कैटरीना कैफ और विक्की कौशल बने माता-पिता, एक्ट्रेस ने दिया बेटे को जन्म

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Katrina Kaif-Vicky Kaushal Welcome Baby Boy:  बॉलीवुड से इस वक्त सबसे बड़ी खुशखबरी सामने आई है। सुपरस्टार कैटरीना कैफ और विक्की कौशल माता-पिता बन गए हैं। दोनों के घर नन्हें मेहमान की किलकारियां गूंजी हैं। कैटरीना कैफ ने एक बेबी बॉय (बेटे) को जन्म दिया है, जिससे पूरे परिवार में खुशी का माहौल है।

इस खुशखबरी की पुष्टि खुद विक्की कौशल ने सोशल मीडिया के जरिए की। उन्होंने इंस्टाग्राम पर पोस्ट साझा करते हुए लिखा, “हमारी खुशियों का खिलौना आ चुका है, हम बेहद खुश हैं। भगवान का शुक्रिया कि उन्होंने हमें बेटा दिया।” इस पोस्ट के सामने आने के बाद बॉलीवुड से लेकर फैंस तक हर कोई कपल को ढेर सारी शुभकामनाएं दे रहा है।

गौरतलब है कि कैटरीना और विक्की ने 23 सितंबर 2025 को अपने पहले बच्चे के आने की घोषणा की थी। उस समय दोनों ने इंस्टाग्राम पर लिखा था कि वे “खुशी और कृतज्ञता से भरे दिलों के साथ अपने जीवन का सबसे सुंदर अध्याय शुरू करने जा रहे हैं।”

कैटरीना-विक्की की लव स्टोरी और शादी
कैटरीना कैफ और विक्की कौशल की जोड़ी बॉलीवुड की सबसे चर्चित जोड़ियों में से एक है। दोनों का नाम साल 2019 में जुड़ा था जब विक्की ने एक चैट शो में मजाकिया अंदाज में कैटरीना को प्रपोज किया था। इसके बाद शो ‘कॉफी विद करण’ में भी विक्की ने खुलकर कैटरीना के प्रति अपनी भावनाएं जताई थीं।

आखिरकार, 9 दिसंबर 2021 को इस कपल ने राजस्थान में एक शानदार डेस्टिनेशन वेडिंग की थी। शादी में सिर्फ परिवार और करीबी दोस्तों को बुलाया गया था, और ‘नो फोन पॉलिसी’ के चलते इस समारोह की बहुत कम तस्वीरें सामने आई थीं।

 

छात्रसंघ चुनाव में लेफ्ट ने चारों सीटों पर दर्ज की जीत

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नई दिल्ली। दिल्ली की जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) के छात्रसंघ चुनाव में एक बार फिर लेफ्ट ने बाजी मार ली है। चारों पदों पर लेफ्ट के उम्मीदवारों की जीत हुई है। अध्यक्ष पद पर लेफ्ट की अदिति मिश्रा ने जीत का परचम लहराया है। अध्यक्ष पद पर लेफ्ट पद अदिति मिश्रा ने एबीवीपी के विकास पटेल को हराया है। वहीं उपाध्यक्ष पद पर लेफ्ट की के. गोपिका ने एबीवीपी की तान्या कुमारी को पराजित किया है। इसके अलावा महासचिव पद लेफ्ट के पर सुनील यादव ने एबीवीपी के राजेश्वर कांत दुबे को शिकस्त दी है। साथ ही संयुक्त सचिव पद पर लेफ्ट के दानिश अली ने अनुज दमारा को हराया है। पिछले वर्ष एबीवीपी ने एक दशक बाद जेएनयू छात्रसंघ के सेंट्रल पैनल में संयुक्त सचिव का पद जीतकर बड़ी वापसी की थी। 2015 में एबीवीपी ने आखिरी बार यह पद जीता था, जिसके बाद कई वर्षों तक वामपंथी संगठनों ने लगातार सभी प्रमुख पदों पर कब्जा बनाए रखा और हर बार क्लीन स्वीप किया। पिछले साल एबीवीपी की जीत को उसके लिए एक बड़ा मनोबल माना गया था। लेकिन ताज़ा रुझान बताते हैं कि जेएनयू में वामपंथ का मजबूत आधार अभी भी कायम है।  इस बार फिर सेंट्रल पैनल पर वामपंथी गठजोड़ ने स्पष्ट बढ़त बना ली है और चुनावी तस्वीर एक बार फिर उनके पक्ष में जाती दिख रही है। 2015 के बाद पहली बार मिली एबीवीपी की पिछली जीत के बावजूद, इस साल जेएनयू में वामपंथ ने एक बार फिर क्लीन स्वीप कर लिया है।

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दोनों हाथ नहीं, लेकिन पैरों से करती हैं कमाल! शीतल देवी ने बनाई भारत की टीम में जगह

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नई दिल्ली: वर्ल्ड पैरा तीरंदाजी चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतने वाली शीतल देवी का सपना आखिरकार पूरा हो गया है. पिछले साल नवंबर में अमिताभ बच्चन के लोकप्रिय टेलीविजन शो ‘कौन बनेगा करोड़पति’ के दौरान जन्म से ही बिना हाथ के पैरा तीरंदाज शीतल देवी ने अपनी दिली इच्छा जाहिर की थी. उनका कहना था कि एक दिन वो एबल-बॉडी एथलीटों के साथ सबसे ऊंचे लेवल पर मुकाबला करेंगी. अब ठीक एक साल बाद नवंबर 2025 में उनका सपना एक शानदार हकीकत बन गया है.

