तीनों सेनाओं को मिलेंगे घातक हथियार; ₹79000 करोड़ की मंजूरी

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agniनई दिल्‍ली। रक्षा मंत्रालय (Ministry of Defence) ने भारतीय सशस्त्र बलों (Indian Armed Forces) को और अधिक घातक बनाने के उद्देश्य से 79000 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स को मंजूरी प्रदान की है। इस धनराशि का उपयोग तकनीक और आधुनिक हथियारों के विकास एवं अधिग्रहण में किया जाएगा, जिससे हमारे जवान और सशक्त हो सकेंगे। इन परियोजनाओं के तहत नाग मिसाइलों की खरीद सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही, लैंडिंग प्लेटफॉर्म डॉक्स का निर्माण होगा, जिससे समुद्री अभियानों के माध्यम से स्थलीय संचालन अधिक सुगम हो जाएगा। उन्नत हल्के टॉरपीडो की खरीद भी होगी, जो महासागर में शत्रु पनडुब्बियों को ध्वस्त करने में सहायक सिद्ध होंगे। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में रक्षा खरीद परिषद (डीएसी) की बैठक में खरीद प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद खरीद पर यह दूसरा बड़ा फैसला है। पांच अगस्त को 67000 करोड़ रुपये की खरीद परियोजनाओं को मंजूरी दी गई थी।

रक्षा मंत्रालय ने कहा कि डीएसी ने लगभग 79 000 करोड़ रुपये की कुल लागत के विभिन्न प्रस्तावों को मंजूरी दी। भारतीय नौसेना के लिए, लैंडिंग प्लेटफ़ॉर्म डॉक्स (एलपीडी), 30 मिमी नेवल सरफेस गन (एनएसजी), एडवांस्ड लाइट वेट टॉरपीडो (एएलडब्ल्यूटी), इलेक्ट्रो ऑप्टिकल इन्फ्रा-रेड सर्च एंड ट्रैक सिस्टम और 76 मिमी सुपर रैपिड गन माउंट के लिए गोला-बारूद की खरीद को मंजूरी दी गई।

 

एलपीडी की खरीद से भारतीय नौसेना को भारतीय सेना और भारतीय वायु सेना के साथ जल-थल अभियानों को अंजाम देने में मदद मिलेगी। एलपीडी द्वारा प्रदान की गई एकीकृत समुद्री क्षमता भारतीय नौसेना को शांति अभियानों, मानवीय सहायता और आपदा राहत में भी मदद करेगी। बयान में कहा गया है कि डीआरडीओ की नौसेना विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी प्रयोगशाला द्वारा स्वदेशी रूप से विकसित एएलडब्ल्यूटी को शामिल करने से पारंपरिक, परमाणु और छोटी पनडुब्बियों को निशाना बनाया जा सकेगा।

 

इसमें कहा गया कि 30 मिमी एनएसजी की खरीद से भारतीय नौसेना और भारतीय तटरक्षक बल की कम तीव्रता वाले समुद्री अभियानों और समुद्री डकैती विरोधी भूमिकाओं को निभाने की क्षमता में वृद्धि होगी। भारतीय सेना के लिए, नाग मिसाइल सिस्टम (ट्रैक्ड) एमके-दो (एनएएमआईएस), ग्राउंड बेस्ड मोबाइल ईएलआईएनटी सिस्टम (जीबीएमईएस) और मैटेरियल हैंडलिंग क्रेन सहित हाई मोबिलिटी व्हीकल्स (एचएमवी) की खरीद को लेकर स्वीकृति प्रदान की गई।

