तेलंगाना हाईकोर्ट का अहम फैसला, 50% आरक्षण सीमा का पालन कर स्थानीय निकाय चुनाव कराने का निर्देश

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डेस्क: तेलंगाना हाईकोर्ट (Telangana High Court) ने स्थानीय निकाय चुनावों (Local Body Elections) में पिछड़े वर्गों (OBC) के लिए 42% आरक्षण (Reservation) प्रदान करने वाले सरकारी आदेश (जीओ नंबर 9) पर स्टे लगा दिया है. अदालत ने स्पष्ट किया है कि सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों के अनुपालन में कुल आरक्षण 50% से अधिक नहीं होना चाहिए. इस फैसले से राज्य निर्वाचन आयोग को पुरानी आरक्षण व्यवस्था के तहत चुनाव प्रक्रिया चलाने का निर्देश दिया गया है, जिससे लंबित पड़े स्थानीय निकाय चुनावों को गति मिल सकती है.

तेलंगाना चीफ जस्टिस अपरेश कुमार सिंह और जस्टिस जी.एम. मोहिउद्दीन की पीठ ने गुरुवार (09 अक्टूबर, 2025) को सुनवाई के बाद यह अंतरिम आदेश जारी किया. याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया कि जीओ 9 से SC (15%), ST (10%) और OBC (42%) के लिए कुल 67% आरक्षण हो जाता है, जो इंदिरा साहनी मामले (1992) और के. कृष्णा मूर्ति फैसले में निर्धारित 50% सीमा का उल्लंघन है.

अदालत ने राज्य सरकार पर ‘ट्रिपल टेस्ट’ (जनसंख्या डेटा, कमीशन जांच और सीमा पालन) का पालन न करने का आरोप लगाते हुए जीओ 9, 41 और 42 पर रोक लगा दी. शुक्रवार (10 अक्टूबर, 2025) को अर्धरात्रि जारी विस्तृत फैसले में अदालत ने कहा कि अतिरिक्त 17% आरक्षण को ओपन कैटेगरी घोषित कर री-नोटिफाई किया जाए. राज्य निर्वाचन आयोग को निर्देश दिया गया कि पुरानी व्यवस्था (SC 15%, ST 10%, OBC 25%) के तहत चुनाव तत्काल आयोजित करें. कोर्ट ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया में हस्तक्षेप नहीं, बल्कि जीओ में संशोधन है. राज्य सरकार को चार सप्ताह में जवाब दाखिल करने का समय दिया गया है.

दरिंदों ने दबोचा, खींचकर जंगल में ले गए; दुर्गापुर में मेडिकल कॉलेज की छात्रा से रेप

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दुर्गापुर। दुर्गापुर (Durgapur) में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। एक प्राइवेट मेडिकल कॉलेज अस्पताल (Private Medical College Hospital) में सेकेंड ईयर की एक दूसरे राज्य की मेडिकल छात्रा (Student) के साथ कथित दुष्कर्म (Rape) का आरोप लगा है। शुक्रवार रात हुई इस घटना से इस्पात नगरी दुर्गापुर में व्यापक आक्रोश और तनाव फैल गया है। शिकायत दर्ज होने के बाद दुर्गापुर न्यू टाउनशिप थाना पुलिस (New Township Police Station) ने मामले की जांच शुरू कर दी है।​ खबर मिलते ही ओडिशा के जलेश्वर से छात्रा के पिता और परिवार के सदस्य तुरंत दुर्गापुर पहुंचे। वहीं इस मुद्दे पर अब राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी भाजपा मुखर हो गई है।

जानकारी के अनुसार, शुक्रवार रात करीब 9 बजे, मेडिकल कॉलेज अस्पताल की सेकेंड ईयर की छात्रा अपने साथ पढ़नेवाले छात्र के साथ खाना खाने के लिए कैंपस से बाहर निकली थी। ​आरोप है कि कुछ देर बाद, उसका सहपाठी वहां आया और उसे बचाकर कॉलेज वापस ले आया।​ उसी समय 5 युवक वहां आए और दोनों को रोक लिया।​ उन्होंने मेडिकल छात्रा से पैसे की मांग की। पैसे न देने पर उसका मोबाइल फोन छीन लिया गया। ​इसी बीच, छात्रा के साथ मौजूद उसका साथी वहां से चला गया।

इसके बाद, युवक छात्रा को जबरन सड़क से खींचकर पास के जंगल में ले गए, जहां कथित तौर पर एक युवक ने उसके साथ दुष्कर्म किया। कुछ देर बाद, उसका सहपाठी वहां आया और उसे बचाकर कॉलेज वापस ले आया। तुरंत छात्रा को उसी अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल प्रबंधन ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी न्यू टाउनशिप थाने को दी। पीड़िता के सहपाठी ने फोन करके उसके परिवार को सूचना दी, जिसके बाद परिवार के सदस्य रात में ही दुर्गापुर पहुंच गए और अस्पताल में अपनी बेटी से मुलाकात की।

पीड़िता के परिवार के सदस्यों ने उस सहपाठी छात्र की भूमिका पर गंभीर संदेह व्यक्त किया है, जिसके साथ उनकी बेटी कैंपस से बाहर गई थी। उनका दावा है कि घटना के समय छात्र ने अपनी सहपाठी को बचाने की कोशिश नहीं की और मौके से भाग गया था। ​घटना की जानकारी मिलते ही न्यू टाउनशिप थाने की पुलिस अस्पताल पहुंची। हालांकि, इस मामले पर पुलिस या मेडिकल कॉलेज प्रशासन के अधिकारियों ने कोई टिप्पणी नहीं की है। पुलिस ने केवल यह बताया कि शिकायत दर्ज कर ली गई है और जांच शुरू कर दी गई है। जिस सहपाठी छात्र के साथ छात्रा अस्पताल के बाहर गई थी, उससे पुलिस पूछताछ कर रही है।

शनिवार को पीड़िता के पिता ने दुःख व्यक्त करते हुए कहा, “मैंने अपनी बेटी को डॉक्टरी पढ़ने के लिए दुर्गापुर भेजा था। उसके साथ इस तरह का जघन्य कृत्य होगा, यह मैंने कभी नहीं सोचा था। वर्तमान हालात को देखते हुए मैं अपनी बेटी को अब यहां आगे नहीं पढ़ाऊंगा।”

अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने विदेश मंत्री जयशंकर से की मुलाकात

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नई दिल्ली: विदेश मंत्री एस. जयशंकर (S. Jaishankar) ने शनिवार (11 अक्टूबर, 2025) को भारत (India) में अमेरिका के नामित राजदूत सर्जियो गोर (Ambassador Sergio Gor) से मुलाकात की. सर्जियो गौर हाल ही में सीनेट से पुष्टि के बाद छह दिवसीय दौरे (Six-day Tour) पर नई दिल्ली आए हैं.

