गाजा पीस समिट में शामिल होने का PM नरेंद्र मोदी को न्योता, हो सकती है ट्रंप से मुलाकात

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नई दिल्ली. मिस्र (Egypt) के राष्ट्रपति (President) फराह अल सिसी (Farah Al-Sisi) ने प्रधानमंत्री (PM) नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) को गाजा शांति (Gaza Peace) समझौते पर हस्ताक्षर के कार्यक्रम में हिस्सा लेने का निमंत्रण भेजा है. यह शांति शिखर सम्मेलन मिस्र के शर्म अल शेख शहर में हो रहा है. यह एक प्रसिद्ध रिसॉर्ट शहर है जो अंतर्राष्ट्रीय बैठकों के लिए जाना जाता है. इस समारोह में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप समेत दुनिया भर के 20 नेता शामिल होने वाले हैं.

भारत की ओर से पहले से ही तय है कि विदेश राज्य मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह मिस्र जाएंगे. वे भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे. हालांकि, अभी ये स्पष्ट नहीं है कि प्रधानमंत्री मोदी मिस्र जाने वाले हैं या नहीं.

भारत की भूमिका
भारत ने हमेशा शांति और संयम का समर्थन किया है. भारत इज़रायल और फिलिस्तीन दोनों से अच्छे संबंध रखता है. इसलिए भारत का इस शांति प्रक्रिया में हिस्सा लेना महत्वपूर्ण है.

गाजा शांति समझौता क्या है?
गाजा में लंबे समय से इज़रायल और हमास के बीच संघर्ष चल रहा था. इस युद्ध में हजारों लोग मारे गए और बहुत तबाही हुई. अब दोनों पक्षों के बीच शांति समझौता हो रहा है जिस पर औपचारिक रूप से हस्ताक्षर होंगे.

ट्रंप के प्लान की मुख्य बातें
ट्रंप ने 20 सूत्रीय योजना पेश की है जिसमें युद्धविराम, सेना की वापसी, बंधकों की रिहाई और स्थायी शांति जैसे मुद्दे शामिल हैं. ट्रंप के प्लान के अनुसार, इजरायल और हमास दोनों को लड़ाई बंद करनी होगी. इजरायल को गाजा पट्टी से अपनी कुछ सेना वापस बुलानी होगी. दोनों तरफ के कैदियों और बंधकों को छोड़ना होगा. गाजा में लंबे समय तक शांति बनाए रखना.

हमास की आपत्तियां
हमास ने इस प्लान को मानने से साफ इनकार कर दिया है. हमास के नेताओं ने इसे “बेतुका” बताया है. हमास का कहना है कि वह अपने हथियार को नहीं छोड़ेंगे और न ही गाजा छोड़कर जाएंगे. हमास को लगता है कि यह समझौता उनके लिए नुकसानदायक है.

इजरायल की स्थिति क्या है?
इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू भी इस समझौते को लेकर पूरी तरह आश्वस्त नहीं हैं. उनकी भी कुछ शर्तें हैं और वे चाहते हैं कि हमास पूरी तरह से निष्क्रिय हो जाए.

ड्रग तस्करी के खिलाफ BSF की बड़ी कार्रवाई, पंजाब में हर दूसरे दिन एक तस्कर की गिरफ्तारी

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नई दिल्‍ली । पंजाब (Punjab)में भारत-पाकिस्तान सीमा(India-Pakistan border) पर नशीले पदार्थों(narcotics) की तस्करी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई(strict action) जारी है। सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने जनवरी 2024 से अब तक लगभग 350 तस्करों को पकड़ा है, यानी औसतन हर दूसरे दिन एक तस्कर गिरफ्तार किया गया।

बीएसएफ की टीम 553 किलोमीटर लंबी सीमा पर नशीले पदार्थों और हथियारों की तस्करी को नाकाम करने में जुटी है। इस प्रयास में ज्यादातर गिरफ्तारियां अमृतसर, तरन तारन और फिरोजपुर जिलों में हुईं, जो ड्रोन के जरिए होने वाली तस्करी के लिए जोखिम वाले क्षेत्र माने जाते हैं।