एनएएमआईएस (ट्रैक्ड) की खरीद से भारतीय सेना की दुश्मन के लड़ाकू वाहनों, बंकरों और अन्य क्षेत्रीय किलेबंदी को निष्क्रिय करने की क्षमता बढ़ेगी, जबकि जीबीएमईएस दुश्मन के उत्सर्जकों की चौबीसों घंटे इलेक्ट्रॉनिक खुफिया जानकारी प्रदान करेगा। एचएमवी के शामिल होने से विविध भौगोलिक क्षेत्रों में सेनाओं की रसद सहायता में उल्लेखनीय सुधार होगा। वायु सेना के लिए, समन्वित लंबी दूरी लक्ष्य संतृप्ति/विनाश प्रणाली (सीएलआरटीएस/डीएस) और अन्य प्रस्तावों के लिए मंजूरी दी गई। सीएलआरटीएस/डीएस में मिशन क्षेत्र में स्वचालित टेक-ऑफ, लैंडिंग, नेविगेशन, पता लगाने और पेलोड पहुंचाने की क्षमता है।

भारत ने दिखाई ऑपरेशन सिंदूर से समुद्री ताकत, राजनाथ सिंह ने बताया कैसे नौसेना ने पाकिस्तानी युद्धपोतों को रोका

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नई दिल्ली । रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Defence Minister Rajnath Singh) ने ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) के दौरान नौसेना की तैयारियों, पेशेवर क्षमता और ताकत की सराहना करते हुए गुरुवार को खुलासा करते हुए कहा कि भारतीय नौसेना (Indian Navy) के अपने दम-खम पर पाकिस्तानी नौसेना के युद्धपोतों को उसके तटीय क्षेत्रों से आगे नहीं बढ़ने दिया। सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर को भारत की दृढ़ इच्छाशक्ति और क्षमता का प्रतीक बताते हुए जोर देकर कहा कि यह दुनिया के लिए संदेश है कि भारत किसी भी तरह की चुनौती का जवाब देने के लिए हमेशा तैयार है।

रक्षा मंत्री ने नौसेना के शीर्ष कमांडरों के सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि इस ऑपरेशन के दौरान दुनिया ने नौसेना की संचालन तत्परता, पेशेवर क्षमता और ताकत देखी। उन्होंने पाकिस्तान के युद्धपोतों को बंदरगाह या उसके तट के पास ही रहने के लिए मजबूर करने वाली प्रतिरोधक स्थिति बनाने के लिए नौसेना की सराहना की। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि हिन्द महासागर क्षेत्र (आईओआर) में भारतीय नौसेना की उपस्थिति ‘मित्र देशों के लिए राहत’ और ‘क्षेत्र को अस्थिर करने की कोशिश करने वालों के लिए बेचैनी’ का सबब है।

राजनाथ सिंह ने कहा, “आईओआर समकालीन भू-राजनीति का केंद्र बन गया है। यह अब निष्क्रिय नहीं रहा, यह प्रतिस्पर्धा और सहयोग का क्षेत्र बन गया है।” भारतीय नौसेना ने अपनी बहुआयामी क्षमताओं से इस क्षेत्र में नेतृत्वकारी भूमिका निभाई है। पिछले छह महीनों में भारतीय युद्धपोतों, पनडुब्बियों और नौसेना के विमानों को अभूतपूर्व पैमाने पर तैनात किया गया है। इसके अलावा, हमारी नौसेना ने लगभग 335 व्यापारी जहाजों को सुरक्षित मार्ग प्रदान किया है, जो लगभग 12 लाख टन माल और 5.6 अरब डॉलर के व्यापार मूल्य के बराबर है। यह इस बात का प्रमाण है कि भारत अब वैश्विक समुद्री अर्थव्यवस्था में एक विश्वसनीय और सक्षम भागीदार बन गया है।

