दर्शकों की मिली-जुली प्रतिक्रिया! बोले— ‘प्रेडेटर बैडलैंड्स’ का आइडिया तो अच्छा था, पर बन नहीं पाई बात

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मुंबई: डैन ट्रैचनबर्गने के निर्देशन में बनी ‘प्रेडेटर बैडलैंड्स’ आज 7 नवंबर को सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। इस फिल्म को लेकर दर्शकों में काफी उस्ताह दिख रहा है। अब फिल्म देखने के बाद नेटिजंस एक्स पर प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। जानिए उन्होंने क्या कहा। 

नेटिजंस ने दी मिली-जुली प्रतिक्रिया
फिल्म ‘प्रेडेटर बैडलैंड्स’ के रिलीज होते ही दर्शक इसे थिएटर्स में देख फिल्म के प्रति अपनी राय साझा कर रहे हैं। एक यूजर ने कहा, ‘यह बहुत शानदार ही फिल्म है।’ दूसरे यूजर ने बोला, ‘फिल्म का कॉन्सेप्ट अच्छा है, लेकिन इसे सही से दिखाया नहीं गया है।’

फिल्म के बारे में
फिल्म ‘प्रीडेटर: बैडलैंड्स’ में एले फैनिंग और दिमित्रियस शूस्टर-कोलोमाटांगी मुख्य भूमिका में हैं। फिल्म का निर्माण जॉन डेविस, डैन ट्रेचेनबर्ग, मार्क टोबेरॉफ, बेन रोसेनब्लैट, ब्रेंट ओ’कॉनर ने किया है।

PM मोदी आज पहुंचेंगे काशी, कल चार वंदे भारत ट्रेनों को दिखाएंगे हरी झंडी; CM योगी रहेंगे साथ

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बनारस. प्रधानमंत्री (PM) नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) शुक्रवार को काशी आएंगे और शनिवार को चार वंदे भारत ट्रेनों (Vande Bharat trains) को हरी झंडी दिखाएंगे। यह नई वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनें बनारस-खजुराहो, लखनऊ-सहारनपुर, फिरोजपुर-दिल्ली और एर्नाकुलम-बंगलूरू रूटों पर चलेंगी।

बनारस-खजुराहो वंदे भारत वाराणसी, प्रयागराज, चित्रकूट समेत देश के कुछ सबसे प्रतिष्ठित धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों को जोड़ेगी। लखनऊ-सहारनपुर वंदे भारत ट्रेन 7:45 घंटे में यात्रा पूरी करेगी। यह ट्रेन लखनऊ, सीतापुर, शाहजहांपुर, बरेली, मुरादाबाद, बिजनौर, सहारनपुर के यात्रियों को काफी लाभ पहुंचाएगी।

 

फिरोजपुर-दिल्ली वंदे भारत इस मार्ग पर सबसे तेज गति से चलने वाली ट्रेन होगी, जो 6: 40 घंटे में यात्रा पूरी करेगी। एक्सप्रेस ट्रेन राष्ट्रीय राजधानी और पंजाब के बठिंडा और पटियाला के बीच संपर्क को मजबूत करेगी। दक्षिण भारत में एर्नाकुलम-बंगलूरू वंदे भारत यात्रा के समय को दो घंटे से अधिक कम कर देगी, जिससे यात्रा 8:40 मिनट में पूरी हो जाएगी।

प्रधानमंत्री मोदी के कार्यक्रम में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, रेलवे बोर्ड के चेयरमैन सतीश कुमार और प्रभारी मंत्री सुरेश खन्ना माैजूद रहेंगे।

फिरोजपुर-दिल्ली की यात्रा सिर्फ 6.40 घंटे में होगी पूरी
फिरोजपुर-दिल्ली वंदे भारत इस मार्ग पर सबसे तेज गति से चलने वाली ट्रेन होगी, जो 6.40 घंटे में यात्रा पूरी करेगी। एक्सप्रेस ट्रेन राष्ट्रीय राजधानी और पंजाब के बठिंडा और पटियाला के बीच संपर्क को मजबूत करेगी। इससे व्यापार, पर्यटन और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा मिलने, सीमावर्ती क्षेत्रों के सामाजिक-आर्थिक विकास में योगदान देने और राष्ट्रीय बाजारों के साथ अधिक एकीकरण को बढ़ावा देने की उम्मीद है।