केंद्र सरकार ने अक्टूबर 2021 में बीएसएफ के ऑपरेशनल जोन को 15 किलोमीटर से बढ़ाकर 50 किलोमीटर कर दिया था, जिससे बड़े इलाके में तलाशी, जब्ती और गिरफ्तारी का अधिकार मिला। हालांकि, बीएसएफ अधिकारियों का कहना है कि अधिकांश गिरफ्तारियां मूल 15 किलोमीटर के दायरे में ही हुईं। BSF के प्रवक्ता डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल एके विद्यार्थी ने बताया, ‘पाकिस्तानी तस्कर ड्रोन और जीपीएस-आधारित डिलीवरी का उपयोग कर पकड़े जाने से बचने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन हमारी सतर्कता से तस्करी के नेटवर्क को ध्वस्त करने में मदद मिल रही है।’

नाबालिगों की कूरियर के रूप में भर्ती

साल 2024 में बीएसएफ ने 161 तस्करों को गिरफ्तार किया। इस साल 30 सितंबर तक 186 और तस्कर पकड़े गए हैं। इनमें 16 पाकिस्तानी घुसपैठिए, चार नेपाली और तीन बांग्लादेशी शामिल हैं। इस दौरान 3 पाकिस्तानी घुसपैठियों को मार गिराया गया। सीनियर BSF अधिकारी ने बताया, ‘पाकिस्तानी तस्कर भारतीय तस्करों को नाबालिगों को कूरियर के रूप में भर्ती करने के लिए कह रहे हैं, ताकि कानूनी छूट का फायदा उठाया जा सके।

वे ऐसे नए चेहरों को चुनते हैं जिनका कोई पिछला तस्करी रिकॉर्ड न हो। तस्करी की इस बढ़ती चुनौती से निपटने के लिए बीएसएफ ने जमीनी और हवाई निगरानी को तेज कर दिया है। रात में देखने वाले उपकरण, मोशन सेंसर और ड्रोन-रोधी सिस्टम तैनात किए गए हैं।’

 

एक ही परिवार के 5 लोगों ने किया सुसाइड, दो बेटे-बेटियों ने मां के साथ खाया जहर

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नई दिल्ली: राजस्थान के सीकर से हैरान करने वाला मामला सामने आया है. यहां एक ही परिवार के पांच लोगों ने सुसाइड कर लिया. इस घटना से इलाके में सनसनी फैल गई. सूचना पर पहुंची पुलिस घटना की जांच में जुट गई. एक परिवार के 5 लोगों ने सामूहिक सुसाइड करने का मामला चर्चा का विषय बन गया. मां ने अपने 2 बेटों और 2 बेटियों के साथ फ्लैट में जहर खाकर जान दे दी.

जानकारी के अनुसार, पति से अनबन के चलते महिला किरण अपने बच्चों के साथ अनिरुद्ध रेजिडेंसी में रह रही थी. 5 लोगों के सामूहिक सुसाइड की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच में जुटी है. सुसाइड के कारणों का अभी पता नहीं चला है.

पुलिस के अनुसार, इन लोगों ने सुसाइड कुछ दिन पहले ही कर लिया था. शव बुरी तरह से सड़ चुके हैं. फ्लैट से दुर्गंध आने पर बिल्डिंग में रहने वाले दूसरे लोगों ने पुलिस को सूचना दी. स्थिति इतनी गंभीर थी कि अंदर घुसने में भी कठिनाई हो रही थी. दुर्गंध को कम करने के लिए अगरबत्ती और इत्र का उपयोग किया गया, इसके बाद पुलिस टीम अंदर पहुंची. पुलिस ने सभी शव को कब्जे में लेकर जांच में जुटी गई. पुलिस का कहना है कि सुसाइड के कारणों का अभी कुछ पता नहीं चल सका है.

एक स्थानीय पुलिस अधिकारी ने बताया कि एक ही परिवार के पांच लोगों द्वारा सामूहिक दुष्कर्म किए जाने की सूचना मिली थी. मौके पर पहुंची पुलिस ने देखा तो फ्लैट अंदर से बंद था और बदबू बहुत ज्यादा आ रही थी. फ्लैट में के अंदर किसी तरह से कोशिश करके पुलिस टीम पहुंची तो वहां पांच लोगों के शव मिले. वहीं घटना स्थल से जहर के 8 पाउच भी मिले हैं. शव को देखकर लग रहा था कि सुसाइड कई दिनों पहले किया गया है. शव पूरी तरह से गल चुके थे. मामले की जांच की जा रही. मौके पर फॉरेंसिक टीम को बुलाया गया है और सबूत एकत्र किए गए हैं.