आत्मनिर्भर नौसेना को आत्मविश्वासी और शक्तिशाली राष्ट्र की नींव बताते हुए रक्षा मंत्री ने स्वदेशी उपकरणों के माध्यम से अपनी क्षमताओं को बढ़ाने और आत्मनिर्भर भारत के ध्वजवाहक के रूप में उभरने के लिए भारतीय नौसेना की प्रशंसा की। उन्होंने कहा, “पिछले 10 वर्षों में, नौसेना के लगभग 67 प्रतिशत पूंजी अधिग्रहण अनुबंध भारतीय उद्योगों के साथ हुए हैं। यह साबित करता है कि अब हम केवल आयात पर निर्भर नहीं हैं। हम अपनी प्रतिभा और एमएसएमई व स्टार्ट-अप की क्षमताओं पर भरोसा करते हैं। भारतीय नौसेना आईडेक्स, टीडीएफ, स्प्रिंट और मेक-इन-इंडिया के तहत 194 नवाचार और स्वदेशीकरण परियोजनाओं पर काम कर रही है। इन पहलों ने न केवल नौसेना को तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर बनाया है, बल्कि निजी उद्योगों और युवा नवप्रवर्तकों को भी इस मिशन का हिस्सा बनाया है।”

आधुनिक युद्धों को प्रौद्योगिकी और खुफिया जानकारी पर आधारित बताते हुए रक्षा मंत्री ने सरकार रक्षा, स्वदेशी नवाचार और अत्याधुनिक तकनीकों में आत्मनिर्भरता पर अधिक ध्यान दे रही है। उन्होंने कहा, “समुद्री तैयारी अब केवल जहाजों या पनडुब्बियों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रौद्योगिकी -संचालित, नेटवर्क-केंद्रित और स्वायत्त प्रणालियों पर आधारित है। हमें इन क्षेत्रों में अपनी क्षमताओं को बढ़ाते हुए, अपने विरोधियों की आधुनिक तकनीकों से खुद को सुरक्षित रखने की आवश्यकता है। हमारे पास क्षमता और योग्यताएं हैं। हम अपने उपकरण अपनी धरती पर ही बना रहे हैं।”

Dr. Gaurav Saxena: Bridging Spirituality and Technology for the Modern World

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Renowned astrologer and Supreme Court advocate Dr. Gaurav Saxena is redefining spirituality through his company Bhagwat Prapti Sandesh Pvt. Ltd., merging Sanatan wisdom with cutting-edge digital innovation.

About Dr. Gaurav Saxena

Dr. Gaurav Saxena is a visionary leader, renowned astrologer, spiritual healer, numerologist, vastu and Lal Kitab expert, and Advocate at the Supreme Court of India.
As the Founder & CEO of Bhagwat Prapti Sandesh Pvt. Ltd., his life’s mission is to bridge ancient Sanatan wisdom with modern science and technology, making spirituality accessible, practical, and empowering for today’s generation.

With a deep belief that “knowledge is transformation when guided by truth,” Dr. Saxena has dedicated his career to integrating astrology, numerology, vastu, and healing sciences with digital innovation. His work inspires millions to achieve balance, clarity, and prosperity through the power of self-awareness and divine wisdom.

He is also the Founder of Bhagwat Prapti Sandesh Media and the Bhagwat Prapti Sandesh Foundation, which serve as his platforms to educate, heal, and uplift society through knowledge, service, and faith.

🕉️ About Bhagwat Prapti Sandesh Pvt. Ltd.

Bhagwat Prapti Sandesh Pvt. Ltd. stands as a first-of-its-kind spiritual-tech organization in the world — offering seven complete astrology and divination services on one digital platform.
Rooted in the company’s guiding philosophy — “From Sanatan Roots for Modern Souls” — it harmonizes spiritual depth with digital innovation to help people find peace, purpose, and prosperity.

🌐 Official Platforms:

1. www.bhagwatpraptisandesh.com
Astrology & Divination Reports: Astrology, Horoscope, Numerology, Lal Kitab, Ravan Samhita, Bhrigu Nandi Vastu, KP Astrology, Vedic Astrology, and Nadi Astrology.

2. www.bhagwatpraptisandesh.in
Spiritual Jewellery & Healing Products: Rudraksha pendants, crystal bracelets, money pyrite bracelets, and mantra-energized accessories.

3. www.bhagwatpraptisandesh.online
Spiritual Learning & Courses: Certified online programs in Astrology, Numerology, Vastu, Reiki, Healing, Tarot, and Sanatan Studies.

