चक्रवाती तूफान दितवाह का दस्तक, तमिलनाडु, पुडुचेरी, आंध्र के तटीय जिलों में भारी बारिश को लेकर रेड अलर्ट

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हैदराबाद : चक्रवाती तूफान दितवाह आज सुबह दस्तक देने वाला है. इसका सबसे अधिक असर तमिलनाडु, पुडुचेरी, आंध्र प्रदेश के तटीय जिलों पर पड़नेवाला है. तूफान के मद्देनजर सरकार की ओर से राहत-बचाव को लेकर व्यापक तैयारी की गई है. सरकार इसकी निगरानी कर रही है. मौसम विभाग ने कुछ हिस्सों में भारी बारिश को लेकर रेड अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना साइक्लोनिक स्टॉर्म दितवाह सात किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उत्तर की ओर बढ़ रहा है. इससे उत्तरी तमिलनाडु, पुडुचेरी और आस-पास के दक्षिणी आंध्र प्रदेश के तटों पर गंभीर खतरा पैदा हो गया है. तूफान के श्रीलंका से बढ़कर उत्तर-उत्तर-पश्चिम की ओर अग्रसर होकर आज सुबह तक तमिलनाडु-पुडुचेरी तट के पास बंगाल की दक्षिण-पश्चिम खाड़ी तक पहुँचने की उम्मीद है. मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि साइक्लोन आज आधी रात, कल सुबह और शाम तक तमिलनाडु-पुडुचेरी तट से 25 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार के बीच अंदर आ जाएगा. कई जगहों पर भारी बारिश का अनुमान है. इसमें कुड्डालोर, नागपट्टिनम, मयिलादुथुराई, विल्लुपुरम, चेंगलपट्टू और पुडुचेरी-कराईकल इलाकों में कुछ जगहों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है. तंजावुर, तिरुचिरापल्ली, चेन्नई, कांचीपुरम, तिरुवल्लूर और रानीपेट समेत दूसरे जिलों में भारी बारिश होने की संभावना है, जबकि वेल्लोर, धर्मपुरी, डिंडीगुल और थेनी के कुछ इलाकों में भी भारी बारिश हो सकती है. मौसम विभाग ने लोगों को घर के अंदर रहने, तटीय इलाकों से बचने और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है. मछुआरों को चेतावनी दी गई है कि वे प्रभावित तटों के पास समुद्र में न जाएं. इस बीच श्रीलंका में भारतीय दूतावास ने शनिवार को कहा कि चेतक हेलीकॉप्टरों ने श्रीलंका में साइक्लोन दितवाह से प्रभावित लोगों के लिए बचाव अभियान चलाया.

 

चेन्नई में दिखने लगा चक्रवाती तूफान दितवाह का असर

तमिलनाडु के चेन्नई में चक्रवाती तूफान दितवाह का असर दिखने लगा है. राजधानी में तेज हवाएं और समुद्र में अशांत हालात देखे गए. मरीना बीच के पास की ये तस्वीरें हैं. मौसम विभाग के अनुसार तूफान आज तट से टकराएगा

 

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2029 में हर हाल में लड़ूंगी लोकसभा चुनाव…उमा भारती ने बताया 2024 में चुनाव न लड़ने का कारण

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भोपाल। भारतीय राजनीति की प्रखर और स्पष्टवादी नेता पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती (Former Chief Minister Uma Bharti) ने शनिवार की शाम टीकमगढ़ स्थित अपने बड़े भाई स्वर्गीय स्वामी प्रसाद के फार्महाउस में आयोजित पत्रकार वार्ता में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी। सबसे पहले उन्होंने बिहार की शराबबंदी का उल्लेख (mention of alcoholism) करते हुए कहा कि उसके पीछे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की दृढ़ इच्छा शक्ति थी। उमा भारती ने कहा कि बिहार में नीतीश के विधायक भी शराब बेचते रहे, लेकिन नीतीश डटे रहे, तभी शराबबंदी संभव हो सकी। उन्होंने मध्य प्रदेश में भी समाज की भागीदारी को शराबबंदी की अनिवार्य शर्त बताया।

