कितने कुत्तों की नसबंदी हुई, कितने शेल्टर होम बने, कहां है डेटा? सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों को किया तलब

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नई दिल्ली. आवारा कुत्तों (stray dogs) की बढ़ती संख्या और डॉग बाइट (Dog Bite) के मामलों को लेकर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में सोमवार को अहम सुनवाई हुई. अदालत ने सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को राज्य के नाम के अल्फाबेट ऑर्डर के हिसाब से पेश होने का निर्देश दिया और राज्यों द्वारा दाखिल किए गए हलफनामों की समीक्षा शुरू की.

सुनवाई के दौरान वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने अदालत को बताया कि अधिकांश राज्यों ने हलफनामे तो जमा किए हैं, लेकिन उनमें जरूरी आंकड़ों की कमी है. उन्होंने कहा कि “कई राज्यों ने यह नहीं बताया कि कितने कुत्तों की नसबंदी हुई, कितने एनिमल बर्थ कंट्रोल (ABC) सेंटर हैं और कितने शेल्टर बनाए गए हैं.” सिंघवी ने सुझाव दिया कि एक चार्ट तैयार किया जाए, जिसमें हर राज्य का डेटा स्पष्ट रूप से दिखे.

आदेश का पालन नहीं किए जाने पर सुप्रीम कोर्ट नाराज
दो महीने में जारी होगी ‘चार्ज फ्रेमिंग’ पर गाइडलाइन, आपराधिक मुकदमों में देरी पर सुप्रीम कोर्ट सख्त
इस पर सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि सभी राज्यों ने अपने हलफनामे दाखिल कर दिए हैं और इसके लिए सारांश रिपोर्ट तैयार की जा चुकी है. उन्होंने यह भी कहा कि “सभी राज्यों ने देरी के लिए माफी भी मांगी है.”

कई प्रदेशों ने दाखिल नहीं किया हलफनामा
हालांकि कोर्ट रजिस्ट्री की रिपोर्ट में बताया गया कि दादरा और नगर हवेली, दमन और दीव, और चंडीगढ़ ने अब तक हलफनामा दाखिल नहीं किया है. चंडीगढ़ के वकील ने कहा कि उन्होंने हलफनामा जमा किया है, लेकिन रिपोर्ट में वह शामिल नहीं हुआ है.

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि वह आज पूरे मामले पर निर्णय नहीं लेगी, बल्कि पहले यह देखेगी कि कौन से राज्य क्या कह रहे हैं और डेटा कितना पूरा है. अदालत ने सभी राज्यों से एक चेकलिस्ट आधारित रिपोर्ट पेश करने को कहा है.

दिशा-निर्देश राज्यों की रिपोर्ट के आधार पर तय होंगे!
कार्यवाही के दौरान अदालत में कुछ मजाकिया अंदाज भी देखने को मिले, जब सॉलिसिटर जनरल ने मजाक में कहा कि “लॉयर कोर्ट में घुस नहीं पा रहे हैं – सचमुच ‘एक्सेस टू जस्टिस’ में दिक्कत हो रही है.”

अंत में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह फिलहाल सभी हलफनामों की समीक्षा करेगी और अगली सुनवाई में इंटरवेनर्स और अन्य पक्षों को सुनेगी. अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि आगे की दिशा-निर्देश राज्यों की रिपोर्ट के आधार पर तय किए जाएंगे.

तब्बू का सफर, जिसने उन्हें बनाया बॉलीवुड की ‘क्वीन ऑफ एक्सप्रेशंस’

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मुंबई: आज तब्बू 54 साल की हो गई हैं। लेकिन 54 साल की उम्र मे भी वह सिंगल हैं। आखिर क्यों हैं तब्बू सिंगल। जानिए तब्बू के करियर से लेकर उनकी पर्सनल लाइफ के बारे में दिलचस्प बातें….

तब्बू का जन्मदिन
आज 4 नवंबर को तब्बू अपना 54वां जन्मदिन मना रही हैं। तब्बू का असली नाम तबस्सुम फातिमा हाशमी है। उनका जन्म 4 नवंबर 1971 को हैदराबाद में हुआ था। वह बॉलीवुड की उन चुनिंदा अभिनेत्रियों में से हैं, जो अपनी गहरी और बेहतरीन भूमिकाओं के लिए जानी जाती हैं।

तब्बू का बचपन
तब्बू का जन्म एक मुस्लिम परिवार में हुआ था। उनके पिता जमाल हाशमी और मां रिजवाना का तलाक हो गया था, इसलिए उन्हें अपनी मां और नाना-नानी ने पाला। उनकी बड़ी बहन फराह नाज भी अभिनेत्री हैं और वो अभिनेत्री शबाना आजमी की भतीजी हैं। बचपन से ही फिल्मों की दुनिया से जुड़ी रहीं, लेकिन पिता के छोड़ जाने से परिवार ने मुश्किलें झेलीं। फिर भी, तब्बू ने अपनी पढ़ाई मुंबई के सेंट जेवियर्स कॉलेज से पूरी की और अभिनय की दुनिया में कदम रखा।
 
