विज्ञापन देख झांसे में आया बिजनेसमैन और गंवा दिए 11 लाख रुपये, जानें क्या है मामला…

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पुणे. महाराष्ट्र (Maharashtra) के पुणे जिले में एक कॉन्ट्रैक्टर ‘प्रेग्नेंट जॉब’ (‘Pregnant Job’) नामक साइबर ठगी (cyber fraud) का शिकार हो गया. ठगों ने उसे एक ऑनलाइन विज्ञापन (advertisement) के जरिए झांसा दिया, जिसमें लिखा था ‘एक पुरुष की तलाश है जो मुझे प्रेग्नेंट कर सके. विज्ञापन देखकर कॉन्ट्रैक्टर ने संपर्क किया और इसी के बाद उसके साथ 11 लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी हो गई.

झांसे में आकर गंवाये 11 लाख रुपये
शिकायत के मुताबिक, आरोपी ने खुद को महिला बताकर पहले वीडियो भेजा और फिर रजिस्ट्रेशन, मेंबरशिप, गोपनीयता और प्रोसेसिंग चार्ज के नाम पर ठगी शुरू कर दी. धीरे-धीरे पीड़ित से अलग-अलग खातों में कुल 11 लाख ऑनलाइन ट्रांसफर करवाए गए.

पुलिस इंस्पेक्टर चंद्रशेखर सावंत ने बताया कि यह मामला एक बड़े साइबर नेटवर्क से जुड़ा है, जिसे ‘प्रेग्नेंट जॉब’ या ‘प्लेबॉय सर्विस’ रैकेट कहा जाता है. यह गिरोह 2022 से देशभर में सक्रिय है और खासतौर पर बेरोजगार या आर्थिक रूप से कमजोर युवाओं को निशाना बनाता है.

फेसबुक, व्हाट्सएप और टेलीग्राम से शिकार बनाते हैं ठग
यह गैंग फेसबुक, व्हाट्सएप और टेलीग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों को ऐसे ऑफर देता है जिसमें कहा जाता है कि ‘बांझ महिलाओं को गर्भवती बनाकर वो 5 से 25 लाख तक कमा सकते हैं. पीड़ितों से आधार, पैन और सेल्फी मांगी जाती है और फिर सिक्योरिटी फीस, टैक्स और होटल बुकिंग जैसे बहाने बनाकर लाखों रुपये ऐंठे जाते हैं.

ठग फर्जी एग्रीमेंट, नकली सर्टिफिकेट और यहां तक कि सेलिब्रिटीज के नाम से साइन किए गए दस्तावेज़ दिखाकर भरोसा दिलाते हैं. बाद में पीड़ितों को पुलिस कार्रवाई की धमकी देकर और पैसे वसूलते हैं.

जांच में पता चला है कि इस रैकेट का मुख्य अड्डा बिहार के नवादा जिले में है. यहां से पूरे देश में इस तरह की ठगी का नेटवर्क चलाया जा रहा है. पुलिस का मानना है कि इस गैंग ने अब तक करोड़ों रुपये की ठगी की है.

हो जाइये तैयार! फाइनल में गायिका सुनिधि चौहान करेंगी परफॉर्मेंस, स्टेडियम में चमकेगी रोशनी

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नई दिल्ली: महिला वनडे विश्व कप 2025 का रोमांच अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच चुका है। भारत और दक्षिण अफ्रीका की टीमों के बीच रविवार को खिताबी मुकाबला खेला जाएगा, जिसमें दोनों टीमें पहली बार ट्रॉफी उठाने के लिए जोर लगाएंगी। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) और श्रीलंका क्रिकेट (एसएलसी) की मेजबानी में खेले जा रहे महिला विश्व कप के फाइनल को यादगार बनाने के लिए नवी मुंबई का डीवाई पाटिल स्टेडियम तैयार है। यहां मशहूर फिल्मी गायिका सुनिधि चौहान अपनी आवाज का जादू बिखेरेंगी।

यादगार होगा महिला विश्व कप का फाइनल
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने बताया कि हिंदी फिल्म जगत की मशहूर गायिका सुनिधि चौहान अपने गानों से दर्शकों और खिलाड़ियों का मनोरंजन करेंगी। इस दौरान शानदार लाइट-शो से स्टेडियम पूरी तरह जगमगाएगा। जानकारी के मुताबिक, फाइनल मैच की एक पारी समाप्त होने के जबरदस्त शो होगा जिसमें लेजर शो, 350 मास्ट कास्ट कलाकार और ड्रोन प्रदर्शन शामिल होंगे।