 

Each platform reflects Dr. Saxena’s vision — empowering individuals through knowledge, healing, and self-transformation.

📚 Book Authored

“Bhagwat Prapti Sandesh – The Perfect Fusion of Spirituality and Technology for Success”
This acclaimed book by Dr. Saxena encapsulates his philosophy of merging spiritual understanding with modern thought. It serves as a guide for seekers to find clarity in life, career, health, and relationships through timeless principles presented in a contemporary way.

🏛️ Bhagwat Prapti Sandesh Foundation

The Bhagwat Prapti Sandesh Foundation is a Public Charitable & Religious Trust dedicated to social, spiritual, and national upliftment.
Registered under The Indian Trusts Act, 1882, the Foundation works across India in areas such as:

Health & Medical Relief

Education & Skill Development

Environment & Climate Action

Women & Child Empowerment

Cow Protection & Sanatan Dharma Promotion

Spiritual Awareness & Cultural Preservation

Under Dr. Saxena’s leadership, the foundation aims to make Sanatan values globally relevant — combining ancient dharmic principles with the Sustainable Development Goals (SDGs).

⚖️ Legal & Professional Expertise

Alongside his spiritual work, Dr. Gaurav Saxena holds qualifications in LLB and LLM and practices as a para-legal specialist and advocate at the Supreme Court of India.
He offers legal case drafting, counseling, and advisory services, focusing on ethical, solution-oriented, and socially conscious legal practice.

🏅 Achievements & Recognitions

🥇 Gold Medal – Bharat Gaurav Samman for excellence in Astrology, Spiritual Science & Social Development.

🌍 Worldwide Book of Records recognition for spiritual contribution and global awareness.

🏆 International Futuristic Award for bridging technology and spirituality through education.

📜 Honorary Doctorate in Spiritual Science & Social Work recognizing his contribution to astrology and public service.

 

💫 Vision & Mission

Vision:
To make ancient Sanatan knowledge accessible to every modern soul through science, technology, and compassion.

Mission:
To empower individuals spiritually, emotionally, and intellectually — enabling them to achieve success with peace, purpose, and dharmic awareness.

💻 Digital Presence & Social Impact

Dr. Gaurav Saxena actively shares his insights on social media, reaching thousands through motivational content, astrological predictions, and educational videos.
His digital presence reflects authenticity, positivity, and real human connection — inspiring youth to rediscover faith through understanding, not fear.

🌐 Website: www.bhagwatpraptisandesh.com

📧 Email: info@bhagwatpraptisandesh.com

📞 Contact: +91 9129950235

📍 Address: House No. 95/9, Chandreshwar Compound, Parade, Kanpur Nagar, Uttar Pradesh – 208001

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🌟 Closing Note

“Bhagwat Prapti Sandesh Pvt. Ltd.” is not just an organization — it is a movement to bring spiritual truth, emotional healing, and intellectual awakening to modern society.
Led by Dr. Gaurav Saxena, it symbolizes the powerful fusion of ancient dharma and digital innovation, guiding humanity “From Sanatan Roots for Modern Souls.”

 

 

झारखंड में दुरंतो एक्सप्रेस पर पथराव, एसी कोच का शीशा तोड़कर अंदर आया पत्थर

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डेस्क। झारखंड (Jharkhand) के पश्चिम सिंहभूम जिले (West Singhbhum District) में चलती ट्रेन (Train) पर पत्थरबाजी की घटना सामने आई है। देश में इससे पहले भी ट्रेन पर पत्थरबाजी की कई घटनाएं सामने आई हैं और इन्हें रोकने के लिए प्रशासन की तरफ से कई प्रयास भी किए गए हैं। हालांकि, अब तक ऐसी घटनाओं पर पूरी तरह से रोक नहीं लगी है। ताजा मामले में भी ट्रेन के अंदर बैठा एक व्यक्ति घायल हो गया। घायल व्यक्ति का प्राथमिक इलाज करने के बाद ट्रेन को रवाना किया गया।