तब्बू का करियर
तब्बू ने 1985 में देव आनंद की फिल्म ‘हम नौजवान’ से डेब्यू किया, लेकिन असली पहचान 1994 की ‘विजयपथ’ से मिली, जिसमें उन्होंने अजय देवगन के साथ काम किया और बेस्ट फीमेल डेब्यू अवॉर्ड जीता। उनके करियर की हाइलाइट्स में ‘माचिस’ शामिल है, जहां उन्होंने पंजाब की अशांति पर बनी फिल्म में शानदार रोल निभाया और पहला नेशनल अवॉर्ड जीता।

इसके बाद ‘विरासत’, ‘चांदनी बार’, ‘मकबूल’, ‘चीनी कम’ जैसी फिल्मों ने उन्हें दो नेशनल अवॉर्ड और रिकॉर्ड पांच फिल्मफेयर क्रिटिक्स अवॉर्ड दिलाए। वे कमर्शियल हिट्स जैसे ‘हेरा फेरी’, ‘दृश्यम’ सीरीज, ‘गोलमाल अगेन’ और ‘भूल भुलैया 2’ में भी चमकीं। हॉलीवुड में ‘द नेमसेक’ और ‘लाइफ ऑफ पाई’ से नाम कमाया। 2011 में उन्हें पद्म श्री मिला। 

तब्बू की आने वाली फिल्में
तब्बू के पास कई अपकमिंग फिल्में हैं। जिसमें हॉरर कॉमेडी फिल्म भूत बंगला भी शामिल है। इस फिल्म में तब्बू के अलावा अक्षय कुमार नजर आएंगे। यह फिल्म प्रियदर्शन द्वारा निर्देशित है। यह हॉरर-कॉमेडी फिल्म 2 अप्रैल 2026 को रिलीज होगी। इसके अलावा तब्बू कथित तौर पर फिल्म ‘दृश्यम 3’ में नजर आएंगी। इस फिल्म में तब्बू के साथ अजय देवगन नजर आएंगे। यह थ्रिलर फिल्म 2026 में रिलीज हो सकती है। 
 
तब्बू की नेट वर्थ
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, तब्बू की अनुमानित संपत्ति 22 करोड़ रुपये है। वे एक फिल्म के लिए 3 करोड़ रुपये और ब्रांड एंडोर्समेंट के लिए 1 करोड़ रुपये चार्ज करती हैं। उनकी सालाना कमाई 3 करोड़ रुपये और मासिक 36 लाख रुपये है। मुंबई में उनका पहला फ्लैट 1999 में खरीदा, जो अब उनका घर है। हैदराबाद में बंगला और कई प्रॉपर्टीज हैं। गाड़ियों में तब्बू के पास मर्सिडीज-बेंज एस-क्लास, ऑडी क्यू7, बीएमडब्ल्यू एक्स5 और फोर्ड मस्टांग जैसी लग्जरी कारें हैं।
 
अभी भी सिंगल क्यों हैं तब्बू?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्होंने तब्बू ने कहा था कि सिंगल होना कोई बुरी बात नहीं, बल्कि खुशी रिश्ते से ज्यादा चीजों से आती है। बचपन में अजय देवगन और कजिन ने लड़कों को भगाया, इसलिए मजाक में वे कहती हैं, ‘अगर सिंगल हूं तो अजय की वजह से।’ 

ब्रिटिश प्रोफेसर के निर्वासन पर बोले शशि थरूर, “भारत सरकार को और अधिक सहनशील होने की जरूरत”

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नई दिल्‍ली । लंदन की प्रोफेसर फ्रांसेस्का ओरसिनी (Professor Francesca Orsini) को वीजा शर्तों (Visa conditions) के कथित उल्लंघन के कारण दिल्ली हवाई अड्डे (Delhi Airport) से निर्वासित किए जाने के कुछ दिनों बाद वरिष्ठ कांग्रेस नेता शशि थरूर (Congress leader Shashi Tharoor) ने रविवार को कहा कि भारत सरकार को अधिक सहनशील, व्यापक सोच और बड़ा दिल वाला होने की जरूरत है। तिरुवनंतपुरम से सांसद ने कहा कि मामूली वीजा उल्लंघन के कारण विदेशी विद्वानों और शिक्षाविदों को निर्वासन के तहत वापस भेजने के लिए हवाई अड्डे के आव्रजन काउंटर पर असम्मानजक रवैया दिखाना देश को विदेशी शैक्षणिक पत्रिकाओं में प्रकाशित किसी भी नकारात्मक लेख से कहीं अधिक नुकसान पहुंचा रहा है।