शीतल देवी ने इस टीम में बनाई जगह
शीतल देवी जेद्दा में होने वाली आगामी एशिया कप स्टेज 3 के लिए भारतीय एबल-बॉडी जूनियर टीम चुनी गई हैं. ये किसी भी भारतीय पैरा-एथलीट के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है. वो एबल बॉडी जूनियर टीम में शामिल होने वाली पहली भारतीय पैरा तीरंदाज बन गई हैं.टीम में चुने जाने पर शीतल देवी ने सोशल मीडिया पर लिखा, “जब मैंने खेलना शुरू किया तो मेरा एक छोटा सा सपना था-एक दिन सक्षम तीरंदाजों के साथ मुकाबला करना. मैं पहले सफल नहीं हुई, लेकिन मैंने हार नहीं मानी, हर हार से सीखा. आज वो सपना एक कदम और करीब आ गया है”.

नेशनल सेलेक्शन ट्रॉयल्स में किया शानदार प्रदर्शन
हरियाणा के सोनीपत में हुए नेशनल सेलेक्शन ट्रॉयल्स में एक जैसी परिस्थितियों में 60 से ज्यादा एबल-बॉडी तीरंदाजों के बीच मुकाबला करते हुए 18 साल की शीतल ने चार दिनों के मुकाबले के बाद तीसरा स्थान हासिल किया. उन्होंने क्वालिफिकेशन राउंड में कुल 703 अंक (352+351) हासिल किए, जो टॉप क्वालिफायर तेजल साल्वे के शानदार कुल अंकों के बराबर था. फाइनल रैंकिंग में तेजल ने 15.75 अंकों के साथ पहला स्थान हासिल किया, वैदेही जाधव ने 15 अंकों के साथ दूसरा स्थान हासिल किया और शीतल ने महाराष्ट्र की ज्ञानेश्वरी गाडधे (11.5) को पछाड़कर 11.75 अंकों के साथ तीसरा स्थान हासिल किया.

कटरा में शुरू की थी तीरंदाजी की ट्रेनिंग
कटरा में श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में ट्रेनिंग लेने वाली शीतल पहले ही पैरा तीरंदाजी में पहली महिला बिना हाथों वाली वर्ल्ड चैंपियन बनकर इतिहास रच चुकी हैं. हालांकि पेरिस पैरालंपिक के बाद की यात्रा, जहां उन्होंने मिक्स्ड टीम इवेंट में ब्रॉन्ज मेडल जीता था, बहुत मुश्किल थी. पेरिस के बाद शीतल पटियाला चली गईं और कोच गौरव शर्मा से ट्रेनिंग लेने लगीं.

गौरव शर्मा ने वर्ल्ड आर्चरी के एक नियम में बदलाव के बाद उन्हें अपनी शूटिंग का तरीका फिर से बनाने में मदद की, जिसमें एड़ी को धनुष से छूने की इजाजत नहीं थी. इस बदलाव के लिए केवल पैर के अंगूठे और अगले हिस्से का इस्तेमाल करके शूट करने के लिए एडजस्टमेंट की जरूरत थी. गौरव शर्मा ने PTI को बताया, “उसे शुरू से शुरुआत करनी पड़ी. नए तरीके के लिए बहुत ज्यादा कंट्रोल और स्टेबिलिटी की जरूरत थी. कई दिन ऐसे थे जब उसके पैर में दर्द होती थी, लेकिन उसने कभी हार नहीं मानी.

बाहरी बातों पर ध्यान नहीं दिया
एक और पोस्ट में शीतल देवी ने लिखा था कि कैसे उन्होंने अपने मुश्किल दौर में बाहरी बातों पर ध्यान नहीं दिया? उन्होंने लिखा कि इस साल की शुरुआत में मैं एक मुश्किल दौर से गुजरी. मैंने प्रैक्टिस सेशन मिस किए, मैच हारे और तभी फुसफुसाहट शुरू हुई कि उसका समय बीत गया.

नए नियमों ने मुझे फिर से बेसिक से शुरू करने पर मजबूर कर दिया. मैंने बाहरी बातों पर ध्यान नहीं दिया. मेरे कोच ने मुझसे कहा कि हमें किसी को जवाब नहीं देना है… हमारा तीर जवाब देगा. सितंबर में ग्वांगझू में वो पैरा वर्ल्ड कंपाउंड चैंपियन बन गईं.

