह आउट किया गया उसे खेल भावना के खिलाफ माना जा रहा है। 

नाटकीय अंदाज में रन आउट हुए थे आगा 

मैच के दौरान सलमान नाटकीय अंदाज में रन आउट हुए। मैदान पर मौजूद सभी लोग यह वाक्या देखकर चौंक गए। बांग्लादेश के कप्तान मिराज ने जिस तरह से सलमान को रन आउट किया उसने एक नई बहस छेड़ दी है। यह घटना पाकिस्तान पारी के 39वें ओवर में घटी। मेहदी हसन मिराज की गेंद चौथी गेंद पर मोहम्मद रिजवान ने शॉट खेला।
गेंद को रोकने के लिए मिराज आगे बढ़े और अपने पैर से उन्होंने इसे रोका। इस दौरान नॉन स्ट्राइकर एंड पर खड़े सलमान आगा क्रीज से बाहर निकले हुए थे। चूंकि गेंद सलमान आगा के पास रुक गई थी तो उन्हें लगा कि गेंद पूरी हो गई है। लेकिन मिराज ने तत्परता दिखाते हुए गेंद को स्टंप्स की ओर मारा और रन आउट की अपील कर दी।

मेहदी हसन से उलझे आगा

सलमान इससे चौंक गए, लेकिन वह क्रीज से बाहर थे और इस कारण तीसरे अंपायर ने उन्हें आउट दिया। इससे सलमान बौखला गए और उन्होंने गुस्से में हेलमेट मैदान पर फेंक दिया और गुस्से से ड्रेसिंग रूम की ओर लौटे।  पवेलियन लौटने से पहले सलमान ने मिराज के साथ बहस की, लेकिन बांग्लादेशी कप्तान उन्हें समझाते नजर आए। फैसले को खेल भावना के विपरीत माना जा रहा है।मेहदी हसन मिराज बांग्लादेश के कप्तान भी हैं। मैच के बाद इस घटना पर उन्होंने कहा, मेरा इरादा केवल गेंद को रोकने और संभावित रन को बचाने का था। वह क्रीज से बाहर थे और मैं सिर्फ गेंद की तरफ जा रहा था। अगर मैं गेंद को मिस कर देता तो वह आसानी से रन ले सकते थे, इसलिए मैंने स्टंप्स पर थ्रो करने का फैसला किया।

रमीज राजा ने भी उठाए सवाल

पाकिस्तान के खिलाड़ी भी इस फैसले से नाराज दिखे। आगा ने गुस्से में अपने ग्लव्स और हेलमेट फेंक दिए और बांग्लादेशी खिलाड़ियों के लिए तीखे शब्द भी कहे। कमेंट्री कर रहे पूर्व पाकिस्तानी कप्तान रमीज राजा ने भी इस घटना पर नाराजगी जताते हुए कहा कि क्रिकेट में खेल भावना सबसे महत्वपूर्ण होती है। मैच की बात करें तो टॉस गंवाकर पहले बल्लेबाजी करते हुए पाकिस्तान ने माज सदाकत (75), आगा (64) और मोहम्मद रिजवान (44) की मदद से 274 रन बनाए थे। बारिश की वजह से बांग्लादेश को डीएलएस नियम के तहत 32 ओवर में 243 रन का संशोधित लक्ष्य दिया गया था। बांग्लादेश 114 रन पर सिमट गई और 128 रन के बड़े अंतर से मैच हार गई। 

14 से 17 मार्च तक भारी बारिश का अलर्ट

#LatestNews #BreakingNews #NewsUpdate #IndiaNews #HindiNews

Heavy Rain Alert: गर्मी के तीखे तेवर के बीच पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से शुक्रवार को देश की राजधानी दिल्ली, राजस्थान समेत कई राज्यों का मौसम एक बार फिर बदल गया है। पूर्वाेत्तर के राज्यों में बारिश और तेज हवाओं का दौर शुरू हो गया है। अगले चार दिन तक देश के उत्तर-पश्चिम व मध्य और पूर्वाेत्तर के अधिकतर हिस्सों में बारिश व गरज-चमक के साथ तेज हवाओं का मौसम रहेगा।