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लखनऊ, उत्तर प्रदेश से एक नए ऑनलाइन शॉपिंग युग की शुरुआत…

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क्या होती है महिला जननांग विकृति? CJI बीआर गवई ने भी जताई चिंता, बोले- आज भी जारी

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नई दिल्‍ली । भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) बीआर गवई (BR Gawai )ने शनिवार को कहा कि संविधान(Constitution) की गारंटी होने के बावजूद देश में आज भी अनेक बच्चियां अपने मौलिक अधिकारों(fundamental rights) और जीवन की मूलभूत आवश्यकताओं(Basic Requirements) से वंचित हैं और महिला जननांग विकृति जैसी हानिकारक प्रथाओं का सामना कर रही हैं। गवई ने यह टिप्पणी ‘बालिका सुरक्षा: एक सुरक्षित और सक्षम भारत की ओर’ विषय पर आयोजित राष्ट्रीय परामर्श के दौरान की। इसे न्यायमूर्ति बीवी नागरत्ना की अध्यक्षता वाली किशोर न्याय समिति ने आयोजित किया।

गौरतलब है कि FGM की वैधता को चुनौती देने वाली जनहित याचिका (PIL) इस समय सुप्रीम कोर्ट की नौ-न्यायाधीशों की संविधान पीठ के समक्ष लंबित है। यही पीठ सबरीमाला मंदिर, पारसी अगियारी और मस्जिदों में महिलाओं के प्रवेश से जुड़े भेदभावपूर्ण धार्मिक प्रथाओं पर भी सुनवाई कर रही है।

कार्यक्रम में बोलते हुए CJI गवई ने कहा, “यह असुरक्षा बच्चियों को यौन शोषण, तस्करी, बाल विवाह, कुपोषण, लिंग आधारित गर्भपात और एफजीएम जैसी हानिकारक प्रथाओं के उच्च जोखिम में डालती है।” उन्होंने कहा कि तकनीकी प्रगति ने जहां लड़कियों को सशक्त बनाया है, वहीं नई तरह की कमजोरियां भी पैदा की हैं।

सीजेआई ने कहा, “आज खतरें सिर्फ भौतिक नहीं हैं। वे डिजिटल दुनिया में भी हैं। ऑनलाइन उत्पीड़न, साइबर बुलिंग, डिजिटल स्टॉकिंग, व्यक्तिगत डेटा के दुरुपयोग और डीपफेक इमेजरी जैसी चुनौतियां नित नई जटिलता ले रही हैं।”

एफजीएम क्या है?

यूनिसेफ के मुताबिक, महिला जननांग विकृति (FGM) उन सभी प्रक्रियाओं को संदर्भित करती है जिनमें गैर-चिकित्सीय कारणों से महिला के बाह्य जननांगों को आंशिक या पूर्ण रूप से हटाया जाता है या महिला जननांगों को अन्य प्रकार की क्षति पहुँचाई जाती है। यह प्रायः शैशवावस्था से 15 वर्ष की आयु के बीच की छोटी लड़कियों पर किया जाता है। FGM चाहे जिस भी रूप में किया जाए, यह लड़कियों और महिलाओं के मौलिक मानवाधिकारों का उल्लंघन है, जिसमें उनके स्वास्थ्य, सुरक्षा और सम्मान के अधिकार भी शामिल हैं।

मुख्य न्यायाधीश ने नीति निर्माताओं और प्रवर्तन एजेंसियों से आग्रह किया कि वे वर्तमान युग की इन नई चुनौतियों को समझें और तकनीक को मुक्ति का साधन बनाएं, न कि शोषण का उपकरण। उन्होंने कहा, “आज बालिका की सुरक्षा का अर्थ है कि उसे कक्षा में, कार्यस्थल पर और हर स्क्रीन पर सुरक्षित भविष्य प्रदान करना।”

वहीं, न्यायमूर्ति बीवी नागरत्ना ने कहा कि भारत में एक लड़की को सच्चे अर्थों में समान नागरिक तब माना जा सकता है, जब वह अपने पुरुष समकक्ष की तरह किसी भी सपने को देखने और पूरा करने के लिए समान अवसर, संसाधन और सहयोग प्राप्त करे और किसी लिंग-विशिष्ट बाधा का सामना न करे।

