पेट की चर्बी से परेशान लोगों के लिए खुशखबरी, रिसर्च में सामने आया विसरल फैट घटाने का आसान और कारगर उपाय

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विसरल फैट पेट के अंदर इंटरनल ऑर्गन्स जैसे लिवर, आंत और हार्ट के आसपास जमा होने वाली एक प्रकार की चर्बी होती है। विसरल फैट के कारण इंफ्लेमेशन और हानिकारक केमिकल पैदा होता है जो हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट डिजीज, टाइप 2 डायबिटीज और कुछ प्रकार के कैंसर के साथ अन्य गंभीर बीमारियों के खतरे को बढ़ाता है। हेल्थ एक्सपर्ट्स सके अनुसार ज्यादा चीनी के सेवन से बॉडी में इंसुलिन का लेवल बढ़ता है जिससे विसरल फैट जमने लगता है। ऐसे में इस खतरनाक फैट को कम करने का सही तरीके फास्टिंग यानी उपवास होता है। टाइम्स ऑफ इंडिया के हवाले (Ref) से डॉक्टर्स के अनुसार फास्टिंग से इंसुलिन को कम करने के अलावा बॉडी को और एनर्जी के लिए फैट बर्न करने में मदद मिलती है। इससे पेट की चर्बी कम होती है और यह मेटाबॉलिज्म में भी सुधार करता है। उपवास से सूजन कम होती है साथ ही हार्ट और मेटाबॉलिज्म हेल्थ बेहतर होती है। (Photo credit):iStock

क्या है विसरल फैट?
दरअसल विसरल फैट हर किसी की बॉडी में होता है। यह आपके कई इंटरनल ऑर्गन्स के चारों ओर एक मुलायम और सॉफ्ट सुरक्षा परत होती है। यह बॉडी में एनर्जी को स्टोर और उसके इस्तेमाल में अहम भूमिका निभाती है। लेकिन अगर इसकी मात्रा बढ़ जाए तो अन्य बीमारियों का जोखिम बढ़ जाता है। विसरल फैट एक प्रकार चर्बी है जो बॉडी के अंदर गहराई में इकट्ठा होती है।

हाई इंसुलिन और विसरल फैट
लगातार ग्लूकोस से भरपूर चीजों का सेवन करने से पेनक्रियाज इंसुलिन का उत्पादन करने लगता है। लंबे समय तक ग्लूकोज का सेवन करने से इंसुलिन का स्टार हाई रहता है जो इंसुलिन रेजिस्टेंस का कारण बनता है। इस स्थिति में बॉडी को ब्लड शुगर मैनेज करने के लिए और भी अधिक इंसुलिन की जरूरत पड़ती है जिससे फैट स्टोर होने लगता है।

हाई इंसुलिन के नुकसान
लगातार हाई इंसुलिन के कारण लिवर ग्लूकोज को फैट के रूप में इक्कठा करने लगता है जिससे फैटी लिवर की समस्या हो जाती है। इसके साथ ही बॉडी के इंटरनल ऑर्गन्स के आसपास नए फैट का उत्पादन करने लगती है। दूसरे फैट की तरह विसरल फैट भी बेहद हानिकारक होता है। इससे बॉडी में इंफ्लेमेशन बढ़ता है, साथ ही कार्डियोमेटाबॉलिक डिजीज का खतरा बढ़ता है।

विसरल फैट और बीमारियां 
विसरल फैट गई गंभीर बीमारियों की वजह बनता है जिसमें हार्ट डिजीज टाइप 2 डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर फैटी लिवर, स्लीप एपनिया और कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी शामिल है।

कैसे कम करें विसरल फैट? 
एक्सपर्ट्स के अनुसार फास्टिंग विसरल फैट को कम करने का सबसे अच्छा तरीका होता है। खासतौर पर इंटरमिटेंट फास्टिंग से इससे छुटकारा पाया जा सकता है। इस तरीके का इस्तेमाल करते हुए आप हफ्ते में कुछ दिन सामान्य रूप से खाते हैं और बस कुछ दिन अपनी कैलोरी की मात्रा को कम कर देते हैं। इस डाइट को फॉलो करने वाले लोग को वेट लॉस में मदद मिलती है, साथ ही पेट की चर्बी और इन्फ्लेमेशन के लक्षणों को भी कम किया जा सकता है।

फास्टिंग के मेटाबॉलिक फायदे 
फास्टिंग के मेटाबॉलिक फायदों में मेटाबॉलिक लचीलेपन में सुधार, इन्सुलिन सेंसटिविटी में बढ़ोतरी, फैट बर्न करने की क्षमता में वृद्धि और इंफ्लेमेशन को कम करना शामिल है। यह फायदे बॉडी को एनर्जी के लिए ग्लूकोज और फैट के बीच बेहतर तरीके से स्विच करने में मदद करते हैं जिससे पूरे दिन एनर्जी का लेवल स्थिर रहता है। इससे टाइप टू डायबिटीज और दूसरे क्रोनिक डिजीज का खतरा कम होता है।

