अमेरिकी राष्ट्रपति के बयान पर कांग्रेस का कड़ा रुख, मोदी पर साधा कटाक्ष

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नई दिल्ली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए नया दावा किया है। राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप से “भयभीत” हैं। राहुल गांधी ने कहा कि उन्होंने अमेरिकी नेता को यह “निर्णय लेने और घोषणा करने” की अनुमति दी कि भारत रूसी तेल नहीं खरीदेगा और “बार-बार की गई अनदेखी के बावजूद बधाई संदेश भेजते रहते हैं”।

दरअसल, कांग्रेस नेता राहुल गांधी का यह बयान उस वक्त आया है, जब ट्रंप ने दावा किया था कि प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें आश्वासन दिया है कि भारत रूस से तेल खरीदना बंद कर देगा। इस कदम को उन्होंने यूक्रेन पर रूस के आक्रमण को लेकर उस पर दबाव बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम बताया।

ट्रंप को दी घोषणा करने की अनुमति
राहुल गांधी ने एक्स पर लिखा, “प्रधानमंत्री मोदी ट्रंप से भयभीत हैं। उन्होंने ट्रंप को यह निर्णय लेने और घोषणा करने की अनुमति दी कि भारत रूसी तेल नहीं खरीदेगा। बार-बार की गई अनदेखी के बावजूद बधाई संदेश भेजते रहते हैं। वित्त मंत्री की अमेरिका यात्रा रद कर दी। शर्म अल-शेख में शामिल नहीं हुए। ऑपरेशन सिंदूर पर उनका विरोध नहीं करते।”

कांग्रेस महासचिव ने क्या कहा?
कांग्रेस महासचिव और संचार प्रभारी जयराम रमेश ने भी इस मुद्दे पर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने एक्स पर लिखा, भारतीय समयानुसार 10 मई 2025 की शाम 5:37 बजे, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने सबसे पहले यह घोषणा की कि भारत ने ऑपरेशन सिंदूर रोक दिया है। इसके बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पाँच अलग-अलग देशों में 51 बार दावा कर चुके हैं कि उन्होंने टैरिफ और व्यापार को दबाव के हथियार के रूप में इस्तेमाल कर हस्तक्षेप किया और भारत को ऑपरेशन सिंदूर रोकने पर मजबूर किया। फिर भी हमारे प्रधानमंत्री मौन रहे।

अब राष्ट्रपति ट्रंप ने कल कहा है कि प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें आश्वासन दिया है कि भारत अब रूस से तेल का आयात नहीं करेगा। ऐसा प्रतीत होता है कि प्रधानमंत्री मोदी ने अपने कई अहम फ़ैसले अमेरिका को सौंप दिए हैं। 56 इंच का सीना अब सिमटकर सिकुड़ गया है।

ट्रंप ने क्या किया था दावा?
गौरतलब है कि बुधवार को अपने ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बात करते हुए, ट्रंप ने कहा कि अमेरिका इस बात से खुश नहीं है कि भारत रूस से कच्चा तेल खरीद रहा है, और तर्क दिया कि इस तरह की खरीदारी से राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के युद्ध के वित्तपोषण में मदद मिलती है। ट्रंप ने एक सवाल के जवाब में कहा, “वह (मोदी) मेरे दोस्त हैं, हमारे बीच बहुत अच्छे संबंध हैं… हम उनके रूस से तेल खरीदने से खुश नहीं थे क्योंकि इससे रूस को यह बेतुका युद्ध जारी रखने का मौका मिल गया, जिसमें उन्होंने डेढ़ लाख लोगों को खो दिया है।”

गूगल के AI हब को लेकर आंध्र-कर्नाटक में जुबानी जंग, मंत्री बोले- पड़ोसियों को जलन है