भारत का पलड़ा भारी
भारत विश्व कप में अपना तीसरा फाइनल दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेलने को तैयार है। दोनों देशों के बीच 34 वनडे मैचों 20 जीत के साथ भारत का पलड़ा भारी है लेकिन विश्व कप में मुकाबला बराबरी का है। वनडे विश्व कप के छह मैचों में भारत के नाम तीन जीत हैं लेकिन दक्षिण अफ्रीका ने पिछले तीनों मैच में भारत को शिकस्त दी है। दक्षिण अफ्रीका इकलौती ऐसी टीम है जिसे भारत ने 2017 से इस वैश्विक आयोजन में नहीं हराया है। विश्व कप के इतिहास में इससे ज्यादा बार लगातार मैचों में ऑस्ट्रेलिया (आठ) और न्यूजीलैंड (पांच) ने भारत को  हराया है। भारतीय टीम ऐसे में फाइनल में दक्षिण अफ्रीका से विश्व कप में मिली लगातार तीन हार का बदला भी चुकता करना चाहेगी। 

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News Desk

कम स्कोर में बड़ा कारनामा! बाबर आजम बने इस मामले में नंबर-1

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नई दिल्ली: पाकिस्तान के पूर्व कप्तान बाबर आजम भारत के रोहित शर्मा और विराट कोहली को पीछे छोड़कर टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। बाबर ने शुक्रवार रात लाहौर में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ दूसरे टी-20 मैच में 18 गेंदों पर 11 रन बनाकर यह उपलब्धि हासिल की।

बाबर ने अब तक 123 मैचों में 39.57 की औसत से 4234 रन बनाए हैं, लेकिन सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में शामिल अन्य खिलाड़ियों की तुलना में उनका स्ट्राइक रेट और छक्कों की संख्या कम है। बाबर का स्ट्राइक रेट 128.77 है और उन्होंने 73 छक्के लगाए हैं। इस मामले में रोहित, कोहली, जोस बटलर और पॉल स्टर्लिंग उनसे आगे हैं।

रोहित और विराट का कमाल का स्ट्राइक रेट
रोहित का स्ट्राइक रेट 140.89 है और उन्होंने अपने करियर में 205 छक्के लगाए हैं। विराट का स्ट्राइक रेट 137.04 है और उन्होंने 124 छक्के लगाए हैं। रोहित  बटलर का स्ट्राइक रेट 148.97 है और उन्होंने 172 छक्के लगाए हैं जबकि आयरलैंड के स्टर्लिंग का स्ट्राइक रेट 134.86 है और उन्होंने 133 छक्के लगाए हैं।

रोहित के शतक बाबर से ज्यादा
रोहित ने 159 टी20 मैचों में 32.05 की औसत से 4231 रन बनाए, जबकि कोहली ने 125 मैचों में 48.69 की औसत से 4188 रन बनाए। रोहित रन बनाने वालों में दूसरे और कोहली तीसरे नंबर पर हैं। इन दोनों ने ही टी20 अंतरराष्ट्रीय से संन्यास ले लिया है। बाबर का टी20 में औसत 39.57 का है। बाबर ने टी20 अंतरराष्ट्रीय में तीन शतक और 36 अर्धशतक लगाए हैं, जबकि रोहित के नाम पांच शतक और 32 अर्धशतक हैं। वहीं, कोहली ने एक शतक और 38 अर्धशतक लगाए हैं।

पाकिस्तान-दक्षिण अफ्रीका दूसरे टी20 में क्या हुआ?
पाकिस्तान ने लाहौर में खेले गए दूसरे टी20 मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका को नौ विकेट से हरा दिया। दक्षिण अफ्रीका की टीम 19.2 ओवर में 110 रन पर सिमट गई। जवाब में पाकिस्तान ने 13.1 ओवर में लक्ष्य हासिल कर लिया। बाबर के अलावा सैम अयूब ने 38 गेंद में 71 रन की नाबाद पारी खेली। इसके अलावा साहिबजादा फरहान ने 28 रन बनाए। पहला टी20 दक्षिण अफ्रीका ने अपने नाम किया था। सीरीज का आखिरी और निर्णायक टी20 आज लाहौर में ही खेला जाएगा।