आगामी चुनावों को लेकर उन्होंने बड़ा राजनीतिक बयान देते हुए स्पष्ट कहा कि 2029 में वह हर हाल में झांसी लोकसभा सीट से चुनाव लड़ेंगी। उन्होंने यह भी बताया कि 2024 का चुनाव उन्होंने केवल इसलिए नहीं लड़ा, क्योंकि उस समय वह गंगा सफाई अभियान में पूरी तरह व्यस्त थीं। देश में चल रही एसआईआर बहस पर उन्होंने कांग्रेस पर राजनीति करने का आरोप लगाया और कहा कि यह देश की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम है, जिसे राष्ट्रीय हित में देखा जाना चाहिए।

हिंदू राष्ट्र पर अपनी राय देते हुए उमा भारती ने कहा कि भारत सांस्कृतिक रूप से हिंदू राष्ट्र है और हमेशा रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह विचार सांप्रदायिकता नहीं, बल्कि सांस्कृतिक पहचान का विषय है। प्रेम विवाह को लेकर उन्होंने प्रगतिशील रुख अपनाते हुए कहा कि यदि दोनों परिवार सहमत हों तो जाति कोई बाधा नहीं होनी चाहिए। उन्होंने संतोष वर्मा के विवादित बयान की भी निंदा की।

शराबबंदी पर बात करते हुए उमा भारती ने बताया कि टीकमगढ़ के कई ग्रामीण इलाकों में समाज ने स्वयं पहल कर शराबबंदी लागू की है। उन्होंने कहा कि “शराबबंदी और गौ सेवा समाज का काम है, जिसे शासन के साथ-साथ जनता को मिलकर निभाना होगा। पत्रकार वार्ता में उमा भारती का स्पष्ट, निडर और सामाजिक सरोकारों पर केंद्रित दृष्टिकोण एक बार फिर पूरी तरह दिखाई दिया।

PM मोदी आज देश से क्या कहेंगे? ‘मन की बात’ कार्यक्रम पर टिकी निगाहें…जानें किन अहम बातों पर रहेगा फोकस

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नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज अपने लोकप्रिय मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 128वें एपिसोड में देश को संबोधित करेंगे। यह कार्यक्रम रविवार सुबह 11 बजे ऑल इंडिया रेडियो और दूरदर्शन नेटवर्क पर लाइव प्रसारित होगा। जो लोग डिजिटल माध्यम से सुनना चाहते हैं, उनके लिए यह एपिसोड एयर न्यूज वेबसाइट, न्यूज़ऑनएयर ऐप, और पीएमओ, AIR न्यूज़ तथा सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के यूट्यूब चैनलों पर भी लाइव-स्ट्रीम किया जाएगा। आकाशवाणी पर हिंदी प्रसारण के बाद क्षेत्रीय भाषाओं में इसका प्रसारण होगा।

‘मन की बात’ प्रधानमंत्री मोदी का वह प्लेटफॉर्म है जिसके माध्यम से वे देश और विदेश में बसे भारतीयों से सीधे संवाद करते हैं। इस कार्यक्रम के जरिए प्रधानमंत्री न केवल राष्ट्रीय मुद्दों पर अपने विचार साझा करते हैं, बल्कि जमीनी स्तर पर हो रहे नवाचारों, सामाजिक अभियानों और प्रेरक कार्यों को भी सामने लाते हैं।

