टिम साउदी की एंट्री IPL 2026 में

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कोलकाता : कोलकाता नाइट राइडर्स ने आईपीएल 2026 के लिए टिम साउदी को अपना गेंदबाजी कोच नियुक्त किया है। न्यूजीलैंड के पूर्व कप्तान, जिन्होंने 2025 की शुरुआत में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया था, गेंदबाजी सलाहकार के रूप में इंग्लैंड की टेस्ट टीम का हिस्सा रहे हैं। साउदी अभिषेक नायर की अध्यक्षता वाले केकेआर के नए कोचिंग समूह में शामिल हो गए हैं, और फ्रेंचाइजी ने हाल ही में अगले सीजन से पहले शेन वॉटसन को सहायक कोच के रूप में शामिल किया है।

36 वर्षीय इस खिलाड़ी ने अपने खेल करियर के दौरान 2021, 2022 और 2023 में केकेआर का प्रतिनिधित्व किया है, जिससे इस नियुक्ति में एक तरह का परिचयात्मक भाव है। सभी प्रारूपों में, साउदी ने 700 से ज़्यादा अंतरराष्ट्रीय विकेट और 100 से ज़्यादा टेस्ट मैच खेले हैं, और न्यूज़ीलैंड के 2019 वनडे विश्व कप फ़ाइनल तक पहुंचने और 2021 में विश्व टेस्ट चैंपियनशिप जीतने में अहम भूमिका निभाई थी।

सीईओ वेंकी मैसूर ने कहा, “हमें केकेआर परिवार में टिम साउदी का स्वागत करते हुए खुशी हो रही है, इस बार कोचिंग के रूप में।” उन्होंने आगे कहा, “टिम का विशाल अनुभव और तकनीकी विशेषज्ञता हमारी गेंदबाजी इकाई को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उनके नेतृत्व कौशल और शांतचित्त रवैया उन्हें हमारे युवा गेंदबाजों के लिए एक आदर्श मार्गदर्शक बनाता है।”

साउदी ने कहा कि यह कदम तीन बार के चैंपियन के साथ उनके जुड़ाव का एक स्वाभाविक विस्तार जैसा लगा। “केकेआर मुझे हमेशा घर जैसा लगा है और इस नई भूमिका में वापसी करना सम्मान की बात है। इस फ्रेंचाइजी में एक अविश्वसनीय संस्कृति, उत्साही प्रशंसक और खिलाड़ियों का एक बेहतरीन समूह है। मैं गेंदबाजों के साथ मिलकर काम करने और टीम को आईपीएल 2026 में सफलता दिलाने में मदद करने के लिए उत्सुक हूँ।”

घायलों की मदद करने वालों को मिलेगा ‘राह वीर’ अवॉर्ड, सरकार देगी 25 हजार व सम्मान पत्र

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 सिरोही : सिरोही जिला परिवहन अधिकारी रामेश्वर प्रसाद वैष्णव ने बताया कि योजना अंतर्गत राह वीर को 25 हजार रुपये की राशि एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। व्यक्तिगत मामलों में पुरस्कार के अतिरिक्त, सर्वाधिक योग्य राह वीरों (जिनका चयन पूरे वर्ष के दौरान सम्मानित किए गए लोगों में से किया जाएगा) के लिए हर साल 10 राष्ट्रीय स्तर के पुरस्कार दिए जाएंगे और प्रत्येक को 1 लाख रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा।

वैष्णव के अनुसार, योजना का मुख्य उद्देश्य नकद पुरस्कार और प्रमाण पत्र के माध्यम से आपातकालीन स्थिति में सड़क दुर्घटना के पीड़ितों की मदद करने और उनका मनोबल बढ़ाने के लिए आमजन को प्रेरित व प्रोत्साहित करना है। इसके साथ ही, इस माध्यम से यह भी प्रयास किया जा रहा है कि गोल्डन ऑवर (गंभीर चोट के बाद एक घंटे की अवधि) के दौरान पीड़ितों की जान बचाई जा सके। उन्होंने आमजन से सड़क हादसों में घायलों को बचाने के लिए तत्परता से सक्रिय भागीदारी निभाने का आग्रह किया है।