जानकरी के अनुसार पत्थर ट्रेन की ए-4 बोगी पर लगा। यह पत्थर खिड़की का शीशा तोड़ते हुए अंदर आ गया और 33 नंबर सीट पर बैठे एक यात्री को लगा। घटना के तुरंत बाद रेलवे सुरक्षा बल को सूचना दी गई, ट्रेन को रोका गया और चेकिंग की गई। बताया गया कि ट्रेन की खिड़की में लगे कांच बेहद मजबूत होते हैं। आमतौर पर वह आसानी से नहीं टूटते, लेकिन ट्रेन बेहत तेज गति से चल रही थी। इस वजह से कांच टूट गया।

मोतिहारी के प्रेरणास्रोत शिक्षक – विशाल सर की सफलता की कहानी

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बिहार के मोतिहारी से आने वाले विशाल सर, जिन्हें छात्र स्नेहपूर्वक “विशाल सर” के नाम से जानते हैं, आज शिक्षा जगत में एक प्रेरणास्रोत बन चुके हैं। 12 अप्रैल 1995 को जन्मे विशाल सर ने अपने समर्पण, मेहनत और लगन से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के क्षेत्र में नई पहचान बनाई है — खासकर JEE, NEET और CUET जैसी राष्ट्रीय परीक्षाओं में।

🌱 प्रारंभिक जीवन और शिक्षा

विशाल सर का बचपन एक साधारण मध्यमवर्गीय परिवार में बीता। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा केन्द्रीय विद्यालय, मोतिहारी से पूरी की। कक्षा 10वीं में उन्होंने 10/10 CGPA प्राप्त किया और 12वीं में 500 में से 465 अंक हासिल कर जिला स्तर पर दूसरा स्थान प्राप्त किया।

इसके बाद उन्होंने JEE Main परीक्षा में 11,283वीं रैंक और 197/360 अंक के साथ शानदार प्रदर्शन किया। फिर उन्होंने NIT पटना से मशीन टेक्नोलॉजी में बी.टेक. किया और 8.6 CGPA के साथ वर्ष 2017 में स्नातक की उपाधि प्राप्त की।

कॉलेज के दिनों में वे पटना के एक प्रसिद्ध NGO “Sankalp” से जुड़े, जहाँ वे आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को मुफ्त शिक्षा देने का कार्य करते थे। यहीं से विशाल सर के भीतर शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन का माध्यम बनाने की भावना मजबूत हुई।


🎯 करियर की शुरुआत और प्रेरणा

स्नातक के बाद विशाल सर ने मुंबई की Avanti Classes में JEE के छात्रों को भौतिकी (Physics) पढ़ाना शुरू किया। उनकी स्पष्ट और सरल शिक्षण शैली ने जल्द ही छात्रों का ध्यान खींच लिया।

इसके बाद उन्होंने BYJU’S, Unacademy और Basidia Learning जैसे प्रमुख ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म्स के साथ काम किया, जहाँ उन्होंने हजारों छात्रों को अपनी शिक्षा और प्रेरणा से प्रभावित किया।

2019 में उन्होंने अपने गृह जिले में “Vishal JEE NEET Classes” की स्थापना की। उनका उद्देश्य था – छोटे शहरों के छात्रों को भी कोटा जैसी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा किफायती दरों पर उपलब्ध कराना। आज यह संस्थान मोतिहारी ही नहीं, बल्कि आसपास के जिलों में भी अपनी उत्कृष्ट सफलता दर के लिए जाना जाता है।


📘 शिक्षण शैली और मूल्य

विशाल सर की शिक्षण पद्धति केवल किताबों तक सीमित नहीं है। वे प्रत्येक छात्र की कमजोरियों को पहचानकर उस पर कार्य करते हैं।
वे नियमित साप्ताहिक टेस्ट, प्रेरणादायक सेशन और योजनाबद्ध पाठ्यक्रम के ज़रिए छात्रों की प्रगति पर नज़र रखते हैं।

उनका मानना है कि –

“सफलता सिर्फ ज्ञान से नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, धैर्य और निरंतर अभ्यास से मिलती है।”