पिछला यानी 127वां एपिसोड 26 अक्टूबर को प्रसारित हुआ था। उस दौरान पीएम मोदी ने देशवासियों को छठ पर्व की शुभकामनाएं दी थीं और संस्कृत भाषा को नई पहचान दिलाने वाले युवाओं की सराहना की थी। उन्होंने भारत की कॉफी को दुनिया में बढ़ती पहचान पर भी खुशी जताई थी। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने ‘जीएसटी बचत उत्सव’, स्वच्छता अभियान, पर्यावरण संरक्षण, और सामुदायिक प्रयासों की भी चर्चा की थी—जिसमें छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर का ‘गार्बेज कैफे’ और बेंगलुरु की झीलों को पुनर्जीवित करने के लिए इंजीनियर कपिल शर्मा के नेतृत्व में चलाया गया अभियान प्रमुख रहा।

इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने सुरक्षा बलों—BSF और CRPF—द्वारा भारतीय नस्ल के कुत्तों को अपनी यूनिट्स में शामिल करने के प्रयासों की भी प्रशंसा की थी।

अक्टूबर 2014 से शुरू हुआ ‘मन की बात’ आज स्वच्छता, डिजिटल सशक्तिकरण, पर्यावरण संरक्षण और महिला सशक्तिकरण जैसे क्षेत्रों में जनभागीदारी बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बन चुका है।

जनता दरबार में मासूम बच्ची के आंसुओं ने पिघलाया CM का दिल, तुरंत दिया ये बड़ा आदेश

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CM Yogi Instant Help News: उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ इन दिनों गोरखपुर दौरे पर हैं. इस दौरान उन्होंने शनिवार को जनता दरबार लगाया. जिसमें लोग अपनी-अपनी शिकायत लेकर पहुंचे थे. इसी दौरान एक छोटी बच्ची ने अपनी मां की दवाई कराने के लिए सीएम से गुहार लगाई. सीएम ने बच्ची को देखा और अपने पास बुलाकर कहा कि चिंता मत करो, इलाज कराओ, पैसे की व्यवस्था कर दी जाएगी. इसके अलावा भी वहां पर आए सभी लोगों की मदद का आश्वासन दिया.

सीएम योगी गोरखपुर से कई बार सांसद रह चुके हैं. वे जब भी गोरखपुर दौरे पर जाते हैं, वहां पर जनता दरबार लगाते हैं. शनिवार को जनता दरबार में आए ज्यादातर लोग अपने स्वास्थ्य की समस्या को लेकर पहुंचे थे. उनका कहना था कि हमारी आर्थिक स्थिति काफी कमजोर है, जिसकी वजह से अच्छा इलाज नहीं मिल पा रहा है. सीएम ने उनकी समस्या को बखूबी सुना और कहा कि किसी भी जरूरतमंद के इलाज में धन की कमी नहीं आने दिया जाएगा. सब निश्चिंत रहें और इलाज कराएं. इसका खर्च सरकार वहन करेगी. इसको लेकर सीएम ने अधिकारियों को निर्देश भी दिया है.

सीएम विवेकाधीन कोष से मिलेगी राशि
सीएम योगी निर्धन मरीजों के इलाज के लिए मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से राशि दिलाने की बात कही है. अधिकारियों के कहा कि उपचार के लिए आर्थिक सहायता वाले लोगों को चिंहित कर उनके इस्टीमेट की प्रक्रिया को जल्द पूरा कराएं. ताकि समय पर अच्छा इलाज मिल सके. जनता दरबार में सीएम ने सभी को कुर्सी पर बैठाकर एक-एक कर उनसी समस्याओं को सुना और निवारण किया. उन्होंने कहा कि किसी को भी घबराने और परेशान होने की जरूरत नहीं है. हर समस्या का समाधान किया जाएगा.

अधिकारी संवेदनशील रवैया अपनाएं
इसके अलावा सीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसी भी पीड़ित को परेशान न होना पड़े, इसके लिए उनके साथ संवेदनशील रवैया अपनाएं और समाधान करें. पारिवारिक मामलों में दोनों पक्षों को बुलाकर उनसे संवाद करें, ताकि समाधान निकल सके. वहीं अपराधियों को लेकर कहा कि उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि कोई दबंग किसी की जमीन कब्जा न कर सके. अधिकारी इस पर बिल्कुल भी कोताही न बरतें.