अस्पताल से डिस्चार्ज, फिलहाल सिडनी में आराम कर रहे हैं

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नई दिल्ली: भारतीय बल्लेबाज श्रेयस अय्यर को शनिवार को सिडनी के अस्पताल से मिली छुट्टी मिल गई है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने इसकी पुष्टि कर दी है और बताया है कि अब उनका स्वास्थ्य कैसा है। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीसरे वनडे मैच के दौरान श्रेयस की पसलियों में चोट लग गई थी। यह चोट उस समय लगी जब वह बैकवर्ड प्वाइंट से पीछे की ओर दौड़ते हुए कैच ले रहे थे। उन्हें आईसीयू में रखा गया था, लेकिन बीसीसीआई ने बताया कि अब वह फिट हैं और उन्हें अस्पताल से छुट्टी भी मिल गई है। 

कैच पकड़ते वक्त चोटिल हुए थे श्रेयस
श्रेयस को चोट लगने के कारण आंतरिक रक्तस्त्राव हो रहा था जिस कारण उन्हें आईसीयू में रखा गया था। हालांकि, वह जल्द ही आईसीयू से बाहर आ गए थे, लेकिन उनका इलाज जारी था। अय्यर सिडनी में खेले गए तीसरे वनडे मैच में ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज एलेक्स कैरी का कैच लेते समय चोटिल हो गए थे। यह घटना तब हुई जब ऑस्ट्रेलियाई पारी के दौरान कैरी ने हर्षित राणा की गेंद पर ऊंचा शॉट खेला। बैकवर्ड प्वॉइंट पर खड़े अय्यर ने तेजी से दौड़ लगाई और सफलतापूर्वक कैच पकड़ा लिया, लेकिन जमीन पर गिरते समय उनकी बाईं पसलियों पर जोरदार झटका लगा। इसके बाद उन्हें मैदान से बाहर जाना पड़ा था।
 
बीसीसीआई ने श्रेयस की मेडिकल पर अपडेट देते हुए कहा, श्रेयस अय्यर को 25 अक्तूबर को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीसरे वनडे मैच में कैच पकड़ते समय गंभीर चोट लग गई थी, जिससे उनकी तिल्ली में चोट आई थी और आंतरिक रक्तस्राव होने लगा। छोटे से ऑपरेशन के बाद रक्तस्राव बंद हुआ। इसके लिए उनका उचित चिकित्सा उपचार किया गया है।

बीसीसीआई ने डॉक्टरों का जताया आभार
बीसीसीआई ने आगे कहा, अब श्रेयस की हालत स्थिर है और वे ठीक हो रहे हैं। बीसीसीआई की मेडिकल टीम, सिडनी और भारत के विशेषज्ञों के साथ उनके स्वास्थ्य में सुधार से संतुष्ट है और उन्हें आज अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। बीसीसीआई सिडनी में डॉ. कौरौश हाघीगी और उनकी टीम के साथ-साथ भारत में डॉ. दिनशॉ पारदीवाला का हार्दिक आभार व्यक्त करता है जिन्होंने श्रेयस का सर्वोत्तम उपचार सुनिश्चित किया। श्रेयस आगे के इलाज के लिए सिडनी में ही रहेंगे और उड़ान भरने के लिए फिट होने पर भारत लौट आएंगे। 

सिर्फ वनडे खेल रहे हैं अय्यर
30 वर्षीय अय्यर फिलहाल सिर्फ वनडे प्रारूप में खेल रहे हैं। उन्होंने कमर की समस्या के कारण पिछले छह महीनों से टेस्ट क्रिकेट से दूरी बनाई हुई है और हाल के समय में टी20 प्रारूप में भी शामिल नहीं किए गए हैं। हाल ही में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेले गए दूसरे वनडे में अय्यर ने 61 रनों की शानदार पारी खेली थी। श्रेयस को भले ही अस्पताल से छुट्टी मिल गई है, लेकिन उनकी मैदान पर वापसी कब तक हो पाएगी ये कहना अभी मुश्किल है।

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News Desk

विदेशी गैजेट्स होंगे महंगे, अमेरिका में मैन्युफैक्चरिंग लौटाने की तैयारी…

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Trump Tariffs: अमेरिका में सस्ते गैजेट्स का दौर अब शायद खत्म होने वाला है। डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन की नई चाल ने टेक वर्ल्ड में भूचाल मचा दिया है। प्लान ये है कि अब विदेशी इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट्स पर उनमें मौजूद चिप्स की गिनती के हिसाब से टैरिफ लगेगा।

यानी छोटा-सा इलेक्ट्रॉनिक टूथब्रश हो या आपका हाई-एंड लैपटॉप – सबकी कीमतें आसमान छुएंगी!