दक्षिण भारत में एर्नाकुलम-बंगलूरू वंदे भारत यात्रा के समय को दो घंटे से अधिक कम कर देगी, जिससे यात्रा 8.40 मिनट में पूरी हो जाएगी। एक्सप्रेस ट्रेन प्रमुख आईटी और वाणिज्यिक केंद्रों को जोड़ेगी, जिससे पेशेवरों, छात्रों और पर्यटकों को तेज और अधिक आरामदायक यात्रा का विकल्प मिलेगा।

स्टेशन पर सफाई और सुरक्षा पर रहे विशेष ध्यान : सीएम योगी
वाराणसी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बृहस्पतिवार को सुबह करीब 9 बजे बनारस स्टेशन पहुंचे। यहां उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगामी दौरे की तैयारियों का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने रेलवे और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों से तैयारियों की विस्तृत जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने अफसरों से कहा कि स्टेशन पर साफ-सफाई, यातायात प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दें। प्रधानमंत्री के आगमन के दौरान सभी व्यवस्थाएं सुचारु और व्यवस्थित रहें, इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।

बढ़ता प्रदूषण और दमघोंटू हवा… PM मोदी के दूत ने SC से लगाई नेशनल इमरजेंसी घोषित करने की गुहार

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नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली (Delhi) समेत देश के कई हिस्सों और शहरों में बढ़ते प्रदूषण (Increasing Pollution Cities) और दमघोंटू हवा (Suffocating Air) के मद्देनजर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में एक जनहित याचिका (PIL) दायर की गई है और वायु प्रदूषण के स्तर को नियंत्रित करने की मांग की गई है। इतना ही नहीं याचिकाकर्ता ने अपनी अर्जी में राष्ट्रीय स्तर पर “सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल” (National Health Emergency) लागू करने की भी मांग की है। ताकि ग्रामीण से लेकर शहरी स्तर तक लोगों को प्रदूषण के गंभीर परिणामों से बचाया जा सके।

 

यह याचिका ल्यूक क्रिस्टोफर कॉउटिन्हो ने दायर की है, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) के फिट इंडिया मूवमेंट के वेलनेस चैंपियन यानी दूत रहे हैं। याचिका में उन्होंने तर्क दिया है कि एक व्यापक नीतिगत ढाँचे के बावजूद, ग्रामीण और शहरी भारत के बड़े हिस्से में वायु की गुणवत्ता लगातार खराब बनी हुई है और कई मामलों में यह बदतर स्तर को भी पार कर गई है।

संविधान के अनुच्छेद 21 का हवाला
एक रिपोर्ट के मुताबिक, याचिकाकर्ता ने संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीवन और स्वास्थ्य के अधिकार का हवाला देते हुए, कोर्ट से अधिकारियों को वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के ठोस उपाय करने का निर्देश देने की माँग की है। याचिका में इस बात पर प्रकाश डाला गया है कि दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, बेंगलुरु आदि प्रमुख भारतीय शहरों में PM₂.₅ और PM₁₀ जैसे प्रदूषकों का वार्षिक औसत केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा अधिसूचित राष्ट्रीय परिवेशी वायु गुणवत्ता मानकों (NAAQS), 2009 के तहत निर्धारित सीमा से लगातार अधिक बना हुआ है।

मानकों का घोर उल्लंघन
याचिकाकर्ता ने अपनी याचिका में इस बात पर जोर दिया है कि भारतीय मानक पहले से ही एक उच्च सीमा निर्धारित करते हैं, क्योंकि विश्व स्वास्थ्य संगठन के 2021 वायु गुणवत्ता दिशानिर्देश PM₂.₅ के लिए 5 μg/m³ और PM₁₀ के लिए 15 μg/m³ की वार्षिक औसत सीमा निर्धारित करते हैं। उन्होंने कोर्ट को बताया है कि दिल्ली में PM₂.₅ का वास्तविक वार्षिक औसत स्तर लगभग 105 μg/m³ दर्ज किया गया है, जबकि कोलकाता में लगभग 33 μg/m³ और लखनऊ में लगभग 90 μg/m³ दर्ज किया गया है, जो भारतीय मानकों का उल्लंघन है।