एक साल पहले शुरू की तैयारी
गौरव शर्मा ने बताया कि शीतल की तैयारी लगभग एक साल पहले शुरू हुई थी. वो हमेशा सुलझी हुई और फोकस्ड रहती है, सच कहूं तो जब फाइनल लिस्ट आई तो मैं हैरान रह गया. ये अप्रत्याशित और अविश्वसनीय है. एक पैरा-एथलीट देश के सबसे अच्छे एबल-बॉडी तीरंदाजों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर मुकाबला कर रही है. शर्मा ने आगे कहा कि उनका अगला लक्ष्य शीतल के पैरा और एबल-बॉडी कैंपेन के बीच बैलेंस बनाना है. अगले साल एशियन पैरा गेम्स हमारा मुख्य फोकस होगा, इसमें कोई शक नहीं, लेकिन हम उसे एबल-बॉडी सीनियर इवेंट के लिए भी ट्रॉयल देने का प्लान बना रहे हैं और देखेंगे कि वो कैसा परफॉर्म करती है?

इनसे मिली प्रेरणा
शीतल को तुर्की की ओज्नुर क्यूर गिर्दी से भी शुरुआती प्रेरणा मिली, जो मौजूदा पैरालंपिक चैंपियन हैं और उन्होंने वर्ल्ड कप और वर्ल्ड गेम्स में एबल-बॉडी इवेंट्स में हिस्सा लिया है. ओज्नुर ने मई में इस्तांबुल 2025 कॉन्क्वेस्ट कप में एबल-बॉडी कॉम्पिटिशन में अपना पहला मेडल जीता था.

टीमें
रिकर्व (मेंस):
रामपाल चौधरी (AAI), रोहित कुमार (उत्तर प्रदेश), मयंक कुमार (हरियाणा) महिला: कोंडापावुलुरी युक्ता श्री (आंध्र प्रदेश), वैष्णवी कुलकर्णी (महाराष्ट्र), कृतिका बिचपुरिया (मध्य प्रदेश).

कंपाउंड (मेंस): प्रद्युम्न यादव, वासु यादव, देवांश सिंह (सभी राजस्थान) महिला: तेजल साल्वे, वैदेही जाधव (दोनों महाराष्ट्र), शीतल देवी (जम्मू और कश्मीर)

बिहार में 5 प्रतिशत अतिरिक्त मतदान होते ही बदलती रहीं सरकारें, पहले चरण में 8 प्रतिशत हुआ ज्यादा मतदान