कौन होगा राह वीर
जिला परिवहन अधिकारी वैष्णव के अनुसार, राह वीर वह व्यक्ति है जो सद्भावपूर्वक, स्वेच्छा से तथा बिना किसी पुरस्कार या मुआवजे की अपेक्षा के दुर्घटना स्थल पर पीड़ित को आपातकालीन चिकित्सा देखभाल या सहायता प्रदान करता है तथा पीड़ित को अस्पताल पहुंचाता है। राह वीर मोटर वाहन से संबंधित दुर्घटना के पीड़ित को हुई किसी भी चोट या मृत्यु के लिए सिविल या आपराधिक कार्रवाई के लिए उत्तरदायी नहीं होगा।

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पारुल गुलाटी ने ‘किस किसको प्यार करूं 2’ के लिए यो यो हनी सिंह के साथ दस साल बाद फिर से काम करने पर बात की

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मुंबई, बॉलीवुड अभिनेत्री पारुल गुलाटी ने कपिल शर्मा के साथ अपनी अगली फिल्म ‘किस किसको प्यार करूं 2’ के लिए यो यो हनी सिंह के साथ दस साल बाद फिर से काम करने पर बात की है। पारुल गुलाटी और संगीत स्टार यो यो हनी सिंह दस साल बाद एक बार फिर साथ काम करने जा रहे हैं। दोनों ने आख़िरी बार 2016 की पंजाबी एक्शन फ़िल्म ज़ोरावर में साथ काम किया था, जो हनी सिंह की पहली फ़िल्म भी थी। इस बार ये जोड़ी किस किस को प्यार करूं 2 के लिए एक जोशीले प्रमोशनल गाने की शूटिंग कर रही है। इस आने वाली कॉमेडी फ़िल्म में कपिल शर्मा और पारुल गुलाटी मुख्य भूमिका में नज़र आएंगे।

हनी सिंह के साथ दोबारा काम करने को लेकर पारुल ने अपना उत्साह साझा करते हुए कहा, “इतने साल बाद जब मैं हनी से मिली, तो लगा जैसे समय वहीं रुक गया हो। हम दोनों तुरंत ज़ोरावर के दिनों में लौट गए – रिहर्सल, हंसी-मज़ाक, सेट की वो मस्ती। उसके साथ दस साल बाद दोबारा काम करना एक तरफ़ पुरानी यादों जैसा था और दूसरी तरफ़ बहुत नया-नया भी लगा। उनमें आज भी वही ऊर्जा, वही जोश है, और साथ ही एक कलाकार के तौर पर वो और भी निखर गए हैं। इस गाने की शूटिंग ने कई यादें ताज़ा कर दीं, और इससे बेहतर री-यूनियन मैं चाह नहीं सकती थी। सच में ऐसा लगा जैसे एक पूरा चक्र पूरा हो गया।”

किस किस को प्यार करूं 2 में कपिल शर्मा की पसंदीदा कॉमेडी स्टाइल और पारुल गुलाटी का सहज अंदाज़ देखने को मिलेगा। वहीं पारुल और हनी सिंह की यह जोड़ी फिर से साथ आते ही प्रशंसकों में उत्साह बढ़ गया है। यह सिर्फ़ एक संगीत सहयोग नहीं, बल्कि दोनों कलाकारों की दस साल की यात्रा का जश्न भी है, जो अब एक नई शुरुआत को जन्म दे रहा है।

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Amit Chetwani Rejects ₹2.50 Lakh Per Month Job Offer, Says “No Salary Can Buy My Peace or Self-Respect

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Bollywood PR professional Amit Chetwani is making headlines again after turning down a lucrative overseas job offer reportedly worth ₹2.50 lakh per month.

Despite the high salary and international opportunity, Amit refused the offer without a second thought.

Speaking boldly, he said —
“Even if you offer me ₹10 lakh per month, you still can’t buy me. Where there is no respect, there is no Oo Amit.”

Amit added that the peace, comfort, and sense of belonging he feels in India cannot be matched anywhere else in the world. For him, self-respect comes before money.

Known in Bollywood circles for his straightforward nature and professional PR work, Amit Chetwani believes that career growth is important — but dignity and inner peace are priceless.