इस समस्या से निपटने में अधिकारियों की विफलता को उजागर करते हुए याचिकाकर्ता ने दावा किया है कि 1.4 अरब से ज़्यादा नागरिक हर दिन जहरीली हवा में साँस लेने को मजबूर हैं। उन्होंने आगे कहा कि वायु गुणवत्ता निगरानी कार्यक्रमों से ग्रामीण क्षेत्रों का बहिष्करण एक बुनियादी ढाँचागत कमज़ोरी को दर्शाता है।

कौन हैं क्रिस्टोफर?
ल्यूक क्रिस्टोफर कॉउटिन्हो एक भारतीय जीवनशैली गुरु और एकीकृत एवं जीवनशैली चिकित्सा के क्षेत्र में थिंकर हैं, जो स्वास्थ्य के प्रति लोगों को जागरूक करते रहे हैं। वह उत्तम स्वास्थ्य के लिए पोषण, व्यायाम, नींद, इमोशनल डिटॉक्स और अध्यात्म जैसे पांच स्तंभों पर जोर देते रहे हैं। वे यू केयर वेलनेस प्रोग्राम के संस्थापक हैं और स्वास्थ्य पर बेस्टसेलिंग पुस्तकें लिखने के लिए जाने जाते हैं। वह वायु प्रदूषण जैसे सामाजिक मुद्दों के समाधान के लिए भी सक्रिय रहे हैं।

चिराग और कुशवाहा की वापसी से पहले चरण में हो सकता है गेम बदल

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नई दिल्‍ली । बिहार(Bihar) में पहले चरण(First steps) के लिए गुरुवार को जिन क्षेत्रों में मतदान(voting) होना है, वहां राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) पिछली बार महागठबंधन (MGB) से पिछड़ गया था। इस बार NDA को अपने मजबूत हुए गठबंधन और कल्याणकारी योजनाओं की अपील पर भरोसा है ताकि वह इन क्षेत्रों में अपनी स्थिति को पलट सके। 2020 के पिछले विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेतृत्व वाले विपक्ष ने पहले चरण में पड़ने वाली 121 सीटों में से 61 सीटें जीती थीं, जबकि NDA को 59 सीटें मिली थीं। शाहबाद क्षेत्र और पटना, भोजपुर, सारण और सीवान जैसे प्रमुख जिलों में महागठबंधन का प्रदर्शन मजबूत रहा था।

पिछले चुनाव में चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) और उपेंद्र कुशवाहा के नेतृत्व वाली रालोसपा (RLSP) अलग-अलग चुनाव लड़ी थीं। इससे बेगूसराय और बक्सर सहित कई निर्वाचन क्षेत्रों में MGB को बढ़त मिली थी। अब, चिराग पासवान और उपेंद्र कुशवाहा दोनों की NDA में वापसी हो गई है, जिससे गठबंधन के नेताओं का मानना है कि उनका सामाजिक गठबंधन काफी मजबूत हुआ है।

कुशवाहा समुदाय का समर्थन

उपेंद्र कुशवाहा की एनडीए में वापसी और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के भाजपा में उदय ने कुशवाहा समुदाय के मनोबल को बढ़ाया है। कुशवाहा बिहार की आबादी का लगभग 4.2% हैं और यादवों के बाद दूसरा सबसे बड़ा ओबीसी समूह हैं।

NDA नेताओं को सरकार की कल्याणकारी पहलों के प्रभाव पर भी भरोसा है, जिसमें सबसे प्रमुख है 1.3 करोड़ से अधिक महिलाओं को 10,000 की नकद राशि का हस्तांतरण। उन्हें उम्मीद है कि ये योजनाएं मतदाताओं को प्रभावित करेंगी।