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पटना। बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण के 18 ज़िलों की 121 सीटों पर उतरे 1314 उम्मीदवारों की किस्मत ईवीएम में कैद हो गई है। गुरुवार को पहले चरण में मतदाताओं का उत्साह ज़बरदस्त देखने को मिला। पहले फेज की 121 सीटों पर 64.69 फीसदी लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया, जो पिछले चुनाव से करीब साढ़े आठ फीसदी मतदान ज्यादा हुआ है।
चुनाव आयोग के मुताबिक पहले फेज की 121 सीटों पर 64.69 फीसदी मतदान रहा जबकि 2020 के विधानसभा चुनाव में इन सीटों पर 56 फीसदी के करीब मतदान रहा। इस लिहाज़ से देखें तो वोटिंग पैटर्न कहता है कि पिछले चुनाव से करीब साढ़े आठ फ़ीसदी वोटिंग ज़्यादा हुई है। इस बार चुनाव में जिस तरह से मतदान बढ़ा है, उससे सियासी दलों की धड़कनें बढ़ गई हैं। बिहार की सियासत में इस बार के मतदान को अभूतपूर्व माना जा रहा है, क्योंकि प्रदेश के इतिहास में यह सर्वाधिक वोटिंग है। साल 2020 में पहले चरण में 56.1 फीसदी वोटिंग हुई, लेकिन उस समय पहले फेज में 71 सीटों पर चुनाव हुए थे जबकि इस बार 121 सीट पर चुनाव हुए हैं।
2020 में पहले फेज में 3.70 करोड़ कुल वोटर थे, जिसमें से 2.06 करोड़ ने वोट किया था। लेकिन अबकी बार पहले फेज में कुल 3.75 करोड़ वोटर हैं, जो पिछली बार से 5 लाख अधिक हैं। इस बार की पहले चरण में 64.69 फासदी वोटिंग हुई। अब सियासी दल इस बढ़े वोटिंग पैटर्न को अपने-अपने लिहाज से मुफीद बता रहे हैं। बिहार में इससे पहले 1951-52 से 2020 तक सबसे अधिक 2000 के विधानसभा चुनाव में 62.57 फीसदी वोट पड़े थे जबकि 1951-52 से 2024 तक हुए लोकसभा चुनाव में बिहार में सबसे अधिक 1998 में 64।60 फीसदी मतदान हुआ था, जो कि इस बार बिहार में पहले चरण की सीटों पर हुए वोटिंग ने इसे भी पछाड़ दिया।
वोटिंग फीसदी के घटने-बढ़ने का सीधा-सीधा असर चुनाव के नतीजों पर भी पड़ता है। भारत के चुनावी इतिहास में आमतौर पर माना जाता है कि जब वोटिंग ज़्यादा होती है, तो जनता बदलाव (एंटी इंकम्बेंसी) चाहती है। लेकिन ऐसा हर बार नहीं होता। चुनाव में देखा गया है कि कई बार अधिक मतदान का मतलब सरकार के प्रति समर्थन (प्रो इंकम्बेंसी) भी रहती है। मतलब साफ है कि वोटर्स की ये सक्रियता किस दिशा में जाएगी, यह कहना अभी जल्दबाजी होगी। एसआईआर के बाद पहली बार चुनाव हुए हैं। एसआईआर में तमाम वोट काटे गए हैं तो कुछ नए वोट जोड़े गए हैं। इस तरह फर्जी वोटर हटाए जाने की वजह से भी वोटिंग बढ़ने का कारण माना जा रहा है, लेकिन बिहार में जब-जब वोटिंग बढ़ी है तो सत्ता बदल जाती है।
बिहार में वोटिंग बढ़ने से बदली सरकार
बिहार में विधानसभा चुनाव की बात की जाए तो 1951-52 से 2020 तक केवल तीन बार ही 60 फीसदी से अधिक वोटिंग हुई। 1990 में 62।04, 1995 में 61.79 और अब से पहले सबसे अधिक रिकॉर्ड 2020 में 62.57 वोट पड़े थे, लेकिन इस बार सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। अभी पहले चरण में 64.69 फ़ीसदी वोटिंग रही है। ऐसे ही अगले चरण में वोटिंग हुई तो बिहार के इतिहास में यह अपने आप में एक रिकॉर्ड होगा। बिहार में अभी तक सबसे कम 42.60 फ़ीसदी भी 1951-52 में ही वोट पड़े थे।
कैसे बदल जाती है सरकार
बिहार में सबसे पहले 1967 के चुनाव में वोटिंग में इजाफा हुआ तो सरकार बदली। 1962 में 44.5 फ़ीसदी वोटिंग के मुकाबले 1967 में 51.5 फीसदी मतदान रहा। इस तरह 7 फ़ीसदी वोटिंग ज़्यादा हुई थी और कांग्रेस के हाथों से सरकार निकल गई थी बिहार में पहली बार गैर-कांग्रेसी दलों ने मिलकर सरकार बनाई थी।1967 के बाद 1980 में भी यही पैटर्न दिखा। वर्ष 1980 में 57.3 फीसदी मतदान हुआ था जबकि 1977 के चुनाव में 50.5 फ़ीसदी वोटिंग रही। इस तरह 6.8 फ़ीसदी ज़्यादा मतदान हुआ, जिसका नतीजा रहा कि सरकार बदल गई। जनता पार्टी को हार झेलना पड़ा और कांग्रेस वापसी कर गई।1980 के बाद 1990 के विधानसभा चुनाव में मतदान में ज़बरदस्त इजाफा हुआ। 1990 में 62 फीसदी मतदान हुआ था जबकि उससे पहले 1985 में 56।3 फीसदी मतदान रहा। इस तरह 5.8 फीसदी ज़्यादा मतदान की बढ़ोतरी ने बिहार की सत्ता परिवर्तन कर दिया था।
कांग्रेस को सत्ता से बाहर होना पड़ा था और जनता दल ने सरकार बनाई थी। इसके बाद बिहार में सत्ता परिवर्तन नवंबर 2005 में हुआ, जब 16 फीसदी वोटिंग कम हुई थी। इस बार बिहार के पहले चरण के चुनाव में साढ़े आठ फीसदी वोटिंग ज़्यादा हुई है, जिसके नफा-नुकसान का आकलन किया जा रहा है।

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कौन बनेगा करोड़पति से शुरू हुआ सफर, अब शीतल देवी ने बनाई सक्षम टीम में जगह

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मुंबई: सपने देखिए, तभी वो सच होते हैं। ऐसा ही एक सपना पैरा तीरंदाज शीतल देवी ने भी एक साल पहले देखा था। जब वो अमिताभ बच्चन के होस्ट वाले शो ‘कौन बनेगा करोड़पति’ में आई थीं। एक साल बाद अब शीतल का वो सपना पूरा हो चुका है। ये सपना था शारीरिक रूप से सक्षम एथलीटों के साथ प्रतिस्पर्धा करना। अब उन्होंने शारीरिक रूप से सक्षम भारतीय टीम में जगह बनाई है। शीतल जेद्दा में होने वाले आगामी एशिया कप चरण तीन के लिए भारत की सक्षम जूनियर टीम में शामिल हुई हैं। ये अपने आप में एक उपलब्धि है और उस उम्मीद का पूरा होना है, जिसे उन्होंने एक साल पहले अमिताभ बच्चन के सामने जाहिर किया था।