थरूर की यह टिप्पणी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व सांसद स्वपन दासगुप्ता के एक पोस्ट के जवाब में आई है, जिसमें उन्होंने एक अखबार में प्रकाशित अपने लेख को साझा करते हुए तर्क दिया था कि वीजा शर्तों का अनुपालन सुनिश्चित करना सरकार का कर्तव्य है, लेकिन किसी प्रोफेसर की छात्रवृत्ति का मूल्यांकन करना उसका काम नहीं है। दासगुप्ता ने ओरसिनी विवाद वीजा निगरानीकर्ताओं के खतरे को दर्शाता है शीर्षक से लिखे अपने लेख में कहा कि अब जबकि ब्रिटेन में रहने वालीं प्रतिष्ठित हिंदी विद्वान ओरसिनी को प्रवेश नहीं दिए जाने से जुड़ा हंगामा शांत हो गया है, तो इस विवाद से उत्पन्न कुछ मुद्दों पर विचार करना उचित होगा।

दासगुप्ता के पोस्ट को टैग करते हुए थरूर ने कहा, ‘एक बार के लिए, मैं स्वपन (55) से सहमत हूं। मामूली वीजा उल्लंघनों के कारण विदेशी विद्वानों और शिक्षाविदों को निर्वासित करने के लिए हमारे हवाई अड्डों के आव्रजन काउंटरों पर ‘अस्म्मानजनक रवैया’ अपनाना एक देश, एक संस्कृति और एक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विश्वसनीय राष्ट्र के रूप में हमें विदेशी अकादमिक पत्रिकाओं में प्रकाशित किसी भी नकारात्मक लेख से कहीं अधिक नुकसान पहुंचा रहा है।’

उन्होंने कहा, ‘भारत सरकार को अधिक सहनशील, व्यापक सोच और बड़ा दिल वाला होने की जरूरत है।’ पिछले महीने कांग्रेस ने कहा था कि ओरसिनी को देश से बाहर करने का फ़ैसला आव्रजन संबंधी औपचारिकता का मामला नहीं था, बल्कि ‘स्वतंत्र, गंभीर विचार वाले, पेशेवर विद्वता के प्रति मोदी सरकार की शत्रुता का प्रतीक’ था। गृह मंत्रालय के एक सूत्र ने बताया कि हिंदी की विद्वान और स्कूल ऑफ ओरिएंटल एंड अफ्रीकन स्टडीज (एसओएएस) में ‘प्रोफेसर एमेरिटा’ ओरसिनी को पिछले महीने हांगकांग से आने के तुरंत बाद निर्वासित कर दिया गया था।

सूत्र ने बताया कि वीजा शर्तों के उल्लंघन के कारण ओरसिनी को मार्च 2025 से ‘काली सूची’ में रखा गया है। ‘एक्स’ पर ओरसिनी के निर्वासन पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इतिहासकार रामचंद्र गुहा ने कहा, ‘बिना किसी कारण के उन्हें निर्वासित करना एक ऐसी सरकार की निशानी है जो असुरक्षित, बेसुध और यहां तक कि मूर्ख है।’ उन्होंने ओरसिनी को भारतीय साहित्य की एक महान विद्वान बताते हुए कहा कि उनके कार्यों ने हमारी अपनी सांस्कृतिक विरासत की समझ को समृद्ध रूप से प्रकाशित किया है।

IIT ग्रेजुएट युवती ने गंगा में लगाई छलांग, IAS की कर रही थी तैयारी

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नई दिल्ली: बिजनौर (Bijnor) में आईआईटी कानपुर (IIT Kanpur) की स्नातक और यूपीएससी (Graduation and UPSC) की तैयारी कर रही एक युवती ने गंगा बैराज से कूद गई. युवती का नाम ललिता रानी है. वह चांदपुर के गांव खानपुर माजरा की रहने वाली थी और बिजनौर के चक्कर रोड स्थित रेलवे फाटक के पास परिवार के साथ रहती थी.

सोमवार सुबह वह रोज की तरह मॉर्निंग वॉक के लिए घर से निकली थी. उसके साथ पड़ोस की 12 साल की एक बच्ची भी थी. लेकिन स्टेशन जाने की बजाय ललिता बस में बैठकर गंगा बैराज पहुंच गई. वहां बैराज के गेट नंबर 24 के पास उसने रेलिंग पर चढ़कर गंगा में छलांग लगा दी. बच्ची के शोर मचाने पर रास्ते से गुजर रहे लोग पहुंचे, लेकिन तब तक ललिता पानी में जा चुकी थी.

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, SDRF और गोताखोर मौके पर पहुंच गए. गंगा में पानी की गहराई करीब 20 फीट होने के कारण तलाश अभियान जारी है. सिंचाई विभाग ने गेट नंबर 24 बंद कर दिया ताकि पानी का बहाव तेज न रहे और तलाश में मदद मिल सके. परिवार के लोग भी मौके पर पहुंच गए हैं. भाई रोहित ने बताया कि ललिता यूपीएससी की तैयारी कर रही थी और हाल ही में आए रिजल्ट में उसका चयन नहीं हुआ था. इसी तनाव में उसने यह कदम उठाया होगा. फिलहाल SDRF और पुलिस टीम उसकी तलाश में जुटी हुई है.