उनकी यही सोच छात्रों को हर परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करती है।


🏆 उपलब्धियाँ और समाज सेवा

2023 में उनकी छात्रा अंवेशा झा ने कक्षा 10 में इतिहास विषय में सर्वाधिक अंक प्राप्त कर मोतिहारी का नाम रोशन किया।
उनका कोचिंग संस्थान अब तक कई छात्रों को AIIMS, IIT और NIT जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में प्रवेश दिला चुका है।

इसके साथ ही विशाल सर आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए मुफ्त शिक्षा योजना भी चला रहे हैं, ताकि हर बच्चे को सीखने का समान अवसर मिल सके।


🌟 दृष्टि और प्रेरणा

विशाल सर का मानना है कि शिक्षा केवल अंकों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि यह छात्रों को आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी बनाती है। उनका लक्ष्य है कि हर छात्र अपनी वास्तविक क्षमता पहचान सके और जीवन में आगे बढ़े।

वे कहते हैं –

“शिक्षा समानता लाती है, और समानता से ही एक सशक्त समाज बनता है।”


💫 निष्कर्ष

विशाल सर सिर्फ एक शिक्षक नहीं, बल्कि एक मार्गदर्शक और प्रेरक व्यक्तित्व हैं। उन्होंने यह साबित किया है कि सच्ची लगन, ईमानदारी और उद्देश्यपूर्ण शिक्षा से किसी भी छोटे शहर से बड़ा बदलाव लाया जा सकता है।

उनकी कहानी हमें यह सिखाती है कि –

“संसाधन कम हों तो भी लक्ष्य बड़ा रखो, क्योंकि शिक्षा ही वह प्रकाश है जो अंधकार में भी राह दिखाती है।”

विशाल सर की जीवनगाथा उन सभी युवाओं के लिए प्रेरणा है जो मेहनत और विश्वास के साथ अपनी मंज़िल तक पहुँचने का सपना देखते हैं।

Website https://vishaljeeneetclasses.com/

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हैदराबाद-बेंगलुरु हाईवे पर भीषण हादसा, बाइक से टक्कर के बाद बस में लगी आग, 11 लोगों की मौत

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कर्नूल. कर्नूल (Kurnool) जिले के कल्लूर मंडल के चिन्णाटेकुर इलाके में शुक्रवार तड़के एक दर्दनाक सड़क हादसा (road accident) हुआ, जब हैदराबाद (Hyderabad) से बेंगलुरु (Bengaluru) जा रही कावेरी ट्रैवल्स की बस अचानक आग की चपेट में आ गई. हादसा इतना भयानक था कि पूरी बस कुछ ही मिनटों में जलकर राख हो गई. इस हादसे में 11 लोगों की अब तक मौत हो चुकी है. साथ ही कई गंभीर रूप से जल गए हैं.

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हाईवे पर बस की टक्कर एक दोपहिया वाहन से हुई, जिसके बाद आग लग गई. हादसे के समय बस में दर्जनों यात्री सवार थे. आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, कई लोगों के हादसे में मौत हो गई है, जबकि लगभग दर्जन भर यात्री किसी तरह इमरजेंसी एग्जिट से बाहर निकलने में सफल रहे. सभी घायलों को इलाज के लिए कर्नूल सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार जारी है.

स्थानीय लोगों और पुलिस ने मिलकर राहत-बचाव कार्य शुरू किया. फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने में जुटी. हादसे के बाद हाईवे पर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया. पुलिस ने क्षेत्र को घेर कर जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि बस में कुल कितने यात्री सवार थे.

मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने जताया शोक
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए शोक ज़ाहिर की. उन्होंने लिखा कि चिन्णाटेकुर इलाके में बस हादसे की खबर सुनकर बहुत दुख हुआ. इस दर्दनाक हादसे में जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति मेरी गहरी संवेदना है. सरकार घायलों और पीड़ित परिवारों को पूरी मदद देगी.

आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वाईएसआरसीपी सुप्रीमो वाई एस जगनमोहन रेड्डी ने भी सड़क हादसे पर दुख जताया है. एक्स पर पोस्ट करते हुए उन्होंने लिखा कि कुर्नूल जिले के चिन्णाटेकुर के पास हुई बस हादसे की खबर बहुत दुखद है. इस हादसे में जिन परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति मेरी गहरी संवेदना है. मैं सरकार से अपील करता हूं कि घायलों और प्रभावित लोगों को पूरी मदद और इलाज की सुविधा दी जाए.

कुर्नूल SP ने  बताया कि ये हादसा सुबह क़रीब 3:30 बजे हुई. हादसे के वक्त बस में 40 यात्री सवार थे. 18 यात्री सुरक्षित हैं. 10 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. घटना स्थल की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैलने लगे हैं, जिससे पूरे राज्य में शोक और चिंता का माहौल है. इस हादसे ने एक बार फिर लंबी दूरी के निजी बस संचालन में सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

दिवाली के बाद पुलिस का एक्शन, पटाखे फोड़ने और हुड़दंग करने पर 400 से ज्यादा गिरफ्तार

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कोलकाता: कोलकाता पुलिस (Kolkata Police) ने दिवाली के एक दिन बाद को अभद्र व्यवहार (Indecent Behavior) करने और प्रतिबंधित पटाखे (Banned Firecrackers) जलाने समेत कानून (Law) का उल्लंघन करने के लिए 316 लोगों को गिरफ्तार किया. एक अधिकारी ने बताया कि मंगलवार को छापेमारी के दौरान 180 किलोग्राम से ज्यादा प्रतिबंधित पटाखे और 30 लीटर से ज्यादा अवैध शराब भी जब्त की गई. पुलिस ने अभद्र व्यवहार करने के लिए 273 और प्रतिबंधित पटाखे जलाने के लिए 43 लोगों को गिरफ्तार किया. उन्होंने बताया कि कोलकाता यातायात पुलिस ने मंगलवार को विभिन्न अपराधों के लिए 366 लोगों के चालान काटे.

वहीं कोलकाता पुलिस ने दिवाली के बाद दूसरे दिन हुए जश्न के दौरान विभिन्न कानूनों के उल्लंघन करने के आरोप में 153 अन्य लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें अनुचित व्यवहार और प्रतिबंधित आतिशबाजी छोड़ना शामिल है. गुरुवार (23 अक्टूबर, 2025) को एक अधिकारी ने ये जानकारी दी. बुधवार को की गई कुल गिरफ्तारियों में से 146 लोगों को अभद्र व्यवहार के लिए गिरफ्तार किया गया, जबकि सात लोगों को प्रतिबंधित पटाखे फोड़ने के लिए गिरफ्तार किया गया. अधिकारी ने बताया कि जुए से संबंधित किसी भी अपराध के तहत कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है. साथ ही पुलिस ने इस दौरान 383 यातायात अभियोग भी शुरू किए.

जय बाबा केदार… शीतकाल के लिए बंद हुए केदारनाथ धाम के कपाट

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डेस्क। उत्तराखंड (Uttarakhand) के केदारनाथ मंदिर (Kedarnath Temple) के कपाट आज से शीतकाल (Winter) के लिए बंद कर दिए गए। इस मौके पर केदारनाथ धाम में भारी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। आज भाई दूज के मौके पर सुबह करीब 8:30 बजे अगले छह महीने के लिए केदारनाथ धाम के कपाट बंद कर दिए गए। हजारों श्रद्धालुओं ने भी बाबा के दर्शन किए। इस दौरान पूरी केदारघाटी हर हर महादेव और जय बाबा केदार के जयघोष से गूंज उठी। इस मौके पर सीएम पुष्कर सिंह धामी भी मौजूद रहे। वहीं, यमुनोत्री धाम के कपाट आज दोपहर 12:30 बजे शीतकाल के लिए बंद होंगे।