‘2 लाख रुपये के चक्कर में आ गई जनता, जनादेश खरीदा गया’, बिहार में हार के बाद बोले मुकेश सहनी

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पटना: बिहार (Bihar) विधानसभा चुनावों के नतीजे सामने आ गए हैं. इस चुनाव (Election) में एक बार फिर एनडीए (NDA) को बंपर बहुमत मिला है. जबकि महागठबंधन (Grand Alliance) को करारा झटका लगा है. सबसे बड़ा झटका VIP के मुकेश सहनी (Mukesh Sahni) को लगा है, क्योंकि वे शुरुआत से ही खुद को डिप्टी सीएम के तौर पर प्रोजेक्ट करते आ रहे थे. उनकी इस चुनाव में एक भी सीट नहीं आई है. अपनी हार पर मुकेश सहनी ने कहा कि यह सब 2 लाख रुपये के चक्कर में हुआ है.

विकासशील इंसान पार्टी के प्रमुख मुकेश सहनी ने कई सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे. यही वजह है कि खुद को डिप्टी सीएम के तौर पर प्रोजेक्ट करते नजर आ रहे थे. हालांकि वे इस चुनाव में एक भी सीट हासिल नहीं कर पाए हैं.

चुनाव नतीजों के बाद मुकेश सहनी ने हार के कारणों के बारे में चर्चा की है. उन्होंने कहा कि बिहार की जनता 2 लाख रुपये के चक्कर में आ गई थी. इससे बिहार जनादेश खरीदा गया है. माता बहिन को लगा कि 2 लाख रुपया मिलना है. अब सरकार ने महिलाओं और बहनों के 1 लाख 90 हजार रुपये लेने हैं. इसके लिए हम सड़क पर लड़ाई लड़ेंगे.

यही वजह है कि इस योजना ने काम किया है. जो पहले रात के अंधेरे में होता था. अब उजाले में हो रहा है. यही वजह है कि वे इस चुनाव में सफल नहीं हो पाए हैं. नीतीश कुमार ने पैसा देकर वोट लिया है.

मुकेश सहनी ने कहा कि मैं जनादेश को स्वीकार करता हूं. इस प्रकार की हार कभी नहीं सोची थी. हालांकि जनता का जो भी फैसला रहा है, हम स्वीकार करते हैं. हममें कुछ कमी है, इस बात को हम स्वीकार करते हैं. एनडीए छोड़कर महागठबंधन में आना मेरा अपना फैसला था. आज मैं यहां हूं पूरी मजबूती से हूं. मैं पावर के लिए लड़ाई नहीं लड़ा हूं.

 

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रोहित संभालेंगे भारत की कमान, टीम को खलेगी स्ट्राइकर अरिजीत हुंदल की कमी

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नई दिल्ली
डिफेंडर और ड्रैगफ्लिकर रोहित एफआईएच पुरुष जूनियर विश्व कप 2025 में टीम की कमान संभालेंगे। यह टूर्नामेंट 28 नवंबर से 10 दिसंबर तक चेन्नई और मदुरै में खेला जाएगा। रोहित ने हाल ही में मलेशिया में खेले गए सुल्तान जोहोर कप में शानदार प्रदर्शन करते हुए टीम को रजत पदक दिलाने में अहम योगदान दिया था।

हालांकि, भारतीय टीम को अरिजीत सिंह हुंदल के अनुभव की कमी खलेगी, जो कंधे की चोट से जूझ रहे हैं। वह जूनियर विश्व कप में नहीं खेल पाएंगे। रवनीत सिंह और रोहित कुल्लू को वैकल्पिक खिलाड़ियों के रूप में नामित किया गया है। भारत को पूल-बी में चिली, स्विट्जरलैंड और ओमान के साथ रखा गया है।

टीम संयोजन के बारे में बात करते हुए कोच श्रीजेश ने कहा, “हमने एक परखी हुई टीम चुनी है, जिसके अधिकांश खिलाड़ियों को इस बड़े टूर्नामेंट में खेलने के लिए जरूरी बातों की अच्छी समझ है। हालांकि, उनकी शारीरिक क्षमता, कौशल और टीम-प्ले चयन के मानदंडों में से एक थे, लेकिन हमने जिन प्रमुख पहलुओं पर ध्यान दिया है उनमें से एक दबाव में प्रदर्शन करने की उनकी मानसिक क्षमता है।”

उन्होंने कहा, “जूनियर विश्व कप की तैयारियों के दौरान हमें अंतरराष्ट्रीय मैचों में अच्छा अनुभव मिला है। इसके साथ ही हमने सीनियर भारतीय टीम के साथ भी कई मैच खेले हैं, क्योंकि हम बेंगलुरु स्थित साई के एक ही परिसर में हैं। यह हमारी तैयारियों का एक बड़ा हिस्सा था और जब खिलाड़ी अपने सीनियर खिलाड़ियों के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन करते हैं, तो उनका आत्मविश्वास अपने आप बढ़ जाता है। कुल मिलाकर, हम एक उत्साहित टीम हैं। हम घरेलू दर्शकों के सामने अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद कर रहे हैं।”