DGP-IGP कॉन्फ्रेंस में सीक्रेट ऑपरेशंस पर चर्चा? PM मोदी और शाह ने पैरामिलिट्री से ली खास जानकारी”

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DGP-IGP Conference 2025: रायपुर में चल रहे डीजीपी-आईजीपी कॉन्फ्रेंस (DGP-IGP Conference) का आज दूसरा दिन है. सुबह करीब 8:25 बजे पीएम मोदी IIM नवा रायपुर पहुंचे, जहां उन्होंने 60वें अखिल भारतीय DGP-IG कॉन्फ्रेंस के दूसरे दिन की बैठक में हिस्सा लिया. इस दौरान राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल सहित देशभर की पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के शीर्ष अधिकारी मौजूद रहे.

पैरामिलट्री फोर्सेस के साथ की चर्चा
कॉन्फ्रेंस में पीएम नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने पैरामिलिट्री फोर्सेस के अधिकारियों से चर्चा की है. चर्चा के दौरान एंटी-नक्सल ऑपरेशन, पाकिस्तान, बांग्लादेश सीमा राज्यों पर फोर्स के काम पर पीएम और गृह मंत्री ने समीक्षा की है. कॉन्फ्रेंस में हाल ही में हुए ऑपरेशन की जानकारी भी अधिकारियों ने प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री को दी. BSF, CRPF, ITBP, CISF जैसी तमाम CAPF फोर्सेस के अधिकारियों के साथ यह महत्वपूर्ण चर्चा हुई.

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मंत्रिमंडल विस्तार पर सस्पेंस…CM नीतीश अगले महीने लेंगे बड़ा फैसला, किसके सिर सजेगा ताज?

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Cabinet expansion of Nitish government: बिहार में प्रचंड बहुमत के बाद एनडीए की सरकार बनने के बाद अब जल्द ही मंत्रिमंडल का विस्तार देखने को मिल सकता है. जेडीयू(JDU) और बीजेपी(BJP) के नेतृत्व नीतीश सरकार में अगले महीने कैबिनेट विस्तार (cabinet expansion) की तैयारी जोरों पर है. जानकारी के मुताबिक जेडीयू अपने कोटे के खाली पदों को जल्दी भरने की रणनीति बना रही है.

JDU के 6 और BJP के 3 पद खाली

जानकारी के मुताबिक राज्य में फिलहाल कुल 9 मंत्री पद खाली हैं, जिनमें जेडीयू के 6 और बीजेपी के 3 पद शामिल हैं. बताया जा रहा है कि जेडीयू अपने कोटे के खाली पदों को जल्दी भरने की रणनीति बना रही है, खासकर उन विधायकों को, जो जातिगत और सामाजिक समीकरण (social & caste arithmetic) में पार्टी की मजबूती बढ़ा सकें.

क्यों पड़ रही है कैबिनेट विस्तार की जरूरत

बिहार में विधानसभा चुनाव 2025 के बाद बनी नई सरकार ने कामकाज शुरू कर दिया है. सरकार में 36 मंत्रियों तक मंत्रिपरिषद का चयन किया जा सकता है, लेकिन अभी 9 पद खाली हैं. जेडीयू और बीजेपी दोनों ही अपने-अपने हिस्से से मंत्रियों की संख्या पूरी करना चाहते हैं, ताकि सत्ता संतुलन बना रहे और राज्य में शासन-कार्य सुचारू रहे. 

विशेषकर जेडीयू के लिए यह मौका महत्वपूर्ण है. पार्टी का जोर इस बार उन विधायकों पर है, जो कुशवाहा, EBC (बहु-पिछड़ा वर्ग) या अन्य OBC/सामाजिक समूहों से आते हैं. इससे पार्टी को सामाजिक आधार मजबूत करने और अगले चुनावों के लिए रणनीतिक लाभ लेने का मौका मिलेगा.