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नई दिल्ली। आंध्र प्रदेश के मंत्री नारा लोकेश ने पड़ोसी राज्य कर्नाटक के साथ तीखी नोकझोंक में तंज कसा है। बेंगलुरु की खराब सड़कों और बुनियादी ढांचे पर सवाल उठाते हुए लोकेश ने कर्नाटक को आड़े हाथों लिया, खासकर तब जब गूगल ने कर्नाटक के बजाय आंध्र में 15 अरब डॉलर का डेटा और एआई हब स्थापित करने का फैसला किया।

लोकेश ने गुरुवार को एक्स पर चुटकी लेते हुए कहा, “आंध्र का खाना मसालेदार है और लगता है हमारे निवेश भी। कुछ पड़ोसियों को जलन होने लगी है।”

कई बार कर चुके हैं बयानबाजी
लोकेश और कर्नाटक के कांग्रेस नेता जैसे उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और आईटी मंत्री प्रियंक खड़गे सितंबर से ही आपस ऑनलाइन तंज कस रहे हैं। यह विवाद तब शुरू हुआ जब बेंगलुरु के बेलंदूर इलाके में एक लॉजिस्टिक्स कंपनी के सह-संस्थापक राजेश याबाजी ने लंबे कम्यूट समय और खराब सड़कों की शिकायत की।

लोकेश ने तुरंत मौके का फायदा उठाया और विशाखापट्टनम को निवेश के लिए बेहतर विकल्प बताया। जैसे-जैसे बेंगलुरु के और कारोबारी और निवासी शहर की समस्याओं पर शिकायत करते गए लोकेश ने आंध्र को निवेश का आकर्षक गंतव्य बताना शुरू कर दिया।

गूगल की पसंद ने बढ़ाई तल्खी
गूगल के आंध्र में 15 अरब डॉलर के निवेश के फैसले ने इस स्पर्धा में नया रंग दे दिया। खरगे ने तंज कसते हुए कहा कि आंध्र ने गूगल को लुभाने के लिए 22,000 करोड़ रुपये की सब्सिडी और टैक्स में छूट जैसे लालच दिए।

जवाब में लोकेश ने कहा, “अगर कर्नाटक सरकार अक्षम है, तो मैं क्या कर सकता हूं? उनके ही उद्योगपति कहते हैं कि वहां बुनियादी ढांचा खराब है, बिजली कटौती होती है। उन्हें पहले अपनी समस्याएं ठीक करनी चाहिए।”

RBI गवर्नर ने कहा, भारत का आर्थिक ढांचा मजबूत, वैश्विक दबावों का असर सीमित

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नई दिल्ली। भारत ने वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच 8 प्रतिशत से अधिक की शानदार वृद्धि दर हासिल की है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बुधवार को अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की वार्षिक बैठक में यह बात कही। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत एक घरेलू मांग आधारित अर्थव्यवस्था है और अमेरिकी टैरिफ विवाद का इसकी वृद्धि पर सीमित प्रभाव पड़ेगा।

मल्होत्रा ने कहा कि वैश्विक व्यापार में व्यवधान और अन्य अर्थव्यवस्थाओं की सुस्ती के बावजूद भारत ने कोविड-19 और रूस-यूक्रेन युद्ध के प्रभावों से उबरकर मजबूत स्थिति हासिल की है। भारत की आर्थिक बुनियाद को मजबूत बताते हुए उन्होंने कहा कि यह वैश्विक चुनौतियों का सामना करने में सक्षम है।

भारत में मजबूत आर्थिक नींव और नियंत्रित मुद्रास्फीति
RBI गवर्नर ने बताया कि भारत ने मुद्रास्फीति को 8 प्रतिशत से घटाकर 1.5 प्रतिशत तक लाने में सफलता पाई है। ये पिछले 8 वर्षों में सबसे निचला स्तर है। तेल की कीमतों में कमी ने भी इसमें मदद की है।

इसके साथ ही, भारत का राजकोषीय घाटा नियंत्रण में है और केंद्र सरकार का घाटा जीडीपी का 4.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है। उन्होंने यह भी बताया कि भारत का कुल कर्ज वैश्विक स्तर पर सबसे कम में से एक है। सरकार और वित्तीय समिति के बीच अच्छे समन्वय ने इस उपलब्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