घर में मौजूद इन चीजों से पाएं तुरंत राहत

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बदलता मौसम अपने साथ कई हेल्थ प्रॉब्लम लेकर आता है. सर्दियों का मौसम बस शुरु ही होने वाला है और उससे पहले ही ठंडी हवाएं चलनी शुरु हो गई हैं. इस मौसम में सुबह-शाम ठंड का एहसास होता है तो दोपहर में गर्मी सताती है. ऐसे में सर्दी-गर्मी मिलकर खांसी और जुकाम का कारण बनती है. बदलते मौसम में सर्दी, जुकाम और खांसी होना जैसे आम हो जाता है. क्लीनिक पर मरीजों की लाइनें लगी होती है. हालांकि, कई बार दवाई लेने से भी आराम नहीं मिल पाता है.

खांसी-जुकाम से राहत पाने के लिए घरेलू नुस्खे काम आ सकते हैं. जिनका इस्तेमाल पुराने जमाने से हमारे बड़े-बुजुर्ग करते आ रहे हैं. इस बदलते मौसम में अगर आप भी सर्दी, खांसी या जुकाम से परेशान हैं तो हमारे बताए कुछ आसान और असदार नुस्खें अपना सकते हैं.

सर्दी-जुकाम और एलर्जी के लक्षण
बदलते मौसम में सर्दी-जुकाम और एलर्जी होना आम बात है. ऐसा होने पर नाक बंद होना, नाक बहना, लगातार छींक आना, आंखों में पानी आना या जलन होना, गले में खराश और सांस लेने में परेशानी होने से लक्षण दिखाई देते हैं. इसका कारण के बात करें तो चैंजिंग वेदर में हवा में मौजूद सूक्ष्म कण ( PM2.5, PM10) सांस के साथ शरीर के अंदर चले जाते हैं. ये Respiratory System की सफाई करने वाले छोटे-छोटे रोएं को कमजोर कर देते हैं, जिससे बलगम, खांसी, जुकाम और एलर्जी का समस्या बढ़ सकती है.

सर्दी-जुकाम से राहत पाने के लिए घरेलू उपाय
अगर आपको बहुत ज्यादा खांसी आ रही हैं तो तुलसी-अदरक का काढ़ा बनाकर पी सकते हैं. तुलसी में एंटी बैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं तो खांसी से राहत दिलाने का काम करते हैं. वहीं, अदरक में जिंजरोल और एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, जो सूजन को कम करने में हेल्पफुल है.

अगर जुकाम की वजह से आपकी नाक बंद हो गई है तो भाप लेना फायदेमंद हो सकता है. इसके लिए गर्म पानी में अजवाइन डालकर 5 मिनट भाप लें. अजवाइन में फाइबर, विटामिन ए, सी, के और एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं. ये गले को साफ करता है और खांसी, बंद नाक से राहत दिलाने में मददगार है.

ये चीजें भी दिलाएंगी राहत
नींबू और शहद भी खांसी-जुकाम से राहत दिलाने में मददगार है. ये दोनों ही इम्यूनिटी सिस्टम को मजबूत करने का काम करते हैं. वहीं, लहसुन शरीर से कफ और संक्रमण को रोकता है. आयुर्वेद के मुताबिक, रात को सोने से पहले हल्दी वाला दूध पानी भी खांसी से राहत दिलाता है. हल्दी में एंटी-फंगल और एंटी-बैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं, जो संक्रमण को रोकने का काम करते हैं.

‘इक कुड़ी’ के प्रमोशन में शहनाज का खुलासा– शादी से दूर रहना चाहती हैं एक्ट्रेस

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मुंबई: अभिनेत्री शहनाज गिल इन दिनों अपनी नई फिल्म ‘इक कुड़ी’ को लेकर सुर्खियों में हैं। फिल्म के प्रमोशन के दौरान उन्होंने एक बार फिर अपने बेबाक अंदाज से सबको चौंका दिया है। ‘बिग बॉस’ से लेकर बॉलीवुड तक अपनी अलग पहचान बनाने वाली शहनाज का कहना है कि आज के दौर में शादी कोई जरूरी नहीं रह गया है। लेकिन उन्होंने साथ ही यह भी कहा कि जिंदगी में कभी भी कुछ भी हो सकता है, इसलिए नेवर से नेवर कहना ठीक नहीं।

‘इक कुड़ी’ के प्रमोशन के दौरान बोलीं शहनाज
हाल ही में अपनी नई फिल्म ‘इक कुड़ी’ के प्रमोशन के दौरान शहनाज ने शादी को लेकर अपनी सोच साझा की। उन्होंने साफ कहा, ‘अगर जरूरत न हो तो शादी करना कोई मजबूरी नहीं है। कई लोग शादी करते हैं, ये उनकी पसंद है, लेकिन मैं अभी उस रास्ते पर नहीं जाना चाहती। हां, भविष्य में क्या होगा, ये कौन जानता है।’