ट्रंप का मास्टरस्ट्रोक

  • वाणिज्य विभाग चाहता है कि हर चिप की वैल्यू पर टैरिफ वसूला जाए।
  • मकसद: कंपनियों को मजबूर करना कि वे अपनी मैन्युफैक्चरिंग अमेरिका में वापस लाएँ।
  • ट्रंप प्रशासन पहले ही साफ कर चुका है – “विदेशी चिप्स पर डिपेंडेंसी खत्म करनी ही होगी।”

जेब पर महंगाई का वार

  • टूथब्रश, स्मार्टफोन, लैपटॉप… सब महंगे होंगे।
  • अमेरिका में महंगाई वैसे ही 2% के टारगेट से ऊपर है, अब और झटका तय।
  • एक्सपर्ट्स का कहना है – “घरेलू सामान भी सस्ते नहीं होंगे, क्योंकि उनके इनपुट्स पर भी टैरिफ लगेगा।”

Trump Tariffs: छूट या चाल?

  • हाल ही में दवाओं पर 100% और हैवी-ड्यूटी ट्रकों पर 25% टैरिफ लगाया जा चुका है।
  • अब सवाल – किन प्रोडक्ट्स को टैरिफ के दायरे में लाया जाएगा?
  • ट्रंप की पेशकश: अगर कोई कंपनी अपना आधा प्रोडक्शन अमेरिका में शिफ्ट करती है, तो छूट संभव।

कितना भारी होगा टैरिफ?

  • इलेक्ट्रॉनिक सामान पर 25% टैरिफ पर विचार।
  • जापान और EU से आने वाले प्रोडक्ट्स पर 15% टैरिफ का सुझाव।
  • कंपनियों को लुभाने के लिए “अमेरिका में निवेश = छूट” का फार्मूला।

नतीजा: टेक वर्ल्ड में भूचाल

  • अमेरिकी मार्केट में महंगे गैजेट्स की बाढ़।
  • विदेशी कंपनियों पर प्रेशर और घरेलू कंपनियों पर डबल कॉस्ट का असर।
  • आम लोगों की जेब पर बड़ा वार – स्मार्टफोन, लैपटॉप और छोटे गैजेट्स खरीदना होगा मुश्किल।
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Shreya Pandey

17 साल का जैकब शॉल बना सीनियर्स का डिजिटल सुपरहीरो!

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America’s AI: सिलिकॉन वैली में 17 वर्षीय हाई स्कूल छात्र जैकब शॉल ने ऐसा कमाल किया है कि वरिष्ठ नागरिक भी अब टेक्नोलॉजी के मास्टर बन रहे हैं।
जैकब ने अपनी गैर-लाभकारी संस्था “Mode to Code” शुरू की, जो AI, वेब डेवलपमेंट और वीडियो गेम डेवलपमेंट जैसी चीजें मुफ्त में सिखाती है।

युवा जादूगर + सीनियर्स = डिजिटल धमाका

  • 2024 में शुरू हुआ यह प्रोग्राम अब फैल चुका है 20+ असिस्टेड लिविंग सेंटर और 30+ स्कूलों तक।
  • मार्च 2025 से इसे वरिष्ठ नागरिकों तक बढ़ाया गया।
  • शॉल और उनके सह-नेता आयडिन खलीली का मिशन: “पीढ़ियों के बीच डिजिटल गैप खत्म करना।”

स्कैम से बचाव और सुपरकॉन्फिडेंस

  • अमेरिका में 60+ उम्र के लोग 2024 में 4.9 बिलियन डॉलर स्कैम में फंस चुके थे।
  • शॉल की कक्षाओं में ऑनलाइन और फोन स्कैम से बचाव पर जोर।
  • सीनियर्स अब इतने आत्मविश्वासी हैं कि एड कपलन ने चैटजीपीटी का इस्तेमाल अपने मित्र के लिए ओबिटुअरी बनाने में किया!