किन विधायकों पर है नजर

जानकारी मिल रही है कि जेडीयू वो चेहरे चुनना चाहती है, जो कुशवाहा जाति या EBC-वर्ग से हों.  माना जा रहा है कि इन सामाजिक-जातीय समीकरणों को ध्यान में रखते हुए ही नई सूची तैयार की जा रही है. पार्टी इस विस्तार के दौरान सामाजिक संतुलन के साथ-साथ राजनीतिक मजबूती दोनों हासिल करना चाहती है. जाहिर सी बात है कि इस विस्तार का मतलब सिर्फ पदों की भरपाई भर नहीं है. इससे राज्य में जातीय-सामाजिक समीकरण, सत्ता संतुलन और शक्ति वितरण की तस्वीर भी बदल सकती है.

दूसरे दिन भी बसें ठप, महिलाओं की मुफ्त यात्रा पर बड़ा असर

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पटियाला/होशियारपुर/लुधियाना/संगरूर / पंजाब रोडवेज, PUNBUS और PRTC के कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों की हड़ताल शनिवार को दूसरे दिन भी जारी रही। बसें न चलने की वजह से आम यात्रियों को भारी परेशानी हुई। खासकर महिलाओं को मुफ्त यात्रा न होने की वजह से नुकसान उठाना पड़ा और उन्हें प्राइवेट बसों में टिकट खरीदकर सफर करना पड़ा। कर्मचारियों का गुस्सा इसलिए है क्योंकि सरकार किलोमीटर स्कीम के तहत टेंडर खोल रही है। उनका आरोप है कि यह सरकारी बसों को खत्म करने और प्राइवेट ऑपरेटरों को फायदा पहुंचाने की ‘पीछे के दरवाजे’ वाली चाल है। प्राइवेट बसें सरकारी रूटों पर चलेंगी और हजारों कर्मचारियों की नौकरी खतरे में पड़ जाएगी।
 
‘हमारे 4 बड़े लीडर अभी भी पुलिस हिरासत में हैं’
होशियारपुर में PUNBUS कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट संदीप सिंह ने बताया, ‘हमारे 4 बड़े लीडर अभी भी पुलिस हिरासत में हैं, स्टेट कमेटी मेंबर कुलवंत सिंह, डिस्ट्रिक्ट प्रेसिडेंट रामिंदर सिंह, सेक्रेटरी नरिंदर सिंह और कैशियर धर्मिंदर सिंह। जब तक ये रिहा नहीं होंगे, किलोमीटर स्कीम के टेंडर रद्द नहीं होंगे और कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को पक्का नहीं किया जाएगा, तब तक हमारा धरना और हड़ताल जारी रहेगी।’ संदीप सिंह ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा, ‘पिछले 4 साल में पंजाब रोडवेज़ को एक भी नई बस नहीं दी गई। 500 से ज्यादा पुरानी बसें सड़क से बाहर हो चुकी हैं। जो बसें चल रही हैं, उनमें भी बड़े-बड़े रिपेयर की जरूरत है। टायर तक खरीदने के पैसे नहीं हैं। मेंटेनेंस के लिए फंड ही नहीं है।’

धुरी थाने के SHO की यूनिफॉर्म में लगी आग, झुलसे
शुक्रवार को हड़ताल शुरू होने से पहले ही पुलिस ने कई यूनियन लीडरों को हिरासत में ले लिया था। इसके बाद कई जगह कर्मचारियों और पुलिस में झड़प हुई। संगरूर में तो मामला बहुत गंभीर हो गया। वहां कुछ कर्मचारी बस के ऊपर चढ़ गए और पुलिस वालों पर पेट्रोल छिड़क दिया। धुरी थाने के SHO की यूनिफॉर्म में आग लग गई और वे झुलस गए। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। लुधियाना में प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की कार्रवाई की कड़ी निंदा की। एक प्रदर्शनकारी ने कहा, ‘सरकार हमारी मांग मान ले और हिरासत में लिए गए साथियों को तुरंत रिहा करे।’