‘इक कुड़ी’ फिल्म में शहनाज सिर्फ अभिनय ही नहीं कर रहीं, बल्कि इस बार उन्होंने प्रोड्यूसर के रूप में भी कदम रखा है। फिल्म एक ऐसी लड़की की कहानी है जो सही जीवनसाथी की तलाश में संघर्ष करती है- कुछ-कुछ शहनाज की असली जिदगी जैसी। फिल्म के लेखक-निर्देशक अमरजीत सिंह सारों हैं और यह 31 अक्टूबर को रिलीज हुई।

शादी को लेकर शहनाज ने कही ये बात
शहनाज ने शादी को लेकर कहा, ‘शादी सिर्फ दो लोगों का रिश्ता नहीं होता, बल्कि यह जिंदगी का बहुत बड़ा फैसला है। उनके शब्दों में, ‘जब एक लड़की अपने माता-पिता का घर छोड़कर किसी लड़के के साथ पूरी जिंदगी बिताने का फैसला करती है, तो वो बहुत बड़ी बात होती है। आपको नहीं पता कि सामने वाला इंसान कैसा होगा, इसलिए सोच-समझकर फैसला लेना चाहिए।’

सिद्धार्थ शुक्ला के साथ कैमिस्ट्री 
‘बिग बॉस 13’ से सुर्खियों में आईं शहनाज ने अपने मासूम स्वभाव और फनी अंदाज से दर्शकों का दिल जीत लिया था। खासकर सिद्धार्थ शुक्ला के साथ उनकी केमिस्ट्री आज भी फैंस के जेहन में ताज़ा है। सिद्धार्थ के निधन के बाद शहनाज ने खुद को संभालने में जो हिम्मत दिखाई, उसने उन्हें और मजबूत बना दिया। शायद इसी अनुभव ने उन्हें सिखाया कि जिंदगी में खुद से प्यार करना सबसे जरूरी है।

शहनाज गिल का करियर वर्कफ्रंट
अपने करियर की बात करें तो शहनाज ने पंजाबी म्यूजिक इंडस्ट्री से शुरुआत की थी। 2015 में उन्होंने म्यूज़िक वीडियो ‘शिव दी किताब’ से मॉडलिंग की दुनिया में कदम रखा। इसके बाद 2017 में वो फिल्म ‘सत श्री अकाल इंग्लैंड’ में नजर आईं। पंजाबी फिल्मों ‘काला शाह काला’, ‘दाका’ और ‘हौंसला रख’ के बाद उन्होंने सलमान खान की फिल्म ‘किसी का भाई किसी की जान’ और ‘थैंक यू फॉर कमिंग’ में काम किया। हाल ही में वो राजकुमार राव और तृप्ति डिमरी के साथ गाने ‘सजना वे सजना’ में भी दिखीं।

हैदराबाद एयरपोर्ट पर बम का खतरा, सुरक्षा कड़ी

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हैदराबाद में राजीव गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट (आरजीआईए) को शनिवार सुबह बम की धमकी वाला ईमेल मिला, जिसके बाद अधिकारियों ने इंडिगो की फ्लाइट को पास के एयरपोर्ट पर डायवर्ट कर दिया।

राजीव गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट के एक अधिकारी के अनुसार, “01.11.2025 को APOC से एक मैसेज मिला कि कस्टमर सपोर्ट RGIA को एक ईमेल मिला है। Customersupport@gmrgroup.in पर ईमेल आईडी पपीता राजन से 05.25 बजे ये मेल भेजा गया जिसका सब्जेक्ट था: इंडिगो 68 की हैदराबाद जाने वाली लैंडिंग रोकें।”

धमकी भरे मेल में क्या लिखा?
ईमेल में लिखा था, “LTTE-ISI के गुर्गों ने 1984 के मद्रास एयरपोर्ट कार्यप्रणाली शैली में एक बड़ा धमाका करने की योजना बनाई है। यह धमाका RGIA पोर्ट के फ्यूजलेज और माइक्रोबॉट्स से फिक्स किए गए फ्यूल टैंक पर किया जाएगा। आईईडी में ताकतवर नर्व गैस होगी। फ्रैंकफर्ट ऑपरेशन उपायों का अध्ययन के लिए एक टेस्ट है। आईईडी की लोकेशन की जानकारी के लिए कृपया नीचे दिया गया स्टेग्नोग्राफिक डॉक्यूमेंट पढ़ें, लाइनों के बीच में पढ़ें।”

फ्लाइट को किया गया डायवर्ट
धमकी मिलने के बाद बम खतरा आकलन समिति (बीटीएसी) ने एक वर्चुअवली मीटिंग की और इसे एक खास खतरा बताया। समिति ने फैसला लिया कि फ्लाइट को सबसे पास वाले एयरपोर्ट पर डायवर्ट किया जाएगा और फ्लाइट के कैप्टन को एटीसी के माध्यम से जानकारी दी जाएगी। कैप्टन लैंडिंग की जानकारी एयरपोर्ट को देगा। साथ ही जीएमआर सिक्योरिटी पुलिस में शिकायत दर्ज करेगी।