पुरुष जूनियर हॉकी विश्व कप के लिए भारतीय टीम :
गोलकीपर: 
बिक्रमजीत सिंह, प्रिंसदीप सिंह।
डिफेंडर: रोहित, तालेम प्रियोबार्ता, अनमोल एक्का, आमिर अली, सुनील पलाक्षप्पा बेन्नूर, शारदानंद तिवारी।
मिडफील्डर: अंकित पाल, थौनाओजाम इंगलेम्बा लुवांग, एड्रोहित एक्का, रोसन कुजूर, मनमीत सिंह, गुरजोत सिंह।
फॉरवर्ड: अर्शदीप सिंह, सौरभ आनंद कुशवाह, अजीत यादव, दिलराज सिंह।
रिजर्व: रवनीत सिंह, रोहित कुल्लू।

किसानों, आवास योजनाओं और खेल अवसंरचना पर महत्वपूर्ण फैसले

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रायपुर। धान खरीदी शुरू होने से ठीक पहले मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में हुई साय कैबिनेट की अहम बैठक में कई बड़े निर्णय लिए गए। बैठक में खरीफ और रबी विपणन मौसम के लिए दलहन-तिलहन फसलों के उपार्जन से लेकर शासन के ढांचे में सुधार और खेल अवसंरचना के विस्तार तक महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। मंत्रिपरिषद ने पूर्व वर्ष की भांति ‘‘प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान’’ (PSS) के तहत अरहर, मूंग, उड़द, मूंगफली, सोयाबीन सहित रबी मौसम की चना, सरसों और मसूर की खरीदी समर्थन मूल्य पर जारी रखने का फैसला लिया। इसका उद्देश्य किसानों को बेहतर मूल्य दिलाना और मंडी में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा बनाए रखना है। शासन कार्य में सुशासन और दक्षता बढ़ाने के लिए कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ शासन कार्य (आवंटन) नियम में संशोधन करते हुए—सार्वजनिक उपक्रम विभाग को वाणिज्य एवं उद्योग विभाग में, बीस सूत्रीय कार्यक्रम विभाग को योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग में
विलय करने का निर्णय लिया। इसे ‘मिनिमम गवर्नमेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस’ की दिशा में एक और कदम माना जा रहा है। धान खरीदी व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए वर्ष 2024-25 हेतु स्वीकृत 15,000 करोड़ रुपये की शासकीय प्रत्याभूति को 2025-26 के लिए पुनर्वेधित किया गया। इसके साथ विपणन संघ को 11,200 करोड़ रुपये अतिरिक्त सरकारी गारंटी देने पर भी सहमति बनी। दीनदयाल आवास योजना, अटल आवास योजना, अटल विहार व नवा रायपुर मुख्यमंत्री आवास योजना में नई पात्रता जोड़ते हुए कैबिनेट ने निर्णय लिया—EWS और LIG श्रेणी के अविक्रित मकान तीन बार विज्ञापन के बाद अन्य आय वर्गों को बेचे जा सकेंगे, लेकिन उन्हें कोई सरकारी अनुदान नहीं मिलेगा। यदि किसी संस्था या व्यक्ति द्वारा Bulk Purchase का प्रस्ताव आता है, तो एक से अधिक भवन भी बेचे जा सकेंगे, पर अनुदान केवल पात्र आय वर्ग के लिए ही रहेगा। शहीद वीर नारायण सिंह अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम को दीर्घकालीन संचालन और विकास के लिए अनुबंध के अनुसार छत्तीसगढ़ राज्य क्रिकेट संघ को लीज पर देने की स्वीकृति दी गई। इससे खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय सुविधाएं और भविष्य में अधिक राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मैचों का आयोजन सुनिश्चित होने की उम्मीद है।

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ट्रोल्स की आलोचना पर अक्षर पटेल ने दिया जवाब, कहा कप्तान की जिम्मेदारी है टीम पर ध्यान देना