आपको बता दें कि महिला जननांग विकृति प्रथा कुछ समुदायों में धार्मिक परंपरा के रूप में प्रचलित है, लेकिन इसे महिलाओं के शारीरिक और मानसिक अधिकारों का उल्लंघन माना जाता है। भारत में यह प्रथा डॉक्टरों और मानवाधिकार संगठनों द्वारा बार-बार सवालों के घेरे में आई है। सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ इस मुद्दे पर जल्द सुनवाई शुरू करने वाली है।

राजदूत सर्जियो गोर ने प्रधानमंत्री से की मुलाकात, कहा- ‘ट्रंप के खास दोस्त हैं पीएम मोदी’

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नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत में अमेरिका के नामित राजदूत सर्जियो गोर से शनिवार को मुलाकात की. पीएम ने उनके कार्यकाल में नई दिल्ली और वाशिंगटन के बीच रणनीतिक साझेदारी के और मजबूत होने का भरोसा जताया. वहीं गोर ने पीएम मोदी से मिलने के बाद कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘एक महान और खास दोस्त’ मानते हैं.

मुलाकात के दौरान गोर ने पीएम मोदी को व्हाइट हाउस में उनकी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की एक फ्रेमयुक्त तस्वीर भी भेंट की. इस तस्वीर को पीएम मोदी के अमेरिकी दौरे के दौरान लिया गया था. इतना ही नहीं तस्वीर पर ट्रंप का संदेश और हस्ताक्षर थे. ट्रंप ने तस्वीर पर साफ तौर पर लिखा था कि प्रधानमंत्री महोदय, आप महान हैं.

 

 

बता दें कि अमेरिकी सीनेट (संसद का उच्च सदन) के भारत में अमेरिका के नये राजदूत के रूप में गोर को नामित करने की पुष्टि करने के बाद वह (गोर) छह दिन की भारत यात्रा पर आए हैं. इस दौरान प्रबंधन और संसाधन मामलों के उप मंत्री माइकल जे रिगास भी उनके साथ हैं.

पीएम मोदी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “भारत में अमेरिका के नामित राजदूत सर्जियो गोर का स्वागत करके खुशी हुई. मुझे विश्वास है कि उनके कार्यकाल में भारत-अमेरिका व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी और मजबूत होगी.”

गोर ने पीएम मोदी से मुलाकात को बताया ‘अद्भुत’
वहीं, दूसरी ओर अमेरिकी राजदूत नामित सर्जियो गोर ने पीएम मोदी से हुई मुलाकात को अद्भुत बताया. पीएम मोदी से मुलाकात के बाद मीडिया से गोर ने कहा, ‘पीएम मोदी से मेरी मुलाकात अद्भुत रही. हमने रक्षा, व्यापार और तकनीक समेत कई द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा की. इसके अलावा, हमने महत्वपूर्ण खनिजों के महत्व पर भी गंभीर चर्चा की.’

उन्होंने कहा,”राष्ट्रपति ट्रंप, प्रधानमंत्री मोदी को अपना एक महान और निजी मित्र मानते हैं. दरअसल, मेरे नई दिल्ली रवाना होने से ठीक पहले, उन्होंने एक अद्भुत फ़ोन कॉल की थी. और यह कुछ ऐसा है जो आने वाले हफ़्तों और महीनों तक जारी रहेगा. भारत में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के राजदूत के रूप में सेवा करना सम्मान की बात है. मैं इस बेहद महत्वपूर्ण रिश्ते और हमारे दोनों देशों के बीच संबंधों के निरंतर विकास और गहनता की आशा करता हूं.”

गौरतलब है कि रूस से कच्चे तेल की खरीद को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन की ओर से भारतीय उत्पादों के आयात पर भारी टैरिफ लगाए जाने के बाद भारत और अमेरिका के संबंध तनावपूर्ण दौर से गुजर रहे हैं. हालांकि भारत ने अमेरिकी कार्रवाई को अनुचित, अन्यायपूर्ण और अविवेकपूर्ण बताया है. हालांकि, ट्रंप और मोदी के बीच फोन पर हुई हालिया बातचीत से तनावपूर्ण संबंधों में सकारात्मक बदलाव की उम्मीद है.

