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Wednesday, September 16, 2026
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मोतिहारी के प्रेरणास्रोत शिक्षक – विशाल सर की सफलता की कहानी

बिहार के मोतिहारी से आने वाले विशाल सर, जिन्हें छात्र स्नेहपूर्वक “विशाल सर” के नाम से जानते हैं, आज शिक्षा जगत में एक प्रेरणास्रोत बन चुके हैं। 12 अप्रैल 1995 को जन्मे विशाल सर ने अपने समर्पण, मेहनत और लगन से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के क्षेत्र में नई पहचान बनाई है — खासकर JEE, NEET और CUET जैसी राष्ट्रीय परीक्षाओं में।

🌱 प्रारंभिक जीवन और शिक्षा

विशाल सर का बचपन एक साधारण मध्यमवर्गीय परिवार में बीता। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा केन्द्रीय विद्यालय, मोतिहारी से पूरी की। कक्षा 10वीं में उन्होंने 10/10 CGPA प्राप्त किया और 12वीं में 500 में से 465 अंक हासिल कर जिला स्तर पर दूसरा स्थान प्राप्त किया।

इसके बाद उन्होंने JEE Main परीक्षा में 11,283वीं रैंक और 197/360 अंक के साथ शानदार प्रदर्शन किया। फिर उन्होंने NIT पटना से मशीन टेक्नोलॉजी में बी.टेक. किया और 8.6 CGPA के साथ वर्ष 2017 में स्नातक की उपाधि प्राप्त की।

कॉलेज के दिनों में वे पटना के एक प्रसिद्ध NGO “Sankalp” से जुड़े, जहाँ वे आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को मुफ्त शिक्षा देने का कार्य करते थे। यहीं से विशाल सर के भीतर शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन का माध्यम बनाने की भावना मजबूत हुई।


🎯 करियर की शुरुआत और प्रेरणा

स्नातक के बाद विशाल सर ने मुंबई की Avanti Classes में JEE के छात्रों को भौतिकी (Physics) पढ़ाना शुरू किया। उनकी स्पष्ट और सरल शिक्षण शैली ने जल्द ही छात्रों का ध्यान खींच लिया।

इसके बाद उन्होंने BYJU’S, Unacademy और Basidia Learning जैसे प्रमुख ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म्स के साथ काम किया, जहाँ उन्होंने हजारों छात्रों को अपनी शिक्षा और प्रेरणा से प्रभावित किया।

2019 में उन्होंने अपने गृह जिले में “Vishal JEE NEET Classes” की स्थापना की। उनका उद्देश्य था – छोटे शहरों के छात्रों को भी कोटा जैसी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा किफायती दरों पर उपलब्ध कराना। आज यह संस्थान मोतिहारी ही नहीं, बल्कि आसपास के जिलों में भी अपनी उत्कृष्ट सफलता दर के लिए जाना जाता है।


📘 शिक्षण शैली और मूल्य

विशाल सर की शिक्षण पद्धति केवल किताबों तक सीमित नहीं है। वे प्रत्येक छात्र की कमजोरियों को पहचानकर उस पर कार्य करते हैं।
वे नियमित साप्ताहिक टेस्ट, प्रेरणादायक सेशन और योजनाबद्ध पाठ्यक्रम के ज़रिए छात्रों की प्रगति पर नज़र रखते हैं।

उनका मानना है कि –

“सफलता सिर्फ ज्ञान से नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, धैर्य और निरंतर अभ्यास से मिलती है।”

उनकी यही सोच छात्रों को हर परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करती है।


🏆 उपलब्धियाँ और समाज सेवा

2023 में उनकी छात्रा अंवेशा झा ने कक्षा 10 में इतिहास विषय में सर्वाधिक अंक प्राप्त कर मोतिहारी का नाम रोशन किया।
उनका कोचिंग संस्थान अब तक कई छात्रों को AIIMS, IIT और NIT जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में प्रवेश दिला चुका है।

इसके साथ ही विशाल सर आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए मुफ्त शिक्षा योजना भी चला रहे हैं, ताकि हर बच्चे को सीखने का समान अवसर मिल सके।


🌟 दृष्टि और प्रेरणा

विशाल सर का मानना है कि शिक्षा केवल अंकों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि यह छात्रों को आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी बनाती है। उनका लक्ष्य है कि हर छात्र अपनी वास्तविक क्षमता पहचान सके और जीवन में आगे बढ़े।

वे कहते हैं –

“शिक्षा समानता लाती है, और समानता से ही एक सशक्त समाज बनता है।”


💫 निष्कर्ष

विशाल सर सिर्फ एक शिक्षक नहीं, बल्कि एक मार्गदर्शक और प्रेरक व्यक्तित्व हैं। उन्होंने यह साबित किया है कि सच्ची लगन, ईमानदारी और उद्देश्यपूर्ण शिक्षा से किसी भी छोटे शहर से बड़ा बदलाव लाया जा सकता है।

उनकी कहानी हमें यह सिखाती है कि –

“संसाधन कम हों तो भी लक्ष्य बड़ा रखो, क्योंकि शिक्षा ही वह प्रकाश है जो अंधकार में भी राह दिखाती है।”

विशाल सर की जीवनगाथा उन सभी युवाओं के लिए प्रेरणा है जो मेहनत और विश्वास के साथ अपनी मंज़िल तक पहुँचने का सपना देखते हैं।

Website https://vishaljeeneetclasses.com/

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