एक साल पहले केबीसी में देखा था सपना
दरअसल, अब से एक साल पहले शीतल देवी ‘कौन बनेगा करोड़पति’ के एक एपिसोड में नजर आई थीं। इसी दौरान भुजाहीन शीतल देवी ने इच्छा व्यक्त की थी कि वो एक दिन शारीरिक रूप से सक्षम एथलीटों के साथ प्रतिस्पर्धा करना चाहती हैं। अब एक साल बाद उनकी ये मुराद पूरी हो गई है। 

विद्या बालन के साथ केबीसी में आई थीं नजर, सुनाई थी संघर्ष की कहानी
शीतल ‘कौन बनेगा करोड़पति 15’ के फिनाले वीक में 100 एपिसोड में नजर आई थीं। शो में उनके साथ अभिनेत्री विद्या बालन भी नजर आई थीं। शो पर शीतल ने अपने संघर्ष की कहानी साझा की थी और बताया था कि कैसे वो यहां तक पहुंची हैं और उनके परिवार व माता-पिता ने उन्हें कितना सपोर्ट किया। शो में शीतल ने बताया था कि उन्हें जन्म से ही फोकोमेलिया नामक गंभीर बीमारी है। लेकिन इस बीमारी के आगे और दोनों भुजाएं न होने के बावजूद शीतल ने हार नहीं मानी। अब आज उन्होंने इतिहास रच दिया है।

केबीसी में जीती थी अच्छी रकम
शीतल इससे पहले पैरालंपिक 2024 में तीरंदाजी में ब्रॉन्ज मेडल भी अपने नाम कर चुकी हैं। इससे पहले वह भारत के लिए इस खेल में गोल्ड और सिल्वर मेडल भी जीत चुकी हैं। केबीसी के इस एपिसोड में भी शीतल ने विद्या बालन के साथ मिलकर 12 लाख 50 हजार रुपए की धनराशि जीती थी।

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सूर्यकुमार ने शेयर किया सीरीज जीत का राज, गेंदबाजों की भूमिका को बताया अहम

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नई दिल्ली: भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने आस्ट्रेलिया पर चौथे टी20 मैच में 48 रन से मिली जीत के लिये बल्ले और गेंद से अपने खिलाड़ियों के चतुराई भरे खेल को श्रेय दिया। भारत ने 167 रन बनाने के बावजूद जीत दर्ज करके पांच मैचों की सीरीज में 2-1 से बढ़त बना ली है।

सूर्यकुमार ने जीत के बाद कहा, ‘मुझे लगता है कि बल्लेबाजों को इसका श्रेय जाना चाहिए। शुभमन और अभिषेक ने जिस तरह से शुरूआत की, उन्हें पता था कि यह 200 या 220 रन वाला विकेट नहीं है। उन्होंने चतुराई से खेला। बल्लेबाजों की तरफ से यह पूरा टीम प्रयास था।’

उन्होंने आगे कहा, ‘मैं और गौती भाई ( कोच गौतम गंभीर) इस बारे में स्पष्ट हैं कि गेंदबाजों को आक्रामक प्रदर्शन करना होगा। मैदान पर ओस अधिक नहीं थी लेकिन गेंदबाजों ने खुद को जल्दी ढाल लिया।’ हरफनमौला शिवम दुबे ने दो और वॉशिंगटन सुंदर ने तीन विकेट लिए।

सूर्यकुमार ने कहा, ‘दो तीन ओवर डालने वाले गेंदबाज टीम में होना हमेशा अच्छा रहता है। यह संयोजन हमे रास आता है।’ ऑस्ट्रेलियाई कप्तान मिचेल मार्श ने कहा, ‘167 का स्कोर बुरा नहीं था। हम फिनिश लाइन तक नहीं जा सके। भारतीय टीम को इसका पूरा श्रेय जाता है जो विश्व स्तरीय टीम है।’

एशेज सीरीज को देखते हुए आस्ट्रेलिया ने टीम में काफी बदलाव किए थे। प्रमुख खिलाड़ी टी20 सीरीज के आखिरी दो मैच छोड़कर इंग्लैंड के खिलाफ एशेज की तैयारी में लग गए। मार्श ने कहा, ‘आप हमेशा सर्वश्रेष्ठ टीम उतारना चाहते हैं लेकिन एशेज सीरीज आने वाली है। हम अधिक खिलाड़ियों को मौका देना चाहते थे, खासकर इस तरह के दबाव वाले मैच में।’