2020 कैसा था प्रदर्शन

पटना, भोजपुर, बक्सर, सारण, सीवान और बेगूसराय के 50 सीटों में महागठबंधन ने 2020 में 35 सीटें जीती थीं। सीपीआई-एमएल (लिबरेशन) का विभिन्न जातियों के गरीबों के बीच मजबूत आधार है। इसने महागठबंधन की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। एक भाजपा नेता के अनुसार, गठबंधन इन जिलों के साथ-साथ मगध और शाहबाद क्षेत्रों में भी बड़ी वापसी की उम्मीद कर रहा है।

गृह मंत्री अमित शाह का दावा

गृह मंत्री अमित शाह का यह दावा कि NDA की संख्या 2020 के 125 सीटों से बढ़कर 160 से अधिक हो जाएगी, इसी विश्वास से उपजा है कि वे उन क्षेत्रों में अपना प्रदर्शन सुधारेंगे जो पहले महागठबंधन के पक्ष में थे।

अमरकंटक के जंगलों में फैला साल बोरर कीट, दस हजार से अधिक साल के पेड़ क्षतिग्रस्त

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अनूपपुर। अमरकंटक (Amarkantak) के जंगलों (Forests) में साल के पेड़ गंभीर साल बोरर कीट (Borer Insect) से ग्रसित पाए गए हैं। साल बोरर कीट एक विनाशकारी कीट है, जो मुख्य रूप से साल के पेड़ों (Trees) को नुकसान पहुंचाता है, उन्हें खोखला कर देता है। यह कीट साल के पेड़ों के लिए सबसे खतरनाक कीटों में से एक है और यह खड़े पेड़ और ताजी कटी हुई लकड़ी दोनों को प्रभावित करता है। बीते कई महीनों से अमरकंटक के जंगलों में साल बोरर कीड़े का प्रकोप फैला हुआ है। जिसके कारण अमरकंटक के जंगल में स्थित 10 हजार से अधिक साल के पेड़ इससे क्षतिग्रस्त हो चुके हैं।

अमरकंटक के जंगल में वर्तमान समय में 20 लाख 86 हजार 416 साल के वृक्ष स्थित हैं। साल बोरर कीट से क्षतिग्रस्त पाए गए। पेड़ का सर्वे कार्य भी वन विभाग में पूर्ण कर लिया है। इसमें अभी तक की गणना में 10563 साल के पेड़ में साल बोरर के कीट लगे होने की जानकारी सामने आई है। अमरकंटक के जंगल में स्थित लगभग 6.5 प्रतिशत पेड़ इससे प्रभावित हैं।

वन परिक्षेत्र अमरकंटक कार्यालय ने साल बोरर कीट से ग्रसित वृक्ष की गणना करते हुए इसकी जानकारी वरिष्ठ कार्यालय को भेजी गई है। इसके साथ ही इसके रोकथाम के लिए क्या किया जाए इस पर क्या इंतजाम किए जाए इसके लिए मार्ग दर्शन मांगा गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अमरकंटक में लाखों की संख्या में साल के पेड़ स्थित है यदि वन विभाग ने जल्द ही इस पर कोई कार्रवाई नहीं की तो अन्य वृक्ष में भी इसके फैलने का खतरा बना हुआ है।

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अमित शाह ने बताया कब होगा BJP के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष का ऐलान, दिया ये जवाब

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नई दिल्‍ली । बीजेपी (BJP) का अगला राष्ट्रीय अध्यक्ष (National President) कौन होगा, इस पर लंबे समय से अटकलें लग रही हैं। जल्द ही पार्टी का नया अध्यक्ष चुना जा सकता है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Union Home Minister Amit Shah) ने इसके संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Elections) के बाद नए अध्यक्ष के नाम का ऐलान हो सकता है।

बिहार चुनाव के बीच ‘आजतक’ को दिए गए एक इंटरव्यू में जब अमित शाह से पूछा गया कि बीजेपी का अध्यक्ष कब तक चुना जाएगा, तो उन्होंने जवाब दिया, ‘अभी चुनाव (बिहार चुनाव) तक तो नहीं होगा, चुनाव के बाद करने का प्रयास करेंगे।’