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इस चुनाव में जंगलराज वाले हार का सबसे बड़ा रिकॉर्ड बनाएंगे, आरा में बोले पीएम मोदी

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पटना. प्रधानमंत्री (PM) नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) आरा (aara) में विशाल जनसभा को संबोधित करने के लिए मंच पर पहुंचे। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के नेताओं ने उनका जमकर स्वागत किया। लोगों की भीड़ ने पीएम के समर्थन में नारेबाजी की। राष्ट्रीय लोक मोर्चा के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने उनका स्वागत किया। कहा कि इस बार फिर से एनडीए की सरकार बनने जा रही है। वहीं पीएम नरेंद्र मोदी ने भोजपुरी में कहा कि बाबू वीर कुंवर सिंह की धरती को मैं प्रणम करता हूं। आप इतनी संख्या में एनडीए (NDA) के प्रत्याशियों को आशीर्वाद देने आए हैं, इसके लिए मैं आप सभी को धन्यवाद करता हूं। उन्होंने कहा कि विकसित बिहार ही विकसित भारत का आधार है। मैं जब विकसित बिहार की बात करता हूं कि बिहार का औद्योगिक विकास। बिहार के युवाओं को बिहार में ही रोजगार। मैं आरा के इस मंच से कह रहा हूं कि आपका सपना हमारा संकल्प है। इस संकल्प को पूरा करने के लिए मैं आज आपका साथ मांगने आया हूं।

‘इस बार एनडीए भारी बहुमत से जीतने जा रहा है’
पीएम मोदी ने कहा कि इस बार एनडीए भारी बहुमत से जीतने जा रहा है और जंगलराज वाले हार का सबसे बड़ा रिकॉर्ड बनाने जा रहे हैं। आपका यह उत्साह कह रहा है कि फिर एक बार एनडीए सरकार। इसलिए आप छह नवंबर को एनडीए सरकार को वोट करें। एक तरफ एनडीए का ईमानदार घोषणा पत्र है। दूसरी तरफ जंगलराज वालों ने अपने घोषणा पत्र को भी झूठ, छल-कपट और लोगों की आंखों में धूल झोंकने वाला दस्तावेज बना दिया है। जनता से ऊपर कोई नहीं है। यह पब्लिक है सब जानती है। एनडीए के संकल्प पत्र में बच्चों की पढ़ाई, परिवार की दवाई, नौजवानों की कमाई और किसानों की सिंचाई पर सबसे ज्यादा बल दिया है। इसके अलावा बहनों बेटियों के लिए अनेक मजबूत प्रावधान किए गए हैं। पीएम ने कहा कि हमारा संकल्प है कि बिहार का युवा बिहार में ही काम करेगा और बिहार का नाम करेगा। इसलिए आने वाले वर्षों में एक करोड़ रोजगार देने का एलान किया गया है

‘दिल्ली वालों को यहां आकर यह देखना चाहिए’
पीएम मोदी ने महागठबंधन पर हमला बोलते हुए कहा कि दिल्ली में बैठने वालों को यहां आकर देखना चाहिए कि हवा का रूख क्या है? यहां बड़ी कंपनियों के डाटा सेंटर बनेंगे। बिहार में यहीं रहते हुए लोग दुनिया की कंपनियों के लिए काम करेंगे। एनडीए के संकल्प पत्र में गांव की समृद्धि के लिए एक सशक्त योजना बनाई गई है। अब हमलोग बिहार में फूड पार्क का विस्तार करने जा रहे हैं। छोटे किसानों को केंद्र सरकार छह हजार रुपया देती है। लेकिन, बिहार की नई एनडीए सरकार अपनी तरफ से तीन हजार रुपये और बढ़ाने वाली है। पीएम मोदी ने कहा कि मोदी जब आपकी बातों को सुनता है तो सोता नहीं बल्कि जग जाता है। आपके कहने पर हमलोगों ने अरवा की जगह उसना चावल देना शुरू कर दिया। मोदी की गारंटी थी कि हर गरीब परिवार को पक्का घर मिलेगा। आप देखिए बिहार के 60 लाख गरीब परिवारों को पक्का घर मिल गया है। इसके अलावा पीएम मोदी ने केंद्र सरकार की कई विकास योजनाओं के बारे में भी जानकारी दी।

