महंगाई से राहत की उम्मीद, मध्य प्रदेश में कर्मचारियों को मिलेगा अतिरिक्त DA

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नई दिल्ली। मध्य प्रदेश में पेंशनरों की महंगाई राहत दो प्रतिशत बढ़ाने के बाद अब सरकार कर्मचारियों का महंगाई भत्ता तीन प्रतिशत बढ़ाएगी। इसकी घोषणा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव दीपावली के पहले या फिर एक नवंबर को प्रदेश के स्थापना दिवस पर आयोजित राज्योत्सव में कर सकते हैं।

भारत सरकार ने अपने कर्मचारियों के लिए जुलाई से महंगाई भत्ता 55 से बढ़ाकर 58 प्रतिशत कर दिया है। उत्तर प्रदेश सरकार ने भी इसे लागू कर दिया है। मध्य प्रदेश अधिकारी कर्मचारी एवं पेंशनर्स संयुक्त मोर्चा सहित अन्य संगठन भी प्रदेश में महंगाई भत्ता और राहत बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।

अभी 55 प्रतिशत मिल रहा है महंगाई भत्ता
प्रदेश के सभी सात लाख नियमित कर्मचारियों को वर्तमान में 55 प्रतिशत की दर से महंगाई भत्ता मिल रहा है। भारत सरकार के इसमें तीन प्रतिशत की वृद्धि के निर्णय के बाद प्रदेश में भी महंगाई भत्ता बढ़ाने की मांग उठ रही है। मध्य प्रदेश अधिकारी कर्मचारी एवं पेंशनर्स संयुक्त मोर्चा ने मुख्यमंत्री से महंगाई भत्ता और पेंशनरों की महंगाई राहत में दीपावली के पहले जुलाई 2025 से तीन प्रतिशत की वृद्धि के साथ जुलाई से सितंबर तक का एरियर देने की मांग की है।

मोर्चे में शामिल सभी संगठनों की प्रांतीय बैठक दीपावली के बाद भोपाल में बुलाई जाएगी जिसमें लंबित मांगों पर चर्चा कर आगामी कार्य योजना तैयार की जाएगी।

बजट में 64 प्रतिशत के हिसाब से प्रविधान
वित्त विभाग के अधिकारियों का कहना है कि वर्ष 2025-26 के बजट में महंगाई भत्ता और राहत के लिए 64 प्रतिशत के हिसाब से प्रविधान रखा गया है। अभी 55 प्रतिशत की दर से भुगतान किया जा रहा है। वित्त विभाग के अधिकारियों का कहना है कि वित्तीय प्रविधान उपलब्ध हैं।

नीतिगत मामला होने के कारण निर्णय मुख्यमंत्री के स्तर से ही होगा। इसके बाद ही महंगाई राहत में वृद्धि छत्तीसगढ़ सरकार की सहमति के लिए पत्र भेजा जाएगा। उल्लेखनीय है कि राज्य पुनर्गठन अधिनियम में पेंशनरों के संबंध में निर्णय लेने से पहले दोनों राज्यों के बीच सहमति का प्रविधान है।

पीएम मोदी का बड़ा बयान – 2047 तक बनेगा विकसित भारत, दुनिया देखेगी बदलाव

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कुरनूल। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि 21वीं सदी 140 करोड़ भारतीयों की है। 2047 तक विकसित भारत का सपना साकार हो जाएगा। ‘मेक इन इंडिया’ की प्रशंसा करते हुए कहा कि हमने ऑरेशन सिंदूर में घरेलू स्तर पर निर्मित चीजों की ताकत देखी है। गूगल के एआइ हब निवेश से एक नया अंतरराष्ट्रीय सब-सी गेटवे विकसित होगा।

 आगे बोले कि इससे कई देशों की समुद्र के नीचे बिछाई गई केबल प्रणालियां जुड़ी होंगी और ये पूर्वी तट पर विशाखापत्तनम तक आएंगी। विगत 16 माह से आंध्र प्रदेश में विकास की गति बहुत तेज हो गई है। डबल इंजन सरकार में अभूतपूर्व प्रगति हो रही है। आंध्र प्रदेश न केवल स्वाभिमान और संस्कृति की भूमि है, बल्कि विज्ञान और नवाचार का केंद्र भी है।