शाह से पूछा गया कि क्या फैसला ले लिया गया है, तो इस पर उन्होंने कहा कि मैं अकेला फैसला नहीं कर सकता, पार्टी करती है। लेकिन मुझे लगता है कि चुनाव के बाद होगा। बता दें कि इस समय जेपी नड्डा बीजेपी की कमान संभाल रहे हैं और इससे पहले उनके कार्यकाल को विस्तार मिल चुका है।

कौन कौन रेस में?
सूत्रों की मानें तो बीजेपी का अध्यक्ष बनने की रेस में कई नाम हैं। इसमें केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, मनोहर लाल खट्टर, भूपेंद्र यादव, धर्मेंद्र प्रधान आदि के नाम शामिल हैं। हालांकि, पार्टी हमेशा से चौंकाने वाले फैसले लेने के लिए जानी जाती रही है, ऐसे में कोई नया नाम भी इस लिस्ट में शामिल हो सकता है। फिलहाल बीजेपी ने किसी नाम की पुष्टि नहीं की है और अटकलों का दौर जारी है।

पादरी बनकर छिप रहे रेप के आरोपी को 24 साल बाद पकड़ा

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चेन्नई। कानून (Law) के हाथ लंबे हैं… ये बात तमिलनाडु के चेन्नई (Chennai) से गिरफ्तार (Arrest) हुए रेप (Rape) के आरोपी के मामले में साबित हो गई। दरअसल, केरल के तिरुवनंतपुरम में 2001 में एक नाबालिग लड़की (Minor Girl) का यौन उत्पीड़न (Sexual Harassment) हुआ था। पुलिस ने चेन्नई में आरोपी को लगभग 24 साल फरार रहने के बाद गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान तिरुवनंतपुरम के नीरामनकारा के रहने वाले मुथुकुमार के रूप में हुई। पुलिस के मुताबिक, नाबालिग लड़की के यौन उत्पीड़न के मामले में वंचियूर पुलिस थाने में केस दर्ज किया था।

आरोप के मुताबिक, ट्यूशन पढ़ाने वाले मुथुकुमार ने पीड़िता को स्कूल के वक्त उससे मिलने के लिए कहा था। स्कूल में लंच के दौरान लड़की उसके ट्यूशन सेंटर गई थी, जहां आरोपी ने उसका यौन उत्पीड़न किया था। स्कूल टीचर ने जब नाबालिग लड़की को क्लास में नहीं देखा तो उन्होंने उसके माता-पिता को खबर की, जिन्होंने बाद में उसे मुथुकुमार के घर पर पाया। हालांकि, उस समय मुथुकुमार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया गया था लेकिन बाद में उसे बेल मिल गई थी और वह फरार हो गया था।

पुलिस ने आगे बताया कि आरोपी मुथुकुमार कई राज्यों में छिपा रहा था। सावधानी बरतते हुए उसने कभी मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं किया। जानकारी के मुताबिक, वह तिरुवनंतपुरम में अपने परिवार को कैश जमा मशीनों के जरिए उनके बैंक खातों में पैसे भेजता था। पुलिस ने हाल ही में लंबित मुकदमों की समीक्षा करते हुए मुथुकुमार का पता लगाने की नए सिरे से कोशिश की।

पुलिस अधिकारी के मुताबिक, जांचकर्ताओं ने आरोपी के रिश्तेदारों और दोस्तों के मोबाइल नंबरों और बैंक खातों पर नजर रखी। उन्होंने करीब 150 फोन नंबरों और 30 बैंक खातों की निगरानी की। इसी दौरान, पुलिस चेन्नई से मिले एक संदिग्ध फोन नंबर से आरोपी तक पहुंच गई। पुलिस ने बताया कि मुथुकुमार ने ईसाई धर्म अपना लिया था। उसने नाम बदलकर सैम कर लिया था और अयनावरम में पादरी के रूप में काम कर रहा था। उसने चेन्नई में 2 बार शादी की। वह पब्लिक टेलीफोन बूथों और अन्य लोगों के मोबाइल फोन इस्तेमाल करके अपने रिश्तेदारों से संपर्क बनाता था।

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जोहरान ममदानी की जीत पर BJP नेता का बयान, कहा- किसी खान को मुंबई का मेयर नहीं बनने देंगे