अमेरिका के नामित राजदूत सर्जियो गोर से मुलाकात के बाद विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने खुशी जताई है. एस. जयशंकर ने शनिवार (11 अक्टूबर, 2025) को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट किया. पोस्ट में जयशंकर ने कहा, ‘आज नई दिल्ली में अमेरिका के नामित राजदूत सर्जियो गोर से मुलाकात कर खुशी हुई. उनसे मुलाकात के दौरान भारत और अमेरिका के संबंधों के साथ उनके वैश्विक महत्व को लेकर भी चर्चा हुई और उन्हें उनके नए दायित्व के लिए शुभकामनाएं दी.’

अमेरिका के विदेश विभाग के मुताबिक, गोर के साथ मैनेजमेंट और रिसोर्सेज के डिप्टी सेक्रेटरी माइकल जे. रिगास भी नई दिल्ली के दौरे पर आए हैं. उनका यह दौरा 9 से 14 अक्टूबर, 2025 तक चलेगा. सर्जियो गोर की यह यात्रा ऐसे समय पर हो रही है जब भारत और अमेरिका रणनीतिक और व्यापारिक संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में काम कर रहे हैं. दोनों देश व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने और तकनीक और रक्षा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर विचार कर रहे हैं.

अमेरिकी दूतावास के मुताबिक, सर्जियो गोर हाल ही में भारत पहुचे हैं और वे कुछ समय के बाद औपचारिक रूप से अपने क्रिडेशियल्स को भारत के राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के समक्ष पेश करेंगे.

Dr. Pradeep Kumar: An inspiring name giving a new direction to education

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डॉ. प्रदीप कुमार: शिक्षा को नई दिशा देने वाला एक प्रेरक नाम

नई दिल्ली।
आज जब देश की युवा पीढ़ी करियर की राह में अनिश्चितताओं से जूझ रही है, तब कुछ ऐसे शिक्षाविद हैं जो केवल मार्गदर्शन नहीं देते, बल्कि जीवन को दिशा और उद्देश्य देने की शक्ति भी जगाते हैं।
डॉ. प्रदीप कुमार, ऐसे ही एक दूरदर्शी शिक्षाविद हैं जिन्होंने श्रीराम IAS एकेडमी की स्थापना करके शिक्षा को केवल परीक्षा पास करने का माध्यम नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला बना दिया है।

🌿 “शिक्षा नहीं, संस्कारों की पाठशाला” – श्रीराम IAS एकेडमी की पहचान

जहां अधिकांश कोचिंग संस्थान केवल परिणामों और रैंकिंग तक सीमित हैं, वहीं श्रीराम IAS एकेडमी को एक संस्कारशाला के रूप में जाना जाता है।
यहां विद्यार्थियों को सिर्फ UPSC का सिलेबस नहीं सिखाया जाता, बल्कि उन्हें भावनात्मक रूप से मजबूत, मानसिक रूप से संतुलित और सामाजिक दृष्टि से जिम्मेदार नागरिक बनाया जाता है।

डॉ. कुमार कहते हैं —

“UPSC की तैयारी किताबों से नहीं, सोच, अनुशासन और आत्मविश्वास से होती है।”

🌱 हर छात्र के सपनों को पहचानने वाले गुरु

डॉ. प्रदीप कुमार का शिक्षण दृष्टिकोण पारंपरिक पद्धतियों से बिल्कुल अलग है।
वे हर विद्यार्थी की क्षमता को समझकर उसे व्यक्तिगत मार्गदर्शन देते हैं।
उनकी यह अनोखी पद्धति आज हजारों छात्रों के सपनों को साकार कर चुकी है — जिनमें से अनेक आज प्रशासनिक सेवाओं में कार्यरत हैं और समाज में बदलाव की मिसाल बन रहे हैं।

🧠 मानसिक स्वास्थ्य को शिक्षा का हिस्सा बनाना – एक अनोखी पहल

शिक्षा जगत में अक्सर मानसिक स्वास्थ्य को नजरअंदाज किया जाता है, लेकिन डॉ. कुमार ने इसे मुख्यधारा में शामिल किया है।
वे नियमित रूप से काउंसलिंग सेशन, स्ट्रेस मैनेजमेंट वर्कशॉप और माइंड-बैलेंस ट्रेनिंग आयोजित करते हैं, जिससे विद्यार्थी न केवल परीक्षा बल्कि जीवन की हर चुनौती से जूझने का साहस पाते हैं।

उनका मानना है —

“सफल वही है, जो अपने भीतर के मनुष्य को समझ सके।”

💻 कोरोना काल में उम्मीद की नई किरण

COVID-19 महामारी के दौरान जब शिक्षण संस्थान बंद हो गए थे और छात्रों में निराशा का माहौल था,
तब डॉ. प्रदीप कुमार ने ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म के माध्यम से हजारों विद्यार्थियों तक पहुंच बनाई।
उनके वेबिनार, लाइव सेशन और प्रेरक व्याख्यानों ने अनगिनत युवाओं को नई ऊर्जा और दिशा दी।
कई छात्रों का कहना है कि उन्हीं मुश्किल दिनों में डॉ. कुमार की बातें उनके लिए आशा की किरण साबित हुईं।

👨‍👩‍👧 अभिभावक और शिक्षक — शिक्षा के साझीदार

डॉ. कुमार का मानना है कि शिक्षा केवल छात्रों की नहीं, बल्कि अभिभावकों और शिक्षकों की साझी जिम्मेदारी है।
इसी सोच के तहत वे Parent–Teacher Awareness Programs आयोजित करते हैं,
जहां बच्चों के मनोविज्ञान, भावनात्मक विकास और व्यवहार को समझने पर गहन चर्चा होती है।
इस प्रयास ने शिक्षा को एक संवाद बना दिया है — शिक्षक, विद्यार्थी और अभिभावक के बीच।

 

🏅 राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित योगदान

शिक्षा के क्षेत्र में उनके अनोखे योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा भेजा गया प्रशंसा पत्र यह प्रमाण है कि डॉ. कुमार का कार्य केवल शिक्षण तक सीमित नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की दिशा में एक सशक्त कदम है।
उनकी निष्ठा और दृष्टि आज के युवाओं के लिए एक प्रेरणा बन चुकी है।

🎓 श्रीराम IAS एकेडमी – शिक्षा का नया प्रतिमान

आज के समय में जब शिक्षा व्यवसायिक होती जा रही है,
श्रीराम IAS एकेडमी अपने मानवीय दृष्टिकोण और नैतिक मूल्यों के कारण एक आदर्श बनकर उभरी है।
यहां “रैंक” नहीं, “विकास” मायने रखता है।
डॉ. कुमार का उद्देश्य केवल नौकरी तैयार करना नहीं, बल्कि ऐसे नागरिक बनाना है जो देश और समाज दोनों के प्रति सजग हों।

🌏 भविष्य की दिशा – एक नए भारत की ओर

यदि आप या आपका कोई प्रियजन UPSC की तैयारी कर रहा है, या जीवन के किसी मोड़ पर करियर को लेकर असमंजस में है,
तो डॉ. प्रदीप कुमार से मार्गदर्शन लेना आपके लिए जीवन बदलने वाला अनुभव साबित हो सकता है।