पूंजी बाजार की मजबूती
मल्होत्रा ने कहा कि जहां अमेरिकी डॉलर में 10 प्रतिशत की गिरावट आई, वहीं भारतीय रुपये में उतनी कमी नहीं देखी गई। इसका कारण टैरिफ और पूंजी प्रवाह में व्यवधान हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि रुपये की व्यवस्थित गतिशीलता भारत की प्राथमिकता है।

उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि भारत के पूंजी बाजार गहरे और मजबूत हैं, जो अर्थव्यवस्था को और स्थिरता प्रदान करते हैं। वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत की आर्थिक प्रगति और नीतिगत स्थिरता इसे उभरती अर्थव्यवस्थाओं में अग्रणी बनाए हुए है।

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घर बैठे हो रहा है गर्भ परीक्षण? पोर्टेबल अल्ट्रासाऊंड मशीन

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 बारडोली । गुजरात में भूर्ण लिंग परीक्षण को लेकर एक सनसनीखेज जानकारी आई है। ₹20000 में घर जाकर लिंग परीक्षण किया जा रहा है। इसके लिए पोर्टेबल अल्ट्रा साऊंड मशीन का उपयोग किया जा रहा है। लिंग परीक्षण जांच की फीस ₹20000 वसूल की जा रही है। साथ ही गारंटी दी जाती है, यदि रिपोर्ट गलत साबित हुई, तो ₹500000 का भुगतान हरजाने के रूप में किया जाएगा।
 एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार स्टिंग के दौरान इस मामले का खुलासा हुआ है। सूरत से इस मशीन को गाड़ी में रखकर लाया जाता है।जांच घर में ही करके रिपोर्ट दी जाती है। गर्भ परीक्षण का यह खेल गुजरात में बड़े पैमाने पर गांव-गांव तथा शहरों में चल रहा है।
 इस संबंध में विशेषज्ञ डॉक्टर गौतम व्यास ने जानकारी देते हुए कहा है। पोर्टेबल मशीन खरीदने की अनुमति स्वास्थ्य विभाग द्वारा दी जाती है। यह मशीन अब ग्रे मार्केट में उपलब्ध है। पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीनों का धड़ल्ले से दुरुपयोग हो रहा है। यह मशीन वायरलेस प्रोब से जुड़ी है। जिसमे गर्भस्थ शिशु की स्थिति, धड़कन और हलचल इत्यादि का पता लगता है। स्वास्थ्य विभाग के नियमों के अनुसार इस तरह का परीक्षण नहीं किया जा सकता है। गुजरात में लिंग परीक्षण का अवैध कारोबार बड़ी तेजी के साथ फैलता चला जा रहा है।गर्भ परीक्षण के लिए अब अस्पताल या क्लीनिक में जाने की जरूरत नहीं रही।

दिवाली से पहले पूर्व सैनिकों और आश्रितों के लिए बड़ा ऐलान, रक्षा मंत्रालय ने 100% बढ़ाई वित्तीय सहायता

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नई दिल्ली। दिवाली (Diwali 2025) से पहले पूर्व सैनिकों (ex-servicemen) और उनके परिवारों के लिए बड़ी खुशखबरी है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Defence Minister Rajnath Singh) ने पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों को मिलने वाली वित्तीय सहायता में 100 प्रतिशत की वृद्धि की है। रक्षा मंत्रालय ने आधिकारिक बयान जारी करते हुए बताया कि केंद्रीय सैनिक बोर्ड के माध्यम से पूर्व सैनिक कल्याण विभाग से चलने वाली योजनाएओं में यह बढ़ा हुआ लाभ मिलेगा।