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मुंबई । भारतीय मूल के अमेरिकी मुस्लिम युवा जोहरान ममदानी (Zohran Mamdani) के मेयर (Mayor) चुने जाने पर जहां दुनियाभर के मुसलमान (Muslim) खुश हैं और अमेरिका (America) समेत विश्व के कई हिस्सों में उनकी जीत का जश्न मनाया जा रहा है, वहीं भारत (India) में भी उसका असर पड़ा है। केंद्र की सत्ताधारी पार्टी भारतीय जनता पार्टी (BJP) के मुंबई अध्यक्ष अमीत साटम ने दो टूक कहा है कि वह किसी भी खान को मुंबई का मेयर बनने नहीं दे सकते हैं। खान से मतलब उनका इशारा किसी मुस्लिम शख्स से है।

अंधेरी पश्चिम से भाजपा विधायक साटम ने कहा, “हम किसी भी खान को मेयर नहीं बनने देंगे।” उन्होंने इसे ‘वोट जिहाद’ बताते हुए कहा कि मुंबई में भी वैसी ही राजनीति लाने की कोशिश की जा रही है, जैसी न्यूयॉर्क शहर में देखी गई है। जब उनसे पूछा गया कि उनका क्या मतलब है, तो भाजपा नेता ने कहा, “कुछ लोग राजनीतिक सत्ता बनाए रखने के लिए तुष्टिकरण का रास्ता अपना रहे हैं। मुंबई को ऐसी ताकतों से बचाना जरूरी है, जिन्होंने पहले समाज को बांटने की कोशिश की है।”

धार्मिक सद्भाव में विश्वास करते हैं
मीडिया से बात करते हुए साटम ने कहा कि वह धार्मिक सद्भाव में विश्वास करते हैं, लेकिन अगर कोई राष्ट्र-विरोधी रुख अपनाकर समाज को बांटने की कोशिश करता है, तो हम उसका विरोध करेंगे। बता दें कि मुंबई में यानी बीएमसी चुनाव जल्द ही होने वाले हैं। बता दें कि भारतीय फिल्म निर्माता मीरा नायर और भारतीय मूल के विद्वान महमूद ममदानी के बेटे जोहरान ममदानी ने न्यूयॉर्क के मेयर का चुनाव जीता है। उन्होंने पूर्व गवर्नर एंड्रयू कुओमो, जो एक घोटाले में घिरे डेमोक्रेट उम्मीदवार थे और जिन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था उन्हें और रिपब्लिकन उम्मीदवार कर्टिस स्लीवा को हराया है।

मुंबई की सांस्कृतिक पहचान बदलने नहीं दे सकते
मुंबई भाजपा प्रमुख ने दुनिया भर में ममदानी के आलोचकों की बात दोहराते हुए कहा, “हम हमेशा मुंबई के विकास और एकता के लिए खड़े रहेंगे। पूरे शहर में वंदे मातरम कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। हर नागरिक को गर्व के साथ यह कहने का अधिकार है। शहर की सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान को बदलने का कोई भी प्रयास स्वीकार्य नहीं होगा।”

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तहरीक-ए-तालिबान से जुड़े ओसामा को पकड़ा

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नेशनल इंवेस्टिेगेशन एजेंसी (NIA) के इनपुट पर एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) ने राजस्थान मौलवी ओसामा उमर को गिरफ्तार किया है. एटीएस का दावा है कि ओसामा प्रतिबंधित अफगानिस्तान के आतंकवादी संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) से जुड़ा है. आरोपी पिछले करीब 4 साल से आतंकवादी संगठन से जुड़ा था. ATS ने आरोपी को जयपुर से पकड़ा है. दावा किया जा रहा है कि आरोपी जिहाद के लिए चार लोगों का ब्रेन वॉश करके उनको कट्टर बना रहा था.

एटीएस की गिरफ्त में आए सांचौर के मौलवी ओसामा उमर का संबंध अफगानिस्तान के आतंकी संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) से था. ओसामा 4 साल से संगठन के टॉप कमांडर के संपर्क में था. ATS ने 4 दिन पूछताछ के बाद मामला दर्ज कर मौलवी को गिरफ्तार कर लिया है. पकड़े गए चार अन्य संदिग्धों को भी ओसामा आतंकी संगठन से जुड़ने के लिए दबाव बना रहा था.