👉 वेबसाइट: www.shriramiasacademy.com

यह केवल एक कोचिंग नहीं, बल्कि एक आंदोलन है — युवाओं को सक्षम, सजग और संवेदनशील बनाने का।

🌟 निष्कर्ष: शिक्षा को जीवन का उत्सव बना रहे हैं डॉ. प्रदीप कुमार

देश को उज्ज्वल भविष्य की ओर ले जाने के लिए आज ऐसे शिक्षकों की आवश्यकता है,
जो सिर्फ किताबें न पढ़ाएं, बल्कि जीवन को पढ़ना सिखाएं।
डॉ. प्रदीप कुमार ऐसे ही एक प्रेरक व्यक्तित्व हैं — जिन्होंने शिक्षा को पुनर्परिभाषित किया है।

श्रीराम IAS एकेडमी आज एक संस्था नहीं, बल्कि एक मिशन बन चुकी है —
हर छात्र को उसकी असली पहचान दिलाने का, और शिक्षा को जीवन का उत्सव बनाने का।

Dr. Pradeep Kumar: Redefining Education with Vision, Values, and Purpose

New Delhi.
In an era when India’s youth often struggle with uncertainty in their career paths, there are educators who go beyond teaching — they inspire, empower, and illuminate minds.
Dr. Pradeep Kumar, the visionary founder of Shri Ram IAS Academy, is one such guiding light who has transformed education from mere exam preparation into an art of living with discipline, values, and purpose.

🌿 More Than Coaching — A Temple of Learning and Values

While most coaching institutes focus solely on results and ranks, Shri Ram IAS Academy stands apart as a true “Sanskaarshala” — a place where students are nurtured emotionally, mentally, and socially.
Here, education is not just about clearing UPSC exams, but about shaping responsible citizens with clarity of thought and strength of character.

Dr. Kumar firmly believes —

“UPSC preparation is not only about books; it’s about mindset, discipline, and confidence.”

🌱 A Mentor Who Recognizes Every Student’s Potential

Unlike conventional teaching methods, Dr. Kumar’s approach is deeply personal and transformative.
He identifies each student’s strengths, motivates them to believe in their abilities, and guides them with care and consistency.
His mentoring philosophy has helped thousands of aspirants achieve success — many of whom now serve the nation as dedicated administrators and officers.

🧠 Prioritizing Mental Health in Education

In a field where mental well-being is often overlooked, Dr. Kumar has made it an integral part of education.
Through counseling sessions, stress management workshops, and mind-balance training, students learn not only how to prepare for exams but also how to face life’s challenges with resilience.

According to him —

“True success begins when a person learns to understand himself.”

💻 A Beacon of Hope During the Pandemic

When the world came to a standstill during COVID-19, and uncertainty gripped students everywhere, Dr. Kumar stepped forward as a source of hope.
Through live webinars, online sessions, and motivational talks, he reached thousands of aspirants across the country, reigniting their determination.
Many students recall that his words during those difficult times gave them the courage not to give up.

👨‍👩‍👧 Education as a Partnership: Students, Parents, and Teachers Together

Dr. Kumar believes that education thrives through collaboration among students, teachers, and parents.
His Parent–Teacher Awareness Programs aim to create understanding and dialogue around a student’s emotional development and psychological needs.
This initiative has made education at Shri Ram IAS Academy a truly collective and compassionate experience.

🏅 Recognized at the National Level

Dr. Pradeep Kumar’s dedication has not gone unnoticed.
His tireless efforts in reshaping education were appreciated at the highest level — including a letter of appreciation from Prime Minister Narendra Modi, recognizing his contribution to nation-building through education.
Such recognition is a testament to his unwavering vision, integrity, and commitment to India’s youth.

🎓 Shri Ram IAS Academy: A New Definition of Education

At a time when education is increasingly commercialized, Shri Ram IAS Academy has set a new benchmark by upholding the values of ethics, discipline, and character.
Here, “Rank is secondary — development is primary.”
Dr. Kumar’s mission is not just to prepare students for jobs, but to nurture responsible citizens who contribute positively to society and the nation.

🇮🇳 Empowering Future Defenders of the Nation

Shri Ram IAS Academy is one of India’s leading coaching institutes dedicated to preparing aspirants for recruitment in the Indian Army, Navy, and Delhi Police.
With a mission to serve the nation by empowering future defenders, the academy offers well-structured and result-oriented test series designed by experts.

Under the visionary leadership of Dr. Pradeep Kumar, the academy has earned a national reputation for excellence, discipline, and success.
It combines patriotic values with modern teaching methods to guide every student toward their goals with confidence and clarity.

Join Shri Ram IAS Academy and take your first step toward a proud and honorable career in uniform.

👉 Official Website: www.shriramiasacademy.com

🌟 Conclusion: Redefining Education, Inspiring a Generation

The nation’s future depends not just on its youth, but on the mentors who guide them.
Dr. Pradeep Kumar is one such educator who teaches beyond books — he teaches how to live, think, and grow with purpose.
Through Shri Ram IAS Academy, he has not merely built an institution but ignited a movement —
a movement to make education a celebration of life, values, and self-discovery.

एम आई-स्किल कोर्स ऑनलाइन: राहुल गुप्ता का विज़न — डिजिटल युग में अंग्रेज़ी और स्किल दोनों का संगम

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एम आई-स्किल कोर्स ऑनलाइन: राहुल गुप्ता का विज़न — डिजिटल युग में अंग्रेज़ी और स्किल दोनों का संगम

पता: करन चौराहा, सराय अकील, कौशाम्बी (212216)
ईमेल: info@miskillcourse.online

वेबसाइट: www.miskillcourse.online

Name 👉 Rahul Gupta
WhatsApp no👉 9695683480

🌟 परिचय

आज के डिजिटल युग में सिर्फ अंग्रेज़ी जानना काफी नहीं — बल्कि उसे सही जगह और सही तरीके से इस्तेमाल करना ज़रूरी है।
इसी सोच से जन्म हुआ www.miskillcourse.online का, जिसकी स्थापना राहुल गुप्ता ने की।
उनका उद्देश्य है — हर युवा को आधुनिक डिजिटल स्किल्स और प्रभावशाली अंग्रेज़ी संचार की शक्ति से सशक्त बनाना।

राहुल गुप्ता का मानना है:

“English isn’t just a subject — it’s a life skill. And when you combine it with digital marketing and communication, you create real opportunities.”