पीएम मोदी बोले- राजद ने कांग्रेस कनपटी पर कट्टा रखकर ऐसा किया
पीएम मोदी ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर में देश की सेना की इतनी बड़ी सफलता कांग्रेस और राजद को पसंद नहीं आई। धमाके पाकिस्तान में हो रहे थे और नींद कांग्रेस के शाही परिवार की उड़ी हुई थी। आज तक कांग्रेस और राजद के नामदार ऑपरेशन सिंदूर के सदमे से बाहर नहीं निकल पाए। आज विकसित बिहार के संकल्प के साथ पूरा एनडीए एकजुट होकर आगे बढ़ रहा है। वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस और राजद के अंदर घमासन मचा हुआ है। पीएम मोदी ने कहा कि आपको एक अंदर की बात बता रहा हूं। नामांकन वापस लेने से एक दिन पहले बंद कमरे में गुंडागर्दी का खेल खेला गया। कांग्रेस कभी नहीं चाहती थी कि सीएम पद पर राजद के उम्मीदवार का नाम तय हो। लेकिन, राजद ने कांग्रेस की कनपटी पर कट्टा रखकर सीएम पद चोरी कर ली। राजद और कांग्रेस में झगड़ा भयंकर बढ़ गया। घोषणा पत्र से लेकर प्रचार तक में राजद वालों ने कांग्रेस से कुछ भी नहीं पूछा। चुनाव के बाद यह लोग एक-दूसरे का सिर फोड़ने लगेंगे। इसलिए हमेशा याद रखिए ऐसे लोग बिहार का भला कभी नहीं कर सकते हैं। एक तरफ सुशासन है। वहीं दूसरी तरफ जंगलराज का कुशासन। जंगलराज ने बिहार को खोखला कर दिया।

जंगलराज के दौरान बिहार में 37 हजार अपहरण हुए
पीएम मोदी ने कहा कि कट्टा, कटुता, क्रूरता, कुशासन और करप्शन ही जंगलराज की पहचान है। बेटियों से छेड़खानी, व्यापारियों से लूटपाट समेत सबकुछ राजद वाले मौका मिलते ही करने लगते हैं।नवंबर 2004 में तरारी ब्लॉक एक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर साहब बच्चों को पोलियों की ड्रॉप पिलवा रहे थे। जब वह रात को घर के लिए निकले तो रास्ते में हथियार बंद लोगों ने उनका अपहरण कर लिया। जंगलराज के दौरान ऐसे ही 37 हजार लोगों का अपहरण हुआ था। दूसरे के जीवन बचाने वालों डॉक्टरों को अपना जीवन बचाने के लिए बॉडीगार्ड लेकर चलना पड़ता था। सीएम नीतीश कुमार और एनडीए सरकार ने बहुत कोशिश करके उस मुश्किल दौर से बिहार को बाहर निकाला है। राजद ने तुष्टिकरण की राजनीति की। बिहार में जंगलराज लाया। वहीं कांग्रेस की पहचान सिखों के कत्लेआम से है। कांग्रेस के लोगों ने सिखों को नरसंहार किया था। आज भी कांग्रेस नरसंहार के आरोपियों को पूरे सम्मान के साथ अपनी पार्टी में आगे बढ़ा रही है। राजद और कांग्रेस को अपने किए गए कृत्यों का पछतावा नहीं है। राजद और कांग्रेस बिहार की पहचान खत्म करने में लगी हुई है। अब यह लोग घुसपैठियों को यहां घुसाने में लगे हैं।

पीएम बोले- राजद-कांग्रेस वालों से सावधान रहना
पीएम मोदी ने कहा कि राजद और कांग्रेस वालों के इरादे बेहद ही खतरनाक हैं। इसलिए आपको इनसे सावधान रहना है। यह लोग सिफ जंगलराज की पाठशाला में पढ़कर निकले हैं। इनके कारण उद्योग बंद हो गए। फैक्ट्रियों में ताले गए गए। इनका रिकॉर्ड ही निवेशकों को भगाने का है। जब निवेशकों को लालटेन और लाल झंडा दिखेगा तो क्या वह अपना पैसा लगाएगा क्या? निवेशक सिर्फ एनडीए सरकार ही ला सकती है। एनडीए सरकार विकास और विरासत दोनों को महत्व देते हुए आगे बढ़ रही है। हमारी सरकार बाबू वीर कुंवर सिंह की जन्मस्थली का कायाकल्प करने जा रही है। जिन लोगों ने अपना जीवन राष्ट्रसेवा में लगा दिया, उसे कांग्रेस और राजद वालों ने कभी सम्मान नहीं दिया। कांग्रेस ने हमेशा बाबा साहेब का अपमान किया। बाबू जगजीवन राम और सीताराम केसरी को भी कांग्रेस ने बेईज्जत किया।

राजद और कांग्रेस वालों ने छठ महापर्व का अपमान किया
पीएम मोदी ने कहा कि राजद और कांग्रेस वालों ने पहले महाकुंभ का अपमान किया। अब छठ महापर्व को नौटंकी कह रहे हैं। आप बताइए क्या कोई छठ महापर्व का अपमान कर सकता है क्या? बिहार की रफ्तार अब हमें रुकने नहीं देनी है। इस बार भोजपुर की हर सीट और हर बूथ पर एनडीए को विजयी बनाना है। इस बार छठ महापर्व पर बड़ी संख्या में हमारे भाई-बहन घर आए हैं। उनसे आग्रह है कि अगर आपका मतदान सूची में नाम है तो आप मतदान करके के बाद ही वापस लौटें। पीएम मोदी ने सभी एनडीए प्रत्याशियों को मंच पर आगे बुलाया और उन्हें वोट देने की अपील की।