आंध्र प्रदेश में दी 13 हजार करोड़ रुपये की योजनाओं की सौगात
वह गुरुवार को आंध्र प्रदेश के लिए 13 हजार करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं के उद्घाटन एवं शिलान्यास के बाद एक रैली को संबोधित कर रहे थे। इससे पहले, पीएम ने राज्य के विभिन्न हिस्सों के लिए 13,430 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया। ये परियोजनाएं उद्योग, बिजली, सड़क, रेलवे, रक्षा विनिर्माण और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस जैसे प्रमुख क्षेत्रों से जुड़ी हैं।

 उन्होंने कुरनूल-3 पूलिंग स्टेशन पर लगभग 2,880 करोड़ रुपये की लागत से ट्रांसमिशन सिस्टम सुदृढ़ीकरण परियोजना की आधारशिला रखी। उन्होंने कुरनूल में ओर्वाकल औद्योगिक क्षेत्र और कडप्पा में कोप्पर्थी औद्योगिक क्षेत्र की आधारशिला रखी, जिनमें कुल 4,920 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश होगा।

 ग्रीनफील्ड राजमार्ग की भी आधारशिला रखी
प्रधानमंत्री ने सब्बावरम से शीलानगर तक 960 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से छह लेन वाले ग्रीनफील्ड राजमार्ग की भी आधारशिला रखी। इस परियोजना का उद्देश्य बंदरगाह शहर विशाखापत्तनम में भीड़भाड़ को कम करना और व्यापार एवं रोजगार को सुगम बनाना है।

 उन्होंने 1,200 करोड़ रुपये से अधिक की रेलवे परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया। ऊर्जा क्षेत्र में मोदी ने गेल इंडिया लिमिटेड की श्रीकाकुलम-अंगुल प्राकृतिक गैस पाइपलाइन का उद्घाटन किया, जिसका निर्माण लगभग 1,730 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है।

 उन्होंने चित्तूर में इंडियन ऑयल के 60 टीएमटीपीए (हजार मीट्रिक टन प्रति वर्ष) एलपीजी बाट¨लग संयंत्र का उद्घाटन किया, जिसे लगभग 200 करोड़ रुपये के निवेश से स्थापित किया गया है।

 श्री भ्रामरांबा मल्लिकार्जुन स्वामी वरला देवस्थानम में की पूजा-अर्चना
प्रधानमंत्री मोदी ने नांदयाल जिले के श्रीशैलम में श्री भ्रामरांबा मल्लिकार्जुन स्वामी वरला देवस्थानम में पूजा-अर्चना की। इस दौरान मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू और उप मुख्यमंत्री पवन कल्याण मंदिर में मौजूद थे। मल्लिकार्जुन स्वामी मंदिर में दर्शन के बाद वह श्री शिवाजी स्फूर्ति केंद्र गए, जो एक स्मारक परिसर है।

 इसमें एक ध्यान कक्ष भी है, जिसके चारों कोनों पर चार प्रतिष्ठित किलों-प्रतापगढ़, राजगढ़, रायगढ़ और शिवनेरी के माडल, जबकि बीच में छत्रपति शिवाजी की गहन ध्यान मुद्रा वाली एक प्रतिमा स्थापित की गई है।

 मुख्यमंत्री नायडू ने हिंदी में भाषण देकर बिहार के राजग कार्यकर्ताओं का दिल जीत लिया बिहार में राजग की चुनावी संभावनाओं पर आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू की हिंदी में की गई टिप्पणी की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सराहना की।

 उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि नायडू द्वारा हिंदी में की गई टिप्पणी ने बिहार में राजग कार्यकर्ताओं का दिल जीत लिया है। यह एक भारत, श्रेष्ठ भारत की भावना को प्रतिबिंबित करता है। नायडू ने जनसभा में कहा कि हमें पूरा विश्वास है कि बिहार में राजग की जीत होगी और मोदी की विजय यात्रा इसी तरह आगे बढ़ती रहेगी।

क्या अल्पसंख्यक संस्थानों में लागू होंगे RTE और TET? सुप्रीम कोर्ट में CJI गवई करेंगे निर्णय