मुफ्त यात्रा करने वाली महिलाएं सबसे ज्यादा परेशान
किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के नेता सरवन सिंह पंधेर ने भी कर्मचारियों का खुलकर साथ दिया। उन्होंने राज्य सरकार पर इस स्कीम को प्राइवेट ठेकेदारों के हित में लाने का आरोप लगाया। दूसरी तरफ सड़कों पर सरकारी बसें गायब होने से यात्रियों का बुरा हाल है। प्राइवेट बस वाले मनमाना किराया वसूल रहे हैं। मुफ्त यात्रा करने वाली महिलाएं सबसे ज्यादा परेशान हैं। कर्मचारी कह रहे हैं कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, हड़ताल खत्म नहीं होगी। सरकार और यूनियनों के बीच अभी तक कोई बातचीत शुरू नहीं हुई है। अब देखने वाली बात ये है कि यह आंदोलन कब तक चलता है और आम जनता को कब तक परेशानी झेलनी पड़ती है। 

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भारत की परंपरा भाईचारे में निहित, विवाद हमारे स्वभाव में नहीं

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नागपुर  :  राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने शनिवार को कहा कि विवादों में पड़ना भारत के स्वभाव में नहीं है और देश की परंपरा ने हमेशा भाईचारे और सामूहिक सद्भाव पर जोर दिया है. नागपुर में एक कार्यक्रम में संघ प्रमुख ने कहा कि भारत की राष्ट्रवाद की अवधारणा पश्चिमी सोच से पूरी तरह अलग है.

नागपुर में एक कार्यक्रम में मोहन भागवत ने कहा कि भारत की राष्ट्रवाद की अवधारणा पश्चिमी सोच से पूरी तरह अलग है. उन्होंने कहा, ‘हमारी किसी से कोई बहस नहीं होती. हम झगड़ों से दूर रहते हैं. झगड़ा करना हमारे देश के स्वभाव में नहीं है. साथ रहना और भाईचारा बढ़ाना हमारी परंपरा है.’ उन्होंने यह भी कहा कि दुनिया के दूसरे हिस्से टकराव वाले हालात में ही बने हैं.’

उन्होंने कहा, ‘एक बार कोई राय बन जाने के बाद उस विचार के अलावा कुछ भी मंजूर नहीं होता. वे दूसरे विचारों के लिए दरवाजे बंद कर देते हैं और उसे इज्म कहना शुरू कर देते हैं.’ भागवत ने यह भी कहा कि भारत की राष्ट्र की अवधारणा पश्चिमी व्याख्याओं से मूल रूप से अलग है.’

उन्होंने जोर देकर कहा, ‘वे राष्ट्र के बारे में हमारे विचार नहीं समझते, इसलिए उन्होंने इसे ‘राष्ट्रवाद’ कहना शुरू कर दिया.’ ‘राष्ट्र’ का हमारा कॉन्सेप्ट, राष्ट्र के पश्चिमी विचार से अलग है. हमारे बीच इस बारे में कोई मतभेद नहीं है कि यह राष्ट्र है या नहीं — यह एक ‘राष्ट्र’ है और यह पुराने समय से मौजूद है.’

उन्होंने दावा किया, ‘हम राष्ट्रीयता शब्द का इस्तेमाल करते हैं, राष्ट्रवाद का नहीं. देश पर बहुत ज्यादा गर्व की वजह से दो वर्ल्ड वॉर हुए. इसीलिए कुछ लोग राष्ट्रवाद शब्द से डरते हैं.’ आरएसएस प्रमुख ने कहा कि भारत का राष्ट्रवाद घमंड या गर्व से पैदा नहीं हुआ है, बल्कि लोगों के बीच गहरे जुड़ाव और प्रकृति के साथ उनके सह-अस्तित्व से पैदा हुआ है.