डीएम और एसपी खुद तैयारियों की मॉनिटरिंग कर रहे हैं
कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए है। डीएम और एसपी खुद तैयारियों की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। सभा स्थल के चारों ओर बैरिकेडिंग की गई है और ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए कई रूट डायवर्जन भी जारी किए गए हैं। प्रधानमंत्री की सुरक्षा को लेकर एसपीजी की टीम भी पहुंच चुकी है और स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर सभी व्यवस्थाओं का जायजा ले रही है। वहीं पीएम के कार्यक्रम को लेकर एनडीए कार्यकर्ताओं में प्रधानमंत्री के आगमन को लेकर जबरदस्त उत्साह देखा गया। भाजपा और जदयू के नेताओं का कहना है कि मोदी की सभा से जिले के राजनीतिक माहौल में बड़ा असर पड़ेगा।

गुजरात में 200 करोड़ की ठगी, गैंग के 6 लोग गिरफ्तार

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नई दिल्ली: हर दिन किसी न किसी के साथ साइबर फ्रॉड (Cyber ​​Fraud) की खबरें सामने आती रहती हैं. जिसमें लोगों के साथ लाखों रुपये की ठगी हो जाती है और ऐसे मामले लगातार बढ़ रहे हैं. ठगी का एक और ताजा मामला गुजरात से सामने आया है. मिली जानकारी के अनुसार, गुजरात स्टेट साइबर क्राइम पुलिस ने साइबर फ्रॉड के जरिए पैसे ऐंठने वाली गैंग के 6 लोगों को गिरफ्तार कर कुल ₹200 करोड़ के घोटाले का भंडाफोड़ किया है.

स्टेट साइबर क्राइम के SP संजय केशवाला ने बताया कि स्टेट साइबर क्राइम ने ऐसे गैंग को गिरफ्तार किया है जो अलग अलग बैंकों में खाते खोलकर उनमें साइबर धोखाधड़ी की रकम जमा करना, उसे नकद या क्रिप्टो करेंसी में बदलना और उस रकम को दुबई स्थित साइबर अपराध गिरोह के आरोपियों को अंगाडिया क्रिप्टो लेनदेन के माध्यम से भेजना, देश के विभिन्न राज्यों से लगभग 200 करोड़ रुपये के अंतरराज्यीय और अंतर्राष्ट्रीय साइबर धोखाधड़ी के आरोपियों को गिरफ्तार किया है.

अंतर्राष्ट्रीय और अंतरराज्यीय गिरोहों द्वारा कुल 386 अपराध किए गए है जिनमें डिजिटल गिरफ्तारी, वित्तीय धोखाधड़ी, अंशकालिक नौकरी आदि जैसे अपराध किए गए. फर्जी बैंक खातों के माध्यम से साइबर धोखाधड़ी के पैसे को नकद में बदला गया और उस पैसे को दुबई स्थित साइबर अपराध गिरोहों द्वारा अंगाडिया क्रिप्टो लेनदेन के माध्यम से स्थानांतरित किया गया.

साइबर अपराध से बचने के लिए क्या करें?
साइबर क्राइम शाखा ने आमजन से अपील की है कि वे किसी भी संभावित नुकसान से बचने के लिए इन सुरक्षा उपायों का कड़ाई से पालन करें-
किसी भी ई-निमंत्रण या गिफ्ट लिंक पर क्लिक करने से पहले भेजने वाले की पहचान सुनिश्चित करें.
मोबाइल सेटिंग्स में Install from unknown sources विकल्प को तुरंत Disabled करें.
हमेशा केवल गूगल प्ले स्टोर या एप्पल ऐप स्टोर जैसे अधिकृत ऐप स्टोर से ही एप्लिशन डाउनलोड करें.
अपने मोबाइल में एक विश्वसनीय एंटीवायरस या मोबाइल सिक्योरिटी एप्लिकेशन का उपयोग करें.
धोखाधड़ी होने पर शिकायत दर्ज करने के लिए करे संपर्क.

यदि आप इस प्रकार की धोखाधड़ी का शिकार होते हैं, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें. सहायता के लिए साइबर हेल्प लाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं. किसी भी प्रकार की सहायता के लिए पुलिस मुख्यालय के हेल्प डेस्क नंबर 9256001930 या 9257510100 पर भी संपर्क किया जा सकता है.