14 से 17 मार्च तक यूपी-बिहार में आंधी बारिश की संभावना
मौसम विभाग ने 14 से 17 मार्च तक अलग-अलग हिस्सों में बारिश और तेज हवाएं चलने का येलो अलर्ट जारी किया है। शुक्रवार को दिल्ली-एनसीआर, चंडीगढ़, पंजाब, राजस्थान, हरियाणा, मध्यप्रदेश व छत्तीसगढ़ में बादल छाए रहने से लू और गर्मी में आशिंक राहत मिली है।उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानों के तापमान में 3-5 डिग्री सेल्सियस व पश्चिमी हिमालय में 4-6 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई है।

16 मार्च तक पूर्वोत्तर में भारी बारिश
IMD के अनुसार शुक्रवार को असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, पश्चिम बंगाल के उत्तरी क्षेत्रों में चमक-गरज के साथ हल्की से मध्यम स्तर की बारिश तथा हिमालयी रेंज के जम्मू-कश्मीर, हिमाचल व उत्तराखंड में हल्की बर्फबारी व बारिश दर्ज की गई। पूर्वोत्तर राज्यों में 16 मार्च तक भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है।

कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड के पर्वतीय इलाकों में बर्फबारी
शनिवार से उत्तर-पश्चिम भारत के जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, हिमाचल, उत्तराखंड में छिटपुट से व्यापक बारिश व बर्फबारी होगी। शनिवार से सोमवार तक राजस्थान, दिल्ली व पंजाब के कई हिस्सों में छिटपुट और उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, उत्तर प्रदेश में गरज-चमक व तेज हवाओं के साथ बारिश और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की संभावना है।
 

किसी ने 10 साल की उम्र में जीता ऑस्कर, तो किसी को मिली प्लास्टर की ट्रॉफी

#LatestBollywoodNews #BollywoodNews #BollywoodUpdate #BollywoodNews #BollywoodHindiNews