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नई दिल्‍ली । सुप्रीम कोर्ट(Supreme Court) ने बुधवार को कहा कि बच्चों के लिए मुफ्त एवं अनिवार्य शिक्षा (RTE) से संबंधित एक याचिका उचित आदेशों (appropriate orders)के लिए भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) को भेजी गई है। जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह ने कहा कि आरटीई अधिनियम से संबंधित ऐसा ही एक मुद्दा उच्चतम न्यायालय के समक्ष लंबित है। पीठ नितिन उपाध्याय की जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें यह निर्देश देने का अनुरोध किया गया है कि धार्मिक और धर्मनिरपेक्ष दोनों तरह की शिक्षा देने वाले स्कूल भी आरटीई अधिनियम के प्रावधानों के अंतर्गत लाए जाएं।

अधिवक्ता अश्विनी कुमार दुबे के माध्यम से दायर याचिका में RTE अधिनियम की धारा 1(4) और 1(5) की वैधता को भी चुनौती दी गई है। याचिका में दावा किया गया है कि ये धाराएं मनमानी हैं और अनुच्छेद 14 (कानून के समक्ष समानता) समेत संविधान के विभिन्न प्रावधानों के विपरीत हैं।

अल्पसंख्यक संस्थानों में लागू नहीं TET

याचिका में कहा गया है कि शिक्षकों की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए शुरू की गई शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) गैर-अल्पसंख्यक संस्थानों पर लागू होती हैं, लेकिन अल्पसंख्यक संस्थानों पर लागू नहीं होती। याचिकाकर्ता ने अनुच्छेद 32 के तहत जनहित याचिका दायर कर यह रिट आदेश या निर्देश जारी करने का अनुरोध किया है कि आरटीई अधिनियम और शिक्षक पात्रता परीक्षा सभी स्कूलों पर समान रूप से लागू किए जाएं।

SC ने अपने ही फैसले पर जताया संदेह

अल्पसंख्यक स्कूलों को शिक्षा का अधिकार अधिनियम के दायरे से बाहर रखने वाले अपने 2014 के फैसले की सत्यता पर संदेह करते हुए, शीर्ष न्यायालय ने 1 सितंबर को इस मामले को निर्णय के लिए एक बड़ी पीठ के पास भेज दिया था। उस फैसले में पीठ ने कहा था, “हम अत्यंत विनम्रतापूर्वक यह टिप्पणी करते हैं कि प्रमति एजुकेशनल एंड कल्चरल ट्रस्ट मामले में लिए गए फैसले ने अनजाने में सार्वभौमिक प्राथमिक शिक्षा की नींव को ही खतरे में डाल दिया है। अल्पसंख्यक संस्थानों को शिक्षा का अधिकार अधिनियम से छूट देने से समान स्कूली शिक्षा की अवधारणा का विखंडन होता है और अनुच्छेद 21ए द्वारा परिकल्पित समावेशिता और सार्वभौमिकता की अवधारणा कमजोर होती है।

SC ने 2014 के फैसले में क्या कहा था?

बता दें कि अनुच्छेद 21ए शिक्षा के अधिकार से संबंधित है और कहता है कि राज्य छह से चौदह वर्ष की आयु के सभी बच्चों को मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा प्रदान करेगा। सर्वोच्च न्यायालय ने कहा था कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम बच्चों को बुनियादी ढाँचा, प्रशिक्षित शिक्षक, पुस्तकें, वर्दी और मध्याह्न भोजन जैसे कई अधिकार सुनिश्चित करता है। हालांकि, अल्पसंख्यक स्कूल शिक्षा का अधिकार अधिनियम के दायरे से बाहर रखे गए हैं और वे ऐसी सुविधाएं प्रदान करने के लिए अनिवार्य रूप से बाध्य नहीं हैं।

केरल में हिजाब विवाद पर पिता ने मानी स्कूल की बात, ड्रेस पहनकर ही जाएगी छात्रा

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hijab bainनई दिल्‍ली। केरल (Kerala) के एर्नाकुलम जिले में एक छात्रा को हिजाब (Hijab) पहनने की अनुमति न दिए जाने से उपजा विवाद मंगलवार को सुलझ गया। छात्रा के पिता ने सुलह वार्ता के बाद स्कूल के ड्रेस कोड (Dress code) का पालन करने पर सहमति जताई। वहीं, शिक्षा विभाग की जांच रिपोर्ट ने छात्रा को धार्मिक स्वतंत्रता के तहत हिजाब पहनने की अनुमति देने की सिफारिश की है।