शिवम दुबे ने कही यह बात
ऑलराउंडर शिवम दुबे ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ यहां चौथे टी20 मैच में मैदान का आकार बड़ा होने से भारत का स्कोर पर्याप्त था और गेंदबाजों ने रणनीति पर बखूबी अमल करके मेजबान को हराया। दुबे ने मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ‘इस मैदान पर 167 का स्कोर अच्छा था क्योंकि हमारे पास बेहतरीन गेंदबाज हैं। मुझे उन पर भरोसा है और पूरी टीम को उन पर भरोसा है।’

उन्होंने कहा, ‘यह टी20 मैच है और कोई भी बल्लेबाज आकर आक्रामक पारी खेल सकता है लेकिन इस मैदान पर बाउंड्री बड़ी है और हमने उसी हिसाब से रणनीति बनाई थी। हमें विश्वास था कि हम उन्हें रोक लेंगे।’

दुबे ने आगे कहा, ‘हमारी रणनीति बड़ी बाउंड्री वाली तरफ गेंद डालने की थी क्योंकि बड़े शॉट लगाना आसान नहीं है। हमने चतुराई से गेंदबाजी की और बल्लेबाज को क्रीज पर जमने के बाद बड़ी बाउंड्री वाली तरफ शॉट खेलने के लिये मजबूर किया।’

उन्होंने कहा कि मुख्य कोच गौतम गंभीर, गेंदबाजी कोच मोर्नी मोर्कल और कप्तान सूर्यकुमार यादव ने बतौर गेंदबाज उनकी काफी हौसलाअफजाई की जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़ा। उन्होंने कहा, मुझे जब मौका मिला तो मुझे पता था कि गेंदबाजी करनी होगी। मोर्नी, गौती भाई और सूर्या ने मेरे लिये अच्छी रणनीति बनाई थी। मोर्नी ने छोटे छोटे टिप्स दिये जिससे बेहतर गेंदबाजी में मदद मिली।’

भरी अदालत में भड़क उठे सीजेआई बोले- अटॉर्नी जनरल को बता दीजिए….

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नई दिल्ली। अटॉर्नी जनरल के लगातार अनुपस्थित रहने पर सीजेआई बीआर गवई भड़क गए। ट्रिब्यूनल रिफॉर्म्स एक्ट की संवैधानिकता को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई के दौरान प्रधान न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि लगातार तीसरी बार अटॉर्नी जनरल सुनवाई के दौरान कोर्ट में मौजूद नहीं हैं। सुप्रीम कोर्ट ने एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्य भाटी को शब्दों में निर्देश दिया कि वे अटॉर्नी जनरल को बता दें कि सोमवार को इस मामले की सुनवाई पूरी की जाएगी, ऐसे में वे अदालत में अपना पक्ष रखने के लिए मौजूद रहें।
सीजेआई गवई की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि सोमवार 10 नवंबर 2025 को इस मामले को क्लोज कर दिया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को ट्रिब्यूनल रिफॉर्म्स एक्ट, 2021 की संवैधानिक वैधता को लेकर दायर याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार द्वारा एक बार फिर स्थगन की मांग किए जाने पर सीजेआई जस्टिस गवई ने कड़ा रुख अपनाया। सीजेआई ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि ऐसा लग रहा है कि केंद्र इस मामले की सुनवाई 23 नवंबर को मेरे रिटायर होने के बाद ही करवाना चाहती है। मामला विभिन्न प्रमुख ट्रिब्यूनलों में नियुक्ति और उनके कार्यकाल एवं प्रक्रियाओं से जुड़ा है। याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि मौजूदा व्यवस्था ट्रिब्यूनलों की स्वतंत्रता को प्रभावित करती है, क्योंकि नियुक्तियों में कार्यपालिका की भूमिका बहुत अधिक है। सीजेआई की बेंच ने एएसजी ऐश्वर्य भाटी से रूबरू होते हुए स्पष्ट शब्दों में पूछा कि अगर आप नहीं चाहतीं कि हम सुनवाई करें, तो स्पष्ट कह दें।
दरअसल, अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) ऐश्वर्या भाटी ने शुक्रवार को इस मामले की सुनवाई न करने का अनुरोध किया था। कोर्ट ने 7 नवंबर की तिथि पहले ही तय कर रखी थी। एएसजी ने कोर्ट को बताया कि अटॉर्नी जनरल आर। वेंकटरमणी अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता में व्यस्त हैं। इस पर सीजेआई जसिटस गवई ने तीखे शब्दों में प्रतिक्रिया दी। ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ की रिपोर्ट के अनुसार, सीजेआई जस्टिस गवई ने कहा, ‘अगर आप नहीं चाहते कि हम सुनें और फैसला दें, तो बस बता दें। ऐसा लगता है कि आप चाहते हैं कि यह मामला 24 नवंबर के बाद सुना जाए।’ सीजेआई जस्टिस गवई 23 नवंबर को रिटायर हो रहे हैं। सीजेआई की पीठ ने यह भी कहा कि अदालत ने एजी को तीन बार समय दिया, लेकिन हर बार यही बताया गया कि वे व्यस्त हैं। एएसजी ऐश्वर्य भाटी ने बताया कि एजी व्यक्तिगत रूप से यह मामला देख रहे हैं, लेकिन सीजेआई ने इस पर भी आपत्ति जताई और कहा कि तीन बार स्थगन के बावजूद एजी कोर्ट में पेश नहीं हुए हैं। सीजेआई जस्टिस गवई ने 2 नवंबर की आधी रात को केंद्र द्वारा दाखिल उस अर्जी का भी उल्लेख किया जिसमें इस मामले को संविधान पीठ के पास भेजने की मांग की गई थी। सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने कहा, ‘पहले आप स्थगन मांगते रहते हैं और फिर रात में अर्जी देते हैं कि मामला संविधान पीठ को भेजा जाए। यह अदालत के साथ न्यायपूर्ण रवैया नहीं है।