🎯 संस्थान का मिशन

www.miskillcourse.online का मिशन है —
भारत के हर विद्यार्थी और प्रोफेशनल को ऐसी प्रैक्टिकल स्किल्स सिखाना, जो उन्हें रोजगार, आत्मनिर्भरता और सफलता के रास्ते पर ले जाए।

💼 कोर्स की विस्तृत सूची

राहुल गुप्ता का यह प्लेटफ़ॉर्म सिर्फ अंग्रेज़ी नहीं सिखाता — बल्कि यह अंग्रेज़ी के साथ-साथ डिजिटल मार्केटिंग, ऑनलाइन प्रमोशन, और पर्सनल डेवलपमेंट को भी जोड़ता है।

नीचे दिए गए कोर्स इसके सबसे बड़े आकर्षण हैं 👇

🧠 English Skill Development Courses

Everyday Functional English – रोजमर्रा की बातचीत में अंग्रेज़ी का सहज प्रयोग।

English for Workplace Communication – दफ्तर और प्रोफेशनल माहौल में अंग्रेज़ी संवाद की कला।

Interview and Job-Related English – इंटरव्यू में प्रभावशाली अंग्रेज़ी बोलने और आत्मविश्वास बढ़ाने के टिप्स।

English for Making New Friends – सामाजिक रिश्ते बनाने और नए लोगों से जुड़ने की बातचीत शैली।

English for Social Interactions – ऑनलाइन और ऑफलाइन सामाजिक बातचीत के लिए सरल अंग्रेज़ी।

English for Public Speaking and Confidence Building – स्टेज पर या मीटिंग में बोलने का आत्मविश्वास विकसित करें।

Customer Service and Retail English – ग्राहक सेवा और बिक्री से जुड़ी अंग्रेज़ी जो हर प्रोफेशनल के लिए ज़रूरी है।

💻 Digital Marketing & Business Courses

Affiliate Marketing Course – ऑनलाइन कमाई के सबसे लोकप्रिय तरीकों में से एक का पूरा ज्ञान।

Facebook Ads Course for Lead Generation – बिज़नेस के लिए ग्राहकों को आकर्षित करने की कला।

Facebook Ads Course for Selling Courses – अपने डिजिटल कोर्सेज़ को प्रमोट करने की रणनीतियाँ।

Facebook Ads Analytics – विज्ञापनों के डेटा को समझना और ROI बढ़ाना।

Google Analytics Course – वेबसाइट के विज़िटर्स और ट्रैफ़िक को समझने का गाइड।

YouTube Ads Course – वीडियो विज्ञापन से ब्रांड और सेल्स बढ़ाने के तरीके।

Landing Page Course – कन्वर्ज़न बढ़ाने वाले लैंडिंग पेज की डिजाइनिंग और राइटिंग।

How to Write Ad Copy & Video Scripts – असरदार विज्ञापन और वीडियो स्क्रिप्ट लिखने की तकनीक।

ChatGPT for Marketing – एआई टूल्स का इस्तेमाल करके कंटेंट और मार्केटिंग को आसान बनाना।

Email Marketing Course – ईमेल के ज़रिए ग्राहकों से जुड़ाव बढ़ाने के रहस्य।

WordPress Course – वेबसाइट बनाने और उसे संभालने की पूरी जानकारी।

📚 शिक्षण की विशेषता

www.miskillcourse.online का हर कोर्स इस सिद्धांत पर आधारित है —

“Learn. Apply. Grow.”

यहाँ विद्यार्थी सिर्फ सीखते नहीं, बल्कि वास्तविक जीवन में उसे लागू करना भी सीखते हैं।
प्लेटफ़ॉर्म का इंटरफ़ेस सरल है, और हर कोर्स में वीडियो लेसन, उदाहरण, असाइनमेंट, और प्रैक्टिकल टास्क दिए गए हैं।

🕒 लचीला अध्ययन (Flexible Learning)

कोई समय सीमा नहीं — अपनी सुविधा के अनुसार सीखें।

कोर्स का Lifetime Access — एक बार सीखें, बार-बार दोहराएँ।

मोबाइल, लैपटॉप या टैब — किसी भी डिवाइस से सीख सकते हैं।

💬 राहुल गुप्ता की सोच

राहुल गुप्ता कहते हैं —

“हम सिर्फ कोर्स नहीं बेचते, हम आत्मविश्वास बाँटते हैं। हमारा लक्ष्य है कि हर विद्यार्थी बोले — ‘Now I can speak, present, and succeed!’”

उनका मानना है कि अंग्रेज़ी और डिजिटल स्किल्स मिलकर ही आधुनिक भारत को रोजगार और उद्यमिता की नई ऊँचाइयों तक ले जा सकते हैं।

🌍 भारत से डिजिटल दुनिया तक

कौशाम्बी जैसे छोटे शहर से शुरू होकर यह प्लेटफ़ॉर्म अब देशभर के विद्यार्थियों तक पहुँच रहा है।
मि-स्किल कोर्स का विज़न है —

“To make English and digital skills accessible to every learner in India and beyond.”

📩 संपर्क करें

Website: www.miskillcourse.online

Email: info@miskillcourse.online

Address: Karna Chauraha, Sarai Akil, Kaushambi – 212216

✨ निष्कर्ष

राहुल गुप्ता और उनका प्लेटफ़ॉर्म www.miskillcourse.online सिर्फ एक वेबसाइट नहीं, बल्कि एक राष्ट्रव्यापी शिक्षा आंदोलन है —
जो हर युवा को डिजिटल और भाषाई आत्मनिर्भरता की ओर ले जा रहा है।

अगर आप भी फ्लुएंट इंग्लिश बोलना, डिजिटल मार्केटिंग सीखना, या ऑनलाइन करियर बनाना चाहते हैं —
तो आज ही जुड़िए www.miskillcourse.online से,
जहाँ सीखना है सरल, और सफलता है सुनिश्चित। 🚀

 

www.miskillcourse.online

सत्य की आवाज ट्रस्ट – एक सच्चाई की पुकार

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सत्य की आवाज ट्रस्ट – एक सच्चाई की पुकार

हमारे देश में जब भी अन्याय की दीवारें ऊँची होती हैं, तब कुछ ऐसे लोग जन्म लेते हैं जो सच की आवाज़ बनकर समाज को दिशा देते हैं। “सत्य की आवाज ट्रस्ट” ऐसी ही एक प्रेरणादायक संस्था है, जिसने यह ठान लिया है कि अब अन्याय नहीं चलेगा, अब हर निर्दोष को न्याय मिलेगा और हर दोषी को उसकी सज़ा।

इस ट्रस्ट का उद्देश्य केवल एक संगठन चलाना नहीं, बल्कि एक आंदोलन बनना है — ऐसा आंदोलन जो समाज को भ्रष्टाचार और भय से मुक्त करे।
इसका नारा ही इसकी आत्मा है –
“आओ हम सब मिलकर संगठन को मजबूत बनाएं, भ्रष्टाचार मुक्त समाज का निर्माण करें।”

🌟 नेतृत्व की मिसाल: राष्ट्रीय अध्यक्ष रामफल सिंह जी

इस ट्रस्ट के संस्थापक और राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री रामफल सिंह जी ने अपने जीवन को जनसेवा को समर्पित कर दिया है। वे मानते हैं कि –

“जब तक समाज में डर और अन्याय है, तब तक सच्ची आज़ादी अधूरी है।”

उनका विज़न है कि पुलिस और जनता के बीच जो दीवारें हैं, उन्हें तोड़कर “मित्र पुलिस” की भावना को जगाया जाए। उन्होंने हमेशा यह संदेश दिया है कि –
“जनता और प्रशासन एक-दूसरे के सहयोगी हैं, विरोधी नहीं।”