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नई दिल्ली: भारतीय ऑलराउंडर अक्षर पटेल ने क्रिकेट में एक आम, लेकिन गलत धारणा पर खुलकर बात की है। यह धारणा है कि ‘क्या अंग्रेजी बोलने वाला खिलाड़ी ही कप्तान बनने के लायक होता है?’ द इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में अक्षर ने बताया कि यह सोच न केवल गलत है, बल्कि क्रिकेट की असली जरूरतों से बहुत दूर है। उनका मानना है कि कप्तान का मूल्यांकन भाषा नहीं, क्षमता और टीम मैनेजमेंट के आधार पर होना चाहिए।

‘कप्तान का काम खिलाड़ी को समझना है’
अक्षर ने साफ कहा कि लोगों के बीच एक अजीब सी धारणा है कि जो खिलाड़ी अच्छे से अंग्रेजी बोल लेता है, वही कप्तानी के काबिल माना जाता है। उन्होंने कहा, ‘लोग कहने लगते हैं- अरे, यह तो अंग्रेजी नहीं बोलता, यह कप्तानी कैसे करेगा? कप्तान का काम सिर्फ बोलना नहीं होता। उसका काम होता है खिलाड़ी को समझना, खिलाड़ी की ताकत और कमजोरी जानना और उससे सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करवाना।’ अक्षर के मुताबिक, कप्तान का असली परीक्षण मैदान पर होता है, जब वह टीम के लिए सही फैसले लेता है, न कि प्रेस कॉन्फ्रेंस में कितनी धाराप्रवाह अंग्रेजी बोलता है।

‘भाषा कप्तानी का पैमाना नहीं’
अक्षर ने बताया कि यह पूरा मामला एक लोगों की धारणा बन चुकी है। उन्होंने कहा, ‘अगर हम कहें अच्छी पर्सनैलिटी चाहिए, अच्छी अंग्रेजी आनी चाहिए, यह जनता की अपनी सोची हुई धारणा है। कप्तानी में भाषा की कोई बाधा नहीं होनी चाहिए।’ उनके मुताबिक, क्रिकेट जैसे खेल में संवाद बहुत जरूरी है, लेकिन वह किसी भी भाषा में हो सकता है- हिंदी, गुजराती, मराठी या अंग्रेजी। मकसद सिर्फ इतना है कि खिलाड़ी को बात समझ आए।

सोशल मीडिया से बढ़ती है यह भाषा-आधारित बहस
अक्षर ने इस मुद्दे में सोशल मीडिया की भूमिका को भी अहम बताया। उन्होंने कहा कि आज हर किसी की एक ऑनलाइन छवि बन गई है- कैसे बोलता है, कितना एक्टिव है, क्या पोस्ट करता है, लोग उसी पर राय बनाने लगे हैं। अक्षर ने कहा, ‘सब सोशल मीडिया पर क्या दिखता है, उसी से लोग फैसले लेते हैं कौन काबिल है, कौन नहीं। हर कोई अपनी राय देता है- इसे कप्तान बनाओ, इसे मत बनाओ।’ अक्षर का मानना है कि मैदान के बाहर की छवि से ज्यादा जरूरी है मैदान पर की समझ और नेतृत्व क्षमता।

अक्षर का कप्तानी मंत्र
दिल्ली कैपिटल्स की कप्तानी कर चुके अक्षर ने बताया कि वह टीम में एक हल्का-फुल्का, दोस्ताना माहौल रखते हैं, लेकिन इसके साथ कड़े प्रोफेशनल मानक भी बनाए रखते हैं। उन्होंने कहा, ‘मैं चाहता हूं कि माहौल फ्रेंडली हो, लेकिन कोई चीज़ को हल्के में न ले। जीत के लिए जो जरूरी है, वह पहले करना चाहिए। उसके बाद मज़ा भी होना चाहिए। अगर आप एंजॉय करते हैं, तो बेहतर खेलते हैं।’ उनका अनुशासन और मजेदार माहौल का यह संतुलन, उन्हें एक अलग तरह का कप्तान बनाता है।

रोजाना केला और काली मिर्च खाने से इतनी तेजी से बढ़ती है इम्युनिटी

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केला और मसालों के डिब्बे में रखी चुटकी भर काली मिर्च- जी हां, यह कॉम्बिनेशन भले ही आपको अजीब लग रहा हो, मगर इसके फायदे जानकर आप भी इसे खाने से पीछे नहीं हटेंगे। दरअसल, जब इन दोनों को सही मात्रा में मिलाया जाता है, तो यह मिश्रण पाचन से लेकर मूड तक, कई समस्याओं पर जादू की तरह असर करता है। आइए, इस पुराने नुस्खे के पीछे की साइंस को समझते हैं और जानते हैं।

