सर्दियों में रोजाना इस सीड्स को गुनगुने पानी में मिलाकर पिएं, बीमारियां रहेंगी दूर

0

#LatestlifestyleNews #lifestyleNews #lifestyleUpdate #lifestyleNews #BollywoodHindiNews

चिया सीड्स | सर्दियों का मौसम आ गया है और लोग बीमारियों का भी शिकार हो जाते हैं. अगर आप भी अपने शरीर को हमेशा फिट और एक्टिव रखना चाहती हैं, तो आप चिया सीड्स का सेवन कर सकते हैं. ये आपकी हेल्थ और शरीर को फिट रखने के लिए काफी ज्यादा मददगार साबित होते हैं. चिया सीड्स फाइबर, ओमेगा-3 फैटी एसिड, प्रोटीन और भी कई सारे पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो आपकी हेल्थ के लिए काफी ज्यादा फायदेमंद होती है. आइए आपको बताते हैं ठंड के मौसम में रोजाना गुनगुने पानी में एक चम्मच चिया सीड्स को मिलाकर पीने से क्या होता है, आइए आप भी कर लें नोट.

चिया सीड्स के फायदे

1. बढ़ते वजन को कम

अगर आप बढ़ते वजन से परेशान हैं और आपका वजन कम होने का नाम नहीं ले रहा है, तो आप रोजाना गुनगुने पानी में एक चम्मच चिया सीड्स को मिलाकर पी सकते हैं इसको पीने के बाद आपका शरीर एकदम फिट रहता है.
 

2. मेटाबॉलिज्म बूस्ट

चिया सीड्स का अगर आप रोजाना सेवन करते हैं, तो आपका मेटाबॉलिज्म बूस्ट होता है और आपका शरीर हमेशा फिट रहता है कई बीमारियों से हमेशा दूर रहता है.
 

3. त्वचा में निखार

अगर आप अपनी त्वचा को खिला-खिला और ग्लोइंग रखना चाहते हैं, तो आप  एक चम्मच चिया सीड्स को मिलाकर गुनगुने पानी के साथ में पी सकते हैं. आप एक कटोरी में चिया सीड्स के साथ में कच्चा दूध को मिलाकर भी अपने चेहरे पर लगा सकते हैं. इसका मास्क भी आपकी स्किन को निखारने में काफी ज्यादा मददगार होगा.
 

4. बालों मजबूत

चिया सीड्स आपकी फिटनेट के लिए काफी ज्यादा मददगार साबित होती है. अगर आप अपने बालों को लंबा-घना बनाना चाहते हैं, तो भी चिया सीड्स मददगार साबित होगा. आप चाहे तो चिया सीड्स को अपने बालों में भी लगा सकते हैं. 
 

कागज पर खदान का मालिक एक, जांच में निकले 9 लोग… सोनभद्र हादसे के बाद खनन का खेल उजागर

#LatestराजनीतिNews #राजनीतिNews #राजनीतिUpdate #राजनीतिNews #BollywoodHindiNews

सोनभद्र: उत्तर प्रदेश के सोनभद्र की बिल्ली मारकुंडी क्षेत्र स्थित कृष्णा माइनिंग खदान हादसे में मजदूरों की मौत की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है. अब तक 6 मजदूरों की मौत की पुष्टि हो चुकी है. इस भीषण हादसे ने न सिर्फ जिले को हिलाकर रख दिया, बल्कि सालों से चले आ रहे खनन माफिया और खनन विभाग की सांठगांठ की परतें भी खोल दीं. जांच में सामने आया है कि कागज पर भले ही खदान एक व्यक्ति के नाम थी, लेकिन असल में इसे 9 प्रभावशाली लोगों की अवैध हिस्सेदारी में नियमों के विपरीत संचालित किया जा रहा था.

यह खदान साल 2016 से सक्रिय थी और लगातार सुरक्षा मानकों को ताक पर रखकर संचालन जारी था. खनन विभाग की अनदेखी और खनन माफिया के संरक्षण ने इस अवैध तंत्र को मजबूत बना दिया. खदान कुछ समय बाद एक स्थानीय ठेकेदार को दे दी गई, जिसके बाद पैसे, हिस्सेदारी और गैरकानूनी खनन का खेल और गहरा होता चला गया. हादसे के बाद तीन विशेष जांच टीमें बनाई गई हैं.