America’s AI: एजटेक की नई क्रांति

  • CVS Health, Hyundai और Best Buy जैसी कंपनियां 50+ उम्र के उपभोक्ताओं के लिए AI और डिजिटल टूल्स डेवलप कर रही हैं।
  • शॉल का मानना है कि व्यक्तिगत, आमने-सामने की शिक्षा तकनीक सीखने का सबसे असरदार तरीका है।

तकनीक सिर्फ ज्ञान नहीं, बल्कि जीवनशैली का सुपरपावर

  • पाउलेट अरोएस्टी (87) कहती हैं, “फेसटाइम और अलेक्सा अच्छे हैं, लेकिन व्यक्तिगत बातचीत का मज़ा अलग है।”
  • मोड टू कोड वरिष्ठ नागरिकों को आत्मविश्वास, सुरक्षा और आधुनिक जीवनशैली का सही संतुलन सिखाता है।
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Shreya Pandey

PM मोदी का खुमड़ी पहनाकर हुआ स्वागत, ब्रह्माकुमारी शांति शिखर भवन का किया उद्घाटन

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रायपुर।  छत्तीसगढ़ में 25वें स्थापना दिवस की धूम है. प्रदेश में 5 दिनों तक राज्योत्सव मनाया जा रहा है. राज्योत्सव के पहले दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रायपुर पहुंचे. यहां उन्होंने नवा रायपुर के सेक्टर-20 में ब्रह्माकुमारी संस्थान के नवनिर्मित शांति शिखर भवन का उद्घाटन किया. इस मौके पर उन्होंने संबोधित कहा- ‘राज्य के विकास से देश का विकास… इसी मंत्र पर चलकर हम भारत को विकसित बनाने के अभियान में जुटे हैं. विकसित भारत की अहम यात्रा में ब्रह्मकुमारी जैसी संस्था की बहुत बड़ी भूमिका है. मैं अतिथि नहीं हूं. मैं आप ही का हूं.’

‘आज का दिन बहुत विशेष है‘ 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा- ‘आज का दिन बहुत विशेष है. आज हमारा छत्तीसगढ़ अपनी स्थापना के 25 साल पूरे कर रहा है. छत्तीसगढ़ के साथ ही झारखंड और उत्तराखंड की स्थापना के भी 25 वर्ष पूरे हुए हैं. आज देश के और भी कई राज्य अपना स्थापना दिवस मना रहे हैं। मैं इन सभी राज्यों के निवासियों को स्थापना दिवस की बहुत-बहुत बधाई देता हूं. राज्य के विकास से देश का विकास, इसी मंत्र पर चलते हुए हम भारत को विकसित बनाने के अभियान में जुटे हैं.’

‘विकसित भारत की इस अहम यात्रा में ब्रह्माकुमारी जैसी संस्था’

उन्होंने आगे कहा- ‘विकसित भारत की इस अहम यात्रा में ब्रह्माकुमारी जैसी संस्था की बहुत बड़ी भूमिका है. मेरा सौभाग्य रहा है कि मैं बीते कई वर्षों से आप सभी के साथ जुड़ा हुआ हूं. मैं जब भी आपके बीच आया हूं, मैंने आपके प्रयासों को बहुत गंभीरता से देखा है. मैंने हमेशा अनुभव किया है, जहां शब्द कम और सेवा ज्यादा है.’

‘आचारण ही सबसे बड़ा धर्म है’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा- टहमारे यहां कहा जाता है, ‘आचारः परमो धर्म आचारः परमं तपः. आचारः परमं ज्ञानम् आचरात् किं न साध्यते. अत: आचारण ही सबसे बड़ा धर्म है, आचरण ही सबसे बड़ा तप है और आचरण ही सबसे बड़ा ज्ञान है. आचरण से क्या कुछ सिद्ध नहीं हो सकता. यानी बदलाव तब होता है जब अपने कथन को आचरण में भी उतारा जाए और यही ब्रह्माकुमारी संस्था की आध्यात्मिक शक्ति का स्रोत है.’