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News Desk

पहली भारतीय महिला जो फेऱारी रेसिंग वर्ल्ड में मचाएंगी धमाल

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भारत की महिला फेरारी कार रेसर और नेशनल चैम्पियन डायना पुंडोले इतिहास रचने की तैयारी में हैं. 32 साल की डायना पहली भारतीय महिला कार रेसर होंगी, जो इंटरनेशनल लेवल पर फेरारी कार रेसिंग में भारत को रिप्रेजेंट करेंगी. वे फेरारी क्लब चैलेंज मीडिल ईस्ट के तहत नवंबर 2025 से अप्रैल 2026 तक होने वाली मोटरस्पोर्ट रेंसिंग चैम्पियनशिप में हिस्सा लेंगी.

फेरारी की सबसे एडवांस कार दौड़ाएंगी
चैम्पियनशिप के तहत डायना इंटरनेशनल F1 ट्रैक्स पर फेरारी 296 चैलेंज कार, जो फेरारी कंपनी की सबसे एडवांस कारों में से एक हैं और अपनी रफ्तार के लिए मशहूर है. दुबई, अबू धाबी, बहरीन, कतर और सऊदी अरब में मिडिल ईस्ट के बड़े फॉर्मूला वन सर्किट्स हैं, जहां डायना अपने हुनर क प्रदर्शन करेंगी और रेस को जीतकर भारत का नाम इंटरनेशनल लेवल पर चमकाने का प्रयास करेंगी.

कौन हैं फेरारी कार रेसर डायना पुंडोले?
भारतीय महिला कार रेसर डायना पुंडोले महाराष्ट्र के पुणे शहर में 15 अगस्त 1993 को जन्मी थीं और 2 बच्चों की मां हैं. वे पेशे से टीचर थीं और उनके पिता को रेसिंग का शौक था, जो ऐसे ही सड़कों पर दोस्तों के साथ रेस लगाया करते थे. इसी शौक के चलते वे फेरारी कार रेसिंग देखते थे. उन्होंने ही डायना को कार रेसिंग के लिए प्रेरित किया. डायना की पहली कोच मां रही हैं, जिन्होंने उन्हें ड्राइविंग के गुर सिखाए.

यूरोपीय देशों में ली कार रेसिंग की ट्रेनिंग
डायना बताती हैं कि पिता ने उन्हें रेसिंग के गुर सिखाए थे, लेकिन कार रेसिंग में आगे बढ़ने का उनका सफर वे देख नहीं पाए और छोड़कर चले गए. डायना यूरोपीय देश इटली के मुगेलो, मॉन्जा और दुबई ऑटोड्रोम जैसे इंटरनेशनल सर्किट्स पर कार रेसिंग की ट्रेनिंग ले चुकी हैं. डायना ने साल 2018 में जेके टायर वूमन इन मोटरस्पोर्ट कार्यक्रम में हिस्सा लेकर कार रेसिंग वर्ल्ड में एंट्री की और इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा.

ये हैं डायना पुंडोले की खास उपलब्धियां
साल 2018 में जेके टायर वूमन इन मोटरस्पोर्ट प्रोग्राम के लिए 200 महिला रेसर्स में से सेलेक्ट हुईं और टॉप-6 में रहीं. साल 2024 में डायना ने नेशनल चैम्पियनशिप जीती. अगस्त 2024 में चेन्नई के मद्रास इंटरनेशनल सर्किट पर MRF इंडियन नेशनल कार रेसिंग चैम्पियनशिप में हिस्सा लिया और जीतकर कार रेसिंग वर्ल्ड में पुरुषों के बराबर महिलाओं का वर्चस्व कायम किया और अब इंटरनेशनल चैम्पियनशिप में हिस्सा लेंगी.

फेरारी क्बल चैलेंज की मेंबरशिप डायना पुंडोले पोर्श 911 GT3 कप, फेरारी 488 चैलेंज, BMW M2 कंपीटिशन और रेनॉल्ट Clio कप जैसी हाई-प्रोफाइल रेसिंग चैम्पियनशिप में हिस्सा ले चुकी हैं.

पूर्वोत्तर सीमा पर वायुसेना का मेगा अभ्यास घोषित

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भारतीय वायुसेना ने अपने पूर्वोत्तर क्षेत्र में बड़े पैमाने पर एयर एक्सरसाइज (वायु अभ्यास) की घोषणा की है. यह अभ्यास भारत की चीन, भूटान, म्यांमार और बांग्लादेश से सटी सीमाओं पर किया जाएगा. इस संबंध में सरकार ने NOTAM (Notice to Airmen) जारी कर दिया है.