रक्षा मंत्रालय ने बताया कि गरीबी अनुदान को दोगुना कर 4,000 रुपये से 8,000 रुपये प्रति माह प्रति लाभार्थी कर दिया गया है, जिससे 65 वर्ष से अधिक आयु के वृद्ध और गैर-पेंशनभोगी पूर्व सैनिकों तथा उनकी विधवाओं को, जिनके पास कोई नियमित आय नहीं है, आजीवन सहायता मिलेगी।

दो आश्रित बच्चों (कक्षा 1 से ग्रेजुएशन तक) या दो वर्षीय ग्रेजुएशन कोर्स करने वाली विधवाओं के लिए शिक्षा अनुदान को 1,000 रुपये से बढ़ाकर 2,000 रुपये प्रति माह प्रति व्यक्ति कर दिया गया है। विवाह अनुदान को प्रति लाभार्थी 50,000 रुपये से बढ़ाकर 1,00,000 रुपये कर दिया गया है। यह अनुदान पूर्व-सैनिकों की अधिकतम दो पुत्रियों और विधवा पुनर्विवाह के लिए, इस आदेश के जारी होने के बाद संपन्न विवाहों के लिए लागू है।

बता दें कि संशोधित दरें 1 नवंबर से जमा किए गए आवेदनों पर लागू होंगी, जिसका वार्षिक वित्तीय भार लगभग 257 करोड़ रुपये होगा। इसका भुगतान एएफएफडीएफ से किया जाएगा। इन योजनाओं का वित्तपोषण रक्षा मंत्री पूर्व सैनिक कल्याण कोष के माध्यम से किया जाता है, जो सशस्त्र सेना झंडा दिवस कोष (एएफएफडीएफ) का एक उपसमूह है। इस निर्णय से गैर-पेंशनभोगी पूर्व सैनिकों, विधवाओं और निम्न आय वर्ग के आश्रितों के लिए सामाजिक सुरक्षा तंत्र मजबूत होगा।

जैसलमेर के बाद अब जयपुर में बस में अचानक लगी आग, मौजूद थे कई यात्री, मच गई अफरा-तफरी

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जयपुर: जयपुर (Jaipur) में टोंक फाटक पुलिया (Tonk Gate Bridge) के पास एक पिंक सिटी लो फ्लोर बस में अचानक आग लग गई, जिससे कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया. घटना उस समय हुई जब बस में कई सवारियां मौजूद थीं और अचानक बस के इंजन से धुआं निकलने लगा. स्थिति को देखते ही चालक ने तुरंत समझदारी दिखाई और बस को सड़क के किनारे रोक दिया. चालक की सतर्कता के कारण सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया.

आग पर तेजी से काबू पाया और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की गई. हादसे में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है. बस में आग लगने की वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं हो पाई है और इसकी जांच शुरू कर दी गई है. प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बस के इंजन में तकनीकी खराबी या शॉर्ट सर्किट के कारण आग लग सकती है.

स्थानीय लोगों और यात्रियों के अनुसार, बस में धुआं और आग देखकर कई लोग घबरा गए थे, लेकिन चालक और बस स्टाफ की त्वरित कार्रवाई ने स्थिति को नियंत्रण में रखा. सभी यात्रियों को सुरक्षित निकालने के बाद आग बुझाने के साथ बस के नुकसान का आंकलन किया. फिलहाल बस को आगे के लिए रोका गया है और प्रशासन द्वारा तकनीकी जांच के आदेश दिए गए हैं.

यह घटना इस बात की याद दिलाती है कि सार्वजनिक परिवहन में समय पर सतर्कता और चालक का अनुभव कितना महत्वपूर्ण होता है. हालांकि आग लगने के कारणों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी, लेकिन समय पर बचाव कार्य ने किसी बड़े नुकसान को रोका. राजधानी जयपुर में यह दूसरा बड़ा बस हादसा है. बीते मंगलवार को जैसलमेर में निजी बस में आग लगने से कई यात्री झुलस गए और कई की मौत हो गई थी. इस तरह की घटनाओं ने यात्रियों और प्रशासन दोनों के लिए सतर्कता की जरूरत और बढ़ा दी है.