7 साल में बना शिखर भवन

जानकारी के मुताबिक ब्रह्माकुमारी संस्थान के नवनिर्मित शांति शिखर भवन को बनने में 7 साल का समय लग गया. संस्था की तत्कालीन क्षेत्रीय निदेशिका राजयोगिनी बीके कमला के मार्गदर्शन में 15 जनवरी 2018 को इस भवन की नींव रखी गई थी. साल 2022 में उनके देवलोकगमन से पहले भवन का करीब 80% काम हो गया था. जमीन ठोस नहीं होने की वजह से काफी गहराई तक मिट्टी निकाल कर स्लैब ढाला गया. इसके बाद भवन के सारे कॉलम खड़े किए गए. जोधपुर के कारीगरों ने 7 साल में राजस्थानी शैली के इस भवन को तैयार किया है. यह भवन जोधपुर के पिंक स्टोन से तैयार किया गया है. इसके लिए जोधपुर से 150 से अधिक ट्रकों में पिंक स्टोन मंगाए गए थे.

‘बिहारी’ कहलाना अब गर्व की बात, अपमान नहीं

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बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विधानसभा चुनाव से पहले एक वीडियो संदेश जारी कर राज्यवासियों से संवाद किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि वर्ष 2005 से लगातार बिहार की सेवा करने का अवसर जनता ने उन्हें दिया है और इस दौरान राज्य में विकास व सामाजिक सौहार्द को प्राथमिकता दी गई है। सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि जब हमने शासन संभाला था, तब ‘बिहारी’ कहलाना एक अपमान माना जाता था। हमने ईमानदारी और पूरी मेहनत से काम किया। आज ‘बिहारी’ कहलाना गर्व की बात है।

सरकार ने हर वर्ग के लिए समान रूप से काम किया है
पीएम मोदी ने आगे कहा कि सरकार ने हर वर्ग के लिए समान रूप से काम किया है। चाहे हिंदू हों या मुस्लिम, सवर्ण, पिछड़े, अति-पिछड़े, दलित या महादलित सबके विकास के लिए काम हुआ है। मैंने अपने परिवार के लिए कुछ नहीं किया, केवल जनता की सेवा की है। सीएम नीतीश ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) को बिहार के विकास की कुंजी बताया।

एनडीए की सरकार होने से विकास की रफ्तार और तेज हुई
उन्होंने कहा कि केन्द्र और राज्य दोनों जगह एनडीए की सरकार होने से विकास की रफ्तार और तेज हुई है। बिहार में अब विकास के साथ-साथ कानून-व्यवस्था भी मजबूत हुई है। नीतीश कुमार का यह वीडियो संदेश सोशल मीडिया पर जारी किया गया है।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का बड़ा बयान, RSS पर प्रतिबंध की मांग की