सूत्रों के मुताबिक, यह वायु अभ्यास छह अलग-अलग तारीखों पर आयोजित किया जाएगा-

6 नवंबर 2025 (14:0018:29 UTC), 20 नवंबर 2025 (14:0018:29 UTC), 04 दिसंबर 2025 (14:0018:29 UTC), 18 दिसंबर 2025 (14:0018:29 UTC), 01 जनवरी 2026 (14:0018:29 UTC), 15 जनवरी 2026 (14:0018:29 UTC)

सूत्रों के अनुसार, यह अभ्यास सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, असम और नगालैंड सहित पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र में किया जाएगा. इसमें वायुसेना के फाइटर जेट्स, ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट और ड्रोन शामिल रहेंगे. यह अभ्यास रणनीतिक दृष्टि से बेहद अहम है, क्योंकि यह क्षेत्र सिक्किम (2020) और तवांग (2022) जैसी भारत-चीन सीमा झड़पों का गवाह रह चुका है. वहीं डोकलाम क्षेत्र जो भारत, चीन और भूटान की सीमा पर स्थित है, तीनों देशों के बीच तनाव का केंद्र बना रहा है.

रक्षा सूत्रों के अनुसार, इस अभ्यास का उद्देश्य सीमा पर हवाई निगरानी, त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता और बहु-डोमेन संचालन की तैयारी को परखना है. यह अभ्यास सिलीगुड़ी कॉरिडोर, जिसे भारत का चिकन नेक कहा जाता है, उससे लेकर अरुणाचल प्रदेश के न्यिंगची सेक्टर तक फैले हवाई क्षेत्र में होगा. यह कदम भारत का एक स्पष्ट संदेश है कि देश की पूर्वी सीमाओं पर किसी भी आपात स्थिति या आक्रामक गतिविधि का जवाब देने के लिए वायुसेना पूरी तरह तैयार है.

भारत का साफ संदेश.. तैयारी और आत्मनिर्भरता का प्रदर्शन
भारत यह दिखाना चाहता है कि उसकी वायुसेना किसी भी दिशा से आने वाले खतरे के लिए तैयार है चाहे वह चीन की सीमा से हो, पाकिस्तान की ओर से, या फिर पूर्व में बांग्लादेश-म्यांमार के पार समुद्री इलाके से. इस युद्धाभ्यास के ज़रिए भारत यह संदेश देता है कि हमारा पूर्वोत्तर इलाका न सिर्फ़ संवेदनशील है, बल्कि हमारी ताकत का भी केंद्र है.

चीन के लिए संदेश.. सीमा पर हवाई प्रभुत्व कायम
* यह अभ्यास उन इलाकों के पास हो रहा है जहां भारत-चीन टकराव (जैसे तवांग और सिक्किम) पहले हो चुके हैं. * चीन लगातार तिब्बत और न्यिंगची क्षेत्र में मिसाइल व एयरबेस तैनात कर रहा है. * भारत यह बताना चाहता है कि अगर कभी जरूरत पड़ी, तो IAF कुछ ही मिनटों में प्रतिक्रिया दे सकती है. यह चीन के लिए एक संतुलित लेकिन सख्त संदेश है भारत अब केवल रक्षा नहीं, बल्कि डिटरेंस (रोकथाम की शक्ति) पर ध्यान दे रहा है.

पाकिस्तान के लिए कड़ा संदेश .. दो मोर्चों पर तैयार सेना
हालांकि यह अभ्यास पूर्वी क्षेत्र में है पर पाकिस्तान के लिए अप्रत्यक्ष संदेश साफ़ है कि भारत दो फ्रंट (चीन और पाकिस्तान) पर एक साथ कार्रवाई करने की क्षमता रखता है. यानी अगर पश्चिम में कोई तनाव बढ़ता है, तो भी भारत की पूर्वी कमांड पूरी तरह सक्रिय और मजबूत है.

बांग्लादेश और म्यांमार के लिए संदेश..सहयोग और सुरक्षा
भारत का मकसद इन दोनों पड़ोसी देशों को धमकाना नहीं, बल्कि यह दिखाना है कि हमारा उद्देश्य स्थिरता और साझा सुरक्षा है भारत यह भी चाहता है कि ISI या चीन के प्रभाव में आकर पूर्वोत्तर में कोई अस्थिरता न फैले.

कुल मिलाकर रणनीतिक संकेत:
भारत पूर्वी सीमा पर पूर्ण हवाई नियंत्रण सुनिश्चित करना चाहता है. यह अभ्यास तीन देशों (चीन-भूटान-म्यांमार) से सटे क्षेत्रों में सामरिक संतुलन बनाने की दिशा में कदम है. साथ ही, यह दिखाता है कि भारत की वायुसेना अब रिएक्टिव नहीं, बल्कि प्रोएक्टिव रणनीति पर काम कर रही है.