शुरुआती जांच में संकेत मिले हैं कि सालों से इस खदान का संचालन स्थानीय सफेदपोश, ठेकेदारों और विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से होता रहा है. खनन विभाग ने अब पट्टाधारकों के खिलाफ रिपोर्ट तैयार की है, लेकिन बड़ा सवाल यह है कि 52 घंटे पहले जब मजदूर जिंदा दबे थे, तब विभाग की यह सक्रियता कहां गई थी. लगातार 52 घंटे के रेस्क्यू में अब तक 6 शव बरामद किए जा चुके हैं.

जिलाधिकारी बद्रीनाथ सिंह ने बताया कि ऑपरेशन अपने अंतिम चरण में है और जल्द ही अंतिम शव भी निकाल लिया जाएगा. इस मामले में माइंस संचालक समेत तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है, जिनकी तलाश पुलिस ने शुरू कर दी है. यह त्रासदी सिर्फ हादसा नहीं, बल्कि सोनभद्र में सैकड़ों करोड़ के अवैध खनन नेटवर्क और सिस्टम की घोर विफलता का प्रमाण है, जिसमें माफिया और विभाग की चुप्पी ने छह मजदूरों की जान ले ली.

कैसे विवादों ने पार्टियों को कमजोर किया?

#LatestNews #BreakingNews #NewsUpdate #IndiaNews #HindiNews

Vanshvad Family Politics एक बार फिर चर्चा में है, खासकर तब जब बिहार विधानसभा चुनाव में महागठबंधन की बड़ी हार के बाद लालू परिवार का विवाद खुलकर सामने आ गया। नतीजों के तुरंत बाद लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने घर और पार्टी दोनों छोड़ दिए, जिससे RJD की आंतरिक खींचतान उजागर हो गई। चुनावी दौर से ही शुरू हुआ यह विवाद पार्टी की छवि और संगठन पर भारी पड़ा। विशेषज्ञों का मानना है कि जहां परिवार टूटता है, वहां पार्टी की मजबूती, वोटरों का भरोसा और चुनावी परिणाम सीधे प्रभावित होते हैं—और यही विपक्ष के लिए फायदा का मौका बन जाता है।

भारत की राजनीति में Vanshvad Family Politics कोई नई बात नहीं है। कई बड़े राजनीतिक घरानों में पार्टी और वोट बैंक को संपत्ति की तरह बांटने की प्रवृत्ति दिखाई देती है। इसी वजह से पारिवारिक तनाव बढ़ता है, जिसका असर सीधे सियासत और चुनावों में दिखता है।

उदाहरण के तौर पर, बिहार में पासवान परिवार का विवाद चाचा-भतीजे की लड़ाई में बदल गया और लोजपा दो गुटों में टूट गई। यूपी में मुलायम सिंह यादव परिवार का विवाद भी वर्षों तक चला, जिससे समाजवादी पार्टी को 2017 और 2022 के चुनावों में भारी नुकसान उठाना पड़ा।

महाराष्ट्र में भी पवार और ठाकरे परिवारों की अंदरूनी खींचतान ने राजनीतिक समीकरण बदल दिए। एक तरफ शरद और अजीत पवार के बीच दरार पड़ी, तो दूसरी तरफ उद्धव और राज ठाकरे की दूरी ने शिवसेना की ताकत कमजोर कर दी।

दक्षिण भारत भी इससे अछूता नहीं है। आंध्र प्रदेश में जगन और शर्मिला की खींचतान वाईएसआर कांग्रेस को कमजोर कर गई। वहीं तेलंगाना में KCR के परिवार में उत्तराधिकार को लेकर हुए विवाद ने बीआरएस को सत्ता से बाहर कर दिया।

 

300 करोड़ की संपत्ति के साथ रेखा का बड़ा कमबैक, लेकिन क्यों अटका है कॉन्ट्रैक्ट?