ऑस्कर 2026 में अब सिर्फ कुछ ही घंटों का समय बाकी रह गया है। ऐसे में हर किसी को इंतजार है, ये जानने का कि इस बार कौन-कौन अपने घर ले जाएगे ये चमचमाती ट्रॉफी? इससे पहले जानते हैं ऑस्कर से जुड़े कुछ रोचक तथ्य, जिनके बारे में अभी तक आप भी होंग अनजान।पहला ऑस्कर समारोह 16 मई 1929 को लॉस एंजिल्स के हॉलीवुड रूजवेल्ट होटल में एक निजी डिनर के रूप में आयोजित किया गया था। यह समारोह सिर्फ 15 मिनट ही चला था।पहले ऑस्कर अवॉर्ड में विंग्स को सर्वश्रेष्ठ फिल्म का अवॉर्ड मिला था। जबकि एमिल जैनिंग्स सर्वश्रेष्ठ अभिनेता और जेनेट गेनर सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री बनी थीं। वहीं फ्रैंक बोरजेज को  ‘7th हेवन’ के लिए सर्वश्रेष्ठ निर्देशक (ड्रामा) का ऑस्कर मिला था।ऑस्कर अवॉर्ड सेरेमनी का पहला रंगीन प्रसारण 18 अप्रैल, 1966 में किया गया था।व्यक्तिगत तौर पर वाल्ट डिज्नी ने सबसे अधिक 26 ऑस्कर जीतने का रिकॉर्ड बनाया है, और उन्हें 59 बार नामांकित किया गया था।अमेरिकी अभिनेत्री टैटम ओ नील सबसे कम उम्र में ऑस्कर जीतने वाली शख्स हैं। उन्होंने सिर्फ 10 साल की उम्र में ‘पेपर मून’ फिल्म के लिए अवॉर्ड अपने नाम किया था।क्रिस्टोफर प्लंबर ऑस्कर जीतने वाले सबसे उम्रदराज कलाकार हैं। उन्होंने 82 साल की उम्र में यह अवॉर्ड जीता।कैथरीन बिगेलो ऑस्कर जीतने वाली पहली महिला निर्देशक हैं। उन्हें 2010 में फिल्म ‘द हर्ट लॉकर’ के लिए यह अवॉर्ड मिला था।साउंड मिक्सर केविन ओ कोनेल (kevin o’connell) एक ऐसे शख्स हैं, जिन्होंने 20 नॉमिनेशंस के बावजूद आज तक कोई ऑस्कर नहीं जीता है।जैक निकोलसन सबसे ज्यादा बार नॉमिनेट होने वाले एक्टर हैं जिन्हें 12 ऑस्कर्स मिल चुके हैं।जीवित व्यक्तियों में सबसे ज्यादा बार कंपोजर जॉन विलियम्स को नॉमिनेट किया गया है। उन्हें 49 ऑस्कर नॉमिनेशन मिले हैं।पीटर फिंच और हीथ लेजर एकमात्र ऐसे अभिनेता हैं जिन्हें मरणोपरांत ऑस्कर से सम्मानित किया गया है।ऑस्कर की ट्रॉफी सोने की बनी होती है। लेकिन एक समय ऐसा भी था जब ऑस्कर की ट्रॉफी प्लास्टर की दी गई थी। दरअसल, दूसरे विश्व युद्ध के दौरान धातु की कमी के कारण, 3 साल तक ऑस्कर की मूर्तियां सोने के बजाय प्लास्टर की बनाई गई थीं।1938 में अमेरिकी एक्टर एडगर बर्गन को ऑस्कर की अनोखी ट्रॉफी दी गई थी। ये ट्रॉफी लकड़ी की बनी हुई थी, जिसमें एक चलता हुआ मुंह था, जो चार्ली मैकार्थी की वेंट्रिलोक्विज़्म विशेषता को दर्शाता था।ऑस्कर के इतिहास में केवल 3 लोग ही ऐसे हैं जिन्होंने ये अवॉर्ड लेने से मना कर दिया। इनमें डडली निकोल्स, जॉर्ज सी. स्कॉट और मार्लन ब्रांडो के नाम शामिल हैं। इन्होंने व्यक्तिगत सिद्धांतों और राजनीतिक विरोध के चलते पुरस्कार लेने से मना किया था।जेनिफर लॉरेंस ने 2013 में ऑस्कर में 40 लाख डॉलर की ड्रेस पहनी थी, जो ऑस्कर इतिहास की सबसे महंगी ड्रेसों में से एक है।ऑस्कर की ट्रॉफी को विजेता बेच भी सकता है। लेकिन वो इसे सिर्फ अकादमी को ही बेच सकते हैं, वो भी सिर्फ 1 डॉलर में।समारोह के दौरान अगर कोई सितारा अपनी सीट छोड़ता है, तो खाली सीट को भरने के लिए ‘सीट फिलर’ का उपयोग किया जाता है, ताकि टीवी स्क्रीन पर जगह खाली न दिखे।इटली एक मात्र ऐसा शहर है जिसने विदेशी भाषा वाली फिल्मों में सबसे ज्यादा 10 बार अवॉर्ड जीते हैं।जॉन श्लेसिंगर द्वारा निर्देशित 1969 की फिल्म ‘मिडनाइट काउबॉय’ एकमात्र एक्स रेटेड फिल्म है, जिसे बेस्ट पिक्चर कैटेगरी में ऑस्कर मिला है। इसने 42वें अकादमी पुरस्कारों में बेस्ट पिक्चर सहित तीन ऑस्कर जीते थे।98 साल के ऑस्कर के इतिहास में सिर्फ चार भारतीय फिल्मों को ऑस्कर की बेस्ट फिल्म कैटेगरी में नॉमिनेशन मिला है। इनमें ‘मदर इंडिया’ (1957), ‘सलाम बॉम्बे’ (1989), ‘लगान’ (2003) और मराठी फिल्म ‘श्वास’ (2004) शामिल हैं। इन्हें बेस्ट फिल्म बेस्ट फॉरेन लैंग्वेज कैटेगरी में नॉमिनेशन मिला था। हालांकि, आज तक किसी भारतीय फिल्म को ऑस्कर नहीं मिला है।