टीटीपी के टॉप कमांडरों से करता था संपर्क
ATS की पूछताछ में सामने आया कि ओसामा इंटरनेट कॉलिंग से आंतकी टॉप कमांडरों से संपर्क करता था. मौलवी देश के बाहर भागने की फिराक में था और दुबई के रास्ते वो अफगानिस्तान जाने की प्लानिंग कर रहा था. वहीं, ATS आईजी विकास कुमार ने बताया कि पिछले दिनों राजस्थान एटीएस ने 4 जिलों में छापेमारी कर 5 लोगों को पकड़ा था. पकड़ा गया ओसामा उमर, मसूद पंडीपार बाड़मेर का, मोहम्मद अयूब पीपाड़ जोधपुर का, मोहम्मद जुनेद बागोर मोहल्ला करौली का और बसीर रामसर बाड़मेर का रहने वाला है.

क्या होता है कट्टरवाद?
यदि कोई व्यक्ति कट्टरवाद की तरफ बढ़ता है तो उसे दूर करने की प्रक्रिया को डीरेडिकलाइन कहा जाता है. एटीएस ने एक टीम बना रखी है, जिसमें एटीएस के साथ-साथ उदारपंची लोग, गर्म की व्याख्या करने वाले रामुचित लोग और समाज के कुछ गणमान्य शामिल होते हैं. ये लोग रेडिकलाइज (कट्टरवाद) व्यक्ति की काउंसलिंग करते हैं. उसे कट्टरवाद से दूर करने का प्रयास करते हैं और सही दिशा की ओर ले जाते हैं और एटीएस की फील्ड की टीम लगातार निगरानी रखती हैं और समय-समय पर फिर यहां कमेटी के सामने लाकर उसकी विचारधारा को परखती है. ऐसे व्यक्ति का रिकॉर्ड रखा जाता है.

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मुसलमानों के खिलाफ नहीं हैं

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बाबा बागेश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा है कि वे मुसलमानों के खिलाफ नहीं हैं। वे केवल हिंदू समाज में व्याप्त जातिवाद को खत्म करने के लिए, देश में हिंदू राष्ट्र स्थापित करने और हिंदू समाज में एकता स्थापित करने के लिए दिल्ली से वृंदावन तक की पैदल यात्रा कर रहे हैं। उनकी इस यात्रा में हजारों लोगों के शामिल होने की संभावना है। इसमें स्वामी रामदेव, अनिरुद्धाचार्य और रामभद्राचार्य सहित कई बड़े संत शामिल हैं। यह यात्रा सात नवंबर को दिल्ली के छतरपुर मंदिर से शुरू होगी और 16 नवंबर को वृंदावन में समाप्त होगी। उन्होंने आम लोगों को भी इसमें शामिल होने की अपील की है। 

धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने दिल्ली में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि हिंदू समाज का सबसे बड़ा दुश्मन जातिवाद है। जब तक हिंदू आपस में जातियों में उलझा और बंटा रहेगा, देश कभी हिंदू राष्ट्र नहीं बन सकता। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी की जातीय पहचान से उन्हें कोई परेशानी नहीं है, लेकिन वे  जातियों के नाम पर अहंकार पालने के खिलाफ हैं। यह अहंकार एक हिंदू को दूसरे हिंदू से दूर और अलग करता है, यह अहंकार समाप्त होना चाहिए। शास्त्री ने स्पष्ट किया कि यह यात्रा किसी के खिलाफ नहीं है और राजनीति से इसका दूर-दूर तक कोई संबंध नहीं है। वे केवल हिंदू समाज को एकजुट करने के लिए यात्रा निकाल रहे हैं। उन्होंने कहा कि जो भी राजनीतिक दल या संगठन अपने को हिंदू समझता है या हिंदुओं के लिए काम करता है, उसके सभी सदस्य इस यात्रा में शामिल हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने भाजपा, कांग्रेस, सपा, बसपा सहित सभी बड़े राजनीतिक दलों में इस यात्रा में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है। 

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