Haryana में कांग्रेस को बड़ा झटका… पूर्व मंत्री संपत सिंह ने छोड़ी पार्टी

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चंडीगढ़। हरियाणा कांग्रेस (Haryana Congress) को बड़ा झटका लगा है। पूर्व मंत्री संपत सिंह (Former minister Sampat Singh) ने कांग्रेस (Congress) छोड़ दी है। आज उन्होंने अपना इस्तीफा (Resign) कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे (Mallikarjun Kharge) को भेज दिया। पार्टी छोड़ने का फैसले को उन्होंने पूरी तरह से व्यक्तिगत बताया है और किसी अन्य पार्टी में जाने पर अभी कोई विचार नहीं किया है। संपत सिंह ताऊ देवीलाल के जन्मदिवस पर 25 सितंबर को रोहतक में हुई इनेलो की रैली में गए थे। वह इनेलो से ही कांग्रेस में आए थे। हालांकि अभी उन्होंने किसी भी पार्टी को ज्वाइन करने के बारे में नहीं बताया है। उन्होंने भूपेंद्र सिंह हुड्‌डा को नेता प्रतिपक्ष बनाए जाने पर भी सवाल उठाए थे। संपत सिंह का इस्तीफा हरियाणा कांग्रेस के लिए बड़ा झटका साबित होगा।

लगातार अनदेखी और राज्य नेतृत्व पर सवाल उठाए
संपत सिंह ने चार पेज के अपने लंबे-चौड़े इस्तीफे में लगातार अनदेखी, विधानसभा क्षेत्र बदलने, टिकट न देने, जीतने पर मंत्री मंडल में जगह न देने, इलाके ​के विकास कार्यों के लिए सरकार होते हुए भी बजट न देने जैसे कई कारण गिनाए हैं। साथ ही राज्य नेतृत्व पर भी सवाल उठाए हैं। इसके अलावा कांग्रेस से लगातार हो रही दिग्गज नेताओं की अनदेखी और पलायन का उल्लेख करते हुए इसके कांग्रेस के लिए खतरनाक बताया है। कुलदीप बिश्नोई, धर्मबीर सिंह, किरण चौधरी, श्रुति चौधरी, अरविंद शर्मा, अशोक तंवर, अवतार भड़ाना, सावित्री जिंदल, नवीन ​जिंदल जैसे बड़े नेताओं के कांग्रेस छोड़ने का जिक्र किया है।

पार्टी की लगातार हार पर कोई जवाबदेही तय नहीं हुई
संपत सिंह ने लिखा कि लोकसभा चुनावों में दलित मतदाताओं ने भारी समर्थन देकर कांग्रेस को पांच सीटें जिताईं, परंतु राज्य नेतृत्व ने अहंकार और पारिवारिक हितों के कारण कुमारी सैलजा को हाशिये पर डाल दिया। उनके खिलाफ जातिसूचक टिप्पणियां और आपत्तिजनक वीडियो फैलाए गए। उनके समर्थकों को टिकट से वंचित कर दिया गया। परिणामस्वरूप दलित वर्ग ने कांग्रेस का बहिष्कार कर दिया। 2009 से 2024 तक पार्टी की लगातार हार पर कोई जवाबदेही तय नहीं हुई। वोट चोरी या टिकट चोरी के दोषियों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। 2005 में भजनलाल के नेतृत्व में कांग्रेस ने 67 सीटें जीती थीं और उसके बाद से पराजयों का सिलसिला जारी है। हरियाणा की जनता अब राज्य और राष्ट्रीय नेतृत्व दोनों से निराश है। 2024 की हार के बाद स्वयं राहुल गांधी ने स्वीकार किया कि राज्य नेतृत्व ने व्यक्तिगत हितों को पार्टी से ऊपर रखा। फिर भी वही नेतृत्व बना रहा। इन परिस्थितियों में, मुझे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की उस क्षमता पर विश्वास नहीं रहा कि वह हरियाणा की जनता के हितों का प्रतिनिधित्व कर सकती है। मैं एक गर्वित हरियाणवी हूं और अपने प्रदेश की जनता को निराश नहीं कर सकता। हरियाणा के प्रति मेरी प्रतिबद्धता अटूट है परंतु वर्तमान कांग्रेस नेतृत्व में मेरा विश्वास समाप्त हो गया है। अतः मैं भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से अपना त्यागपत्र देने के लिए विवश हूं।

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तेलंगाना में तेज रफ्तार ट्रक ने बस में मारी टक्कर, 20 लोगों की मौत

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डेस्क: तेलंगाना के रंगारेड्डी जिले (Rangareddy District) में सोमवार की सुबह हुए भीषण सड़क हादसे (Road Accidents) में 20 लोगों की मौत हो गई. वहीं, कई लोगों के घायल (Injured) होने की खबर है. हादसा रंगारेड्डी जिले के चेवेल्ला मंडल के मिर्जागुड़ा के पास हुआ. जानकारी के अनुसार, हैदराबाद-बीजापुर हाईवे पर तेज रफ्तार में जा रहा टिपर ट्रक एक यात्री बस से टकरा गया. टक्कर इतनी जोरदार थी कि टिपर उलटकर बस के ऊपर गिर गया. इससे कई यात्री ट्रक में भरी गिट्टी के नीचे दब गए. मृतकों में 18 यात्री, दो बस और ट्रक चालक शामिल हैं. इस हादसे में एक साल के बच्चे सहित 11 महिलाएं और 9 पुरुषों की मौत हुई है. वहीं, 24 लोग घायल हैं. इनमें से पांच की हालत गंभीर है.