55 साल बाद सतना स्कूल में गूंजा जनरल द्विवेदी का संदेश- ‘भारत को चाहिए एकजुट नागरिक’

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नई दिल्ली। भारतीय थल सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी शनिवार को अपने बचपन के विद्यालय सरस्वती हायर सेकेंडरी स्कूल, सतना पहुंचे। पूरे 55 वर्ष बाद अपने पुराने स्कूल लौटे जनरल द्विवेदी का छात्रों, शिक्षकों और शहर के गणमान्य नागरिकों ने गर्मजोशी से स्वागत किया।

मंच पर पहुंचते ही वे भावुक हो उठे और कहा कि “यही वह स्थान है, जहां से मैंने जीवन में निर्णय लेने की क्षमता सीखी, जिसने आगे चलकर मुझे सेना में कई निर्णायक सफलताएं दिलाईं, जिनमें ऑपरेशन सिंदूर सबसे महत्वपूर्ण रहा।” जनरल द्विवेदी ने अपने संबोधन में ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए कहा कि, “इस ऑपरेशन का उद्देश्य केवल दुश्मन पर विजय प्राप्त करना नहीं था, बल्कि देश की अखंडता, संप्रभुता और शांति की पुनः स्थापना करना था।

इस अभियान ने पूरे समाज को एक सूत्र में बांध दिया। जिस तरह ‘मां, बहन और बेटी’ जब भी अपने माथे पर सिंदूर लगाती हैं तो एक सैनिक को याद करती हैं, उसी भावना ने इस अभियान का नाम ‘सिंदूर’ रखा। यह अभियान हर भारतीय के मन में राष्ट्रभक्ति का सिंदूर बन गया।”

धर्म युद्ध था “आपरेशन सिंदूर”
उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर एक धर्म युद्ध था एक ऐसा युद्ध, जिसमें नैतिकता, सिद्धांत और तकनीक का समन्वय था। “हमने किसी भी निर्दोष को नुकसान नहीं पहुंचाया, न ही नमाज या प्रार्थना के समय हमला किया। यह हमारे भारतीय संस्कारों का प्रतीक है”।

एकजुटता से ही 2047 में भारत होगी विकसित
थल सेना प्रमुख ने कहा कि जब देश के नागरिक एकजुट होकर राष्ट्र निर्माण में योगदान देंगे, तब ही 2047 का विकसित भारत का सपना साकार होगा। कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षकों, विद्यार्थियों, पूर्व छात्रों और समाजसेवियों की भारी उपस्थिति रही। जनरल द्विवेदी का सम्मान विद्यालय परिवार की ओर से किया गया। उनका सतना आगमन पूरे शहर के लिए गौरव का क्षण बन गया, जिसने न केवल उनके बचपन के विद्यालय को, बल्कि पूरे क्षेत्र को गौरवान्वित कर दिया।

55 वर्षो बाद ताजा हुई यादें
जनरल द्विवेदी ने बताया कि वर्ष 1971-72 में चौथी कक्षा में वे इसी विद्यालय में पढ़े थे। इतने वर्षों बाद लौटकर उन्होंने विद्यालय के परिसर में कदम रखते ही बचपन की यादें ताजा कर लीं। उन्होंने विद्यालय परिवार और शिक्षकों का आभार जताया, जिन्होंने उनके व्यक्तित्व और राष्ट्र सेवा के संकल्प को आकार दिया।

विद्यार्थी जीवन मे रखी सफलता की नींव
छात्रों को प्रेरित करते हुए सेना प्रमुख ने कहा कि सफलता की नींव विद्यार्थी जीवन में ही रखी जाती है। “जो विद्यार्थी आज परिश्रम करता है, वही कल राष्ट्र निर्माण का आधार बनता है। आप चाहे वर्दी में हों या सिविल ड्रेस में, लेकिन राष्ट्र प्रेम और राष्ट्र सेवा का भाव कभी कम नहीं होना चाहिए।

जनरल द्विवेदी ने सफलता का एक नया मंत्र “थी ए (THE A)” बताया —
Attitude (एटीट्यूड) से सकारात्मक दृष्टिकोण और ऊर्जा मिलती है,
Adaptability (एडॉप्टिबिलिटी) से व्यक्ति समय के साथ खुद को ढालना सीखता है,
Ability (एबिलिटी) से हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त होती है।

टोल प्लाजा कर्मियों के बच्चों को मिलेगा ‘विशेष छात्रवृत्ति’ का तोहफा, अब पढ़ाई में नहीं लगेगी रोक