ग्रामसभा की बैठक में BJP की महिला नेता ने एक शख्स को जूते से पीटा, जिंदा जलाने की दी धमकी

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देहरादून । भाजपा नेता बचना शर्मा (BJP leader Bachna Sharma) और उनके पति पर ग्रामीण को जूते-चप्पलों से पीटने व एक अन्य मामले में पुलिस ने गुरुवार देर रात दो मुकदमे दर्ज किए। बचना शर्मा भाजपा की क्वांसी मंडल अध्यक्ष (Kwansi Mandal President) रह चुकी हैं।

चकराता के थानाध्यक्ष चंद्रशेखर नौटियाल ने कहाकि विरेंद्र भट्ट निवासी ग्राम लाखामंडल ने तहरीर देकर बताया कि आठ अक्तूबर को क्षेत्र के शिव मंदिर परिसर में ग्रामसभा की बैठक चल रही थी। इसमें बचना शर्मा और उनके पति ओमप्रकाश भी थे। विरेंद्र का आरोप है कि बैठक में जैसे ही उन्होंने अपनी बात रखी तो बचना शर्मा और ओमप्रकाश आगबबूला हो गए। दोनों ने उसके साथ मारपीट की और जिंदा जलाने की धमकी दी। उनका यह भी आरोप है कि शाम को वह पुलिस चौकी में रिपोर्ट दर्ज कराने गए तो बचना देवी व ओमप्रकाश भी वहां पहुंच गए। दोनों ने चौकी के बाहर उसके साथ जूते-चप्पलों से मारपीट की। एक अन्य मामले में खुशीराम गौड़ निवासी लाखामंडल ने पुलिस को तहरीर दी। इस में उन्होंने आरोप लगाया कि बचना शर्मा ने उनकी बेटी व परिवार के लिए सोशल मीडिया पर अभद्र टिप्पणी की। थानाध्यक्ष ने बताया कि दोनों मामलों में केस दर्ज कर जांच की जा रही है।

भाजपा नेता बचना शर्मा ने कहा कि ग्राम पंचायत की बैठक में आरोप लगाने वालों ने ही विवाद किया था। दूसरे मामले में आरोप लगाने वाले ने मेरी आईडी हैक कर खुद ही अपने लिए गलत लिखा है। मैं उनके खिलाफ केस दर्ज कराऊंगी।

बेंगलुरु में रोबोट की मदद से चमत्कार, 90 साल के बुजुर्ग को गाल ब्लैडर का ऑपरेशन कर मिला जीवनदान

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नई दिल्‍ली । बुजुर्गों (Elderly people) की सर्जरी (surgery) करना मेडिकल साइंस (Medical Science) के लिए बड़ी चुनौती मानी जाती है। वह भी अगर किसी की उम्र 90 के आसपास पहुंच गई हो तो अकसर डॉक्टर सर्जरी करने को तैयार नहीं होते। वहीं बेंगलुरु में रोबोट (Robot) की मदद से चमत्कार ही हो गया। यहां 90 साल के रामारेतिनाम संथानम की सफल सर्जरी की गई और वह अब एकदम स्वस्थ हैं। इतनी ज्यादा उम्र में ऑपरेशन करने के बाद किसी के स्वस्थ होने का यह अनोखा मामला है।

जानकारी के मुताबिक बुजुर्ग को पेट के ऊपरी हिस्से में जबरदस्त दर्द और उल्टियों की वजह से अस्पताल लाया गया था। उनकी हालत बिगड़ती ही जा रही थी। जांच के बाद डॉक्टरों ने बताया कि उनके गालब्लैडर में ब्लड की सप्लाई रुक गई और इस वजह से ऊतक लगातार मर रहे हैं। इसी वजह से गालब्लैडर में कई पथरियां बन गई हैं। डॉक्टरों ने कहा कि अगर तत्काल सर्जरी नहीं की गई तो उनकी मौत भी हो सकती है।

इसके बाद रोबोटिक और जनरल सर्जन डॉ. जावेद हुसैन ने उनकी सर्जरी करने का फैसला किया। 90 साल की उम्र और दिल की बीमारियों के चलते रिस्क और भी ज्यादा था। बुजुर्ग को ती बना स्टेंट पड़ चुके थे। डॉ. ने एडवांस दा विंची रोबोटिक सर्जरी सिस्टम के जरिए ऑपरेशन किया। इसमें कार्डियक टीम भी पूरी मदद में लगी हुई थी।

डॉक्टर जावेद ने ब ताया. इस उम्र में कोई भी मेडिकल प्रक्रिया बहुत चुनौतीपूर्ण होती है। हालांकि तकनीक की वजह से काफी मदद मिलती है। दा विंची रोबोट ने ऑपरेशन में सफाई और नियंत्रण का काम किया। इसके बाद गालब्लैडर को बाहर निकाल दिया गया। बुजुर्ग को ज्यादा ब्लीडिंग भी नहीं हुई। दो दिन के बाद ही वह खतरे से बाहर आ गए और हंसने-बोलने लगे।