पाचन शक्ति में जबरदस्त सुधार
केला फाइबर का भंडार है, जो पेट को साफ रखने में मदद करता है। वहीं, काली मिर्च में ‘पाइपेरिन’ नामक एक तत्व होता है, जो पाचन एंजाइम्स को एक्टिव करता है। जब आप इन दोनों को साथ खाते हैं, तो यह मिश्रण पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है, कब्ज को दूर करता है और पेट फूलने की समस्या को कम करने में मददगार हो सकता है।

इंस्टेंट एनर्जी का खजाना
केला नेचुरल शुगर जैसे ग्लूकोज, फ्रुक्टोज और सुक्रोज से भरपूर होता है, जो शरीर को तुरंत ऊर्जा देते हैं। काली मिर्च इस एनर्जी को तेजी से अवशोषित करने में मदद करती है। रोजाना सुबह या वर्कआउट से पहले इस कॉम्बिनेशन को लेने से आपको लंबे समय तक ताकत महसूस होगी और थकान कम होगी।

वजन कंट्रोल करने में मददगार
केला पेट को भरा हुआ महसूस कराता है, जिससे आप ओवरईटिंग से बचते हैं। काली मिर्च थर्मोजेनेसिस की प्रक्रिया को बढ़ाती है, यानी यह आपके शरीर के तापमान को थोड़ा बढ़ाती है, जिससे कैलोरी तेजी से बर्न होती हैं। इस प्रकार, यह मिश्रण एक हेल्दी वेट बनाए रखने में काफी मदद कर सकता है।

हड्डियों को बनाता है मजबूत
केला मैग्नीशियम और पोटैशियम जैसे जरूरी मिनरल्स का एक अच्छा सोर्स है, जो बोन डेंसिटी को बनाए रखने के लिए जरूरी हैं। काली मिर्च में भी कुछ मात्रा में मैंगनीज होता है, जो हड्डियों की सेहत के लिए अच्छा है। इन पोषक तत्वों का सही मिश्रण आपकी हड्डियों को मजबूत और स्वस्थ रखने में मदद करता है।

बेहतर मूड और तनाव में कमी
केले में ट्रिप्टोफैन नामक एक अमीनो एसिड होता है, जिसे शरीर ‘सेरोटोनिन’ में बदलता है। सेरोटोनिन को ‘फील-गुड’ हार्मोन भी कहा जाता है, जो मूड को बेहतर बनाने और तनाव को कम करने में मदद करता है। काली मिर्च इन पोषक तत्वों के बेहतर अवशोषण में मदद करती है, जिससे आपको मानसिक शांति मिलती है।

इम्यून सिस्टम को रखे स्ट्रॉन्ग
काली मिर्च एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होती है, जो शरीर को हानिकारक फ्री रेडिकल्स से बचाते हैं। केला विटामिन C और B6 जैसे जरूरी विटामिन देता है। यह शक्तिशाली कॉम्बिनेशन आपकी इम्युनिटी को बूस्ट करता है, जिससे आप मौसमी बीमारियों और इन्फेक्शन्स से बचे रहते हैं।

कैसे खाएं?
बस एक पका हुआ केला लें और उस पर एक चुटकी ताजी पिसी हुई काली मिर्च डालें और रोजाना खाएं।

तेज प्रताप यादव हारे चुनाव लेकिन जीत गई उनकी साली, तेजस्वी ने दिया था टिकट

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महुआ: बिहार (Bihar) विधानसभा चुनाव में तेज प्रताप यादव (Tej Pratap Yadav) की जनशक्ति जनता दल खाता भी नहीं खोल पाई है. वह खुद महुआ विधानसभा सीट पर करीब 33 हजार वोटों से पीछे चल रहे हैं. लेकिन उनकी चचेरी साली डॉ करिश्मा राय (Karishma Roy) परसा विधानसभा सीट से जीत की ओर कदम बढ़ा रही हैं. तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) ने बड़े भाई तेज प्रताप यादव की साली को RJD से उम्मीदवार बनाया था. जनशक्ति जनता दल ने 21 सीटों पर प्रत्याशी उतारे थे.

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