उन्होंने ज्ञान के महत्व पर भी जोर दिया जिससे समझदारी आती है और इस बात पर जोर दिया कि सिर्फ जानकारी से ज्यादा व्यावहारिक समझ और एक सार्थक जीवन जीना जरूरी है. उन्होंने कहा कि सच्ची संतुष्टि दूसरों की मदद करने से मिलती है. यह एक ऐसी भावना है जो अस्थायी सफलता के विपरीत, जीवन भर बनी रहती है.

रोहित शर्मा के नए पार्टनर की तलाश, दो खिलाड़ियों का जबरदस्त प्रदर्शन चर्चा में

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क्रिकेट | भारत और साउथ अफ्रीका के बीच तीन वनडे मैचों की सीरीज का पहला मुकाबला रांची के मैदान पर खेला जाएगा। चोटिल होने की वजह से इस सीरीज में नियमित कप्तान शुभमन गिल नहीं खेल रहे हैं और उनकी जगह कप्तानी की जिम्मेदारी केएल राहुल संभाल रहे हैं। गिल लंबे समय से रोहित के साथ वनडे में ओपनिंग कर रहे थे। अब टीम मैनेजमेंट और नए नवेले कप्तान राहुल के सामने यही सवाल सिर उठाए खड़ा है कि रोहित के साथ अब कौन ओपनिंग करेगा। भारतीय स्क्वाड में इसके लिए यशस्वी जायसवाल और ऋतुराज गायकवाड़ के रूप में दो दावेदार मौजूद हैं।

यशस्वी जायसवाल ने खेला है सिर्फ एक वनडे मैच

यशस्वी जायसवाल ने भारतीय टीम के लिए वनडे क्रिकेट में फरवरी 2025 में डेब्यू किया था और उन्होंने अभी तक सिर्फ यही एक मैच खेला है, जिसमें उन्होंने कुल 15 रन बनाए थे। शुभमन गिल की वजह से उन्हें प्लेइंग इलेवन में खेलने का मौका नहीं मिल पा रहा था। अब उनकी गैरमौजूदगी में वह अच्छा प्रदर्शन करना चाहेंगे। पिछले कुछ सालों से वह भारतीय टेस्ट टीम की अहम कड़ी बने हुए हैं और टेस्ट में 2511 रन भी बना चुके हैं, जिसमें 7 शतक और 13 अर्धशतक शामिल रहे हैं।

ऋतुराज गायकवाड़ ने वनडे क्रिकेट में बनाए 115 रन

दूसरी तरफ ऋतुराज गायकवाड़ की लंबे समय बाद वनडे टीम में वापसी हुई है और उन्होंने अपना आखिरी वनडे मुकाबला साल 2024 में खेला था। गायकवाड़ ने टीम इंडिया के लिए अभी तक 6 वनडे मैचों में कुल 115 रन बनाए हैं, जिसमें एक अर्धशतक शामिल रहा है। 28 साल के इस खिलाड़ी ने पिछले कुछ से घरेलू क्रिकेट में रनों के पहाड़ खड़े किए हैं। इसके अलावा इंडिया-ए की टीम के लिए भी अच्छा किया था।

गायकवाड़ ने वनडे में जायसवाल से बनाए ज्यादा रन

ऋतुराज गायकवाड़ ने यशस्वी जायसवाल से वनडे में ज्यादा मैच भी खेले हैं और रन भी ज्यादा बनाए हैं। ऐसे में टीम मैनेजमेंट एक खिलाड़ी को ओपनिंग और एक को मिडिल ऑर्डर में जगह दे सकता है। या फिर एक प्लेयर को प्लेइंग इलेवन से बाहर रख सकता है। अब ये आने वाला वक्त ही बताएगा कि किस खिलाड़ी को प्लेइंग इलेवन में मौका मिलेगा और किसे नहीं?