मामला कैथोलिक चर्च द्वारा संचालित सेंट रीटा पब्लिक स्कूल पल्लुरुथी का है, जहां कक्षा 8 की छात्रा के पिता पीएम अनस ने अपनी बेटी को कक्षा में हिजाब पहनने की अनुमति देने की मांग की थी। स्कूल प्रशासन ने इसे यूनिफॉर्म नीति का उल्लंघन बताते हुए अस्वीकार कर दिया था। सोमवार और मंगलवार को स्कूल में तनाव के बाद कक्षाएं निलंबित करनी पड़ी थीं।

 

मंगलवार को कांग्रेस सांसद हिबी ईडन की मध्यस्थता में छात्रा के माता-पिता और स्कूल प्रबंधन के बीच वार्ता हुई, जिसके बाद अनस ने कहा, “मैं और मेरी बेटी स्कूल प्रबंधन के निर्देशों का पालन करेंगे। मैं नहीं चाहता कि यह मामला सांप्रदायिक रंग ले। हमें समाज में भाईचारा बनाए रखना है।”

 

हिबी ईडन ने कहा कि कुछ तत्व इस विवाद के बहाने सांप्रदायिक विभाजन पैदा करने की कोशिश कर रहे थे। उन्होंने कहा, “छात्रा के पिता का यह फैसला केरल की धर्मनिरपेक्ष परंपरा को मजबूत करने वाला संदेश है।” इस बीच राज्य के सामान्य शिक्षा मंत्री वी. शिवनकुट्टी ने बताया कि जांच में स्कूल की ओर से गंभीर चूक पाई गई है।

उन्होंने फेसबुक पर लिखा, “छात्रा को हिजाब पहनने के कारण कक्षा से बाहर करना संविधान द्वारा प्रदत्त धार्मिक स्वतंत्रता और शिक्षा के अधिकार का उल्लंघन है। यह गंभीर अनुशासनहीनता है।”

जांच रिपोर्ट में अनुशंसा की गई है कि छात्रा को हिजाब पहनने की अनुमति दी जाए और स्कूल चाहें तो उसके रंग और डिजाइन को निर्धारित कर सकता है। मंत्री ने कहा, “केरल की धर्मनिरपेक्ष पहचान के विपरीत कोई शैक्षणिक संस्था कार्य नहीं कर सकती। ऐसी घटनाएं दोबारा नहीं होनी चाहिए।”

इससे पहले केरल हाईकोर्ट ने स्कूल प्रबंधन को संभावित कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए पुलिस सुरक्षा देने का आदेश दिया था। स्कूल अधिकारियों के अनुसार, छात्रा को दाखिले के समय से ही ड्रेस कोड (शर्ट और पैंट) के बारे में बताया गया था, जिसे वह अक्टूबर तक पालन कर रही थी। 7 अक्टूबर को उसने हिजाब पहनकर आने के बाद यह विवाद उत्पन्न हुआ था।

बांके बिहारी मंदिर में दर्शन कर लौट रहे थे बुजुर्ग, गेट नंबर 4 के पास गिरे; मौत

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वृंदावन: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के वृंदावन (Vrindavan) में प्रसिद्ध ठाकुर श्री बांके बिहारी मंदिर (Thakur Shri Banke Bihari Temple) है. यहां बुधवार शाम दर्शन करने आए एक श्रद्धालु (Devotees) की मौत हो गई. मृतक की पहचान मेरठ जिले के मवाना तहसील के गांव निलोहा निवासी 55 वर्षीय कृपाल सिंह पुत्र शेर सिंह के रूप में हुई है. वह अपने परिजन के साथ ठाकुर बांके बिहारी के दर्शन के लिए वृंदावन पहुंचे थे.