📜 संगठन की रीढ़ – समर्पित टीम

इस संगठन में हर सदस्य समाज के लिए कुछ कर गुजरने की भावना रखता है।

सचिव श्री राम सजीवन समाज के हर छोटे-बड़े मुद्दे को गंभीरता से उठाते हैं।

महिला अध्यक्ष श्रीमती माया द्विवेदी महिलाओं के अधिकार, सुरक्षा और शिक्षा के लिए निडर आवाज़ बनकर खड़ी रहती हैं।

ट्रस्टी श्रीमती उषा देवी और उनकी टीम — सोनम, अंजना, सोनल, लक्ष्मी देवी, रोशनी सिंह, रोशनी खोटे — मिलकर महिला सशक्तिकरण और बाल सुरक्षा के क्षेत्र में अद्भुत कार्य कर रही हैं।

हर सदस्य का उद्देश्य स्पष्ट है —

“सत्य, न्याय और सेवा — यही हमारा धर्म है।”

🏢 ट्रस्ट का मुख्यालय:

हेड ब्रांच ऑफिस – भरवा, सुमेरपुर, जिला हमीरपुर (कानपुर-सागर रोड),
श्याम टेंट हाउस के मकान में स्थित यह कार्यालय न केवल एक भवन है बल्कि सैकड़ों उम्मीदों का घर है।
यहीं से जनहित की आवाज़ देशभर में गूंजती है।

🕊️ हमारा लक्ष्य और मिशन

“सत्य की आवाज ट्रस्ट” का मिशन केवल सामाजिक सुधार नहीं बल्कि राष्ट्रीय परिवर्तन है।
यह संगठन नॉन-गवर्नमेंट ऑर्गेनाइजेशन (NGO) के रूप में देशभर में कार्य कर रहा है —

“राष्ट्रीय एवं सामाजिक हित हमारे लक्ष्य हैं।”

🔶 मुख्य उद्देश्यों में शामिल हैं:

निर्दोषों को मुक्त कराना और दोषियों की पहचान में प्रशासन की सहायता करना।

जनता और पुलिस के बीच विश्वास कायम करना — “भाई नहीं, मित्र पुलिस” की भावना को बढ़ावा देना।

महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना।

सामाजिक शांति और सौहार्द्र बनाए रखने के लिए जागरूकता अभियान चलाना।

आतंकवाद, अपराध और भ्रष्टाचार के खिलाफ सक्रिय योगदान देना।

ग्रामीण से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक जन समस्याओं का समाधान खोजने का प्रयास करना।

कानूनी जानकारी को आम जनता तक गोपनीय रूप में पहुँचाना, ताकि कोई भी अन्याय से डर न सके।

बाल विवाह, बाल शोषण, मिलावटखोरी, नशा उन्मूलन जैसी बुराइयों के खिलाफ अभियान चलाना।

गरीब और जरूरतमंद बच्चों की शिक्षा व स्वास्थ्य में मदद करना।

सरकार को सहयोग कर स्वच्छ और सशक्त समाज की दिशा में काम करना।

💪 भ्रष्टाचार के खिलाफ संग्राम

ट्रस्ट का हर सदस्य यह मानता है कि भ्रष्टाचार केवल व्यवस्था की कमजोरी नहीं, बल्कि समाज की चुप्पी का परिणाम है।
इसलिए “सत्य की आवाज ट्रस्ट” लोगों को जागरूक करता है कि —

“डरना नहीं, बोलना सीखो; अन्याय के खिलाफ आवाज़ उठाओ।”

यह संगठन कई बार उन निर्दोषों के साथ खड़ा हुआ है जिन्हें झूठे मामलों में फंसाया गया था, और अपने प्रयासों से उन्हें न्याय दिलाया है।
प्रशासन भी इस ट्रस्ट के सहयोग और पारदर्शिता की सराहना करता है।

🌼 महिलाओं की शक्ति – समाज का आधार

महिला अध्यक्ष माया द्विवेदी और उनकी टीम ने महिलाओं को आत्मरक्षा, शिक्षा और रोजगार के प्रति जागरूक करने के लिए कई अभियान चलाए हैं।
वे कहती हैं —

“जब एक महिला शिक्षित और सशक्त होती है, तो पूरा परिवार उजाले में आ जाता है।”

आज रोशनी सिंह, अंजना, सोनल और लक्ष्मी देवी जैसी सदस्य अपने-अपने क्षेत्रों में महिलाओं के अधिकारों की आवाज़ बन चुकी हैं।

🌍 जनहित ही धर्म है

“सत्य की आवाज ट्रस्ट” का हर कदम जनहित की दिशा में बढ़ता है।
यह संस्था किसी राजनैतिक या आर्थिक स्वार्थ से प्रेरित नहीं है, बल्कि केवल राष्ट्रहित में कार्यरत है।
ट्रस्ट का उद्देश्य है कि भारत में ऐसा समाज बने —
जहाँ हर नागरिक सुरक्षित, सम्मानित और न्यायपूर्ण जीवन जी सके।

🕯️ रामफल सिंह जी का संदेश राष्ट्र के नाम

“हमारा संगठन छोटा ज़रूर है, लेकिन हमारा संकल्प बड़ा है।
जब तक इस देश में एक भी निर्दोष को अन्याय झेलना पड़ रहा है, तब तक ‘सत्य की आवाज ट्रस्ट’ उसकी ढाल बनकर खड़ा रहेगा।
हम प्रशासन का सहयोग भी लेंगे और देंगे — क्योंकि हमारा लक्ष्य है सत्य, न्याय और सेवा के साथ भ्रष्टाचार मुक्त भारत का निर्माण।”

🇮🇳 समापन: जनसेवा ही सच्चा धर्म

आज “सत्य की आवाज ट्रस्ट” केवल एक संस्था नहीं, बल्कि आम जनता की आवाज़ बन चुकी है।
यह वह आवाज़ है जो सच्चाई के लिए उठती है, अन्याय के खिलाफ बोलती है, और समाज में एक नई चेतना जगाती है।

आओ, हम सब इस मिशन का हिस्सा बनें।
सत्य की आवाज ट्रस्ट से जुड़ें और एक स्वच्छ, सुरक्षित, और न्यायपूर्ण भारत के निर्माण में योगदान दें।

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“सत्य की राह कठिन जरूर है,
पर यही राह समाज को उजाला देती है।”
— सत्य की आवाज ट्रस्ट परिवार

बंगाल में फिर से मेडिकल स्‍टूडेंट को हैवानों ने नोचा, फ्रेंड के साथ डिनर के लिए गई थीं बाहर, जांच में जुटी पुलिस

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दुर्गापुर।  पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर से एक हैरान करने वाली खबर सामने आई है। यहां एक निजी मेडिकल कॉलेज की छात्रा के साथ शुक्रवार रात सामूहिक दुष्कर्म की वारदात ने पूरे इलाके में सनसनी मचा दी है। ओडिशा की रहने वाली यह छात्रा अपने सपनों को सच करने के लिए पढ़ाई कर रही थी, लेकिन उसकी जिंदगी में यह भयावह रात एक काला अध्याय बनकर आ गई। इस घटना ने एक बार फिर बंगाल में महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

क्या है पूरा मामला?