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नई दिल्ली।  देश के विभिन्न राज्यों के सड़क मार्ग पर तैनात टोल प्लाजा सभी कर्मचारियों , सुपरवाइजर , गार्ड, के लिए यह अच्छी खबर है। इन कर्मचारियों के बच्चों को पढ़ाई के लिए विशेष आर्थिक सहायता मिलेगी। यह आर्थिक सहायता ” आरोहण स्कालरशिप प्रोग्राम 2025 ” के अन्तर्गत दी जाएगी। इसके लिए में निर्धारित फार्म भरना होगा।आरोहण स्कालरशिप प्रोग्राम 2025 पूरे भारत के किसी भी टोल प्लाज़ा पर कार्यरत कर्मचारियों के आश्रित बच्चों के लिए है। इस योजना के अंतर्गत 11वीं–12वीं एवं उच्च शिक्षा (UG/PG) के विद्यार्थियों को ₹12,000 से ₹50,000 तक की छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी। साथ ही छात्रों को कैरियर मार्गदर्शन और मेंटरशिप सहायता भी दी जाएगी। इस स्कॉलरशिप प्रोग्राम में TC, सुपरवाइज़र या अन्य कोई भी कर्मचारी जो टोल प्लाज़ा पर कार्यरत हैं, वे आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने वाले विद्यार्थियों के माता/पिता/पोषक में से किसी एक का टोल प्लाज़ा पर कार्यरत होना आवश्यक है, तथा परिवार की वार्षिक आय ₹8 लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए। आरोहण स्कालरशिप प्रोग्राम में आवेदन की अंतिम तिथि 30 नवम्बर 2025 है।

इस दिनांक तक टोल प्लाजा पर काम करने वाले कर्मचारियों के बच्चे बेहतर शिक्षा में सहयोग के लिए आवेदन कर सकते हैं

देवास भोपाल टोल प्लाजा के मेनेजर अजय मिश्रा ने देश , प्रदेश के टोल प्लाजा पर काम करने वाले सुपरवाइजर , गार्ड एवं अन्य कर्मचारियों से अनुरोध किया है कि इस सुनहरे अवसर का लाभ उठाएँ और अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की ओर एक कदम बढ़ाएं। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए उमाशंकर पांडेय से 8770136937 से संपर्क किया जा सकता है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य वित्तीय बाधाओं को दूर करना और आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्गों के छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक समान पहुँच प्रदान करना है। इस पहल के शुभारंभ पर बोलते हुए, एनएचएआई के अध्यक्ष संतोष कुमार यादव ने कहा कि प्रोजेक्ट आरोहण टोल प्लाज़ा कर्मचारियों और उनके परिवारों के प्रति एनएचएआई की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। 

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उन्होंने कहा कि इस परियोजना का उद्देश्य छात्रों की प्रतिभा को निखारना है, जो देश के विकास को गति प्रदान करेंगे। इस परियोजना का लक्ष्य कक्षा 11 से स्नातक के अंतिम वर्ष तक के पाँच सौ छात्रों को शामिल करना है। प्रत्येक छात्र को वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान 12 हज़ार रुपये की वार्षिक छात्रवृत्ति मिलेगी। इसके अतिरिक्त, स्नातकोत्तर और उच्च शिक्षा के इच्छुक पचास मेधावी छात्रों को 50-50 हज़ार रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी। आवेदन प्रक्रिया एक ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आयोजित की जाएगी, जिसके लिए छात्रों को शैक्षणिक रिकॉर्ड, आय प्रमाण, जाति प्रमाण पत्र, पहचान पत्र जैसे प्रासंगिक दस्तावेज़ जमा करने होंगे।

कई राज्यों में 6 नवंबर तक बारिश के आसार

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नई दिल्ली। नवंबर की शुरुआत देश में झमाझम बारिश के साथ हो सकती है। मौसम विभाग ने 1-6 नवंबर तक यूपी-बिहार समेत कई राज्यों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं, दिल्ली एनसीआर के आसपास के राज्यों में भी 4 नवंबर तक हल्की बारिश की संभावना है। इस उत्तर भारत में तापमान तेजी से लुढ़क सकता है और लोगों को ठंड का सितम उठाना पड़ सकता है।

बंगाल की खाड़ी में आए चक्रवाती तूफान मोंथा के कारण कई राज्यों में पिछले कुछ दिनों से बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, महाराष्ट्र, गुजरात, गोवा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में अगले दो दिनों के लिए मध्यम से तेज बरसात का अलर्ट जारी किया है।

पहाड़ों पर गिरेगी बर्फ
उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी राज्यों में नवंबर की शुरुआत शुष्क मौसम के साथ होगी, लेकिन 5 नवंबर से इन राज्यों में मौसम का मिजाज बदलने की संभावना है। IMD ने उत्तराखंड के चमोली, उत्तरकाशी, बागेश्वर, रूद्र प्रयाग और पिथौरागढ़ में भारी बारिश के साथ बर्फबारी होने का अनुमान लगाया है।

दिल्ली में प्रदूषण का कहर
राजधानी दिल्ली समेत एनसीआर के कई इलाकों में बढ़ती ठंड के साथ वायु प्रदूषण का कहर देखने को मिल सकता है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 268 दर्ज किया गया था। वहीं, गाजियाबाद, नोएडा, फरीदाबाद और गुरुग्राम में लोगों का सांस लेना भी मुश्किल हो गया है। हालांकि, दिल्ली में अभी तेज बारिश की कोई संभावना नहीं है। कुछ जगहों पर हल्की बारिश होने का अनुमान है। वहीं, 4-5 नवंबर से पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव हो जाएगा, जिससे दिल्ली एनसीआर में ठंड बढ़ सकती है।