 

‘महाभारत’ फेम मशहूर अभिनेता पंकज धीर का निधन

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मुंबई । ‘महाभारत’ फेम मशहूर अभिनेता पंकज धीर (‘Mahabharat’ fame Famous actor Pankaj Dheer) का आज सुबह निधन हो गया (Passed away this Morning) । उन्हें बीआर चोपड़ा के आइकॉनिक टीवी सीरियल ‘महाभारत’ में कर्ण का किरदार निभाने के लिए दुनियाभर में पहचान मिली । उनकी मौत की खबर की पुष्टि उनके सह-कलाकार और ‘महाभारत’ में अर्जुन बने फिरोज खान ने सोशल मीडिया पर की ।

उन्होंने इंस्टाग्राम पर श्रद्धांजलि देते हुए लिखा, “एक सज्जन व्यक्ति ने दुनिया को अलविदा कह दिया। आपकी बहुत याद आएगी दोस्त पंकज धीर।” मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पंकज धीर का देहांत 15 अक्टूबर को सुबह 11:30 बजे हुआ। बताया जा रहा है कि वह लंबे अरसे से कैंसर का इलाज करा रहे थे, जिसके चलते उनका देहांत हुआ है। वह इससे जंग जीत चुके थे, लेकिन कुछ महीने पहले यह फिर से फैल गया। इस दौरान उनकी एक बड़ी सर्जरी भी हुई थी। पंकज धीर के निधन से इंडस्ट्री और फैंस गहरे शोक में डूबे हैं। बताया जा रहा है कि उनका अंतिम संस्कार शाम 4:30 बजे मुंबई के विले पार्ले शमशान घाट में किया जाएगा।

पंकज धीर को टीवी धारावाहिक ‘महाभारत’ में कर्ण की भूमिका और ‘चंद्रकांता’, ‘द ग्रेट मराठा’, ‘युग’ तथा ‘बढ़ो बहू’ में उनकी अन्य भूमिकाओं के लिए जाना जाता है। उन्होंने कई हिंदी फिल्मों में छोटी भूमिकाओं में अभिनय किया, जिनमें ‘सड़क’, ‘सोल्जर’ और ‘बादशाह’ शामिल हैं। जहां ‘महाभारत’ ने उन्हें घर-घर में पहचान दिलाई, वहीं फिल्मों में सपोर्टिंग रोल्स ने बॉलीवुड में उनकी मौजूदगी दर्ज कराई। उनके जाने से फिल्म जगत को बहुत बड़ी क्षति पहुंची है।

पंकज धीर के बेटे निकितिन धीर भी एक पिता की तरह एक अभिनेता है। उन्हें ‘जोधा अकबर’ और ‘चेन्नई एक्सप्रेस’ जैसी फिल्मों में अपनी भूमिकाओं के लिए जाना जाता है। 2006 में पंकज धीर ने अपने भाई सतलुज धीर के साथ मिलकर मुंबई के जोगेश्वरी इलाके में एक आधुनिक शूटिंग स्टूडियो ‘विसेज स्टूडियोज’ की स्थापना की, जो फिल्म और टीवी प्रोडक्शन के लिए लोकप्रिय जगह बन गई। 2010 में उन्होंने मुंबई में एक अभिनय अकादमी भी खोली, जहां प्रसिद्ध अभिनेता गुफी पेंटल को प्रमुख बनाया गया, ताकि नए कलाकारों को ट्रेनिंग दी जा सके। इंडस्ट्री में उन्होंने न सिर्फ अभिनय किया बल्कि प्रोडक्शन और मेंटरिंग में भी हाथ आजमाया।

धीरेंद्र शास्त्री बोले, ‘आई लव मोहम्मद’ पर कोई आपत्ति नहीं, ‘आई लव महादेव’ पर भी सवाल नहीं उठना चाहिए