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नई दिल्ली। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर प्रतिबंध की मांग की है. सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती पर उन्होंने कहा, आज देश में जो गड़बड़ियां हो रही हैं और कानून व्यवस्था की समस्या पैदा हो रही है यह सब बीजेपी और आरएसएस की वजह से है. संघ पर फिर से प्रतिबंध लगाना चाहिए. इसके पहले उनके मंत्री बेटे की मांग पर कर्नाटक में संघ की गतिविधियों पर लगे प्रतिबंध को हाईकोर्ट द्वारा खारिज कर दिया गया. संघ को लेकर कांग्रेस के भीतर अजीब डर दिखाई पड़ता है. यह डर कांग्रेस के पतन और आरएसएस के राजनीतिक चेहरे के उत्थान के कारण है. कांग्रेस के सुर, लय, ताल तुष्टिकरण सॉन्ग रचने और गाने में लगे हुए हैं. प्रतिबंध का राग उसी का नया संगीत है. कांग्रेस के लिए संघ ही अब राजनीतिक एजेंडा बचा है. संघ के विरोध से ही उनकी राजनीतिक ताकत बची है. कांग्रेस इसे वैचारिक लड़ाई बताती है, लेकिन यह उसकी सियासी लड़ाई का सबसे मजबूत अस्त्र बचा है. 140 साल की कांग्रेस और 100 साल के आरएसएस के वर्तमान में कांग्रेस का डर छुपा हुआ है. गांधी परिवार की विरासत बाबर की मजार पर तो जाती रही है, लेकिन आज तक इस परिवार का कोई भी व्यक्ति अयोध्या में राम मंदिर नहीं जा सका है. संघ परिवार के लिए राम मंदिर राष्ट्र के धार्मिक और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक है, जिसे कांग्रेस जाने योग्य स्थल भी नहीं मानती. संघ जिन विचारों के साथ पहले दिन खड़ा था, उन्हीं पर आज भी खड़ा है. यह एक सांस्कृतिक संगठन है. उसके राजनीतिक फेस बीजेपी का उत्थान कांग्रेस के पतन से जुड़ा हुआ है. जो कांग्रेस कभी देश की राजनीतिक सत्ता के हिमालय पर खड़ी थी, उसे आज कुछ राज्यों की तलहटी में संतोष करना पड़ रहा है. आरएसएस पर कांग्रेस ने प्रतिबंध पहले भी लगाए हैं. इस प्रतिबंध ने ही संघ की सेवा विस्तार करने में भूमिका निभाई. जिस समय प्रतिबंध लगा था उस समय कांग्रेस की सरकार में गृहमंत्री सरदार भाई पटेल वल्लभभाई पटेल थे. संघ और बीजेपी सरदार वल्लभभाई पटेल को अपना आदर्श मानती है. गुजरात में पीएम नरेंद्र मोदी ने विशाल प्रतिमा स्थापित कर पटेल की गौरव गाथा को पूरी दुनिया में स्थापित किया है. आधुनिक भारत में पटेल की विरासत को संभालने में कांग्रेस असफल हो गई है. इस विरासत का स्वाभाविक दायित्व निभाते हुए संघ और बीजेपी ने अपना वैचारिक विस्तार करने में सफलता हासिल की है.संघ का एजेंडा ओपन है. कुछ भी सीक्रेट नहीं है. हिंदू आस्था और गौरव का संरक्षण और विस्तार उनका लक्ष्य है. चरित्र निर्माण मार्ग है. सेवा भावना, मंत्र है. सांस्कृतिक जागरण और सामाजिक समरसता उद्देश्य है. राष्ट्र की मजबूती और समाज की एकता उनका घोषित लक्ष्य है.  इसके विपरीत कांग्रेस का एजेंडा राजनीतिक सत्ता हासिल करना है. इसके लिए विभाजन को बढ़ाना उनका मार्ग है. संघ का हिंदुत्व सफल न हो इसके लिए कांग्रेस देश को जातियों में बांटने का काम करती है. मुस्लिम समाज में जातिवाद पर कांग्रेस चुप रहती है, लेकिन हिंदुओं को जातियों में बांटकर सत्ता हथियाने की कोशिश की जाती है. यहां तक की कांग्रेस सामाजिक न्याय की जड़ी बूटी आरक्षण की व्यवस्था का भी राजनीतिक उपयोग कर समाज में विभाजन को बढ़ाने का प्रयास करती है. यह तो अनुभव की बात है, कि जो दूसरों के लिए गड्ढा होता है वह उसी में खुद गिरता है. कांग्रेस तुष्टिकरण और बैंक के लिए पार्टी की आधारशिला जिस नींव पर खड़ी की है. आज वही उसको सबसे ज्यादा दुख दे रही है.आरएसएस तो सामाजिक समरसता का अभियान चलाती है. संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत मस्जिदों में जाकर भी मौलवियों से मिलकर उन्हें अपना दृष्टिकोण समझाने से परहेज नहीं करते. यह भी समरसता का ही प्रयास है. संघ का मुस्लिम मंच इस दिशा में निरंतर काम करता दिखाई पड़ता है. कांग्रेस संघ का वैचारिक मुकाबला नहीं कर पा रही है. इसीलिए प्रतिबंध का राग अलाप रही है. कांग्रेस के वैचारिक दिवालियापन का अंदाजा लगाया जा सकता है, कि संघ को प्रतिबंधित करने की मांग जिस सरकार से की जा रही है, वही सरकार संघ को अपना आदर्श मानती है. सरकारी स्तर पर संघ की गतिविधियों की प्रधानमंत्री सराहना कर चुके हैं.शताब्दी वर्ष में संघ पर डाक टिकट और सिक्का जारी किया गया है. कांग्रेस की आंखें इस बात से खुल जाना चाहिए, कि सौ साल में संघ की सेवा और चरित्र निर्माण का सुफल है कि उसका प्रचारक देश का प्रधानमंत्री है और उसने भारतीय मुद्रा पर संघ की स्मृति को संजोने का ऐतिहासिक काम करके दिखाया है. जो कांग्रेस संघ पर प्रतिबंध का सोच रखती है, जो किसी को प्रतिबंधित कर अपनी प्रगति सोचती है, उसका तो चिंतन ही दूषित दिखाई पड़ता है. कोई भी व्यक्ति, संगठन किसी को मिटाकर नहीं बल्कि जीत कर आगे बढ़ सकता है. संघ पर प्रतिबंध लगाने की तो कांग्रेस की राजनीतिक  हैसियत बची नहीं है. लेकिन ऐसी बातें करके ही संघ के विस्तार में कांग्रेस नकारात्मक भूमिका निभा रही है ऐसा लगता है.संघ को लेकर कांग्रेस का डर सिर पर चढ़ गया लगता है. कांग्रेस प्रतिबंध के राग से तुष्टिकरण का सॉन्ग गाने की कितनी भी कोशिश करें, उसका वैचारिक धरातल खोखला हो चुका है. पहले इसको भरना होगा, फिर संघ का मुकाबला करने के लिए खड़े होने की ताकत बनेगी.