अकासा एयर के प्लेन से टकराया पक्षी, यात्रियों में मचा हड़कंप

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नई दिल्ली: पुणे (Pune) से दिल्ली (Delhi) आ रहे अकासा एयर (Akasa Air) के एक विमान (Flight) से शुक्रवार (10 अक्टूबर, 2025) को पक्षी (Bird) टकरा गया, लेकिन फिर भी विमान सुरक्षित रूप से राष्ट्रीय राजधानी में उतर गया. एयरलाइन के प्रवक्ता ने एक बयान में कहा कि विमान की इंजीनियरिंग टीम द्वारा जांच की जा रही है और गहन निरीक्षण के बाद इसे सेवा के लिए जारी कर दिया जाएगा.

प्रवक्ता ने कहा, ’10 अक्टूबर 2025 को पुणे से दिल्ली के लिए उड़ान भरने वाली अकासा एयर की उड़ान संख्या क्यूपी 1607 से एक पक्षी टकरा गया. इसके बावजूद विमान सुरक्षित उतर गया और सभी यात्रियों और चालक दल के सदस्यों को विमान से उतार लिया गया है.

सबरीमाला मंदिर से सोने की चोरी पर हाई कोर्ट का आदेश, कहा- आपराधिक मामला दर्ज कर जांच शुरू करें

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नई दिल्‍ली । केरल हाई कोर्ट (Kerala High Court) ने शुक्रवार को राज्य पुलिस को आदेश दिया कि वह सबरीमला मंदिर (Sabarimala Temple) के चौखट या लिंटर से सोने (Gold) की हेराफेरी को लेकर आपराधिक केस दर्ज (criminal cases) कर जांच शुरू करे। जस्टिस राजा विजयराघवन वी. और जस्टिस के. वी. जयकुमार की पीठ ने कहा, ‘अब तक की गई जांच से ऐसा प्रतीत होता है कि जहां तक चौखट का संबंध है, सोने की हेराफेरी की गई है। हमारे समक्ष पेश सतर्कता रिपोर्ट से यह भी पता चला है कि काफी मात्रा में सोना लगभग 474.9 ग्राम – उन्नीकृष्णन पोट्टी (सोने की परत चढ़ाने का प्रस्ताव देने वाले प्रायोजक) को सौंपा गया था।’ हालांकि, रिकॉर्ड से यह पता नहीं चलता कि सोने की यह मात्रा त्रावणकोर देवस्वम बोर्ड (TDB) को सौंपी थी।

पीठ ने अपनी ओर से गठित विशेष जांच दल (SIT) को चौखट मुद्दे के साथ-साथ जांच के दौरान सामने आने वाले अन्य सभी पहलुओं की भी पड़ताल करने का निर्देश दिया। इसने कहा कि सतर्कता रिपोर्ट त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड के समक्ष रखी जाए, जिसे उसे राज्य पुलिस प्रमुख को भेजने का आदेश दिया गया। राज्य पुलिस प्रमुख को एडीजीपी (अपराध शाखा और कानून व्यवस्था) एच. वेंकटेश को इस मामले के संबंध में आपराधिक मामला दर्ज करने और जांच शुरू करने का निर्देश देने के लिए कहा गया।

SIT को निष्पक्ष जांच करने का निर्देश
9 अक्टूबर को जारी सरकारी आदेश के अनुसार, एडीजीपी वेंकटेश एसआईटी का नेतृत्व कर रहे हैं। पीठ ने एसआईटी को पूरी तरह से निष्पक्ष और त्वरित जांच करने का निर्देश दिया ताकि अपराधियों को न्याय के कटघरे में लाया जा सके। SIT को 6 सप्ताह के भीतर एक रिपोर्ट दाखिल करने और हर 2 सप्ताह में एक बार अदालत के समक्ष जांच की स्थिति रिपोर्ट पेश करने का निर्देश भी दिया गया। पीठ ने यह भी कहा कि SIT अदालत के प्रति सीधे जवाबदेह होगी, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि जांच अत्यंत विवेक और ईमानदारी के साथ की जाए। एसआईटी को यह भी निर्देश दिया गया कि जांच पूरी होने तक वह जांच का विवरण जनता या मीडिया को नहीं बताए।