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धीरेंद्र शास्त्री ने ‘आई लव मोहम्मद’ पर कहा- उन्हें आपत्ति नहीं, लेकिन ‘आई लव महादेव’ पर भी सवाल नहीं उठने चाहिए. कहा कि 7-16 नवंबर को राष्ट्रवाद के संदेश के लिए पदयात्रा करेंगे. बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने हाल ही में ‘आई लव मोहम्मद’ विवाद पर अपना रुख साफ किया है. उन्होंने कहा कि उन्हें इस नारे से कोई आपत्ति नहीं है, बल्कि उन्होंने इसका समर्थन भी किया था. हालांकि, उन्होंने सवाल उठाया कि जब वे कहते हैं ‘आई लव महादेव’, तो किसी को इससे दिक्कत क्यों होती है? धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि हर धर्म के प्रति प्रेम होना चाहिए, लेकिन ‘सर तन से जुदा’ जैसे बयान कानून और संविधान दोनों के खिलाफ हैं. हम तलवार की नहीं, विचारों की लड़ाई लड़ते हैं.

पटाखों के मुद्दे पर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का क्या है बयान
शास्त्री ने अपने विवादित पटाखा बयान पर भी सफाई दी. उन्होंने कहा कि अगर पटाखे प्रदूषण फैलाते हैं, तो यह बात सभी मौकों पर लागू होनी चाहिए- चाहे क्रिसमस, नए साल या क्रिकेट मैच जीतने के मौके पर ही क्यों न हो. उन्होंने सवाल उठाया कि केवल हिंदू त्योहारों पर ही क्यों ‘उपदेश’ दिया जाता है कि पटाखे न जलाएं.शास्त्री ने कहा कि अगर सिर्फ हिंदुओं को निशाना बनाया जाएगा, तो हमें गुस्सा आएगा. हमें लगता है कि हिंदुओं का उत्साह कम करने की कोशिश हो रही है. हम संतुलन की बात करते हैं, भेदभाव की नहीं.

जाति से ऊपर उठो और राष्ट्र के लिए जियो – धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री
धीरेंद्र शास्त्री ने अपनी आगामी दिल्ली से वृंदावन पदयात्रा (7 से 16 नवंबर) के उद्देश्य पर कहा कि यह यात्रा किसी दल या धर्म के खिलाफ नहीं, बल्कि राष्ट्रवाद के लिए है. उन्होंने कहा कि हम धर्म और जाति के नाम पर लड़ रहे हैं, इससे देश में भटकाव बढ़ रहा है. हमें अपनी ऊर्जा जाति, धर्म और क्षेत्रीयता से ऊपर उठाकर राष्ट्र के लिए लगानी चाहिए। तभी सच्चा परिवर्तन आएगा.उन्होंने कहा कि भारत तभी मजबूत होगा जब हर हिंदू जागरूक और एकजुट होगा. ‘डिफेंडर या फॉर्च्यूनर में घूमने से हिंदू राष्ट्र नहीं बनेगा. हमें हर गली और हर गांव तक पहुंचना होगा, तभी हिंदुत्व बचेगा.

राजनीतिक दलों पर शास्त्री ने दी टिप्पणी
धीरेंद्र शास्त्री ने स्पष्ट किया कि उनका किसी भी राजनीतिक दल से कोई गठबंधन नहीं है. उन्होंने कहा कि देश में किसी भी पार्टी ने हिंदुत्व का ठेका नहीं लिया है. सभी दल हमारे हैं, क्योंकि हर दल में हिंदू हैं. उन्होंने बताया कि उनके कांग्रेस नेताओं कमलनाथ और दिग्विजय सिंह से भी अच्छे संबंध हैं और उन्होंने स्वयं छिंदवाड़ा में उनकी कथा का आयोजन किया था