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श्रीकांत की डबल लाइफ का पर्दाफाश! ‘द फैमिली मैन 3’ ट्रेलर में आया बड़ा ट्विस्ट

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मुंबई: निर्माताओं ने आज शुक्रवार को अभिनेता मनोज बाजपेयी की बहुप्रतीक्षित सीरीज ‘द फैमिली मैन’ के तीसरे सीजन का धमाकेदार ट्रेलर रिलीज कर दिया। इस शो में मनोज बाजपेयी फिर से जासूस श्रीकांत तिवारी के रूप में वापसी कर रहे हैं। ट्रेलर में जयदीप अहलावत भी नजर आ रहे हैं। 

परिवार को पता चला सच
अमेजन प्राइम वीडियो पर ‘द फैमिली मैन 3’ का ट्रेलर रिलीज हुआ। 2 मिनट 49 सेकेंड के इस ट्रेलर की शुरुआत श्रीकांत से होती है, जो अपने परिवार को बताता है कि वह एक जासूस है। आगे दिखता है कि श्रीकांत को वॉन्टेड घोषित कर दिया गया है और उसे गिरफ्तार करने के लिए कहा गया है। श्रीकांत अपने परिवार के साथ भागने की कोशिश करता है और उसका दोस्त जेके उसे बचाने की कोशिश में है।

जयदीप अहलावत और निमरत कौर भी आए नजर
इस ट्रेलर में निमरत कौर शानदार अंदाज में नजर आई हैं। इसके अलावा जयदीप अहलावत भी इसमें ड्रग तस्कर की भूमिका में दिखे हैं। यानी कि ये तीसरा सीजन दर्शकों का भरपूर मनोरंजन करने के लिए तैयार है। 

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हरियाणा चुनाव में 25 लाख फर्जी वोट के आरोप पर BJP का राहुल गांधी पर कटाक्ष, कहा- ‘वोट तो इटैलियन महिला ने भी डाला’

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नई दिल्ली । भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने हरियाणा विधानसभा चुनाव (Haryana Assembly Elections) में बड़े पैमाने पर वोट चोरी संबंधी राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के आरोप को बुधवार को ‘‘झूठा और निराधार’’ बताते हुए खारिज कर दिया और कांग्रेस नेता पर अपनी नाकामियों को छिपाने और देश के लोकतंत्र को बदनाम करने के लिए निर्वाचन आयोग पर सवाल उठाने का आरोप लगाया। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने दावा किया है कि पिछले साल हुए हरियाणा विधानसभा चुनाव में 25 लाख फर्जी मतों के जरिये चुनाव ‘‘चोरी’’ किया गया। गांधी के इस दावे के कुछ घंटे बाद भाजपा की यह प्रतिक्रिया सामने आई।

गांधी ने कहा, ‘‘मैं जो कह रहा हूं वह सौ फीसदी सच है। एक पूरे राज्य (के चुनाव) को चुरा लिया गया।’’ उनके इस आरोप पर केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने गांधी पर देश को बदनाम करने के लिए ‘‘भारत विरोधी’’ ताकतों के साथ मिलकर ‘‘खेल खेलने’’ का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि गांधी चुनाव के दौरान विदेश जाते हैं, जमीनी स्तर पर लोगों से नहीं मिलते और अपनी पार्टी की हार होने पर चुनावी धांधली की बात करते हैं।

रिजिजू ने मिंता देवी का भी ज़िक्र किया
उन्होंने गांधी का उपहास करते हुए कहा कि वह न तो कड़ी मेहनत कर सकते हैं और न ही लोगों के बीच रह सकते हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यदि मतदान में कोई अनियमितता हुई है, तो निर्वाचन आयोग को इसकी सूचना देनी चाहिए या अदालत का दरवाजा खटखटाना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन वह (राहुल गांधी) ऐसा कभी नहीं करते।’’ रिजिजू ने मिंता देवी का भी ज़िक्र किया, जिनकी तस्वीर राहुल गांधी ने पिछली प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस्तेमाल की थी। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मिंता देवी ने इस हरकत के लिए कांग्रेस को फटकारा भी था।

इटैलियन महिला के जरिए राहुल पर कटाक्ष
दूसरी तरफ, भाजपा नेता राधिका खेड़ा ने भी राहुल गांधी के ‘ब्राज़ीलियाई मॉडल’ वाले आरोप का जवाब एक “इटैलियन महिला” द्वारा वोट डालने पर कटाक्ष करते हुए दिया, जो ज़ाहिर तौर पर उनकी माँ सोनिया गांधी पर परोक्ष निशाना है। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर हिंदी में लिखा, “वोट तो एक ‘इटालियन’ महिला ने भी हिंदुस्तान में किया था , नाम जानते हैं आप ??