पुलिस के मुताबिक, यह घटना रात करीब 8:00 से 8:30 बजे के बीच हुई. ओडिशा के जलेश्वर की रहने वाली दूसरी साल की मेडिकल छात्रा अपनी एक सहेली के साथ कॉलेज कैंपस के पास खाना खाने निकली थी। दोनों एक सुनसान इलाके में पहुंचे ही थे कि तीन अज्ञात लोग वहां आए। सहेली डरकर भाग गई और छात्रा अकेली रह गई. हमलावरों ने उसका फोन छीन लिया और उसे जबरन कैंपस के पास जंगल में ले गए। वहां उसके साथ दरिंदगी की गई। इतना ही नहीं, बदमाशों ने उसे धमकी दी कि अगर उसने किसी को बताया, तो उसे भारी नुकसान उठाना पड़ेगा. साथ ही, फोन वापस करने के लिए पैसे भी मांगे।

पीड़िता की हालत

छात्रा ने किसी तरह अपने दोस्तों से संपर्क किया, जिन्होंने उसके माता-पिता को सूचना दी. शनिवार सुबह माता-पिता दुर्गापुर पहुंचे और तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज की। पीड़िता का इलाज पास के अस्पताल में चल रहा है, जहां उसकी हालत स्थिर लेकिन गंभीर बताई जा रही है। माता-पिता का कहना है कि उनकी बेटी के साथ रात 10 बजे के आसपास यह जघन्य अपराध हुआ। मां ने रोते हुए कहा, “हमारी बेटी पढ़ाई के लिए घर से इतनी दूर आई थी, लेकिन अब ये क्या हो गया?”

क्या कर रही है बंगाल पुलिस?

पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। पीड़िता का बयान दर्ज कर लिया गया है और उसकी सहेली से भी पूछताछ की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और एक फोरेंसिक टीम घटनास्थल की जांच करेगी। हालांकि, अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। उधर, राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी इस घटना पर संज्ञान लिया है। एनसीडब्ल्यू की सदस्य अर्चना मजूमदार जल्द ही पीड़िता और उसके परिवार से मिलने दुर्गापुर पहुंच रही हैं। उन्होंने कहा, “बंगाल में महिलाओं के खिलाफ अपराध बढ़ रहे हैं और पुलिस की निष्क्रियता चिंता का विषय है।”

बंगाल में क्यों बढ़ रहे हैं अपराध?

यह घटना उस समय हुई है, जब कुछ दिन पहले ही एक भाजपा महिला सांसद पर हमला हुआ था। लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर बंगाल में कानून-व्यवस्था की स्थिति इतनी कमजोर क्यों है? स्वास्थ्य विभाग ने भी कॉलेज प्रशासन से तुरंत रिपोर्ट मांगी है और उचित कार्रवाई का भरोसा दिया है। लेकिन सवाल वही है कि क्या ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे?

महिला शिक्षा बाल विकास संस्थान की अनोखी पहल — “शिक्षित महिला, विकसित देश” की दिशा में सशक्त कदम

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🌸 महिला शिक्षा बाल विकास संस्थान की अनोखी पहल — “शिक्षित महिला, विकसित देश” की दिशा में सशक्त कदम

मुरादाबाद (उत्तर प्रदेश):
“जब एक महिला शिक्षित होती है, तो पूरा समाज विकसित होता है” — इसी विचारधारा को साकार करने का कार्य कर रहा है महिला शिक्षा बाल विकास संस्थान (Mahila Shiksha Bal Vikas Sansthan)।
संस्थान के संस्थापक एवं निदेशक श्री फहीम अहमद और प्रबंधक श्रीमती नाजिया शाहिद का सपना है कि हर महिला के हाथ में हुनर हो, हर महिला आत्मनिर्भर बने और समाज में सम्मान के साथ आगे बढ़े।

🌺 महिला आत्मनिर्भरता कार्यक्रम – “आजादी”

संस्थान की यह विशेष पहल महिलाओं को आत्मनिर्भर और अधिकारों के प्रति जागरूक बनाने के उद्देश्य से चलाई जा रही है।
कार्यक्रम के मुख्य उद्देश्य इस प्रकार हैं –

महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना एवं उनके लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना।

महिलाओं को उनकी योग्यता के अनुसार प्रशिक्षण देना।

महिलाओं के स्वास्थ्य परीक्षण और सुरक्षा पर विशेष ध्यान देना।

विधवा, दिव्यांग और आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं व पुरुषों को शिक्षा एवं स्वावलंबन की दिशा में सहायता करना।

समाज में व्याप्त कुरीतियों को समाप्त करने की दिशा में कार्य करना।

प्रत्येक ग्राम सभा में सिलाई प्रशिक्षण केंद्र खोलना ताकि हर महिला को रोजगार से जोड़ा जा सके।

बच्चों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा हेतु ट्यूशन की सुविधा उपलब्ध कराना।

🌼 प्रशिक्षण कार्यक्रम – हुनर से आत्मनिर्भरता की ओर

संस्थान में महिलाओं को विभिन्न व्यावसायिक और व्यवहारिक प्रशिक्षण प्रदान किए जा रहे हैं, जैसे –

✅ सिलाई-कढ़ाई प्रशिक्षण
✅ ब्यूटिशियन कोर्स एवं मेकअप ट्रेनिंग
✅ योगा एवं टीचर ट्रेनिंग कोर्स
✅ धूपबत्ती, अगरबत्ती, अचार-मुरब्बा, घरेलू मसाले निर्माण प्रशिक्षण
✅ हॉस्पिटल, कम्प्यूटर, डिजिटल इंडिया कोर्स
✅ प्रथम उपचार प्रशिक्षण (First Aid)
✅ सेनेटरी पैड, एलईडी बल्ब, घरेलू वस्तुओं की पैकिंग प्रशिक्षण
✅ साबुन, झाड़ू, सर्फ, नमकीन, चाउमीन निर्माण प्रशिक्षण

इसके साथ ही, संस्थान लघु उद्योग, ग्रामोद्योग, पशुपालन, डेयरी फार्मिंग, जैविक खेती, गौशाला संचालन, घोड़ा शेड प्रबंधन जैसे स्वरोजगार आधारित प्रोजेक्ट्स पर भी कार्य कर रहा है।

🌻 महिला उद्यमिता एवं MSME प्रोत्साहन अभियान

संस्थान MSME (Micro, Small and Medium Enterprises) क्षेत्र में भी सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है।
इसका उद्देश्य है कि छोटे और मझोले उद्योगों को आवश्यक सहायता देकर आर्थिक और सामाजिक विकास में उनका योगदान सुनिश्चित किया जा सके।

संस्थान के MSME कार्य क्षेत्र:

वित्तीय सहायता – ऋण, अनुदान और निवेश की व्यवस्था।

तकनीकी सहायता – डिजिटलीकरण, उत्पाद विकास और तकनीकी उन्नयन।

विपणन सहायता – ब्रांडिंग, मार्केटिंग और बाजार अनुसंधान।

क्षमता निर्माण – प्रशिक्षण, मेंटरशिप और सलाहकार सेवाएं।

नेटवर्किंग – उद्योग संघों और व्यापार मेलों से जुड़ाव।

स्वास्थ्य और सुरक्षा प्रशिक्षण।

पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता।

महिला उद्यमिता को प्रोत्साहन।

ग्रामीण विकास और रोजगार सृजन।

🌷 संस्थान की प्रबंधन टीम

संस्थापक एवं निदेशक: श्री फहीम अहमद

प्रबंधक एवं महिला प्रेरक: श्रीमती नाजिया शाहिद

इन दोनों के नेतृत्व में संस्थान ने समाज के अनेक वर्गों की महिलाओं को प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार और सम्मान दोनों प्रदान किए हैं।
नाजिया शाहिद स्वयं महिला प्रेरक के रूप में कार्य करती हैं और समाज की महिलाओं को आत्मविश्वास से भरने, जागरूक करने और आत्मनिर्भरता की राह पर ले जाने में अग्रणी भूमिका निभा रही हैं।

🌹 संस्थान का उद्देश्य

महिला शिक्षा बाल विकास संस्थान का मुख्य लक्ष्य है –
“हर महिला को शिक्षित, आत्मनिर्भर और सम्मानित बनाना।”
यह सिर्फ एक संगठन नहीं बल्कि महिला सशक्तिकरण की एक जनचेतना है, जो समाज में नई रोशनी फैला रही है।

📍 संपर्क विवरण (Contact Details):

महिला शिक्षा बाल विकास संस्थान (Mahila Shiksha Bal Vikas Sansthan)
H.O.: दौलत बाग, गली नं. 2, थाना नागफनी, मुरादाबाद – 244001 (उत्तर प्रदेश), भारत
📞 +91 8006000143, +91 8755703725
📧 msbvs2024@gmail.com

✨ संक्षेप में:

महिला शिक्षा बाल विकास संस्थान का प्रयास है कि हर महिला को उसका अधिकार मिले, हर घर में शिक्षा और आत्मनिर्भरता की मशाल जले,
और भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में महिलाएं सबसे सशक्त योगदानकर्ता बनें।

श्री अभिषेक माथुर जी : धर्म, अध्यात्म और जनकल्याण की जीवंत मिसाल

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श्री अभिषेक माथुर जी : धर्म, अध्यात्म और जनकल्याण की जीवंत मिसाल

उज्जैन (मध्य प्रदेश)

जब संसार भौतिकता की ओर तेज़ी से भाग रहा है, तब भी कुछ ऐसे लोग हैं जो जीवन को केवल सफलता से नहीं, बल्कि सेवा और साधना से मापते हैं। ऐसे ही एक प्रेरणादायक व्यक्तित्व हैं — डॉ. अभिषेक माथुर, जिन्हें समाज में आदरपूर्वक श्री गुरुरज कींकर दास (भगत जी) के नाम से जाना जाता है।
वे श्री जानकी रमन एजुकेशन एंड सोशल वेलफेयर सोसाइटी तथा धर्म आध्यात्मिक एवं जनकल्याण समिति के अध्यक्ष हैं। उनका कार्यक्षेत्र केवल उज्जैन तक सीमित नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर फैला हुआ है।

🌿 आरंभिक जीवन और शिक्षा

श्री अभिषेक माथुर जी का निवास श्री करह सरकार, सद्गुरु सेवा सदन, महाकाल मार्ग, वियामशाला, संत मीरा स्कूल के पास, उज्जैन (मध्य प्रदेश) में है।


उन्होंने स्नातक स्तर की शिक्षा के साथ-साथ आयुर्वेद विशारद, संगीत, और प्राकृतिक चिकित्सा की विधिवत शिक्षा प्राप्त की है। अपने 13 वर्षों के शैक्षणिक कार्यकाल में उन्होंने शिक्षा के प्रसार के लिए समर्पित होकर कार्य किया।

किन्तु उनके भीतर एक और गहरी पुकार थी — अध्यात्म और सेवा की भावना। इसी प्रेरणा ने उन्हें सनातन धर्म और समाज सेवा के मार्ग पर अग्रसर किया।

🕉️ आध्यात्मिक जीवन और सनातनी विचारधारा

श्री अभिषेक माथुर जी आज के युग में सनातन संस्कृति के जीवंत प्रचारक हैं।
वे केवल प्रवचन या अनुष्ठान तक सीमित नहीं हैं, बल्कि युवा पीढ़ी के भीतर अध्यात्म के प्रति जागरूकता और आस्था उत्पन्न करने का कार्य भी कर रहे हैं।

उनकी संस्था द्वारा नियमित रूप से भगवत स्मरण, भगवत कीर्तन, आध्यात्मिक संगोष्ठी, और विशाल भंडारे का आयोजन पिछले 18 वर्षों से निरंतर किया जा रहा है।
उनके श्री करह बिहारी सरकार सद्गुरु सेवा सदन में हर सप्ताह और पर्व विशेष पर श्रीमद् भागवत पाठ, श्री रामचरितमानस पाठ, सुंदरकांड पाठ, तथा वेदोक्त विधि से मंगल भात पूजा, कालसर्प योग निवारण, गृहदोष शांति, और वास्तु दोष निवारण जैसे अनुष्ठान सम्पन्न करवाए जाते हैं।

🏅 सम्मान और उपलब्धियाँ

श्री अभिषेक माथुर जी को अब तक राष्ट्रीय स्तर पर 50 से अधिक पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है।
सामाजिक सुधार और अध्यात्म के क्षेत्र में उनके अतुलनीय योगदान को देखते हुए उनका नाम चार वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज है।
उन्हें राष्ट्रीय रत्न विद्यावाचस्पति की उपाधि से भी अलंकृत किया गया है — जो उनके ज्ञान, सेवा और संस्कारों की सार्थक पहचान है।

🌸 समाज सेवा और भविष्य की योजनाएँ

उनकी संस्था श्री जानकी रमन एजुकेशन एंड सोशल वेलफेयर सोसाइटी समाज कल्याण के विविध क्षेत्रों में सक्रिय है —

निर्धनों को निःशुल्क सहायता प्रदान करना

धार्मिक कार्यक्रमों के माध्यम से समाज में एकता और सद्भाव बढ़ाना

युवाओं को संस्कार और आत्मबल से जोड़ना

भविष्य में वे एक विशाल आध्यात्मिक क्षेत्र, गौशाला, हॉस्पिटल और आवासीय विद्यालय की स्थापना का सपना देख रहे हैं। यह योजना ठाकुर जी की कृपा से शीघ्र ही साकार होने जा रही है।