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पीरियड्स खत्म होने के बाद जरूर करवाएं यह आसान टेस्ट, समय पर जांच से टल सकता है बड़ा खतरा

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नई दिल्ली। आज के समय में महिलाओं की सेहत को लेकर सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है सर्वाइकल कैंसर। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के आंकड़े बताते हैं कि हर साल लाखों महिलाएं इसकी चपेट में आती हैं। डॉक्टर तरंग कृष्णा का कहना है कि दुर्भाग्य की बात यह है कि ज्यादातर मामलों में इसका पता तब चलता है जब बीमारी बहुत आगे बढ़ चुकी होती है। हालांकि, अच्छी खबर यह है कि एक बेहद आसान और सिर्फ 5 मिनट का टेस्ट इस खतरे को काफी हद तक टाल सकता है। इस टेस्ट का नाम है- पैप स्मीयर टेस्ट (Pap Smear Test)।

क्या है पैप स्मीयर टेस्ट?
पैप स्मीयर एक साधारण-सी जांच है जिसमें गर्भाशय ग्रीवा (सर्विक्स) से कुछ कोशिकाएं लेकर माइक्रोस्कोप से देखी जाती हैं। इसका मकसद यह पता लगाना होता है कि कहीं कोशिकाओं में कोई असामान्य बदलाव तो नहीं हो रहा। यही बदलाव आगे चलकर कैंसर का रूप ले सकते हैं।

कब और कैसे कराना चाहिए यह टेस्ट?
डॉक्टर तरंग कृष्णा के मुताबिक, पैप स्मीयर टेस्ट कराने का सबसे सही समय पीरियड खत्म होने के तुरंत बाद माना जाता है। यह प्रक्रिया न तो दर्दनाक होती है और न ही ज्यादा समय लेती है। जी हां, यह बस कुछ ही मिनटों में पूरी हो जाती है।

क्यों है यह टेस्ट जरूरी?
अगर सर्वाइकल कैंसर को शुरुआती स्टेज पर पकड़ लिया जाए, तो उसका इलाज बहुत आसान और सफल हो सकता है।
यह टेस्ट महिलाओं को शुरुआती चेतावनी देता है। यानी बीमारी की शुरुआत से पहले ही अलर्ट कर देता है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, अगर हर महिला समय-समय पर पैप स्मीयर टेस्ट कराए, तो सर्वाइकल कैंसर के मामलों को आधा किया जा सकता है।

छोटी-सी सतर्कता, बड़ी सुरक्षा
कई बार हम सोचते हैं कि गंभीर बीमारियों से बचने के लिए बहुत महंगे इलाज या बड़ी प्रक्रियाओं की जरूरत होती है, लेकिन पैप स्मीयर टेस्ट इस सोच को बदल देता है। यह छोटा-सा कदम, जो केवल पांच मिनट लेता है, लाखों महिलाओं की जिंदगी बचा सकता है। इसलिए, हर महिला को चाहिए कि वह नियमित अंतराल पर पैप स्मीयर टेस्ट कराए और अपने स्वास्थ्य को सुरक्षित बनाए। आखिरकार, समय पर किया गया एक छोटा-सा कदम, जीवनभर की बड़ी परेशानी से बचा सकता है।