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पेट की चर्बी से परेशान लोगों के लिए खुशखबरी, रिसर्च में सामने आया विसरल फैट घटाने का आसान और कारगर उपाय

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विसरल फैट पेट के अंदर इंटरनल ऑर्गन्स जैसे लिवर, आंत और हार्ट के आसपास जमा होने वाली एक प्रकार की चर्बी होती है। विसरल फैट के कारण इंफ्लेमेशन और हानिकारक केमिकल पैदा होता है जो हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट डिजीज, टाइप 2 डायबिटीज और कुछ प्रकार के कैंसर के साथ अन्य गंभीर बीमारियों के खतरे को बढ़ाता है। हेल्थ एक्सपर्ट्स सके अनुसार ज्यादा चीनी के सेवन से बॉडी में इंसुलिन का लेवल बढ़ता है जिससे विसरल फैट जमने लगता है। ऐसे में इस खतरनाक फैट को कम करने का सही तरीके फास्टिंग यानी उपवास होता है। टाइम्स ऑफ इंडिया के हवाले (Ref) से डॉक्टर्स के अनुसार फास्टिंग से इंसुलिन को कम करने के अलावा बॉडी को और एनर्जी के लिए फैट बर्न करने में मदद मिलती है। इससे पेट की चर्बी कम होती है और यह मेटाबॉलिज्म में भी सुधार करता है। उपवास से सूजन कम होती है साथ ही हार्ट और मेटाबॉलिज्म हेल्थ बेहतर होती है। (Photo credit):iStock

क्या है विसरल फैट?
दरअसल विसरल फैट हर किसी की बॉडी में होता है। यह आपके कई इंटरनल ऑर्गन्स के चारों ओर एक मुलायम और सॉफ्ट सुरक्षा परत होती है। यह बॉडी में एनर्जी को स्टोर और उसके इस्तेमाल में अहम भूमिका निभाती है। लेकिन अगर इसकी मात्रा बढ़ जाए तो अन्य बीमारियों का जोखिम बढ़ जाता है। विसरल फैट एक प्रकार चर्बी है जो बॉडी के अंदर गहराई में इकट्ठा होती है।

हाई इंसुलिन और विसरल फैट
लगातार ग्लूकोस से भरपूर चीजों का सेवन करने से पेनक्रियाज इंसुलिन का उत्पादन करने लगता है। लंबे समय तक ग्लूकोज का सेवन करने से इंसुलिन का स्टार हाई रहता है जो इंसुलिन रेजिस्टेंस का कारण बनता है। इस स्थिति में बॉडी को ब्लड शुगर मैनेज करने के लिए और भी अधिक इंसुलिन की जरूरत पड़ती है जिससे फैट स्टोर होने लगता है।

हाई इंसुलिन के नुकसान
लगातार हाई इंसुलिन के कारण लिवर ग्लूकोज को फैट के रूप में इक्कठा करने लगता है जिससे फैटी लिवर की समस्या हो जाती है। इसके साथ ही बॉडी के इंटरनल ऑर्गन्स के आसपास नए फैट का उत्पादन करने लगती है। दूसरे फैट की तरह विसरल फैट भी बेहद हानिकारक होता है। इससे बॉडी में इंफ्लेमेशन बढ़ता है, साथ ही कार्डियोमेटाबॉलिक डिजीज का खतरा बढ़ता है।

विसरल फैट और बीमारियां 
विसरल फैट गई गंभीर बीमारियों की वजह बनता है जिसमें हार्ट डिजीज टाइप 2 डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर फैटी लिवर, स्लीप एपनिया और कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी शामिल है।

कैसे कम करें विसरल फैट? 
एक्सपर्ट्स के अनुसार फास्टिंग विसरल फैट को कम करने का सबसे अच्छा तरीका होता है। खासतौर पर इंटरमिटेंट फास्टिंग से इससे छुटकारा पाया जा सकता है। इस तरीके का इस्तेमाल करते हुए आप हफ्ते में कुछ दिन सामान्य रूप से खाते हैं और बस कुछ दिन अपनी कैलोरी की मात्रा को कम कर देते हैं। इस डाइट को फॉलो करने वाले लोग को वेट लॉस में मदद मिलती है, साथ ही पेट की चर्बी और इन्फ्लेमेशन के लक्षणों को भी कम किया जा सकता है।

फास्टिंग के मेटाबॉलिक फायदे 
फास्टिंग के मेटाबॉलिक फायदों में मेटाबॉलिक लचीलेपन में सुधार, इन्सुलिन सेंसटिविटी में बढ़ोतरी, फैट बर्न करने की क्षमता में वृद्धि और इंफ्लेमेशन को कम करना शामिल है। यह फायदे बॉडी को एनर्जी के लिए ग्लूकोज और फैट के बीच बेहतर तरीके से स्विच करने में मदद करते हैं जिससे पूरे दिन एनर्जी का लेवल स्थिर रहता है। इससे टाइप टू डायबिटीज और दूसरे क्रोनिक डिजीज का खतरा कम होता है।

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