कृपाल सिंह शाम के समय मंदिर में दर्शन करने पहुंचे. मंदिर में दर्शन करने के बाद जब वे गेट नंबर चार से बाहर निकल रहे थे, तभी अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और वे वहीं गिर पड़े. मंदिर में मौजूद श्रद्धालुओं ने तुरंत उन्हें संभाला और मंदिर प्रशासन को सूचना दी. सूचना पर मंदिर प्रशासन और पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे.

घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंचे डॉक्टरों ने जांच की और उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाने की सलाह दी. कृपाल सिंह को एम्बुलेंस के जरिए जिला संयुक्त अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.

58 करोड़ रुपये का नुकसान, कारोबारी को किया डिजिटल अरेस्ट… हैरान कर देने वाला मामला

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मुंबई: मुंबई (Mumbai) में रहने वाले 72 साल के एक नामी बिजनेसमैन (Businessman) के साथ जो हुआ, वो वाकई हैरान कर देने वाला मामला है. इस शख्स (Person) को ऑनलाइन ठगों (Online Fraudsters) ने ऐसी चाल में फंसाया कि वह दो महीने तक डर और धोखे की जाल में फंसा रहा. खुद को ईडी (Enforcement Directorate) और सीबीआई (CBI) अधिकारी बताने वाले ठगों ने उसे डिजिटल गिरफ्तारी (Digital Arrest) में रखकर 58 करोड़ रुपये ठग लिए.

यह मामला अगस्त से अक्टूबर 2025 के बीच का है. एक दिन बिजनेसमैन को एक वीडियो कॉल आई. कॉल करने वालों ने कहा कि वे ईडी और सीबीआई से बोल रहे हैं और उनके नाम पर मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज हुआ है. अगर वे जांच में सहयोग नहीं करेंगे तो तुरंत गिरफ्तारी हो सकती है. बिजनेसमैन और उनकी पत्नी घबरा गए. कॉल पर बैठे ठगों ने कहा कि उन्हें फिलहाल डिजिटल अरेस्ट किया जा रहा है. यानी उन्हें फोन पर लगातार नजर रखी जाएगी, और वे किसी से संपर्क नहीं कर सकते.

कॉल करने वालों ने पूरी चालाकी से भरोसा दिलाया कि अगर वे निर्दोष हैं तो कुछ रकम ‘जांच’ के लिए जमा कर दें, ताकि एजेंसियां उनका नाम क्लियर कर सकें. डर और भ्रम में आए इस बुज़ुर्ग बिजनेसमैन ने अपने खाते से RTGS के जरिए 58 करोड़ रुपये अलग-अलग 18 बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिए, वो भी लगभग दो महीनों के भीतर. हर बार ठग यह कहते रहे कि जांच पूरी होने पर पैसे वापस कर दिए जाएंगे. लेकिन अक्टूबर की शुरुआत में जब कॉल्स अचानक बंद हो गईं, तब जाकर बिजनेसमैन को समझ आया कि वह एक बड़ी ठगी का शिकार हो चुका है.

शिकायत मिलते ही महाराष्ट्र साइबर विभाग ने जांच शुरू की. बैंक खातों की डिटेल ट्रेस की गई और तुरंत कई खातों में फ्रीज करने की कार्रवाई की गई. जांच में पता चला कि ठगी में शामिल तीन आरोपी मुंबई के ही हैं. अब्दुल खुल्ली (47), अर्जुन कदवसरा (55) और जेतराम (35). अब तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया है. फिलहाल मामले की जांच जारी है.

बसों की ओवरलोडिंग पर सुप्रीम कोर्ट की अहम टिप्पणी, CJI गवई ने कहा- हर मुद्दे को लेकर….

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नई दिल्ली: बसों (Bus) की ओवरलोडिंग (Overloading) के खिलाफ याचिका (Petition) सुनने से सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने मना कर दिया है. चीफ जस्टिस भूषण रामकृष्ण गवई की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि याचिकाकर्ता को सरकार को ज्ञापन देना चाहिए. हर विषय को लेकर सुप्रीम कोर्ट में आना जरूरी नहीं है. याचिका में ओवरलोडिंग से यात्रियों के जीवन को खतरे और माल ढुलाई से सरकार को हो रहे राजस्व के नुकसान का हवाला दिया गया था. याचिकाकर्ता ने मांग की थी कि कोर्ट सरकार को बसों का वजन जांचने की व्यवस्था बनाने को कहे. बसों के ऊपर कैरियर लगा कर माल ढोने पर रोक लगाई जाए.