यूपी में होगी झमाझम बारिश
उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। IMD ने 5 नवंबर तक राज्य में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। खासकर कानपुर, इटावा, बाराबंकी, अयोध्या, बलिया, बहराइच, प्रयागराज और गोरखपुर में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। वहीं, बुंदेलखंड के पूर्वी इलाके में बिजली गिरने के साथ भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

बिहार में भी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने बिहार की राजधानी पटना समेत गया, भागलपुर, मोतिहारी, मुजफ्फरपुर, किशनगंज, कटिहार, अररिया और पूर्णिया में अगले 24 घंटे के भीतर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई है। वहीं, 2 नवंबर के बाद राज्य में मौसम करवट लेगा, जिससे तापमान कम होने के साथ-साथ सर्दी का सितम बढ़ सकता है।

अन्य राज्यों में कैसा रहेगा मौसम?
मौसम विभाग ने गुजरात, राजस्थान और महाराष्ट्र के भी कई जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। अहमदाबाद, जयपुर और मुंबई समेत कई जिलों में अगले 3-4 दिनों तक बारिश होने की संभावना है, जिससे ठंड बढ़ सकती है।

मोंथा तूफान का असर
पश्चिम बंगाल समेत पूर्वी राज्यों में चक्रवाती तूफान मोंथा का असर देखने को मिल रहा है। कई राज्यों में तेज बारिश से नदियां उफान पर हैं। ओडिशा, झारखंड, छत्तीसगढ़, पूर्वी उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल में अगले 2 दिनों तक बारिश का दौर जारी रहेगा। IMD ने कई जगहों पर बिजली गिरने के साथ हल्की से मध्यम बारिश की चेतावनी जारी की है।

आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम में वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में भगदड़, 9 श्रद्धालुओं की मौत, कई घायल

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श्रीकाकुलम। आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम में वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर से एक दर्दनाक घटना सामने आई है। भगदड़ मचने से 9 श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल बताए जा रहे हैं। सभी घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। अधिकारियों ने मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई है. फिलहाल, राहत एवं बचाव कार्य अभियान जारी है। मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने मामले को संज्ञान में लेते हुए कहा “श्रीकाकुलम जिले के काशीबुग्गा स्थित वेंकटेश्वर मंदिर में भगदड़ की घटना से गहरा सदमा पहुंचा है। इस दुखद घटना में श्रद्धालुओं की मृत्यु अत्यंत हृदयविदारक है। मैंने अधिकारियों को घायलों को शीघ्र और उचित उपचार प्रदान करने के निर्देश दिए हैं”। घायलों को तुरंत इलाज के लिए नजदीकी अस्पतालों में ले जाया गया. प्रदेश के कृषि मंत्री के. अत्चन्नायडू भी घटना का जायजा लेने तुरंत मौके पर पर पहुंचे हैं। मंदिर के अधिकारियों से बात की गई. मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।

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पीएम मोदी ने किया मुआवजे का ऐलान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आंध्र प्रदेश में वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में भगदड़ पर दुख जताया है। साथ ही उन्होंने मृतक के परिजनों और घायलों के लिए मुआवजे का ऐलान भी किया है। पीएम ने लिखा कि ‘मेरी संवेदनाएं उन लोगों के साथ हैं जिन्होंने अपने लोगों को खोया है। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से हर एक मृतक के परिजनों को 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। घायलों को 50,000 रुपये दिए जाएंगे।’ PM ने घायलों को स्वस्थ होने की कामना भी की।

आंध्र प्रदेश CMO ने दी हादसे की जानकारी

आंध्र प्रदेश CMO की तरफ से अभी तक भगदड़ में कुछ लोगों के घायल होने की बात कही गई। जानकारी के मुताबिक, यह हादसा उस वक्त हुआ, जब एकादशी के मौके पर मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जमा हो गई। इसके चलते अचानक भगदड़ का माहौल बन गया। बता दें कि घायलों को इलाज के लिए नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। इसके अलावा, राज्य के कृषि मंत्री के. अत्चन्नायडू भी भगदड़ वाली जगह पर पहुंचे। उन्होंने घटना की जानकारी के लिए मंदिर के अधिकारियों से भी बातचीत की। उनका कहना है कि ‘यहां पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।’

उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने भी जताया दुख

आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने भी इस घटना पर दुख जाहिर करते हुए एक ट्वीट किया। उन्होंने लिखा कि ‘मंदिर में मची भगदड़ में 9 श्रद्धालुओं की जान चली गई है। सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाएगी कि इस घटना में घायलों को बेहतर इलाज उपचर मिले।’