#LatestBollywoodNews #BollywoodNews #BollywoodUpdate #BollywoodNews #BollywoodHindiNews

बॉलीवुड की एवरग्रीन कहलाई जाने वाली बेहद खूबसूरत अदाकारा रेखा के कमबैक की चर्चा हो रही है. हो भी क्यों न, खुद उनके दोस्त और डिजाइनर मनीष मल्होत्रा ने इसे लेकर इशारा जो किया है. उन्होंने बताया कि रेखा 71 की उम्र में भी काम करने की चाह रखती हैं. वैसे तो 11 साल से रेखा की एक भी फिल्म नहीं आई. न तो कैमियो देखने को मिला न ही लीड रोल. अब मनीष मल्होत्रा ने रेखा के कमबैक को लेकर कुछ खास कहा है. चलिए बताते हैं.मनीष मल्होत्रा इन दिनों विजय वर्मा और फातिमा सना शेख की फिल्‍म ‘गुस्‍ताख इश्‍क’ के प्रचार प्रसार में बिजी चल रहे हैं. इसी दौरान डिजाइनर ने बताया कि रेखा पहले इस फिल्म का हिस्सा होने वाली थीं मगर बतौर गेस्ट अपीरियंस. मगर उनके कद के हिसाब से रोल बहुत छोटा था इसलिए उन्होंने खुद रेखा को नहीं लिया |

रेखा का कमबैक

हमारी सहयोगी वेबसाइट न्यूज18 के साथ बातचीत में मनीष मल्होत्रा और विजय वर्मा से पूछा गया कि क्या रेखा कमबैक कर सकती हैं? तब रेखा के विजय वर्मा ने खुलासा किया कि मनीष मल्होत्रा तो चाहते थे कि रेखा गुस्ताख इश्क का हिस्सा हो. मगर फिल्म के डायरेक्टर विभु पुरी ने बताया कि रेखा के कद के लिहाज से रोल को छोटा बताया. जबकि मनीष तो लगातार रेखा को लेना चाहते थे. मगर डायरेक्टर का मानना था कि रेखा ऐसे नहीं बल्कि कहीं बड़े रोल की हकदार है|

क्यों नहीं आईं इस फिल्म में नजर

मगर मनीष मल्होत्रा ने इस दौरान ये साफ कर दिया कि रेखा बेशक गुस्ताख इश्क का हिस्सा नहीं है लेकिन वह आने वाले समय में उन्हें जरूर कास्ट करेंगे. जब सही स्क्रिप्ट और रोल हुआ तो वह रेखा को लेंगे और फिल्म बनाएंगे. बस इंतजार अच्छे रोल और कहानी की है|

11 साल से दूर फिर भी 332 करोड़ की मालकिन

बता दें रेखा ने बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट करियर की शुरुआत की थी. साल 1970 में उन्होंने सावन भादो से डेब्यू किया और आगे चलकर तमाम सुपरस्टार्स के साथ कई ब्लॉकबस्टर दीं. कई दशक के करियर में उन्होंने 200 फिल्में की. वह आखिरी बार साल 2014 में सुपर नानी में नजर आई थीं. फिर साल 2018 में यमला पगला दीवाना फिर से में एक कैमियो में दिखी थीं. अगर रेखा का कैमियो छोड़ दें तो वह 11 साल से फिल्मों से दूर है. इसके बावजूद वह 332 करोड़ (अनुमानित) रुपये की मालकिन बताई जाती हैं |

 

Previous articleकागज पर खदान का मालिक एक, जांच में निकले 9 लोग… सोनभद्र हादसे के बाद खनन का खेल उजागर
Next article10 करोड़ लोगों को मोदी सरकार का तोहफा, बैंक खाते में सीधे आएंगे 2000 रुपये
News Desk

पटना में RJD की मीटिंग, विधायक दल का नेता चुने गए तेजस्वी यादव

#LatestराजनीतिNews #राजनीतिNews #राजनीतिUpdate #राजनीतिNews #BollywoodHindiNews

पटना: बिहार विधानसभा चुनाव नतीजों के बाद सरकार के गठन की कवायद शुरू हो गई है. चुनाव में बंपर जीत हासिल करने के बाद से NDA में बैठकों का दौर भी जारी है. दूसरी ओर सोमवार को विपक्षी आरजेडी पार्टी आरजेडी की विधायक दल की बैठक हुी.

इस बैठक में आरडेजेडी के हारे-जीते सभी 143 उम्मीदवार शामिल हुए. मीटिंग में हार पर चर्चा भी हुई और इसके बाद तेजस्वी यादव को विधायक दल का नेता भी चुना गया है. विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद अब तेजस्वी यादव विधानसभा में एक बार फिर से नेता प्रतिपक्ष की भूमिका में नजर आएंगे.

लालू परिवार का सियासी राज, जानिए कौन-कौन हैं और क्या करते हैं?