PM मोदी को चिट्ठी लिखकर दिए अहम सुझाव

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नई दिल्ली : दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण को लेकर हर ओर चिंता जताई जा रही है. विपक्षी दल भी प्रदूषण को लेकर सरकार पर हमला कर रहे हैं. अब राजधानी की दूषित हवा को लेकर पूर्व लेफ्टिनेंट गवर्नर और आईपीएस अधिकारी डॉक्टर किरण बेदी ने चिंता जताई है. उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखकर कहा है कि देश की हवा लगातार जहरीली होती जा रही है, लेकिन प्रशासनिक समन्वय और दीर्घकालिक योजना की कमी इस संकट को हर साल और भयावह बना रही है.

किरण बेदी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे एक विस्तृत पत्र में कहा है कि दिल्लीएनसीआर की हवा अब एक सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिहाज से आपातकाल बन चुकी है और इसे केवल अस्थायी उपायों से नहीं रोका जा सकता. उन्होंने अपने X पोस्ट में कहा कि उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान कई राष्ट्रीय चुनौतियों में समयबद्ध कार्यवाही सुनिश्चित की थी, और उसी तरह की उच्च-स्तरीय, नियमित मॉनिटरिंग आज दिल्ली के प्रदूषण संकट को रोकने के लिए जरूरी है.

पीएम मोदी को दिए 4 सुझाव
पीएम मोदी को लिखे पत्र में किरण बेदी ने अपने 4 सुझाव भी दिए हैं. उनका कहना है कि 3 पड़ोसी राज्यों के मुख्यमंत्रियों और मुख्य सचिवों के साथ प्रधानमंत्री की हर महीने ऑनलाइन बैठकें होनी चाहिए, साथ ही शीर्ष स्तर पर नियमित समीक्षा किए जाने से राज्यों में जवाबदेही बढ़ेगी और स्थिति बिगड़ने से रोकी जा सकेगी.

इसके अलावा उन्होंने पीएम मोदी से मन की बात कार्यक्रम के जरिए जन-भागीदारी का संदेश देने का सुझाव दिया है. विभागीय समन्वय की कमी को दूर करने के सुझाव के साथ ही प्रशासन के सक्रिय किए जाने की बात भी कही है. उन्होंने कहा कि शासन केवल बैठकों से नहीं चलता, अधिकारियों को मैदान में उतरकर स्थिति का वास्तविक आकलन करना चाहिए.

स्थायी समाधान के विकल्प
पूर्व पुलिस अफसर ने कहा कि हर साल का प्रदूषण संकट इसलिए होता क्योंकि सरकारें तात्कालिक उपायों पर निर्भर रहती हैं, जैसे स्मॉग टॉवर और ऑडईवन. इसी तरह कई एजेंसियों के बीच जिम्मेदारी बंटी हुई होती है. इसके अलावा वाहन, उद्योग, निर्माण धूल और पराली जैसे बड़े स्रोतों को प्रभावी ढंग से नियंत्रित नहीं किया जाता. साथ ही लंबे समय वाली नीतियों की तुलना में अल्पकालिक राजनीतिक फायदे प्राथमिकता बन जाते हैं. जबकि वास्तविक सुधार के लिए मजबूत प्रवर्तन, स्वच्छ ऊर्जा और ट्रांसपोर्ट में लंबे निवेश की जरूरत है.

राजधानी में वायु प्रदूषण को लेकर किरण बेदी ने कहा कि दिल्ली को भी इस संकट से निपटने में केंद्र और राज्य सरकार के साथ समन्वय की उतनी ही जरुरत थी जितनी अन्य विकास कार्यों में डबल इंजन की बात कही जाती है. हवा की गुणवत्ता में सुधार तभी होगा जब शीर्ष नेतृत्व, सभी राज्य, और हर विभाग मिलकर ईमानदार और सतत स्तर प्रयास करेंगे.