वकील संगम लाल पांडे की याचिका में कहा गया था कि वह मोटर वेहिकल्स एक्ट, 1988 और सेंट्रल मोटर वेहिकल्स रूल्स, 1989 के पालन की मांग कर रहे हैं. पूरे देश में बेरोकटोक यात्री बसों में अधिक वजन ढोया जा रहा है. बसों में यात्रियों का सामान रखने के लिए तय नियमों के परे जाकर व्यापारिक सामान भी रखा जा रहा है. इसके लिए छतों पर कैरियर लगाए जाते हैं.

याचिकाकर्ता ने कहा था कि निजी बसों में 16 से 18 टन वजन की अनुमति होती है, लेकिन ज्यादा यात्री और सामान को रख कर लगातार 40 से 45 टन तक वजन ढोया जा रहा है. छत पर सामान रखने से बस की ऊंचाई भी बढ़ जाती है. अधिक वजन और ऊंचाई के चलते बस असंतुलित रहती है. ओवरलोडिंग कई बड़ी दुर्घटनाओं की वजह बनता रहा है. नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) बताता है कि हर साल हजारों लोगों की जान बस की ओवरलोडिंग के चलते जाती है.

याचिका में कहा गया था कि बसों में ढोया जाने वाला ज्यादातर व्यापारिक सामान बिना उचित जीएसटी बिल के होता है. 2024 की CAG की रिपोर्ट बताती है कि इससे सरकार को होने वाला राजस्व का नुकसान लगभग 500 करोड़ रुपए हो सकता है. याचिकाकर्ता ने अधिक वजन वाली बसों से होने वाले प्रदूषण का भी उल्लेख किया था. कहा था कि IIT दिल्ली की रिपोर्ट के अनुसार ओवरलोड बसें प्रति किलोमीटर ईंधन की 15 से 20 प्रतिशत तक अधिक खपत करती हैं और कार्बन डाइऑक्साइड, नाइट्रोजन ऑक्साइड और पार्टिकुलेट मैटर का अधिक उत्सर्जन करती हैं.

दीवाली से पहले बढ़ा वायु प्रदूषण, दिल्ली एनसीआर में ग्रैप-1 लागू

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दिवाली से करीब एक सप्ताह पहले ही दिल्ली एनसीआर से बड़ी खबर सामने आ रही है। यहां वायु प्रदूषण बढ़ने के चलते ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) का पहला चरण आज मंगलवार से लागू कर दिया गया है। ग्रैप का पहला चरण तब लागू किया जाता है, जब दिल्ली का एक्यूआई लेवल 201 और 300 के बीच दर्ज होता है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मंगलवार को दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक यानी एक्यूआई 211 दर्ज किया गया है। ऐसे में ग्रैप 1 लागू किया गया है। इसके लागू होने से होटलों और रेस्तरां में कोयले और लकड़ी के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। इसके अलावा पेट्रोल के पुराने और डीजल वाहनों यानी बीएस III पेट्रोल और बीएस IV डीजल वाहनों के संचालन पर सख्त निगरानी रखी जाएगी। निर्माण और विध्वंस गतिविधियों के लिए धूल शमन उपायों और कचरे के ठोस प्रबंधन के उचित उपाय करने होंगे।

ऐसी परियोजनाओं पर रहेगी रोक
दिल्ली एनसीआर में 500 वर्ग मीटर के बराबर या उससे अधिक भूखंड आकार वाली परियोजनाओं पर सीएंडडी गतिविधियों की अनुमति नहीं है। इसके अलावा कचरे को अवैध तरीके से खुले में फेंकने पर प्रतिबंध रहेगा।

 

उठाए जाएंगे ये कदम
वायु प्रदूषण को कम करने के लिए कई अहम कार्य उठाए जाएंगे। इस कड़ी में सड़कों पर समय समय पर मशीन से सफाई और पानी का छिड़काव किया जाएगा। सीएंडडी सामग्री और उपशिष्ट को परिसर में उचित रूप से कवर किया जाएगा। वाहनों के लिए पीयूसी मानदंडों की कड़ी निगरानी होगी। इसके अलावा, डीजल से चलने वाले जनरेटर सेट पर भी प्रतिबंध लगाया गया है।
 