#LatestNews #BreakingNews #NewsUpdate #IndiaNews #HindiNews

Lalu Yadav Family Tree: लालू परिवार का पारिवारिक विवाद एक बार फिर खुलकर सामने आ गया है. विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद बेटी रोहिणी आचार्य ने गाली-गलौज करने और घर से निकालने का आरोप लगाया है. इससे पहले तेज प्रताप यादव ने भी घर से निकालने का आरोप लगाते हुए, अपनी पार्टी जेजेडी से चुनाव लड़ा था. हालांकि उन्हें इस चुनाव में हार का सामना करना पड़ा. लालू यादव की राजनीतिक विरासत संभालने वाले तेजस्वी यादव और उनके सहयोगियों के ऊपर आरोप लगाते हुए परिवार के कई सदस्यों ने घर छोड़ दिया है. आइए जानते हैं लालू परिवार में कौन-कौन हैं और क्या कर रहे हैं?

पूर्व मुख्यमंत्री और राजद संस्थापक लालू प्रसाद यादव का विवाह 25 साल की उम्र में राबड़ी देवी के साथ 1973 में हुआ था. लालू और राबड़ी के कुल 9 बच्चे हैं, जिसमें 2 बेटे और 7 बेटियां. इनमें कुछ राजनीति में सक्रिय हैं तो वहीं ज्यादातर अपने पेशेवर करियर से जुड़े हुए हैं. परिवार में सबसे बड़ी बेटी मीसा भारती है तो वहीं सबसे छोटी बेटी राजलक्ष्मी है.

लालू परिवार में कौन-कौन, क्या कर रहें दामाद?
लालू परिवार में सबसे बड़ी बेटी मीसा भारती (49) हैं, जो राजनीति में सक्रिय हैं और वर्तमान में पाटलिपुत्र से सांसद हैं. उनकी शादी कंप्यूटर इंजीनियर शैलेश कुमार से हुई है. जो कारोबारी भी हैं. वहीं, दूसरी नंबर की बेटी रोहिणी आचार्य हैं, जिनका हाल ही में परिवार के साथ विवाद हुआ है. इनकी शादी समरेश सिंह से हुई है, जो सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं. रोहिणी पिता लालू यादव को किडनी देकर सुर्खियों में आई थीं. रोहिणी की राजनीति में सक्रियता तो है लेकिन बहुत कम, क्योंकि ये सिर्फ चुनाव के समय ही एक्टिव रहती हैं. अब रोहिणी अपने परिवार के साथ सिंगापुर में ही बस गई हैं.

इसके बाद आती हैं चंदा सिंह, जिनकी शादी पायलट विक्रम सिंह से हुई है. जिनकी राजनीति सक्रियता लगभग शून्य है. रागिनी यादव की शादी सपा नेता और कारोबारी राहुल यादव से हुई है, रागिनी इंजीनियरिंग ड्रॉप-आउट हैं. जो अपने पति के साथ व्यापार संभालने में मदद करती हैं. वहीं हेमा यादव की शादी तेज यादव से हुई है. तेज इंजीनियरिंग पृष्टिभूमि से हैं. उनका राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है. इसके बाद आती हैं अनुष्का राव, जो एक इंटीरियर डिजाइनर हैं. अनुष्का की शादी चिरंजीव राव से हुई है, जो राजनीति में एक्टिव हैं. सबसे छोटी बेटी का नाम है राज लक्ष्मी, जिसकी शादी यूपी के सबसे बड़े राजनैतिक घराने मुलायम सिंह यादव के घर में हुई है.

तेजस्वी संभालते हैं पिता की राजनैतिक विरासत
7 बेटियों के अलावा लालू यादव के 2 बेटे हैं. जिसमें बड़े बेटे का चुनाव से पहले एक वीडियो वायरल होने पर परिवार ने घर से निकाल दिया. घर से निकाले जाने के बाद बड़े बेटे तेजप्रताप ने अपनी नई पार्टी बनाई और चुनाव लड़ा. हालांकि, तेज प्रताप को इस चुनाव में हार का सामना करना पड़ा. वहीं छोटे बेटे तेजस्वी यादव हैं, जो लालू यादव की राजनैतिक विरासत संभाल रहे हैं. तेजस्वी राजद से राघोपुर सीट से विधायक है. वे बिहार के डिप्टी सीएम और नेता प्रतिपक्ष रह चुके हैं. तेजस्वी के भी 2 बच्चे हैं.