Previous articleशुक्रवार को गिरा ‘द केरल स्टोरी 2’ का कारोबार, कमाई में आई बड़ी कमी
Next articleमोबाइल डेटा पर लग सकता है नया टैक्स, यूजर्स की जेब पर बढ़ेगा बोझ
News Desk

5 करोड़ की शर्त ने Thalapathy Vijay की पार्टी TVK में मचा दिया हड़कंप

#LatestराजनीतिNews #राजनीतिNews #राजनीतिUpdate #राजनीतिNews #BollywoodHindiNews

Tamil Nadu Assembly Election 2026: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के लिए चुनाव आयोग जल्द ही तारीखों का ऐलान कर सकता है। इसको लेकर अभिनेता और नेता थलापति विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) की सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी कड़ी में पार्टी आयोजक बुसी आनंद (Bussy Anand) की ओर से क्षेत्रीय समन्वयकों की नियुक्ति के लिए बुलाई गई वर्चुअल बैठक में वास्तविक स्थिति सामने आई। बैठक में यह बात सामने आई कि पार्टी को ऐसे उम्मीदवार नहीं मिल पा रहे हैं, जिनके पास चुनाव लड़ने के लिए आवश्यक लगभग 5 करोड़ रुपए हों। इसके चलते अधिकांश नेताओं ने गठबंधन करने का सुझाव दिया, जो पार्टी ने अब तक नहीं सोचा था। अभिनेता और नेता विजय ने TVK की शुरुआत करते हुए वादा किया था कि वह DMK, AIADMK और BJP के खिलाफ स्वतंत्र रूप से चुनौती देंगे।

वित्तीय बाधाएं और चुनावी वास्तविकता
TVK के पास कागजों पर उम्मीदवारों की कोई कमी नहीं है, लेकिन बहुत कम उम्मीदवार ऐसी वित्तीय क्षमता रखते हैं, जो एक प्रतिस्पर्धी चुनावी अभियान चलाने के लिए आवश्यक है। चुनाव आयोग ने एक उम्मीदवार के आधिकारिक चुनावी खर्च की सीमा 40 लाख रुपए तय की है, लेकिन प्रतिस्पर्धी अभियान की वास्तविक लागत इससे कहीं अधिक होती है। इस वर्चुअल बैठक में लगभग 130 जिला नेता शामिल हुए, जिन्होंने उम्मीदवारों की वित्तीय स्थिति पर खुलकर चर्चा की। TVK के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने बताया कि बैठक में शामिल लगभग तीन-चौथाई नेताओं ने गठबंधन के पक्ष में बात की, क्योंकि ऐसे उम्मीदवार नहीं मिल रहे हैं जो अपने चुनावी अभियान का खर्च स्वयं उठा सकें।

फिलहाल, TVK नेतृत्व अपने विकल्पों पर विचार कर रहा है। लेकिन वर्चुअल बैठक ने कई पार्टी आयोजकों को यह कड़वी हकीकत दिखा दी कि एक राजनीतिक आंदोलन खड़ा करना फंडिंग जुटाने की तुलना में कहीं आसान हो सकता है।
 

Previous articleगांव में महिलाओं ने निशांत से कहा—परिवार बढ़ाइए, अब शादी कर लीजिए
Next articleरात में घर से निकला युवक, सुबह खेत में मिला शव
News Desk