अब 6 महीने तक बाबा केदार की पूजा शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ में होगी। कपाट बंद होने के बाद भगवान शिव की चल डोली शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर, ऊखीमठ के लिए रवाना होगी। यात्रा के पहले दिन, यानी आज डोली रामपुर में रात्रि विश्राम करेगी। इसके बाद 24 अक्टूबर को गुप्तकाशी पहुंचेगी। तीसरे दिन 25 अक्टूबर को डोली अपने शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर, ऊखीमठ पहुंचेगी। यहां बाबा केदार की पूजा-अर्चना और दर्शन की व्यवस्था पूरे 6 महीने तक की जाएगी।

जोगेश्वरी वेस्ट में JMS बिजनेस सेंटर में लगी आग, राहत और बचाव कार्य जारी

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मुंबई। मुंबई (Mumbai) के जोगेश्वरी पश्चिम इलाके में जेएमएस बिजनेस सेंटर (JMS Business Center) में गुरुवार को भीषण आग (Massive Fire) लग गई। आग बुझाने का काम जारी है। इमारत की सबसे ऊपरी मंजिल पर लोग फंसे हुए दिखाई दे रहे हैं।

गौ रक्षक की हत्या के बाद हैदराबाद में बवाल, तेलंगाना BJP अध्यक्ष को पुलिस ने किया गिरफ्तार

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हैदराबाद: जय श्री राम, जय गौ माता और भारत माता की जय के नारों के साथ गाय और गौ रक्षकों (Cow Protectors) की सुरक्षा की मांग करते हुए सरकार का विरोध करने पर तेलंगाना (Telangana) के बीजेपी नेताओं (BJP Leaders) को गिरफ्तार (Arrest) कर लिया गया. ये गिरफ्तारियां डीजीपी कार्यालय पर विरोध प्रदर्शन के दौरान हुईं.

तेलंगाना बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष एन. रामचंद्र रावू को आज हैदराबाद पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. यह कार्रवाई तब हुई, जब वे और उनके समर्थक गोरक्षकों पर हुए कथित हमले के आरोपी एआईएमआईएम पार्टी के एक नेता और उनके सहयोगियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर डीजीपी कार्यालय की ओर विरोध मार्च का नेतृत्व कर रहे थे. इस घटना के बाद से राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं.

बीजेपी का आरोप है कि हैदराबाद में गोरक्षक पर एक संगठित तरीके से हमला किया गया, जिसमें कथित रूप से एआईएमआईएम के एक स्थानीय नेता की महत्वपूर्ण भूमिका बताई जा रही है. पार्टी का दावा है कि राज्य सरकार, एआईएमआईएम के दबाव में आकर दोषियों को बचाने का प्रयास कर रही है, जिससे गोरक्षकों में गहरा आक्रोश है. रावू का मार्च इसी आक्रोश को व्यक्त करने और न्याय की मांग को लेकर था.

पुलिस ने बिना किसी पूर्व सूचना के प्रदर्शन करने और धारा 144 का उल्लंघन करने के आरोप में रावू सहित कई अन्य कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया. हालांकि, भाजपा नेताओं ने इस कार्रवाई को पूरी तरह से राजनीति से प्रेरित बताया है. उन्होंने कहा कि जब वे शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांग उठा रहे थे तो पुलिस ने उन पर लाठीचार्ज किया और उन्हें रोकने के लिए बल प्रयोग किया, जो लोकतंत्र की हत्या है.

यह घटना तेलंगाना में भाजपा और एआईएमआईएम के बीच बढ़ते राजनीतिक घमासान को दर्शाती है. बीजेपी गो-संरक्षण और कानून व्यवस्था के मुद्दे पर एआईएमआईएम को घेरने की रणनीति पर काम कर रही है, जबकि एआईएमआईएम इसे सांप्रदायिक तनाव फैलाने का प्रयास करार देती रही है. रावू की गिरफ्तारी ने इस सियासी लड़ाई को एक नया मोड़ दिया है.