🙏 आध्यात्मिक प्रेरणा और जनमानस में प्रभाव

श्री अभिषेक माथुर जी ने अपने जीवन से यह सिखाया है कि अध्यात्म केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं, बल्कि यह जीवन का अनुशासन और सेवा का माध्यम है।
उनके मार्गदर्शन में अनेक युवा आज सकारात्मक जीवनशैली, संस्कारयुक्त सोच, और सेवा भाव अपनाकर समाज में बदलाव ला रहे हैं।

वे कहते हैं —

“जब तक मनुष्य अपने भीतर के भगवान को नहीं पहचानता, तब तक संसार का कोई सुख स्थायी नहीं हो सकता।”

उनकी वाणी में सच्चाई, उनके कर्मों में समर्पण और उनके जीवन में सनातन संस्कृति की झलक स्पष्ट दिखाई देती है।

📞 संपर्क जानकारी

नाम: डॉ. अभिषेक माथुर (राष्ट्रीय रत्न विद्यावाचस्पति)
आध्यात्मिक नाम: श्री गुरुरज कींकर दास (भगत जी)
पद: अध्यक्ष – श्री जानकी रमन एजुकेशन एंड सोशल वेलफेयर सोसाइटी, धर्म आध्यात्मिक एवं जनकल्याण समिति
पता: श्री करह सरकार, सद्गुरु सेवा सदन, रावला गुदरी बाजार, उज्जैन, मध्य प्रदेश
मोबाइल: +91 93011 43329

🌺 निष्कर्ष

श्री अभिषेक माथुर जी का जीवन इस बात का साक्षात प्रमाण है कि यदि व्यक्ति में श्रद्धा, सेवा और समर्पण का भाव हो, तो वह समाज में परिवर्तन की अमिट छाप छोड़ सकता है।
उन्होंने अध्यात्म को केवल ग्रंथों से निकालकर जन-जन के जीवन में उतारने का कार्य किया है।
उनकी संस्था और प्रयास आज भी उसी भाव से आगे बढ़ रहे हैं —
“सबका कल्याण हो, सबका मंगल हो, यही सच्चा धर्म है।” 🌼

जनता की जान से खिलवाड़, मिलावटी दवाओं पर राज्यों में चल रहा ‘धीमा अभियान’

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नई दिल्ली। कोल्ड्रिफ कफ सीरप से मध्य प्रदेश और राजस्थान में कई बच्चों की मौत के बाद दवा में मिलावट के खिलाफ कार्रवाई की मांग तेज हो रही है। हालांकि, हकीकत यह है कि अधिकांश राज्यों में जांच और कार्रवाई बेहद सुस्त है। कहीं सैंपल जांच में देरी हो रही है तो कहीं दोषियों को सजा दिलाने में। आइए देखते हैं कुछ राज्यों में दवा कंपनियों पर कार्रवाई को लेकर क्या स्थिति है।

मध्य प्रदेश में दवाओं के सैंपलों की जांच के लिए वर्ष 2024 तक एकमात्र लैब भोपाल में थी, जिसकी क्षमता प्रतिवर्ष चार हजार सैंपल जांचने की है। इस वर्ष से इंदौर और जबलपुर में लैब प्रारंभहो गई हैं, जिनकी क्षमता प्रतिवर्ष एक-एक हजार है। प्रदेश में प्रति वर्ष सात हजार से अधिक सैंपल जांच के लिए आते हैं। वर्ष 2024 में जांच के लिए 7211 सैंपल भोपाल स्थित राज्य लैब में आए, पर क्षमता कम होने के कारण 4398 सैंपलों की जांच ही हो पाई। इनमें 51 सैंपल अमानक पाए गए। पिछले साल केवल एक मामले में विभाग आरोपी को सजा दिला पाया ।

सैंपल लिए जा रहे, कार्रवाई नहीं
झारखंड में कोल्ड्रिफ कफ सीरप की आपूर्ति नहीं हुई है। इस कारण कार्रवाई तो कुछ नहीं हुई है, लेकिन अस्पतालों में आपूर्ति की गई सभी तरह की कफ सीरप की जांच के लिए सैंपल लिए जा रहे हैं। दवा की दुकानों से भी जांच के लिए सीरप के सैंपल लिए जा रहे हैं।

किसी कंपनी पर कोई कार्रवाई नहीं
उत्तराखंड राज्य में अभी किसी कंपनी पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। यहां प्रतिबंधित सीरप रखने के मामले में सात दुकानें सील की गई हैं और रेस्पिफ्रेश टीआर सीरप की 44 बोतलें नष्ट की गई हैं। प्रदेश में कई कंपनियों के सीरप प्रतिबंधित किए गए हैं। अब तक 190 सैंपल लेकर उनकी जांच की जा रही है।

राज्य सरकार ने चार दवाओं पर लगा दिया प्रतिबंध
हरियाणा में मिलावटी दवाइयों की बिक्री रोकने के क्रम में प्रदेश सरकार ने खांसी की चार दवाओं (कफ सिरप) की बिक्री और वितरण पर प्रतिबंध लगा दिया है। इनमें डायएथिलीन ग्लाइकाल जैसे खतरनाक रसायन की मौजूदगी पाई गई, जो बच्चों के लिए जानलेवा साबित हो सकते हैं। सभी दवाओं के सैंपल भरकर परीक्षण के लिए प्रयोगशालाओं में भेजा जा रहा है।

ब्लैकलिस्ट फार्मा से दवाएं खरीदती रही राज्य की सरकार
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर के पेंडारी में आठ नवंबर, 2014 को आयोजित नसबंदी शिविर में आपरेशन के बाद 13 महिलाओं की मौत हो गई थी। जांच में पता चला था कि रायपुर स्थित महावर फार्मा और बिलासपुर की कविता फार्मा द्वारा बनाई गई ऐंटिबायोटिक टैबलेट सिप्रो फ्लाक्सेसिन-500 में जिंक फास्फाइड यानी चूहे मारने वाला केमिकल मिला है। इसी जहरीली दवा के सेवन से महिलाओं की मौत हुई थी। घटना के बाद ड्रग विभाग ने दोनों कंपनियों का लाइसेंस रद कर दिया था और महावर फार्मा के संचालक रमेश महावर व उनके बेटे सुमित महावर को जेल भेजा गया था। चार स्वास्थ्य अधिकारियों को भी निलंबित किया गया था। चौंकाने वाली बात यह थी कि महावर फार्मा को 2012 में ब्लैकलिस्ट कर दिया गया था, बावजूद इसके सरकार उससे दवाएं खरीदती रही।

14 मामले दर्ज, पर केवल तीन में ही हुई सजा
2022 से 2025 के बीच दिल्ली में नकली दवा के 14 मामले दर्ज हुए, जिनमें 18.60 करोड़ रुपये की दवा नकली पाई गई। 10 मामलों में आरोप-पत्र दाखिल हुए, पर तीन में सजा हुई। जुलाई 2025 में पश्चिम विहार और सिविल लाइन्स में छापों में 11 गिरफ्तारियां हुईं, लेकिन लंबी न्यायिक प्रक्रिया उनकी सजा में बाधा बनी हुई है।