काला दिखने वाला ये फल है सुपरफूड, सर्दियों में रोजाना खाने से होते हैं ये 5 फायदे!

0

#LatestlifestyleNews #lifestyleNews #lifestyleUpdate #lifestyleNews #BollywoodHindiNews

सर्दियों में सिंघाड़ा खाने के फायदे कई मायनों में हमारे शरीर पर सकारात्मक प्रभाव डालते हैं। यह एक प्राकृतिक, पौष्टिक और आसानी से उपलब्ध होने वाला मौसमी फल है, जो ठंड के मौसम में शरीर को ऊर्जा और मजबूती देने का काम करता है। सिंघाड़ा फाइबर से भरपूर होता है, जो पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने में मदद करता है। इसे खाने के बाद पेट हल्का महसूस होता है और कब्ज जैसी समस्याएं भी कम होती हैं।

सिंघाड़े में पोटैशियम की उच्च मात्रा पाई जाती है, जो ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में मदद करती है। यही वजह है कि यह दिल की सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद माना जाता है। ठंड के मौसम में जब शरीर को लगातार ऊर्जा की जरूरत होती है, तब सिंघाड़ा कार्बोहाइड्रेट के माध्यम से ऊर्जा का धीमा और निरंतर स्त्रोत देता है। इससे पूरे दिन शरीर एक्टिव रहता है।

इसमें विटामिन-C भी मौजूद होता है, जो प्राकृतिक इम्युनिटी को मजबूत बनाता है। सर्दी-जुकाम के मौसम में इम्युनिटी का बेहतर होना बेहद जरूरी है, और नियमित रूप से सिंघाड़ा खाने से यह संभव होता है।

सिंघाड़े में पानी की अच्छी मात्रा होने के कारण यह शरीर को हाइड्रेट रखता है और शरीर पर हल्का ठंडा प्रभाव डालता है। वहीं, इसमें मौजूद कैल्शियम हड्डियों और दांतों को मजबूत बनाने में मदद करता है। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, सभी के लिए यह एक पौष्टिक विकल्प है।

 

नीतीश कुमार ने दिया इस्तीफा, नई सरकार की तैयारी!

#LatestराजनीतिNews #राजनीतिNews #राजनीतिUpdate #राजनीतिNews #BollywoodHindiNews

 मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप दिया और साथ ही नई सरकार के गठन का दावा पेश किया.

बिहार विधानसभा चुनाव में मिली जीत के बाद नई सरकार बनाने की प्रक्रिया तेज हो गई है. इससे पहले राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक हुई.

जिसमें मंत्रिपरिषद को भंग करने का निर्णय लिया गया. ऐसे में नई सरकार बनाने के सभी औपचारिकता पूरी की जा रही है. .

 

Belgaum Sunshine Cab Service: Your Trusted 24/7 Travel Partner

0

A reliable cab service in Belagavi offering Sedan & SUV rides for city and outstation trips.

Belgaum Sunshine Cab Service

📍 Address: Shop No. 12, NH4 Service Road, Beside KAMCO Diesels, Maruti Nagar, Gandhi Nagar, Belagavi, Karnataka 590016
📞 Phone: 074069 91191
🔗 Google Maps: https://www.google.com/maps/place/Belgaum+sunshine+cab+service/

🚖 How Belgaum Sunshine Cab Service Became a Trusted Name

Belgaum Sunshine Cab Service started with a simple idea — to offer safe, reliable, and affordable travel to the people of Belagavi. Over the years, this idea turned into a trusted brand for thousands of daily riders, tourists, and business travellers.

Located strategically on the NH4 Service Road, near KAMCO Diesels, the cab service is easily accessible for customers across Belagavi, especially in busy areas like Maruti Nagar and Gandhi Nagar.

🚗 Services That Make Every Ride Comfortable

Belgaum Sunshine Cab Service offers:

Local City Rides

Outstation Trips

Airport Pick-up/Drop

Corporate Travel

Family Tours & Group Trips

Their fleet includes well-maintained sedans, hatchbacks, and larger vehicles to suit every traveller’s needs. Every cab is kept clean, serviced regularly, and driven by trained, polite drivers.

⭐ Why People Love Sunshine Cabs?