चुनाव आयोग और भाजपा में सांठगांठ
इससे पहले राहुल गांधी ने बुधवार को दावा किया कि पिछले साल हुए हरियाणा विधानसभा चुनाव में 25 लाख फर्जी मतों के जरिये चुनाव चोरी किया गया। उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि निर्वाचन आयोग ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ सांठगाँठ करके ‘‘वोट चोरी’’ करवाई है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘मैं जो कह रहा हूं वह सौ फीसदी सच है। एक पूरे राज्य (के चुनाव) को चुरा लिया गया।’’

उन्होंने कहा कि सभी सर्वेक्षणों में हरियाणा में कांग्रेस की जीत की संभावना जताई गई थी, लेकिन सुनियोजित ढंग से कांग्रेस की तय जीत को हार में बदला गया। गांधी ने कहा, ‘‘मैं ‘जेन जी’ से कहना चाहता हूं कि देखिये कि कैसे आपके भविष्य की चोरी की जा रही है।’’ उन्होंने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के बयान का वीडियो दिखाया जिसमें सैनी ने कथित तौर पर सरकार बनाने की ‘‘व्यवस्था’’ होने की बात की थी।

25,41,144 फर्जी मतों से वोट चोरी की गई
राहुल गांधी ने दावा किया कि हरियाणा में पांच अलग-अलग तरीकों से 25,41,144 फर्जी मतों से ‘‘वोट चोरी’’ की गई। उन्होंने कहा कि हरियाणा की मतदाता सूची में फर्जी नाम डाले गए। राहुल गांधी ने दावा किया कि ब्राजील की एक मॉडल की तस्वीर का इस्तेमाल करके हरियाणा में 10 बूथ पर 22 अलग अलग-अलग नाम से फर्जी मतदाता बनाए गए थे।

चारों पदों पर लेफ्ट की जीत, अध्यक्ष बनीं बनारस की अदिति मिश्रा

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जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) में हुए छात्रसंघ चुनाव 2025 के नतीजे घोषित हो गए हैं। इस बार चारों पदों पर लेफ्ट यूनिटी ने शानदार जीत दर्ज की है, जिससे एक बार फिर जेएनयू परिसर में वामदलों की मजबूत पकड़ दिखी है। अध्यक्ष पद पर उत्तर प्रदेश के वाराणसी की अदिति मिश्रा ने जीत हासिल की है। अदिति वर्तमान में लैंगिक हिंसा विषय पर पीएचडी कर रही हैं।

अदिति मिश्रा कौन हैं?
अदिति वाराणसी की रहने वाली हैं और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) से जुड़ी हुई हैं। उन्होंने लेफ्ट यूनिटी पैनल (AISA, SFI और DSF) के संयुक्त उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था। अदिति को कुल 1,937 वोट मिले, जिससे उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को हराकर जीत दर्ज की।

BHU से ग्रेजुएशन करने के बाद JNU में शोध
अदिति ने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) से अर्थशास्त्र में स्नातक किया है। फिलहाल वे JNU के स्कूल ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज़ के सेंटर फॉर कंपेरेटिव पॉलिटिक्स एंड पॉलिटिकल थ्योरी में पीएचडी कर रही हैं। राजनीति में उनकी सक्रियता और युवाओं में लोकप्रियता को देखते हुए लेफ्ट यूनिटी ने उन्हें अध्यक्ष पद का उम्मीदवार बनाया था।

छात्र आंदोलनों और महिला अधिकारों से जुड़ीं रही हैं सक्रिय
अदिति लंबे समय से छात्र आंदोलनों से जुड़ी रही हैं। उन्होंने 2017 में बीएचयू में महिला हॉस्टल कर्फ्यू टाइमिंग के खिलाफ आंदोलन किया था और 2019 में विश्वविद्यालयों में फीस वृद्धि का विरोध करते हुए भी अग्रणी भूमिका निभाई थी।

पूर्व में आंतरिक शिकायत समिति (ICC) की सदस्य रहीं अदिति अब JNU में लैंगिक हिंसा और महिला सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय रूप से काम कर रही हैं। उनकी जीत को छात्र राजनीति में महिला नेतृत्व के उभरते प्रभाव के रूप में देखा जा रहा है।