घटना के बाद आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और फंसे हुए यात्रियों को निकालने में मदद की. पुलिस भी तुरंत पहुंची और राहत व बचाव कार्य शुरू किया. घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है. शुरुआती जांच में पता चला है कि ट्रक की रफ्तार बहुत तेज थी. अचानक मोड़ पर ट्रक चालक ने नियंत्रण खो दिया, जिससे यह बड़ा हादसा हो गया. हादसे में शामिल बस तंडूर डिपो की थी और उसमें 40 से ज्यादा यात्री सवार थे. इस दुर्घटना के कारण चेवेल्ला से विकाराबाद के बीच यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ. इस हादसे में घायल हुए कई लोगों की हालत गंभीर है . अधिकारियों ने आशंका जताई है कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है.

 

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अनन्या-कार्तिक की ‘तू मेरी मैं तेरा’ की रिलीज डेट तय, बड़े पर्दे पर लौटेगा प्यार का मौसम

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फिल्म ‘तू मेरी मैं तेरा मैं तेरा तू मेरी’ इस साल खास त्योहार पर रिलीज होगी। अनन्या पांडे और कार्तिक आर्यन इस त्योहारी सीजन में खुशियां बिखेरने के लिए एक साथ आ रहे हैं। समीर विदवान्स के निर्देशन और धर्मा प्रोडक्शंस के सहयोग से बनी रोमांटिक फिल्म की रिलीज डेट सामने आ गई है।

कब रिलीज होगी फिल्म ‘तू मेरी मैं तेरा मैं तेरा तू मेरी’

आज सोमवार को कार्तिक आर्यन ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर अपनी फिल्म ‘तू मेरी मैं तेरा मैं तेरा तू मेरी’ का एक पोस्टर शेयर किया। जिसमें अनन्या और कार्तिक दोनों एक साथ बेहद खुश नजर आ रहे हैं। इसके साथ कैप्शन में लिखा, ‘मैं फिर आ रहा हूं। इस बार क्रिसमस 25 दिसंबर #TuMeriMainTeraMainTeraTuMeri।” 

पहले साथ काम कर चुके हैं कार्तिक और अनन्या

फिल्म ‘तू मेरी मैं तेरा मैं तेरा तू मेरी’ में आर्यन और पांडे फिर से साथ काम कर रहे हैं। इससे पहले दोनों ने 2019 में फिल्म ‘पति पत्नी और वो’ में साथ काम किया था। मुदस्सर अजीज द्वारा निर्देशित इस फिल्म में भूमि पेडनेकर भी थीं। इस फिल्म को दर्शकों का ठीक-ठाक रिस्पांस मिला था।

फिल्म ‘तू मेरी मैं तेरा मैं तेरा तू मेरी’ के बारे में

‘तू मेरी मैं तेरा मैं तेरा तू मेरी’ में कार्तिक और अनन्या के अलावा जैकी श्रॉफ और नीना गुप्ता भी अहम भूमिकाओं में हैं। ‘तू मेरी मैं तेरा मैं तेरा तू मेरी’ की टक्कर बॉक्स ऑफिस पर अगस्त्य नंदा अभिनीत ‘इक्कीस’ के साथ होगी। यह दोनों फिल्में इस साल क्रिसमस के दिन 25 दिसंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होंगी।

दिल्ली हाईकोर्ट में पहुंची सेलिना जेटली, विदेश मंत्रालय को मिला नोटिस – वजह जानकर चौंक जाएंगे!

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साल 2024 से सेलिना जेटली के भाई और रिटायर मेजर विक्रांत कुमार जेटली यूएई (संयुक्त अरब अमीरात) में हिरासत में हैं। इस मामले को लेकर एक्ट्रेस ने दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया था। वह चाहती हैं कि भारतीय अधिकारियों को कोर्ट यह निर्देश दे कि भाई (विक्रांत) को यूएई में हिरासत के दौरान आवश्यक कानूनी और चिकित्सीय सहायता मिले।

कोर्ट ने दिया विदेश मंत्रालय को आदेश 

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार रिटायर मेजर विक्रांत कुमार जेटली साल 2024 से यूएई में हिरासत में हैं। इस मामले को लेकर सेलिना जेटली ने दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। अब दिल्ली हाई कोर्ट ने सेलिनी जेटली के भाई के मामले में विदेश मंत्रालय को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने एक नोडल अधिकारी की नियुक्ति करने के निर्देश दिए हैं, जिससे सेलिना जेटली के भाई और रिटायर मेजर विक्रांत कुमार जेटली की स्थिति के बारे में जानकारी हासिल की जा सके। इस मामले की अगली सुनवाई 4 दिसंबर को निर्धारित की गई है। 

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