‘1945 की मानसिकता से नहीं चलेगा काम’, UN सुधार की वकालत करते नजर आए जयशंकर

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नई दिल्ली। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने गुरुवार को संयुक्त राष्ट्र (यूएन) में तत्काल सुधार की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यूएन 2025 की नहीं बल्कि 1945 की दुनिया की वास्तविकताओं को दर्शाता है। इस वैश्विक निकाय में सुधार की आवश्यकता अब अत्यंत महत्वपूर्ण हो गई है।

विदेश मंत्री ने यह भी कहा कि सुधार की प्रक्रिया का उपयोग एजेंडे को पटरी से उतारने के लिए किया जा रहा है, जिससे ऐतिहासिक अन्याय जारी है। उन्होंने आगाह किया कि जो संस्थान बदलती वास्तविकताओं के अनुकूल नहीं हो पाते वे अप्रासंगिक हो जाते हैं।

भारत की शांति स्थापना का दृष्टिकोण ‘वसुधैव कुटुंबकम’ पर आधारित- जयशंकर
जयशंकर ने नई दिल्ली में संयुक्त राष्ट्र सैन्य योगदान देशों के प्रमुखों के सम्मेलन (यूएनटीसीसी 2025) को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि भारत की शांति स्थापना का दृष्टिकोण उसकी सभ्यता के मूल्यों में निहित है और ‘वसुधैव कुटुंबकम’ के सिद्धांत पर आधारित है।

विदेश मंत्री ने कहा, ‘यह सैन्य योगदान देशों के इस प्रतिष्ठित समूह को संबोधित करने का एक विशेषाधिकार है, जो शांति के रक्षक और संदेशवाहक हैं। आप एक ऐसे संस्थान की ताकत को दर्शाते हैं, जो लगभग आठ दशकों से संघर्षग्रस्त दुनिया में आशा की किरण के रूप में खड़ा है- संयुक्त राष्ट्र शांति स्थापना।”

भारत संयुक्त राष्ट्र शांति स्थापना में सबसे बड़ा सैन्य योगदानकर्ता- जयशंकर
उन्होंने बताया, ‘भारत ने सभी समाजों और लोगों के लिए न्याय, गरिमा, अवसर और समृद्धि की लगातार वकालत की है। यही कारण है कि हम बहुपक्षवाद और अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों में विश्वास रखते हैं।” उन्होंने कहा कि भारत संयुक्त राष्ट्र शांति स्थापना में दुनिया में सबसे बड़ा सैन्य योगदानकर्ता है।

आधुनिक दौर की चुनौतियों को रेखांकित करते हुए जयशंकर ने कहा कि वैश्विक संकट – महामारी, आतंकवाद, आर्थिक अस्थिरता और जलवायु परिवर्तन – सहयोगात्मक प्रतिक्रियाओं की मांग करते हैं न कि प्रतिस्पर्धात्मक। संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपनी हालिया यात्रा पर अपने दृष्टिकोण को साझा करते हुए उन्होंने कहा, ‘संयुक्त राष्ट्र अभी भी 1945 की वास्तविकताओं को दर्शाता है।’

डॉ. दिनेश राजपूत – भारत के नंबर 1 माइंड ट्रेनर, सेल्स ट्रेनर और होलिस्टिक ट्रांसफॉर्मेशन कोच

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स्थान: भोपाल, मध्य प्रदेश
पेशा: माइंड ट्रेनर | सेल्स ट्रेनर | हिप्नोसिस एक्सपर्ट | NLP मास्टर | टैरो रीडर | न्यूमेरोलॉजिस्ट | रेकी ग्रैंड मास्टर | मेमोरी ट्रेनर | पेरेंटिंग कोच | सर्टिफाइड सेक्सोलॉजिस्ट | लेखक | मोटिवेशनल स्पीकर

🧠 डॉ. दिनेश राजपूत के बारे में

डॉ. दिनेश राजपूत भारत के प्रमुख माइंड ट्रेनर और सेल्स ट्रेनर हैं, जिन्हें लोगों के जीवन को माइंड मास्टरी, एनर्जी हीलिंग और होलिस्टिक पर्सनल डेवलपमेंट तकनीकों के माध्यम से बदलने के लिए जाना जाता है।