अंतरिक्ष छोड़िए, भारत अब चांद पर भेजेगा इंसान; ISRO चीफ ने बता दी पूरी टाइमलाइन

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रांची। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (Indian Space Research Organisation) के अध्यक्ष वी. नारायणन (V. Narayanan) ने बुधवार को ऐलान किया कि भारत (India) 2040 तक अपने नागरिकों (Citizens) को चांद (Moon) पर उतारने और उन्हें सुरक्षित वापस लाने का लक्ष्य लेकर चल रहा है। इसके साथ ही, भारत की पहली मानव अंतरिक्ष उड़ान ‘गगनयान’ 2027 में लॉन्च होगी। नारायणन ने रांची में बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (Birla Institute of Technology) मेसरा के 35वें दीक्षांत समारोह में यह बात कही।

नारायणन ने बताया कि ‘गगनयान’ मिशन के लिए तैयारियां तेजी से चल रही हैं। इस मिशन से पहले तीन मिशन मानवरहित होंगे। पहला मिशन दिसंबर 2025 में होगा, जिसमें हाफ ह्यूमनॉयड रोबोट ‘व्योममित्र’ अंतरिक्ष में जाएगा। इसके बाद 2026 में दो और मानवरहित मिशन होंगे। नारायणन ने कहा, ‘2027 के पहले तिमाही में गगनयान के जरिए भारत का पहला मानव अंतरिक्ष मिशन पूरा होगा।’

ISRO प्रमुख ने बताया कि भारत 2035 तक अपना अंतरिक्ष स्टेशन ‘भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन’ (BAS) तैयार कर लेगा। इसके शुरुआती मॉड्यूल 2027 तक अंतरिक्ष में स्थापित हो सकते हैं। इसके अलावा, चंद्रयान-4, चंद्रयान-5, एक नया मंगल मिशन और एक खगोलीय वेधशाला मिशन ‘एक्सओएम’ जैसे बड़े प्रोजेक्ट भी पाइपलाइन में हैं। नारायणन ने कहा कि शुक्र ग्रह का अध्ययन करने के लिए ‘वीनस ऑर्बिटर मिशन’ को मंजूरी मिल चुकी है। साथ ही, सूरज का अध्ययन करने वाला ‘आदित्य-एल1’ मिशन अब तक 15 टेराबाइट से ज्यादा डेटा जमा कर चुका है, जो सूर्य की गतिविधियों और अंतरिक्ष मौसम को समझने में मदद कर रहा है।

ISRO प्रमुख ने कहा कि भारत अंतरिक्ष क्षेत्र में आत्मनिर्भरता पर जोर दे रहा है, लेकिन जलवायु विज्ञान और अंतरिक्ष अनुसंधान जैसे वैश्विक मुद्दों पर अंतरराष्ट्रीय सहयोग के लिए तैयार है। नारायणन ने बताया कि भारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष संवर्धन और प्राधिकरण केंद्र (IN-SPACE ने अंतरिक्ष क्षेत्र में निजी कंपनियों और स्टार्टअप्स को जोड़कर क्रांति ला दी है। कुछ साल पहले जहां एक-दो स्टार्टअप थे, वहीं आज 300 से ज्यादा स्टार्टअप सैटेलाइट बनाने, लॉन्च सेवाएं देने और अंतरिक्ष डेटा विश्लेषण में काम कर रहे हैं। ये स्टार्टअप कृषि, आपदा प्रबंधन, दूरसंचार, रेल और वाहन निगरानी, और मछली पालन जैसे क्षेत्रों में मदद कर रहे हैं।

चांद पर मानव मिशन जैसे बड़े लक्ष्यों के लिए भारत अपनी लॉन्च क्षमता को बढ़ा रहा है। नारायणन ने कहा, ‘हम शुरू में 35 किलो वजन के उपग्रह लॉन्च करते थे, लेकिन अब हम 80,000 किलो तक की क्षमता विकसित कर रहे हैं।’ इसके लिए श्रीहरिकोटा में तीसरा लॉन्च पैड बनाया जा रहा है, जिसकी लागत करीब 4000 करोड़ रुपये होगी। यह अगली पीढ़ी के लॉन्च वाहनों (NGLV) को भी सपोर्ट करेगा।