On-time pickups

Friendly and professional drivers

Transparent, affordable pricing

24×7 availability

Comfortable long-distance rides

Customers frequently appreciate their quick response time, safe driving, and the smooth booking process via call or WhatsApp.

🌍 Connecting the City, One Ride at a Time

Sunshine Cab Service doesn’t just offer transport — it keeps Belagavi connected. Whether it’s a student going to college, a family heading out of town, or a visitor exploring the city, Sunshine Cabs ensures a comfortable and dependable journey every time.

They have become especially important in areas around NH4, where reliable cab services are needed for both daily commuting and long-distance trips.

🚀 The Road Ahead

Belgaum Sunshine Cab Service plans to:

Expand its fleet

Offer more premium vehicle options

Add digital booking & real-time tracking

Partner with hotels, travel agents & businesses

Provide specialized tourist packages

Their goal is to make luxury-level cab service affordable for every customer in Belagavi.

2000 रुपये का इतंजार खत्म! इस दिन खाते में आएंगे पैसे, जल्दी करें ये काम!

#LatestNews #BreakingNews #NewsUpdate #IndiaNews #HindiNews

PM Kisan KYC update: देश के किसानों के लिए बड़ी राहत की खबर है. पीएम किसान सम्मान निधि योजना की 21वीं किस्त जारी होने का इंतजार अब खत्म हो गया है. सरकार ने इसकी तारीख का औपचारिक ऐलान कर दिया है. 19 नवंबर, बुधवार को दोपहर 2 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के 9 करोड़ पात्र किसानों के खातों में 2-2 हजार रुपये की राशि ट्रांसफर करेंगे. इस दौरान पीएम मोदी कुल 18,000 करोड़ रुपये किसानों के खातों में भेजेंगे. हालांकि, इससे पहले योजना से जुड़े लाखों संदिग्ध लाभार्थियों की पहचान भी सामने आई है.

हाल ही में हुई वेरिफिकेशन में पता चला कि 31 लाख से ज्यादा ऐसे लाभार्थी हैं जिन्होंने पात्रता पूरी न होने के बावजूद योजना का लाभ लिया है. सरकार ने ऐसे सभी नाम लाभार्थी सूची से हटा दिए हैं. वहीं, जिन किसानों ने अब तक किसान पहचान पत्र (Farmer ID) नहीं बनवाया है, उन्हें भी बड़ा झटका लग सकता है. ऐसे किसान तुरंत आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी कर लें, ताकि उनके खाते में 19 नवंबर को किस्त की राशि आ सके.

फार्मर आईडी बनवाना अनिवार्य
यदि आप किसान हैं और योजना का लाभ लेना चाहते हैं, तो सबसे पहले अपनी फार्मर आईडी यानी किसान पहचान पत्र बनवाना जरूरी है. केंद्र और राज्य सरकारों ने स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी सरकारी योजना का लाभ लेने के लिए किसान पहचान पत्र अनिवार्य होगा. इसके बिना पीएम किसान सम्मान निधि की आने वाली किस्त अटक सकती है.

e-KYC करना होगा जरूरी
सरकार ने पाया कि कई ऐसे किसान भी योजना का लाभ ले रहे हैं जिन्हें अपात्र घोषित किया जा चुका है. इसी के चलते पीएम किसान योजना के लिए e-KYC को अनिवार्य कर दिया गया है. जिन किसानों ने e-KYC पूरी कर ली है, उनके खाते में 19 नवंबर को 2 हजार रुपये की राशि आ जाएगी. यदि आपने अभी तक e-KYC नहीं करवाई है, तो इसे तुरंत पूरा कर लें, वरना किस्त नहीं मिलेगी.

खेत के दस्तावेज जमा करना जरूरी
सरकार ने निर्देश दिया है कि योजना का लाभ लेने वाले सभी किसान अपने खेत से संबंधित दस्तावेज नजदीकी कृषि विभाग कार्यालय में जमा करवा दें. दस्तावेजों के सत्यापन के बाद ही किस्त का लाभ सुनिश्चित होगा.

बैंक खाता आधार से लिंक होना जरूरी
योजना के तहत जिन किसानों के पास जनधन खाते हैं, उनके लिए यह बेहद जरूरी है कि वे e-KYC के माध्यम से अपने बैंक खाते को आधार कार्ड से लिंक करवा लें. यदि यह प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, तो आपके खाते में योजना की राशि समय पर पहुंच जाएगी.