भोपाल में आधारित, उन्होंने हजारों व्यक्तियों और प्रोफेशनल्स को भावनात्मक चुनौतियों से निपटने, प्रदर्शन बढ़ाने और सफलता प्राप्त करने में मार्गदर्शन किया है।

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🎓 सर्टिफिकेशन और ट्रेनिंग

✅ Certified Mind Trainer

✅ Certified NLP Expert

✅ Certified Reiki Grand Master

✅ Certified Sales Trainer

✅ Certified Memory Trainer

✅ Certified Parenting Coach

✅ Certified Sexologist

✅ Completed 6 Train the Trainer Programs from reputed mentors and institutions

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🏆 अवार्ड्स और मान्यता

डॉ. राजपूत को 10+ राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार मिल चुके हैं, जिनमें शामिल हैं:

🏅 भारत गौरव रतन अवार्ड

🎖️ हिप्नोसिस में डॉक्टरेट

🏆 महात्मा गांधी राष्ट्रीय सेवा पुरस्कार

🌟 राष्ट्रीय उत्कृष्टता अवार्ड – माइंड और सेल्स ट्रेनिंग

🌐 Global Leader Award

✨ Best Author Award

✨ कई अन्य सम्मान जो उनके पर्सनल ट्रांसफॉर्मेशन, मोटिवेशन और होलिस्टिक हीलिंग में योगदान को मान्यता देते हैं

 

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📚 11+ ट्रांसफॉर्मेशनल किताबों के लेखक

Breakup to Power (Breakup Se Shakti Tak) – दिल टूटने को अंदरूनी शक्ति और सफलता में बदलना

Well Done – व्यक्तिगत और पेशेवर जीवन में उत्कृष्टता हासिल करने की रणनीतियाँ

Who Am I – अपना असली स्वरूप खोजें और छिपी हुई क्षमता को उजागर करें

We Your Own Brand – व्यक्तिगत ब्रांड बनाएं और पेशेवर सफलता हासिल करें

Networking Ka Champion – नेटवर्किंग और पेशेवर संबंधों में महारत हासिल करें

Yudh Geeta – आधुनिक जीवन की चुनौतियों में युद्धभूमि से सीखी गई जीवन शिक्षाएँ

(अन्य किताबें जो माइंड मास्टरी, रेकी, NLP, मेमोरी सुधार और होलिस्टिक व्यक्तिगत विकास पर आधारित हैं)

 

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💼 वर्कशॉप और प्रोग्राम्स

🌀 माइंड पावर और हिप्नोसिस ट्रेनिंग

💫 NLP फॉर कम्युनिकेशन और सफलता

🔮 टैरो रीडिंग और न्यूमेरोलॉजी ट्रेनिंग

⚡ रेकी हीलिंग और एनर्जी ट्रांसफॉर्मेशन

💼 सेल्स ट्रेनिंग और प्रोफेशनल माइंडसेट वर्कशॉप

🧠 मेमोरी सुधार और कॉग्निटिव स्किल्स वर्कशॉप

👨‍👩‍👧 पेरेंटिंग कोचिंग और चाइल्ड माइंड डेवलपमेंट

💔 ब्रेकअप रिकवरी और इमोशनल हीलिंग सेशंस

💖 सेक्सोलॉजी और इंटिमेसी कोचिंग

 

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🎯 मिशन और विज़न

> “मैं एक मिलियन लोगों को सशक्त बनाने का लक्ष्य रखता हूँ, ताकि वे अपने अंदर की मानसिक शक्ति को उजागर करें, भावनात्मक रूप से स्वस्थ हों, और वास्तविक सफलता प्राप्त करें। दिमाग सबसे शक्तिशाली उपकरण है – इसे मास्टर करें और अपनी किस्मत को मास्टर करें।”

 

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🌐 डॉ. दिनेश राजपूत से संपर्क करें

📍 भोपाल, मध्य प्रदेश
📩 ईमेल: dineshrajut811@gmail.com
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📖 किताबें: “Breakup Se Shakti Tak” + 10+ अन्य ट्रांसफॉर्मेशनल किताबें